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यूरिक एसिड के मरीज क्या खाएं और क्या न खाएं? डाइटिशियन ने बताई फूड लिस्ट, तुरंत कर लें चेक

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Last Updated:March 31, 2026, 08:15 IST Tips To Control Uric Acid: यूरिक एसिड शरीर में प्यूरीन के टूटने से बनता है. इस वजह से हाई यूरिक एसिड के मरीजों को प्यूरीन वाले फूड्स अवॉइड करने की सलाह दी जाती है. डाइटिशियन कामिनी सिन्हा के अनुसार रेड मीट, सीफूड, बीयर और मीठी ड्रिंक्स यूरिक एसिड के स्तर को तेजी से बढ़ाती हैं, इसलिए इनका सेवन तुरंत बंद कर देना चाहिए. यूरिक एसिड के मरीजों को रेड मीट और सीफूड से दूरी बना लेनी चाहिए. Best Diet To Control Uric Acid: आजकल यूरिक एसिड की समस्या तेजी से बढ़ रही है. खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खानपान के कारण शरीर में यूरिक एसिड बढ़ रहा है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो जब हमारे शरीर में प्यूरीन नामक तत्व टूटता है, तो यूरिक एसिड बनता है. सामान्य स्थिति में किडनी इसे छानकर शरीर से बाहर निकाल देती है, लेकिन जब इसकी मात्रा बढ़ जाती है, तो यह जोड़ों में क्रिस्टल के रूप में जमा होने लगता है, जिससे जोड़ों में असहनीय दर्द, सूजन और गाउट जैसी बीमारियां पैदा हो जाती हैं. दवा के साथ सही डाइट लेने से यूरिक एसिड की समस्या को कंट्रोल किया जा सकता है. यूरिक एसिड के मरीज क्या न खाएं? नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया कि यूरिक एसिड के मरीजों को सबसे पहले उन चीजों से दूरी बनानी चाहिए, जिनमें प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है. इसमें रेड मीट, ऑर्गन मीट और सीफूड शामिल हैं. अगर आप चाहें, तो कुछ सप्ताह के लिए नॉन वेज से ही दूरी बना लें. इसके अलावा मीठी ड्रिंक्स जैसे सोडा, कोल्ड ड्रिंक्स और पैक्ड फ्रूट जूस यूरिक एसिड के स्तर को तेजी से बढ़ाते हैं. शराब और बीयर का सेवन पूरी तरह बंद कर देना चाहिए, क्योंकि यह यूरिक एसिड के उत्सर्जन को रोक देती है. जंक फूड और ट्रांस फैट वाले बेकरी प्रोडक्ट्स से भी परहेज करें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. किन फूड्स का सेवन फायदेमंद? डाइटिशियन ने बताया कि यूरिक एसिड को कम करने के लिए फाइबर से भरपूर डाइट लेनी चाहिए. ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस और हरी सब्जियां बेहतरीन विकल्प हैं. हालांकि पालक और मशरूम से परहेज करना चाहिए. इसके अलावा विटामिन C से भरपूर फल जैसे संतरा, नींबू, कीवी और आंवला यूरिक एसिड को शरीर से बाहर निकालने में मदद करते हैं. चेरी और जामुन जैसे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल जोड़ों की सूजन कम करने में सहायक होते हैं. लो-फैट डेयरी उत्पाद जैसे स्किम्ड मिल्क और दही भी सुरक्षित और फायदेमंद माने जाते हैं. 8-10 गिलास पानी पीना भी जरूरी एक्सपर्ट की मानें तो यूरिक एसिड कंट्रोल करने में पानी अहम भूमिका निभाता है. यूरिक एसिड के मरीजों को दिन भर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए. पर्याप्त पानी पीने से किडनी बेहतर तरीके से यूरिक एसिड को डाइल्यूट कर पाती है और उसे पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकाल देती है. नारियल पानी और बिना चीनी वाला नींबू पानी भी शरीर को हाइड्रेटेड रखने और यूरिक एसिड के स्तर को सामान्य बनाए रखने में बहुत मदद करते हैं. इसके अलावा रोज कम से कम 30 मिनट का व्यायाम या पैदल चलना वजन को कंट्रोल करता है और यूरिक एसिड भी कम होता है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : March 31, 2026, 08:15 IST

शादीशुदा महिला से बीच सड़क गैंगरेप की कोशिश,वीडियो बनाया:पीड़िता बोली- 3 लोगों ने पकड़ा, कपड़े फाड़े, सीने पर हाथ लगाया; गांव वालों ने बचाया

शादीशुदा महिला से बीच सड़क गैंगरेप की कोशिश,वीडियो बनाया:पीड़िता बोली- 3 लोगों ने पकड़ा, कपड़े फाड़े, सीने पर हाथ लगाया; गांव वालों ने बचाया

