आय से अधिक संपत्ति की जांच में लोकायुक्त ने बेंगलुरु में 35 स्थानों पर छापे मारे | कर्नाटक | न्यूज18

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टीएमसी की बागी सांसद रचना बनर्जी ने एनसीपीआई विलय पर उठाए सवाल | भाजपा के समर्थन के आरोप से छिड़ी बहस | न्यूज18

टीएमसी की बागी सांसद रचना बनर्जी ने सीमित चुनावी उपस्थिति वाले एक राजनीतिक समूह एनसीपीआई के साथ पार्टी के विलय के विवाद पर जोर दिया है। इस मुद्दे पर बोलते हुए, बनर्जी ने निर्णय को आकार देने में वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं की भूमिका पर प्रकाश डाला और इस कदम के पीछे व्यापक राजनीतिक गतिशीलता पर सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा के कथित समर्थन का भी जिक्र किया, जिससे चल रही बहस में एक नई परत जुड़ गई। इस टिप्पणी ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक रणनीति, गठबंधन और क्षेत्रीय राजनीति की भविष्य की दिशा के बारे में चर्चा शुरू कर दी है। मुख्य विवरण और प्रतिक्रियाओं के लिए पूरी रिपोर्ट देखें। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_breaking-newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 16 जून, 2026, 23:16 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)गठबंधन राजनीति(टी)बीजेपी(टी)बीजेपी नवीनतम समाचार(टी)बीजेपी बनाम टीएमसी(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)करंट अफेयर्स(टी)चुनाव राजनीति(टी)भारत समाचार(टी)भारतीय राजनीति(टी)कोलकाता समाचार(टी)ताजा राजनीतिक समाचार(टी)ममता बनर्जी(टी)विलय विवाद(टी)एनसीपीआई(टी)समाचार विश्लेषण(टी)समाचार अद्यतन(टी)राजनीतिक विवाद(टी)राजनीतिक बहस(टी)राजनीतिक घटनाक्रम(टी)राजनीतिक समाचार(टी)राजनीतिक रणनीति(टी)रचना बनर्जी(टी)क्षेत्रीय राजनीति(टी)टीएमसी(टी)टीएमसी नवीनतम समाचार(टी)टीएमसी विद्रोही एमपी(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल समाचार(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति
नेपाल ने चीन के सामने कालापानी-लिपुलेख का मुद्दा उठाया:कहा- भारत के साथ समझौता किस आधार पर; चीन बोला- ये आप दोनों का मामला

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात के दौरान कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख विवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने भारत और चीन के बीच लिपुलेख दर्रे के इस्तेमाल को लेकर हुए समझौते पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यह व्यवस्था किस आधार पर बनाई गई और इसकी प्रकृति क्या है। इसके जवाब में वांग यी ने कहा कि यह मूल रूप से भारत और नेपाल के बीच का मामला है और इसका समाधान बातचीत से ही निकलेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के मुद्दे संबंधित देशों के बीच कूटनीतिक वार्ता के जरिए सुलझाए जाने चाहिए। नेपाल ने दोहराया कि कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख उसके क्षेत्र का हिस्सा हैं। काठमांडू पहले भी नई दिल्ली और बीजिंग को विरोध नोट भेजकर कह चुका है कि उसकी सहमति के बिना इस इलाके से जुड़ा कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा। 