Thursday, 23 Apr 2026 | 10:00 PM

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साउथ डायरेक्टर रंजीत की गिरफ्तारी हुई:एक्ट्रेस ने लगाए थे शूटिंग के बीच वैनिटी में यौन उत्पीड़न के आरोप, 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

साउथ डायरेक्टर रंजीत की गिरफ्तारी हुई:एक्ट्रेस ने लगाए थे शूटिंग के बीच वैनिटी में यौन उत्पीड़न के आरोप, 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

4 नेशनल फिल्म अवॉर्ड और 6 केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड जीत चुके साउथ डायरेक्टर की मंगलवार को कोच्चि से गिरफ्तारी हुई है। उन पर एक्ट्रेस ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, डायरेक्टर रंजीत की गिरफ्तारी मंगलवार देर रात थोडुपुझा पुलिस ने इडुक्की के एसपी के निर्देश पर की है। उन्हें गिरफ्तारी के बाद उदयमपेरुर पुलिस स्टेशन को सौंपा गया, जहां एक्ट्रेस ने शिकायत दर्ज करवाई है। गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर को एर्नाकुल मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया है, जहां पूछताछ के बाद उन्हें 14 दिनों (13 अप्रैल) तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर ने की तबीयत बिगड़ने की शिकायत नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार देर रात हुई गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर रंजीत ने बैचेनी की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें जांच के लिए एर्नाकुलम जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया। अस्पताल के अधिकारियों ने जांच में पाया कि उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी कोई गंभीर समस्या नहीं है। फिलहाल डायरेक्टर एर्नाकुलम उप-जेल में हैं। क्या है पूरा विवाद? साउथ एक्ट्रेस ने हाल ही में फिल्म की ICC (इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी) को यौन उत्पीड़न की शिकायत दी थी। एक्ट्रेस की शिकायत के अनुसार, डायरेक्टर रंजीत बालाकृष्णन 30 जनवरी को एक फिल्म शूटिंग के दौरान उनकी वैनिटी वैन में आए और यौन उत्पीड़न की कोशिश की। कमेटी ने ये मामला केरल पुलिस को सौंपा। इस मामले की शुरुआती जांच को पूरी तरह गोपनीय रखा गया। एक्ट्रेस का बयान भी गोपनीय तरीके से दर्ज करवाया गया था। डायरेक्टर के खिलाफ इस तरह की कई शिकायतें इस मामले से पहले भी रंजीत बालाकृष्णन के खिलाफ इस तरह की कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। 2024 में बंगाली एक्ट्रेस श्रीलेखा मित्रा ने उन पर गलत तरीके से छूने के आरोप लगाए थे। एक्ट्रेस ने 23 अगस्त 2024 में हेमा कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि साल 2009 में फिल्म पलेरी माणिक्य्मः ओरू पाथिराकोलापाथकथिंते कथा के ऑडिशन के लिए डायरेक्टर ने उन्हें फ्लैट में बुलाया और गलत तरह छुआ। तब डायरेक्टर ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद कहा था। अक्टूबर 2025 में केरल हाईकोर्ट ने ये कहते हुए मामला रद्द कर दिया कि शिकायत काफी देरी से की गई है। इसके अलावा अक्टूबर 2024 में भी 31 साल के एक्टर ने डायरेक्टर रंजीत पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी। उनका आरोप था कि साल 2012 में शूटिंग के दौरान डायरेक्टर ने एक्टर को होटल में जबरदस्ती शराब पिलाई और यौन उत्पीड़न किया। जुलाई 2025 में ये मामला भी कर्नाटक हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था।

साउथ डायरेक्टर रंजीत की गिरफ्तारी हुई:एक्ट्रेस ने लगाए थे शूटिंग के बीच वैनिटी में यौन उत्पीड़न के आरोप, 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

साउथ डायरेक्टर रंजीत की गिरफ्तारी हुई:एक्ट्रेस ने लगाए थे शूटिंग के बीच वैनिटी में यौन उत्पीड़न के आरोप, 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

