मधुर भंडारकर बोले- धुरंधर 2 एटम बम जैसी:साउथ स्टार्स ने तारीफ की लेकिन बॉलीवुड चुप है; एकता की कमी पर उठाए सवाल

फिल्म मेकर मधुर भंडारकर ने फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की जमकर तारीफ की है। फरीदून शहरयार के साथ बातचीत में भंडारकर ने फिल्म की सफलता को ऐतिहासिक बताया, लेकिन फिल्म पर बॉलीवुड की ‘चुप्पी’ पर नाराजगी भी जताई। उन्होंने कहा कि यह फिल्म इंडस्ट्री के पुराने ढर्रे को बदलने वाली साबित होगी। मधुर भंडारकर ने राम गोपाल वर्मा के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने फिल्म को इंडस्ट्री के नीचे ‘एटम बम’ फटने जैसा बताया था। भंडारकर ने कहा, मैं रामू जी की बात से पूरी तरह सहमत हूं। हम दोनों ही वो पहले लोग थे जिन्होंने फिल्म देखने के बाद तुरंत ट्वीट किया था। मैंने इसे पेड प्रिव्यू में देखा और आदित्य धर को फोन कर बताया कि फिल्म कितनी शानदार है। सच कहूं तो मुझे ‘धुरंधर 1’ से भी ज्यादा ‘धुरंधर 2’ पसंद आई। साउथ के स्टार्स बोले, पर बॉलीवुड क्यों चुप? भंडारकर ने बॉलीवुड में समर्थन की कमी पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा, मैंने महेश बाबू, अल्लू अर्जुन, राम चरण और रजनीकांत सर जैसे साउथ के बड़े सितारों के ट्वीट देखे। वे फिल्म की खुलकर तारीफ कर रहे हैं। लेकिन मैं हैरान हूं कि मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री से आदित्य धर को वो सराहना और सपोर्ट नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। फिल्म पसंद आए या न आए, लेकिन ऐसी बड़ी कामयाबी को स्वीकार करना और उसकी तारीफ करना जरूरी है। फिल्म इंडस्ट्री में एकता की भारी कमी इंडस्ट्री में एकता के मुद्दे पर बात करते हुए मधुर ने कहा, मैं हमेशा कहता हूं कि बॉलीवुड में यूनिटी नहीं है। मेकर्स और एक्टर्स को खुलकर साथ आना चाहिए था। एक फिल्म जब इतना अच्छा करती है, तो उसका फायदा सिर्फ एक इंसान को नहीं बल्कि स्पॉट बॉय, टेक्नीशियन और म्यूजिक डायरेक्टर जैसे हर विभाग को मिलता है। आदित्य धर ने इंडस्ट्री में नई जान फूंक दी है, जो पिछले दो साल से खराब दौर से गुजर रही थी। आदित्य धर के विजन का मुकाबला नहीं भंडारकर ने इसे ‘डायरेक्टर की फिल्म’ बताया। उन्होंने कहा, आपके पास कितना भी पैसा हो, लेकिन आप आदित्य धर जैसा दिमाग नहीं ला सकते। आज लोग 1 मिनट का वीडियो पूरा नहीं देखते, लेकिन इस फिल्म को देखने के लिए लोग रात के 2:45 बजे तक थियेटर्स में बैठे रहे। फिल्म का स्क्रीनप्ले और डिटेलिंग जबरदस्त है। खासकर क्लायमैक्स में रणवीर सिंह के किरदार के साथ जो इमोशनल कनेक्शन जुड़ता है, वो रोंगटे खड़े कर देने वाला है। मैंने लोगों को थियेटर में रोते हुए देखा है। लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही धुरंधर 2 ‘धुरंधर: द रिवेंज’ 19 मार्च को रिलीज हुई थी और महज 13 दिनों में इसने घरेलू बाजार में ₹1,000 करोड़ का आंकड़ा पार कर इतिहास रच दिया है। फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन ₹1,435 करोड़ के पार पहुंच चुका है।
मधुर भंडारकर बोले- धुरंधर 2 एटम बम जैसी:साउथ स्टार्स ने तारीफ की लेकिन बॉलीवुड चुप है; एकता की कमी पर उठाए सवाल