बिहार के नालंदा में एक शादीशुदा महिला के साथ सरेआम गैंगरेप की कोशिश की गई। बीच सड़क कुछ बदमाशों ने महिला को गलत ढंग से पकड़ लिया। रेप की कोशिश का बदमाशों ने वीडियो भी बनाया। महिला ने जब थाने में इसकी शिकायत की तो आरोपियों ने गंदा वीडियो वायरल कर दिया। मामला सीएम नीतीश के गृह जिले नालंदा के नूरसराय थाना इलाके का है। पीड़िता ने थाने में शिकायत की है। पुलिस ने 2 आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। महिला से बीच सड़क छेड़खानी की कुछ तस्वीरें देखिए राशन लेने गई थी, 3 लोगों ने पकड़ा महिला शादीशुदा है। उसके 2 बच्चे हैं। उसका पति रोजगार के सिलसिले में महाराष्ट्र के नासिक में रहता है। वो अपने सास-ससुर के साथ नूरसराय थाना इलाके के एक गांव में रहती है। महिला के मुताबिक 26 मार्च की शाम वो घर से राशन लाने के लिए निकली। राशन लेकर वो घर लौट रही थी, तभी गांव के ही तीन लड़कों ने अंधेरे का फायदा उठाकर उसे पकड़ लिया। तीनों ने उसके साथ रेप करने की कोशिश की, लेकिन महिला ने किसी तरह खुद को बचा लिया। अब जानिए वायल वीडियो में क्या है घटना 26 मार्च की है। महिला ने 27 मार्च को थाने में केस किया। केस करने के बाद आरोपियों ने वीडियो को वायरल कर दिया। 42 सेकेंड के वीडियो को 3 क्लीप में वायरल किया गया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है। कुछ लड़के एक महिला को गंदे ढंग से पकड़कर ले जा रहे हैं। महिला बार-बार छोड़ने की गुहार लगा रही है, लेकिन सभी आरोपी उसे छोड़ने को तैयार नहीं होते। वो अपने साथियों से कहते हैं कि इसका वीडियो बनाओ। इस दौरान महिला को पकड़े आरोपी भद्दी-भद्दी गालियां भी दे रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है कि, आरोपियों के साथ पीछे बड़ी संख्या में लोग चल रहे हैं। दोषियों को किसी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा सदर डीएसपी-2 संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि, पुलिस की विशेष टीम ने गांव में छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जिसकी पहचान अशोक यादव और महालू महतो उर्फ नवनीत कुमार नरोत्तम के तौर पर हुई है। तीसरे नामजद आरोपी रविकांत कुमार की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री जी, लानत है आपके कानून के राज पर: रोहिणी राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडियो X पर लिखा, ‘नीतीश कुमार जी .. आप बिहार को दुशासनी राज के तांडव का दर्द दे कर जा रहे हैं। मुख्यमंत्री जी, आपके ही गृह जिले नालंदा में मानवता को शर्मसार करने, स्त्री अस्मिता को तार-तार कर देनी वाली घटना को बिना कानून के किसी खौफ के असामाजिक तत्वों और दुराचारियों के द्वारा सरेआम सड़क पर अंजाम दिया गया। फिर पूरे दुःसाहस के साथ वीडियो बना कर वायरल कर दिया गया। लानत है कानून के राज, महिला सुरक्षा के संदर्भ में आपके तमाम दावों पर .. मुख्यमंत्री जी .. उम्मीद है आप खुद को जबरन बिहार से रुखसत किए जाने के सदमे से उबर गए होंगे और आपको ये पता होगा कि आपके ही गृह जिले में घर का राशन ले कर लौट रही एक विवाहित महिला के साथ ये शर्मनाक वाकया हुआ है।

विजय ने तमिलनाडु चुनाव से पहले अचानक रद्द किया आउटरीच कार्यक्रम, चेन्नई में सुरक्षा चूक का हवाला दिया | चुनाव समाचार

Kerala Lottery Result Today: The first prize winner of Sthree Sakthi SS-513 will take home Rs 1 crore. (Image: Shutterstock)