4 नेशनल फिल्म अवॉर्ड और 6 केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड जीत चुके साउथ डायरेक्टर की मंगलवार को कोच्चि से गिरफ्तारी हुई है। उन पर एक्ट्रेस ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, डायरेक्टर रंजीत की गिरफ्तारी मंगलवार देर रात थोडुपुझा पुलिस ने इडुक्की के एसपी के निर्देश पर की है। उन्हें गिरफ्तारी के बाद उदयमपेरुर पुलिस स्टेशन को सौंपा गया, जहां एक्ट्रेस ने शिकायत दर्ज करवाई है। गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर को एर्नाकुल मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया है, जहां पूछताछ के बाद उन्हें 14 दिनों (13 अप्रैल) तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर ने की तबीयत बिगड़ने की शिकायत नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार देर रात हुई गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर रंजीत ने बैचेनी की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें जांच के लिए एर्नाकुलम जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया। अस्पताल के अधिकारियों ने जांच में पाया कि उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी कोई गंभीर समस्या नहीं है। फिलहाल डायरेक्टर एर्नाकुलम उप-जेल में हैं। क्या है पूरा विवाद? साउथ एक्ट्रेस ने हाल ही में फिल्म की ICC (इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी) को यौन उत्पीड़न की शिकायत दी थी। एक्ट्रेस की शिकायत के अनुसार, डायरेक्टर रंजीत बालाकृष्णन 30 जनवरी को एक फिल्म शूटिंग के दौरान उनकी वैनिटी वैन में आए और यौन उत्पीड़न की कोशिश की। कमेटी ने ये मामला केरल पुलिस को सौंपा। इस मामले की शुरुआती जांच को पूरी तरह गोपनीय रखा गया। एक्ट्रेस का बयान भी गोपनीय तरीके से दर्ज करवाया गया था। डायरेक्टर के खिलाफ इस तरह की कई शिकायतें इस मामले से पहले भी रंजीत बालाकृष्णन के खिलाफ इस तरह की कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। 2024 में बंगाली एक्ट्रेस श्रीलेखा मित्रा ने उन पर गलत तरीके से छूने के आरोप लगाए थे। एक्ट्रेस ने 23 अगस्त 2024 में हेमा कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि साल 2009 में फिल्म पलेरी माणिक्य्मः ओरू पाथिराकोलापाथकथिंते कथा के ऑडिशन के लिए डायरेक्टर ने उन्हें फ्लैट में बुलाया और गलत तरह छुआ। तब डायरेक्टर ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद कहा था। अक्टूबर 2025 में केरल हाईकोर्ट ने ये कहते हुए मामला रद्द कर दिया कि शिकायत काफी देरी से की गई है। इसके अलावा अक्टूबर 2024 में भी 31 साल के एक्टर ने डायरेक्टर रंजीत पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी। उनका आरोप था कि साल 2012 में शूटिंग के दौरान डायरेक्टर ने एक्टर को होटल में जबरदस्ती शराब पिलाई और यौन उत्पीड़न किया। जुलाई 2025 में ये मामला भी कर्नाटक हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था।

शिवपुरी में सड़क हादसा, हेल्पर की मौत:अमोला घाटी पर खड़े टैंकर में डंपर ने मारी टक्कर, चालक फरार

शिवपुरी में सड़क हादसा, हेल्पर की मौत:अमोला घाटी पर खड़े टैंकर में डंपर ने मारी टक्कर, चालक फरार

शिवपुरी जिले के सुरवाया थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक सड़क हादसे में डंपर हेल्पर की मौत हो गई। अमोला घाटी स्थित एनएच-27 पर खड़े एक टैंकर में पीछे से आ रहे डंपर ने टक्कर मार दी थी। मृतक की पहचान मुरैना निवासी अजीत गुर्जर के रूप में हुई है। यह हादसा मंगलवार रात करीब 11 बजे हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि डंपर में सवार हेल्पर केबिन में फंस गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी प्रयासों के बाद हेल्पर को बाहर निकाला। उसे गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद डंपर चालक फरार हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। बताया गया है कि शिवपुरी की ओर आ रहा टैंकर रास्ते में खराब हो गया था, जिसके कारण उसे हाइवे किनारे खड़ा किया गया था। इसी दौरान तेज रफ्तार डंपर ने पीछे से उसमें टक्कर मार दी। पुलिस ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त टैंकर खाली था। सुरवाया पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

क्या है ऑटिज्म डिसऑर्डर, बच्चों को कैसे करता है प्रभावित, इन 5 संकेतों को नजरअंदाज न करें माता-पिता

