Thursday, 23 Apr 2026 | 03:26 PM

Trending :

EXCLUSIVE

‘डब्बा इंजन’: तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने इरोड में चुनावी रैली के दौरान बीजेपी का मजाक उड़ाया | चुनाव समाचार

Ramayana teaser features Ranbir Kapoor, Sai Pallavi, Yash and others.

आखरी अपडेट:02 अप्रैल, 2026, 13:06 IST तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इरोड रैली में भाजपा की डबल इंजन सरकार का डब्बा इंजन कहकर मजाक उड़ाया, कहा कि एनडीए हार जाएगी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (क्रेडिट: एक्स) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला किया और इसे “डब्बा इंजन” कहा। उनकी यह टिप्पणी तब आई जब वह विधानसभा चुनाव से पहले इरोड में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पर निशाना साधते हुए स्टालिन ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) पर भरोसा जताते हुए कहा कि चुनाव में एनडीए की हार होगी। रैली के दौरान, तमिलनाडु के सीएम ने एनडीए पर पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच एमएसएमई का “गला घोंटने” सहित “विश्वासघात” की एक श्रृंखला का भी आरोप लगाया। स्टालिन ने अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन की विफलताओं को गिनाया। उन्होंने कहा कि एनईईटी को रद्द करने में विफलता और सीएए को लागू करना लोगों के हितों के खिलाफ जाने वाले फैसले थे। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि “अमेरिकी टैरिफ के मुकाबले बुनकरों की रक्षा करने में असफल होना और पश्चिम एशिया संकट के दौरान एमएसएमई का गला घोंटना” एनडीए के साथ विश्वासघात था। स्टालिन ने एडप्पादी के पलानीस्वामी पर भी कटाक्ष किया और उन्हें “अपने करीबी रिश्तेदार को ठेका देने वाले व्यक्ति” (संबांडी) के रूप में संदर्भित किया। उन्होंने सीधे नाम लिए बिना टीटीवी दिनाकरन, अंबुमणि रामदास और अन्य एआईएडीएमके नेताओं पर भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए निशाना साधा। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 तमिलनाडु में चुनाव 23 अप्रैल, 2026 को होंगे और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। चुनाव में एक महीने से भी कम समय रह गया है और राज्य में चुनाव प्रचार जोरों पर है। 2121 विधानसभा चुनाव में क्या हुआ? पिछला तमिलनाडु विधानसभा चुनाव (2021) एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने जीता था। डीएमके ने 234 में से 133 सीटें जीतकर बहुमत का आंकड़ा आसानी से पार कर लिया। इसके गठबंधन (सेकुलर प्रोग्रेसिव अलायंस) को कुल 159 सीटें हासिल हुईं। एडप्पादी के पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने 66 सीटें जीतीं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तमिलनाडु, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 02 अप्रैल, 2026, 12:51 IST समाचार चुनाव ‘डब्बा इंजन’: तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने इरोड में चुनावी रैली के दौरान बीजेपी का मजाक उड़ाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)एमके स्टालिन बीजेपी आलोचना(टी)एमके स्टालिन रैली(टी)तमिलनाडु राजनीति(टी)डबल इंजन सरकार(टी)डब्बा इंजन टिप्पणी(टी)बीजेपी एनडीए गठबंधन(टी)इरोड चुनाव रैली(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव

सौरव गांगुली की बायोपिक की शूटिंग शुरू:‘दादा’ का रोल निभाने राजकुमार राव ने इंस्टाग्राम पोस्ट शेयर कर दी जानकारी

सौरव गांगुली की बायोपिक की शूटिंग शुरू:‘दादा’ का रोल निभाने राजकुमार राव ने इंस्टाग्राम पोस्ट शेयर कर दी जानकारी

