डेविड धवन पर भड़के वाशु भगनानी:बोले- कुली नंबर 1 से ₹27 करोड़ का घाटा हुआ; नुकसान के बाद वरुण ने हालचाल नहीं पूछा

प्रोड्यूसर वाशु भगनानी ने शुक्रवार को फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में गाने ‘चुनरी चुनरी’ के इस्तेमाल पर नाराजगी जताई। फिल्म में वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े हैं। फिल्म को डेविड धवन ने डायरेक्ट किया है और रमेश तौरानी के टिप्स बैनर ने इसे प्रोड्यूस किया है। वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में वाशु भगनानी ने कहा कि उन्होंने डेविड धवन से बीवी नंबर 1 बनाने की बात की थी। उन्होंने दावा किया कि कुली नंबर 1 (2020) से उन्हें करीब 27 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। उनके मुताबिक फिल्म की पूरी प्रोडक्शन और खर्च की जिम्मेदारी डेविड धवन संभाल रहे थे। उन्होंने कहा, ‘मैं सिर्फ नाम का प्रोड्यूसर था। मैंने डेविड जी को इस फिल्म के लिए करीब 70 करोड़ रुपए दिए थे। कोविड के समय डेविड जी ने कहा था कि भविष्य में नुकसान की भरपाई करेंगे और फिर बीवी नंबर 1 पर काम शुरू हुआ।’ वाशु ने डेविड धवन को फोन कर सवाल पूछा वाशु भगनानी के मुताबिक, करीब छह महीने तक फिल्म पर काम चला। बाद में रोहित धवन ने उन्हें बताया कि स्क्रिप्ट तैयार नहीं है, जिसके बाद उन्होंने प्रोजेक्ट में जल्दबाजी नहीं की। इसके बाद उन्हें पता चला कि रमेश तौरानी और डेविड धवन एक नई फिल्म बना रहे हैं, जिसमें गाने ‘चुनरी चुनरी’ का इस्तेमाल किया गया है। वाशु ने कहा कि उन्होंने डेविड धवन को फोन कर इस पर सवाल किया। उन्होंने कहा कि बीवी नंबर 1 के ऑडियो राइट्स रिलीज के समय टिप्स को बेचे गए थे, लेकिन उनकी अनुमति के बिना वीडियो इस्तेमाल किया जा रहा था। इस मामले में उनकी कंपनी ने कोर्ट में पत्र दिया, जिसके बाद बिहार के कटिहार कोर्ट ने स्टेटस क्वो का आदेश दिया। नुकसान के बाद वरुण ने हालचाल नहीं पूछा: भगनानी वाशु भगनानी ने कहा, ‘डेविड धवन मेरे प्रोडक्शन की फिल्म का वही गाना अपने बेटे की फिल्म में इस्तेमाल कर रहे हैं। कम से कम उन्हें मुझे पहले बताना चाहिए था। अगर वह बात करते तो मैं एनओसी दे देता।’ वाशु ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरुण धवन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फिल्म कुली नंबर 1 के नुकसान के बाद वरुण धवन ने कभी उनका हालचाल नहीं पूछा।
डेविड धवन पर भड़के वाशु भगनानी:बोले- कुली नंबर 1 से ₹27 करोड़ का घाटा हुआ; नुकसान के बाद वरुण ने हालचाल नहीं पूछा

प्रोड्यूसर वाशु भगनानी ने शुक्रवार को फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में गाने ‘चुनरी चुनरी’ के इस्तेमाल पर नाराजगी जताई। फिल्म को डेविड धवन ने डायरेक्ट किया है और रमेश तौरानी के टिप्स बैनर ने इसे प्रोड्यूस किया है। वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में भगनानी ने कहा कि उन्होंने डेविड धवन से फिल्मा बीवी नंबर 1 का रीमेक बनाने की बात की थी। उन्होंने दावा किया कि कुली नंबर 1 (2020) से उन्हें करीब 27 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। उनके मुताबिक फिल्म की पूरी प्रोडक्शन और खर्च की जिम्मेदारी डेविड धवन संभाल रहे थे। उन्होंने कहा, ‘मैं सिर्फ नाम का प्रोड्यूसर था। मैंने डेविड जी को इस फिल्म के लिए करीब 70 करोड़ रुपए दिए थे। कोविड के समय डेविड जी ने कहा था कि भविष्य में नुकसान की भरपाई करेंगे और फिर बीवी नंबर 1 पर काम शुरू हुआ।’ वाशु ने डेविड धवन को फोन कर सवाल पूछा वाशु भगनानी के मुताबिक, करीब छह महीने तक फिल्म पर काम चला। बाद में डेविड धवन के बड़े बेटे रोहित धवन ने उन्हें बताया कि स्क्रिप्ट तैयार नहीं है, जिसके बाद उन्होंने प्रोजेक्ट में जल्दबाजी नहीं की। इसके बाद उन्हें पता चला कि रमेश तौरानी और डेविड धवन एक नई फिल्म बना रहे हैं, जिसमें गाने ‘चुनरी चुनरी’ का इस्तेमाल किया गया है। वाशु ने कहा कि उन्होंने डेविड धवन को फोन कर इस पर सवाल किया। उन्होंने कहा कि बीवी नंबर 1 के ऑडियो राइट्स रिलीज के समय टिप्स को बेचे गए थे, लेकिन उनकी अनुमति के बिना वीडियो इस्तेमाल किया जा रहा था। इस मामले में उनकी कंपनी ने कोर्ट में पत्र दिया, जिसके बाद बिहार के कटिहार कोर्ट ने स्टेटस क्वो का आदेश दिया। नुकसान के बाद वरुण ने हालचाल नहीं पूछा: भगनानी वाशु भगनानी ने कहा, ‘डेविड धवन मेरे प्रोडक्शन की फिल्म का वही गाना अपने बेटे की फिल्म में इस्तेमाल कर रहे हैं। कम से कम उन्हें मुझे पहले बताना चाहिए था। अगर वह बात करते तो मैं एनओसी दे देता।’ वाशु ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरुण धवन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फिल्म कुली नंबर 1 के नुकसान के बाद वरुण धवन ने कभी उनका हालचाल नहीं पूछा।
रवीना टंडन की पंजाब के CM से भावुक अपील:आवारा कुत्तों को मारने के आदेश पर कहा- इंसानियत का ध्यान रखें, दूसरे उपाय भी हैं

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में आवारा कुत्तों के काटने के मामले पर आदेश दिया है कि खतरनाक कुत्तों को इंजेक्शन देकर मारा जाए। इसके बाद 22 मई से पंजाब में आवारा कुत्तों को पकड़ने की मुहिम शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से इसकी जानकारी दी है। अब रवीना टंडन ने उनसे इंसानियत का ध्यान रखते हुए दूसरे रास्ते चुनने की अपील की है। रवीना ने कहा है कि बेजुबानों के साथ कैसा सलूक किया जाता है, वही बताता है कि हम कैसे इंसान हैं। रवीना टंडन ने शनिवार को आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, “माननीय मुख्यमंत्री भगवंत मान जी, आवारा जानवरों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर पूरे देश में चर्चा हो रही है। लोगों की सुरक्षा बहुत जरूरी है, लेकिन उम्मीद है कि इस फैसले को लागू करते समय इंसानियत और संतुलन का भी ध्यान रखा जाएगा। नसबंदी, टीकाकरण, अच्छे शेल्टर और सही तरीके से पुनर्वास जैसे उपाय लोगों और जानवरों, दोनों की सुरक्षा में मदद कर सकते हैं।” आगे रवीना ने लिखा है, “मुझे पूरा विश्वास है कि प्रशासन, पशु कल्याण संगठनों और विशेषज्ञों के सहयोग से पंजाब इस संवेदनशील मुद्दे को जिम्मेदारी और इंसानियत के साथ संभालने की मिसाल बन सकता है। हम बेजुबान जानवरों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, वही आखिरकार बताता है कि हम एक समाज के रूप में कैसे इंसान हैं।” क्या है पूरा मामला? देश में आवारा कुत्तों के काटने के मामले बढ़ते जा रहे हैं, जिसका असर सरकारी खजाने पर भी पड़ रहा है। कई बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर आवारा कुत्तों की चपेट में आते रहते हैं। इस मामले पर नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों की नसबंदी और उन्हें शेल्टर हाउस भेजे जाने का आदेश दिया था। कई एनजीओ सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की। अब हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक और आदेश दिया और कहा कि जानलेवा कुत्तों को इंजेक्शन देकर मारा जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि खतरनाक या रेबीज से संक्रमित आवारा कुत्तों को इंजेक्शन लगाकर मारा जा सकता है, लोगों की जान की हिफाजत जरूरी है और गरिमा के साथ जीने में कुत्तों के खतरे से मुक्त होकर रहने का अधिकार भी शामिल है। 19 मई को दिए गए इस मामले पर आखिरी फैसले के साथ ही कोर्ट ने सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश के खिलाफ दाखिल सभी याचिकाएं खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों के पुनर्वास और नसबंदी पर नवंबर 2025 में दिए गए निर्देश ही लागू होंगे। जो अफसर इनका पालन न करें, उन पर अवमानना का केस चले। इसके बाद से सुप्रीम कोर्ट के फैसले की जमकर आलोचना हो रही है। नवजोत सिंह सिद्धू, सोनम बाजवा समेत कई सेलेब्स इसके खिलाफ बयान दे रहे हैं।
मस्क बेच रहे पृथ्वी के बाद की दुनिया का ब्लूप्रिंट:मंगल पर 10 लाख लोगों की बस्ती, चांद पर फैक्ट्री, अंतरिक्ष में डेटासेंटर का प्लान