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Autism Spectrum Disorder: दुनियाभर में लाखों बच्चे ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से जूझ रहे हैं. यह एक न्यूरोडेवलपमेंटल कंडीशन होती है, जो बच्चों को बुरी तरह प्रभावित करती है. कई बार माता-पिता बच्चे में शुरुआती दौर में ऑटिज्म की पहचान नहीं कर पाते हैं, जिसकी वजह से समस्या बढ़ जाती है. इस समस्या के कारण बच्चे के बातचीत करने, दूसरों से जुड़ने और व्यवहार करने का तरीका प्रभावित होता है. ऑटिज्म के लक्षण आमतौर पर जन्म के शुरुआती 2-3 वर्षों में दिखने लगते हैं. अगर सही समय पर इन संकेतों को पहचान लिया जाए, तो अर्ली इंटरवेंशन के जरिए बच्चे के जीवन को काफी हद तक बेहतर बनाया जा सकता है. सभी पैरेंट्स को ऑटिज्म से जुड़े संकेत जान लेने चाहिए, ताकि वक्त रहते इसकी पहचान की जा सके. अमेरिका के मायो क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों का सबसे पहला लक्षण सामाजिक जुड़ाव में कमी होना है. ऐसे बच्चे अक्सर आंखों में आंखें डालकर बात नहीं करते. जब माता-पिता उन्हें पुकारते हैं, तो वे अक्सर कोई प्रतिक्रिया नहीं देते, जिससे कई बार पैरेंट्स को लगता है कि बच्चे को सुनने में समस्या है. वे अपनी दुनिया में खोए रहते हैं और दूसरे बच्चों के साथ खेलने या घुलने-मिलने में दिलचस्पी नहीं दिखाते. अगर आपका बच्चा मुस्कुराने पर पलटकर जवाब नहीं देता या सामाजिक मेलजोल से बचता है, तो यह ऑटिज्म का एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है. बोलने में देरी होना भी ऑटिज्म का एक आम लक्षण है. कुछ बच्चे शब्द तो बोलते हैं, लेकिन वे वाक्यों का सही इस्तेमाल नहीं कर पाते या एक ही शब्द को बार-बार दोहराते हैं, जिसे मेडिकल भाषा में एकोलालिया कहा जाता है. उदाहरण के लिए अगर आप उनसे पूछें क्या आपको पानी चाहिए, तो वे जवाब देने के बजाय वही सवाल दोहरा सकते हैं. इसके अलावा वे अपनी जरूरतों को बताने के लिए शब्दों के बजाय हाथों के इशारों का इस्तेमाल अधिक करते हैं या दूसरों का हाथ पकड़कर उन्हें उस वस्तु तक ले जाते हैं, जो उन्हें चाहिए. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों में अक्सर रिपेटिटिव बिहेवियर देखा जाता है. वे शरीर की कुछ खास गतिविधियों को बार-बार दोहराते हैं, जैसे हाथों को फड़फड़ाना, एक ही जगह पर गोल-गोल घूमना या पंजों के बल चलना. इसके अलावा उन्हें बदलाव पसंद नहीं होता. अगर उनके खिलौनों की जगह बदल दी जाए या उनके दैनिक रूटीन में थोड़ा भी फेरबदल हो, तो वे बहुत ज्यादा परेशान या हिंसक हो सकते हैं. वे अक्सर अपनी चीजों या खिलौनों को एक सीधी लाइन में व्यवस्थित करने के प्रति जुनूनी होते हैं. ऑटिज्म से पीड़ित बच्चे रोशनी, आवाज, गंध या स्पर्श के प्रति सामान्य बच्चों से अलग तरह से प्रतिक्रिया करते हैं. इसे सेंसरी प्रोसेसिंग इशू कहा जाता है. ऑटिस्टिक बच्चे अक्सर तेज आवाज जैसे मिक्सर ग्राइंडर या पटाखे से डरकर अपने कान बंद कर लेते हैं. उन्हें कुछ खास तरह के कपड़ों का स्पर्श चुभ सकता है या वे कुछ विशिष्ट बनावट वाले भोजन को खाने से पूरी तरह इनकार कर सकते हैं. कुछ बच्चे दर्द या ठंडे-गर्म के प्रति बिल्कुल भी प्रतिक्रिया नहीं देते, जो कि उनके सेंसरी सिस्टम के अलग तरह से काम करने का संकेत है. ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के शौक अक्सर बहुत सीमित और असामान्य होते हैं. वे खिलौने के साथ खेलने के बजाय उसके किसी एक हिस्से को घंटों तक देखते रह सकते हैं. उनमें किसी खास विषय या वस्तु के प्रति अत्यधिक लगाव देखा जा सकता है. उनकी एकाग्रता का स्तर कुछ चीजों में बहुत ज्यादा होता है, लेकिन साधारण सामाजिक निर्देशों को समझने में उन्हें कठिनाई होती है. अगर माता-पिता को इनमें से कोई भी लक्षण अपने बच्चे में दिखाई दे, तो बिना देरी किए पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजिस्ट या चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए ताकि समय पर थैरेपी शुरू की जा सके.

