Monday, 07 Sep 2026 | 02:27 AM

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फरीदकोट के युवक की कनाडा में मौत:हार्टअटैक आया, 3 साल पहले स्पाउस वीजा पर विदेश गया, ब्रैम्पटन शहर में करता था काम

फरीदकोट के युवक की कनाडा में मौत:हार्टअटैक आया, 3 साल पहले स्पाउस वीजा पर विदेश गया, ब्रैम्पटन शहर में करता था काम

फरीदकोट के गांव किला नौ निवासी 28 वर्षीय युवक की कनाडा में दिल का दौरा पड़ने से अचानक मौत होने का मामला सामने आया है। मृतक युवक राजविंदर सिंह उर्फ राजू के करीब तीन साल पहले स्पाउस वीजा पर अपनी पत्नी के पास कनाडा गया था। जानकारी के अनुसार, राजविंदर सिंह कनाडा के ब्रैम्पटन शहर में रहकर काम करता था। बताया जा रहा है कि वीरवार रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। युवक की अचानक मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जबकि गांव किला नौ में भी शोक की लहर फैल गई। परिवार से अफसोस जताने पहुंचे पूर्व विधायक ढिल्लों इस दुख की घड़ी में कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों भी परिवार के साथ अफसोस जताने उनके घर पहुंचे। उन्होंने मृतक की पार्थिव देह को भारत लाने के लिए हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है। परिवार की जिम्मेवारियां निभाने गया था विदेश मृतक के पिता शमशेर सिंह और चाचा अमरजीत सिंह ने बताया कि राजविंदर सिंह मिलनसार और हंसमुख स्वभाव का था। वह घर की आर्थिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए विदेश गया था और वहां मेहनत कर अपना काम भी अच्छी तरह स्थापित कर चुका था। वह हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहता था। फिलहाल परिवार द्वारा मृतक की पार्थिव देह को पंजाब लाने के लिए सरकारी और सामाजिक संस्थाओं से संपर्क किया जा रहा है।

रायपुर की पिच पर बेंगलुरु को मिल सकता है फायदा:उमेश यादव ने कहा- गेंदबाजी में संघर्ष कर रही मुंबई,10 मई को होगा मुकाबला

रायपुर की पिच पर बेंगलुरु को मिल सकता है फायदा:उमेश यादव ने कहा- गेंदबाजी में संघर्ष कर रही मुंबई,10 मई को होगा मुकाबला

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और मुंबई इंडियंस (MI) के बीच रिवेंज वीक में 10 मई को रायपुर में हाई-वोल्टेज मुकाबला खेला जाएगा। इस मैच में बेंगलुरु का पलड़ा भारी नजर आ रहा है क्योंकि उनकी टीम का संतुलन और गेंदबाजी मुंबई की तुलना में काफी बेहतर हो रही है। नई पिच और बड़े मैदान से गेंदबाजों को मिलेगी मदद जियोहॉटस्टार के चैंपियंस वाली कमेंट्री शो के एक्सपर्ट उमेश यादव ने कहा, रायपुर में लंबे समय के बाद कोई बड़ा मैच होने जा रहा है। ऐसे में मैदान की विकेट बिल्कुल ताजा होगी और बाउंड्री भी काफी बड़ी है। जानकारों का मानना है कि इस नई परिस्थितियों में गेंदबाजों को काफी मदद मिल सकती है। चूंकि इस सीजन में दोनों टीमें यहां अपना पहला मैच खेलेंगी, इसलिए यह मैदान दोनों के लिए ही नया अनुभव होगा। बेंगलुरु को मिलेगा दूसरे होम ग्राउंड से फायदा रायपुर का शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम इस सीजन बेंगलुरु का दूसरा होम ग्राउंड है। उमेश यादव ने कहा, टीम वहां थोड़ा पहले पहुंचकर प्रैक्टिस भी कर सकती है। वर्तमान फॉर्म को देखें तो बेंगलुरु की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में सुधार हुआ है, जिससे वे विपक्षी टीम पर हावी होने की स्थिति में नजर आ रहे हैं। मुंबई के लिए संतुलन बिठाना बड़ी चुनौती उमेश ने कहा, मुंबई इंडियंस की टीम इस सीजन में अपने सही बैलेंस की तलाश में संघर्ष कर रही है। टीम के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि जब उनके बल्लेबाज रन बना रहे होते हैं, तब गेंदबाजी साथ नहीं दे पाती। मुंबई की गेंदबाजी में गहराई की कमी साफ नजर आ रही है और टीम एक अच्छे स्पिनर की तलाश में है जो अब तक पूरी नहीं हो पाई है। तेज गेंदबाजी और बुमराह की फॉर्म पर सवाल मुंबई के पेस अटैक में लगातार बदलाव हो रहे हैं। टीम के टॉप गेंदबाज अक्सर बेंच पर बैठे नजर आते हैं और उन्हें सभी मैचों में मौका नहीं मिल रहा है। टीम के सबसे बड़े हथियार जसप्रीत बुमराह का प्रदर्शन भी इस सीजन में वैसा नहीं रहा है जैसा मुंबई उनसे उम्मीद करती है। परफॉर्मेंस में निरंतरता न होना मुंबई के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। बेंगलुरु के पास जीत का बेहतर मौका उन्होंने आगे कहा, बेंगलुरु को मैच से पहले एक लंबा ब्रेक भी मिला है, जिससे खिलाड़ियों को तरोताजा होने का मौका मिला है। उनके पास संतुलित बॉलिंग और फॉर्म में लौट रहे बल्लेबाज हैं। मुंबई को टूर्नामेंट में बने रहने के लिए जीत की जरूरत है, लेकिन रायपुर की परिस्थितियों में फिलहाल बेंगलुरु का पलड़ा ज्यादा भारी दिखाई दे रहा है। चैंपियंस वाली कमेंट्री में सुने अनसुने किस्से चैंपियंस वाली कमेंट्री CTV पर हिंदी में उपलब्ध एक खास डिजिटल फीड है, जिसमें TATA IPL के पूर्व चैंपियन खिलाड़ी लाइव मैच के दौरान खिलाड़ियों की सोच और मैदान से जुड़े अनसुने किस्से साझा करते हैं।