आखरी अपडेट:मार्च 31, 2026, 06:20 IST टीवीके प्रमुख विजय ने जनता और उनके काफिले दोनों के लिए सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियों का हवाला दिया। टीवीके प्रमुख विजय आगामी तमिलनाडु चुनावों से पहले चल रहे अभियान के बीच, तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) प्रमुख विजय के प्रचार अभियान में सोमवार को हाई-वोल्टेज ड्रामा देखा गया, क्योंकि उन्होंने चेन्नई में अपने निर्धारित आउटरीच का हिस्सा अचानक रद्द कर दिया। अभिनेता से नेता बने अभिनेता ने जनता और अपने काफिले दोनों के लिए सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियों का हवाला दिया। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब विजय ने दोपहर करीब 12:15 बजे पेरम्बूर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए अपना नामांकन दाखिल किया और शीघ्र ही अपना अभियान शुरू कर दिया। दोपहर 2 बजे के निर्धारित समय से काफी पहले लगभग 1:05 बजे। हालाँकि, देरी के कारण चुनाव प्रचार बाधित हो गया और टीवीके प्रमुख को पेरम्बूर से कोलाथुर तक लगभग 5 किमी की दूरी तय करने में लगभग दो घंटे लग गए। देरी के बावजूद, उन्हें देखने के लिए कोलाथुर में भारी भीड़ जमा हो गई। इसके बाद, टीवीके ने आरोप लगाया कि अपर्याप्त पुलिस तैनाती के कारण यातायात बाधित हुआ। पार्टी ने आगे कहा कि खराब भीड़ प्रबंधन के कारण काफिला काफी देर तक फंसा रहा। पार्टी ने अधिकारियों पर सत्तारूढ़ द्रमुक के निर्देश पर चुनाव प्रचार के दौरान जानबूझकर बाधाएं पैदा करने का आरोप लगाया है। इस बीच, टीवीके के संयुक्त सचिव निर्मल कुमार ने भारत के चुनाव आयोग को पत्र लिखा और कथित सुरक्षा चूक पर चेन्नई पुलिस आयुक्त और अन्य अधिकारियों के खिलाफ तत्काल हस्तक्षेप और कार्रवाई का आग्रह किया। हाल ही में करूर में हुई भगदड़ की घटना के मद्देनजर कार्यक्रम को रद्द किया गया। सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए, टीवीके नेतृत्व ने विल्लीवक्कम में विजय के अभियान के अंतिम चरण को रद्द करने का फैसला किया। बाद में पार्टी के स्थानीय प्रतिनिधि ने बड़ी संख्या में वहां एकत्र हुए समर्थकों से माफी मांगी। इस बीच, द्रमुक ने सभी आरोपों का दृढ़ता से खंडन किया है और कहा है कि चुनाव अवधि के दौरान चुनाव आयोग के पास पूर्ण अधिकार होता है। टीवीके द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन जानबूझकर विजय के आंदोलन में देरी करके करूर त्रासदी जैसी स्थिति पैदा कर रहे हैं, डीएमके प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि आरोप निराधार हैं। जगह : तमिलनाडु, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 31, 2026, 06:20 IST समाचार चुनाव विजय ने तमिलनाडु चुनाव से पहले अचानक रद्द किया आउटरीच कार्यक्रम, चेन्नई में सुरक्षा चूक का हवाला दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

नीतीश ने MLC पद छोड़ा, अब आगे क्या-क्या होगा:पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री; JDU का डिप्टी CM, शपथ से लेकर इस्तीफे की डेट आई सामने

नीतीश ने MLC पद छोड़ा, अब आगे क्या-क्या होगा:पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री; JDU का डिप्टी CM, शपथ से लेकर इस्तीफे की डेट आई सामने

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 30 मार्च को विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद यह तय हो गया कि अब वह कुछ दिनों के बाद आगे मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। नीतीश के इस्तीफे के बाद अब आगे क्या-क्या होगा। नीतीश कब मुख्यमंत्री पद छोड़ेंगे। नई सरकार कब बन सकती है, जानिए आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। नीतीश के इस्तीफे से 2 चीजें तय नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। वह बतौर मुख्यमंत्री विधान परिषद के सदस्य (MLC) थे। उनका MLC का कार्यकाल 2030 तक बचा था, लेकिन उन्होंने 30 मार्च को MLC पद छोड़ दिया। दरअसल, ऐसा नहीं करते तो उनकी राज्यसभा की सदस्यता अपने-आप खत्म हो जाती। इसे ऐसे समझिए… अब जब नीतीश कुमार ने MLC पद से इस्तीफा दे दिया है तो 2 चीजें तय हो गईं हैं। 1. भाजपा का बनेगा मुख्यमंत्रीः नीतीश कुमार के विधान परिषद से जाने के बाद तय हो गया है कि अब वह ज्यादा दिनों तक मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। देश की आजादी के बाद भाजपा पहली बार बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाएगी। हालांकि, अब तक NDA के घटक दलों ने आधिकारिक तौर पर ऐलान नहीं किया है कि नीतीश कुमार के बाद अगला मुख्यमंत्री कौन होगा और किस पार्टी का होगा। 2. JDU का होगा डिप्टी CM: नई सरकार में JDU भाजपा की पुरानी भूमिका में लौट जाएगी। JDU के खाते में डिप्टी CM का पद जाएगा। पार्टी एक डिप्टी बनाती है या दो, यह नीतीश कुमार तय करेंगे। अब आगे क्या-क्या होगा… BJP-JDU की टॉप लीडरशिप की बैठकः बताया जा रहा है कि अब राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज होगी। 2-3 अप्रैल को दिल्ली में भाजपा की टॉप लीडरशिप के साथ JDU के बड़े नेताओं की मुलाकात होगी, जिसमें बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा हो सकती है। 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद की शपथः भाजपा नेता और नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद शिवेश राम ने बताया था- बिहार से चुने गए राज्यसभा सांसदों की शपथ की डेट 10 अप्रैल तय की गई है। उस दिन हमलोगों को शपथ लेने के लिए बुलाया गया है।’ इसका मतलब हुआ कि नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य की शपथ ले सकते हैं। 10-11 अप्रैल को छोड़ सकते हैं मुख्यमंत्री पदः बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य की शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली से पटना लौटने के बाद 10 अप्रैल की शाम या 11 अप्रैल को नीतीश कुमार राज्यपाल को CM पद से त्याग पत्र सौंप देंगे। उसके बाद वह नई सरकार बनने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे। 12-14 अप्रैल को विधायक दल की बैठकः मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद NDA के घटक दल (BJP, JDU, LJP(R) HAM, RLM) अपने-अपने विधायक दल की बैठक करेंगे। इसमें वह अपना नेता चुनेंगे। इस बैठक के बाद NDA (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें विधानमंडल दल के नेता का चुनाव होगा। जो नेता बनेगा, वही अगला मुख्यमंत्री होगा। बताया जा रहा है कि यह बैठक 12, 13, 14 अप्रैल के बीच होगी। खास बात है कि BJP विधायक दल का नेता ही अगला मुख्यमंत्री होगा। JDU विधानमंडल दल का नेता डिप्टी CM होगा। 14 अप्रैल बाद नई सरकार बनेगीः बिहार में खरमास 14 अप्रैल को खत्म हो रहा है। खरमास में कोई शुभ कार्य नहीं होता है। ऐसे में 14 अप्रैल के बाद नई सरकार शपथ ले सकती है। बताया जा रहा है कि 15-17 अप्रैल के बीच नई सरकार का गठन हो जाएगा।