एक्टर राजकुमार राव ने पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली की बायोपिक की शूटिंग शुरू कर दी है, जिसका टाइटल ‘दादा’ रखा गया है। इसकी जानकारी देते हुए बुधवार को राजकुमार ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, “और यह शुरू होता है… एकमात्र दादा।” बता दें कि बायोपिक को लव रंजन प्रोड्यूस और विक्रमादित्य मोटवाने डायरेक्ट कर रहे हैं। इससे पहले सौरव गांगुली ने बताया था कि फिल्म में उनका रोल राजकुमार राव निभाएंगे, हालांकि डेट्स की समस्या के कारण फिल्म को रिलीज होने में एक साल से अधिक समय लग सकता है। राजकुमार राव जल्द ही एक और बायोपिक ‘निकम’ में नजर आएंगे, जो वकील उज्ज्वल निकम की जिंदगी पर आधारित है। इसके अलावा वे ‘रफ्तार’ में दिखाई देंगे, जिसमें कीर्ति सुरेश भी हैं। यह फिल्म 24 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। गांगुली सबसे महान ODI बल्लेबाजों में से एक हैं सौरव गांगुली ने भारत के लिए 113 टेस्ट और 311 वनडे (ODI) मैच खेले। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 18,575 रन बनाए, जिसमें वनडे में 11,363 और टेस्ट में 7,212 रन शामिल हैं। गांगुली वनडे क्रिकेट के इतिहास में 11,000 से अधिक रन बनाने वाले दुनिया के चुनिंदा बल्लेबाजों में से एक हैं। कप्तान के तौर पर उन्होंने भारत को 21 टेस्ट जीत दिलाई और 2003 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचाया। गांगुली ने 2008 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। इसके बाद गांगुली 2015-2019 तक क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष भी रहे और 22 सितंबर 2025 से दोबारा इस पद पर हैं। गांगुली 23 अक्टूबर 2019 को BCCI के 39वें अध्यक्ष बने थे और 18 अक्टूबर 2022 तक इस पद पर रहे।

धुरंधर 2 का वर्ल्डवाइड कलेक्शन ₹1,466.47 करोड़ हुआ:14वें दिन भारत में फिल्म ने ₹20.10 करोड़ कमाए

धुरंधर 2 का वर्ल्डवाइड कलेक्शन ₹1,466.47 करोड़ हुआ:14वें दिन भारत में फिल्म ने ₹20.10 करोड़ कमाए

रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 का दुनिया भर में कलेक्शन करीब 1,466.47 करोड़ हो गया है। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के अनुसार, रिलीज के चौदहवें दिन (बुधवार) फिल्म ने भारत में 20.10 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। बता दें कि फिल्म पहले से ही दुनिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली चौथी भारतीय फिल्म बन चुकी है। अब फिल्म के आगे दंगल, बाहुबली 2 और पुष्पा 2 हैं। धुरंधर 2 का भारत में कुल नेट कलेक्शन 920.02 करोड़ रुपए और ग्रॉस कलेक्शन 1,101.47 करोड़ रुपए हो गया। ग्रॉस कलेक्शन टिकट से कुल कमाई और नेट कलेक्शन टैक्स के बाद की कमाई होती है। ओवरसीज में फिल्म ने 365.00 करोड़ रुपए कमाए, जिससे वर्ल्डवाइड ग्रॉस 1,466.47 करोड़ रुपए पहुंच गया। चौदहवें दिन फिल्म के हिंदी वर्जन ने 18.75 करोड़ रुपए की सबसे ज्यादा कमाई की। वहीं, तेलुगु में 85 लाख रुपए, तमिल में 30 लाख रुपए, कन्नड़ में 15 लाख रुपए और मलयालम में 5 लाख रुपए का कलेक्शन हुआ। धुरंधर को शानदार रिस्पॉन्स मिला था धुरंधर के पहले पार्ट ने भारत और अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और दुनियाभर में करीब 1,307 करोड़ रुपए कमाए। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 1,005.85 करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग 840 करोड़ रुपए हुआ। वहीं, 894.49 करोड़ रुपए की कमाई के साथ ही यह हिंदी भाषा में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी। विदेशी बाजारों में भी फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब 299.5 करोड़ रुपए कमाए। अमेरिका और कनाडा में 193.06 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर बाहुबली 2 का रिकॉर्ड भी तोड़ा। दिलचस्प बात यह थी कि फिल्म को खाड़ी देशों में रिलीज की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद शानदार सफलता मिली। साथ ही यह भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ‘A’ रेटेड फिल्म बनी। ……..……..……..…….. धुरंधर 2 से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… धुरंधर 2 रिव्यू; रणवीर की फिर दमदार परफॉर्मेंस: नोटबंदी और राजनीतिक कड़ियों से जुड़ी कहानी, जानिए कैसी है फिल्म रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 पहले पार्ट की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद बड़े स्केल पर लौटी है। इस बार फिल्म सिर्फ गैंगवार या बदले की कहानी नहीं रहती, बल्कि नोटबंदी से लेकर देश की कई बड़ी घटनाओं को जोड़ते हुए एक बड़ा नैरेटिव पेश करती है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