रायपुर की पिच पर बेंगलुरु को मिल सकता है फायदा:उमेश यादव ने कहा- गेंदबाजी में संघर्ष कर रही मुंबई,10 मई को होगा मुकाबला

रायपुर की पिच पर बेंगलुरु को मिल सकता है फायदा:उमेश यादव ने कहा- गेंदबाजी में संघर्ष कर रही मुंबई,10 मई को होगा मुकाबला

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और मुंबई इंडियंस (MI) के बीच रिवेंज वीक में 10 मई को रायपुर में हाई-वोल्टेज मुकाबला खेला जाएगा। इस मैच में बेंगलुरु का पलड़ा भारी नजर आ रहा है क्योंकि उनकी टीम का संतुलन और गेंदबाजी मुंबई की तुलना में काफी बेहतर हो रही है। नई पिच और बड़े मैदान से गेंदबाजों को मिलेगी मदद जियोहॉटस्टार के चैंपियंस वाली कमेंट्री शो के एक्सपर्ट उमेश यादव ने कहा, रायपुर में लंबे समय के बाद कोई बड़ा मैच होने जा रहा है। ऐसे में मैदान की विकेट बिल्कुल ताजा होगी और बाउंड्री भी काफी बड़ी है। जानकारों का मानना है कि इस नई परिस्थितियों में गेंदबाजों को काफी मदद मिल सकती है। चूंकि इस सीजन में दोनों टीमें यहां अपना पहला मैच खेलेंगी, इसलिए यह मैदान दोनों के लिए ही नया अनुभव होगा। बेंगलुरु को मिलेगा दूसरे होम ग्राउंड से फायदा रायपुर का शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम इस सीजन बेंगलुरु का दूसरा होम ग्राउंड है। उमेश यादव ने कहा, टीम वहां थोड़ा पहले पहुंचकर प्रैक्टिस भी कर सकती है। वर्तमान फॉर्म को देखें तो बेंगलुरु की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में सुधार हुआ है, जिससे वे विपक्षी टीम पर हावी होने की स्थिति में नजर आ रहे हैं। मुंबई के लिए संतुलन बिठाना बड़ी चुनौती उमेश ने कहा, मुंबई इंडियंस की टीम इस सीजन में अपने सही बैलेंस की तलाश में संघर्ष कर रही है। टीम के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि जब उनके बल्लेबाज रन बना रहे होते हैं, तब गेंदबाजी साथ नहीं दे पाती। मुंबई की गेंदबाजी में गहराई की कमी साफ नजर आ रही है और टीम एक अच्छे स्पिनर की तलाश में है जो अब तक पूरी नहीं हो पाई है। तेज गेंदबाजी और बुमराह की फॉर्म पर सवाल मुंबई के पेस अटैक में लगातार बदलाव हो रहे हैं। टीम के टॉप गेंदबाज अक्सर बेंच पर बैठे नजर आते हैं और उन्हें सभी मैचों में मौका नहीं मिल रहा है। टीम के सबसे बड़े हथियार जसप्रीत बुमराह का प्रदर्शन भी इस सीजन में वैसा नहीं रहा है जैसा मुंबई उनसे उम्मीद करती है। परफॉर्मेंस में निरंतरता न होना मुंबई के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। बेंगलुरु के पास जीत का बेहतर मौका उन्होंने आगे कहा, बेंगलुरु को मैच से पहले एक लंबा ब्रेक भी मिला है, जिससे खिलाड़ियों को तरोताजा होने का मौका मिला है। उनके पास संतुलित बॉलिंग और फॉर्म में लौट रहे बल्लेबाज हैं। मुंबई को टूर्नामेंट में बने रहने के लिए जीत की जरूरत है, लेकिन रायपुर की परिस्थितियों में फिलहाल बेंगलुरु का पलड़ा ज्यादा भारी दिखाई दे रहा है। चैंपियंस वाली कमेंट्री में सुने अनसुने किस्से चैंपियंस वाली कमेंट्री CTV पर हिंदी में उपलब्ध एक खास डिजिटल फीड है, जिसमें TATA IPL के पूर्व चैंपियन खिलाड़ी लाइव मैच के दौरान खिलाड़ियों की सोच और मैदान से जुड़े अनसुने किस्से साझा करते हैं।

सरकार गठन पर सस्पेंस जारी, टीवीके प्रमुख विजय तीसरी बार राज्यपाल से मिलेंगे | भारत समाचार

Hantavirus Outbreak 2026 LIVE: According to reports, the first known death was a 70-year-old Dutch passenger who died on board on April 11. (File Photo)

