Sunday, 06 Sep 2026 | 11:09 PM

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अमेरिका ने UFO से जुड़ी पहली फाइलें जारी की:चांद पर रहस्यमयी वस्तुएं दिखने का दावा, अंतरिक्ष यात्री बोले- बाहर आतिशबाजी जैसा नजारा

अमेरिका ने UFO से जुड़ी पहली फाइलें जारी की:चांद पर रहस्यमयी वस्तुएं दिखने का दावा, अंतरिक्ष यात्री बोले- बाहर आतिशबाजी जैसा नजारा

अमेरिका में शुक्रवार को लंबे समय से चर्चा में रही UFO फाइलों की पहली खेप जारी कर दी गई। ट्रम्प प्रशासन ने सैकड़ों नए वीडियो, फोटो और पुराने सरकारी रिकॉर्ड सार्वजनिक किए। इन फाइलों में सबसे ज्यादा चर्चा NASA के अपोलो मिशन से जुड़ी तस्वीरों और अंतरिक्ष यात्रियों की बातचीत को लेकर हो रही है। जारी दस्तावेजों में NASA के अपोलो 12 और अपोल 17 मिशन से जुड़ी तस्वीरें और बातचीत के रिकॉर्ड भी शामिल हैं। एक तस्वीर में चांद की सतह के ऊपर आसमान में तीन रहस्यमयी बिंदु दिखाई देने का दावा किया गया है। सबसे दिलचस्प हिस्सा अपोलो 17 मिशन का ट्रांसक्रिप्ट माना जा रहा है। इसमें अंतरिक्ष यात्री उड़ान के दौरान अंतरिक्ष यान के पास चमकती चीजें दिखने की बात करते सुनाई दे रहे हैं। एक ऑपरेटर ने मिशन कंट्रोल से कहा, “कुछ चमकते कण या टुकड़े हमारे पास से गुजरते दिख रहे हैं।” इसके जवाब में दूसरे ऑपरेटर ने कहा, “मेरी खिड़की के बाहर कई चमकती चीजें दिख रही हैं। ऐसा लग रहा है जैसे आतिशबाजी हो रही हो।” ट्रम्प ने UFO से जुड़ी फाइलें जारी करने का आदेश दिया था राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कुछ महीने पहले रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को UFO और कथित एलियन गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड जारी करने का आदेश दिया था। फाइलें जारी होने के बाद ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि उन्होंने सरकार की एजेंसियों को एलियन लाइफ, UFO और UAP से जुड़ी जानकारी जनता के सामने रखने को कहा था। इन फाइलों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर UFO और एलियन जीवन को लेकर बहस तेज हो गई है। हालांकि अमेरिकी सरकार पहले भी साफ कर चुकी है कि उसे अब तक एलियन जीवन या एलियन टेक्नोलॉजी का कोई पक्का सबूत नहीं मिला है। पेंटागन की पिछली रिपोर्टों में भी कहा गया था कि कई UFO वीडियो और तस्वीरें बाद में सैन्य तकनीक या प्राकृतिक घटनाएं निकली थीं। पेंटागन की तरफ जारी किया गया वीडियो…. सैन्य विमानों के पास दिखीं रहस्यमयी वस्तुएं पेंटागन की तरफ से जारी दस्तावेजों में 1999 के नए साल की पूर्व संध्या पर FBI की ली गई कुछ तस्वीरें भी शामिल हैं। इनमें अमेरिकी सैन्य विमानों के पास कुछ रहस्यमयी वस्तुएं दिखाई देने का दावा किया गया है। इसके अलावा सैन्य पायलटों की ली गई तस्वीरें भी जारी की गई हैं, जिनमें तेज रफ्तार से उड़ती चीजें विमानों के पास से गुजरती दिखती हैं। एक डिक्लासिफाइड सैन्य रिपोर्ट में एक अधिकारी ने बताया कि उसने आसमान में कई चमकती वस्तुओं को तेजी से आगे बढ़ते देखा। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से एक वस्तु को विमान के टारगेटिंग सिस्टम से करीब 20 सेकंड तक ट्रैक किया गया, लेकिन बाद में वह अचानक गायब हो गई। नई UFO फाइलों में ओमान की खाड़ी के ऊपर दिखी एक रहस्यमयी वस्तु की तस्वीर सामने आई है। दावा किया गया है कि 2024 में इंफ्रारेड सेंसर ने तेज रफ्तार से उड़ती आंसू जैसी आकार वाली इस वस्तु को रिकॉर्ड किया था। हालांकि अधिकारियों ने साफ किया कि ये सिर्फ प्रत्यक्षदर्शियों के बयान हैं। इन्हें किसी एलियन या UFO की पक्की पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए। ओमान की खाड़ी के ऊपर दिखी एक रहस्यमयी वस्तु का वीडियो… अमेरिकी सांसद बोले- अभी और फाइलें जारी होंगी अमेरिकी सांसदों ने कहा है कि शुक्रवार को जारी दस्तावेज सिर्फ शुरुआत हैं। आने वाले समय में और रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएंगे। हालांकि अभी यह साफ नहीं किया गया है कि अगली फाइलें कब जारी होंगी। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि सरकार UFO मामलों में ज्यादा पारदर्शिता लाना चाहती है। सरकार का कहना है कि जनता को ज्यादा से ज्यादा जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि लोग खुद तय कर सकें कि इन घटनाओं का क्या मतलब है। कुछ दस्तावेजों के हिस्सों को गवाहों की पहचान और संवेदनशील सैन्य ठिकानों की जानकारी छिपाने के लिए ब्लैकआउट किया गया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि घटनाओं से जुड़ी कोई अहम जानकारी नहीं रोकी गई।