उमरिया में प्रवेशोत्सव शुरू, 89 हजार बच्चों ने लिया प्रवेश:स्कूलों में तिलक-माला से स्वागत; समन्वयक ने 'शिक्षा रथ' को दिखाई हरी झंडी

उमरिया में प्रवेशोत्सव शुरू, 89 हजार बच्चों ने लिया प्रवेश:स्कूलों में तिलक-माला से स्वागत; समन्वयक ने 'शिक्षा रथ' को दिखाई हरी झंडी

उमरिया जिले में नए शिक्षा सत्र का शुभारंभ उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। बुधवार को जिला मुख्यालय सहित जिले के लगभग 1097 स्कूलों में ‘प्रवेशोत्सव’ मनाया गया। इस दौरान बच्चों का तिलक लगाकर और माला पहनाकर स्वागत करते हुए उन्हें स्कूलों में प्रवेश दिया गया। कई स्कूलों में बच्चों और अभिभावकों की मौजूदगी में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। पहले दिन 89 हजार बच्चों का प्रवेश हुआ शिक्षा विभाग ने जिले में 1 लाख 21 हजार बच्चों को प्रवेश दिलाने का लक्ष्य रखा है। प्रवेशोत्सव के पहले दिन लगभग 89 हजार बच्चों को प्रवेश दिया गया और उनका कक्षा उन्नयन किया गया। यह शिक्षा सत्र 1 अप्रैल से शुरू हुआ है और अगले 30 दिनों तक एक विशेष अभियान के रूप में जारी रहेगा। इस अभियान के तहत शिक्षक मोहल्लों और गांवों में जाकर अभिभावकों से संपर्क करेंगे। उनका उद्देश्य बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करना है। ‘शिक्षा रथ’ गांव-गांव जाकर जागरूकता फैलाएगा जिला परियोजना समन्वयक के.के. डेहरिया ने बताया कि प्रवेशोत्सव के साथ ‘शिक्षा रथ’ को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है। यह रथ गांव-गांव जाकर शिक्षा के महत्व, विभिन्न सरकारी योजनाओं और बच्चों को स्कूल भेजने के लाभों के बारे में लोगों को जागरूक करेगा। कालरी स्कूल सहित कई विद्यालयों में बच्चों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया, जिससे नए शिक्षा सत्र की शुरुआत एक सकारात्मक और उत्साहपूर्ण माहौल में हुई।

भारतीय डॉक्टर ने USG के ल‍िए बनाया AI टूल, सेकेंडों में तैयार होगी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट

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Last Updated:April 01, 2026, 14:02 IST नई दिल्‍ली में रहने वाले रेड‍ियोलॉज‍िस्‍ट डॉ तरुण कोठारी ने वेब आधारित एआई टूल डेवलप क‍िया है. र‍िपोर्टर डॉट रेडप्‍लस एआई नाम के इस टूल के माध्‍यम से सेकेंडों में यूएसजी या अल्‍ट्रासाउंड की र‍िपोर्ट तैयार हो जाएगी. भारतीय डॉक्‍टर तरुण कोठारी ने अल्‍ट्रासाउंड के ल‍िए एआई टूल बनाया है. AI Tool For USG: आमतौर पर अल्ट्रासाउंड कराने के बाद रिपोर्ट लेने के लिए कम से एक से दो घंटे या कहीं-कहीं तो पूरे एक दिन का इंतजार करना पड़ता है और मरीजों को दूसरे दिन रिपोर्ट मिलती है, लेकिन भारतीय रेडियोलॉजिस्ट डॉ. तरुण कोठारी ने ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल तैयार किया है जिसके इस्तेमाल से यह काम भी फुर्ती से पूरा हो सकेगा और सेकेंडों में अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट तैयार हो जाएगी. डॉ. तरुण कोठारी ने एक बेव आधारित एआई प्लेटफॉर्म https://reporter.redplusai.com/ बनाया है जो रेडियोलॉजी में बड़ी क्रांति साबित हो सकता है. इस टूल से अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट बेहद ही कम समय में तैयार हो जाएगी. हालांकि ऐसा नहीं है कि रिपोर्ट को तैयार करने में रेडियोलॉजिस्ट या एक्सपर्ट की जरूरत नहीं होगी, बल्कि इन दोनों की मौजूदगी त जरूरी होगी लेकिन काम जल्दी हो जाएगा. कोरोना महामारी के दौरान काफी लोकप्रिय हुए दिल्ली स्थित डॉ. तरुण कोठारी ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट्स और सोनोलॉजिस्ट्स के लिए विकसित यह टूल रिपोर्ट लेखन की प्रक्रिया को काफी सरल बना देता है. इस टूल का फायदा यह है कि इसमें डॉक्टर को केवल अपने क्लिनिकल निष्कर्ष टाइप करने होते हैं और पलक झपकते ही एक संपूर्ण, संरचित और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप रिपोर्ट तैयार हो जाती है. इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी तरह वेब आधारित है और इसके लिए किसी सॉफ्टवेयर इंस्टॉलेशन की जरूरत नहीं है. मोबाइल हो या कंप्यूटर, इसे कहीं से भी उपयोग किया जा सकता है. इस टूल में डालने के बाद रिपोर्ट PDF के रूप में ऑटोमेटिक तरीके से सेव हो जाती है और फाइल का नाम भी अपने आप तैयार हो जाता है. जिससे डॉक्टरों का कीमती समय बचता है. किन-किन अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट होती तैयार? यह टूल यूएसजी की प्रमुख श्रेणियों को कवर करता है. इनमें एब्डोमेन व पेल्विस, प्रसूति स्कैन, स्मॉल पार्ट्स, डॉप्लर और एमएसके. ये सभी आमतौर पर किए जाने वाले अल्ट्रासाउंड हैं. यह टूल रोजाना क्लिनिकल अभ्यास के लिए बेस्ट किट की तरह काम करता है. डॉ. तरुण ने बताया कि यह टूल एक भारतीय रेडियोलॉजिस्ट ने बनाया जो खुद रोजाना यूएसजी की रिपोर्टिंग करते हैं, इसलिए इसमें वास्तविक क्लिनिकल जरूरतों का पूरा ध्यान रखा गया है. इस टूल पर नए उपयोगकर्ताओं के लिए 300 निःशुल्क रिपोर्ट्स भी उपलब्ध हैं जो बिना किसी अग्रिम भुगतान के पढ़ी जा सकती हैं. यह उन सभी रेडियोलॉजिस्ट्स के लिए काफी सहयोगी है जो अपनी रिपोर्टिंग को तेज, सटीक और आधुनिक बनाना चाहते हैं. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें First Published : April 01, 2026, 14:02 IST

बगदाद में बीच सड़क से अमेरिकी पत्रकार का अपहरण:जबरन गाड़ी में खींचकर ले गए, अमेरिकी दूतावास ने इराक न जाने की सलाह दी थी

बगदाद में बीच सड़क से अमेरिकी पत्रकार का अपहरण:जबरन गाड़ी में खींचकर ले गए, अमेरिकी दूतावास ने इराक न जाने की सलाह दी थी