बिहार- नई सरकार में मंत्री बनने के लिए तांत्रिक पूजा:कैमरे पर दावा- 27 विधायकों ने कराया अनुष्ठान, CM-डिप्टी CM और मंत्री बनना चाहते हैं

बिहार- नई सरकार में मंत्री बनने के लिए तांत्रिक पूजा:कैमरे पर दावा- 27 विधायकों ने कराया अनुष्ठान, CM-डिप्टी CM और मंत्री बनना चाहते हैं

बिहार में नई सरकार बनने जा रही है। मंत्री बनने के लिए विधायक तंत्र-मंत्र का सहारा ले रहे हैं। CM और डिप्टी CM से लेकर मंत्री की रेस में शामिल 27 विधायक तांत्रिकों के संपर्क में हैं। किसी के घर ग्रह दोष निवारण की पूजा चल रही है तो कोई तांत्रिकों से नई सरकार में बड़ी जिम्मेदारी के लिए अनुष्ठान करा रहा है। इसमें मौजूदा सरकार में बड़ी जिम्मेदारी निभा रहे नेता भी शामिल हैं। डिप्टी CM से लेकर 12 से ज्यादा मंत्रियों के घर तो नवरात्रि में 9 दिनों तक तंत्र साधना का इनपुट है। ऐसे इनपुट के बाद भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम उन तांत्रिकों और ज्योतिषियों तक पहुंची जिनसे बिहार के नेता पूजा पाठ करवा रहे हैं। पढ़िए, बिहार में नीतीश के इस्तीफे के बीच नई सरकार में बड़ी जिम्मेदारी पाने के लिए तांत्रिकों की शरण में जाने वाले नेताओं की कहानी… पहले तंत्र-मंत्र का पॉलिटिकल कनेक्शन जानिए बिहार की राजनीति में तंत्र-मंत्र का बड़ा कनेक्शन रहा है। बिहार के तंत्र साधक और ज्योतिषियों का दिल्ली के नेताओं से भी कनेक्शन रहा है। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर दिल्ली के कई बड़े लीडर बिहार के तांत्रिक और ज्योतिषियों के संपर्क में रहे हैं। मधुबनी के ज्योतिषाचार्य एन के झा तो इंदिरा गांधी के पुरोहित रह चुके हैं। अमित शाह और राजनाथ सिंह का भी बिहार और झारखंड में पूजा का कनेक्शन है। नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, अशोक चौधरी, नितिन नवीन, चिराग पासवान, राजू तिवारी, संजीव चौरसिया, रामकृपाल यादव से लेकर कई ऐसे नेता हैं, जो पूजा-अनुष्ठान कराते रहते हैं। बिहार में अधिकांश नेताओं के लिए पूजा पाठ, अनुष्ठान और धार्मिक आस्था उनकी निजी और सार्वजनिक जीवन का हिस्सा होती है। बिहार के प्रमुख ज्योतिषी डॉक्टर श्रीपति त्रिपाठी के शिष्यों में पॉलिटिशियन ज्यादा हैं। CM और डिप्टी CM से लेकर बिहार का हर बड़ा और प्रभावशाली नेता पंडित श्रीपति त्रिपाठी के संपर्क में रहता है। बिहार और झारखंड में ज्योतिष साधना को लेकर चर्चा में रहने वाले श्रीपति त्रिपाठी की तरफ से नेताओं के अनुष्ठान का इनपुट मिला। भास्कर रिपोर्टर ने श्रीपति त्रिपाठी से संपर्क किया तो उन्होंने पॉलिटिकल शिष्यों के लिए अनुष्ठान की बात को स्वीकर किया। पंडित डॉक्टर श्रीपति त्रिपाठी ने बताया, बिहार और झारखंड में कई पॉलिटिकल लोग मेरे शिष्य हैं। वो लोग कोई भी पॉलिटिकल डिसीजन लेने से पहले मुझसे परामर्श करते हैं। बिहार में एक बार फिर नई सरकार को लेकर समीकरण बन रहे हैं, ऐसे में कई शिष्य हमारे पास आए हैं। नई सरकार में शिष्य बेहतर पोजिशन के लिए उपाय करवा रहे हैं। सरकार में बड़ी जिम्मेदारी पर काम करें, इसके लिए उनकी जन्मपत्री पर विचार कर ग्रहों की चाल को अनुकूल करने के उपाय पर मैंने काम किया है। पॉलिटिक्स में बड़ी सफलता बड़ा मुकाम मिले, इसके लिए कुछ पूजा अनुष्ठान भी चल रहे हैं। नवरात्रि में मां को प्रसन्न करने के लिए भी संकल्प