रिपोर्ट- ईरान फिर जंग की तैयारी में जुटा:कहा- अमेरिका पर भरोसा नहीं; होर्मुज स्ट्रेट को सबसे बड़ा हथियार बताया

ईरान अमेरिका के साथ संभावित नए युद्ध के लिए तैयारी कर रहा है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक तेहरान को वॉशिंगटन पर बिल्कुल भरोसा नहीं है और वह होर्मुज स्ट्रेट को अपना सबसे बड़ा रणनीतिक हथियार मान रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी अधिकारी तीन मोर्चों पर काम कर रहे हैं- सैन्य तैयारी, घरेलू समर्थन और कूटनीति। हालांकि बातचीत का रास्ता खुला रखा गया है, लेकिन सेना और ईरान रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) हाई अलर्ट पर हैं। ईरान मानता है कि होर्मुज स्ट्रेट उसकी सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है। इसी वजह से तेहरान इसे अमेरिका और उसके सहयोगियों पर दबाव बनाने के बड़े हथियार के तौर पर देख रहा है। ईरानी नेतृत्व ने कहा है कि नए संघर्ष की स्थिति में अमेरिका के सैन्य ठिकाने, ऊर्जा ढांचा और उससे जुड़े हित निशाने पर हो सकते हैं। कुछ दिन पहले IRGC ने भी चेतावनी दी थी कि किसी नए अमेरिकी हमले का जवाब पहले से ज्यादा हिंसक होगा और उसका असर मिडिल-ईस्ट से बाहर तक महसूस किया जाएगा। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
मां का सपना पूरा करने मुंबई पहुंचीं मुस्कान:लोगों ने कहा- गलत काम करती होगी, फिर इंस्पेक्टर अविनाश में देखकर प्राउड फील किया

एक्ट्रेस मुस्कान वर्मा ने छोटे शहर रुड़की से निकलकर मुंबई में अपनी पहचान बनाई। म्यूजिक सीखने वाली मुस्कान के भीतर एक्टिंग का सपना उनकी मां ने जगाया, जो खुद एक्ट्रेस बनना चाहती थीं। शुरुआती दिनों में उन्हें संघर्ष, रिजेक्शन और लोगों के ताने झेलने पड़े, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। वेब सीरीज ‘इंस्पेक्टर अविनाश’ में बिन्नी के किरदार ने उन्हें नई पहचान दी। दैनिक भास्कर से बातचीत में मुस्कान ने अपने स्ट्रगल, कास्टिंग काउच, परिवार के सपोर्ट, रणदीप हुड्डा के साथ काम करने का अनुभव और भावुक क्रिमेशन सीन से जुड़ी यादें साझा कीं। सवाल: आपकी जर्नी बहुत खूबसूरत रही है। रुड़की जैसे शहर से मुंबई तक पहुंचना आसान नहीं होता। सबसे पहले एक्टिंग का सपना कब देखा? जवाब: सच कहूं तो यह सपना मेरी मम्मी का था। वह खुद एक्ट्रेस बनना चाहती थीं, लेकिन उस समय लड़कियों की जल्दी शादी हो जाती थी। उनका सपना अधूरा रह गया। धीरे-धीरे वही सपना मेरे अंदर आने लगा। मम्मी मुझे बचपन से दो रिबन, काजल और लिपस्टिक लगाकर हीरोइन की तरह तैयार करती थीं। लोग कहते थे कि जिस तरह यह बच्ची को तैयार करती है, यह जरूर फिल्मों में जाएगी। सवाल: यानी कहीं न कहीं मम्मी ने आपके अंदर वह सपना डाल दिया था? जवाब: बिल्कुल। फिर मैंने म्यूजिक का छह साल का कोर्स किया। मेरी मैम कहती थीं कि तुम्हें मुंबई जाकर कोशिश करनी चाहिए। उसके बाद मम्मी-पापा ने मुझे एक-दो साल का समय दिया कि जाओ और ट्राई करो। सवाल: जब घर से सीमित समय मिला था, तब मुंबई आने के बाद पहला मौका कैसे मिला? जवाब: मैं कोविड से थोड़ा पहले मुंबई आई थी और जल्दी ही मुझे एक टीवीसी ऐड मिल गया। फिर लगा कि शायद मैं सही