Thursday, 23 Apr 2026 | 12:39 AM

Trending :

गेहूं खरीद का कोटा बढ़ाने केंद्र से मांगी मदद:सीएम बोले- वैश्विक परिस्थितियों के कारण गेहूं एक्सपोर्ट नहीं हो पाया, जूट इम्पोर्ट में भी दिक्कत जर्जर स्कूलों की लिस्ट मांगी, नहीं दे सके अफसर:भोपाल में हुई शिक्षा समिति की मीटिंग; कई मुद्दों पर नाराजगी जताई जामुन की चटनी रेसिपी: गर्मियों में घर पर स्वादिष्ट जैमन की चटनी, फट ही मुंह से निकलेगा वाह! विधि नोट करें जबलपुर में अवैध पैकेज्ड पानी प्लांट का पंजीयन निलंबित:खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने एक्वा ब्लू वाटर सप्लाई पर की कार्रवाई Spiny Gourd: दुनिया की सबसे ताकतवर सब्जी ‘कंटोला’ के बारे में जानते हैं? इस महीने मिलती है, ब्लड शुगर को तुरंत कर सकती है कंट्रोल दमोह में फर्जी दूल्हा समेत 3 आरोपी पकड़ाए:बारात न आने पर परिजन की शिकायत; रेलवे कर्मचारी बताकर-जाति छिपाकर रिश्ता तय किया था
EXCLUSIVE

Cancer in Kids: बच्चों में बढ़ते कैंसर के मामलों ने उड़ाए विशेषज्ञों के होश, यहां जानें

perfGogleBtn

Last Updated:April 04, 2026, 09:43 IST Cancer in Kids: भारत में 5 से 19 वर्ष की आयु के बच्चों और युवाओं में मृत्यु के शीर्ष 10 कारणों में कैंसर भी शामिल है यह एक ऐसा खुलासा है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है. भारत में 5 से 19 साल के बच्चों और युवाओं की मौत के 10 बड़े कारणों में कैंसर भी शामिल है, जिससे लोग हैरान हैं. मशहूर ‘दि लान्सेट’ मेडिकल जर्नल में छपी ‘सुमायागुम वर्ल्डवाइड डिजीजेज – 2023’ रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है. वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी मेडिकल स्कूल और सेंट जूड चिल्ड्रन रिसर्च हॉस्पिटल के हेल्थ मेट्रिक्स इवैल्युएशन इंस्टीट्यूट के रिसर्चर्स की टीम ने यह स्टडी की है. इस स्टडी के मुताबिक, सिर्फ 2023 में दुनिया भर में 3.77 लाख बच्चों को कैंसर हुआ है. इसके अलावा 1.44 लाख बच्चों की मौत भी हुई है. बच्चों की मौत के कारणों में दुनिया भर में कुपोषण, टीबी, एचआईवी/एड्स के बाद आठवें नंबर पर कैंसर आता है. भारत में बच्चों की मौत के कारणों में कैंसर दसवें नंबर पर है. Add News18 as Preferred Source on Google दुनिया भर में कैंसर से होने वाली मौतों में से 20.5% सिर्फ दक्षिण एशिया में होती हैं. 1990 से 2023 के बीच, दक्षिण एशिया में बच्चों की कैंसर से मौत की दर दुनिया के मुकाबले 16.9% कम हुई है. सिर्फ भारत में 2023 में करीब 17,000 बच्चों की मौत कैंसर से हुई है. सबसे ज्यादा असर करने वाले कैंसर में ल्यूकेमिया यानी ब्लड कैंसर, दिमाग और नसों का कैंसर, लिम्फ कैंसर, और शरीर की इम्यून सिस्टम को प्रभावित करने वाला कैंसर शामिल हैं. दुनिया भर में कैंसर से मरने वाले बच्चों में 12% भारत के और 20.5% दक्षिण एशिया के हैं. यह बहुत ज्यादा संख्या मानी जाती है. मौत की दर में गिरावट: 1990 से 2023 तक भारत में बच्चों के कैंसर से मौत की दर 16.9% कम हुई है. ग्लोबल गिरावट से तुलना करें तो यह प्रगति दिखाता है, लेकिन असर अभी भी ज्यादा है. भले ही कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, बच्चों के कैंसर से मौत की दर कम हो रही है, यह राहत की बात है. फिर भी भारत और दक्षिण एशिया में इसका असर लगातार बढ़ना चिंता की बात है. भारत में पैदा होने वाले 10 लाख बच्चों में करीब 80 से 100 बच्चों को कैंसर होने का अनुमान है. First Published : April 04, 2026, 09:40 IST

टीटीई ने अकेले एक करोड़ वसूले:खंडवा स्टेशन पर टिकट चेकिंग का रिकॉर्ड; यात्रियों पर 10 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना लगा

टीटीई ने अकेले एक करोड़ वसूले:खंडवा स्टेशन पर टिकट चेकिंग का रिकॉर्ड; यात्रियों पर 10 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना लगा