अमेरिका की फ्रीलांस पत्रकार शैली किटल्सन का मंगलवार को इराक की राजधानी बगदाद में अपहरण कर लिया गया। अज्ञात हमलावरों ने शैली को अल-सादून स्ट्रीट पर स्थित बगदाद होटल के पास से अगवा किया। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें अपराधी, पत्रकार को जबरन गाड़ी में खींचकर ले जाते नजर आ रहे हैं। इराक के गृह मंत्रालय ने भी घटना की पुष्टि की है, हालांकि उसने पत्रकार की पहचान सार्वजनिक नहीं की। मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि एक विदेशी पत्रकार का अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया, जिसके बाद सुरक्षा बलों को तुरंत कार्रवाई के लिए भेजा गया। न्यूज वेबसाइट अल-मॉनिटर की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी प्रशासन को पहले से सुरक्षा खतरे की जानकारी थी और उसने पत्रकार को इराक की यात्रा न करने की सलाह भी दी थी। शैली किटल्सन युद्ध क्षेत्रों में रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं और उन्हें 2017 में प्रेमियो कारावेला अवॉर्ड मिल चुका है। वह मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट, खासकर इराक और सीरिया से जुड़ी रिपोर्टिंग करती रही हैं। एक आरोपी गिरफ्तार लेकिन पत्रकार का सुराग नहीं गृह मंत्रालय के अनुसार सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर अपहरणकर्ताओं का पीछा किया। इस दौरान अपहरण में इस्तेमाल हो रही एक गाड़ी पलट गई, जिससे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और कुछ वाहन भी जब्त किए गए। हालांकि पत्रकार को ले जा रही दूसरी गाड़ी मौके से फरार हो गई और वह बगदाद के दक्षिण की ओर निकल गई। दो इराकी सुरक्षा अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि अपहरण की शिकार पत्रकार एक अमेरिकी महिला हैं। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हथियारबंद लोग उनकी गाड़ी रोककर उन्हें जबरन बाहर निकालते दिख रहे हैं। सउदी अरब के चैनल अल-अरबिया ने इस कथित अपहरण का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह घटना मिडिल ईस्ट में चल रही जंग से जुड़ी है या नहीं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों द्वारा पहले भी विदेशी नागरिकों और अमेरिकी हितों को निशाना बनाया जाता रहा है। ISIS की हार के बाद की स्टोरी कर चर्चित हुईं शैली अमेरिकी फ्रीलांस पत्रकार शैली किटल्सन उन रिपोर्टर्स में गिनी जाती हैं जो दुनिया के सबसे खतरनाक संघर्ष क्षेत्रों से ग्राउंड रिपोर्टिंग करती हैं। उनका काम मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट खासकर इराक और सीरिया पर केंद्रित रहा है। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए काम किया है। उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य विषय युद्ध और संघर्ष, मिलिशिया समूह, स्थानीय आबादी पर असर और मानवीय संकट रहा है। शैली किटल्सन की सबसे ज्यादा चर्चा उन रिपोर्ट्स को लेकर हुई, जिनमें उन्होंने ISIS के पतन (2017 के बाद) के बाद इराक की स्थिति को ग्राउंड से दिखाया। उस वक्त उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि ISIS की हार के बाद जमीनी स्तर पर संघर्ष खत्म नहीं हुआ है और सत्ता का खालीपन बना हुआ है। स्थानीय मिलिशिया इसे भरने की कोशिश में लगे हुए हैं। अमेरिका ने दी थी इराक छोड़ने की सलाह इराक की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह दी है। बगदाद में अमेरिकी दूतावास ने 29 मार्च को एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि सभी अमेरिकी नागरिक जल्द से जल्द इराक छोड़ दें। दूतावास ने साफ कहा कि इराक में रहना इस समय बहुत खतरनाक है। यहां आतंकवाद, अपहरण और हिंसा का खतरा बढ़ गया है। इससे पहले भी मार्च 2026 की शुरुआत में अमेरिका ने इराक के लिए “Do Not Travel” (लेवल 4) की चेतावनी जारी की थी। इसमें कहा गया था कि किसी भी हाल में इराक की यात्रा न करें। इराक में पहले भी विदेशी नागरिक किडनैप हुए एलिजाबेथ त्सुरकोव- 2023 में बगदाद से लापता हुईं, बाद में एक मिलिशिया समूह के कब्जे में होने की पुष्टि हुई। (2026 तक भी उनकी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है; रिहाई की पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है) जिल कैरोल- 2006 में अमेरिकी पत्रकार जिल का रिपोर्टिंग के दौरान अपहरण हुआ। उनके साथ काम करने वाले व्यक्ति की हत्या कर दी गई, हालांकि उन्हें 3 महीने बाद रिहा कर दिया गया। गिउलियाना स्ग्रेना- 2005 में इटली की पत्रकार को उग्रवादियों ने उन्हें बंधक बना लिया, लगभग 1 महीने तक कैद में रखा। बाद में रिहा कर दिया गया। जुनपेई यासुदा- 2004 में जापानी पत्रकार को जासूसी के शक में अगवा किया गया, हालांकि कुछ दिनों में ही छोड़ दिया गया। प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में इराक की स्थिति चिंताजनक अंतरराष्ट्रीय संगठन रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 के वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में इराक को 180 देशों में 155वां स्थान मिला है। हालांकि यह पिछले सालों के मुकाबले थोड़ा सुधार दिखाता है, लेकिन स्थिति अभी भी चिंता का विषय है। रिपोर्ट में इराक को ‘बहुत गंभीर’ श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि वहां पत्रकारों को काम करते समय कई तरह के खतरे और दबाव का सामना करना पड़ता है।

बगदाद में बीच सड़क से अमेरिकी पत्रकार का अपहरण:जबरन गाड़ी में खींचकर ले गए; अमेरिकी दूतावास ने इराक न जाने की सलाह दी थी

बगदाद में बीच सड़क से अमेरिकी पत्रकार का अपहरण:जबरन गाड़ी में खींचकर ले गए; अमेरिकी दूतावास ने इराक न जाने की सलाह दी थी