तेजाजी नगर इलाके में बाइक में आग:पूरी जलकर हुई खाक,बदमाशो ने दो बाइको को किया आग के हवाले

तेजाजी नगर इलाके में बाइक में आग:पूरी जलकर हुई खाक,बदमाशो ने दो बाइको को किया आग के हवाले

इंदौर के तेजाजी नगर में लिबोंदी गेट के सामने एक बाइक में देर रात आग लग गई। आग की सूचना के बाद पुलिस की गाडी वहां पहुंची। आसपास के लोगो ने आग पर काबू करने का प्रयास किया। लेकिन आग पूरी तरह से जलकर खाक हो गई। तेजाजी नगर पुलिस के मुताबिक लिंबोदी गेट पर रात डेढ बजे के लगभग एक बाइक में आग लगने की सूचना मिली थी। जानकारी के बाद यहां पुलिस की गाडी पहुंची थी। लेकिन फायर ब्रिगेड को मामले की सूचना नही दी गई। बिल्डीग के रहवासियो ने यहां आग को बुझाने का प्रयास किया। लेकिन आग से पूरी बाइक जलकर खाक हो गई। बदमाशो ने लगाई आग बाणगंगा में भी रविन्द्र पाल निवासी वृंदावन कॉलोनी किला मैदान में भी अज्ञात बदमाशो ने उनके यहां खडी दो बाइक में आग लगा दी। रविद्र पाल ने बताया कि बाइक भागवत राव और प्रेमसिंह कीर की थी। रात में उन्हें आग लगने की जानकारी लगी तो वह उठे। इस दौरान आसपास के लोगो की मदद से आग पर काबू किया गया। पुलिस के मुताबिक आसपास के सीसीटीवी कैमरो से आग लगाने वाले बदमाशो की जानकारी निकाली जा रही है।

हिमाचल में चिट्टा तस्करों के पंचायत चुनाव लड़ने पर रोक:प्रधान की जाएगी कुर्सी, सरकार ने कानून बदला; डिफाल्टर-ऑडिट रिकवरी वाले भी अयोग्य

हिमाचल में चिट्टा तस्करों के पंचायत चुनाव लड़ने पर रोक:प्रधान की जाएगी कुर्सी, सरकार ने कानून बदला; डिफाल्टर-ऑडिट रिकवरी वाले भी अयोग्य

हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करी में शामिल लोग पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। विधानसभा में आज (गुरुवार को) हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2026 बिना चर्चा के पारित कर दिया गया। अब इसे राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राज्यपाल की स्वीकृति मिलते ही यह प्रावधान प्रभावी हो जाएगा और चिट्टा तस्करी से जुड़े लोग चुनावी प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह द्वारा बीते बुधवार को इस विधेयक को सदन में पेश किया था। चुने जाने के बाद भी जाएगी कुर्सी इस संशोधन के तहत पंचायत जनप्रतिनिधियों पर भी सख्त प्रावधान लागू होंगे। यदि कोई प्रधान, उप प्रधान, वार्ड मेंबर, बीडीसी सदस्य या जिला परिषद सदस्य चुने जाने के बाद चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाया जाता है और उस पर आरोप तय हो जाते हैं, तो उसकी सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। ग्राम सभाओं के कोरम में बड़ा बदलाव विधेयक में ग्राम सभाओं के कोरम को लेकर भी अहम संशोधन किया गया है। अब तक ग्राम सभा के लिए 25 प्रतिशत परिवारों की उपस्थिति अनिवार्य थी, लेकिन नए प्रावधान के तहत इसे बदल दिया गया है। अब कुल परिवारों की बजाय कुल मतदाताओं में से 10 प्रतिशत की उपस्थिति को कोरम माना जाएगा। डिफाल्टर भी नहीं लड़ सकेंगे चुनाव संशोधन में सहकारी बैंकों और सोसाइटियों के डिफाल्टरों को भी चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा जिन लोगों पर पंचायत ऑडिट में रिकवरी लंबित है, वे भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। सरकार का उद्देश्य पंचायतों में वित्तीय अनुशासन लाना और साफ-सुथरी छवि वाले प्रतिनिधियों को बढ़ावा देना है। 3600 पंचायतों में चुनाव से पहले बड़ा असर प्रदेश की करीब 3600 पंचायतों में 31 मई से पहले चुनाव प्रस्तावित हैं। इसके लिए 7 अप्रैल तक आरक्षण रोस्टर तय किया जाना है। हर चुनाव में 60 हजार से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं। ऐसे में यह संशोधन बड़ी संख्या में संभावित उम्मीदवारों को प्रभावित करेगा और पंचायत चुनाव की तस्वीर बदल सकता है।गों को प्रभावित करेगा।