पश्चिम मध्य रेलवे के खंडवा जंक्शन पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में टिकट जांच अभियान के दौरान उप मुख्य टिकट निरीक्षक (TTE) धर्मेंद्र मीणा ने अकेले 16,500 बिना टिकट यात्रियों से 1 करोड़ 2 लाख 75 हजार रुपए का जुर्माना वसूला है। इस वसूली के साथ वे खंडवा रेलवे के इतिहास में एक साल में एक करोड़ से अधिक का राजस्व वसूलने वाले पहले टीटीई बन गए हैं। इस वित्तीय वर्ष में खंडवा स्टेशन के सभी जांच कर्मचारियों ने मिलकर कुल 10 करोड़ 35 लाख रुपए और भुसावल मंडल ने 81 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड वसूली की है। रेलवे प्रशासन बिना टिकट यात्रा पर अंकुश लगाने के लिए यह चेकिंग अभियान लगातार जारी रखे हुए है। खंडवा के इतिहास में पहली बार 1 करोड़ के पार वसूली उप मुख्य टिकट निरीक्षक धर्मेंद्र मीणा ने पूरे साल में करीब 16,500 बिना टिकट यात्रियों पर कार्रवाई करते हुए यह बड़ी उपलब्धि हासिल की। वे एक वित्तीय साल में 1 करोड़ 2 लाख 75 हजार रुपए की वसूली करने वाले पहले टीटीई बन गए हैं। रेलवे प्रशासन ने उनकी इस सफलता को अनुशासन और सख्ती का प्रभावी उदाहरण माना है। कर्मचारियों के लगातार अभियान से रेलवे राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। खंडवा स्टेशन की कुल वसूली 10.35 करोड़ खंडवा स्टेशन पर तैनात सभी टिकट जांच कर्मचारियों ने मिलकर वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 10 करोड़ 35 लाख रुपए की वसूली की। पिछले सालों की तुलना में यह आंकड़ा काफी अधिक है। अन्य टीटीई द्वारा की गई वसूली इस प्रकार है: 81 करोड़ वसूलकर भुसावल मंडल मध्य रेल में प्रथम खंडवा स्टेशन जिस भुसावल मंडल के अंतर्गत आता है, उसने भी वित्तीय साल 2025-26 में बिना टिकट यात्रियों से कुल 81 करोड़ रुपए का राजस्व एकत्र किया है। यह वसूली मध्य रेल के सभी मंडलों में सर्वाधिक है। इसी के साथ भुसावल मंडल बिना टिकट यात्रियों से जुर्माना वसूलने के मामले में प्रथम स्थान पर रहा है। डीआरएम बोले- आगे भी तेज किए जाएंगे अभियान भुसावल रेल मंडल के डीआरएम पुनीत अग्रवाल ने कहा कि, “नियमित चेकिंग अभियान, स्टाफ की सक्रियता और यात्रियों में जागरूकता के कारण यह संभव हो पाया है। आने वाले समय में भी इस तरह के अभियान और तेज किए जाएंगे, ताकि बिना टिकट यात्रा पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।”

शनिवार को महाकाल के भस्म आरती दर्शन:पंचामृत अभिषेक के बाद महाकाल का दिव्य श्रृंगार, महानिर्वाणी अखाड़े ने अर्पित की भस्म

शनिवार को महाकाल के भस्म आरती दर्शन:पंचामृत अभिषेक के बाद महाकाल का दिव्य श्रृंगार, महानिर्वाणी अखाड़े ने अर्पित की भस्म

श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के भस्म आरती के दौरान सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हुआ। पण्डे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। प्रथम घंटाल के साथ ‘हरि ओम’ का जल अर्पित किया गया। गणेश, पार्वती और कार्तिकेय का पूजन, लगा भोग पूजन के क्रम में भगवान गणेश, माता पार्वती और कार्तिकेय का पूजन कर भगवान महाकाल को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। कपूर आरती के बाद भस्म अर्पित की गई। भस्म आरती के दौरान महानिर्वाणी अखाड़ा की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, गूंजे जयकारे भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘जय महाकाल’ के जयकारों से गूंज उठा।

पंजाब ने टी-20 में भारत का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा:9वीं बार 200+ चेज किए, चेन्नई ने IPL में 36वीं बार 200 रन बनाए; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

पंजाब ने टी-20 में भारत का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा:9वीं बार 200+ चेज किए, चेन्नई ने IPL में 36वीं बार 200 रन बनाए; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

