भोपाल में हनुमान जयंती जुलूस पर विवाद गहराया:आपत्तिजनक नारेबाजी के आरोप; कुरैशी समाज ने सख्त कार्रवाई की मांग की

भोपाल में हनुमान जयंती के जुलूस को लेकर विवाद अब और गहरा गया है। ऑल इंडिया जमीयतुल कुरैश (एमपी) की ओर से थाना तलैया पुलिस को दिए गए ज्ञापन में स्पष्ट तौर पर ‘भानु हिंदू’ नामक व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है कि उसने जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। संगठन के प्रदेश महासचिव मोहम्मद रफीक कुरैशी ने बताया कि 2 अप्रैल 2026 को इस्लामपुरा-बुधवारा क्षेत्र से निकले धार्मिक जुलूस के दौरान यह घटना हुई। आरोप है कि जैसे ही जुलूस मुस्लिम बाहुल्य इलाके में पहुंचा, भानु ने समुदाय विशेष को निशाना बनाते हुए नारेबाजी की और अपमानजनक टिप्पणियां कीं, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में तनाव का माहौल बन गया। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो के जरिए नफरत फैलाने और दो समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने की कोशिश की जा रही है, जो शहर की गंगा-जमुनी तहजीब के लिए खतरा है। संगठन ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपी भानु के खिलाफ तत्काल प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, वायरल वीडियो की जांच कर उन्हें हटाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।
कांग्रेस बोली- किसान कल्याण नहीं किसान शोषण वर्ष मना रहे:खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा- पश्चिम एशिया में युद्ध के हालातों के बाद भी 78 लाख मीट्रिक टन खरीदी करेंगे

बारदानों की कमी को लेकर कांग्रेस के हमले के बीच खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए इस वर्ष 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। उधर, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा है कि मोहन सरकार किसान शोषण वर्ष मना रही है और किसानों को सुविधा नहीं दे रही है। खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत ने कहा कि किसानों को इस वर्ष 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ ही 40 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है। उन्होंने बताया है कि इस वर्ष किसानों का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले साल से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है। मंत्री राजपूत ने कहा कि किसानों को उपार्जन केंद्रों पर इंतजार न करना पड़े, इसके लिए उपार्जन प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा रही है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल 2026 से तथा शेष संभागों में 15 अप्रैल 2026 से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इस वर्ष वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी चुनौतियों के बावजूद किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य तय किया है। मंत्री राजपूत ने कहा कि पश्चिम एशिया में पिछले एक माह से युद्ध की स्थिति के कारण पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका थी, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की नियमित आपूर्ति की जा रही है, जिससे आमजन को किसी प्रकार की समस्या न हो। 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन मंत्री राजपूत ने कहा कि एलपीजी गैस की उपलब्धता बनाए रखने और औद्योगिक उपयोग में पेट्रोलियम पदार्थों की सीमाओं के कारण बारदानों की उपलब्धता में आई संभावित कठिनाइयों का भी समाधान कर लिया है। भारत सरकार ने मध्यप्रदेश को 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन किया है। साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए HDP/PP बैग और एक बार उपयोग होने वाले जूट बारदाने के उपयोग की अनुमति भी दी गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार लगातार बारदाना उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा कर राज्य सरकार को सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए आवश्यक बारदानों की व्यवस्था उपार्जन प्रारंभ होने से पूर्व पूरी कर ली जाएगी। मंत्री राजपूत ने बताया कि जिन जिलों में भंडारण क्षमता सीमित है, वहां