आखरी अपडेट:08 मई, 2026, 16:00 IST राज्यपाल आरवी आर्लेकर के आग्रह के कारण विजय अब तक सरकार नहीं बना पाए हैं कि टीवीके विधानसभा में बहुमत साबित करे। तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर के साथ तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) प्रमुख विजय। (पीटीआई) तमिलनाडु सरकार का गठन: तमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस जारी रहने के बीच तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) प्रमुख विजय के शुक्रवार को तीसरी बार राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलने की उम्मीद है। तमिलनाडु की राजनीति में एक अभूतपूर्व क्षण में, टीवीके हाल के विधानसभा चुनावों में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बन गई, जिसने राज्य में लंबे समय से सत्ता पर काबिज डीएमके और एआईएडीएमके दोनों को पछाड़ दिया। हालाँकि, कांग्रेस द्वारा पाँच विधायकों का समर्थन देने के लिए DMK के साथ दशकों पुराना गठबंधन तोड़ने के बाद भी, विजय की पार्टी अभी भी बहुमत की संख्या 118 से पीछे है। विधानसभा में बहुमत समर्थन स्थापित करने में पार्टी की विफलता का हवाला देते हुए अर्लेकर द्वारा दो बार सरकार बनाने के विजय के अनुरोध को अस्वीकार करने के बाद टीवीके की सरकार बनाने की कोशिशों में अप्रत्याशित बाधा आ गई है। जवाब में, टीवीके ने तर्क दिया कि ऐसे कई उदाहरण हैं जहां उस समय स्पष्ट बहुमत न होने के बावजूद सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया गया था। यहां लाइव अपडेट्स का पालन करें हाल ही में तमिलनाडु चुनाव में जीती गई दो सीटों में से एक को खाली करने के बाद, विजय को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 117 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता है। संभावना है कि वह राज्यपाल को अपनी पार्टी का बहुमत साबित करने के लिए 118 सदस्यों की सूची उपलब्ध कराएंगे। सीपीआई (एम), सीपीआई को समर्थन मिलने की संभावना इस बीच, सूत्रों ने बताया कि तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर चल रही अनिश्चितता के बीच सीपीआई (एम) और सीपीआई विजय के नेतृत्व वाली टीवीके को समर्थन दे सकती हैं। सीएनएन-न्यूज18 शुक्रवार को. पार्टी समर्थन के लिए एएमएमके सहित अन्य छोटे दलों से भी संपर्क कर रही है। टीवीके के प्रभावशाली प्रदर्शन ने उन अफवाहों को हवा दे दी है कि तमिलनाडु में पहली बार अकल्पनीय हो सकता है, द्रविड़ प्रतिद्वंद्वियों द्रमुक और अन्नाद्रमुक के बीच उसे सत्ता में आने से रोकने के लिए गठबंधन। अन्नाद्रमुक ने संकेत दिया कि अगर राज्यपाल फिर से टीवीके को सरकार बनाने की अनुमति नहीं देते हैं तो निर्णय लिया जाएगा। जवाब में, टीवीके ने चेतावनी दी कि अगर डीएमके और एआईएडीएमके ने गठबंधन सरकार बनाई तो उसके सभी 107 विधायक इस्तीफा दे देंगे। हालाँकि, यह असाधारण खतरा कानूनी चुनौतियों से भरा है, और यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार तुरंत गिर जाएगी या नहीं। और पढ़ें: टीवीके ने चेतावनी दी है कि अगर तमिलनाडु में डीएमके-एआईएडीएमके सरकार बनी तो 107 विधायक इस्तीफा दे देंगे: अगर वे ऐसा करते हैं तो क्या होगा? इस बीच, तमिलनाडु भाजपा ने कहा कि वह तमिलनाडु में नई सरकार बनाने के किसी भी प्रयास से खुद को जोड़ना नहीं चाहती है और इस कवायद में किसी भी प्रत्यक्ष भूमिका से इनकार किया है। एक बयान में कहा गया, “इसके अलावा, हम जनता को सूचित करना चाहते हैं कि हम सरकार बनाने के प्रयासों में शामिल किसी भी पार्टी के समर्थन में मतदान नहीं करेंगे।” विधानसभा चुनाव में त्रिशंकु जनादेश आया, जिसमें टीवीके ने 234 सदस्यीय सदन में 107 सीटें जीतीं। डीएमके को 59, एआईएडीएमके को 47, पीएमके को 4, आईयूएमएल को 2, सीपीआई को 2 और सीपीआई (एम) को 2 सीटें मिलीं, जबकि बीजेपी, डीएमडीके और एएमएमके ने एक-एक सीट जीती। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया सरकार गठन पर सस्पेंस बरकरार, टीवीके प्रमुख विजय तीसरी बार राज्यपाल से मिलेंगे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु सरकार गठन लाइव अपडेट(टी)तमिलनाडु सीएम गठन 2026(टी)तमिलनाडु नए मुख्यमंत्री(टी)तमिलनाडु सरकार गठन समाचार(टी)तमिलनाडु चुनाव परिणाम 2026(टी)तमिलनाडु सीएम शपथ समारोह(टी)तमिलनाडु राजनीतिक समाचार लाइव(टी)तमिलनाडु सरकार अपडेट(टी)विजय टीवीके सरकार गठन

धुरंधर को प्रोपेगेंडा बताने वाले पर भड़कीं कांग्रेस प्रवक्ता:यूजर से शमा मोहम्मद बोलीं- फिल्म में मुसलमानों को गलत नहीं दिखाया; पाकिस्तान की नागरिकता ले सकते हो

धुरंधर को प्रोपेगेंडा बताने वाले पर भड़कीं कांग्रेस प्रवक्ता:यूजर से शमा मोहम्मद बोलीं- फिल्म में मुसलमानों को गलत नहीं दिखाया; पाकिस्तान की नागरिकता ले सकते हो

कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने सोशल मीडिया पर फिल्म धुरंधर की तारीफ करते हुए एक पोस्ट की। साथ ही एक यूजर को जवाब देते हुए कहा कि फिल्म में मुसलमानों को नहीं, बल्कि पाकिस्तानियों को नेगेटिव तरीके से दिखाया गया है। दरअसल, शमा मोहम्मद ने ऑफिशियल X अकाउंट पर लिखा कि उन्होंने हाल ही में फिल्म धुरंधर देखी और उन्हें इसका डायरेक्शन, स्क्रिप्ट और एक्टिंग काफी पसंद आई। उन्होंने एक्टर रणवीर सिंह की एक्टिंग की तारीफ की और डायरेक्टर आदित्य धर की सराहना करते हुए कहा कि फिल्म में पुराने हिंदी गानों को सीन्स से जोड़ने का तरीका शानदार था। यूजर ने फिल्म को बताया प्रोपेगेंडा मूवी शमा की पोस्ट पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने कहा, “तुम यह कैसे पोस्ट कर सकती हो? इस प्रोपेगेंडा फिल्म में मुसलमानों को गलत तरीके से दिखाया गया है। तुम्हें शर्म आनी चाहिए।” इस पर शमा मोहम्मद ने जवाब देते हुए कहा, “इस फिल्म में मुसलमानों को गलत नहीं दिखाया गया, बल्कि पाकिस्तानियों को गलत दिखाया गया है। दोनों को एक जैसा बताना गलत है। तुम्हारे जैसे लोग भारत में मुसलमानों की इमेज खराब करते हैं। अगर तुम्हें भारत से इतनी दिक्कत है, तो तुम पाकिस्तान की नागरिकता ले सकते हो।” धुरंधर ने 1,307 करोड़ रुपए कमाए थे धुरंधर 5 दिसंबर 2025 को ग्लोबली रिलीज हुई थी। फिल्म में रणवीर सिंह के साथ संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर माधवन, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन नजर आए थे। फिल्म आदित्य धर ने डायरेक्ट की थी। सैकनिल्क के अनुसार, धुरंधर ने भारत और अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और दुनियाभर में करीब 1,307 करोड़ रुपए कमाए। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 1,005.85 करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग 840 करोड़ रुपए हुआ। विदेशी बाजारों में भी फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब 299.5 करोड़ रुपए कमाए। अमेरिका और कनाडा में 193.06 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर बाहुबली 2 का रिकॉर्ड भी तोड़ा। दूसरा पार्ट 19 मार्च को रिलीज हुआ था धुरंधर का दूसरा पार्ट ग्लोबली 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुआ था। फिल्म की अब तक की कुल दुनिया भर में कमाई 1,792 करोड़ रुपए हो चुकी है। भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 1,141 करोड़ रुपए और कुल ग्रॉस कलेक्शन 1,365 करोड़ रुपए तक हो गया है। फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों से अब तक 426 करोड़ रुपए की कमाई की है।