फिल्म मेकर मधुर भंडारकर ने फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की जमकर तारीफ की है। फरीदून शहरयार के साथ बातचीत में भंडारकर ने फिल्म की सफलता को ऐतिहासिक बताया, लेकिन फिल्म पर बॉलीवुड की ‘चुप्पी’ पर नाराजगी भी जताई। उन्होंने कहा कि यह फिल्म इंडस्ट्री के पुराने ढर्रे को बदलने वाली साबित होगी। मधुर भंडारकर ने राम गोपाल वर्मा के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने फिल्म को इंडस्ट्री के नीचे ‘एटम बम’ फटने जैसा बताया था। भंडारकर ने कहा, मैं रामू जी की बात से पूरी तरह सहमत हूं। हम दोनों ही वो पहले लोग थे जिन्होंने फिल्म देखने के बाद तुरंत ट्वीट किया था। मैंने इसे पेड प्रिव्यू में देखा और आदित्य धर को फोन कर बताया कि फिल्म कितनी शानदार है। सच कहूं तो मुझे ‘धुरंधर 1’ से भी ज्यादा ‘धुरंधर 2’ पसंद आई। साउथ के स्टार्स बोले, पर बॉलीवुड क्यों चुप? भंडारकर ने बॉलीवुड में समर्थन की कमी पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा, मैंने महेश बाबू, अल्लू अर्जुन, राम चरण और रजनीकांत सर जैसे साउथ के बड़े सितारों के ट्वीट देखे। वे फिल्म की खुलकर तारीफ कर रहे हैं। लेकिन मैं हैरान हूं कि मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री से आदित्य धर को वो सराहना और सपोर्ट नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। फिल्म पसंद आए या न आए, लेकिन ऐसी बड़ी कामयाबी को स्वीकार करना और उसकी तारीफ करना जरूरी है। फिल्म इंडस्ट्री में एकता की भारी कमी इंडस्ट्री में एकता के मुद्दे पर बात करते हुए मधुर ने कहा, मैं हमेशा कहता हूं कि बॉलीवुड में यूनिटी नहीं है। मेकर्स और एक्टर्स को खुलकर साथ आना चाहिए था। एक फिल्म जब इतना अच्छा करती है, तो उसका फायदा सिर्फ एक इंसान को नहीं बल्कि स्पॉट बॉय, टेक्नीशियन और म्यूजिक डायरेक्टर जैसे हर विभाग को मिलता है। आदित्य धर ने इंडस्ट्री में नई जान फूंक दी है, जो पिछले दो साल से खराब दौर से गुजर रही थी। आदित्य धर के विजन का मुकाबला नहीं भंडारकर ने इसे ‘डायरेक्टर की फिल्म’ बताया। उन्होंने कहा, आपके पास कितना भी पैसा हो, लेकिन आप आदित्य धर जैसा दिमाग नहीं ला सकते। आज लोग 1 मिनट का वीडियो पूरा नहीं देखते, लेकिन इस फिल्म को देखने के लिए लोग रात के 2:45 बजे तक थियेटर्स में बैठे रहे। फिल्म का स्क्रीनप्ले और डिटेलिंग जबरदस्त है। खासकर क्लायमैक्स में रणवीर सिंह के किरदार के साथ जो इमोशनल कनेक्शन जुड़ता है, वो रोंगटे खड़े कर देने वाला है। मैंने लोगों को थियेटर में रोते हुए देखा है। लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही धुरंधर 2 ‘धुरंधर: द रिवेंज’ 19 मार्च को रिलीज हुई थी और महज 13 दिनों में इसने घरेलू बाजार में ₹1,000 करोड़ का आंकड़ा पार कर इतिहास रच दिया है। फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन ₹1,435 करोड़ के पार पहुंच चुका है।
कलेक्टर ने सेमली-बोकराटा में किया श्रमदान:जल गंगा संवर्धन के तहत नए तालाबों का निरीक्षण, कहा- जल बचाना चाहिए