‘हम नहीं चाहते कि इंसानों का भी वही हश्र हो जो डायनासोर का हुआ था।’ ये किसी साइंस फिक्शन फिल्म का डायलॉग नहीं है। इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने आईपीओ फाइलिंग में ये लिखा है। कंपनी अगले माह अमेरिकी शेयर बाजार में अब तक के सबसे बड़े डेब्यू की तैयारी में है। अमूमन आईपीओ दस्तावेज वित्तीय आंकड़ों से भरे होते हैं। पर, स्पेसएक्स का 300 से ज्यादा पन्नों का दस्तावेज कारोबारी रिपोर्ट से ज्यादा भविष्य की पटकथा जैसा है। यह खुद को ऐसी संस्था के रूप में पेश कर रही है, जो मानव चेतना को सितारों तक पहुंचाना चाहती है। यानी मस्क सिर्फ रॉकेट नहीं, पृथ्वी के बाद की दुनिया का ब्लूप्रिंट बेच रहे हैं। जानें कुछ ऐसे दावे, जिनसे टेक और वित्तीय जगत में हलचल है… – मंगल पर बस्ती कंपनी का सबसे बड़ा सपना मंगल को इंसानों का दूसरा घर बनाना है। फाइलिंग में 63 बार मंगल का जिक्र है। इसे सिर्फ रिसर्च स्टेशन या छोटी कॉलोनी नहीं, बल्कि मानव प्रजाति के बैकअप की तरह तैयार करने का विचार है। ताकि पृथ्वी पर आपदा से सभ्यता खत्म न हो। वहां 10 लाख लोगों को बसाने का लक्ष्य है। फाइलिंग में गुंबदनुमा शहरों, सोलर पैनलों और वहां रहते परिवारों के विजुअल्स भी दिए हैं। मस्क का सपना है कि मंगल पर ऊर्जा जरूरतें वहीं से पूरी हों और बाकी सामान स्टारशिप से पहुंचे। – चांद पर नई अर्थव्यवस्था फाइलिंग में चांद पर मैन्युफैक्चरिंग हब, चांद की अर्थव्यवस्था और क्षुद्रग्रहों पर खनन योजनाओं का जिक्र है। यानी भविष्य में चांद सिर्फ वैज्ञानिक मिशन का ठिकाना नहीं, बल्कि निर्माण, ऊर्जा, खनन और सप्लाई-चेन का केंद्र बन सकता है। – अंतरिक्ष में एआई डेटा सेंटर विज्ञान-कथा जैसा ही सपना है एआई डेटा सेंटर धरती से बाहर ले जाना। कंपनी ने 2028 तक सौर-ऊर्जा संचालित कक्षीय एआई कंप्यूट उपग्रह तैनात करने की बात कही है। अंतरिक्ष की ठंड में बड़े-बड़े डेटा सेंटर सौर ऊर्जा से चलेंगे। धरती पर बिजली-पानी बचेंगे। लक्ष्य 10 लाख तक उपग्रहों वाले डेटा सेंटर सिस्टम का है, जो 500 से 2,000 किमी ऊंचाई पर तैनात होंगे। हर साल 100 गीगावॉट एआई कम्प्यूट क्षमता तैनात करने की योजना है। – पूरा दाव स्टारशिप पर है इन तीनों सपनों की चाबी स्टारशिप है। मंगल पर इंसान भेजना हो, चांद पर कार्गो उतारना हो या अंतरिक्ष में डेटा सेंटर बनाना, सबके लिए भारी सामान को बार-बार कम लागत में कक्षा तक पहुंचाना जरूरी है। स्पेसएक्स ने कहा है कि स्टारशिप 2026 की दूसरी छमाही में पेलोड डिलीवरी शुरू कर सकता है। लेकिन यही सबसे बड़ा जोखिम है। अगर स्टारशिप बार-बार प्रयोग लायक और सस्ता नहीं बना तो ये सपने महंगे पोस्टर बनकर रह सकते हैं। एआई से अश्लील सामग्री का खतरा, बढ़ सकते हैं मुकदमे फाइलिंग में कंपनी ने स्वीकार किया कि ग्रोक के स्पाइसी और अनहिंज्ड मोड्स अश्लील सामग्री, गलत सूचना, गैर-सहमति वाली तस्वीरें और भेदभावपूर्ण कंटेंट पैदा कर सकते हैं। इससे नियामकीय जांच और मुकदमों का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही कंपनी ने स्वीकार किया कि ट्विटर का नाम बदलकर एक्स (X) करना बेहद महंगा साबित हुआ। फाइलिंग के अनुसार, नाम बदलने के बाद कंपनी की वैल्यू में 3.71 अरब डॉलर (35,516 करोड़ रुपए) की गिरावट आई।
‘टॉफ़ी, रील और बढ़ती कीमतें’: ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर मनीष सिसोदिया का पीएम मोदी पर कटाक्ष | भारत समाचार

आखरी अपडेट:23 मई, 2026, 09:38 IST आम आदमी पार्टी के मनीष सिसौदिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए कहा कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में 10 दिनों में तीसरी बार बढ़ोतरी हुई है, जिससे मुद्रास्फीति और परिवहन लागत की चिंता बढ़ गई है। आप नेता मनीष सिसौदिया आम आदमी पार्टी ने पिछले 10 दिनों में देश भर में ईंधन की कीमतों में बार-बार वृद्धि पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर बढ़ती मुद्रास्फीति और ईंधन की लागत को संबोधित करने में विफल रहने का आरोप लगाया है। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतें फिर बढ़ने पर आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसौदिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की। एक्स पर एक पोस्ट में, सिसौदिया ने कहा, “सिर्फ दस दिनों में, आपने पेट्रोल और डीजल की कीमतें 5 रुपये बढ़ा दी हैं, मोदी जी! कुछ करें! आप कब तक टॉफी और लॉलीपॉप की रील दिखाकर देश के लोगों को अपनी विफलताओं से विचलित करते रहेंगे?” उन्होंने सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से आलोचकों को चुप कराने का भी आरोप लगाया। “ईडी और सीबीआई की शक्ति का उपयोग करके आप कब तक उन लोगों को चुप कराते रहेंगे जो आपसे सवाल करते हैं? कुछ करें – आप देश के प्रधान मंत्री हैं!” सिसौदिया ने कहा. दस दिन में पेट्रोल और डीजल के दाम 5 रुपये बढ़े, जानिए मोदी जी! कुछ किग!टॉफ़ी और लॉलीपॉप की रील्स कब तक देश की खबरों का ध्यान भटकाओगे अपनी नाकामियों से? कब तक सवाल सुपरमार्केट वालों से कहा ईडी-सीबीआई के दम पर बंद करोगे? कुछ करें आप देश के प्रधानमंत्री! https://t.co/r4SlmUrTlQ – मनीष सिसौदिया (@msisodia) 23 मई 2026 ईंधन की कीमतें फिर बढ़ीं शनिवार को एक बार फिर देश भर में ईंधन की कीमतें बढ़ा दी गईं क्योंकि सरकार पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच उच्च कच्चे आयात लागत से जुड़े कुछ नुकसान की भरपाई करने की कोशिश कर रही है। नई दिल्ली में संपीड़ित प्राकृतिक गैस की कीमतें एक बार फिर बढ़ा दी गई हैं, जो 10 दिनों से भी कम समय में तीसरी ईंधन वृद्धि है। सीएनजी की कीमतों में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में कीमतें 80.09 रुपये प्रति किलोग्राम से 81.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गईं। ताजा बढ़ोतरी शनिवार सुबह पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ताजा बढ़ोतरी के तुरंत बाद हुई। पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़े दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें 87 पैसे बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर से 99.51 रुपये प्रति लीटर हो गईं। डीजल की कीमतें 91 पैसे बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर हो गईं। पिछले 10 दिनों में ईंधन की कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी ने मुद्रास्फीति और परिवहन लागत पर चिंताएं बढ़ा दी हैं। मेट्रो शहरों में ईंधन की कीमतें चार मेट्रो शहरों में संशोधित पेट्रोल की कीमतें अब हैं: दिल्ली: 99.51 रुपये प्रति लीटर कोलकाता: 110.64 रुपये प्रति लीटर मुंबई: 108.49 रुपये प्रति लीटर चेन्नई: 105.31 रुपये प्रति लीटर मेट्रो शहरों में डीजल की कीमतें इस प्रकार हैं: दिल्ली: 92.49 रुपये प्रति लीटर कोलकाता: 97.02 रुपये प्रति लीटर मुंबई: 95.02 रुपये प्रति लीटर चेन्नई: 96.98 रुपये प्रति लीटर नवीनतम संशोधन का मतलब है कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतें अब 10 दिनों से भी कम समय के भीतर तीन बार बढ़ गई हैं। सीएनजी की कीमतों में ताजा बढ़ोतरी से परिवहन ऑपरेटरों और दैनिक यात्रियों पर असर पड़ने की उम्मीद है जो दिल्ली में गैस से चलने वाले वाहनों पर निर्भर हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : दिल्ली, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘टॉफी, रील और बढ़ती कीमतें’: ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर मनीष सिसौदिया का पीएम मोदी पर तंज अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ईंधन की कीमत में बढ़ोतरी(टी)सिसोदिया(टी)मनीष सिसोदिया(टी)आप(टी)ईंधन की कीमत में बढ़ोतरी(टी)भारत में आम आदमी पार्टी(टी)मनीष सिसौदिया(टी)पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी(टी)डीजल की कीमत में बढ़ोतरी(टी)सीएनजी की कीमत में बढ़ोतरी दिल्ली(टी)बढ़ती ईंधन की कीमतें(टी)भारत में मुद्रास्फीति
अमेरिकी विदेश मंत्री 4 दिन के भारत दौरे पर पहुंचे:पीएम मोदी और जयशंकर से मिलेंगे, क्वाड समिट भी शामिल होंगे