दिशा में जा रही हूं। कोविड के दौरान पापा ने कहा था कि अब वापस आ जाओ, क्योंकि उस समय बहुत लोग मुंबई छोड़ रहे थे। लेकिन तभी मुझे ‘इंस्पेक्टर अविनाश’ मिल गई। सवाल: मुंबई में शुरुआत कैसे हुई? पहली बार कहां रुकी थीं? जवाब: शुरुआत में मैं न्यू म्हाडा में रुकी थी। रिश्तेदारों के जरिए रहने की व्यवस्था हुई। धीरे-धीरे ऑडिशन देना शुरू किया, लोगों से मिलती गई और इंडस्ट्री को समझती गई। सवाल: छोटे शहर से आने वाले लोगों के लिए मुंबई को समझना आसान नहीं होता। आपने कैसे सीखा? जवाब: ऑडिशन में जाती गई और लोगों से मिलती गई। फिर दोस्त बने। किसी ने बताया कि ऐसे ऑडिशन देना होता है और ऐसे कास्टिंग डायरेक्टर से मिलना होता है। बाद में मैं मेडिटेशन और ब्रह्माकुमारी से भी जुड़ गई। मुझे लगता है कि भगवान कृष्ण की कृपा से सब होता चला गया। सवाल: आपने म्यूजिक की पढ़ाई की। तो सपना सिंगर बनने का था या एक्ट्रेस बनने का? जवाब: शुरुआत में सपना सिंगिंग का था। मेरी आवाज की तारीफ होती थी। लेकिन धीरे-धीरे एक्टिंग की तरफ झुकाव बढ़ता गया। सच कहूं तो अब काफी समय से मैंने रियाज नहीं किया है। एक्टिंग में इतना बिजी हो गई हूं कि म्यूजिक थोड़ा पीछे छूट गया। लेकिन अगर आगे कभी मौका मिला, तो मैं अपनी किसी फिल्म या प्रोजेक्ट में जरूर गाना चाहूंगी। सवाल: आपको कब लगा कि एक्टिंग ही करनी है? जवाब: जब मम्मी दिन में सोती थीं, तब मैं साड़ी पहनकर माधुरी दीक्षित के गानों पर डांस करती थी। शायद वहीं से सब शुरू हुआ। सवाल: पेरेंट्स क्या करते हैं और परिवार में सबसे ज्यादा सपोर्ट किसका मिला? जवाब: मेरे पापा पत्रकार हैं और मम्मी टीचर हैं। सबसे ज्यादा सपोर्ट मम्मी का मिला। पापा थोड़े स्ट्रिक्ट थे। म्यूजिक क्लास मम्मी ने उनसे छुपाकर कराई। उन्हें डर था कि मेरे सपने कहीं खत्म न हो जाएं। सवाल: मुंबई में संघर्ष कितना मुश्किल रहा? जवाब: बहुत मुश्किल था। यहां अच्छे और गलत दोनों तरह के लोग मिले। कॉम्प्रोमाइज जैसी बातें सुननी पड़ीं। लेकिन मैंने ऐसे कई प्रोजेक्ट छोड़ दिए। मुझे लगा कि गलत रास्ते से सफलता नहीं चाहिए। सवाल: उस दौरान आर्थिक स्थिति कैसे संभाली? जवाब: मैंने यहां लगभग एक साल नौकरी की। एक ऑफिस में काम करती थी। मैं घर से ज्यादा पैसे नहीं मांगती थी, क्योंकि डर था कि पापा वापस बुला लेंगे। सवाल: फिल्म इंडस्ट्री को लेकर छोटे शहरों में बहुत गलत धारणाएं होती हैं। आपके साथ भी ऐसा हुआ? जवाब: हां, बहुत हुआ। लोगों ने कहा कि मुंबई जाकर पता नहीं क्या कर रही होगी। लेकिन मैंने कभी जवाब नहीं दिया। मैंने सोचा कि एक दिन मेरा काम ही जवाब देगा। आज वही लोग टीवी पर मुझे देखकर तारीफ करते हैं। सवाल: एक्टिंग में पहला बड़ा मौका कौन सा मिला? जवाब: मैंने पहले स्टार भारत के शो ‘राधा कृष्ण’ में चित्रलेखा का रोल किया। उसका ऑडिशन दिया और भूल गई थी। रात 12:30 बजे कॉल आया कि सुबह 6 बजे शूट के लिए निकलना है। सवाल: उस शो से कितना फायदा मिला? जवाब: सीखने को बहुत मिला, लेकिन मुझे हमेशा लगता था कि मैं टीवी सीरियल्स के लिए नहीं बनी हूं। मैं कुछ अलग करना चाहती थी। सवाल: कभी ऐसा लगा कि शायद यह इंडस्ट्री आपके लिए नहीं है? जवाब: हां। एक बड़े शो में मैं फाइनल हो गई