बड़वानी में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान 2026’ चलाया जा रहा है। कलेक्टर जयति सिंह ने बुधवार को पाटी विकासखंड के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर जल संरक्षण कार्यों में सहभागिता की और निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण किया। कलेक्टर सिंह ने पाटी विकासखंड के ग्राम सेमली पहुंचकर स्थानीय सरपंच, ग्राम पटेल और ग्रामीणों के साथ मिलकर ‘बोरी बंधान’ का कार्य किया। उन्होंने स्वयं श्रमदान कर ग्रामीणों का उत्साहवर्धन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय संसाधनों के माध्यम से छोटे-छोटे अवरोध बनाकर वर्षा जल को सहेजना और भू-जल स्तर को बढ़ाना है। इसके पश्चात, कलेक्टर ने ग्राम बोकराटा में भी चल रहे बोरी बंधान कार्यों का जायजा लिया और श्रमदान कर ग्रामीणों को जल सहेजने का संदेश दिया। उन्होंने जनपद पाटी के ग्राम चारपटिया और सावरियापानी का भी भ्रमण किया। यहां उन्होंने निर्माणाधीन नवीन तालाबों की प्रगति और कार्य की गुणवत्ता का सूक्ष्म निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि समस्त निर्माण कार्य मानसूनी वर्षा से पूर्व समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, ताकि आगामी वर्षा ऋतु में जल संग्रहण का अधिकतम लाभ मिल सके। कलेक्टर ने उपस्थित ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि जल संरक्षण केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन है। तालाबों और बोरी बंधान के माध्यम से एकत्रित पानी न केवल सिंचाई में सहायक होगा, बल्कि इससे क्षेत्र के कुओं और हैंडपंपों का जल स्तर भी बना रहेगा।
ग्वालियर में युवक लापता, मां ने एसएसपी से गुहार लगाई:मारपीट के बाद गायब हुआ किशोर, फायरिंग का वीडियो भी सौंपा

ग्वालियर में एक किशोर की मारपीट के बाद लापता होने का मामला सामने आया है। शहर के लाइन नंबर 8 क्षेत्र में रहने वाली प्रीति रजक ने अपने बेटे की तलाश के लिए पुलिस अधीक्षक से मदद की गुहार लगाई है। पुलिस को दिए आवेदन के अनुसार, प्रीति रजक अपने दो नाबालिग बेटों के साथ रहती हैं। उनका बड़ा बेटा चुन्नू उर्फ कृष्णा 26-27 तारीख की दरमियानी रात करीब 2 बजे मारपीट का शिकार हुआ था। काम से लौटते समय युवक ने रोका आवेदन में बताया गया कि कृष्णा क्रोकरी का काम करके घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में आयुष खटीक नाम का युवक मिला, जिसने उसे रोक लिया। परिजनों के अनुसार, आयुष ने किशोर को गलत काम करने के लिए उकसाया। मना करने पर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। घटना के बाद से घर से गायब मारपीट की घटना के बाद से कृष्णा भयभीत हो गया और अगले दिन से ही घर से लापता है। परिजन उसकी तलाश में जुटे हैं, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। पीड़ित मां ने एसएसपी से मुलाकात कर घटना की जानकारी दी और फायरिंग से जुड़ा एक वीडियो भी सौंपा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने संबंधित थाना पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने और किशोर की तलाश तेज करने के निर्देश दिए हैं। जांच जारी, आरोपी की तलाश पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। किशोर का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
दतिया विधायक राजेंद्र भारती दोषी करार:सुप्रीम कोर्ट ने भूमि विकास बैंक मामले में धारा 420 के तहत दोषी ठहराया

दतिया विधायक राजेंद्र भारती को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को भूमि विकास बैंक से जुड़े एक मामले में धारा 420 के तहत दोषी करार दिया है। न्यायालय के आदेश के बाद उन्हें गिरफ्तार कर दिल्ली की जेल भेज दिया गया है।