अमेरिका की फ्रीलांस पत्रकार शैली किटल्सन का मंगलवार को इराक की राजधानी बगदाद में अपहरण कर लिया गया। अज्ञात हमलावरों ने शैली को अल-सादून स्ट्रीट पर स्थित बगदाद होटल के पास से अगवा किया। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें अपराधी, पत्रकार को जबरन गाड़ी में खींचकर ले जाते नजर आ रहे हैं। इराक के गृह मंत्रालय ने भी घटना की पुष्टि की है, हालांकि उसने पत्रकार की पहचान सार्वजनिक नहीं की। मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि एक विदेशी पत्रकार का अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया, जिसके बाद सुरक्षा बलों को तुरंत कार्रवाई के लिए भेजा गया। कुछ समय से वह न्यूज वेबसाइट अल-मॉनिटर के लिए रिपोर्टिंग कर रही थी। इसी वेबसाइट के मुताबिक अमेरिकी सरकार ने पत्रकार को सुरक्षा वजहों से इराक की यात्रा न करने की सलाह भी दी थी। शैली किटल्सन युद्ध क्षेत्रों में रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं और उन्हें 2017 में प्रेमियो कारावेला अवॉर्ड मिल चुका है। वह मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट, खासकर इराक और सीरिया से जुड़ी रिपोर्टिंग करती रही हैं। एक आरोपी गिरफ्तार लेकिन पत्रकार का सुराग नहीं गृह मंत्रालय के अनुसार सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर अपहरणकर्ताओं का पीछा किया। इस दौरान अपहरण में इस्तेमाल हो रही एक गाड़ी पलट गई, जिससे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और कुछ वाहन भी जब्त किए गए। हालांकि पत्रकार को ले जा रही दूसरी गाड़ी मौके से फरार हो गई और वह बगदाद के दक्षिण की ओर निकल गई। दो इराकी सुरक्षा अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि अपहरण की शिकार पत्रकार एक अमेरिकी महिला हैं। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हथियारबंद लोग उनकी गाड़ी रोककर उन्हें जबरन बाहर निकालते दिख रहे हैं। सउदी अरब के चैनल अल-अरबिया ने इस कथित अपहरण का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इराकी मिलिशिया कतीब हिजबुल्लाह पर आरोप फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह घटना मिडिल ईस्ट में चल रही जंग से जुड़ी है या नहीं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों द्वारा पहले भी विदेशी नागरिकों और अमेरिकी हितों को निशाना बनाया जाता रहा है। CNN से जुड़े वॉर एक्सपर्ट एलेक्स प्लिटास ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि किटल्सन को ईरान समर्थित इराकी मिलिशिया कतीब हिजबुल्लाह ने अगवा किया है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह ग्रुप ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के करीब माना जाता है। इराक में यह पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स (PMF) का हिस्सा है। PMF को इराक सरकार ने ISIS के खिलाफ लड़ाई के दौरान आधिकारिक दर्जा दिया था। ISIS की हार के बाद की स्टोरी कर चर्चित हुईं शैली अमेरिकी फ्रीलांस पत्रकार शैली किटल्सन उन रिपोर्टर्स में गिनी जाती हैं जो दुनिया के सबसे खतरनाक संघर्ष क्षेत्रों से ग्राउंड रिपोर्टिंग करती हैं। उनका काम मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट खासकर इराक और सीरिया पर केंद्रित रहा है। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए काम किया है। उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य विषय युद्ध और संघर्ष, मिलिशिया समूह, स्थानीय आबादी पर असर और मानवीय संकट रहा है। शैली किटल्सन की सबसे ज्यादा चर्चा उन रिपोर्ट्स को लेकर हुई, जिनमें उन्होंने ISIS के पतन (2017 के बाद) के बाद इराक की स्थिति को ग्राउंड से दिखाया। उस वक्त उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि ISIS की हार के बाद जमीनी स्तर पर संघर्ष खत्म नहीं हुआ है और सत्ता का खालीपन बना हुआ है। स्थानीय मिलिशिया इसे भरने की कोशिश में लगे हुए हैं। अमेरिका ने दी थी इराक छोड़ने की सलाह इराक की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह दी है। बगदाद में अमेरिकी दूतावास ने 29 मार्च को एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि सभी अमेरिकी नागरिक जल्द से जल्द इराक छोड़ दें। दूतावास ने साफ कहा कि इराक में रहना इस समय बहुत खतरनाक है। यहां आतंकवाद, अपहरण और हिंसा का खतरा बढ़ गया है। इससे पहले भी मार्च 2026 की शुरुआत में अमेरिका ने इराक के लिए “Do Not Travel” (लेवल 4) की चेतावनी जारी की थी। इसमें कहा गया था कि किसी भी हाल में इराक की यात्रा न करें। इराक में पहले भी विदेशी नागरिक किडनैप हुए एलिजाबेथ त्सुरकोव- 2023 में बगदाद से लापता हुईं, बाद में एक मिलिशिया समूह के कब्जे में होने की पुष्टि हुई। (2026 तक भी उनकी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है; रिहाई की पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है) जिल कैरोल- 2006 में अमेरिकी पत्रकार जिल का रिपोर्टिंग के दौरान अपहरण हुआ। उनके साथ काम करने वाले व्यक्ति की हत्या कर दी गई, हालांकि उन्हें 3 महीने बाद रिहा कर दिया गया। गिउलियाना स्ग्रेना- 2005 में इटली की पत्रकार को उग्रवादियों ने उन्हें बंधक बना लिया, लगभग 1 महीने तक कैद में रखा। बाद में रिहा कर दिया गया। जुनपेई यासुदा- 2004 में जापानी पत्रकार को जासूसी के शक में अगवा किया गया, हालांकि कुछ दिनों में ही छोड़ दिया गया। प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में इराक की स्थिति चिंताजनक अंतरराष्ट्रीय संगठन रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 के वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में इराक को 180 देशों में 155वां स्थान मिला है। हालांकि यह पिछले सालों के मुकाबले थोड़ा सुधार दिखाता है, लेकिन स्थिति अभी भी चिंता का विषय है। रिपोर्ट में इराक को ‘बहुत गंभीर’ श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि वहां पत्रकारों को काम करते समय कई तरह के खतरे और दबाव का सामना करना पड़ता है।