थी, लेकिन शूट से एक रात पहले रिप्लेस कर दिया गया। मैं डिप्रेशन में चली गई थी। लगा कि शायद मैं टैलेंटेड नहीं हूं। लेकिन बाद में समझ आया कि शायद भगवान ने मेरे लिए कुछ बड़ा सोच रखा था। सवाल: फिर ‘इंस्पेक्टर अविनाश’ में काम करने का मौका कैसे मिला? जवाब: एक कास्टिंग डायरेक्टर ने मुझे कॉल किया और कहा कि एक डायरेक्टर से मिल लो। मैं उस समय इसे सीरियस नहीं ले रही थी। उन्होंने चार-पांच बार कॉल किया, तब मैं मिलने गई। वहां मेरी मुलाकात डायरेक्टर नीरज पाठक से हुई और मुझे बिन्नी का रोल मिल गया। सवाल: पहली बार इतने बड़े सेट पर पहुंचीं। कैसा अनुभव रहा? जवाब: बहुत शानदार। मुझे कभी नहीं लगा कि मैं पहली बार काम कर रही हूं। नीरज पाठक सर इतने सपोर्टिव थे कि हर चीज प्यार से समझाते थे। वह किसी भी एक्टर से बेहतरीन एक्टिंग निकलवा लेते हैं। सवाल: रणदीप हुड्डा के साथ पहला सीन कैसा था? जवाब: बहुत अच्छा। उन्होंने मुझे कभी जूनियर जैसा महसूस नहीं कराया। हमारे बीच भाई-बहन जैसा रिश्ता
मां का सपना पूरा करने मुंबई पहुंचीं मुस्कान:लोगों ने कहा- गलत काम करती होगी, फिर इंस्पेक्टर अविनाश में देखकर प्राउड फील किया

एक्ट्रेस मुस्कान वर्मा ने छोटे शहर रुड़की से निकलकर मुंबई में अपनी पहचान बनाई। म्यूजिक सीखने वाली मुस्कान के भीतर एक्टिंग का सपना उनकी मां ने जगाया, जो खुद एक्ट्रेस बनना चाहती थीं। शुरुआती दिनों में उन्हें संघर्ष, रिजेक्शन और लोगों के ताने झेलने पड़े, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। वेब सीरीज ‘इंस्पेक्टर अविनाश’ में बिन्नी के किरदार ने उन्हें नई पहचान दी। दैनिक भास्कर से बातचीत में मुस्कान ने अपने स्ट्रगल, कास्टिंग काउच, परिवार के सपोर्ट, रणदीप हुड्डा के साथ काम करने का अनुभव और भावुक क्रिमेशन सीन से जुड़ी यादें साझा कीं। सवाल: आपकी जर्नी बहुत खूबसूरत रही है। रुड़की जैसे शहर से मुंबई तक पहुंचना आसान नहीं होता। सबसे पहले एक्टिंग का सपना कब देखा? जवाब: सच कहूं तो यह सपना मेरी मम्मी का था। वह खुद एक्ट्रेस बनना चाहती थीं, लेकिन उस समय लड़कियों की जल्दी शादी हो जाती थी। उनका सपना अधूरा रह गया। धीरे-धीरे वही सपना मेरे अंदर आने लगा। मम्मी मुझे बचपन से दो रिबन, काजल और लिपस्टिक लगाकर हीरोइन की तरह तैयार करती थीं। लोग कहते थे कि जिस तरह यह बच्ची को तैयार करती है, यह जरूर फिल्मों में जाएगी। सवाल: यानी कहीं न कहीं मम्मी ने आपके अंदर वह सपना डाल दिया था? जवाब: बिल्कुल। फिर मैंने म्यूजिक का छह साल का कोर्स किया। मेरी मैम कहती थीं कि तुम्हें मुंबई जाकर कोशिश करनी चाहिए। उसके बाद मम्मी-पापा ने मुझे एक-दो साल का समय दिया कि जाओ और ट्राई करो। सवाल: जब घर से सीमित समय मिला था, तब मुंबई आने के बाद पहला मौका कैसे मिला? जवाब: मैं कोविड से थोड़ा पहले मुंबई आई थी और जल्दी ही मुझे एक टीवीसी ऐड मिल गया। फिर लगा कि शायद मैं सही दिशा में जा रही हूं। कोविड के दौरान पापा ने कहा था कि अब वापस आ जाओ, क्योंकि उस समय बहुत लोग मुंबई छोड़ रहे थे। लेकिन तभी मुझे ‘इंस्पेक्टर अविनाश’ मिल गई। सवाल: मुंबई में शुरुआत कैसे हुई? पहली बार कहां रुकी थीं? जवाब: शुरुआत में मैं न्यू म्हाडा में रुकी थी। रिश्तेदारों