हिमाचल में पार्टी छोड़ने वाले विधायकों को पेंशन नहीं, सुक्खू सरकार ने पेश किया नया संशोधन विधेयक | शिमला समाचार

PSEB 5th 8th Result 2026 Live Updates: PSEB 5th, 8th exams were held in February-March. (Representative/File Photo)

आखरी अपडेट:02 अप्रैल, 2026, 08:39 IST हिमाचल सरकार ने दलबदल पर लगाम लगाने के लिए एक विधेयक पेश किया है. दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराए गए विधायकों को पेंशन और स्थायी लाभ नहीं मिलेंगे इसलिए इस संशोधन को लोकतंत्र को मजबूत करने और मतदाताओं के जनादेश की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उपाय के रूप में देखा जाता है। हिमाचल सरकार ने विधायकों के दलबदल पर लगाम लगाने के लिए अहम कदम उठाया है। बुधवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा भत्ते और पेंशन संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। एक बार अधिनियमित होने के बाद, विधेयक दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराए गए सांसदों को पेंशन लाभ प्राप्त करने से रोक देगा। संशोधन के प्रमुख प्रावधान विधेयक में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 14वीं विधानसभा या उसके बाद चुने गए सदस्य, जिन्हें संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत अयोग्य घोषित किया गया है, वे पेंशन के हकदार नहीं होंगे। इसे लागू करने के लिए मौजूदा 1971 अधिनियम की धारा 6-बी में एक नई उपधारा (2-ए) जोड़ी गई है। सरकार ने पाया है कि मौजूदा कानून में चुनाव के बाद विधायकों को दल बदलने से हतोत्साहित करने के लिए पर्याप्त प्रावधानों का अभाव है। निर्वाचित प्रतिनिधि कभी-कभी सार्वजनिक जनादेश के विपरीत पार्टियां बदल लेते हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और सार्वजनिक विश्वास दोनों को नुकसान पहुंचता है। इसलिए इस संशोधन को लोकतंत्र को मजबूत करने और मतदाताओं के जनादेश की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उपाय के रूप में देखा जाता है। वर्तमान पेंशन संरचना वर्तमान में, पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले विधायक विस्तारित सेवा के लिए अतिरिक्त वेतन वृद्धि के साथ, प्रति माह 50,000 रुपये की पेंशन के हकदार हैं। एक से अधिक कार्यकाल के लिए, सेवा के प्रत्येक अतिरिक्त वर्ष के लिए प्रति माह 1,000 रुपये अतिरिक्त दिए जाते हैं। 2030 से, पेंशन को मुद्रास्फीति सूचकांक के अनुसार हर पांच साल में संशोधित किया जाएगा। विधायक की मृत्यु की स्थिति में उनके परिवार को पेंशन का 50% मिलता है। इस संशोधन को राजनीतिक अखंडता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों के जनादेश की रक्षा करना और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखना है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि संशोधन कानून निर्माताओं को एक मजबूत संकेत भेजता है: पार्टियों को बदलने से न केवल राजनीतिक बल्कि वित्तीय परिणाम भी होंगे। पेंशन जैसे स्थायी लाभों की हानि, विधायकों को भविष्य में दल बदलने से पहले पुनर्विचार करने पर मजबूर कर सकती है। कानून निर्माता जो खो देंगे पेंशन इस समय हिमाचल प्रदेश का 14वां विधानसभा सत्र चल रहा है। 2024 के राज्यसभा चुनाव के दौरान, छह कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जिसके परिणामस्वरूप भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन को राज्यसभा सांसद के रूप में चुना गया। शामिल विधायक थे: -सुधीर शर्मा राजेंद्र राणा इंदर दत्त लखनपाल रवि ठाकुर चैतन्य शर्मा देवेन्द्र भुट्टो उस समय, कांग्रेस ने विनियोग विधेयक पर मतदान के लिए विधायकों को उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया था, लेकिन ये छह व्हिप का उल्लंघन करते हुए अनुपस्थित थे। परिणामस्वरूप, उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। इनमें चैतन्य शर्मा और देवेन्द्र भुट्टो पहली बार विधायक बने थे और पार्टी बदलने के कारण उनकी सदस्यता चली गयी। बाद के उप-चुनावों में, भाजपा ने सभी छह उम्मीदवार मैदान में उतारे; हालाँकि, देवेन्द्र भुट्टो, रवि ठाकुर और चैतन्य शर्मा हार गये। बाकी चार पहले विधायक रह चुके हैं। संशोधन के बाद, चैतन्य शर्मा और देवेंद्र कुमार भुट्टो अपनी पेंशन और अन्य लाभ खो देंगे, जबकि शेष विधायक 12वीं और 13वीं विधानसभा में अपनी सेवा से पेंशन के लिए पात्र रहेंगे। विधेयक के लिए अगले चरण विधानसभा में चर्चा के बाद संशोधन विधेयक पारित कर राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. राज्यपाल के विधेयक पर हस्ताक्षर करते ही संशोधित कानून के प्रावधान लागू हो जायेंगे. जगह : हिमाचल प्रदेश, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 02 अप्रैल, 2026, 08:39 IST समाचार शहर शिमला हिमाचल में पार्टी छोड़ने वाले विधायकों को पेंशन नहीं, सुक्खू सरकार ने पेश किया नया संशोधन विधेयक अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)हिमाचल प्रदेश दल-बदल विरोधी पेंशन बिल(टी)हिमाचल विधानसभा पेंशन संशोधन(टी)सुखविंदर सिंह सुक्खू बिल(टी)दलबदल विरोधी कानून भारत(टी)हिमाचल प्रदेश विधायकों की पेंशन(टी)पार्टी बदलने वाले विधायक(टी)राजनीतिक अखंडता हिमाचल(टी)राज्यसभा क्रॉस वोटिंग