संयुक्त भागीदारी योजना के तहत गोदाम की क्षमता के 120 प्रतिशत तक भंडारण की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। साथ ही केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मार्च-अप्रैल तथा मई-जून 2026 का खाद्यान्न एक साथ वितरित किया जाएगा, जिससे लगभग 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक अतिरिक्त भंडारण क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। “किसान कल्याण वर्ष नहीं, किसान शोषण वर्ष”- पटवारी दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में “किसान कल्याण वर्ष” के नाम पर “किसान शोषण वर्ष” मनाया जा रहा है। प्रदेशभर में किसानों को खाद के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ा, जहां महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की हुई, लाठियां चलीं और कई बुजुर्गों की जान तक चली गई, जबकि सरकार लगातार खाद की कमी से इनकार करती रही। पटवारी ने कहा कि सरकार युद्ध का हवाला देकर गेहूं खरीदी में देरी कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि वर्ष 2026 में 10 करोड़ बारदाने की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार ने मात्र 2 करोड़ 60 लाख बारदाने का ही आवेदन किया। लगभग 7.5 करोड़ बारदाने की कमी सरकार की घोर लापरवाही को दर्शाती है। पटवारी ने कहा कि बारदाना (जूट बैग) की कमी को लेकर सरकार युद्ध का हवाला देकर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि सच्चाई कुछ और है। उन्होंने कहा, यह कमी किसी युद्ध या बाहरी कारण से नहीं, बल्कि सरकार की अकर्मण्यता और लापरवाही का परिणाम है, जिसका खामियाजा प्रदेश के किसान भुगत रहे हैं। कांग्रेस करेगी मंडियों में प्रदर्शन पीसीसी चीफ पटवारी ने कहा कि गेहूं खरीदी की तारीखें लगातार आगे बढ़ाई जा रही हैं। पहले 16 मार्च, फिर 1 अप्रैल और अब 10 अप्रैल, और आगे भी बढ़ने की संभावना है। इस कुप्रबंधन के कारण किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर व्यापारियों को बेचनी पड़ी,लगभग 50 प्रतिशत किसान डिफाल्टर हो गए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी किसानों के समर्थन में प्रदेशभर की मंडियों में प्रदर्शन करेगी। भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ता एक दिन के उपवास पर बैठेंगे और कृषि मंत्री के निवास के बाहर धरना देकर किसानों की आवाज बुलंद करेंगे।
कांग्रेस बोली- किसान कल्याण नहीं किसान शोषण वर्ष मना रहे:खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा- पश्चिम एशिया में युद्ध के हालातों के बाद भी 78 लाख मीट्रिक टन खरीदी करेंगे

बारदानों की कमी को लेकर कांग्रेस के हमले के बीच खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए इस वर्ष 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। उधर, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा है कि मोहन सरकार किसान शोषण वर्ष मना रही है और किसानों को सुविधा नहीं दे रही है। खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत ने कहा कि किसानों को इस वर्ष 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ ही 40 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है। उन्होंने बताया है कि इस वर्ष किसानों का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले साल से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है। मंत्री राजपूत ने कहा कि किसानों को उपार्जन केंद्रों पर इंतजार न करना पड़े, इसके लिए उपार्जन प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा रही है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल 2026 से तथा शेष संभागों में 15 अप्रैल 2026 से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इस वर्ष वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी चुनौतियों के बावजूद किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य तय किया है। मंत्री राजपूत ने कहा कि पश्चिम एशिया में पिछले एक माह से युद्ध की स्थिति के कारण पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका थी, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की नियमित आपूर्ति की जा रही है, जिससे आमजन को किसी प्रकार की समस्या न हो। 