के जरिए रहने की व्यवस्था हुई। धीरे-धीरे ऑडिशन देना शुरू किया, लोगों से मिलती गई और इंडस्ट्री को समझती गई। सवाल: छोटे शहर से आने वाले लोगों के लिए मुंबई को समझना आसान नहीं होता। आपने कैसे सीखा? जवाब: ऑडिशन में जाती गई और लोगों से मिलती गई। फिर दोस्त बने। किसी ने बताया कि ऐसे ऑडिशन देना होता है और ऐसे कास्टिंग डायरेक्टर से मिलना होता है। बाद में मैं मेडिटेशन और ब्रह्माकुमारी से भी जुड़ गई। मुझे लगता है कि भगवान कृष्ण की कृपा से सब होता चला गया। सवाल: आपने म्यूजिक की पढ़ाई की। तो सपना सिंगर बनने का था या एक्ट्रेस बनने का? जवाब: शुरुआत में सपना सिंगिंग का था। मेरी आवाज की तारीफ होती थी। लेकिन धीरे-धीरे एक्टिंग की तरफ झुकाव बढ़ता गया। सच कहूं तो अब काफी समय से मैंने रियाज नहीं किया है। एक्टिंग में इतना बिजी हो गई हूं कि म्यूजिक थोड़ा पीछे छूट गया। लेकिन अगर आगे कभी मौका मिला, तो मैं अपनी किसी फिल्म या प्रोजेक्ट में जरूर गाना चाहूंगी। सवाल: आपको कब लगा कि एक्टिंग ही करनी है? जवाब: जब मम्मी दिन में सोती थीं, तब मैं साड़ी पहनकर माधुरी दीक्षित के गानों पर डांस करती थी। शायद वहीं से सब शुरू हुआ। सवाल: पेरेंट्स क्या करते हैं और परिवार में सबसे ज्यादा सपोर्ट किसका मिला? जवाब: मेरे पापा पत्रकार हैं और मम्मी टीचर हैं। सबसे ज्यादा सपोर्ट मम्मी का मिला। पापा थोड़े स्ट्रिक्ट थे। म्यूजिक क्लास मम्मी ने उनसे छुपाकर कराई। उन्हें डर था कि मेरे सपने कहीं खत्म न हो जाएं। सवाल: मुंबई में संघर्ष कितना मुश्किल रहा? जवाब: बहुत मुश्किल था। यहां अच्छे और गलत दोनों तरह के लोग मिले। कॉम्प्रोमाइज जैसी बातें सुननी पड़ीं। लेकिन मैंने ऐसे कई प्रोजेक्ट छोड़ दिए। मुझे लगा कि गलत रास्ते से सफलता नहीं चाहिए। सवाल: उस दौरान आर्थिक स्थिति कैसे संभाली? जवाब: मैंने यहां लगभग एक साल नौकरी की। एक ऑफिस में काम करती थी। मैं घर से ज्यादा पैसे नहीं मांगती थी, क्योंकि डर था कि पापा वापस बुला लेंगे। सवाल: फिल्म इंडस्ट्री को लेकर छोटे शहरों में बहुत गलत धारणाएं होती हैं। आपके साथ भी ऐसा हुआ? जवाब: हां, बहुत हुआ। लोगों ने कहा कि मुंबई जाकर पता नहीं क्या कर रही होगी। लेकिन मैंने कभी जवाब नहीं दिया। मैंने सोचा कि एक दिन मेरा काम ही जवाब देगा। आज वही लोग टीवी पर मुझे देखकर तारीफ करते हैं। सवाल: एक्टिंग में पहला बड़ा मौका कौन सा मिला? जवाब: मैंने पहले स्टार भारत के शो ‘राधा कृष्ण’ में चित्रलेखा का रोल किया। उसका ऑडिशन दिया और भूल गई थी। रात 12:30 बजे कॉल आया कि सुबह 6 बजे शूट के लिए निकलना है। सवाल: उस शो से कितना फायदा मिला? जवाब: सीखने को बहुत मिला, लेकिन मुझे हमेशा लगता था कि मैं टीवी सीरियल्स के लिए नहीं बनी हूं। मैं कुछ अलग करना चाहती थी। सवाल: कभी ऐसा लगा कि शायद यह इंडस्ट्री आपके लिए नहीं है? जवाब: हां। एक बड़े शो में मैं फाइनल हो गई थी, लेकिन शूट से एक रात पहले रिप्लेस कर दिया गया। मैं डिप्रेशन में चली गई थी। लगा कि शायद मैं टैलेंटेड नहीं हूं। लेकिन बाद में समझ आया कि शायद भगवान ने मेरे लिए कुछ बड़ा सोच रखा था। सवाल: फिर ‘इंस्पेक्टर अविनाश’ में काम करने का मौका कैसे मिला? जवाब: एक कास्टिंग