धुरंधर को प्रोपेगेंडा बताने वाले पर भड़कीं कांग्रेस प्रवक्ता:यूजर से शमा मोहम्मद बोलीं- फिल्म में मुसलमानों को गलत नहीं दिखाया; पाकिस्तान की नागरिकता ले सकते हो

धुरंधर को प्रोपेगेंडा बताने वाले पर भड़कीं कांग्रेस प्रवक्ता:यूजर से शमा मोहम्मद बोलीं- फिल्म में मुसलमानों को गलत नहीं दिखाया; पाकिस्तान की नागरिकता ले सकते हो

कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने सोशल मीडिया पर फिल्म धुरंधर की तारीफ करते हुए एक पोस्ट की। साथ ही एक यूजर को जवाब देते हुए कहा कि फिल्म में मुसलमानों को नहीं, बल्कि पाकिस्तानियों को नेगेटिव तरीके से दिखाया गया है। दरअसल, शमा मोहम्मद ने ऑफिशियल X अकाउंट पर लिखा कि उन्होंने हाल ही में फिल्म धुरंधर देखी और उन्हें इसका डायरेक्शन, स्क्रिप्ट और एक्टिंग काफी पसंद आई। उन्होंने एक्टर रणवीर सिंह की एक्टिंग की तारीफ की और डायरेक्टर आदित्य धर की सराहना करते हुए कहा कि फिल्म में पुराने हिंदी गानों को सीन्स से जोड़ने का तरीका शानदार था। यूजर ने फिल्म को बताया प्रोपेगेंडा मूवी शमा की पोस्ट पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने कहा, “तुम यह कैसे पोस्ट कर सकती हो? इस प्रोपेगेंडा फिल्म में मुसलमानों को गलत तरीके से दिखाया गया है। तुम्हें शर्म आनी चाहिए।” इस पर शमा मोहम्मद ने जवाब देते हुए कहा, “इस फिल्म में मुसलमानों को गलत नहीं दिखाया गया, बल्कि पाकिस्तानियों को गलत दिखाया गया है। दोनों को एक जैसा बताना गलत है। तुम्हारे जैसे लोग भारत में मुसलमानों की इमेज खराब करते हैं। अगर तुम्हें भारत से इतनी दिक्कत है, तो तुम पाकिस्तान की नागरिकता ले सकते हो।” धुरंधर ने 1,307 करोड़ रुपए कमाए थे धुरंधर 5 दिसंबर 2025 को ग्लोबली रिलीज हुई थी। फिल्म में रणवीर सिंह के साथ संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर माधवन, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन नजर आए थे। फिल्म आदित्य धर ने डायरेक्ट की थी। सैकनिल्क के अनुसार, धुरंधर ने भारत और अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और दुनियाभर में करीब 1,307 करोड़ रुपए कमाए। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 1,005.85 करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग 840 करोड़ रुपए हुआ। विदेशी बाजारों में भी फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब 299.5 करोड़ रुपए कमाए। अमेरिका और कनाडा में 193.06 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर बाहुबली 2 का रिकॉर्ड भी तोड़ा। दूसरा पार्ट 19 मार्च को रिलीज हुआ था धुरंधर का दूसरा पार्ट ग्लोबली 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुआ था। फिल्म की अब तक की कुल दुनिया भर में कमाई 1,792 करोड़ रुपए हो चुकी है। भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 1,141 करोड़ रुपए और कुल ग्रॉस कलेक्शन 1,365 करोड़ रुपए तक हो गया है। फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों से अब तक 426 करोड़ रुपए की कमाई की है।

‘व्यक्तिगत रूप से मिलना चाहिए था’: वीसीके ने व्हाट्सएप पर समर्थन मांगने के लिए टीवीके की आलोचना की, विजय को गुमराह बताया | भारत समाचार

CBSE 12th results 2026 expected to be out anytime soon on cbse.gov.in. (Representative/File)