IPL के 7वें मैच में पंजाब किंग्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को 5 विकेट से हरा दिया। चेपॉक में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए चेन्नई ने 5 विकेट पर 208 रन बनाए। टीम के लिए आयुष म्हात्रे ने 73 रन की पारी खेली, हालांकि उन्हें दो बार जीवनदान भी मिला। जवाब में पंजाब ने 18.4 ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ पंजाब ने टी-20 क्रिकेट में भारत का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ते हुए 9वीं बार 200+ रनचेज किया। वहीं चेन्नई ने इस मैच में 36वीं बार 200+ स्कोर बनाया। PBKS Vs CSK मैच के मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स… 1. पंजाब ने 9वीं बार 200+ रनचेज किया पंजाब किंग्स ने टी-20 क्रिकेट में भारत का रिकॉर्ड तोड़ दिया। टीम ने 200+ रनचेज के मामले में 9वीं जीत दर्ज की। इससे पहले भारत की टीम ने 8 बार 200+ रनचेज किया था। ऑस्ट्रेलिया ने 7 और मुंबई इंडियंस ने 6 बार यह कारनामा किया है। 2. पंजाब किंग्स का दूसरा सबसे बड़ा रनचेज पंजाब किंग्स ने अपना दूसरा सबसे बड़ा रनचेज किया। टीम ने 210 रन का टारगेट 18.4 ओवर में हासिल किया। टीम का सबसे बड़ा रनचेज 262 रन का है। इसे पंजाब ने 2024 में ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ हासिल किया था। 3. चेन्नई ने IPL में सबसे ज्यादा 200+ स्कोर बनाए चेन्नई सुपर किंग्स IPL में सबसे ज्यादा 200+ स्कोर बनाने वाली टीम बन गई। टीम ने अब तक 36 बार 200 का आंकड़ा पार किया है। इसके बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 35 बार इस स्कोर तक पहुंची है। यहां से मैच के टॉप-8 मोमेंट्स… 1. चौका लगाने के बाद संजू आउट दूसरे ओवर में चेन्नई का पहला विकेट गिरा। ओवर की छठी गेंद जेवियर बार्टलेट ने ऑफ स्टंप के बाहर फेंकी। संजू सैमसन ड्राइव खेलने के लिए पीछे हटे, लेकिन गेंद की मूवमेंट को कवर नहीं कर सके और बल्ले का हल्का किनारा लग गया। गेंद सीधे विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह के पास गई, जिन्होंने आसान कैच लपक लिया। संजू 7 रन बनाकर आउट हुए। 2. आयुष की सिक्स से फिफ्टी नौवें ओवर में चेन्नई के बल्लेबाज आयुष म्हात्रे ने सिक्स लगाकर अर्धशतक पूरा किया। ओवर की पहली गेंद मार्कस स्टोयनिस ने धीमी फेंकी। म्हात्रे ने आगे बढ़कर शॉट खेला और गेंद को लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से सिक्स के लिए भेज दिया। 3. म्हात्रे का वैशाख और शशांक से कैच छूटा मिडिल ओवर्स में चेन्नई के बल्लेबाज आयुष म्हात्रे को दो बड़े जीवनदान मिले। 10वें ओवर की दूसरी गेंद पर युजवेंद्र चहल ने लेग ब्रेक डाली, जिस पर म्हात्रे स्लॉग स्वीप खेलने गए, लेकिन गेंद बल्ले के ऊपरी किनारे से लगकर हवा में चली गई। वैशाख आगे दौड़ते हुए पहुंचे, डाइव भी लगाई, लेकिन गेंद हाथ में आने के बाद छिटक गई और कैच छूट गया। इसके बाद 12वें ओवर की चौथी गेंद पर चहल ने फिर मौका बनाया। उन्होंने गेंद को फ्लाइट देकर बल्लेबाज को बड़ा शॉट खेलने के लिए ललचाया। म्हात्रे आगे बढ़कर शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद टर्न होकर बल्ले का किनारा लेती हुई एक्स्ट्रा कवर की ओर गई। शशांक दौड़ते हुए आए, स्लाइड करते हुए दोनों हाथों से कैच पकड़ने की कोशिश की, लेकिन गेंद हाथ से निकल गई। इस तरह म्हात्रे को लगातार दूसरा जीवनदान मिला। 4. पंजाब के रिव्यू से कार्तिक आउट 14वें ओवर में चेन्नई ने चौथा विकेट गंवाया। ओवर की चौथी बॉल मार्को यानसन ने गुड लेंथ पर इन स्विंगर फेंकी। गेंद कार्तिक शर्मा के पैड्स पर लगी। PBKS ने LBW की अपील की, लेकिन अंपायर ने आउट नहीं दिया। कप्तान श्रेयस अय्यर ने रिव्यू लिया, रिप्ले में कार्तिक आउट नजर आए। वे 1 रन ही बना सके। 5. सरफराज ने अर्शदीप पर हैट्रिक चौके लगाए 14वें ओवर में सरफराज खान ने अर्शदीप सिंह पर लगातार तीन चौके जड़ दिए। ओवर की दूसरी गेंद पर सरफराज ने आगे बढ़कर जगह बनाई और मिड-ऑफ के ऊपर से शानदार शॉट खेलते हुए चौका बटोर लिया। अगली गेंद पर अर्शदीप ने शॉर्ट लेंथ डाली। सरफराज ने शॉट खेला और गेंद को विकेटकीपर के ऊपर से बाउंड्री तक पहुंचा दिया। फिर चौथी गेंद पर सरफराज ने शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद को लेट खेलते हुए थर्ड मैन की दिशा में गाइड किया और चौका पूरा किया। 6. प्रशांत वीर ने डेब्यू पर चौके से खाता खोला चेन्नई सुपर किंग्स के अनकैप्ड ऑलराउंडर प्रशांत वीर ने इस मैच से IPL डेब्यू किया। टीम ने उन्हें मेगा ऑक्शन में 14.20 करोड़ रुपए में खरीदा था। 17वें ओवर की तीसरी गेंद पर मार्को यानसन ने ऑफ स्टंप के आसपास शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद डाली। प्रशांत ने शॉट खेला। गेंद तेजी से आई और ग्लव्स का हल्का किनारा लेकर फाइन लेग की दिशा में निकल गई। इसी चौके के साथ प्रशांत ने IPL में अपना खाता खोला। 7. प्रियांश ने बाउंड्री से पहले रन बनाए पंजाब की पारी की शुरुआत प्रियांश आर्या ने लगातार दो बाउंड्री से की। ओवर की पहली गेंद पर खलील अहमद ने इनस्विंगर डाली। प्रियांश ने सीधे बल्ले से नॉन-स्ट्राइकर के पास से चौके के लिए भेज दिया। अगली ही गेंद पर खलील ने शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद डाली। प्रियांश ने जल्दी से लेंथ पहचानी, घूमकर पुल शॉट खेला और गेंद को मिड-विकेट के ऊपर से सिक्स के लिए भेज दिया। 8. प्रभसिमरन रनआउट हुए नौवें ओवर में पंजाब को बड़ा झटका लगा, जब प्रभसिमरन सिंह रनआउट हो गए। ओवर की पांचवीं गेंद पर नूर अहमद की गेंद को उन्होंने मिड-विकेट की ओर सॉफ्ट हैंड्स से खेला और पहला रन आसानी से पूरा किया। इसके बाद प्रभसिमरन ने दूसरे रन के लिए कॉल किया, लेकिन उनके साथी बल्लेबाज तैयार नहीं थे। कन्फ्यूजन के बीच प्रभसिमरन वापस लौटने लगे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सरफराज खान ने मिड-विकेट से तेज थ्रो फेंका और ऋतुराज गायकवाड़ ने स्टंप्स बिखेर दिए। प्रभसिमरन क्रीज से काफी दूर रह गए और 43 रन बनाकर रनआउट हो गए। ————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL-2026 का पहला डबल हेडर आज:पहले मैच में दिल्ली का सामना मुंबई से, MI से जुड़े कीवी कप्तान मिचेल सैंटनर IPL में 19वें सीजन का पहला डबल हेडर आज खेला जाएगा। पहला मैच

सेहत का विज्ञान- गर्मियों के लिए समर हेल्थ गाइड:हीट, डिहाइड्रेशन से बचना है तो बदलें खानपान, जानें सही डाइट, न करें 4 गलतियां

सेहत का विज्ञान- गर्मियों के लिए समर हेल्थ गाइड:हीट, डिहाइड्रेशन से बचना है तो बदलें खानपान, जानें सही डाइट, न करें 4 गलतियां