‘गलत व्याख्या’: निशिकांत दुबे ने बीजू पटनायक ‘सीआईए लिंक’ टिप्पणी पर माफ़ी मांगी | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:01 अप्रैल, 2026, 15:56 IST दुबे ने आरोप लगाया था कि बीजू पटनायक ने 1960 के दशक के दौरान पूर्व प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू और सीआईए के बीच एक कड़ी के रूप में काम किया था। लोकसभा में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे. (संसद टीवी) भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बुधवार को ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के बारे में अपनी टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद के बाद माफी मांगी, जिस पर विशेष रूप से राज्य में तीखी प्रतिक्रियाएं हुईं। एक्स पर एक पोस्ट में दुबे ने कहा कि उनकी पिछली टिप्पणियों का गलत मतलब निकाला गया। उन्होंने लिखा, “पिछले हफ्ते, मीडिया से बात करते समय, नेहरू-गांधी परिवार के कारनामों के बारे में मेरी टिप्पणियों की गलत व्याख्या की गई, विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री और भारत के अग्रणी नेताओं में से एक माननीय श्री बीजू पटनायक जी के संदर्भ में।” उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू पर उनके विचारों को गलती से बीजू पटनायक से जोड़ दिया गया। उन्होंने कहा, “बीजू बाबू हमेशा हमारे लिए एक महान राजनेता रहे हैं और रहेंगे। अगर मेरे बयान से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो मैं बिना शर्त माफी मांगता हूं।” पिछली बार मीडिया से बात करते हुए मैंने नेहरू गांधी परिवार के कारनामों के क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भारत के नेताओं के स्थान पर रहने वाले आदर्श श्री बीजू पटनायक जी के संदर्भ में मेरी बातें बताईं। पहले तो यह मेरा व्यक्तिगत बयान है। नेहरू जी के ऊपर मेरे…- डॉ. निशिकांत दुबे (@nishikanth_dubey) 1 अप्रैल, 2026 विवाद पिछले हफ्ते शुरू हुआ जब दुबे ने आरोप लगाया कि बीजू पटनायक ने 1960 के दशक के दौरान, खासकर चीन के साथ 1962 के युद्ध के दौरान पूर्व प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू और सीआईए के बीच एक कड़ी के रूप में काम किया था। 27 मार्च को पोस्ट की एक श्रृंखला में, दुबे ने यह भी दावा किया कि नेहरू-गांधी परिवार ने “अमेरिका के दलाल” के रूप में काम किया था और सुझाव दिया था कि युद्ध अमेरिकी समर्थन और धन से लड़ा गया था। इस टिप्पणी की ओडिशा में कड़ी प्रतिक्रिया हुई, जहां बीजू पटनायक का व्यापक रूप से सम्मान किया जाता है। बीजद अध्यक्ष और उनके बेटे, नवीन पटनायक ने दुबे की टिप्पणियों की आलोचना की थी, उन्हें “अपमानजनक” बताया था और कहा था कि भाजपा नेता को ऐसे बयान देने के लिए “मानसिक चिकित्सक के ध्यान” की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त, ओडिशा के राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा ने भी संचार पर संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा दे दिया था, यह कहते हुए कि वह किसी ऐसे व्यक्ति की अध्यक्षता वाले पैनल में बने नहीं रह सकते जिसने एक सम्मानित नेता के बारे में “अपमानजनक टिप्पणी” की थी। पात्रा ने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए एक्स शनिवार को एक पोस्ट में कहा था, “मैं श्री निशिकांत दुबे की अध्यक्षता में संचार और आईटी पर संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा दे रहा हूं। मैं अच्छे विवेक से ऐसे किसी व्यक्ति के अधीन काम नहीं कर सकता जो एक राष्ट्रीय आइकन के बारे में ऐसी अपमानजनक टिप्पणी करता है। बीजू पटनायक जी की विरासत हमेशा क्षुद्र राजनीति से ऊपर रहेगी।” (एजेंसियों से इनपुट के साथ) पहले प्रकाशित: 01 अप्रैल, 2026, 15:56 IST समाचार राजनीति ‘गलत व्याख्या’: निशिकांत दुबे ने बीजू पटनायक ‘सीआईए लिंक’ टिप्पणी पर माफ़ी मांगी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) निशिकांत दुबे माफी(टी)बीजू पटनायक विवाद(टी)बीजेपी सांसद की टिप्पणी(टी)ओडिशा राजनीतिक प्रतिक्रिया(टी)नेहरू-गांधी परिवार की आलोचना(टी)सीआईए के आरोप भारत(टी)नवीन पटनायक प्रतिक्रिया(टी)सस्मित पात्रा का इस्तीफा
पन्ना पुलिस ने शातिर ठग गिरोह का किया खुलासा:किसानों को खाद-बीज डिस्ट्रीब्यूटर बनाने का झांसा देकर की लाखों की ठगी

पन्ना पुलिस ने किसानों को खाद-बीज डिस्ट्रीब्यूटर बनाने का झांसा देकर लाखों रुपए ठगने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह खुद को बड़ी कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर ग्रामीणों को अपना शिकार बनाता था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब शाहनगर क्षेत्र के ग्राम बोरी निवासी मुकेश कुमार साहू ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। साहू ने बताया कि कुछ जालसाजों ने उन्हें खाद-बीज का डिस्ट्रीब्यूटर बनाने का लालच दिया और उनसे 2 लाख 34 हजार 500 रुपये ठग लिए। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने पुलिस की मदद ली। शिकायत के बाद पुलिस की साइबर सेल और मुखबिरों की मदद से सीतापुर, उत्तर प्रदेश से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गोपीचंद्र (42 वर्ष) और कन्हैया लाल यादव (32 वर्ष) के रूप में हुई है, दोनों सीतापुर, यूपी के निवासी हैं। गिरोह का एक अन्य साथी अनूप अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट कार, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 5 लाख रुपये है, और 15,000 रुपये नकद बरामद किए हैं। कुल मिलाकर, पुलिस ने लगभग 5 लाख 15 हजार रुपये का सामान जब्त किया है। पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह केवल पन्ना ही नहीं, बल्कि कटनी, मऊगंज, जबलपुर और झांसी जैसे शहरों में भी इसी तरह की ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। ये आरोपी फर्जी आईडी और कंपनियों के फर्जी प्रतिनिधि बनकर लोगों को झांसा देते थे। इस सफल कार्रवाई में शाहनगर थाना प्रभारी निरीक्षक परशुराम डाबर, उपनिरीक्षक मनोज यादव और उनकी टीम के साथ-साथ साइबर सेल का विशेष योगदान रहा। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और उनकी अन्य वारदातों का पता लगाया जा सके।
विलियम्स ने टीम इंडिया के लिए छोड़ी ऑस्ट्रेलिया की नागरिकता:कहा- दिल जहां, घर वहां; नाना ने 1956 में बंगाल को हराया था