2020 में हुआ था भारत-चीन समझौता भारत और चीन ने 2020 में लिपुलेख दर्रे के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा और सीमा पार व्यापार को फिर से शुरू करने पर सहमति बनाई थी। दोनों देशों ने इस मार्ग को तीर्थयात्रा और व्यापार के लिए इस्तेमाल करने की व्यवस्था पर सहमति जताई थी। नेपाल ने उस समय इसका विरोध किया था। काठमांडू का कहना था कि लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा उसके क्षेत्र का हिस्सा हैं, इसलिए उससे बिना राय लिए इस मार्ग को लेकर कोई भी समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसके बाद नेपाल ने भारत और चीन दोनों को राजनयिक विरोध नोट भेजा था। इसके बावजूद भारत और चीन कैलाश मानसरोवर यात्रा और सीमावर्ती व्यापार के लिए इस मार्ग का इस्तेमाल करते रहे हैं। खनाल ने भारत दौरे पर नहीं उठाया था मुद्दा दिलचस्प बात यह है कि शिशिर खनाल ने हाल की भारत यात्रा के दौरान यह मुद्दा नहीं उठाया था। उस समय उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत की थी। बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में भी कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख का जिक्र नहीं था। ऐसे में कूटनीतिक हलकों में इस बात पर चर्चा है कि नेपाल ने नई दिल्ली के मुकाबले बीजिंग में ज्यादा सख्त रुख दिखाया। विश्लेषकों का मानना है कि नेपाल दोनों पड़ोसियों के साथ संतुलन बनाए रखते हुए सीमा विवाद को जिंदा रखना चाहता है, लेकिन खुलकर टकराव से भी बचना चाहता है। भारत-चीन में लिपुलेख दर्रा से व्यापार शुरू भारत-चीन सीमा पर स्थित लिपुलेख दर्रे से व्यापार दोबारा शुरू होने जा रहा है। गलवान घाटी में 2020 में हुए संघर्ष के बाद यह मार्ग बंद हो गया था। करीब छह साल बाद अब इस रास्ते से व्यापार बहाल करने की तैयारी शुरू हो गई है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से करीब 300 व्यापारियों के नाम विदेश मंत्रालय को भेजे गए हैं। इन्हें पासपोर्ट और वीजा के बजाय ट्रेड पास के जरिए तिब्बत के तकलाकोट बाजार तक जाने की अनुमति दी जाएगी। इस बार सीमा तक सड़क पहुंचने से व्यापारियों को बड़ा फायदा मिलेगा। पहले सामान घोड़े-खच्चरों के जरिए ले जाया जाता था, लेकिन अब वाहन सीधे सीमा तक पहुंच सकेंगे। इससे व्यापार की लागत और समय दोनों कम होंगे। लिपुलेख दर्रा भारत और तिब्बत के बीच सदियों पुराने व्यापार का हिस्सा रहा है। तिब्बती व्यापारी नमक, ऊन और बोरेक्स लेकर भारत आते थे, जबकि भारतीय व्यापारी कपड़ा, अनाज और मसाले तिब्बत ले जाते थे। 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद यह मार्ग बंद हो गया था। 1991 में दोनों देशों के बीच समझौते के बाद इसे फिर खोला गया था। हालांकि 2020 के गलवान संघर्ष के बाद व्यापारिक गतिविधियां बंद हो गई हुई थीं। दो नदियों से तय हुई भारत-नेपाल की सीमा भारत, नेपाल और चीन सीमा से लगे इस इलाके में हिमालय की नदियों से मिलकर बनी एक घाटी है, जो नेपाल और भारत में बहने वाली काली या महाकाली नदी का उद्गम स्थल है। इस इलाके को कालापानी भी कहते हैं। यहीं पर लिपुलेख दर्रा भी है। यहां से उत्तर-पश्चिम की तरफ कुछ दूरी पर एक और दर्रा है, जिसे लिंपियाधुरा कहते हैं। अंग्रेजों और नेपाल के गोरखा राजा के बीच 1816 में हुए सुगौली समझौते में काली नदी के जरिए भारत और नेपाल के बीच सीमा तय की थी। समझौते के तहत काली नदी के पश्चिमी क्षेत्र को भारत का इलाका माना गया, जबकि नदी के पूर्व में पड़ने वाला इलाका नेपाल का हो गया। काली नदी के उद्गम स्थल, यानी ये सबसे पहले कहां से निकलती है, इसे लेकर दोनों देशों के बीच विवाद रहा है। भारत पूर्वी धारा को काली नदी का उद्गम मानता है। वहीं नेपाल पश्चिमी धारा को उद्गम धारा मानता है और इसी आधार पर दोनों देश कालापानी के इलाके पर अपना-अपना दावा करते हैं। —————————– ये खबर भी पढ़ें…. नेपाल बोला- भारतीय यात्री लिपुलेख से मानसरोवर न जाएं:ये हमारा इलाका; भारत बोला- नेपाल के दावे का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं नेपाल सरकार ने पिछले महीने भारतीय तीर्थयात्रियों से लिपुलेख के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा न करने की अपील की। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि 1816 की सुगौली संधि के मुताबिक लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी क्षेत्र नेपाल का हिस्सा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