पश्चिम बंगाल चुनाव: कांग्रेस ने सभी 294 बदमाशों के नाम तय किए, आखिरी लिस्ट में किसने कहां से दिए टिकट

पश्चिम बंगाल चुनाव: कांग्रेस ने सभी 294 बदमाशों के नाम तय किए, आखिरी लिस्ट में किसने कहां से दिए टिकट

अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (मठ सी.सी.) ने रविवार को पश्चिम बंगाल के शेष 10 विधानसभा क्षेत्रों के लिए की घोषणा कर दी। ये घोषणा इसी महीने फाइनली होने वाली है दो चरण की सीटों पर चुनाव की घोषणा. इससे पहले, 29 मार्च को, स्टूडियो ने राज्य की कुल 294 असेंबली में से 284 असेंबली की घोषणा की थी। इस ताजा सूची के साथ, पार्टी ने अब तक सभी 294 रिजॉर्ट के नाम तय कर दिए हैं। रविवार को घोषित किए गए 10 जिलों के नाम अलीपुरद्वार, इस्लामपुर, गाज़ोल, फरक्का, सागरदिघी, बेलडांगा, बदुरिया, अशोकनगर, श्रीरामपुर और पाटासपुर हैं। मासूम की इस ताज़ा सूची में कोई भी बड़ा राजनीतिक नाम शामिल नहीं है। कांग्रेस ने राज्य में सी क्रूज़ (एम) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चा के साथ मिलकर अपना पिछड़ा वर्ग गठबंधन गठबंधन तोड़कर सभी 294 विधानसभाओं पर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। कांग्रेस और वाम मोर्चा ने 2016 के चुनावी चुनावों से ही पार्टिसिपेंट्स की व्यवस्था के तहत सामूहिक चुनाव लड़ा था, जो 2024 के चुनावी नतीजों तक जारी है। 2021 विधानसभा चुनाव में, राज्य में न तो कांग्रेस और न ही वाम मोर्चा को कोई सीट मिली थी। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को होने हैं। पहले चरण में 152 पर मतदान होगा और दूसरे चरण में 142 पर मतदान होगा। राज्य में नामांकन मुकाबले में मुख्य रूप से चार-तरफा होने की उम्मीद है, जिसमें शामिल हैं, तेलंगाना कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), सी. अन्नाद्रमुक (एम) के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा और कांग्रेस शामिल होंगे। कुछ अल्पसंख्यक-बहुल रिक्वायरमेंट पर, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एइमाइम) और हुमायूँ कबीर की आम आदमी पार्टी (एयूपी) के बीच का गठबंधन भी प्रभावशाली दल हो सकता है। इससे पहले रविवार को, पश्चिम बंगाल के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि उन्होंने डोमिनिक जेफरीज के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (आर) के वैष्णव कांग्रेस के आंदोलन को समर्थन देते हुए उनकी अपील का, राज्य और पूरे देश, दोनों जगहों पर कोई जवाब नहीं दिया।