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो आज चार दिन के भारत दौरे पर पहुंच गए हैं। वे सुबह कोलकाता पहुंचे। यह उनका पहला भारत दौरा है। उनके इस दौरे को भारत और अमेरिका के रिश्तों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। कोलकाता में अपने कार्यक्रम के दौरान मार्को रुबियो मिशनरीज ऑफ चैरिटी की संस्थापक मदर टेरेसा की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके अलावा उनके विक्टोरिया मेमोरियल का दौरा करने की भी संभावना है। इसके बाद मार्को रुबियो नई दिल्ली पहुंचेंगे, जहां वह पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे। कल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस दौरान दोनों नेता भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। मार्को रुबियो नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास की तरफ से आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी हिस्सा लेंगे। सोमवार को वे आगरा और जयपुर का दौरा करेंगे। इसके बाद मंगलवार को नई दिल्ली में होने वाली क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे। क्वाड में भारत-जापान-अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया शामिल क्वाड ग्रुप में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। इस बार की बैठक की मेजबानी भारत कर रहा है। इस बैठक में ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भी शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में ओपन और फ्री इंडो-पैसिफिक रीजन को मजबूत बनाने पर चर्चा होगी। साथ ही डिफेंस सहयोग, सप्लाई चेन, नई तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए क्वाड देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। दौरे में एनर्जी सिक्योरिटी बड़ा मुद्दा रहेगा मार्को रुबियो के दौरे में ऊर्जा सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा रहने वाला है। भारत फिलहाल रूस से बड़ी मात्रा में सस्ता कच्चा तेल खरीद रहा है। वहीं अमेरिका चाहता है कि भारत अमेरिकी तेल और LNG गैस का इंपोर्ट भी बढ़ाए। मिडिल ईस्ट में लगातार जारी तनाव के कारण दुनिया भर में एनर्जी सप्लाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में भारत अपने लिए कई देशों से एनर्जी सप्लाई तय करना चाहता है ताकि भविष्य में किसी संकट का असर कम हो। भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ समय में टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंधों को लेकर मतभेद देखने को मिले थे। अब दोनों देश रिश्तों को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान व्यापार समझौतों, निवेश और महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन पर बातचीत हो सकती है। सेमीकंडक्टर, बैटरी निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। डिफेंस साझेदारी भी लगातार बढ़ रही भारत और अमेरिका के बीच डिफेंस साझेदारी पिछले कुछ सालों में काफी मजबूत हुई है। भारतीय सेना और वायुसेना पहले से ही अमेरिका के कई मॉर्डन डिफेंस इक्विपमेंट का इस्तेमाल कर रही हैं। इनमें P-8 पोसाइडन विमान, MQ-9बी स्काईगार्डियन ड्रोन, M-777 हॉवित्जर तोप और C-17 ग्लोबमास्टर-3 ट्रांसपोर्ट विमान शामिल हैं। अब दोनों देश डिफेंस इक्विपमेंट के जॉइंट प्रोडक्शन और नई सैन्य तकनीकों पर भी साथ काम करना चाहते हैं। मार्को रुबियो को अमेरिका में चीन के खिलाफ सख्त रुख रखने वाले नेताओं में गिना जाता है। वह लंबे समय से भारत के साथ मजबूत रणनीतिक साझेदारी के समर्थक रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि उनका यह दौरा इस बात का संकेत है कि अमेरिका, भारत को एशिया में अपना अहम रणनीतिक साझेदार मानता है। ————– यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प सरकार की टॉप हिंदू अधिकारी तुलसी गबार्ड का इस्तीफा:18 अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की हेड हैं; पति कैंसर से जूझ रहे ट्रम्प की सरकार की टॉप हिंदू अधिकारी तुलसी गबार्ड ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। तुलसी अमेरिका की ‘डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस’ हेड हैं, उनके अंडर 18 सीक्रेट एजेंसियां काम करती हैं। पढ़ें पूरी खबर…