अमेरिका ने UFO से जुड़ी पहली फाइलें जारी की:चांद पर रहस्यमयी वस्तुएं दिखने का दावा, अंतरिक्ष यात्री बोले- बाहर आतिशबाजी जैसा नजारा

अमेरिका ने UFO से जुड़ी पहली फाइलें जारी की:चांद पर रहस्यमयी वस्तुएं दिखने का दावा, अंतरिक्ष यात्री बोले- बाहर आतिशबाजी जैसा नजारा

अमेरिका में शुक्रवार को लंबे समय से चर्चा में रही UFO फाइलों की पहली खेप जारी कर दी गई। ट्रम्प प्रशासन ने सैकड़ों नए वीडियो, फोटो और पुराने सरकारी रिकॉर्ड सार्वजनिक किए। इन फाइलों में सबसे ज्यादा चर्चा NASA के अपोलो मिशन से जुड़ी तस्वीरों और अंतरिक्ष यात्रियों की बातचीत को लेकर हो रही है। जारी दस्तावेजों में NASA के अपोलो 12 और अपोल 17 मिशन से जुड़ी तस्वीरें और बातचीत के रिकॉर्ड भी शामिल हैं। एक तस्वीर में चांद की सतह के ऊपर आसमान में तीन रहस्यमयी बिंदु दिखाई देने का दावा किया गया है। सबसे दिलचस्प हिस्सा अपोलो 17 मिशन का ट्रांसक्रिप्ट माना जा रहा है। इसमें अंतरिक्ष यात्री उड़ान के दौरान अंतरिक्ष यान के पास चमकती चीजें दिखने की बात करते सुनाई दे रहे हैं। एक ऑपरेटर ने मिशन कंट्रोल से कहा, “कुछ चमकते कण या टुकड़े हमारे पास से गुजरते दिख रहे हैं।” इसके जवाब में दूसरे ऑपरेटर ने कहा, “मेरी खिड़की के बाहर कई चमकती चीजें दिख रही हैं। ऐसा लग रहा है जैसे आतिशबाजी हो रही हो।” ट्रम्प ने UFO से जुड़ी फाइलें जारी करने का आदेश दिया था राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कुछ महीने पहले रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को UFO और कथित एलियन गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड जारी करने का आदेश दिया था। फाइलें जारी होने के बाद ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि उन्होंने सरकार की एजेंसियों को एलियन लाइफ, UFO और UAP से जुड़ी जानकारी जनता के सामने रखने को कहा था। इन फाइलों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर UFO और एलियन जीवन को लेकर बहस तेज हो गई है। हालांकि अमेरिकी सरकार पहले भी साफ कर चुकी है कि उसे अब तक एलियन जीवन या एलियन टेक्नोलॉजी का कोई पक्का सबूत नहीं मिला है। पेंटागन की पिछली रिपोर्टों में भी कहा गया था कि कई UFO वीडियो और तस्वीरें बाद में सैन्य तकनीक या प्राकृतिक घटनाएं निकली थीं। पेंटागन की तरफ जारी किया गया वीडियो…. सैन्य विमानों के पास दिखीं रहस्यमयी वस्तुएं पेंटागन की तरफ से जारी दस्तावेजों में 1999 के नए साल की पूर्व संध्या पर FBI की ली गई कुछ तस्वीरें भी शामिल हैं। इनमें अमेरिकी सैन्य विमानों के पास कुछ रहस्यमयी वस्तुएं दिखाई देने का दावा किया गया है। इसके अलावा सैन्य पायलटों की ली गई तस्वीरें भी जारी की गई हैं, जिनमें तेज रफ्तार से उड़ती चीजें विमानों के पास से गुजरती दिखती हैं। एक डिक्लासिफाइड सैन्य रिपोर्ट में एक अधिकारी ने बताया कि उसने आसमान में कई चमकती वस्तुओं को तेजी से आगे बढ़ते देखा। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से एक वस्तु को विमान के टारगेटिंग सिस्टम से करीब 20 सेकंड तक ट्रैक किया गया, लेकिन बाद में वह अचानक गायब हो गई। नई UFO फाइलों में ओमान की खाड़ी के ऊपर दिखी एक रहस्यमयी वस्तु की तस्वीर सामने आई है। दावा किया गया है कि 2024 में इंफ्रारेड सेंसर ने तेज रफ्तार से उड़ती आंसू जैसी आकार वाली इस वस्तु को रिकॉर्ड किया था। हालांकि अधिकारियों ने साफ किया कि ये सिर्फ प्रत्यक्षदर्शियों के बयान हैं। इन्हें किसी एलियन या UFO की पक्की पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए। ओमान की खाड़ी के ऊपर दिखी एक रहस्यमयी वस्तु का वीडियो… अमेरिकी सांसद बोले- अभी और फाइलें जारी होंगी अमेरिकी सांसदों ने कहा है कि शुक्रवार को जारी दस्तावेज सिर्फ शुरुआत हैं। आने वाले समय में और रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएंगे। हालांकि अभी यह साफ नहीं किया गया है कि अगली फाइलें कब जारी होंगी। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि सरकार UFO मामलों में ज्यादा पारदर्शिता लाना चाहती है। सरकार का कहना है कि जनता को ज्यादा से ज्यादा जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि लोग खुद तय कर सकें कि इन घटनाओं का क्या मतलब है। कुछ दस्तावेजों के हिस्सों को गवाहों की पहचान और संवेदनशील सैन्य ठिकानों की जानकारी छिपाने के लिए ब्लैकआउट किया गया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि घटनाओं से जुड़ी कोई अहम जानकारी नहीं रोकी गई।

एअर इंडिया VP लेवल के अफसरों की सैलरी काटेगी:ईरान युद्ध के कारण 20% उड़ानें रद्द करने की तैयारी, नॉन-टेक्निकल स्टाफ को छुट्टी पर भेजेगी कंपनी

एअर इंडिया VP लेवल के अफसरों की सैलरी काटेगी:ईरान युद्ध के कारण 20% उड़ानें रद्द करने की तैयारी, नॉन-टेक्निकल स्टाफ को छुट्टी पर भेजेगी कंपनी