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन मंत्री राजपूत ने कहा कि एलपीजी गैस की उपलब्धता बनाए रखने और औद्योगिक उपयोग में पेट्रोलियम पदार्थों की सीमाओं के कारण बारदानों की उपलब्धता में आई संभावित कठिनाइयों का भी समाधान कर लिया है। भारत सरकार ने मध्यप्रदेश को 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन किया है। साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए HDP/PP बैग और एक बार उपयोग होने वाले जूट बारदाने के उपयोग की अनुमति भी दी गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार लगातार बारदाना उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा कर राज्य सरकार को सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए आवश्यक बारदानों की व्यवस्था उपार्जन प्रारंभ होने से पूर्व पूरी कर ली जाएगी। मंत्री राजपूत ने बताया कि जिन जिलों में भंडारण क्षमता सीमित है, वहां संयुक्त भागीदारी योजना के तहत गोदाम की क्षमता के 120 प्रतिशत तक भंडारण की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। साथ ही केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मार्च-अप्रैल तथा मई-जून 2026 का खाद्यान्न एक साथ वितरित किया जाएगा, जिससे लगभग 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक अतिरिक्त भंडारण क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। “किसान कल्याण वर्ष नहीं, किसान शोषण वर्ष”- पटवारी दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में “किसान कल्याण वर्ष” के नाम पर “किसान शोषण वर्ष” मनाया जा रहा है। प्रदेशभर में किसानों को खाद के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ा, जहां महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की हुई, लाठियां चलीं और कई बुजुर्गों की जान तक चली गई, जबकि सरकार लगातार खाद की कमी से इनकार करती रही। पटवारी ने कहा कि सरकार युद्ध का हवाला देकर गेहूं खरीदी में देरी कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि वर्ष 2026 में 10 करोड़ बारदाने की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार ने मात्र 2 करोड़ 60 लाख बारदाने का ही आवेदन किया। लगभग 7.5 करोड़ बारदाने की कमी सरकार की घोर लापरवाही को दर्शाती है। पटवारी ने कहा कि बारदाना (जूट बैग) की कमी को लेकर सरकार युद्ध का हवाला देकर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि सच्चाई कुछ और है। उन्होंने कहा, यह कमी किसी युद्ध या बाहरी कारण से नहीं, बल्कि सरकार की अकर्मण्यता और लापरवाही का परिणाम है, जिसका खामियाजा प्रदेश के किसान भुगत रहे हैं। कांग्रेस करेगी मंडियों में प्रदर्शन पीसीसी चीफ पटवारी ने कहा कि गेहूं खरीदी की तारीखें लगातार आगे बढ़ाई जा रही हैं। पहले 16 मार्च, फिर 1 अप्रैल और अब 10 अप्रैल, और आगे भी बढ़ने की संभावना है। इस कुप्रबंधन के कारण किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर व्यापारियों को बेचनी पड़ी,लगभग 50 प्रतिशत किसान डिफाल्टर हो गए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी किसानों के समर्थन में प्रदेशभर की मंडियों में प्रदर्शन करेगी। भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ता एक दिन के उपवास पर बैठेंगे और कृषि मंत्री के निवास के बाहर धरना देकर किसानों की आवाज बुलंद करेंगे।
जबलपुर आंदोलन की तैयारी में जुटी युवा कांग्रेस:सीधी पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष ने महंगाई-बेरोजगारी पर सरकार को घेरा; कार्यकर्ताओं ने निकाली रैली