गर्मियों में सिर्फ कम खाना ही नहीं, बल्कि सही और समझदारी से खाना ज्यादा जरूरी होता है। तेज गर्मी में शरीर पसीने के जरिए पानी के साथ-साथ जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे सोडियम और पोटेशियम भी खो देता है। इससे डिहाइड्रेशन, थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। साथ ही भूख कम लगना और पाचन धीमा होना भी आम समस्या है। ‘इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च’ की डाइटरी गाइडलाइंस के अनुसार, इस मौसम में पानी से भरपूर, हल्का और आसानी से पचने वाला खाना शरीर को बेहतर सपोर्ट करता है। गर्मियों ये खाएं, हाइड्रेशन और पाचन सही रहेगा इन्हें कैसे और कब खाना सबसे फायदेमंद? सुबह: पानी, तरबूज, खरबूजा या नींबू पानी। मिड-मॉर्निंग: छाछ या नारियल पानी। गोंद कतीरा: भिगोकर ½–1 चम्मच, दिन में (सुबह या दोपहर)। दोपहर: हल्का खाना- दाल, दही, मौसमी सब्जी और सलाद। शाम: फल, नट्स या भुने चने और छाछ। रात: जल्दी और हल्का खाएं। सूप या दाल-चावल के साथ लौकी/तोरी या दही-चावल। ऐसी 4 गलतियां, जो गर्मियों में नहीं करनी चाहिए गर्मियों में अक्सर हम प्यास बुझाने या पेट भरने के चक्कर में ऐसी गलतियां करते हैं, जो शरीर को ठंडा रखने की बजाय बीमारी और डिहाइड्रेशन का कारण बन जाती हैं। 1. ज्यादा कैफीन से डिहाइड्रेशन मायो क्लिनिक के अनुसार, 2–3 कप तक कैफीन आमतौर पर सुरक्षित होती है, लेकिन ज्यादा मात्रा लेने पर डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है। कैफीन पेशाब के जरिए शरीर से पानी और सोडियम बाहर निकालती है। इसलिए गर्मियों में ज्यादा कैफीन लेने से शरीर में पानी की कमी और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो सकता है। 2. बहुत ठंडा पानी पीने से पाचन धीमा बहुत ठंडा पानी पीने से शरीर में थोड़े समय के लिए ब्लड सर्कुलेशन बदल सकता है। नेचर साइंटिफिक रिपोर्ट्स यूके के अनुसार, ठंड से ब्लड वेसल्स सिकुड़ती हैं और पाचन थोड़ा धीमा हो सकता है। 4-5°C का पानी पीने पर शरीर उसे सामान्य तापमान तक लाने में ज्यादा ऊर्जा खर्च करता है। कुछ मामलों में ठंडा पानी माइग्रेन, ब्लोटिंग या रिफ्लक्स बढ़ सकता है। 3. ज्यादा शुगर और कोल्ड ड्रिंक्स से सुस्ती गर्मियों में ज्यादा शुगर वाले ड्रिंक्स या मीठा खाना प्यास और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ाता है। शुगर तुरंत एनर्जी देती है, लेकिन थोड़ी देर बाद थकान और सुस्ती महसूस होने लगती है। ज्यादा शुगर से शरीर का इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बिगड़ सकता है, वजन बढ़ सकता है और हीट एग्जॉशन का खतरा भी बढ़ जाता है। 4. रात को भारी खाना न खाएं गर्मियों में रात को भारी और मसालेदार खाना पाचन पर ज्यादा दबाव डालता है और शरीर का तापमान बढ़ा सकता है। ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन अमेरिका’ की स्टडी के अनुसार, मसालेदार खाना नींद को प्रभावित कर सकता है। इसलिए रात में हल्का और कम मसाले वाला खाना बेहतर रहता है, ताकि पाचन सही रहे और नींद भी अच्छी आए। रेणु रखेजा जानी-मानी न्यूट्रिशनिस्ट एवं हेल्थ कोच हैं। @consciouslivingtips

परवीन बाबी को सिगरेट पीते देख डायरेक्टर ने फिल्म दी:शाही परिवार से थीं; 3 लिव-इन रिलेशनशिप रहे, अमिताभ बच्चन को मानती थीं हत्यारा

परवीन बाबी को सिगरेट पीते देख डायरेक्टर ने फिल्म दी:शाही परिवार से थीं; 3 लिव-इन रिलेशनशिप रहे, अमिताभ बच्चन को मानती थीं हत्यारा