टाटा ग्रुप की एयरलाइन कंपनी एअर इंडिया अपनी लागत घटाने के लिए कर्मचारियों की सैलरी में कटौती और उड़ानों की संख्या करीब 20% कम कर सकती है। वर्तमान में एयरलाइन हर दिन करीब 900 उड़ानों का संचालन करती है। कंपनी मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण जेट फ्यूल महंगा होने से ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ने की वजह से यह कदम उठाने की तैयारी कर रही है। बता दें कि एयरलाइन पहले से ही घाटे में है और अपने नए CEO की तलाश कर रही है। सभी कर्मचारियों का बोनस भी काट सकती है कंपनी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार को हुई बोर्ड बैठक में एयर इंडिया ने नॉन-टेक्निकल कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजने और वाइस प्रेसिडेंट या उससे ऊपर के स्तर के अधिकारियों की सैलरी में कटौती करने पर चर्चा की। इसके अलावा, सभी कर्मचारियों के बोनस में भी कमी की जा सकती है। एअर इंडिया भारत की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन है और इन बदलावों की आधिकारिक घोषणा जल्द हो सकती है। घाटा बढ़ने की 3 बड़ी वजहें अगले 3 महीने तक उड़ानों की संख्या 20% कम होगी सूत्रों के मुताबिक, एयर इंडिया के बोर्ड ने मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण पैदा हुए हालातों को देखते हुए फ्लाइट ऑपरेशंस में कटौती का प्रस्ताव रखा है। अगले 90 दिन तक एयरलाइन अपनी उड़ानों की क्षमता को 20% से ज्यादा कम कर सकती है। यह फैसला तब तक लागू रहेगा, जब तक कि मिडिल ईस्ट की स्थिति में सुधार नहीं हो जाता। ईरान जंग के चलते कच्चा तेल 45.5% महंगा हुआ अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें 28 फरवरी से अब तक 45.5% बढ़ गई हैं। हालांकि, सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए ATF की कीमतों में बढ़ोतरी को 25% पर कैप कर दिया था। इसके चलते अप्रैल में तेल कंपनियों (OMCs) ने घरेलू ATF के दाम सिर्फ 9.2% ही बढ़ाए, लेकिन इंटरनेशनल ऑपरेशंस के लिए यह बढ़ोतरी बहुत ज्यादा रही। एयरलाइंस का फ्यूल खर्च 40% से बढ़कर 60% हुआ FIA के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सेक्टर में फ्यूल की कीमतों के भारी अंतर ने एयरलाइंस के नेटवर्क को वित्तीय रूप से अस्थिर बना दिया है। पहले एयरलाइंस के कुल ऑपरेशनल खर्च में फ्यूल का हिस्सा 40% होता था, जो बढ़कर 60% तक पहुंच गया है। लीडरशिप का संकट और पुराने जख्म एयर इंडिया के सामने यह मुश्किल समय तब आया है जब कंपनी के पास कोई परमानेंट सीईओ (CEO) नहीं है। अप्रैल में कैंपबेल विल्सन के इस्तीफे के बाद से टाटा ग्रुप नए बॉस की तलाश कर रहा है। इसके अलावा, पिछले साल पाकिस्तान के साथ तनाव और पुराने विमानों के मेंटेनेंस के खर्च ने भी कंपनी की कमर तोड़ दी है।

एअर इंडिया VP लेवल के अफसरों की सैलरी काटेगी:ईरान युद्ध के कारण 20% उड़ानें रद्द करने की तैयारी, नॉन-टेक्निकल स्टाफ को छुट्टी पर भेजेगी कंपनी

एअर इंडिया VP लेवल के अफसरों की सैलरी काटेगी:ईरान युद्ध के कारण 20% उड़ानें रद्द करने की तैयारी, नॉन-टेक्निकल स्टाफ को छुट्टी पर भेजेगी कंपनी