आखरी अपडेट:08 मई, 2026, 13:57 IST सेलवन ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ टीवीके नेता डीएमके के साथ अपना राजनीतिक हिसाब-किताब तय करने के लिए विजय की लोकप्रियता और फिल्म स्टार छवि का इस्तेमाल कर रहे हैं। वीसीके महासचिव सिंथनाई सेलवन के अनुसार, टीवीके कार्यकर्ताओं ने विजय से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने के बजाय व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर समर्थन मांगा। 234 सदस्यीय विधानसभा में खंडित फैसले के बाद तमिलनाडु में सरकार गठन पर लगातार गतिरोध के बीच, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) ने शुक्रवार को तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) प्रमुख विजय पर कथित तौर पर बहुमत का समर्थन इकट्ठा करने के लिए अभिनेता-राजनेता द्वारा व्यक्तिगत रूप से राजनीतिक नेताओं से संपर्क करने के बजाय व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से समर्थन मांगने की कोशिश करने का आरोप लगाया। एक्स पर एक लंबी पोस्ट में, वीसीके महासचिव सिंथनाई सेलवन ने टीवीके और विजय द्वारा चुनाव के बाद के घटनाक्रम को संभालने की तीखी आलोचना की और कहा कि विजय को अत्यधिक सावधानी से काम करना चाहिए था। लाइव अपडेट का पालन करें “ऐसे परिदृश्य में जहां सरकार बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत सुरक्षित नहीं था, उन्हें अत्यधिक सावधानी से काम करना चाहिए था। क्या विजय को उन राजनीतिक दल के नेताओं से व्यक्तिगत रूप से नहीं मिलना चाहिए था, जिनसे वह तुरंत समर्थन लेना चाहते हैं?” उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा। தமிழகத்தில் கவர்னர்புறவழியாக यह एक अच्छा विकल्प है. தமிழக மக்கள் விழிப்பாக இருக்க उत्तर அசாதாரண சூழலை கையாளுவதில் @TVKVijayHQ தடுமாறிப்போய் இருக்கிறாரா அல்லது அவருடன் இருக்கும் இரண்டாம் கட்டத்தலைவர்கள்… pic.twitter.com/MNABVodFiE– सिंथनाई सेलवन (@sinthanaivck) 8 मई 2026 उन्होंने सवाल किया कि क्या विजय व्यक्तिगत रूप से चुनाव के बाद की “असामान्य” स्थिति को प्रबंधित करने में लड़खड़ा रहे हैं या क्या उनके आसपास के दूसरे दर्जे के नेता उन्हें गुमराह कर रहे हैं। “क्या टीवीके चुनाव के बाद की असाधारण स्थिति को संभालने में लड़खड़ा रहा है, या क्या उसके आसपास के दूसरे दर्जे के नेता उसे भटका रहे हैं। क्या उसे दूसरे दर्जे के नेताओं के जाल में नहीं फंसने और भाजपा को राज्यपाल के रास्ते तमिलनाडु में प्रवेश करने से रोकने की आवश्यकता पर खुलकर चर्चा नहीं करनी चाहिए? हम व्हाट्सएप के माध्यम से समर्थन मांगने के लिए एक पत्र भेजने और फिर “जवाब दें” कहने को कैसे समझ सकते हैं?” सेल्वन ने जोड़ा। वीसीके महासचिव ने टीवीके के कुछ नेताओं पर चुनाव परिणामों के बाद अहंकार प्रदर्शित करने का आरोप लगाया और गठबंधन निर्माण के लिए आवश्यक सौहार्दपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने के बजाय डीएमके पर हमला करने और “प्रतिशोधपूर्ण स्वर” में बोलने वाले बयानों की आलोचना की। उन्होंने आगे टीवीके की “वंशवादी राजनीति” की आलोचना का मज़ाक उड़ाया, जिसमें कांग्रेस के साथ सहयोगी दलों से समर्थन मांगने के विरोधाभास की ओर इशारा किया गया। “जीत के बाद, चुनाव पूर्व विरोधाभासों को तेज किए बिना, श्री विजय को सभी नेताओं की सद्भावना अर्जित करने के लिए बड़ी उदारता के साथ मामलों को संभालना चाहिए था। लेकिन क्या यह सही है कि जैसे ही जीत की खबर आई, उन्होंने इसे राजशाही का युग समाप्त होने का दिन घोषित करके अहंकार और प्रतिशोधपूर्ण मानसिकता का खुलासा किया?” उसने कहा। “क्या कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने से बड़ी कोई विडंबना है – जो मोतीलाल नेहरू, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, राहुल गांधी और इसी तरह पांचवीं पीढ़ी के माध्यम से वंशवादी राजनीति का बोझ उठाती है – और फिर वंशवादी राजनीति की बात कर रही है? डीएमके को एक समाप्त राजशाही के रूप में ब्रांड करने और फिर जीतने के लिए डीएमके के नेतृत्व में गठबंधन बनाने के बाद, बिना किसी हिचकिचाहट के वामपंथियों और वीसीके से समर्थन मांगने में क्या तर्क या औचित्य है?” उन्होंने जोड़ा. सेलवन ने आगे कहा कि विजय, जिन्हें अपने विधायकों को राजनीतिक समझ और व्यक्तिगत स्नेह के माध्यम से एकजुट रखना चाहिए था, ने इसके बजाय विधायकों को सीमित करके “रिसॉर्ट राजनीति” को पुनर्जीवित किया है – एक कदम जिसे उन्होंने “सराहनीय नहीं” बताया। वीसीके नेता ने कुछ टीवीके सदस्यों की कथित टिप्पणियों की भी कड़ी आलोचना की, जिन्होंने दावा किया कि पार्टी के अंदर वीसीके कार्यकर्ता “स्लीपर सेल” की तरह काम कर रहे थे। “थिरुमा सहित वीसीके में केवल लगभग 20 लोग ही वास्तव में पार्टी से हैं। बाकी सभी लोग हमारे हैं। तो उन्हें स्लीपर सेल कैसे कहा जा सकता है?” उसने कहा। सेलवन ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ टीवीके नेता विजय की लोकप्रियता और फिल्म स्टार छवि का इस्तेमाल द्रमुक के साथ अपने राजनीतिक हिसाब-किताब को निपटाने के लिए कर रहे थे, जबकि विजय खुद को राजनीतिक रूप से दूर रख रहे थे। उन्होंने चुनाव के बाद अपने विधायकों को रिसॉर्ट में ले जाने के लिए टीवीके की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी तमिलनाडु में “रिसॉर्ट राजनीति” वापस ले आई है। संभावित राजनीतिक संकट के बारे में चेतावनी देते हुए, सेलवन ने दावा किया कि भाजपा राज्य में राज्यपाल शासन की स्थिति बनाने की कोशिश कर रही है और तमिलनाडु के लोगों से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को दरकिनार करने के किसी भी प्रयास के प्रति सतर्क रहने की अपील की। “श्री विजय को तुरंत यह एहसास होना चाहिए कि उनके आस-पास के लोगों के गलत दृष्टिकोण और गुमराह सलाह ही वे चीजें हैं जो उन तक समर्थन के मार्ग को अवरुद्ध कर रही हैं। इस स्थिति में खतरे को भांपते हुए जहां बीजेपी @बीजेपी4तमिलनाडु सभी लोकतांत्रिक मानदंडों का उल्लंघन करके राज्यपाल शासन लागू करने का प्रयास कर रही है, और तमिलनाडु की रक्षा के लिए इसे रोक रही है – यही लोगों के सामने चुनौती है।” उन्होंने जोड़ा. तमिलनाडु में क्या हो रहा है? उनकी टिप्पणी 234 सदस्यीय विधानसभा में खंडित फैसले के बाद आई, जहां टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन 118 के बहुमत के निशान से कम हो गई। डीएमके ने 59 सीटें हासिल कीं, जबकि एआईएडीएमके ने 47 सीटें जीतीं। कांग्रेस, जिसने नतीजों के बाद टीवीके को समर्थन दे दिया, के पास पांच विधायक हैं। हालाँकि, विजय द्वारा लड़ी गई और जीती गई दो सीटों में से एक से इस्तीफा देने की कानूनी आवश्यकता के हिसाब से टीवीके की प्रभावी संख्या 112 है। हालाँकि, ऐसा कोई भी कदम वाम दलों और विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) द्वारा