भारतीय फुटबॉल के लिए एएफसी एशियन कप 2027 क्वालीफायर का हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ मैच एक खास पल का गवाह बना। भारत ने मैच 2-1 से जीतकर टूर्नामेंट में अपना सफर खत्म किया। यह भारत की प्रतियोगिता में पहली और कोच्चि के मैदान पर भी पहली जीत रही। भारत की ओर से रयान विलियम्स (4’) और आकाश मिश्रा (50’) ने गोल किए। ऑस्ट्रेलियाई मूल के 32 वर्षीय रयान इस मैच में भारत के लिए डेब्यू कर रहे थे। 2014 में अराता इजुमी के बाद वह भारत के लिए खेलने वाले पहले विदेशी मूल के खिलाड़ी बने। रयान का पोर्ट्समाउथ और फुलहम जैसे इंग्लिश क्लबों से होते हुए कोच्चि तक का सफर अपनी जड़ों की ओर लौटने की कहानी है। रयान का जन्म ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में हुआ था और 2019 में वह ऑस्ट्रेलिया के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेल चुके थे। भारत से उनका नाता उनकी मां ऑड्रे से जुड़ता है, जो मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) के एक एंग्लो-इंडियन परिवार से ताल्लुक रखती हैं। रयान की रगों में भारतीय फुटबॉल का पुराना इतिहास दौड़ता है। उनके सगे नाना, लिंकी ग्रोस्टेट ने 1956 की प्रतिष्ठित संतोष ट्रॉफी के सेमीफाइनल में बॉम्बे की तरफ से खेलते हुए मजबूत बंगाल के खिलाफ विजयी गोल दागा था। अपनी जड़ों की इसी पुकार ने रयान को 2022 में भारत खींचा, जब वह इंडियन सुपर लीग में बेंगलुरु एफसी से जुड़े। यहीं खेलते हुए भारतीय दिग्गज सुनील छेत्री ने उन्हें भारतीय राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने के लिए प्रेरित किया। चूंकि भारत में दोहरी नागरिकता का प्रावधान नहीं है, इसलिए नीली जर्सी पहनने के लिए रयान को अपना ऑस्ट्रेलियाई पासपोर्ट हमेशा के लिए छोड़ना पड़ा। यह एक बहुत बड़ा फैसला था। उन्हें भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के इस थका देने वाले सफर में तीन साल का वक्त लग गया। नियमों के मुताबिक, उन्हें लगातार 365 दिनों तक भारत में ही रहना था। इसके लिए उन्होंने अपने ऑफ-सीजन में भी परिवार से दूर भारत में ही रुकने का त्याग किया। एक समय ऐसा भी आया जब कागजी अड़चनों को देखकर कई लोगों ने उन्हें यह विचार छोड़ने की सलाह दी। ऐसे मुश्किल वक्त में उनकी पत्नी ने उनका हौसला बढ़ाया और तय किया कि वे भारत में ही रुकेंगे और इस सपने को पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगे। इस लंबे इंतजार में रयान को निराशा भी झेलनी पड़ी। पिछले साल नवंबर में बांग्लादेश दौरे पर गई टीम के कैंप में वह मौजूद थे। रात 12 बजे की डेडलाइन निकल जाने के बाद, देर रात करीब 2 बजे उन्हें कागजी मंजूरी (एनओसी) मिल पाई, जिसके चलते वह अपना पहला मैच खेलने से चूक गए। भारत को अब अपना स्थायी घर मान चुके रयान का कहना है ‘घर वहीं है, जहां आपका दिल है।’ भविष्य में उनका सपना कोचिंग के जरिए भारत के युवा खिलाड़ियों को तराशना है।
किसान के गेहूं के खेत में आग:मैहर में दो एकड़ से अधिक फसल जलकर खाक; फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया

मैहर जिले के बेलदरा गांव में एक किसान के गेहूं के खेत में आग लग गई। घटना में किसान लोकनाथ सिंह की दो एकड़ से अधिक फसल पूरी तरह जलकर खाक हो गई, जिससे उन्हें नुकसान हुआ है। आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को जानकारी दी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया बताया जा रहा है कि आग अचानक खेत में भड़क उठी और तेज हवा के कारण तेजी से फैल गई, जिससे देखते ही देखते पूरी फसल इसकी चपेट में आ गई। हालांकि, समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे आसपास के अन्य खेतों को आग की चपेट में आने से बचाया जा सका। फिलहाल, आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है।