डायरेक्टर ने मुझे कॉल किया और कहा कि एक डायरेक्टर से मिल लो। मैं उस समय इसे सीरियस नहीं ले रही थी। उन्होंने चार-पांच बार कॉल किया, तब मैं मिलने गई। वहां मेरी मुलाकात डायरेक्टर नीरज पाठक से हुई और मुझे बिन्नी का रोल मिल गया। सवाल: पहली बार इतने बड़े सेट पर पहुंचीं। कैसा अनुभव रहा? जवाब: बहुत शानदार। मुझे कभी नहीं लगा कि मैं पहली बार काम कर रही हूं। नीरज पाठक सर इतने सपोर्टिव थे कि हर चीज प्यार से समझाते थे। वह किसी भी एक्टर से बेहतरीन एक्टिंग निकलवा लेते हैं। सवाल: रणदीप हुड्डा के साथ पहला सीन कैसा था? जवाब: बहुत अच्छा। उन्होंने मुझे कभी जूनियर जैसा महसूस नहीं कराया। हमारे बीच भाई-बहन जैसा रिश्ता
भारत ने जम्मू-कश्मीर पर चीन-पाकिस्तान का बयान खारिज किया:कहा- दूसरे देश को टिप्पणी का हक नहीं; चीन ने इतिहास से जुड़ा विवाद बताया था

भारत ने चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के जिक्र को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। भारत ने चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) परियोजनाओं पर भी कड़ी आपत्ति जताई। यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की चीन यात्रा के बाद जारी संयुक्त बयान के जवाब में आया है। इसमें कहा गया था कि पाकिस्तान ने चीन को जम्मू-कश्मीर के हालात की जानकारी दी। इसके बाद चीन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर मुद्दा इतिहास से जुड़ा विवाद है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर, UNSC प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के तहत शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। भारत ने चीन के CPEC का विरोध भी किया विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि CPEC के कुछ प्रोजेक्ट भारत के उस क्षेत्र से गुजरते हैं, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध और जबरन कब्जा कर रखा है। भारत किसी भी ऐसी कोशिश का विरोध करता है, जो पाकिस्तान के कब्जे को मजबूत या वैधता देने की कोशिश करे। भारत ने चीन और पाकिस्तान के बीच कथित ट्रांस-बाउंड्री वाटर रिसोर्सेज कोऑपरेशन पर भी सवाल उठाए और कहा कि दोनों देशों के बीच कोई साझा सीमा नहीं है। भारत ने यह भी दोहराया कि उसने 1963 के चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते को कभी मान्यता नहीं दी। इस समझौते के तहत पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी का इलाका चीन को सौंप दिया था, जिस पर उसने 1948 में अवैध कब्जा किया था। CPEC प्रोजेक्ट में चीन सड़क, पोर्ट, रेल लाइन बनाएगा चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की महत्वाकांक्षी योजना है। इसकी शुरुआत 2013 में की गई थी। इसमें चीन के शिंजियांग प्रांत से पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट तक 60 बिलियन डॉलर (करीब 5 लाख करोड़ रुपए) की लागत से आर्थिक गलियारा बनाया जा रहा है। इसके जरिए चीन की अरब सागर तक पहुंच हो जाएगी। CPEC के तहत चीन सड़क, बंदरगाह, रेलवे और ऊर्जा प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है। भारत को CPEC से एतराज CPEC से चीन को क्या फायदा?