लेकर पूजा पाठ की गई है। नेपाल सीमा के रक्सौल में स्थित काली न्यास मंदिर में 16 से अधिक पॉलिटिशियन के पूजा अनुष्ठान का इनपुट मिला है। यहां के तांत्रिक जगतगुरु वामाचार्य सेवक संजय नाथ हैं, जो तंत्र को लेकर भारत से लेकर विदेशों में भी चर्चा में रहते हैं। नेपाल की राजनीति में भी कई प्रभावी नेताओं के लिए वह पूजा अनुष्ठान करते रहते हैं। वह काली मंदिर के न्यास और दस महाविद्या की साधना के लिए प्रसिद्ध हैं। बिहार के नताओं के अनुष्ठान के इनपुट के बाद भास्कर रिपोर्टर ने सेवक संजय नाथ से संपर्क किया। तांत्रिक संजय नाथ ने बताया, बिहार में सत्ता से लेकर विपक्ष के अधिकतर पॉलिटिशियन उनके शिष्य हैं, हर छोटे-बड़े काम के पहले वह संपर्क करते हैं। कोई बड़ा मिशन हो या बड़े प्लान हो, शुरुआत करने से पहले जरूर संपर्क करते हैं। बिहार में नई सरकार को लेकर कई पॉलिटिशियन ने अपनी जन्मपत्री हमें दी है। कई पॉलिटिशियन ने अपना नया प्लान साझा किया है। उनकी कामना पूरी हो इसके लिए नवरात्रि में दस महाविद्या (देवी का एक रूप) काे मनाया गया है। नेताओं की इच्छा पूरी हो, वह अपने नए प्लान में पूरी तरह से सफल हों, इसके लिए दस महाविद्या की देवी की विधिवत उपासना की गई है। संयोग अच्छा रहा कि राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान नवरात्रि पड़ी। इस विशेष संयोग में नेताओं के लिए तंत्र अनुष्ठान किया गया। 5 दिवसीय तांत्रिक अनुष्ठान के लिए बिहार के 6 विधायकों ने पटना के रहने वाले पंडित राकेश झा को कामाख्या भेजा था। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि इसमें 2 विधायक ऐसे हैं, जो मौजूदा सरकार में बड़े पदों पर हैं। अब और बड़ी जिम्मेदारी संभालने के लिए मां कामाख्या के दरबार में अनुष्ठान करवाया है। पंडित का पता लगाने के बाद भास्कर रिपोर्टर ने उनसे संपर्क किया तो उन्होंने नाम भी बताए, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं करने का आग्रह किया। इसके पीछे पंडित राकेश झा का तर्क है कि पूजा अनुष्ठान व्यक्तिगत चीज है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया है कि 6 विधायक जो मौजूदा समय में बड़े पदों पर हैं, उनके लिए उन्होंने कामाख्या में अनुष्ठान किया है। पंडित राकेश झा ने बताया कि कामाख्या तंत्र पीठ है, यहां की गई पूजा साधना कभी खाली नहीं जाती। उनके संपर्क में कई ऐसे राजनीतिक लोग हैं, जो बिहार सरकार में काफी प्रभावी हैं। अक्सर पूजा अनुष्ठान उनके घरों में भी चलता है। इस बार कुछ विशेष कामना के लिए कुछ विधायकों की इच्छा थी कि उनके लिए कामाख्या में उपासना हो। विधायकों ने कामाख्या में पंडित के लिए पूरी व्यवस्था कराई थी। 5 दिन के तांत्रिक अनुष्ठान के बाद वह उन नेताओं के घर भी पहुंचे और घर पर एक अनुष्ठान कराया गया। कामाख्या में साधना करने वाले बिहार के ज्योतिषाचार्य कृष्णकांत मिश्रा के भी बिहार झारखंड में कई पॉलिटिकल शिष्य हैं। इनपुट के बाद भास्कर रिपोर्टर ने आचार्य कृष्णकांत मिश्रा से संपर्क किया तो पता चला कि बिहार में नई सरकार में बड़ी कामना के साथ कई नेताओं ने उन्हें अनुष्ठान के लिए कहा था। तांत्रिक अनुष्ठान के लिए नेताओं से संकल्प लेकर उन्होंने नैना देवी स्थान पर 7 दिनों का अनुष्ठान किया है। उन्होंने बताया कि बिहार और यूपी में कई पॉलिटिकल हैं, जो उन पर विश्वास