केरल चुनाव 2026: केरल में चुनावी प्रचार करते हुए राजनाथ सिंह ने की ये किस फिल्म का खुलासा, अब आया बयान वायरल

केरल चुनाव 2026: केरल में चुनावी प्रचार करते हुए राजनाथ सिंह ने की ये किस फिल्म का खुलासा, अब आया बयान वायरल

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को केरल में आयोजित चुनावी सभा में कहा कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एल एफसी) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यू पीडीएफ) के एक ही राजनीतिक दल ने दो मुखौटे को छोड़ दिया है, जो राज्य में समर्थक हैं लेकिन बाकी सभी लोग सहयोगी हैं। सिंह ने कोच्चि और तिरुवनंतपुरम के परवूर और नेगुमंगद क्षेत्र के इलाकों में अपने भाषणों के दौरान मलयालम फिल्मों का भी जिक्र किया, जिनमें बेसिल जोसेफ की फिल्म ‘पोनमैन’ और ममूटी की प्रसिद्ध ‘ब्रह्मयुगम’ शामिल हैं। उन्होंने केरल के दो इलेक्ट्रिकल प्लॉटों के लिए संबंधित संपत्तियों का चुनाव किया। रक्षा मंत्री ने मुकेश खन्ना की भूमिका निभाते हुए हिंदी सुपरस्टार धारावाहिकों का ज़िक्र करते हुए कहा कि जिस तरह के हीरो शक्तिमान का दूसरा रूप पंडित गंगाधर था, उसी तरह यूनाइटेड डेमोक्रेटिक मोर्चा (यू फ़्लोरिडा) और वाम डेमोक्रेटिक मोर्चा (एल फ़्लोरिडा) एक समान हैं। सिंह ने सुपरस्टार ममूटी अभिनीत फिल्म ‘ब्रह्मयुगम’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केरल में सभी ने ‘ब्रह्मयुगम’ फिल्म की समीक्षा की होगी और लोग सत्ययुगम की ओर रुख करेंगे, जिससे संकेत मिलता है कि भाजपा राज्य में सत्ता में आएगी। रक्षा मंत्री ने 2020 में राज्य गोल्डन गोल्ड के संदर्भ में ‘पोनमैन’ फिल्म का जिक्र किया और दावा किया कि इसमें केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के करीबी लोग शामिल थे। उन्होंने ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म का भी ज़िक्र किया और कहा कि केरल की कहानी के बारे में कोई जानकारी नहीं होनी चाहिए जो फिल्म में दिखाई दी हो। सिंह ने कहा, “यह विकास, प्रगति, समृद्धि और शांति के बारे में होना चाहिए।” केरल में विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा।

बंगाल में 35 दिनों में ₹274 करोड़ का सामान जब्त:राहुल गांधी ने बस में यमराज से मुलाकात का वीडियो शेयर किया

बंगाल में 35 दिनों में ₹274 करोड़ का सामान जब्त:राहुल गांधी ने बस में यमराज से मुलाकात का वीडियो शेयर किया