फिल्म 'चांद मेरा दिल' में भरतनाट्यम पर विवाद:अनन्या पांडे पर भड़कीं कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद; बोलीं- हमारे पसंदीदा डांस फॉर्म को मार दिया

बॉलीवुड एक्ट्रेस अनन्या पांडे की नई फिल्म ‘चांद मेरा दिल’ के एक डांस सीन को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। फिल्म में उनके भरतनाट्यम और कन्टेंपररी मिक्स (फ्यूजन) डांस सीक्वेंस की आलोचना हो रही है। कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद और क्लासिकल डांसर अनीता रत्नम सहित कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर नाराजगी जताई है। शमा मोहम्मद ने कहा कि अनन्या ने उनके पसंदीदा डांस फॉर्म को खराब कर दिया है। वहीं, फिल्म की असिस्टेंट कोरियोग्राफर ने अनन्या का बचाव करते हुए उनके काम की तारीफ की है। फिल्म रिलीज के बाद वायरल हुआ वीडियो विवेक सोनी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘चांद मेरा दिल’ 22 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इस कॉलेज रोमांस ड्रामा फिल्म में अनन्या पांडे के अपोजिट एक्टर लक्ष्य मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म रिलीज होने के बाद से ही इसके एक डांस सीन की क्लिप एक्स (ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर वायरल हो रही है। इस सीन में अनन्या का किरदार भरतनाट्यम और आधुनिक डांस स्टेप्स का एक फ्यूजन परफॉर्म करता है। इसी परफॉर्मेंस को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स अनन्या पांडे को ट्रोल कर रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने जताई आपत्ति इस डांस सीन पर राजनीति और कला जगत से भी प्रतिक्रियाएं आई हैं। कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अनन्या पांडे ने मेरे पसंदीदा डांस फॉर्म भरतनाट्यम को खत्म कर दिया है। बचपन से भरतनाट्यम सीख चुकीं शमा ने आगे लिखा कि इस शास्त्रीय नृत्य को सीखने में लंबा समय लगता है, इसे किसी के लिए तुरंत तैयार नहीं किया जा सकता। कृपया भरतनाट्यम जैसी खूबसूरत कला का अपमान न करें। इसके साथ ही मशहूर क्लासिकल डांसर अनीता रत्नम ने भी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस परफॉर्मेंस को देखकर ऐसा लगता है जैसे भरतनाट्यम को बंधक बना लिया गया हो। यूजर्स ने पुरानी फिल्मों से की तुलना सोशल मीडिया पर कई ट्रेंड डांसर और यूजर्स अनन्या के डांस मूव्स, चेहरे के भाव और बॉडी लैंग्वेज की आलोचना कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि भरतनाट्यम की शुरुआत ईसा पूर्व 200 में हुई थी और साल 2026 में अनन्या पांडे के साथ यह खत्म हो गया। विवाद बढ़ने के बाद कई लोग साई पल्लवी की फिल्म ‘श्याम सिंघा रॉय’ और श्रीदेवी की फिल्म ‘जाग उठा इंसान’ के क्लासिकल डांस वीडियो शेयर कर रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि बॉलीवुड अक्सर दक्षिण भारतीय कला और संस्कृति को सही तरीके से दिखाने में नाकाम रहता है। कोरियोग्राफर ने किया अनन्या पांडे का बचाव इस मामले में फिल्म की टीम की तरफ से अभी तक अनन्या पांडे या डायरेक्टर विवेक सोनी का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, फिल्म की असिस्टेंट कोरियोग्राफर अनन्या कुरुप ने एक्ट्रेस के बचाव में सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की है। उन्होंने फिल्म के बिहाइंड द सीन (बीटीएस) वीडियो और क्रेडिट रोल का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा कि अनन्या पांडे के साथ काम करने का अनुभव बहुत अच्छा रहा। उन्होंने भरतनाट्यम सीखने के लिए कड़ी मेहनत की है और फिल्म ‘चांद मेरा दिल’ में बेहतरीन परफॉर्मेंस दी है। कई फैंस भी यह कहकर अनन्या का सपोर्ट कर रहे हैं कि यह कोई पारंपरिक डांस नहीं बल्कि सिर्फ एक फ्यूजन रूटीन था।
कर्नाटक में फिलहाल कोई मुख्यमंत्री नहीं बदला जाएगा: कांग्रेस का कहना है कि चर्चा केवल राज्यसभा चुनावों पर केंद्रित है भारत समाचार

आखरी अपडेट:26 मई, 2026, 17:49 IST न्यूज18 कर्नाटक में फिलहाल कोई मुख्यमंत्री नहीं बदला जाएगा: कांग्रेस का कहना है कि चर्चा केवल राज्यसभा चुनाव पर केंद्रित है चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया कर्नाटक में फिलहाल कोई मुख्यमंत्री नहीं बदला जाएगा: कांग्रेस का कहना है कि चर्चा केवल राज्यसभा चुनाव पर केंद्रित है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