कोलकाता में EC ऑफिस के बाहर भाजपा-TMC कार्यकर्ताओं में झड़प:ममता का आरोप- भाजपा ने बंगाल में अवैध वोटरों के नाम जोड़ने की कोशिश की

कोलकाता में EC ऑफिस के बाहर भाजपा-TMC कार्यकर्ताओं में झड़प:ममता का आरोप- भाजपा ने बंगाल में अवैध वोटरों के नाम जोड़ने की कोशिश की

कोलकाता में चुनाव आयोग ऑफिस (ECO) के बाहर मंगलवार को भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। पुलिस के अनुसार, TMC समर्थित बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) का एक ग्रुप वोटर लिस्ट में हेरफेर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा था। इस दौरान उन्होंने सुरक्षाबलों पर पथराव किया। इससे वहां खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। बाद में भाजपा के कार्यकर्ता भी वहां झंडा लेकर पहुंच गए। इसके बाद TMC प्रदर्शनकारियों की पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं से झड़प हो गई। पुलिस ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हल्का बल का प्रयोग किया गया। इधर बंगाल की CM ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि BJP बिहार, उत्तर प्रदेश के अवैध वोटरों को बंगाल के वोटर लिस्ट में शामिल करने की कोशिश कर रही है। ममता ने X पर एक पोस्ट में कहा- भाजपा के एजेंटों को बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस में हजारों फर्जी फॉर्म 6 आवेदन जमा करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। यह वोटर हाइजैकिंग की कोशिश है। चुनाव से जुड़े अपडेट्स 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव से जुड़ीं पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…

इंदौर की बेटी ने जीता पैराताइक्वांडो में चौथा नेशनल गोल्ड:सपना शर्मा ने दिव्यांगता को बनाया ताकत; चार बार की नेशनल चैंपियन बनीं

इंदौर की बेटी ने जीता पैराताइक्वांडो में चौथा नेशनल गोल्ड:सपना शर्मा ने दिव्यांगता को बनाया ताकत; चार बार की नेशनल चैंपियन बनीं