नेपाल ने चीन के सामने कालापानी-लिपुलेख का मुद्दा उठाया:कहा- भारत के साथ समझौता किस आधार पर हुआ; वांग यी बोले- बातचीत से विवाद सुलझाएं

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात के दौरान कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख विवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने भारत और चीन के बीच लिपुलेख दर्रे के इस्तेमाल को लेकर हुए समझौते पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यह व्यवस्था किस आधार पर बनाई गई और इसकी प्रकृति क्या है। इसके जवाब में वांग यी ने कहा कि यह मूल रूप से भारत और नेपाल के बीच का मामला है और इसका समाधान बातचीत से ही निकलेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के मुद्दे संबंधित देशों के बीच कूटनीतिक वार्ता के जरिए सुलझाए जाने चाहिए। नेपाल ने दोहराया कि कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख उसके क्षेत्र का हिस्सा हैं। काठमांडू पहले भी नई दिल्ली और बीजिंग को विरोध नोट भेजकर कह चुका है कि उसकी सहमति के बिना इस इलाके से जुड़ा कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा। खनाल ने भारत दौरे पर नहीं उठाया था मुद्दा दिलचस्प बात यह है कि शिशिर खनाल ने हाल की भारत यात्रा के दौरान यह मुद्दा नहीं उठाया था। उस समय उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत की थी। बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में भी कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख का जिक्र नहीं था। ऐसे में कूटनीतिक हलकों में इस बात पर चर्चा है कि नेपाल ने नई दिल्ली के मुकाबले बीजिंग में ज्यादा सख्त रुख दिखाया। विश्लेषकों का मानना है कि नेपाल दोनों पड़ोसियों के साथ संतुलन बनाए रखते हुए सीमा विवाद को जिंदा रखना चाहता है, लेकिन खुलकर टकराव से भी बचना चाहता है। भारत-नेपाल में 2020 के बाद बढ़ा विवाद कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख को लेकर विवाद कई दशक पुराना है। हालांकि, 2020 में भारत और चीन के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा और व्यापार के लिए लिपुलेख दर्रे के इस्तेमाल पर सहमति बनने के बाद मामला फिर गरमा गया था। नेपाल ने उस समय इसका कड़ा विरोध किया था। उसका कहना था कि यह फैसला उसकी भागीदारी के बिना लिया गया। इसके बाद उसने भारत और चीन दोनों को विरोध पत्र भेजे थे। इसके बावजूद भारत और चीन लगातार इस रास्ते का इस्तेमाल करते रहे हैं। विवाद के बाद कुछ समय के लिए भारत-नेपाल रिश्तों में तनाव बढ़ा था, लेकिन हाल के उच्चस्तरीय दौरों से दोनों देशों के संबंधों में धीरे-धीरे सुधार आया है। दो नदियों से तय हुई भारत-नेपाल की सीमा भारत, नेपाल और चीन सीमा से लगे इस इलाके में हिमालय की नदियों से मिलकर बनी एक घाटी है, जो नेपाल और भारत में बहने वाली काली या महाकाली नदी का उद्गम स्थल है। इस इलाके को कालापानी भी कहते हैं। यहीं पर लिपुलेख दर्रा भी है। यहां से उत्तर-पश्चिम की तरफ कुछ दूरी पर एक और दर्रा है, जिसे लिंपियाधुरा कहते हैं। अंग्रेजों और नेपाल के गोरखा राजा के बीच 1816 में हुए सुगौली समझौते में काली नदी के जरिए भारत और नेपाल के बीच सीमा तय की थी। समझौते के तहत काली नदी के पश्चिमी क्षेत्र को भारत का इलाका माना गया, जबकि नदी के पूर्व में पड़ने वाला इलाका नेपाल का हो गया। काली नदी के उद्गम स्थल, यानी ये सबसे पहले कहां से निकलती है, इसे लेकर दोनों देशों के बीच विवाद रहा है। भारत पूर्वी धारा को काली नदी का उद्गम मानता है। वहीं नेपाल पश्चिमी धारा को उद्गम धारा मानता है और इसी आधार पर दोनों देश कालापानी के इलाके पर अपना-अपना दावा करते हैं। —————————– ये खबर भी पढ़ें…. नेपाल बोला- भारतीय यात्री लिपुलेख से मानसरोवर न जाएं:ये हमारा इलाका; भारत बोला- नेपाल के दावे का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं नेपाल सरकार ने पिछले महीने भारतीय तीर्थयात्रियों से लिपुलेख के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा न करने की अपील की। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि 1816 की सुगौली संधि के मुताबिक लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी क्षेत्र नेपाल का हिस्सा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
हैदराबाद ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास रोड का नाम बदलकर ‘डोनाल्ड ट्रम्प एवेन्यू’ रखा, जो 23 जून को खुलेगा पीतल के ढेर

तेलंगाना, संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ राज्य के बढ़ते आर्थिक और राजनयिक संबंधों को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से, हैदराबाद के वित्तीय जिले में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास से सटी एक सड़क, डोनाल्ड ट्रम्प एवेन्यू का उद्घाटन करने की तैयारी कर रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, एवेन्यू को औपचारिक रूप से 23 जून को खोला जाना है। मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने पहली बार दिसंबर 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति के नाम पर सड़क का नामकरण करने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, अमेरिकी टैरिफ विवाद और पश्चिम एशिया में संघर्ष सहित वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच इस योजना को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया था। तनाव कम होने के साथ, राज्य सरकार ने प्रस्ताव को पुनर्जीवित किया है और उद्घाटन के साथ आगे बढ़ रही है। $brasstacks n18oc_politicsn18oc_breaking-newsn18oc_indiaNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 16 जून, 2026, 19:49 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)राजनयिक संबंध(टी)डोनाल्ड ट्रंप(टी)डोनाल्ड ट्रंप एवेन्यू(टी)डोनाल्ड ट्रंप रोड(टी)आर्थिक संबंध(टी)हैदराबाद वित्तीय जिला(टी)हैदराबाद इंफ्रास्ट्रक्चर(टी)हैदराबाद नवीनतम समाचार(टी)हैदराबाद समाचार(टी)भारत अमेरिका संबंध(टी)भारत-अमेरिका संबंध(टी)रेवंत रेड्डी(टी)तेलंगाना विकास(टी)तेलंगाना सरकार(टी)तेलंगाना नवीनतम समाचार(टी)तेलंगाना समाचार(टी)तेलंगाना राजनीति(टी)ट्रम्प एवेन्यू हैदराबाद(टी)ट्रम्प भारत(टी)यूएस वाणिज्य दूतावास हैदराबाद(टी)यूएस&एलटी; भारत
फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' को पाकिस्तान से मिली तारीफ:पाकिस्तानी फिल्ममेकर बोले- बंटवारे के दर्द को इम्तियाज अली ने खूबसूरती से दिखाया

भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बैकग्राउंड पर बनी डायरेक्टर इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को पकिसातन से भी तारीफ मिली है। चर्चित पाकिस्तानी फिल्ममेकर उमर नासिर अली ने इस फिल्म की जमकर तारीफ करते हुए इसे एक बेहद खूबसूरत और गहरी भावनात्मक फिल्म बताया है। उमर नासिर के मुताबिक, यह फिल्म उनके दिल के बेहद करीब है क्योंकि वे खुद भी इसी विषय के आसपास एक फिल्म बना रहे हैं। इस बीच फिल्म को मिल रहे अच्छे रिस्पॉन्स का असर इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर भी दिख रहा है और फिल्म की कमाई सोमवार को कामकाजी दिन होने के बावजूद बढ़ गई है। इम्तियाज से जैसी उम्मीद थी, वैसा ही पर्दे पर उतरा फीचर फिल्मों और विज्ञापनों के मशहूर पाकिस्तानी डायरेक्टर उमर नासिर अली ने