टाटा ट्रस्ट्स की अहम बैठक 16 मई तक टली:टाटा संस की लिस्टिंग पर फैसला होना था; बोर्ड में गवर्नेंस और हिस्सेदारी को लेकर मतभेद

टाटा ट्रस्ट्स की अहम बैठक 16 मई तक टली:टाटा संस की लिस्टिंग पर फैसला होना था; बोर्ड में गवर्नेंस और हिस्सेदारी को लेकर मतभेद

टाटा ट्रस्ट्स की आज 8 मई को होने वाली महत्वपूर्ण बोर्ड मीटिंग अब 16 मई को होगी। ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक आंतरिक मतभेदों के चलते इस बैठक को टाला गया है। यह दूसरी बार है जब मीटिंग की तारीख बदली गई है। पहले यह मीटिंग 12 मई को होनी थी। बार-बार तारीखें बदलने से ट्रस्ट के भीतर चल रही चर्चाओं को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। ग्रुप के भविष्य और गवर्नेंस से जुड़े 4 अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी मीटिंग: अब टाटा संस की लिस्टिंग विवाद पर यह QA पढ़े.. 1. टाटा ग्रुप में विवाद की मुख्य वजह क्या है? टाटा ट्रस्ट के पास टाटा संस की दो-तिहाई हिस्सेदारी है। विवाद की जड़ ‘टाटा संस’ का IPO है। टाटा ट्रस्ट्स के दो ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह चाहते हैं कि टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट किया जाए। उनका मानना है कि इससे कंपनी में पारदर्शिता आएगी। वहीं, नोएल टाटा अभी भी टाटा संस को ‘क्लोजली हेल्ड’ यानी निजी कंपनी ही बनाए रखना चाहते हैं। 2. लिस्टिंग को लेकर RBI का नया नियम क्या कहता है? RBI के नए नियमों के मुताबिक, 1 जुलाई 2026 से टाटा संस को एक ‘सिस्टमैटिकली इम्पोर्टेन्ट’ शैडो बैंक (NBFC) माना जाएगा। नियम यह है कि अगर किसी शैडो बैंक की एसेट साइज 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है, तो उसे शेयर बाजार में लिस्ट होना अनिवार्य है। टाटा संस इस दायरे में आती है। 3. क्या टाटा ग्रुप ने पहले भी लिस्टिंग से बचने की कोशिश की है? हां, यह पहली बार नहीं है। 2022 में भी RBI ने टाटा संस को ‘अपर-लेयर’ NBFC की श्रेणी में रखा था और तीन साल का समय दिया था। तब ग्रुप ने अपना कर्ज रीस्ट्रक्चर करके और खुद को ‘नॉन-सिस्टमैटिक’ बताकर लिस्टिंग टाल दी थी। लेकिन अब RBI ने वे रास्ते बंद कर दिए हैं। 5. नोएल टाटा लिस्टिंग का विरोध क्यों कर रहे हैं? टाटा ट्रस्ट के पास टाटा संस की दो-तिहाई हिस्सेदारी है। नोएल टाटा को डर है कि लिस्टिंग होने से ग्रुप की कंपनियों पर टाटा ट्रस्ट्स का कंट्रोल कम हो सकता है। वह चाहते हैं कि टाटा संस पर ट्रस्ट की पकड़ पहले जैसी ही मजबूत बनी रहे। फरवरी में ऐसी खबरें भी आई थीं कि उन्होंने टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन से इस बात की गारंटी मांगी थी कि कंपनी लिस्ट नहीं होगी। 6. चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का इस पर क्या स्टैंड है? रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन से लिस्टिंग न होने की गारंटी मांगी, तो उन्होंने ऐसा वादा करने से इनकार कर दिया। उनका तर्क था कि यह रेगुलेटरी मामला है। इसी वजह से चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल के री-अपॉइंटमेंट पर वोटिंग भी टल गई थी। 7. क्या RBI टाटा ग्रुप को कोई खास छूट दे सकता है? इसकी संभावना बहुत कम है। RBI ने अनौपचारिक रूप से संकेत दिए हैं कि वह टाटा ग्रुप के लिए नियमों में कोई अपवाद नहीं बनाएगा। रेगुलेटर का मानना है कि अगर टाटा को छूट दी गई, तो दूसरी कंपनियां भी ऐसी ही मांग करेंगी, जिससे बैंकिंग नियम कमजोर पड़ेंगे। नॉलेज पार्ट: क्या होता है नॉमिनी डायरेक्टर? जब कोई संस्था जैसे टाटा ट्रस्ट किसी दूसरी कंपनी जैसे टाटा संस में बड़ी हिस्सेदारी रखती है, तो वह अपने हितों की रक्षा के लिए उस कंपनी के बोर्ड में अपने प्रतिनिधि भेजती है। इन्हें ही ‘नॉमिनी डायरेक्टर’ कहा जाता है। इनका काम यह सुनिश्चित करना होता है कि कंपनी के फैसले मुख्य संस्था की विचारधारा के अनुरूप हों।

जिस जहाज पर हंतावायरस फैला उस पर 2 भारतीय:डॉक्टर बोले- यह कोरोना की तरह तेजी से नहीं फैलता; अब तक 3 की मौत

जिस जहाज पर हंतावायरस फैला उस पर 2 भारतीय:डॉक्टर बोले- यह कोरोना की तरह तेजी से नहीं फैलता; अब तक 3 की मौत