सीधी में शुक्रवार शाम करीब 7 बजे मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया पहुंचे। उनके आने पर स्थानीय कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। घनघोरिया 16 अप्रैल को जबलपुर में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय बड़े आंदोलन की तैयारियों को लेकर विभिन्न जिलों के प्रवास पर हैं। जमोड़ी बाईपास पर युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने उनके नेतृत्व में एक रैली निकाली, जिसके बाद जिला कांग्रेस कार्यालय में बैठक संपन्न हुई। 16 अप्रैल को बड़ा आंदोलन बैठक को संबोधित करते हुए यश घनघोरिया ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है और शिक्षा नीति में सुधार के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। घनघोरिया ने घोषणा की कि इन जनविरोधी नीतियों और बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ 16 अप्रैल को जबलपुर में युवा कांग्रेस एक विशाल आंदोलन करेगी। 10 दिनों से प्रदेश का दौरा कर रहे यश घनघोरिया ने बताया कि वे पिछले 10 दिनों से लगातार प्रदेश के अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान वे जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से संवाद कर उन्हें जबलपुर आंदोलन के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज दबाने वाली सरकार को जगाने के लिए यह आंदोलन मील का पत्थर साबित होगा। सीधी में कार्यकर्ताओं ने दिखाई एकजुटता इस दौरान युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष करुण सिंह, विधानसभा अध्यक्ष विकास सिंह परिहार और एनएसयूआई प्रदेश सचिव विक्रांत सिंह परिहार मुख्य रूप से मौजूद रहे। जमोड़ी बाईपास से लेकर जिला कार्यालय तक हुए शक्ति प्रदर्शन में सैकड़ों युवा कार्यकर्ता शामिल हुए। स्थानीय नेताओं ने भरोसा दिलाया कि सीधी जिले से बड़ी संख्या में युवा जबलपुर पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाएंगे।
श्योपुर बाढ़ राहत घोटाला, 18 पटवारियों पर चलेगा मुकदमा:कलेक्टर ने दी अभियोजन स्वीकृति; राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी और धोखाधड़ी की थी

श्योपुर जिले में हुए बहुचर्चित बाढ़ राहत घोटाले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अर्पित वर्मा ने इस मामले में संलिप्त 18 पटवारियों के खिलाफ अभियोजन (मुकदमा चलाने) की औपचारिक स्वीकृति दे दी है। इस मंजूरी के बाद अब इन राजस्व कर्मचारियों के विरुद्ध न्यायालय में कानूनी कार्यवाही का रास्ता साफ हो गया है। पुलिस ने जांच में पाया था कि राहत राशि के वितरण में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं और फर्जीवाड़ा किया गया है। थाना बड़ौदा में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का केस यह पूरा प्रकरण थाना बड़ौदा में अपराध क्रमांक 439/23 के तहत दर्ज है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468 (जालसाजी), 409 (अमानत में ख्यानत) और 120-बी (साजिश) के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में राजस्व रिकॉर्ड में फर्जी प्रविष्टियां करने और अपात्रों को लाभ पहुंचाने के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद अभियोजन की मांग की गई थी। इन 18 पटवारियों पर होगी अदालती कार्रवाई प्रशासन द्वारा जिन पटवारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी गई है, उनमें मेवाराम गौरछिया, हेमन्त मित्तल, राजकुमार शर्मा, महेन्द्र सिंह जाटव, सुमित देशलेहरा, योगेश जिंदल, विनोद भूषण, अखिलेश जैन, भोलाराम गुप्ता, हुकुमचंद बिसारिया, राजवीर जाटव, बृजराज मीणा, रामनरेश जाटव, रामदयाल जागा, सोनेराम धाकड़, नीतेश मीणा, संजय रावत और शंकरलाल मर्सकोले शामिल हैं। इस घोटाले में पटवारियों के अलावा अन्य कर्मचारियों सहित कुल 110 लोगों को आरोपी बनाया गया है। जल्द दाखिल होगा आरोप पत्र, गिरफ्तारी की संभावना अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद अब पुलिस संबंधित पटवारियों के विरुद्ध न्यायालय में चालान (आरोप पत्र) पेश करेगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आपराधिक मामले के साथ-साथ इन कर्मचारियों पर विभागीय जांच और निलंबन जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। जिले के राजस्व विभाग में इसे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, जिससे विभाग के अन्य संदिग्ध मामलों की परतें भी खुलने की संभावना है।
डिंडौरी में शिकारियों पर वन विभाग का शिकंजा, सर्चिंग अभियान:डॉग स्क्वाड ने चार गांवों में ली तलाशी, तार बरामद