इंस्टाग्राम पर फिल्म को लेकर एक नोट शेयर किया है। उमर नासिर ने बताया कि ‘मैं वापस आऊंगा’ में जिन भावनाओं को दिखाया गया है, वे उनके दिल के काफी करीब हैं। दरअसल, वे खुद भी बंटवारे के बैकग्राउंड पर ‘चोर आए हम’ नाम से एक फिल्म बना रहे हैं। उनकी आगामी फिल्म भी यादों, अपनेपन और वतन वापसी की इसी भावना को दिखाती है। उमर ने कहा कि उन्हें इम्तियाज अली से जैसी उम्मीद थी, उन्होंने बिल्कुल वैसा ही शानदार सिनेमा पर्दे पर उतारा है। नसीर की एक्टिंग को सराहा पाकिस्तानी फिल्ममेकर ने फिल्म के कलाकारों और टेक्निकल टीम के काम की भी प्रशंसा की है। उन्होंने फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे दिग्गज एक्टर नसीरुद्दीन शाह के अभिनय को असाधारण बताया। इसके साथ ही फिल्म की एडिटर आरती बजाज के काम की तारीफ करते हुए इसे सिनेमाई कहानी कहने का एक मास्टरक्लास कहा। उमर नासिर के मुताबिक, फिल्म निर्माण सीख रहे नए लोगों को इस फिल्म की एडिटिंग से बहुत कुछ सीखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म खत्म होने के बाद भी दर्शकों के दिमाग में लंबे समय तक बनी रहती है। बॉक्स ऑफिस बढ़ी फिल्म की कमाई फिल्म ट्रैक करने वाली वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, ‘मैं वापस आऊंगा’ ने सोमवार को अपने ओपनिंग डे यानी शुक्रवार से भी ज्यादा का बिजनेस किया है। फिल्म ने शुक्रवार को 1.15 करोड़ रुपए से शुरुआत की थी, जिसके बाद शनिवार को 1.85 करोड़ और रविवार को 2.50 करोड़ रुपए कमाए। वहीं सोमवार को फिल्म ने देश भर के 2,139 शोज से 1.25 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया। फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन 6.75 करोड़ रुपए और ग्रॉस कलेक्शन 8.10 करोड़ रुपए हो गया है। तीन पीढ़ियों के अधूरे सफर की कहानी फिल्म की कहानी तीन पीढ़ियों के भावनात्मक सफर को दिखाती है, जिसमें बंटवारे के जख्मों को एक प्रेम कहानी के साथ पेश किया गया है। कहानी पाकिस्तान के सरगोधा से भारत आए एक सिख परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। बंटवारे के समय युवा कीनू (वेदांग रैना) अपनी प्रेमिका अफसाना (शर्वरी) से अलग हो जाता है। करीब 70 साल बाद, 95 साल के हो चुके कीनू (नसीरुद्दीन शाह)अपने जीवन के आखिरी पड़ाव पर एक आखिरी बार सरगोधा वापस जाना चाहते हैं। इस यात्रा में उनका पोता निरवैर (दिलजीत दोसांझ) उनकी मदद करता है। बॉलीवुड डायरेक्टर्स से भी मिली सराहना पाकिस्तानी डायरेक्टर के अलावा बॉलीवुड फिल्ममेकर जोया अख्तर, अनुराग कश्यप और अनुभव सिन्हा ने भी फिल्म की सराहना की है। जोया अख्तर ने सोशल मीडिया पर पूरी टीम को बधाई दी। अनुभव सिन्हा ने लिखा कि इम्तियाज की फिल्म का हर फ्रेम उनके कला के प्रति विश्वास को दिखाता है। यह फिल्म इम्तियाज अली और दिलजीत दोसांझ की दूसरी फिल्म है, इससे पहले दोनों ‘अमर सिंह चमकीला’ में साथ काम कर चुके हैं। फिल्म का संगीत एआर रहमान ने तैयार किया है और गीत इरशाद कामिल ने लिखे हैं।
फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' को पाकिस्तान से मिली तारीफ:पाकिस्तानी फिल्ममेकर बोले- बंटवारे के दर्द को इम्तियाज अली ने खूबसूरती से दिखाया

भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बैकग्राउंड पर बनी डायरेक्टर इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को पकिसातन से भी तारीफ मिली है। चर्चित पाकिस्तानी फिल्ममेकर उमर नासिर अली ने इस फिल्म की जमकर तारीफ करते हुए इसे एक बेहद खूबसूरत और गहरी भावनात्मक फिल्म बताया है। उमर नासिर के मुताबिक, यह फिल्म उनके दिल के बेहद करीब है क्योंकि वे खुद भी इसी विषय के आसपास एक फिल्म बना रहे हैं। इस बीच फिल्म को मिल रहे अच्छे रिस्पॉन्स का असर इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर भी दिख रहा है और फिल्म की कमाई सोमवार को कामकाजी दिन होने के बावजूद बढ़ गई है। इम्तियाज से जैसी उम्मीद थी, वैसा ही पर्दे पर उतरा फीचर फिल्मों और विज्ञापनों के मशहूर पाकिस्तानी डायरेक्टर उमर नासिर अली ने इंस्टाग्राम पर फिल्म को लेकर एक नोट शेयर किया है। उमर नासिर ने बताया कि ‘मैं वापस आऊंगा’ में जिन भावनाओं को दिखाया गया है, वे उनके दिल के काफी करीब हैं। दरअसल, वे खुद भी बंटवारे के बैकग्राउंड पर ‘चोर आए हम’ नाम से एक फिल्म बना रहे हैं। उनकी आगामी फिल्म भी यादों, अपनेपन और वतन वापसी की इसी भावना को दिखाती है। उमर ने कहा कि उन्हें इम्तियाज अली से जैसी उम्मीद थी, उन्होंने बिल्कुल वैसा ही शानदार सिनेमा पर्दे पर उतारा है। नसीर की एक्टिंग को सराहा पाकिस्तानी फिल्ममेकर ने फिल्म के कलाकारों और टेक्निकल टीम के काम की भी प्रशंसा की है। उन्होंने फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे दिग्गज एक्टर नसीरुद्दीन शाह के अभिनय को असाधारण बताया। इसके साथ ही फिल्म की एडिटर आरती बजाज के काम की तारीफ करते हुए इसे सिनेमाई कहानी कहने का एक मास्टरक्लास कहा। उमर नासिर के मुताबिक, फिल्म निर्माण सीख रहे नए लोगों को इस फिल्म की एडिटिंग से बहुत कुछ सीखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म खत्म होने के बाद भी दर्शकों के दिमाग में लंबे समय तक बनी रहती है। बॉक्स ऑफिस बढ़ी फिल्म की कमाई फिल्म ट्रैक करने वाली वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, ‘मैं वापस आऊंगा’ ने सोमवार को अपने ओपनिंग डे यानी शुक्रवार से भी ज्यादा का बिजनेस किया है। फिल्म ने शुक्रवार को 1.15 करोड़ रुपए से शुरुआत की थी, जिसके बाद शनिवार को 1.85 करोड़ और रविवार को 2.50 करोड़ रुपए कमाए। वहीं सोमवार को फिल्म ने देश भर के 2,139 शोज से 1.25 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया। फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन 6.75 करोड़ रुपए और ग्रॉस कलेक्शन 8.10 करोड़ रुपए हो गया है। तीन पीढ़ियों के अधूरे सफर की कहानी फिल्म की कहानी तीन पीढ़ियों के भावनात्मक सफर को दिखाती है, जिसमें बंटवारे के जख्मों को एक प्रेम कहानी के साथ पेश किया गया है। कहानी पाकिस्तान के सरगोधा से भारत आए एक सिख परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। बंटवारे के समय युवा कीनू (वेदांग रैना) अपनी प्रेमिका अफसाना (शर्वरी) से अलग हो जाता है। करीब 70 साल बाद, 95 साल के हो चुके कीनू (नसीरुद्दीन शाह)अपने जीवन के आखिरी पड़ाव पर एक आखिरी बार सरगोधा वापस जाना चाहते हैं। इस यात्रा में उनका पोता निरवैर (दिलजीत दोसांझ) उनकी मदद करता है। बॉलीवुड डायरेक्टर्स से भी मिली सराहना पाकिस्तानी डायरेक्टर के अलावा बॉलीवुड फिल्ममेकर जोया अख्तर, अनुराग कश्यप और अनुभव सिन्हा ने भी फिल्म की सराहना की है। जोया अख्तर ने सोशल मीडिया पर पूरी टीम को बधाई दी। अनुभव सिन्हा ने लिखा कि इम्तियाज की फिल्म का हर फ्रेम उनके कला के प्रति विश्वास को दिखाता है। यह फिल्म इम्तियाज अली और दिलजीत दोसांझ की दूसरी फिल्म है, इससे पहले दोनों ‘अमर सिंह चमकीला’ में साथ काम कर चुके हैं। फिल्म का संगीत एआर रहमान ने तैयार किया है और गीत इरशाद कामिल ने लिखे हैं।
NSE ने 11 नए सेक्टोरल इंडेक्स लॉन्च किए:निफ्टी पावर, रिटेल और हॉस्पिटल्स भी शामिल; अब कुल 34 इंडेक्स से इकोनॉमी ट्रैक करना होगा आसान