करीब साढ़े 400 साल पहले पश्तून बाबी वंश मुगल शासक हुमायूं के साथ गुजरात पहुंचा। यह अफगानिस्तान का शाही परिवार था, जो मुगल साम्राज्य का अहम हिस्सा बना और कई रियासतों पर शासन किया। मुगल सत्ता कमजोर होने पर बाबी और मराठा (गायकवाड़ वंश) में जंग हुई, जिसमें मराठाओं ने अधिकांश गुजरात पर कब्जा किया, लेकिन बाबी ने जुनागढ़, राधनपुर और बालासिनोर पर शासन जारी रखा। मोहम्मद महाबत खान-3, जूनागढ़ की रियासत के आखिरी नवाब रहे। महाबत खान के एक करीबी रिश्तेदार थे वली मोहम्मद खान बाबी। उन्होंने 1940 में जमाल बख्ते बाबी से शादी की। सालों तक उन्हें संतान नहीं हुई। 1947 में ब्रिटिश हुकूमत खत्म होने पर रियासतें खत्म कर सरकारें बनाई जाने लगीं और भारत-पाकिस्तान का बंटवारा हुआ। 15 अगस्त 1947 को आखिरी नवाब महाबत खान ने जूनागढ़ को पाकिस्तान में शामिल करने की घोषणा की, जिस पर लोगों ने आपत्ति जताई। 20 फरवरी 1948 के जनमत में 99% से ज्यादा लोगों ने भारत में शामिल होने का फैसला किया। जब सरकार बनी तो जूनागढ़ के नवाब माहबत के करीबी रिश्तेदार वली मोहम्मद खान की भी रियासत ले ली गई और बदले में उन्हें 100 बीघा जमीन यानी 40 एकड़ (17 लाख 42 हजार वर्ग फुट) दी गई। राजशाही खत्म होने के बावजूद वो शाही जिंदगी जीते थे। शादी के 14 साल बाद उनके घर खुशखबरी आई। पत्नी जमाल बख्ते ने जूनागढ़ की शाही हवेली में 4 अप्रैल 1954 को बेटी को जन्म दिया। नाम दिया गया, परवीन सुल्ताना वली मोहम्मद खानजी बाबी। वही परवीन बाबी जो हिंदी सिनेमा की मशहूर और टॉप एक्ट्रेसेस में शामिल रहीं। वही परवीन बाबी जो अपने ग्लैमर, वेस्टर्नाइजेशन और समय से आगे चलने वाली सोच के लिए जानी गईं। जब महिलाएं पर्दे पर भी सिगरेट थामने से कतराती थीं, तब परवीन बाबी मिनी स्कर्ट पहनकर सड़कों पर सिगरेट पीते हुए टहला करती थीं। जब डायरेक्टर बी.आर.इशारा ने उन्हें पहली बार देखा, तब उनकी इसी बोल्डनेस के मुरीद हो गए और उन्हें तुरंत फिल्म ऑफर कर दी। आज परवीन बाबी की 72वीं बर्थ एनिवर्सरी है। अगर आज वो होतीं, तो अपना 72वां जन्मदिन मनातीं। उनकी जिंदगी के आखिरी दिन बेहद दर्दनाक थे। अकेलेपन की हद ये थी कि जब उनकी मौत हुई तो 4 दिनों तक बॉडी बंद घर में सड़ती रही। आज परवीन बाबी की बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर जानिए उनके समय से आगे चलने और जिंदगी से जुड़े कुछ रोचक किस्से- 54 कमरों की हवेली में हुई परवरिश, पढ़ाई के लिए शर्त पर घर छोड़ा शाही परिवार में जन्मीं परवीन बाबी का बचपन जूनागढ़ की 54 कमरों की हवेली में बीता। इकलौती संतान को ऐशोआराम मिला और घर में 6 नौकर थे। 6 साल की उम्र में पिता का कैंसर से निधन हुआ, जिसके बाद वह दीवान चौक की दो मंजिला हवेली में रहने लगीं। शुरुआती पढ़ाई गुजराती मीडियम स्कूल से हुई। 14 साल की उम्र में मां ने उन्हें पढ़ाई के लिए अहमदाबाद भेजा, हालांकि परिवार इसके खिलाफ था। शर्त रखी गई कि जल्दी शादी कराई जाएगी, जिस पर मां मान गईं और उनका दाखिला सेंट जेवियर कॉलेज में हुआ। कॉलेज में कोर्स न होने के बावजूद परवीन बाबी ने खुद फर्राटे दार अंग्रेजी बोलना सीखा। आगे उन्होंने इंग्लिश और साइकोलॉजी में बेचलर डिग्री ली और अंग्रेजी में मास्टर डिग्री। शर्त के अनुसार 15 साल की उम्र में परवीन की सगाई कजिन जमील खान से हुई, जो पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन्स में पायलट थे। 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद मां ने सगाई तोड़ दी और परवीन को इसकी जानकारी पोस्टकार्ड से मिली। 17 की उम्र में सिगरेट पीती थीं, मिनी स्कर्ट पहनती थीं; यही देख ऑफर हुई फिल्म 1971 में डायरेक्टर बी.आर. इशारा अहमदाबाद में एक नांव दो किनारे की शूटिंग कर रहे थे। भीड़ के बीच उनकी नजर एक लड़की पर पड़ी, जो मिनी स्कर्ट में सिगरेट पी रही थी। लंबी कद-काठी और छरहरे बदन वाली वह लड़की चारमिना सिगरेट थामे हुए थी। वह लड़की परवीन बाबी थीं, जिनकी उम्र 17 साल थी। बी.आर. इशारा समझ गए कि वह खास हैं और उन्होंने फोटोग्राफर से उनकी तस्वीरें लेने को कहा। फोटोग्राफर ने तस्वीरें लीं और बी.आर. इशारा ने परवीन को बुलाकर पूछा- फिल्मों में काम करोगी। आमतौर पर कोई भी लड़की तुरंत हामी भर देती, लेकिन परवीन ने कहा, अगर स्क्रिप्ट पसंद आई तो। बी.आर.इशारा इस एक जवाब में समझ गए कि लड़की में कॉन्फिडेंट की भरमार है। वैसे तो वो कभी अपनी फिल्मों की हीरोइन से किसी तरह का कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं करवाते थे, लेकिन परवीन बाबी का मॉडर्न लुक देख वो भी सोच में पड़ गए। उन्हें लगा कि कहीं ये मॉडर्न ख्यालों वाली लड़की मन न बदल ले। उन्होंने तुरंत कॉन्ट्रैक्ट बनवाया, जिसमें एक ही बात थी कि जब तक उनकी फिल्म नहीं बनती, परवीन किसी दूसरी फिल्म का हिस्सा नहीं बन सकतीं। शाही परिवार से आने के बावजूद परवीन ने फिल्मों में आने का फैसला कर लिया। बेबाक अंदाज में फिल्म मांगी, लॉन्च के लिए डायरेक्टर ने उधार लिया बी.आर. इशारा कॉन्ट्रैक्ट के बाद दूसरी फिल्मों में व्यस्त हो गए और यह बात लगभग भूल गए। इस दौरान परवीन बाबी सितंबर 1971 में कालिको डोम के फैशन शो में शामिल हुईं, जहां साथ काम करने वालीं मॉडल ममता साहू ने उन्हें अपने डायरेक्टर पिता किशोर साहू को सुझाया। किशोर साहू ने परवीन से एक मुलाकात कर उन्हें फिल्म धुंएं की लकीर के लिए फाइनल कर लिया। तभी उन्हें बी.आर.इशारा के कॉन्ट्रैक्ट का पता चला। किशोर साहू ने तुरंत उन्हें कॉल किया और कहा कि जिस हीरोइन से आपका कॉन्ट्रैक्ट है, मैं उसके साथ फिल्म बनाना चाहता हूं। परवीन बाबी का नाम सुनकर उन्हें फिर वो लड़की याद आई। लेकिन उनकी फिल्म बनने में देरी थी, तो उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल कर परवीन को वो फिल्म करने की इजाजत दे दी। कुछ महीने बीते। बी.आर.इशारा, मुंबई के राजकमल स्टूडियो में एक फिल्म की मिक्सिंग के सिलसिले में पहुंचे थे। वो सीढ़ियों पर बैठे सिगरेट पी ही रहे थे कि अचानक परवीन उनके ठीक बाजू में आकर बैठ गईं। उन्होंने न हाल पूछा न कोई और बात की, सीधे कहा- आप मेरे साथ फिल्म क्यों नहीं बनाते। बी.आर.इशारा इस सवाल से घिर गए। उनके जहन