मध्य प्रदेश की पैरा ताइक्वांडो खिलाड़ी सपना शर्मा (35) ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। पैरा ताइक्वांडो नेशनल चैंपियनशिप 2025-26 में उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह उनका लगातार चौथा नेशनल गोल्ड है। वह देश की पहली ऐसी दिव्यांग खिलाड़ी बन गई हैं जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। इस जीत ने इंदौर सहित पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। 28-29 मार्च को बेंगलुरू के कोरामंगला स्टेडियम में आयोजित प्रतियोगिता में 70 खिलाड़ियों ने भाग लिया था। फाइनल मुकाबले में सपना ने बेहतरीन तकनीक और आत्मविश्वास के साथ अपने प्रतिद्वंद्वियों को पराजित किया। तेलंगाना की ममता को रजत पदक और कृष्णवेणी को कांस्य पदक प्राप्त हुआ। सपना का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में शानदार रहा और उन्होंने हर मुकाबले में अपना दबदबा बनाए रखा। दोनों पैरों में पोलियो होने के बावजूद नहीं मानी हार सपना शर्मा की सफलता के पीछे संघर्ष और दृढ़ संकल्प की प्रेरणादायक कहानी है। दोनों पैरों में पोलियो होने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। टेबल टेनिस में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के बाद उन्होंने आर्म रेसलिंग में भी पदक जीता। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वे अपनी पहचान बना चुकी हैं और कई सम्मान हासिल कर चुकी हैं। आर्थिक कठिनाइयों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने निरंतर अभ्यास जारी रखा। सपना का कहना है कि मजबूत हौसलों के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती, और उनका लक्ष्य देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पदक जीतना है। हर मुश्किल को बनाया ताकत सपना का कहना है कि मेरे जीवन में सबसे बड़ी चुनौती मेरी शारीरिक स्थिति रही है। आर्थिक समस्याएं, नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियां भी थीं। कई बार ऐसा हुआ कि मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित होने के बावजूद आर्थिक कारणों से नहीं जा पाई लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी। हर मुश्किल को अपनी ताकत बनाया और लगातार आगे बढ़ती रही। खुद की जिंदगी और संघर्ष से सब सीखा सपना का कहना है कि मेहनत, आत्मविश्वास और कभी हार न मानने का जज़्बा ही मेरी सफलता का सबसे बड़ा राज है। मैं हर दिन खुद को पहले से बेहतर बनाने की कोशिश करती हूं। मेरा सबसे बड़ा रोल मॉडल मेरी खुद की जिंदगी और मेरा संघर्ष है। मैंने जो भी सीखा है, अपनी परिस्थितियों से सीखा है। परिवार में पति संज वर्मा और बेटी हनाया है। ये भी मेरे संघर्ष के हिस्सेदार हैं। हर मुश्किल ने मुझे मजबूत बनाया है और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। हौसले मजबूत हैं कमजोरी आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती बकौल सपना अगर किसी एक व्यक्ति की बात करूं, तो मैं उन सभी खिलाड़ियों को अपना रोल मॉडल मानती हूं, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद देश के लिए मेडल जीतते हैं। मेरे लिए असली प्रेरणा वही लोग हैं, जो हालात से हार नहीं मानते, बल्कि अपने संघर्षों को अपनी ताकत बनाकर सफलता हासिल करते हैं। अगर आपके हौसले मजबूत हैं, तो कोई भी कमजोरी आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। अपनी कमजोरी को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाइए और अपने सपनों को कभी छोटा मत समझिए।सपना का लक्ष्य है कि लक्ष्य है कि मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए और ज्यादा गोल्ड मेडल जीतूं और देश का नाम रोशन करूं। सपना ने टेबल टेनिस और आर्म रेसलिंग में भी मप्र और भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनका कहना है कि हार मानने वालों में से नहीं हूं, मैं हर बार गिरकर और मजबूत बनकर उठती हूं।

राजगढ़ में खड़ी बस को ट्राले ने मारी टक्कर:सवारी उतारते वक्त हादसा, दो किशोर घायल; टक्कर मारकर भागा ड्राइवर

राजगढ़ में खड़ी बस को ट्राले ने मारी टक्कर:सवारी उतारते वक्त हादसा, दो किशोर घायल; टक्कर मारकर भागा ड्राइवर

राजगढ़ जिले के भोजपुर थाना क्षेत्र में सोमवार शाम 7:30 बजे ढाबला जोड़ पर एक सड़क हादसा हो गया। यहां सवारी उतार रही राजस्थान रोडवेज की बस को पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्राले ने टक्कर मार दी। इस हादसे में बस में सवार दो किशोर यात्री घायल हो गए। घायलों की पहचान भोपाल निवासी निकेश पिता जगदीश (15) और निकेश पिता प्रभुलाल (16) के रूप में हुई है। दोनों को प्राथमिक उपचार के लिए खिलचीपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सड़क किनारे खड़ी थी बस जानकारी के अनुसार, राजस्थान रोडवेज की बस (क्रमांक RJ14 PE 5046) कोटा से लगभग 30 सवारियां लेकर ब्यावरा की ओर जा रही थी। ढाबला जोड़ के पास कुछ यात्रियों को उतारने के लिए ड्राइवर ने बस सड़क किनारे खड़ी की थी। इसी दौरान पीछे से आ रहे ट्राले ने बस को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्राला ड्राइवर वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। दूसरी बस में बैठाकर सवारियों को रवाना किया घटना की सूचना मिलते ही टीआई उमाशंकर मुकाती ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने ढाबला क्षेत्र के सरपंच ढाबे के पास से टक्कर मारकर भाग रहे ट्राले को पकड़ लिया और उसे थाने ले आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोगों को लगा जैसे कोई विस्फोट हुआ हो। हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। क्षतिग्रस्त बस को चालक और कंडक्टर खिलचीपुर ले गए, जबकि अन्य सवारियों को दूसरी बस में बैठाकर उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। पुलिस ने मामले में शिकायत दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

रायसेन: 16 यात्री और 5 बाइक से लदी नाव पलटी:चार युवकों ने नर्मदा नदी में कूदकर सभी को बचाया; रमपुरा से रिछावर घाट जा रही थी नाव

रायसेन: 16 यात्री और 5 बाइक से लदी नाव पलटी:चार युवकों ने नर्मदा नदी में कूदकर सभी को बचाया; रमपुरा से रिछावर घाट जा रही थी नाव