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की इंडेक्स सर्विसेज कंपनी NSE इंडाइसेज लिमिटेड ने बाजार में 11 नए सेक्टोरल इंडेक्स लॉन्च किए हैं। इस कदम से अब निफ्टी के तहत कुल सेक्टोरल इंडेक्स की संख्या बढ़कर 34 हो गई है, जिससे भारत की इकोनॉमी के अलग-अलग सेक्टर्स को ज्यादा सटीकता से ट्रैक किया जा सकेगा। इंवेस्टर्स को मिलेंगे ज्यादा ऑप्शंस सेक्टोरल इंवेस्टिंग का बढ़ रहा क्रेज यह लॉन्चिंग ऐसे समय में हुई है जब भारत की आर्थिक ग्रोथ से जुड़े थीम्स पर फोकस करने वाले इंवेस्टर्स के बीच सेक्टोरल इंवेस्टिंग (किसी खास सेक्टर में निवेश) को लेकर दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) और इंडेक्स फंड्स जैसे पैसिव प्रोडक्ट्स के जरिए अब ज्यादा से ज्यादा सेक्टर्स निवेश के लिए उपलब्ध हैं। इसी बदलती मांग को पूरा करने के लिए बेंचमार्क प्रोवाइडर्स लगातार अपने प्रोडक्ट्स बढ़ा रहे हैं। इकोनॉमी की ज्यादा सटीक कवरेज NSE इंडाइसेज के मुताबिक, इस नए कदम का उद्देश्य भारतीय अर्थव्यवस्था की ज्यादा गहरी और सटीक (ग्रैनुलर) कवरेज देना है। कंपनी ने बताया कि इन नए इंडेक्स की मदद से स्थापित और तेजी से उभरते हुए दोनों ही तरह के सेक्टर्स को बेहतर तरीके से पेश किया जा सकेगा, जिससे देश की इकोनॉमी में सेक्टोरल रिप्रजेंटेशन मजबूत होगा। पैसिव इंवेस्टमेंट को मिलेगी मजबूती स्टॉक एक्सचेंज का मानना है कि ये नए बेंचमार्क देश में लगातार बढ़ रहे पैसिव इंवेस्टमेंट इकोसिस्टम में एक बड़ा रोल निभा सकते हैं। आमतौर पर सेक्टोरल इंडेक्स ही ETFs, इंडेक्स फंड्स और स्ट्रक्चर्ड प्रोडक्ट्स का आधार बनते हैं। इसकी मदद से इंवेस्टर्स को अलग-अलग कंपनियों के शेयर चुनने की जगह एक खास इंडस्ट्री में सीधे निवेश करने का मौका मिलता है। एसेट मैनेजर्स के लिए ये नए इंडेक्स आने वाले समय में रेफरेंस इंडेक्स के रूप में काम करेंगे। क्या है NSE इंडाइसेज लिमिटेड? NSE इंडाइसेज को पहले ‘इंडिया इंडेक्स सर्विसेज एंड प्रोडक्ट्स लिमिटेड (IISL) के नाम से जाना जाता था। यह NSE की ही सहायक कंपनी है, जो निफ्टी 50 समेत पूरी निफ्टी फैमिली के इंडेक्स का मैनेजमेंट संभालती है। कंपनी के पास इक्विटी, फिक्स्ड-इनकम, थीमैटिक और कस्टमाइज्ड इंडेक्स की एक बड़ी रेंज है, जिसका इस्तेमाल भारत और विदेशों के फंड मैनेजर्स द्वारा बड़े पैमाने पर किया जाता है। क्या होते हैं सेक्टोरल इंडेक्स और ETFs?
अंबानी परिवार ने रिहाना को गिफ्ट किया डायमंड ब्रेसलेट:कीमत करीब 2.2 करोड़ रुपए; वीडियो में दिखाया, बोलीं- यह मुझे अंबानी से मिला है

पॉप स्टार रिहाना को मुकेश अंबानी परिवार एक डायमंड टेनिस ब्रेसलेट गिफ्ट किया है। इसकी कीमत करीब 2.2 करोड़ रुपए बताई जा रही है। रिहाना ने सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में इस ब्रेसलेट को दिखाया और साफ किया कि यह उन्हें भारत में अंबानी परिवार से मिला है। रिहाना अप्रैल में अपने ब्यूटी ब्रांड के सिलसिले में मुंबई आई थीं, जहां उन्होंने एंटीलिया में अंबानी परिवार से मुलाकात की थी। इंस्टाग्राम वीडियो में दिखाया डायमंड ब्रेसलेट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर ‘द पीपुल गैलरी’ नाम के पेज ने एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में रिहाना अपने रोज के पहनावे और फैशन के बारे में बात कर रही हैं। उन्होंने डबल डेनिम आउटफिट पहना हुआ है और हाथ में सेलीन ब्रांड का बैग लिया है। वीडियो में रिहाना ने अपने हाथ को कैमरे के सामने आगे बढ़ाते हुए कलाई पर पहने डायमंड टेनिस ब्रेसलेट को दिखाया। उन्होंने ब्रेसलेट की तरफ इशारा करते हुए कहा, “यह भारत में अंबानी परिवार से मिला है।” ज्वेलरी एक्सपर्ट ने बताई ब्रेसलेट की कीमत रिहाना के इस वीडियो के सामने आने के बाद मशहूर ज्वेलरी एक्सपर्ट प्रियांशु गोयल ने इस ब्रेसलेट की बारीकियों को शेयर किया। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पेज पर बताया कि इस डायमंड ज्वेलरी की कीमत करीब 2.2 करोड़ रुपए है। गोयल के मुताबिक, यह ब्रेसलेट टेनिस ब्रेसलेट डिजाइन का एक बेहतरीन उदाहरण है जो अपनी सादगी और सुंदरता के लिए जाना जाता है। बिना ग्लैम टीम के खुद किया मेकअप इस वीडियो में रिहाना का एक और अंदाज लोगों को पसंद आ रहा है। उन्होंने बताया कि वीडियो में दिखने वाला उनका हेयर स्टाइल और मेकअप किसी एक्सपर्ट टीम ने नहीं किया है। रिहाना ने अपने खुद के ब्रांड ‘फेंटी ब्यूटी’ के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करके यह मेकअप खुद किया है। इसके लिए उन्होंने किसी भी ग्लैम टीम की मदद नहीं ली। फैंस उनके इस साधारण और शांत अंदाज को पसंद कर रहे हैं। अंबानी के घर भी पहुंची थीं रिहाना रिहाना हाल ही में अपने ब्यूटी ब्रांड के एक प्रमोशनल इवेंट के सिलसिले में मुंबई आई थीं। यहां उन्होंने एक पॉप-अप स्टोर लॉन्च और एक प्राइवेट इवेंट में हिस्सा लिया। रिहाना प्राइवेट जेट से मुंबई पहुंचीं। इस दौरान वे रविवार को मुकेश अंबानी के घर ‘एंटीलिया’ भी गईं। अंबानी परिवार ने रिहाना का स्वागत बिल्कुल देसी अंदाज में किया। रिहाना ने परिवार के साथ खास लंच किया और घर के सदस्यों के साथ डांस करती भी नजर आईं। 2024 में पहली बार आई थीं भारत यह रिहाना का भारत का दूसरा दौरा था। इससे पहले वे साल 2024 में एक बड़ी शादी (अंबानी प्री-वेडिंग) में परफॉर्म करने के लिए जामनगर आई थीं। उस वक्त उन्होंने अपने पहले भारतीय परफॉर्मेंस से काफी सुर्खियां बटोरी थीं। उस दौरान रिहाना ने वादा किया था कि वे जल्द ही दोबारा भारत आएंगी और उन्होंने अपना यह वादा पूरा भी किया। जामनगर प्री-वेडिंग में दी थी परफॉर्मेंस रिहाना का अंबानी परिवार से पुराना जुड़ाव रहा है। इससे पहले साल 2024 में वे अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट के प्री-वेडिंग फंक्शंस में शामिल होने के लिए गुजरात के जामनगर आई थीं। उस समय उनकी लाइव परफॉर्मेंस ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था। जामनगर के स्टेज पर उन्होंने अपने मशहूर गाने ‘वर्क’, ‘वाइल्ड थॉट्स’ और ‘पोर इट अप’ गाए थे। परफॉर्मेंस के बाद अंबानी परिवार ने स्टेज पर आकर रिहाना को गले लगाया था और तस्वीरें खिंचवाई थीं।
ब्रेकिंग न्यूज़ |नागपुर में धर्मांतरण विवाद छिड़ा, वीएचपी ने मामलों में बढ़ोतरी पर जताई चिंता | न्यूज18

नागपुर में एक परेशान करने वाले मामले से उस समय आक्रोश फैल गया जब एक 24 वर्षीय महिला, जो कथित तौर पर एक रक्षा कर्मी की पत्नी है, ने आरोप लगाया कि उसके पेय में नशीला पदार्थ मिला कर उसका यौन उत्पीड़न किया गया। कथित तौर पर यह घटना वीडियो में कैद हो गई, जिससे दो गिरफ्तारियां हुईं, जबकि पुलिस इस मामले से कथित तौर पर जुड़े एक मौलाना की तलाश जारी रखे हुए है। विहिप ने धर्मांतरण से संबंधित मामलों में बढ़ोतरी पर चिंता जताई है और ऐसे अपराधों की कथित प्रवृत्ति की निंदा की है। यह मामला महिलाओं की सुरक्षा, कथित जबरदस्ती, आपराधिक जवाबदेही और संभावित धर्मांतरण लिंक की जांच पर गंभीर सवाल उठाता है। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_breaking-newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 16 जून, 2026, 16:47 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)कथित जबरदस्ती(टी)कथित धर्म परिवर्तन का मामला(टी)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)सीएनएन-न्यूज18(टी)रूपांतरण मामला नागपुर(टी)रूपांतरण के मामले(टी)अपराध समाचार भारत(टी)आपराधिक जांच(टी)रक्षा कर्मी पत्नी(टी)पेय में नशीला पदार्थ(टी)भारत समाचार(टी)ताजा समाचार(टी)महाराष्ट्र समाचार(टी)मौलाना मैनहंट(टी)मौलाना वांटेड(टी)नागपुर हमला मामला(टी)नागपुर मामला(टी)नागपुर पुलिस(टी)नागपुर शॉकर(टी)न्यूज18(टी)धार्मिक रूपांतरण विवाद(टी)यौन उत्पीड़न मामला(टी)दो गिरफ्तार(टी)वीएचपी(टी)विश्व हिंदू परिषद(टी)महिला सुरक्षा