परवीन बाबी को सिगरेट पीते देख डायरेक्टर ने फिल्म दी:शाही परिवार से थीं; 3 लिव-इन रिलेशनशिप रहे, अमिताभ बच्चन को मानती थीं हत्यारा

परवीन बाबी को सिगरेट पीते देख डायरेक्टर ने फिल्म दी:शाही परिवार से थीं; 3 लिव-इन रिलेशनशिप रहे, अमिताभ बच्चन को मानती थीं हत्यारा

करीब साढ़े 400 साल पहले पश्तून बाबी वंश मुगल शासक हुमायूं के साथ गुजरात पहुंचा। यह अफगानिस्तान का शाही परिवार था, जो मुगल साम्राज्य का अहम हिस्सा बना और कई रियासतों पर शासन किया। मुगल सत्ता कमजोर होने पर बाबी और मराठा (गायकवाड़ वंश) में जंग हुई, जिसमें मराठाओं ने अधिकांश गुजरात पर कब्जा किया, लेकिन बाबी ने जुनागढ़, राधनपुर और बालासिनोर पर शासन जारी रखा। मोहम्मद महाबत खान-3, जूनागढ़ की रियासत के आखिरी नवाब रहे। महाबत खान के एक करीबी रिश्तेदार थे वली मोहम्मद खान बाबी। उन्होंने 1940 में जमाल बख्ते बाबी से शादी की। सालों तक उन्हें संतान नहीं हुई। 1947 में ब्रिटिश हुकूमत खत्म होने पर रियासतें खत्म कर सरकारें बनाई जाने लगीं और भारत-पाकिस्तान का बंटवारा हुआ। 15 अगस्त 1947 को आखिरी नवाब महाबत खान ने जूनागढ़ को पाकिस्तान में शामिल करने की घोषणा की, जिस पर लोगों ने आपत्ति जताई। 20 फरवरी 1948 के जनमत में 99% से ज्यादा लोगों ने भारत में शामिल होने का फैसला किया। जब सरकार बनी तो जूनागढ़ के नवाब माहबत के करीबी रिश्तेदार वली मोहम्मद खान की भी रियासत ले ली गई और बदले में उन्हें 100 बीघा जमीन यानी 40 एकड़ (17 लाख 42 हजार वर्ग फुट) दी गई। राजशाही खत्म होने के बावजूद वो शाही जिंदगी जीते थे। शादी के 14 साल बाद उनके घर खुशखबरी आई। पत्नी जमाल बख्ते ने जूनागढ़ की शाही हवेली में 4 अप्रैल 1954 को बेटी को जन्म दिया। नाम दिया गया, परवीन सुल्ताना वली मोहम्मद खानजी बाबी। वही परवीन बाबी जो हिंदी सिनेमा की मशहूर और टॉप एक्ट्रेसेस में शामिल रहीं। वही परवीन बाबी जो अपने ग्लैमर, वेस्टर्नाइजेशन और समय से आगे चलने वाली सोच के लिए जानी गईं। जब महिलाएं पर्दे पर भी सिगरेट थामने से कतराती थीं, तब परवीन बाबी मिनी स्कर्ट पहनकर सड़कों पर सिगरेट पीते हुए टहला करती थीं। जब डायरेक्टर बी.आर.इशारा ने उन्हें पहली बार देखा, तब उनकी इसी बोल्डनेस के मुरीद हो गए और उन्हें तुरंत फिल्म ऑफर कर दी। आज परवीन बाबी की 72वीं बर्थ एनिवर्सरी है। अगर आज वो होतीं, तो अपना 72वां जन्मदिन मनातीं। उनकी जिंदगी के आखिरी दिन बेहद दर्दनाक थे। अकेलेपन की हद ये थी कि जब उनकी मौत हुई तो 4 दिनों तक बॉडी बंद घर में सड़ती रही। आज परवीन बाबी की बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर जानिए उनके समय से आगे चलने और जिंदगी से जुड़े कुछ रोचक किस्से- 54 कमरों की हवेली में हुई परवरिश, पढ़ाई के लिए शर्त पर घर छोड़ा शाही परिवार में जन्मीं परवीन बाबी का बचपन जूनागढ़ की 54 कमरों की हवेली में बीता। इकलौती संतान को ऐशोआराम मिला और घर में 6 नौकर थे। 6 साल की उम्र में पिता का कैंसर से निधन हुआ, जिसके बाद वह दीवान चौक की दो मंजिला हवेली में रहने लगीं। शुरुआती पढ़ाई गुजराती मीडियम स्कूल से हुई। 14 साल की उम्र में मां ने उन्हें पढ़ाई के लिए अहमदाबाद भेजा, हालांकि परिवार इसके खिलाफ था। शर्त रखी गई कि जल्दी शादी कराई जाएगी, जिस पर मां मान गईं और उनका दाखिला सेंट जेवियर कॉलेज में हुआ। कॉलेज में कोर्स न होने के बावजूद परवीन बाबी ने खुद फर्राटे दार अंग्रेजी बोलना सीखा। आगे उन्होंने इंग्लिश और साइकोलॉजी में बेचलर डिग्री ली और अंग्रेजी में मास्टर डिग्री। शर्त के अनुसार 15 साल की उम्र में परवीन की सगाई कजिन जमील खान से हुई, जो पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन्स में पायलट थे। 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद मां ने सगाई तोड़ दी और परवीन को इसकी जानकारी पोस्टकार्ड से मिली। 17 की उम्र में सिगरेट पीती थीं, मिनी स्कर्ट पहनती थीं; यही देख ऑफर हुई फिल्म 1971 में डायरेक्टर बी.आर. इशारा अहमदाबाद में एक नांव दो किनारे की शूटिंग कर रहे थे। भीड़ के बीच उनकी नजर एक लड़की पर पड़ी, जो मिनी स्कर्ट में सिगरेट पी रही थी। लंबी कद-काठी और छरहरे बदन वाली वह लड़की चारमिना सिगरेट थामे हुए थी। वह लड़की परवीन बाबी थीं, जिनकी उम्र 17 साल थी। बी.आर. इशारा समझ गए कि वह खास हैं और उन्होंने फोटोग्राफर से उनकी तस्वीरें लेने को कहा। फोटोग्राफर ने तस्वीरें लीं और बी.आर. इशारा ने परवीन को बुलाकर पूछा- फिल्मों में काम करोगी। आमतौर पर कोई भी लड़की तुरंत हामी भर देती, लेकिन परवीन ने कहा, अगर स्क्रिप्ट पसंद आई तो। बी.आर.इशारा इस एक जवाब में समझ गए कि लड़की में कॉन्फिडेंट की भरमार है। वैसे तो वो कभी अपनी फिल्मों की हीरोइन से किसी तरह का कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं करवाते थे, लेकिन परवीन बाबी का मॉडर्न लुक देख वो भी सोच में पड़ गए। उन्हें लगा कि कहीं ये मॉडर्न ख्यालों वाली लड़की मन न बदल ले। उन्होंने तुरंत कॉन्ट्रैक्ट बनवाया, जिसमें एक ही बात थी कि जब तक उनकी फिल्म नहीं बनती, परवीन किसी दूसरी फिल्म का हिस्सा नहीं बन सकतीं। शाही परिवार से आने के बावजूद परवीन ने फिल्मों में आने का फैसला कर लिया। बेबाक अंदाज में फिल्म मांगी, लॉन्च के लिए डायरेक्टर ने उधार लिया बी.आर. इशारा कॉन्ट्रैक्ट के बाद दूसरी फिल्मों में व्यस्त हो गए और यह बात लगभग भूल गए। इस दौरान परवीन बाबी सितंबर 1971 में कालिको डोम के फैशन शो में शामिल हुईं, जहां साथ काम करने वालीं मॉडल ममता साहू ने उन्हें अपने डायरेक्टर पिता किशोर साहू को सुझाया। किशोर साहू ने परवीन से एक मुलाकात कर उन्हें फिल्म धुंएं की लकीर के लिए फाइनल कर लिया। तभी उन्हें बी.आर.इशारा के कॉन्ट्रैक्ट का पता चला। किशोर साहू ने तुरंत उन्हें कॉल किया और कहा कि जिस हीरोइन से आपका कॉन्ट्रैक्ट है, मैं उसके साथ फिल्म बनाना चाहता हूं। परवीन बाबी का नाम सुनकर उन्हें फिर वो लड़की याद आई। लेकिन उनकी फिल्म बनने में देरी थी, तो उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल कर परवीन को वो फिल्म करने की इजाजत दे दी। कुछ महीने बीते। बी.आर.इशारा, मुंबई के राजकमल स्टूडियो में एक फिल्म की मिक्सिंग के सिलसिले में पहुंचे थे। वो सीढ़ियों पर बैठे सिगरेट पी ही रहे थे कि अचानक परवीन उनके ठीक बाजू में आकर बैठ गईं। उन्होंने न हाल पूछा न कोई और बात की, सीधे कहा- आप मेरे साथ फिल्म क्यों नहीं बनाते। बी.आर.इशारा इस सवाल से घिर गए। उनके जहन