अटलांटिक माहासागर में क्रूज शिप MV होंडियस पर 2 भारतीय नागरिक शामिल है। यह वहीं क्रूज शिप हैं, जिस पर हंतावायरस फैला है। BBC के मुताबिक, अब तक जहाज पर हंतावायरस संक्रमण के पांच मामलों की पुष्टि हुई है और तीन लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, नीदरलैंड के लीडेन यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में भर्ती हंतावायरस मरीज का इलाज कर रहीं डॉक्टर करिन एलेन वेल्डकैंप ने कहा है कि यह वायरस कोरोना जैसा नहीं है। उन्होंने AFP से बातचीत में कहा कि हंतावायरस का इंसान से इंसान में फैलना आसान नहीं है। डॉक्टर के मुताबिक, इसका ट्रांसमिशन कोरोना की तुलना में काफी मुश्किल है। डच फ्लैग वाला यह जहाज स्पेन जा रहा है। यह 10 मई तक स्पेन के कैनेरनी आइलैंड तक पहुंच सकता है, जहां जहाज पर मौजूद सभी यात्रियों की जांच होगी। WHO ने कहा कि घटना गंभीर है, लेकिन फिलहाल आम लोगों के लिए खतरा कम माना जा रहा है। मरीजों को आइसोलेशन में रखा जा रहा डॉक्टर करिन एलेन वेल्डकैंप ने कहा, ऐसे मामलों में संक्रमित मरीजों को अलग आइसोलेशन रूम में रखा जाता है। उनकी देखभाल अच्छी तरह ट्रेन्ड स्टाफ करता है और सख्त बीमारी नियंत्रण नियमों का पालन किया जाता है। उन्होंने बताया कि मरीजों को तब तक आइसोलेशन में रखा जाता है, जब तक उनमें लक्षण दिखाई देते हैं। हालत सुधरने के बाद उनका टेस्ट किया जाता है। अगर रिपोर्ट निगेटिव आती है, तो आइसोलेशन हटाया जा सकता है। डॉक्टर के मुताबिक, अभी यह साफ नहीं है कि कोई व्यक्ति कितने समय तक वायरस अपने शरीर में रख सकता है। WHO प्रमुख ने कहा कि हंतावायरस का इंक्यूबेशन पीरियड छह हफ्ते तक हो सकता है। इसलिए आगे भी नए मामले सामने आने की आशंका बनी हुई है। WHO ने सेंट हेलेना में उतरने वाले यात्रियों के कारण 12 देशों को अलर्ट भेजा है। इनमें ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और सिंगापुर शामिल हैं। WHO- हंतावायरस खास तरह के चूहों से फैला WHO के मुताबिक तीनों मौत के मामलों में एंडीज स्ट्रेन का शक है, जो इंसानों के बीच भी फैल सकता है। एंडीज स्ट्रेन, हंतावायरस का ही एक प्रकार है, जो मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका (अर्जेंटीना और चिली) में पाया जाता है WHO ने बताया कि एंडीज स्ट्रेन बाकी हंतावायरस से अलग है। यह संक्रमित चूहों या उनके मल-मूत्र से तो फैलता ही है, लेकिन कुछ मामलों में इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। हालांकि यह संक्रमण कोरोना जितना तेजी से नहीं फैलता। जांच में पता चला है कि पहले दो पीड़ित जहाज पर चढ़ने से पहले चिली, अर्जेंटीना और उरुग्वे में बर्ड वॉचिंग ट्रिप पर गए थे। WHO के मुताबिक इन इलाकों में वायरस फैलाने वाले खास किस्म के चूहे पाए जाते हैं। अर्जेंटीना की एजेंसियां अब इस दंपती की यात्रा का पता लगा रही हैं। WHO ने यह भी बताया कि अर्जेंटीना पांच देशों की लैब्स में 2500 डायग्नोस्टिक किट भेज रहा है। WHO के मुताबिक जहाज पर पहला मरीज एक पुरुष यात्री था, जिसमें छह अप्रैल को लक्षण दिखे थे। उसकी पांच दिन बाद मौत हो गई। उस समय हंतावायरस की पुष्टि नहीं हो सकी, क्योंकि सैंपल नहीं लिया गया था और लक्षण दूसरे वायरल संक्रमण जैसे थे। इसके बाद उसकी पत्नी बीमार हुई और 25 अप्रैल को सेंट हेलेना में उसकी मौत हो गई। तीसरी महिला यात्री की दो मई को मौत हुई। 7 हफ्ते में कई देशों से गुजरा क्रूज नीदरलैंड के झंडे वाला यह क्रूज शिप 20 मार्च को अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ था। इसके बाद यह दक्षिणी ध्रुव के आसपास के इलाकों में गया और फिर अटलांटिक पार करते हुए यूरोप की ओर बढ़ रहा था। इसे सबसे आखिर में स्पेन के कैनरी द्वीप तक पहुंचना था, जो अफ्रीका के पास अटलांटिक में स्थित एक प्रमुख पर्यटन क्षेत्र है। जहाज में कुल 170 यात्री और 71 क्रू सदस्य मौजूद हैं। इनमें एक डॉक्टर भी शामिल है। पहला मृतक 70 साल का एक व्यक्ति था, जिसकी मौत जहाज पर ही हो गई थी। वह अपनी पत्नी के साथ इस यात्रा पर था। इसके बाद उसका शव दक्षिण अटलांटिक में स्थित सेंट हेलेना में उतारा गया। उसकी पत्नी बाद में दक्षिण अफ्रीका पहुंचीं, जहां से उन्हें अपने देश नीदरलैंड लौटना था। लेकिन एयरपोर्ट पर ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, वह बेहोश हो गईं और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई। क्रूज चलाने वाली कंपनी ओशनवाइड एक्सपेडिशंस ने बताया कि तीसरे मृतक का शव अभी भी जहाज पर केप वर्डे में मौजूद है।

जिस जहाज पर हंतावायरस फैला, उस पर 2 भारतीय:अब तक 3 की मौत; डॉक्टर बोले- यह कोरोना की तरह तेजी से नहीं फैलता

जिस जहाज पर हंतावायरस फैला, उस पर 2 भारतीय:अब तक 3 की मौत; डॉक्टर बोले- यह कोरोना की तरह तेजी से नहीं फैलता