टाटा ग्रुप की एयरलाइन कंपनी एअर इंडिया अपनी लागत घटाने के लिए कर्मचारियों की सैलरी में कटौती और उड़ानों की संख्या करीब 20% कम कर सकती है। वर्तमान में एयरलाइन हर दिन करीब 900 उड़ानों का संचालन करती है। कंपनी मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण जेट फ्यूल महंगा होने से ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ने की वजह से यह कदम उठाने की तैयारी कर रही है। बता दें कि एयरलाइन पहले से ही घाटे में है और अपने नए CEO की तलाश कर रही है। सभी कर्मचारियों का बोनस भी काट सकती है कंपनी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार को हुई बोर्ड बैठक में एयर इंडिया ने नॉन-टेक्निकल कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजने और वाइस प्रेसिडेंट या उससे ऊपर के स्तर के अधिकारियों की सैलरी में कटौती करने पर चर्चा की। इसके अलावा, सभी कर्मचारियों के बोनस में भी कमी की जा सकती है। एअर इंडिया भारत की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन है और इन बदलावों की आधिकारिक घोषणा जल्द हो सकती है। घाटा बढ़ने की 3 बड़ी वजहें अगले 3 महीने तक उड़ानों की संख्या 20% कम होगी सूत्रों के मुताबिक, एयर इंडिया के बोर्ड ने मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण पैदा हुए हालातों को देखते हुए फ्लाइट ऑपरेशंस में कटौती का प्रस्ताव रखा है। अगले 90 दिन तक एयरलाइन अपनी उड़ानों की क्षमता को 20% से ज्यादा कम कर सकती है। यह फैसला तब तक लागू रहेगा, जब तक कि मिडिल ईस्ट की स्थिति में सुधार नहीं हो जाता। ईरान जंग के चलते कच्चा तेल 45.5% महंगा हुआ अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें 28 फरवरी से अब तक 45.5% बढ़ गई हैं। हालांकि, सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए ATF की कीमतों में बढ़ोतरी को 25% पर कैप कर दिया था। इसके चलते अप्रैल में तेल कंपनियों (OMCs) ने घरेलू ATF के दाम सिर्फ 9.2% ही बढ़ाए, लेकिन इंटरनेशनल ऑपरेशंस के लिए यह बढ़ोतरी बहुत ज्यादा रही। एयरलाइंस का फ्यूल खर्च 40% से बढ़कर 60% हुआ FIA के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सेक्टर में फ्यूल की कीमतों के भारी अंतर ने एयरलाइंस के नेटवर्क को वित्तीय रूप से अस्थिर बना दिया है। पहले एयरलाइंस के कुल ऑपरेशनल खर्च में फ्यूल का हिस्सा 40% होता था, जो बढ़कर 60% तक पहुंच गया है। लीडरशिप का संकट और पुराने जख्म एयर इंडिया के सामने यह मुश्किल समय तब आया है जब कंपनी के पास कोई परमानेंट सीईओ (CEO) नहीं है। अप्रैल में कैंपबेल विल्सन के इस्तीफे के बाद से टाटा ग्रुप नए बॉस की तलाश कर रहा है। इसके अलावा, पिछले साल पाकिस्तान के साथ तनाव और पुराने विमानों के मेंटेनेंस के खर्च ने भी कंपनी की कमर तोड़ दी है।

विजय सरकार पर ग्रहण, सिर्फ 116 विधायकों का समर्थन, कांग्रेस ने बिश्नोई को दिया कोलकाता, कल वीसीके का फैसला

विजय सरकार पर ग्रहण, सिर्फ 116 विधायकों का समर्थन, कांग्रेस ने बिश्नोई को दिया कोलकाता, कल वीसीके का फैसला