ग्वालियर में पति ने पत्नी में मारे चाकू:नशे की हालत में घर पहुंचा और करने लगा विवाद, बच्चियों ने शोर मचाकर मां को बचाया

ग्वालियर में पति ने पत्नी में मारे चाकू:नशे की हालत में घर पहुंचा और करने लगा विवाद, बच्चियों ने शोर मचाकर मां को बचाया

ग्वालियर के उपनगर मुरार में मामूली कहासुनी के बाद एक सनकी पति ने अपनी पत्नी पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। घटना के समय मौजूद बेटियों के शोर मचाने पर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिससे महिला की जान बच गई। आरोपी वारदात के बाद फरार हो गया, लेकिन बाद में पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। यह घटना शुक्रवार को पीतल कारखाने के पीछे सिंहपुर रोड इलाके में हुई। घायल महिला सुनीता बाथम अपने परिवार के साथ रहती है और सिलाई का काम कर परिवार का पालन-पोषण करती है। उसका पति कल्लू बाथम नशे का आदी बताया जा रहा है और अक्सर विवाद करता रहता था। शुक्रवार को वह नशे की हालत में घर पहुंचा और पत्नी से विवाद करने लगा। विवाद बढ़ने पर उसने चाकू उठाकर सुनीता पर कई वार कर दिए। इस दौरान उनकी बेटियां भी मौके पर मौजूद थीं, जिन्होंने शोर मचाया। शोर सुनकर परिजन और पड़ोसी मौके पर पहुंचे। हमले में सुनीता को पेट और हाथ में चोट आई है। घायल महिला को तुरंत पड़ोसियों ने मुरार स्थित माधवराव सिंधिया जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे वार्ड नंबर-6 में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। पुलिस ने जानकारी जुटाकर उसे पकड़ लिया और मुरार थाना पुलिस के हवाले कर दिया। घटना सुबह की बताई जा रही है, लेकिन घायल की हालत को देखते हुए पुलिस ने रात में जिला अस्पताल पहुंचकर उसके बयान दर्ज किए और देहाती नालसी के आधार पर एफआईआर दर्ज की। मुरार थाना पुलिस के अनुसार आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में घरेलू विवाद को ही हमले की वजह माना जा रहा है।

भोपाल में हनुमान जयंती जुलूस पर विवाद गहराया:आपत्तिजनक नारेबाजी के आरोप; कुरैशी समाज ने सख्त कार्रवाई की मांग की