मुख्यमंत्री से केंद्रीय मंत्री तक के सफर पर शिवराज चौहान ने लिखा, नरेंद्र मोदी के पास मेरे लिए योजना तैयार थी राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:26 मई, 2026, 17:04 IST अपनी नई किताब, ‘अपनापन-नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ में, चौहान कहते हैं कि बीजेपी ने मध्य प्रदेश के सीएम के रूप में एक नया चेहरा लाने का फैसला किया और उन्होंने इस फैसले को स्वीकार कर लिया। मध्य प्रदेश में एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री से लेकर दिल्ली में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री बनने तक चौहान की यात्रा का वर्णन उन्होंने पुस्तक में किया है। फ़ाइल छवि “शिवराज, समय निकालो और दिल्ली आओ; मैं तुमसे बात करना चाहता हूं” – यही बात प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में शिवराज सिंह चौहान से उस दिन कही थी जब मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। 2023 के विधानसभा चुनावों में भाजपा की बड़ी जीत के बाद यादव द्वारा प्रतिस्थापित किए जाने से पहले चौहान 18 साल तक मुख्यमंत्री रहे थे। अपनी नई किताब, “अपनापन-नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव” में चौहान कहते हैं कि भाजपा ने सीएम के रूप में एक नया चेहरा लाने का फैसला किया और उन्होंने इस फैसले को स्वीकार कर लिया। “9 जून, 2024 को, मैंने कृषि और ग्रामीण विकास विभाग के साथ केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। उस पल, मुझे एहसास हुआ कि जब पीएम मोदी ने कुछ महीने पहले भोपाल में शपथ ग्रहण समारोह में मुझसे ये शब्द कहे थे, तो उनके पास पहले से ही मेरे लिए एक योजना थी। जबकि मीडिया का ध्यान स्वाभाविक रूप से नए सीएम पर केंद्रित था, मोदी ने मेरे लिए पहले से ही एक योजना बनाई थी, “चौहान ने मंगलवार को जारी अपनी पुस्तक में लिखा है। मध्य प्रदेश में एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री से लेकर दिल्ली में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री बनने तक चौहान की यात्रा का वर्णन उन्होंने पुस्तक में किया है। चौहान लिखते हैं, “जिस दिन नए सीएम (मोहन यादव) का नाम प्रस्तावित किया गया, मैं मन ही मन संतुष्ट था। उस समय यह अहसास हो सकता था कि मेरे मुख्यमंत्री रहते हुए इतनी बड़ी जीत हुई और फिर भी मुझे सीएम नहीं बनाया गया। लेकिन ऐसा समय ही पार्टी कार्यकर्ता की असली परीक्षा होती है। शायद उस समय दुखी होना स्वाभाविक होता, लेकिन मेरे माता-पिता की सीख और मेरी पार्टी की दिशा के कारण मुझ पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।” “हमारी पार्टी की नींव अनुशासन और त्याग है। मैं किसी पद पर टिके रहने में विश्वास नहीं रखता; पार्टी मुझसे जो भी काम करवाना चाहे मैं करने के लिए तैयार हूं।” चौहान ने कहा कि उस समय उन्होंने कसम खाई थी कि वह 2024 के आम चुनावों में पार्टी को मध्य प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटें जीतने में मदद करेंगे। “मैंने अगले छह महीनों तक इस पर एक मिशन की तरह काम किया। मैं उन निर्वाचन क्षेत्रों में गया जहां हम पहले कभी नहीं जीते थे, जैसे छिंदवाड़ा, जो कभी एक परिवार का गढ़ माना जाता था। अंततः, हमारी स्ट्राइक रेट 100% थी – हमने मध्य प्रदेश में सभी 29 सीटें जीतीं,” वे लिखते हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना समाचार राजनीति मुख्यमंत्री से केंद्रीय मंत्री तक के सफर पर शिवराज चौहान ने लिखा, नरेंद्र मोदी ने मेरे लिए योजना तैयार रखी थी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
चांदी ₹4,750 गिरकर ₹2.66 लाख पर आई:ऑल टाइम हाई से ₹1.20 लाख नीचे आई, सोना आज ₹1,135 सस्ता हुआ

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 26 मई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 1 किलो चांदी की कीमत 4,750 रुपए कम होकर 2.66 लाख रुपए पर आ गई है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,135 रुपए गिरकर 1.58 लाख रुपए हो गया है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 26 मई 2026 सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.58 लाख तक सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है। चांदी की कीमतों में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.66 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑलटाइम हाई से काफी नीचे आई है। सोना 117 दिन में ₹18 हजार और चांदी ₹1.20 लाख सस्ती सोर्स: IBJA गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर ‘कैश’ इकट्ठा कर रहे हैं ताकि अनिश्चितता के समय उनके पास लिक्विड मनी रहे। प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, इसलिए बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतें गिर गईं। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।