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर अंतिम लॉन्च में उठा विवाद वीसीके ने पिछली बार टीवीके के समर्थन को खारिज कर दिया था गवर्नर ने शपथ ग्रहण समारोह की घोषणा में देरी की कांग्रेस ने अपने शेयरधारकों को शिफ्ट किया तमिलनाडु में चुनाव के बाद शुक्रवार (8 मई, 2026) की देर रात उस वक्त का आकलन किया गया, जब टीवीके चीफ विक्ट्री को शनिवार (9 मई, 2026) को शपथ दिलाई गई, लेकिन आखिरी वक्त में वीसीके मुकर गए। इसके बाद गवर्नर रॉबर्ट अर्लेकर ने आधिकारिक तौर पर शपथ ग्रहण की घोषणा में देरी कर दी है। इस बीच दस्तावेज से मिली जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी ने अपने पांचों बैच को चेन्नई से बेंगलुरु में स्थानांतरित कर दिया है। सिद्धांत के अनुसार, गवर्नर अर्लेकर अभी भी वीसी के समर्थन पत्र का इंतजार कर रहे हैं। जबकि इससे पहले विजय ने तीन बार नेपोलियन गवर्नर गवर्नर से मुलाकात की और उन्हें 116 बर्चस्व के समर्थन वाले लेखक ने कहा। हालाँकि, अभी भी सरकार के लिए जरूरी बहुमत से 2 का पात्र कम है। इससे पहले कहा जा रहा था कि वीसीके और आईयूएमएल ने टीवीके को समर्थन दे दिया है, जिससे अब विजय गठबंधन का आंकड़ा 121 तक पहुंच गया है। इसी आधार पर शनिवार (9 मई) को सुबह 11 बजे विजय के शपथ लेने की चर्चा थी, लेकिन घटना फिर से बदल गई, जब आईयूएमएल ने टीवीके को समर्थन देने की खबरों का खंडन कर दिया और कहा कि वह डीएमके के साथ ही बने रहेंगे। राज्यपाल समर्थन पत्र बैठक के बाद ही करेंगे शपथ ग्रहण की घोषणा सिद्धांत के अनुसार, पिछले दो घंटे से टीवीके नेता वीसीके प्रमुख थोल। तिरुवालवन से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उनका पता नहीं चल पा रहा है। नोवोस्ती के अनुसार राज्यपाल कार्यालय वीसीके के निष्पक्ष समर्थन पत्र की बैठक के बाद ही शपथ ग्रहण समारोह की घोषणा की गई। पार्टी शनिवार (9 मई) को टीवीके निर्णय पर समर्थन करेगी। यह भी पढ़ें: ‘नफ़रत के माहौल में मुहब्बत की दुकान का नारा मेरा नहीं’, ऐसा क्यों बोले राहुल गांधी विजय को किस-किस पार्टी का मिला समर्थन? थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कज़गम (टीवीके) को कांग्रेस, सीपीआई और सीपीआई (एम) का समर्थन मिल गया है। मित्र हैं कि वीसीके, सीपीआई और सीपीआई (एम) पहले डीएमके के सहयोगी रहे हैं। वहीं, शपथ ग्रहण में देरी के पीछे पिछले समय की राजनीतिक डीलबाजी भी बताई जा रही है। एएमएमके पिशाचिनी ने कही हैरान करने