UAE बोला- अमेरिका अब ईरान पर हमला न करे:वरना लड़ाई महंगी पड़ेगी; पाकिस्तानी आर्मी चीफ जंग खत्म कराने की कोशिश में तेहरान गए

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ईरान पर दोबारा सैन्य कार्रवाई न करने की अपील की है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, UAE ने ट्रम्प से कहा है कि युद्ध की जगह कूटनीति को मौका दिया जाए। UAE ने ट्रम्प से बातचीत में कहा कि ईरान पर हमला कर अमेरिका अपने मकसदों को हासिल नहीं कर पाएगा। उल्टा उससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और आर्थिक संकट बढ़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि UAE का रुख पहले की तुलना में बदला हुआ दिख रहा है। इससे पहले UAE ईरान के खिलाफ ज्यादा सख्त रुख अपनाता रहा था। हालिया युद्ध के दौरान भारी नुकसान झेलने के बाद अब अबू धाबी खुलकर तनाव कम करने की बात कर रहा है। इससे पहले सऊदी अरब और कतर भी ट्रम्प से ऐसी अपील कर चुके हैं। हालांकि तीनों खाड़ी देशों के बीच इस बात पर मतभेद हैं कि अमेरिका को ईरान के साथ किस तरह का समझौता करना चाहिए और तेहरान पर कितना दबाव बनाना चाहिए। लेकिन सभी देश इस बात से सहमत हैं कि युद्ध दोबारा नहीं होना चाहिए। इस बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर शुक्रवार को तेहरान रवाना हो गए। ऐसे समय में यह दौरा हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की संभावना बढ़ती दिख रही है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. EU होर्मुज बंद कराने वालों पर प्रतिबंध लगाएगा: EU ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। ये प्रतिबंध उन ईरानी अधिकारियों और लोगों पर लगाए जा सकते हैं, जिन्हें होर्मुज स्ट्रेट बंद कराने के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। 2. होर्मुज खोलने के लिए फ्रांस का नया प्लान: फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक नया प्रस्ताव तैयार किया है, जिसका मकसद होर्मुज स्ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय मिशन तैनात कर जहाजों की आवाजाही बहाल करना है। 3. UAE बोला- समझौते की संभावना 50-50: UAE के राष्ट्रपति सलाहकार अनवर गरगाश ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की संभावना अभी ‘50-50’ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर फिर से संघर्ष बढ़ता है तो इससे पूरे मिडिल ईस्ट में अस्थिरता बढ़ेगी। 4. कतर की टीम ईरान पहुंची: रॉयटर्स के मुताबिक ईरान से जंग खत्म करने को लेकर बातचीत के लिए अमेरिकी की तरफ से कतर की एक टीम शुक्रवार को तेहरान पहुंची है। 5. होर्मुज से 35 जहाज गुजरे: ईरान ने दावा किया है कि उसकी नौसेना की निगरानी में पिछले 24 घंटों के दौरान 35 जहाज सुरक्षित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
इंजेक्शन से ब्यूटी ट्रीटमेंट्स देने पर रोक लगी:सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की 8% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार; 23 मई के करेंट अफेयर्स

आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 1. चंद्रयान-3 को गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स अवार्ड मिला नेशनल (NATIONAL) 2. 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों पर चुनाव का ऐलान 3. प्रिसाइज गाइडेड ड्रोन ‘वायु अस्त्र-1’ की सफल टेस्टिंग 4. सरकार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की 8% हिस्सेदारी बेचेगी 5. BSF की महिला टीम ने माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया 6. CDSCO ने कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के इंजेक्शन पर रोक लगाई आज का इतिहास ————— ये खबर भी पढ़ें.. केरलम सरकार ने देश का पहला AI विभाग बनाया:मेघालय में 13 देशों का सैन्य अभ्यास PRAGATI शुरू हुआ; 22 मई के करेंट अफेयर्स आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-पूरी खबर पढ़ें..