अटलांटिक महासागर में क्रूज शिप MV होंडियस पर 2 भारतीय नागरिक शामिल है। यह वही शिप हैं, जिस पर हंतावायरस फैला है। BBC के मुताबिक अब तक जहाज पर हंतावायरस संक्रमण के पांच मामलों की पुष्टि हुई है और 3 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, नीदरलैंड की लीडेन यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में भर्ती हंतावायरस मरीज का इलाज कर रहीं डॉक्टर करिन एलेन वेल्डकैंप ने कहा कि यह वायरस कोरोना जैसा नहीं है। उन्होंने AFP से बातचीत में कहा कि हंतावायरस का इंसान से इंसान में फैलना आसान नहीं है। इसका ट्रांसमिशन कोरोना की तुलना में काफी मुश्किल है। डच फ्लैग वाला यह जहाज स्पेन जा रहा है। यह 10 मई तक स्पेन के कैनरी आइलैंड तक पहुंच सकता है, जहां जहाज पर मौजूद सभी यात्रियों की जांच होगी। WHO ने कहा कि घटना गंभीर है, लेकिन फिलहाल आम लोगों के लिए खतरा कम माना जा रहा है। मरीजों को आइसोलेशन में रखा जा रहा डॉक्टर करिन एलेन वेल्डकैंप ने कहा, ऐसे मामलों में संक्रमित मरीजों को अलग आइसोलेशन रूम में रखा जाता है। ट्रेंड स्टाफ उनकी देखभाल करता है। मरीजों को तब तक आइसोलेशन में रखा जाता है, जब तक उनमें लक्षण दिखाई देते हैं। हालत सुधरने के बाद उनका टेस्ट किया जाता है। अगर रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो आइसोलेशन हटाया जा सकता है। हार्वर्ड के प्रोफेसर एलन ने बताया कि हंतावायरस से संक्रमित लोगों को 40 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रखा गया है, क्योंकि इसका इन्क्यूबेशन पीरियड लंबा होता है। शरीर में वायरस के घुसने से लेकर पहले लक्षण दिखने के बीच के समय को इन्क्यूबेशन पीरियड कहते है। डॉक्टर के मुताबिक, अभी यह साफ नहीं है कि वायरस किसी व्यक्ति के शरीर में कब तक रह सकता है। WHO प्रमुख टेड्रोस एडनॉम गेब्रेसियस ने कहा कि हंतावायरस का इंक्यूबेशन पीरियड छह हफ्ते तक हो सकता है। इसलिए आगे भी नए मामले सामने आने की आशंका बनी हुई है। हंतावायरस से मौतों में एंडीज स्ट्रेन का शक WHO के मुताबिक हंतावायरस से हुई तीन मौत के मामलों में एंडीज स्ट्रेन का शक है, जो इंसानों के बीच भी फैल सकता है। एंडीज स्ट्रेन मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका के अर्जेंटीना और चिली में पाया जाता है। WHO ने बताया कि एंडीज स्ट्रेन बाकी हंतावायरस से अलग है। यह संक्रमित चूहों या उनके मल-मूत्र से तो फैलता ही है, लेकिन कुछ मामलों में इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। हालांकि, यह संक्रमण कोरोना जितना तेजी से नहीं फैलता। जांच में पता चला है कि पहले दो पीड़ित दंपती जहाज पर चढ़ने से पहले चिली, अर्जेंटीना और उरुग्वे में बर्ड वॉचिंग ट्रिप पर गए थे। WHO के मुताबिक इन इलाकों में वायरस फैलाने वाले खास किस्म के चूहे पाए जाते हैं। अर्जेंटीना की एजेंसियां अब इस दंपती की यात्रा का पता लगा रही हैं। 7 हफ्ते में कई देशों से गुजरा क्रूज नीदरलैंड के झंडे वाला यह क्रूज शिप 20 मार्च को अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ था। इसके बाद यह दक्षिणी ध्रुव के आसपास के इलाकों में गया और फिर अटलांटिक पार करते हुए यूरोप की ओर बढ़ रहा था। इसे सबसे आखिर में स्पेन के कैनरी द्वीप तक पहुंचना था, जो अफ्रीका के पास अटलांटिक में स्थित एक प्रमुख पर्यटन क्षेत्र है। जहाज में कुल 170 यात्री और 71 क्रू सदस्य मौजूद हैं। इनमें एक डॉक्टर भी शामिल है। पहला मृतक 70 साल का एक व्यक्ति था, जिसकी मौत जहाज पर ही हो गई। वह अपनी पत्नी के साथ इस यात्रा पर था। इसके बाद उसका शव दक्षिण अटलांटिक में स्थित सेंट हेलेना में उतारा गया। उसकी पत्नी बाद में दक्षिण अफ्रीका पहुंचीं, जहां से उन्हें अपने देश नीदरलैंड लौटना था। लेकिन एयरपोर्ट पर ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, वह बेहोश हो गईं और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई। क्रूज चलाने वाली कंपनी ओशनवाइड एक्सपीडिशंस ने बताया कि तीसरे मृतक का शव अभी भी जहाज पर केप वर्डे में मौजूद है। साथ ही, WHO ने सेंट हेलेना में उतरने वाले यात्रियों के कारण 12 देशों को अलर्ट भेजा है। इनमें ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और सिंगापुर शामिल हैं। ———————— ये खबर भी पढ़ें… कर्ज से परेशान पाकिस्तान ने शराब एक्सपोर्ट शुरू किया:गैर मुस्लिम देशों को सप्लाई, 50 साल पहले इस्लाम का हवाला देकर बैन किया था कर्ज से जूझ रहे पाकिस्तान ने 50 साल बाद फिर से दूसरे देशों को शराब बेचना शुरू कर दिया है। देश की इकलौती लोकल कंपनी मरी ब्रूअरी ने अप्रैल 2026 में ब्रिटेन, जापान, पुर्तगाल और थाईलैंड जैसे देशों को बीयर और अन्य अल्कोहलिक ड्रिंक्स एक्सपोर्ट की हैं। कंपनी के एक्सपोर्ट मैनेजर रमीज शाह के मुताबिक, अभी शुरुआत में विदेशों में नेटवर्क बनाया जा रहा है और आगे चलकर प्रोडक्शन बढ़ाने की योजना है। पूरी खबर पढ़ें…