वाली बात एएमएमके के प्रमुख टीवी टीवी दिनाकरन ने कहा, ‘मैं एआईएडीएमके का समर्थन कर रहा हूं। मैंने सरकार बनाने के लिए एडप्पादी पलानीस्वामी के समर्थन में यह पत्र निकाला है। हमारे नेता कामराज ने भी इस पर हस्ताक्षर किये हैं और इसे मेरे सचिव के माध्यम से भेजा है। जब मैंने टीवीके देखा, तो मैं आश्चर्यचकित हो गया, क्योंकि वहां कोई दूसरा पत्र नहीं था, शायद कोई नकली पत्र या फिर यह बैच की खरीद-फरोख्त हो सकती है।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने अपने विधायक को फोन किया, लेकिन उनका कोई संपर्क नहीं मिला।’ उन्होंने शाम करीब 6:30 बजे इस पत्र पर हस्ताक्षर किए और इसे यहां भेज दिया। जब मैंने टीवी पर देखा कि हमारी पार्टी ने विजय का समर्थन किया है तो मुझे आश्चर्य हुआ। इसलिए मैंने राज्यपाल से मुलाकात का समय लिया और उनसे इस मामले की जांच करने का अनुरोध किया। मुझे लगता है कि यह फर्जी है या फिर बिक्री-फरोख्त का मामला है। उन्हें इसका कोई दस्तावेज़ नहीं चाहिए।’ यह भी पढ़ें: केरल में अब तक मुख्यमंत्री ने क्यों नहीं लिया फैसला? जीत के बाद वहां कांग्रेस की किच-किच क्या है (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु(टी)टीवीके(टी)थलपति विजय(टी)वीके(टी)सीपीआई पार्टी(टी)सीपीएम पार्टी(टी)सीपीआई(टी)विजय सीएम न्यूज(टी)2026 चुनाव में वीकेसी सीटें(टी)टीवीके नवीनतम समाचार(टी)वीसीके पार्टी तमिलनाडु(टी)टीएन न्यूज(टी)टीवीके सरकार बना रही है(टी)सीपीआई और सीपीएम(टी)तमिलनाडु विजय चुनाव परिणाम(टी)विदुथलाई चिरुथैगल काची(टी)सीपीआई पार्टी(टी)तमिलनाडु(टी)कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया(टी)विजय सीएम(टी)निर्मल कुमार टीवीके(टी)सीपीआई तमिलनाडु(टी)टीवीके गठबंधन समाचार(टी)वीसीके समर्थन टीवीके(टी)भारत कम्युनिस्ट पार्टी(टी)सीपीआई एम(टी)तमिलनाडु(टी)टीवीके(टी) थालपति विजय(टी)वीसीके(टी)सीपीआई पार्टी(टी)सीपीएम पार्टी(टी)सीपीआई(टी)विजय सीएम न्यूज़(टी)2026 चुनाव में वीसीके प्रदर्शन(टी)टीवीके नवीनतम न्यूज़(टी)वीसीके पार्टी टेलीविज़न(टी)टीएन न्यूज़(टी)टीवीके सरकार बन रही है(टी)सीपीआई और सीपीएम(टी)तमिलनाडु विजय चुनाव नतीजे(टी)विदुथलाई चिरुथैगल ला(टी)सीपीआई पार्टी(टी)तमिलनाडु(टी)भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी(टी)विजय सीएम(टी)निर्मल कुमार टीवीके(टी)सीपीआई तमिल(टी)टीवीके एलायंस न्यूज(टी)वीसीके समर्थन टीवीके(टी)भारत कम्युनिस्ट पार्टी(टी)सीपीआई एम