डिंडौरी जिले में वन्यजीवों के अवैध शिकार पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को डिंडौरी वन परिक्षेत्र के चार गांवों में शहडोल से बुलाए गए डॉग स्क्वाड की मदद से एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शिकारियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना था। यह तलाशी अभियान सारस ताल, कुई, रामगुडा और त्यागपुर गांवों के संदिग्ध ठिकानों पर केंद्रित रहा। सर्चिंग के दौरान वन अमले को लगभग दो किलोग्राम जीआई तार और लकड़ी के खूंटे बरामद हुए। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन सामग्रियों का उपयोग आमतौर पर जंगली जानवरों के शिकार में किया जाता है। विभाग कुछ संदिग्ध शिकारियों की तलाश भी कर रहा है। वन विभाग की यह कार्रवाई हाल ही में हुई एक गिरफ्तारी के बाद और अधिक सक्रिय हो गई है। दो दिन पहले कुई मॉल गांव से आरोपी दरबार सिंह मरकाम को गिरफ्तार किया गया था। उसके घर से जंगली सुअर का कटा हुआ सिर और शिकार में इस्तेमाल की गई सामग्री जब्त की गई थी, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। रेंजर अतुल सिंह बघेल ने बताया कि वन्यजीव संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे। इस पूरी कार्रवाई में परिक्षेत्र सहायक ईश्वर सिंह परस्ते, वनरक्षक सुनील कोरी, संजय मार्को, मान सिंह, उदय सिंह, अनीता धुर्वे, गीता और आलोक यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Skin Care : झाइयों ने कर रखा है परेशान? पत्थर पर घिसकर दूध के साथ लगाइये ये चीज, खिल उठेगा मुरझाया चेहरा

Last Updated:April 03, 2026, 17:59 IST Skin care tips : अक्सर महिलाएं झाइयों से परेशान रहती हैं. अगर आपकी त्वचा भी संवेदनशील है या अक्सर लालिमा की समस्या रहती है, तो जायफल का लेप उसे ठंडक पहुंचाने और हील करने का काम करता है. लोकल 18 से देहरादून की आयुर्वेदिक चिकित्सक शालिनी जुगरान बताती हैं कि इसमें मिरिस्टिसिन नामक एक विशेष तत्व पाया जाता है, जो जिद्दी मुंहासों को दूर करता है. दूध के साथ इसका मिश्रण एक प्राकृतिक क्लींजर और मॉइस्चराइजर दोनों का काम करता है. जायफल की मदद से चेहरा बेजान दिखने की बजाय खिला-खिला और चमकदार नजर आता है. किचन में मसाले के रूप में इस्तेमाल होने वाला जायफल सिर्फ जायका नहीं बढ़ाता बल्कि त्वचा की कई समस्याओं को जड़ से खत्म करने वाला एक शक्तिशाली तत्व भी है. इसमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाकर उसे पुनर्जीवित करने में मदद करते हैं. जब जायफल को दूध के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाया जाता है, तो यह त्वचा की रंगत निखारने के साथ-साथ उसे गहरा पोषण भी देता है. इसकी एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज पाई जाती है. ये गुण त्वचा पर होने वाली सूजन और बैक्टीरिया को खत्म करने में सहायक हैं. अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है या अक्सर लालिमा की समस्या रहती है, तो जायफल का लेप उसे ठंडक पहुंचाने और हील करने का काम करता है. मुंहासों से परेशान महिलाओं के लिए जायफल किसी वरदान से कम नहीं है. देहरादून की आयुर्वेदिक चिकित्सक शालिनी जुगरान बताती हैं कि इसमें मिरिस्टिसिन नामक एक विशेष तत्व पाया जाता है, जो जिद्दी मुंहासों को दूर करने में बेहद कारगर होता है. इसके नियमित उपयोग से न केवल नए मुंहासे आना बंद हो जाते हैं, बल्कि पुराने दाग-धब्बों में भी धीरे-धीरे कमी आने लगती है. Add News18 as Preferred Source on Google स्किन को हेल्दी रखने के साथ-साथ जायफल में एंटी-फंगल और एंटी-वायरल गुण भी समाहित हैं. यह त्वचा के संक्रमण को रोकने में मदद करता है और बाहरी प्रदूषण व हानिकारक तत्वों से एक सुरक्षा कवच की तरह लड़ता है. दूध के साथ इसका मिश्रण एक प्राकृतिक क्लींजर और मॉइस्चराइजर दोनों का काम करता है. इस पेस्ट को चेहरे पर करीब 20 मिनट तक लगा रहने दें. जब यह हल्का सूख जाए, तो गुनगुने पानी की मदद से चेहरे को हल्के हाथों से मसाज करते हुए धो लें. यह प्रक्रिया त्वचा को उचित हाइड्रेशन प्रदान करती है, जिससे चेहरा बेजान दिखने की बजाय खिला-खिला और चमकदार नजर आता है. अगर आप झाइयों की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो आयुर्वेद का पुराना नुस्खा अपना सकते हैं. इसके लिए एक साबुत जायफल को कुछ घंटों के लिए दूध में भिगो दें. इसके बाद एक साफ पत्थर जैसे सिलबट्टे पर इसे दूध के साथ रगड़कर पेस्ट तैयार करें. इस ताजे पेस्ट को इफेक्टेड एरिया पर लगाने से झाइयां तेजी से कम होती हैं. इसके नियमित उपयोग से असमय आने वाली झुर्रियां कम होती हैं और त्वचा लंबे वक्त तक जवां और सुंदर बनी रहती है. बिना किसी केमिकल के अपनी खूबसूरती बढ़ाने का यह एक सुरक्षित और किफायती नुस्खा है. First Published : April 03, 2026, 17:59 IST