व्यंग्यात्मक झुंड: कॉकरोच जनता पार्टी के उदय पर कांग्रेस को अपना एंटीना क्यों रखना चाहिए | भारत समाचार

आखरी अपडेट:22 मई, 2026, 23:05 IST एक अति-विडंबनापूर्ण इंटरनेट समूह एक शताब्दी पुरानी राजनीतिक संस्था की तुलना में निराश पीढ़ी के लिए अधिक स्वीकार्य साबित हो रहा है अभिजीत डुबके ने कॉकरोच जनता पार्टी की स्थापना की। (छवि: एक्स) 2013 में, आम आदमी पार्टी (आप) ने एक आश्चर्यजनक चुनावी शुरुआत की, जिसने भारत के राजनीतिक प्रतिष्ठान को सदमे में डाल दिया। प्रभाव इतना गहरा था कि राहुल गांधी ने खुले तौर पर आत्मनिरीक्षण की आवश्यकता को स्वीकार किया, यह स्वीकार करते हुए कि सबसे पुरानी पार्टी को यह सीखने की ज़रूरत है कि मध्यम वर्ग और युवा मतदाताओं को कैसे वापस लाया जाए, जो अरविंद केजरीवाल के सत्ता विरोधी उभार से पूरी तरह मंत्रमुग्ध हो गए थे। 2026 में कटौती करें, और इतिहास खुद को हाइपर-डिजिटल अवतार में दोहरा रहा है। एक नया राजनीतिक पदार्पणकर्ता भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व के लिए जुड़ाव के लक्ष्यों का एक नया सेट प्रस्तुत कर रहा है: मायावी, अत्यधिक निंदक जेन जेड जनसांख्यिकीय को कैसे पकड़ें। अविश्वसनीय रूप से कम समय में, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) – सोशल मीडिया पर जन्मा एक व्यंग्य आंदोलन – ने इंटरनेट पर कब्जा कर लिया है, और अभूतपूर्व गति से वायरल ऊंचाइयों को छू रहा है। जबकि इसके डिजिटल पदचिह्न के अचानक विस्फोट ने इसे सवालों के घेरे में ला दिया है, जिससे इसके अनुयायियों की संख्या में तेजी से वृद्धि की वैधता को सत्यापित करने के लिए गृह मंत्रालय द्वारा कड़ी निगरानी की जा रही है, विपक्षी बेंच इस पर गहरी उलझन में हैं कि कैसे प्रतिक्रिया दी जाए। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने केवल एक गूढ़ सोशल मीडिया पोस्ट की पेशकश की है, लेकिन यह कांग्रेस है जो इस डिजिटल झुंड से सबसे अधिक परेशान दिखाई दे रही है। पीढ़ीगत घाटा: सीजेपी उन मतदाताओं को क्यों पकड़ लेती है जिनकी कांग्रेस को सख्त जरूरत है सतह पर, विपक्ष के भीतर के तत्व सीजेपी की वायरल सफलता में आशा की किरण देखते हैं क्योंकि इसकी मूल बयानबाजी आक्रामक रूप से सत्ता-विरोधी है और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की भारी आलोचना करती है। आंदोलन ने युवा जनसांख्यिकी और जेन जेड इंटरनेट उपयोगकर्ताओं पर एक शक्तिशाली एकाधिकार स्थापित किया है – सटीक सत्ता-विरोधी वोट बैंक जिसे कांग्रेस ने राष्ट्रव्यापी मार्च और डिजिटल अभियानों के माध्यम से विकसित करने की कोशिश में वर्षों बिताए हैं। हालाँकि, सीजेपी जैसे मीम-संचालित, व्यंग्यपूर्ण मोर्चे की विस्फोटक लोकप्रियता से कांग्रेस को भाजपा से कहीं अधिक चिंतित होना चाहिए। तथ्य यह है कि लाखों युवा, राजनीतिक रूप से अलग-थलग भारतीय स्नातक बेरोजगारी और परीक्षा लीक पर अपनी निराशा व्यक्त करने के लिए एक व्यंग्यात्मक “कॉकरोच” पहचान के पीछे रैली कर रहे हैं, जो एक हानिकारक वास्तविकता को उजागर करता है: युवाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कांग्रेस को सत्तारूढ़ व्यवस्था के लिए एक व्यवहार्य, तेज विकल्प के रूप में नहीं देखता है। संरचनात्मक खामी: भाजपा गढ़ के खिलाफ आमने-सामने की विफलता कांग्रेस ने निस्संदेह हाल के राज्य-स्तरीय विधानसभा चुनावों में लचीलेपन की झलक दिखाई है, और केरल और तमिलनाडु जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण संगठनात्मक जीत हासिल की है। फिर भी, इन विजयों पर गहराई से नजर डालने से एक संरचनात्मक कमजोरी का पता चलता है। इनमें से किसी भी सफल राज्य अभियान में कांग्रेस ने भाजपा के साथ सीधी, आमने-सामने की वैचारिक और संगठनात्मक