पीएम मोदी ने असम के चाय बगान में पत्ती तोड़ी:महिला कामगार के साथ सेल्फी ली; केरलम में राहुल ने बस में सफर किया

पीएम मोदी ने असम के चाय बगान में पत्ती तोड़ी:महिला कामगार के साथ सेल्फी ली; केरलम में राहुल ने बस में सफर किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को असम पहुंचे। उन्होंने डिब्रूगढ़ में चाय बागान दौरा किया। वहां काम करने वाली महिलाओं से साथ बातचीत, उनसे चाय की पत्नी तोड़ना सीखा, साथ ही महिलाओं ने बिहू नृत्य भी किया। पीएम ने उनके साथ सेल्फी भी ली। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 31 मार्च को केरलम का दौरा किया। उन्होंने कोझिकोड के बालुसेरी से नानमंडा तक बस में आम लोगों के साथ सफर किया। इस दौरान उन्होंने कई महिलाओं, युवाओं से बातचीत की। मोदी के चाय बगान दौरे की फोटोज… राहुल के केरलम दौरे की तस्वीरें…

‘ये प्यार इस बात की घोषणा…’, असम के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी

'ये प्यार इस बात की घोषणा...', असम के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम चुनाव की घोषणा के बाद कहा कि गोगामुख में अपनी पहली पत्नी को सजा देते हुए जीत का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि जनता का यह अपार प्यार इस बात की खुली घोषणा है कि इस बार हैट्रिक पक्की है। उन्होंने आगे कहा कि जनता के आशीर्वाद से उन्हें प्रधानमंत्री पद की हैट्रिक का मौका मिला है और इसी तरह सरकार की भी हैट्रिक तय है। क्षेत्र से रेलवे पर जोरप्रधानमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र उनके लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने उल्लेख किया कि यहां से मालिनी अधिक दूर नहीं है, जो भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी एक पवित्र नगरी मणि है। कार्यक्रम के अनुसार, मोदी धेमाजी के गोगामुख में रैली को खुलासा करने के बाद, उनके विश्वनाथ जिले में एक बजे एक कार्यक्रम है। आवास योजना की उपलब्धियाँपीएम मोदी ने बताया कि अब तक 22 लाख से ज्यादा गरीब परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराए जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा के संकल्प पत्र में यह वादा किया गया है कि जिन परिवार को अभी तक मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है, उन्हें भी घर जाना है। कांग्रेस पर मशहूर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पार्टी की तीसरी हार तय है। कांग्रेस के ‘राजकुमार’ की हार का शतक. उन्होंने सर्वानंद सोनोवाल और हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व में 10 साल के लिए सुशासन को स्थान दिया। भविष्य की योजनाएँउन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में 15 लाख और गरीब परिवारों को पक्के घर देने की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही गरीब परिवार के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने की योजना भी बताई गई। महिलाओं को चिन्हित करते हुए उन्होंने कहा कि असम में ‘लखपति बहन’ अभियान के तहत तीन लाख से ज्यादा महिलाएं ‘लखपति बहन’ बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य अब 40 लाख महिलाओं को ‘लखपति बाईदेव’ बनाना है। इसके अलावा ‘ओरुनोडोई’ योजना का विस्तार और अतिरिक्त लाभ भी जोड़ा जाएगा।