ईरान युद्ध प्रतिक्रिया पर कांग्रेस विभाजित; आनंद शर्मा ने राजनीतिकरण को ‘राष्ट्रीय अपकार’ बताया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:03 अप्रैल, 2026, 17:47 IST आनंद शर्मा ने कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा और जयराम रमेश के रुख के विपरीत पार्टियों से भारत की पश्चिम एशिया कूटनीति का समर्थन करने और पक्षपात से बचने का आग्रह किया। कांग्रेस नेता अन्नद शर्मा (क्रेडिट: पीटीआई) पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच, वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने राजनीतिक दलों से पक्षपात से बचने और इसके बजाय भारत के राजनयिक प्रयासों का समर्थन करने का आग्रह करते हुए कहा कि स्थिति राष्ट्रीय एकता की मांग करती है। संकट से निपटने के भारत के तरीके पर बोलते हुए शर्मा ने कहा कि भारतीय राजनयिक और मिशन प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं और प्रोत्साहन के पात्र हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस मुद्दे को राजनीतिक बहस में नहीं बदला जाना चाहिए, उन्होंने इस तरह के दृष्टिकोण को “राष्ट्रीय क्षति” बताया। उन्होंने कहा, “… भारत के राजनयिक, राजदूत, मिशन कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हमें उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए और उनके प्रयासों का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने इसे कुशलता से संभाला है। हम इस कथा को किसी भी पक्षपातपूर्ण राजनीति में नहीं फंसा सकते। यह एक राष्ट्रीय नुकसान होगा… अब तक, हमारे पास एक ऐसी स्थिति है जहां भारतीय प्रवासी पूरी तरह से सुरक्षित हैं। हम शायद एकमात्र देश हैं जहां अधिकतम संख्या में जहाज या तो भारत के माध्यम से चले गए हैं या भारत की ओर मोड़ दिए गए हैं… ऐसे संकट में, भारत को एक आंतरिक राष्ट्रीय सहमति बनानी चाहिए और संकल्प करें…” निरंतर राजनीतिक जुड़ाव की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए, शर्मा ने कहा, “कई बार हमारी अपनी स्थिति होती है… मेरी भी अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता होती है। लेकिन कई बार एक भारतीय के रूप में आप सोचते हैं कि आपके लोग, आपके राजनयिक, आपके अधिकारी राजनीतिक नेतृत्व से क्या सुनना चाहते हैं। हां, सरकार ने एक सर्वदलीय बैठक की है। इसे उन्नत किया जाना चाहिए। यह बातचीत भारत के राष्ट्रीय हित में जारी रहनी चाहिए। हमें राष्ट्रीय एकता का प्रदर्शन करना चाहिए।” उनकी टिप्पणी कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के विरोधाभासी है, जिन्होंने हाल ही में वैश्विक कूटनीति के प्रति सरकार के दृष्टिकोण पर सवाल उठाते हुए अधिक आलोचनात्मक टिप्पणी की थी। ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच पाकिस्तान द्वारा मध्यस्थता का प्रयास करने की रिपोर्टों का जिक्र करते हुए, खेड़ा ने कहा कि उन्हें “शर्मिंदा” महसूस होता है कि भारत विश्व मंच पर बड़ी भूमिका नहीं निभा रहा है। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर की पहले की टिप्पणी पर भी पलटवार किया कि भारत “दलाल” या बिचौलिया नहीं है, उन्होंने पूछा, “तो फिर हम रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान क्या कर रहे थे? क्या हम तब मध्यस्थता नहीं कर रहे थे?” इस सप्ताह की शुरुआत में, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा था कि विदेश मंत्री भारत की “अत्यधिक शर्मिंदगी” को छिपाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने एक्स पर कहा था, “डैपर और लंबे समय से अनुभवी विदेश मंत्री पश्चिम एशिया में मौजूदा युद्ध को समाप्त करने के लिए वार्ता के मध्यस्थ और सूत्रधार के रूप में पाकिस्तान के उभरने से भारत की अत्यधिक शर्मिंदगी और इसकी क्षेत्रीय कूटनीति को लगे झटके को कवर करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “मध्यस्थता की भूमिका के लिए पाकिस्तान पर भी विचार किया जा सकता है, यह प्रधान मंत्री मोदी की कूटनीति की सामग्री और शैली दोनों का सबसे गंभीर आरोप है, जो बमबारी से भरा हुआ है और कायरता से चिह्नित है।” पहले प्रकाशित: 03 अप्रैल, 2026, 17:43 IST न्यूज़ इंडिया ईरान युद्ध प्रतिक्रिया पर कांग्रेस विभाजित; आनंद शर्मा ने राजनीतिकरण को ‘राष्ट्रीय अपकार’ बताया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)भारत पश्चिम एशिया कूटनीति(टी)आनंद शर्मा की टिप्पणी(टी)राष्ट्रीय एकता का आह्वान(टी)भारत के कूटनीतिक प्रयास(टी)कांग्रेस की आंतरिक दरार(टी)पाकिस्तान की मध्यस्थता भूमिका(टी)एस जयशंकर की आलोचना(टी)मोदी विदेश नीति