लड़ाई नहीं लड़ी। सबसे पुरानी पार्टी को परेशान करने वाली ऐतिहासिक समस्या अपरिवर्तित बनी हुई है: जब भी चुनावी युद्ध का मैदान भाजपा की मशीनरी के खिलाफ सीधे, आमने-सामने की लड़ाई तक सीमित हो जाता है, तो कांग्रेस नियमित रूप से गति खो देती है। राष्ट्रीय मंच पर, नेतृत्व उपयुक्तता सूचकांकों में प्रधानमंत्री राहुल गांधी से आगे हैं। जबकि विपक्ष के नेता द्वारा उठाए गए व्यक्तिगत सामाजिक-आर्थिक मुद्दे अक्सर जमीन पर संक्षिप्त प्रतिध्वनि पाते हैं, व्यापक मतदाता अभी भी इन आलोचनाओं को भाजपा के चुनावी गढ़ को ध्वस्त करने के लिए अपर्याप्त मानते हैं। जमीनी स्तर के आकलन लगातार विपक्ष के लिए निराशाजनक भावना को दर्शाते हैं: जबकि गांधी छिटपुट अंतरालों में प्रभावित करते हैं, उन्हें अभी भी उस सीमा को पार करना है जहां जनता सामूहिक रूप से राष्ट्र की बागडोर संभालने के लिए उन पर भरोसा करती है। आप समानांतर: क्या व्यंग्यात्मक मोर्चा सबसे पुरानी पार्टी को बाहर कर देगा? यह शून्यता बताती है कि क्यों एक त्वरित ऑनलाइन घटना राष्ट्रीय बातचीत पर हावी हो रही है जबकि पारंपरिक विरोध को दरकिनार कर दिया गया है। जब आप एक दशक पहले रामलीला मैदान और जंतर-मंतर आंदोलनों से तेजी से उभरी, तो उसने आक्रामक रूप से प्रणालीगत शून्य पर कब्जा करके ऐसा किया, जिसे कांग्रेस को भरना चाहिए था। जहां मतदाता भाजपा के लिए एक पूर्ण विकल्प चाहते थे, उन्होंने सबसे पुरानी पार्टी में लौटने के बजाय एक नई, विघटनकारी ताकत को चुना। समय के साथ, AAP का संरचनात्मक विस्तार सीधे तौर पर कांग्रेस के पारंपरिक मतदाता आधार की कीमत पर हुआ। सीजेपी के उदय से हमारी स्क्रीन पर इतिहास के दोहराए जाने की असहज संभावना बढ़ गई है। एक अति-विडंबनापूर्ण इंटरनेट समूह एक शताब्दी पुरानी राजनीतिक संस्था की तुलना में निराश पीढ़ी के लिए अधिक स्वीकार्य साबित हो रहा है। विडंबना यह है कि सत्तारूढ़ प्रतिष्ठान चुपचाप इस विकेंद्रीकृत डिजिटल विकर्षण के निरंतर प्रसार का स्वागत कर सकता है, यह मानते हुए कि जितना अधिक युवा स्थान व्यंग्य आंदोलनों में विभाजित होता है, कांग्रेस के लिए एक एकजुट राष्ट्रीय गठबंधन बनाना उतना ही कठिन हो जाता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया व्यंग्यात्मक झुंड: कॉकरोच जनता पार्टी के उदय पर कांग्रेस को अपना एंटीना क्यों रखना चाहिए अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कांग्रेस(टी)कॉकरोच जनता पार्टी(टी)आप(टी)बीजेपी(टी)कॉकरोच
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर नजर | ‘डिजिटल विद्रोही’ बनाम भारत? | कठिन तथ्य | न्यूज18

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी), एक व्यंग्यपूर्ण राजनीतिक आंदोलन जो जेन जेड के बीच तेजी से लोकप्रियता हासिल कर रहा है, ने कुछ ही दिनों में 15 मिलियन से अधिक इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के साथ सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया है। जबकि समर्थक इसे युवा हताशा और डिजिटल सक्रियता की एक साहसिक अभिव्यक्ति के रूप में देखते हैं, आलोचकों को राजनीतिक हेरफेर और संभावित विदेशी हस्तक्षेप पर संदेह है, जिससे गलत सूचना, ऑनलाइन प्रभाव और राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में चिंताएं बढ़ रही हैं। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_the-hard-factsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 22 मई, 2026, 22:15 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)सीजेपी(टी)भारत राजनीति(टी)इंस्टाग्राम फॉलोअर्स(टी)इंस्टाग्राम वायरल(टी)न्यूज18(टी)राजनीतिक विवाद(टी)सोशल मीडिया प्रभाव(टी)सोशल मीडिया न्यूज(टी)वायरल ट्रेंड