भोपाल में हनुमान जयंती जुलूस पर विवाद गहराया:आपत्तिजनक नारेबाजी के आरोप; कुरैशी समाज ने सख्त कार्रवाई की मांग की

भोपाल में हनुमान जयंती के जुलूस को लेकर विवाद अब और गहरा गया है। ऑल इंडिया जमीयतुल कुरैश (एमपी) की ओर से थाना तलैया पुलिस को दिए गए ज्ञापन में स्पष्ट तौर पर ‘भानु हिंदू’ नामक व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है कि उसने जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। संगठन के प्रदेश महासचिव मोहम्मद रफीक कुरैशी ने बताया कि 2 अप्रैल 2026 को इस्लामपुरा-बुधवारा क्षेत्र से निकले धार्मिक जुलूस के दौरान यह घटना हुई। आरोप है कि जैसे ही जुलूस मुस्लिम बाहुल्य इलाके में पहुंचा, भानु ने समुदाय विशेष को निशाना बनाते हुए नारेबाजी की और अपमानजनक टिप्पणियां कीं, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में तनाव का माहौल बन गया। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो के जरिए नफरत फैलाने और दो समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने की कोशिश की जा रही है, जो शहर की गंगा-जमुनी तहजीब के लिए खतरा है। संगठन ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपी भानु के खिलाफ तत्काल प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, वायरल वीडियो की जांच कर उन्हें हटाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।

कांग्रेस बोली- किसान कल्याण नहीं किसान शोषण वर्ष मना रहे:खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा- पश्चिम एशिया में युद्ध के हालातों के बाद भी 78 लाख मीट्रिक टन खरीदी करेंगे

कांग्रेस बोली- किसान कल्याण नहीं किसान शोषण वर्ष मना रहे:खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा- पश्चिम एशिया में युद्ध के हालातों के बाद भी 78 लाख मीट्रिक टन खरीदी करेंगे

बारदानों की कमी को लेकर कांग्रेस के हमले के बीच खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए इस वर्ष 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। उधर, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा है कि मोहन सरकार किसान शोषण वर्ष मना रही है और किसानों को सुविधा नहीं दे रही है। खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत ने कहा कि किसानों को इस वर्ष 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ ही 40 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है। उन्होंने बताया है कि इस वर्ष किसानों का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले साल से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है। मंत्री राजपूत ने कहा कि किसानों को उपार्जन केंद्रों पर इंतजार न करना पड़े, इसके लिए उपार्जन प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा रही है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल 2026 से तथा शेष संभागों में 15 अप्रैल 2026 से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इस वर्ष वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी चुनौतियों के बावजूद किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य तय किया है। मंत्री राजपूत ने कहा कि पश्चिम एशिया में पिछले एक माह से युद्ध की स्थिति के कारण पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका थी, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की नियमित आपूर्ति की जा रही है, जिससे आमजन को किसी प्रकार की समस्या न हो। 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन मंत्री राजपूत ने कहा कि एलपीजी गैस की उपलब्धता बनाए रखने और औद्योगिक उपयोग में पेट्रोलियम पदार्थों की सीमाओं के कारण बारदानों की उपलब्धता में आई संभावित कठिनाइयों का भी समाधान कर लिया है। भारत सरकार ने मध्यप्रदेश को 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन किया है। साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए HDP/PP बैग और एक बार उपयोग होने वाले जूट बारदाने के उपयोग की अनुमति भी दी गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार लगातार बारदाना उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा कर राज्य सरकार को सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए आवश्यक बारदानों की व्यवस्था उपार्जन प्रारंभ होने से पूर्व पूरी कर ली जाएगी। मंत्री राजपूत ने बताया कि जिन जिलों में भंडारण क्षमता सीमित है, वहां संयुक्त भागीदारी योजना के तहत गोदाम की क्षमता के 120 प्रतिशत तक भंडारण की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। साथ ही केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मार्च-अप्रैल तथा मई-जून 2026 का खाद्यान्न एक साथ वितरित किया जाएगा, जिससे लगभग 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक अतिरिक्त भंडारण क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। “किसान कल्याण वर्ष नहीं, किसान शोषण वर्ष”- पटवारी दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में “किसान कल्याण वर्ष” के नाम पर “किसान शोषण वर्ष” मनाया जा रहा है। प्रदेशभर में किसानों को खाद के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ा, जहां महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की हुई, लाठियां चलीं और कई बुजुर्गों की जान तक चली गई, जबकि सरकार लगातार खाद की कमी से इनकार करती रही। पटवारी ने कहा कि सरकार युद्ध का हवाला देकर गेहूं खरीदी में देरी कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि वर्ष 2026 में 10 करोड़ बारदाने की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार ने मात्र 2 करोड़ 60 लाख बारदाने का ही आवेदन किया। लगभग 7.5 करोड़ बारदाने की कमी सरकार की घोर लापरवाही को दर्शाती है। पटवारी ने कहा कि बारदाना (जूट बैग) की कमी को लेकर सरकार युद्ध का हवाला देकर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि सच्चाई कुछ और है। उन्होंने कहा, यह कमी किसी युद्ध या बाहरी कारण से नहीं, बल्कि सरकार की अकर्मण्यता और लापरवाही का परिणाम है, जिसका खामियाजा प्रदेश के किसान भुगत रहे हैं। कांग्रेस करेगी मंडियों में प्रदर्शन पीसीसी चीफ पटवारी ने कहा कि गेहूं खरीदी की तारीखें लगातार आगे बढ़ाई जा रही हैं। पहले 16 मार्च, फिर 1 अप्रैल और अब 10 अप्रैल, और आगे भी बढ़ने की संभावना है। इस कुप्रबंधन के कारण किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर व्यापारियों को बेचनी पड़ी,लगभग 50 प्रतिशत किसान डिफाल्टर हो गए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी किसानों के समर्थन में प्रदेशभर की मंडियों में प्रदर्शन करेगी। भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ता एक दिन के उपवास पर बैठेंगे और कृषि मंत्री के निवास के बाहर धरना देकर किसानों की आवाज बुलंद करेंगे।