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मंदसौर में 18 दिन कम उम्र पर बाल विवाह रुकवाया:17 साल 11 माह के दूल्हे की शादी टली, टीम ने समझाइश देकर ऑब्जर्वेशन होम भेजा

मंदसौर में 18 दिन कम उम्र पर बाल विवाह रुकवाया:17 साल 11 माह के दूल्हे की शादी टली, टीम ने समझाइश देकर ऑब्जर्वेशन होम भेजा

मंदसौर जिले के ग्राम अरनिया मीणा में गुरुवार को बाल विवाह की सूचना मिलने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। इस दौरान एक नाबालिग बालक का विवाह रुकवा दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रभारी अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलते ही विभागीय टीम और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच की। जांच में पाया गया कि बालक की आयु लगभग 17 वर्ष 11 माह 28 दिन है, जो कानूनी रूप से निर्धारित विवाह आयु से कम है। अधिकारियों ने मौके पर विवाह की तैयारियों में जुटे बालक के परिजनों को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों और इसके दुष्परिणामों के बारे में समझाया। इसके बाद विवाह की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया। इस कार्रवाई में महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस प्रशासन, पैरालीगल वॉलंटियर्स और वन स्टॉप सेंटर (OSC) के कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्रवाई के तहत बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। उसे अस्थायी रूप से ऑब्जर्वेशन होम (OSC) में रखा गया है। अधिकारियों ने बालक और उसके माता-पिता को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह एक दंडनीय अपराध है, जिसमें शामिल व्यक्तियों को दो वर्ष तक का कारावास या एक लाख रुपए तक का जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि विवाह के लिए बालिका की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और बालक की 21 वर्ष होना अनिवार्य है। प्रशासन ने आमजन से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने में सहयोग की अपील की है, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।

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