सरकार ने मार्च में ₹2 लाख करोड़ GST वसूला:यह 10 महीने में सबसे ज्यादा; वित्त वर्ष-26 में कुल कलेक्शन ₹22 लाख करोड़ रहा

मार्च में ग्रॉस GST कलेक्शन सालाना आधार पर 8.8% बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपए के पार निकल गया। यह 10 महीने का हाई है। वहीं मार्च 2025 में यह आंकड़ा ₹1.83 लाख करोड़ रहा था। वहीं सरकार का मार्च में नेट GST कलेक्शन सालाना आधार पर 8.2% बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपए रहा। 1 अप्रैल को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2025 में यह आंकड़ा ₹1.64 लाख करोड़ रहा था। टोटल रिफंड 13.8% बढ़कर 0.22 लाख करोड़ रुपए रहा वहीं टोटल रिफंड सालाना आधार पर 13.8% बढ़कर 0.22 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया। मार्च 2025 में यह आंकड़ा ₹0.19 लाख करोड़ था। ग्रॉस डोमेस्टिक रेवेन्यू 1.46 लाख करोड़ रुपए रहा, जिसमें सालाना आधार पर 5.9% की बढ़ोतरी हुई। जबकि ग्रॉस इम्पोर्ट रेवेन्यू 0.54 लाख करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 17.8% रहा। वित्त वर्ष-26 में कुल GST कलेक्शन 22.27 लाख करोड़ पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ग्रॉस GST कलेक्शन साल-दर-साल 8.3% बढ़कर 22.27 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया, जबकि नेट GST कलेक्शन 7.1% बढ़कर 19.34 लाख करोड़ रुपए हो गया। वित्त वर्ष 2025 में ग्रॉस GST कलेक्शन 20.25 लाख करोड़ रुपए और नेट GST कलेक्शन 18.07 लाख करोड़ रुपए रहा था। सबसे ज्यादा टैक्स कलेक्शन अप्रैल 2025 में हुआ था सरकार ने अप्रैल 2025 में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) से 2.37 लाख करोड़ रुपए जुटाए थे। सालाना आधार पर इसमें 12.6% की बढ़ोतरी हुई थी। यह GST कलेक्शन का रिकॉर्ड है। इससे पहले हाईएस्ट जीएसटी कलेक्शन का रिकॉर्ड अप्रैल 2024 में बना था। तब सरकार ने 2.10 लाख करोड़ रुपए जुटाए थे। इकोनॉमी की सेहत दिखाता है GST कलेक्शन जीएसटी कलेक्शन यह बताता है कि देश की अर्थव्यवस्था कितनी तंदुरुस्त है। अगर कलेक्शन ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं, फैक्ट्रियों में उत्पादन बढ़ रहा है और लोग ईमानदारी से टैक्स भर रहे हैं। 2017 में लागू हुआ था GST सरकार ने 1 जुलाई 2017 को देशभर में GST लागू किया था। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों के 17 करों और 13 उपकरों को हटा दिया गया था। ये खबर भी पढ़ें… रिसर्च-AI डेटा सेंटर्स से बढ़ रहा धरती का तापमान: सेंटर्स के आसपास 2 डिग्री तक गर्मी बढ़ी, भारत में 8 सेंटर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के डेटा सेंटर्स से तापमान बढ़ रहा है। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की रिसर्च में कहा गया कि जहां ये डेटा सेंटर्स काम कर रहे हैं, वहां औसतन 2 डिग्री सेल्सियस तक तापमान बढ़ गया है। वैज्ञानिकों ने इसे ‘डेटा हीट आइलैंड इफेक्ट’ नाम दिया है। पूरी खबर पढ़ें…