रीवा में घर में घुसकर नाबालिग से रेप की कोशिश:पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा, सामान लेने के बहाने पहुंचा था

रीवा में एक नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। घटना उस समय की है जब 12 वर्षीय किशोरी अपने घर पर स्थित किराने की दुकान पर अकेली बैठी थी और उसके माता-पिता किसी काम से बाहर गए हुए थे। पुलिस के अनुसार, सकील खान नाम का आरोपी फूटी लेने के बहाने दुकान पर पहुंचा। थाना प्रभारी श्रृंगेश राजपूत ने बताया कि आरोपी ने किशोरी से फ्रूटी मांगी, लेकिन दुकान में फ्रूटी खत्म होने की बात कहने पर किशोरी उसे लेने घर के अंदर चली गई। इसी दौरान आरोपी भी पीछे से घर के भीतर पहुंच गया और मौका पाकर किशोरी को पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की, लेकिन किशोरी ने साहस दिखाते हुए शोर मचाया। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग सतर्क हो गए, जिससे आरोपी घबरा गया और मौके से भागने की कोशिश की। इस दौरान किशोरी किसी तरह खुद को छुड़ाकर सुरक्षित बाहर आ गई। घटना की जानकारी परिजनों द्वारा पुलिस को दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल टीम गठित की गई और आरोपी की तलाश शुरू की गई। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराकर बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
निवाड़ी में स्टोन क्रेशर प्लांट का हो रहा है विरोध:विधायक से मिलकर ग्रामीणों ने की शिकायत, प्रशासन ने जांच टीम बनाई

निवाड़ी के चुरारा अडजार सीमा पर प्रस्तावित स्टोन क्रेशर प्लांट का ग्रामीणों की ओर से लगातार विरोध किया जा रहा है। परियोजना के खिलाफ किसान बड़ी संख्या में ग्राम अडजार स्थित मोनी बाबा आश्रम में एकत्रित हुए और अपनी नाराजगी व्यक्त की। ग्रामीणों ने विधायक अनिल जैन के निवास पर पहुंचकर भी अपनी समस्या बताई। लोगों की सेहत पर गलत असर पड़ने की जताई आशंका आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि स्टोन क्रेशर प्लांट लगने से क्षेत्र में धूल, प्रदूषण और तेज शोर बढ़ेगा, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। महिलाओं और बुजुर्गों ने बच्चों और पशुओं के स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है। ठोस कार्रवाई न करने का लगाया आरोप ग्रामीणों ने बताया कि वे इस प्रस्तावित प्लांट को लेकर पहले ही जिला कलेक्टर को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि पंचायत सचिव द्वारा सरपंच की अनुमति के बिना ही प्लांट से संबंधित कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है, जो नियमों के खिलाफ है। विधायक से की मामले की शिकायत सैकड़ों ग्रामीण विधायक अनिल जैन के निवास पर पहुंचे और उनसे मुलाकात कर अपनी समस्या विस्तार से रखी। विधायक ने ग्रामीणों की बात गंभीरता से सुनते हुए कहा कि प्रस्तावित स्थल के आसपास बस्ती और रेलवे स्टेशन होने के कारण इस प्रकार का प्लांट स्थापित करना उचित नहीं है। विधायक अनिल जैन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों से दोबारा बातचीत कर जनहित को ध्यान में रखते हुए सही फैसला लिया जाएगा। जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन की दी चेतावनी ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस योजना को तत्काल प्रभाव से रोका जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जांच के लिए बनाई गई टीम खनिज अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए एक जांच टीम का गठन कर दिया गया है। इस टीम में निवाड़ी तहसीलदार, पटवारी और जनपद सीईओ सहित अन्य अधिकारी इस पूरे मामले की जांच करेंगे।