रायसेन जिले के देवरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रमपुरा घाट पर सोमवार को नर्मदा नदी में बड़ा हादसा टल गया। यहां 16 यात्रियों और 5 मोटरसाइकिलों से लदी एक नाव अचानक अनियंत्रित होकर नदी में पलट गई। नाव रमपुरा घाट से रिछावर घाट (जिला नरसिंहपुर) की ओर जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नाव में क्षमता से अधिक लोग और वाहन सवार थे, जिसके चलते यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि अधिक भार के कारण नाव संतुलन खोने लगी और उसमें धीरे-धीरे पानी भरने लगा। यात्रियों को स्थिति का अंदाजा होता, उससे पहले ही नाव डगमगाई और अचानक पलट गई। देखते ही देखते सभी यात्री और बाइक नदी में गिर गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। चार युवकों ने दिखाई बहादुरी, नदी में कूदकर बचाईं जानें हादसे के दौरान स्थानीय चार युवकों ने साहस का परिचय देते हुए बिना देर किए नर्मदा नदी में छलांग लगा दी। तेज बहाव के बीच उन्होंने एक-एक कर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। नाव में सवार लोगों में बच्चे, महिलाएं और पुरुष शामिल थे। युवकों की तत्परता और सूझबूझ के चलते सभी 16 यात्रियों की जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया। बाइक नदी में डूबीं, तीन निकाली गईं, बाकी की तलाश जारी हादसे में नाव पर रखी सभी 5 मोटरसाइकिलें नदी में डूब गईं। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से अब तक 3 बाइक को बाहर निकाल लिया गया है, जबकि बाकी 2 की तलाश जारी है। नदी में सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। घटना के तुरंत बाद सभी यात्रियों को देवरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। बचाने वाले युवकों का होगा सम्मान प्रशासन ने हादसे के दौरान साहस दिखाने वाले चारों युवकों को सम्मानित करने की घोषणा की है। उनकी बहादुरी और तत्परता के चलते 16 जिंदगियां सुरक्षित बच सकीं। यह है 4 बहादुर युवक… प्रशासन मौके पर पहुंचा, लिया घटनास्थल का जायजा घटना की सूचना मिलते ही देवरी तहसीलदार जयपाल उइके और थाना प्रभारी जयदीप भदोरिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद नदी में संचालित नावों की सुरक्षा व्यवस्था और ओवरलोडिंग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटों पर क्षमता से अधिक सवारी बैठाने पर कोई सख्ती नहीं होती, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि घाटों पर नाव संचालन के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

फेसबुक पर जर्सी गाय दिखाकर युवक के पैसे हड़पे:मैहर में पीड़ित ने थाने में की शिकायत, आरोपियों ने भरोसे में लेने फर्जी दस्तावेज भेजे

फेसबुक पर जर्सी गाय दिखाकर युवक के पैसे हड़पे:मैहर में पीड़ित ने थाने में की शिकायत, आरोपियों ने भरोसे में लेने फर्जी दस्तावेज भेजे

मैहर जिले में फेसबुक के जरिए गाय बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। ताला थाना क्षेत्र के आमीन गांव के एक युवक को सस्ती जर्सी गाय खरीदने के चक्कर में हजारों रुपए की चपत लग गई। ठगों ने गाड़ी के खर्चे और जीपीएस के नाम पर पैसे ऐंठ लिए। सोमवार को पीड़ित अक्लेन्द्र सिंह ने बताया कि उन्होंने फेसबुक पर गायों की सप्लाई से जुड़ा एक विज्ञापन देखा था। दिए गए नंबर पर बात करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को गायों का व्यापारी बताया और व्हाट्सएप पर कई फोटो भेज दीं। अक्लेन्द्र को एक जर्सी गाय पसंद आ गई। ठग ने उसकी कीमत 30 हजार रुपए बताई, लेकिन बाद में सौदा सिर्फ 15 हजार रुपए में तय हो गया। एडवांस और जीपीएस के नाम पर वसूली सौदा पक्का होते ही ठग ने गाय भेजने के लिए गाड़ी के इंतजाम के नाम पर 2,000 रुपए एडवांस मांग लिए। अक्लेन्द्र ने भरोसा करके पैसे ऑनलाइन भेज दिए। करीब चार घंटे बाद ठग का फिर फोन आया और उसने कहा कि अब जीपीएस लगाने के नाम पर 9,999 रुपए और भेजने होंगे। शक होते ही ठग ने बंद किया फोन जब ठग ने दोबारा करीब 10 हजार रुपए मांगे, तो अक्लेन्द्र को गड़बड़ी का अहसास हुआ। उन्होंने और पैसे देने से मना कर दिया। जैसे ही युवक ने इनकार किया, ठग ने फोन काट दिया और अपना नंबर बंद कर लिया। पीड़ित ने अब मुकुंदपुर चौकी में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। चौकी प्रभारी नागेश्वर मिश्रा का कहना है कि शिकायत मिल गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।