चांदी ₹4,750 गिरकर ₹2.66 लाख पर आई:ऑलटाइम हाई से ₹1.20 लाख नीचे आ चुकी; सोना आज ₹1,135 सस्ता हुआ

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 26 मई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 1 किलो चांदी की कीमत 4,750 रुपए कम होकर 2.66 लाख रुपए पर आ गई है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,135 रुपए गिरकर 1.58 लाख रुपए हो गया है। सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.58 लाख तक सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है। चांदी की कीमतों में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.66 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑलटाइम हाई से काफी नीचे आई है। गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर ‘कैश’ इकट्ठा कर रहे हैं ताकि अनिश्चितता के समय उनके पास लिक्विड मनी रहे। प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, इसलिए बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतें गिर गईं। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।
अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों पर धोखाधड़ी का केस:फर्जी दस्तावेजों से ₹150 करोड़ का लोन लिया, फिर पैसे दूसरी कंपनियों में भेजे

अनिल अंबानी ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के तत्कालीन निदेशकों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया है। मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंसेज विंग ने यह मामला कफ परेड पुलिस स्टेशन में दर्ज किया है। आरोपियों पर बैंक से 150 करोड़ रुपए का लोन लेकर उसे दूसरे कामों में ट्रांसफर करने और डिफॉल्ट करने का आरोप है। एक्सिस बैंक की शिकायत पर मामला दर्ज EOW के सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई एक्सिस बैंक के वाइस प्रेसिडेंट प्रकाश प्रभाकर राव की शिकायत पर की गई है। बैंक का कहना है कि आरोपियों ने बैंक को वित्तीय नुकसान पहुंचाने और धोखाधड़ी करने के इरादे से साजिश रची थी। अनिल धीरुभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ एक्सिस बैंक की शिकायत पर दर्ज होने वाली यह दूसरी FIR है। जनवरी 2010 से नवंबर 2019 के बीच का मामला यह मामला जनवरी 2010 से नवंबर 2019 के बीच का है। इस अवधि के दौरान रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड यानी RHFL के तत्कालीन होल-टाइम डायरेक्टर, ADAG ग्रुप की लाभार्थी कंपनियों के तत्कालीन निदेशकों और ग्रुप के संबंधित अधिकारियों ने मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया था। फर्जी दस्तावेज जमा कर लिया लोन और डायवर्ट किया पुलिस सूत्रों ने बताया कि लोन मंजूर कराने के लिए आरोपियों ने बैंक में फर्जी दस्तावेज जमा किए और गलत जानकारियां दीं। RHFL की वित्तीय स्थिति को लेकर भी भ्रामक जानकारी दी। जब बैंक ने 150 करोड़ रुपए का लोन जारी कर दिया, तो आरोपियों ने उस पैसे को अपने ही ग्रुप से जुड़ी दूसरी कंपनियों के बैंक खातों में डाइवर्ट कर दिया और बाद में लोन नहीं चुकाया। इसी साल 12 मार्च को दर्ज हुई थी पहली FIR एक्सिस बैंक की शिकायत पर अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले इसी साल 12 मार्च को EOW ने इन्हीं आधारों पर अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों और उनके कई निदेशकों के खिलाफ पहली FIR दर्ज की थी। वाइस प्रेसिडेंट प्रकाश प्रभाकर राव ने मार्च में भी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने अब इस दूसरे मामले में कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। क्या होता है EOW और लोन डाइवर्जन? इकोनॉमिक ऑफेंस विंग: इसे हिंदी में आर्थिक अपराध शाखा कहा जाता है। यह पुलिस की एक विशेष विंग होती है, जो केवल बड़े वित्तीय घोटालों, कॉरपोरेट धोखाधड़ी, जालसाजी और टैक्स चोरी जैसे आर्थिक अपराधों की जांच करती है। लोन डाइवर्जन: जब कोई कंपनी या व्यक्ति बैंक से किसी तय काम या बिजनेस के लिए लोन लेता है, लेकिन उस पैसे का इस्तेमाल उस काम में नहीं करता है, तो इसे लोन डाइवर्जन कहते हैं। इसमें लोन के पैसे को किसी दूसरे उद्देश्य के लिए उपयोग किया जाता है या अपनी ही सहयोगी कंपनियों के खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता है।