पश्चिम बंगाल में 26 फरवरी से 1 अप्रैल तक पुलिस ने ₹274 करोड़ से ज्यादा के कैश, शराब, नशीले पदार्थ और अन्य सामान जब्त किए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ऑफिस ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। इन जब्तियों में ₹6.56 करोड़ कैश और ₹43.37 करोड़ की शराब शामिल हैं। इधर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को X पर यमराज से मुलाकात का वीडियो शेयर किया है। राहुल गांधी ने बताया कि यह मुलाकात केरल के बालुस्सेरी में बस यात्रा के दौरान हुई। वीडियो में यमराज के वेश में एक व्यक्ति उनसे बातचीत करता नजर आता है। राहुल ने मजाकिया अंदाज में कहा कि UDF की ₹25 लाख रुपए तक की हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम से यमराज खुश नहीं हैं, क्योंकि इससे उनका काम कम हो जाएगा, लेकिन उनके लिए कोई दूसरा काम खोज लिया जाएगा। चुनाव से जुड़े बड़े अपडेट्स:

कनाडा में गुरुद्वारे साहिब में हिंसक झड़प:खालिस्तान समर्थकों ने बुजुर्ग कमेटी के कार्यक्रम में किया हंगामा; 7 साल से कब्जा करने का आरोप

कनाडा में गुरुद्वारे साहिब में हिंसक झड़प:खालिस्तान समर्थकों ने बुजुर्ग कमेटी के कार्यक्रम में किया हंगामा; 7 साल से कब्जा करने का आरोप

कनाडा के सरे शहर के गुरु नानक सिख गुरुद्वारे में कमेटी कंट्रोल को लेकर हिंसक झड़प हो गई। खालिस्तानी गुट ने बुजुर्गों द्वारा चलाई जा रही सोसायटी पर कब्जा करने की कोशिश की। जिससे धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें गुरुद्वारे के हॉल में भीड़ और हिंसा दिख रही है। यह वीडियो 30 मार्च का बताया जा रहा है। दरअसल 30 मार्च को गुरुद्वारे में बुजुर्ग कमेटी के सदस्यों के बीच बैठक चल रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने बैनर लगाकर कमेटी पर कब्जा करने की कोशिश की। संगत ने इसका विरोध किया तो माहौल बिगड़ गया। लोग धक्का-मुक्की करने लगे और बात हाथापाई तक पहुंच गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग किया। पुलिस के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। यह गुरुद्वारा खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर से जुड़ा माना जाता है, जिसकी 2023 में यहीं की पार्किंग में हत्या हो गई थी। उसके बाद से यहां कमिटी कंट्रोल को लेकर तनाव बना हुआ है। गुरुद्वारा साहिब के कंट्रोल को लेकर पहले भी विवाद होते रहे हैं। खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद खालिस्तान समर्थकों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। इस वजह से सरे में रहने वाले सिख खालिस्तान समर्थकों का विरोध करने लगे हैं। 88 सेकंड के वायरल वीडियो में क्या हो रहा है, सिलसिलेवार जानिए… दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे एक पक्ष का कहना है कि 7 साल से निज्जर समर्थक गुट गुरुद्वारे पर कब्जा किए हुए है। बुजुर्गों की पुरानी कमेटी को हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे खालिस्तान समर्गुथकों के गुट की साजिश बताया है। दूसरी ओर, गुरुद्वारे के कुछ समर्थक और वैंकूवर सरे टाइम्स जैसे अकाउंट्स ने इसे सुनयोजित घटना करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि पेड इंडियन गुंडों ने गुरुद्वारे में घुसकर हिंसा फैलाई। सोशल मीडिया पोस्ट में इसे विदेशी दखलंदाजी बतायाऔर कहा कि यह सिख संस्थानों की संप्रभुता पर हमला है। सोशल मीडिया पर हो रही वीडियो वायरल सोशल मीडिया पर गुरुद्वारा साहिब के अंदर हो रही लड़ाई का वीडियो वायरल हो रहा है। दोनों गुटों के समर्थक अपने अपने हिसाब से इस वीडियो को वायरल कर रहे हैं। बुजुर्ग कमेटी वाले खालिस्तान समर्थकों पर गुरुद्वारा साहिब पर कब्जा करने के आरोप लगा रहे हैं जबकि खालिस्तान समर्थक बुजुर्ग कमेटी के सदस्यों को भारत का एजेंट बता रहे हैं।