चुनाव से पहले गोआ सरकार का बड़ा दांव, 82 लाख वर्ग मीटर का नो डाटा जोन घोषित, पर्यावरण पर नजर कदम

चुनाव से पहले गोआ सरकार का बड़ा दांव, 82 लाख वर्ग मीटर का नो डाटा जोन घोषित, पर्यावरण पर नजर कदम

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले गोवा सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने 82 लाख वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र को ‘नो डिजायड जोन’ घोषित किया है। इस कदम को एक तरफ पर्यावरण संरक्षण की कोशिश माना जा रहा है, तो दूसरी ओर इसे चुनाव से पहले सरकार की राजनीतिक और दूसरी रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। सरकार ने पहाड़ी ढलानों, बागवानों के बागानों, धान के साक्षियों और व्यापारियों के रूप में सेंधमारी को संरक्षण समूह में शामिल करने का निर्णय लिया है। टाउन एंड कंस्ट्रक्शन कम्पनियों (टीसीपी) बोर्ड द्वारा माजॉर्डा, गोंसुआ, मस्टरम और मंड्रेम के प्रस्तावों के तहत क्षेत्र में मजबूत नियंत्रण पर जोर दिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, तेजी से बढ़ती रियल एस्टेट और पर्यटन दबाव के कारण इन इलाकों की प्राकृतिक संरचना प्रभावित हो रही थी। यह भी पढ़ें: टीवीके प्रमुख विजय ने पेश किया सरकार बनाने का दावा, ‘थलापति’ के पास 121 सौदे का समर्थन सरकारी दस्तावेज़ क्या कहते हैं? सरकारी आँकड़ों के अनुसार, सत्यारी तालुका के मध्यवर्ती क्षेत्र में लगभग 65.31 लाख वर्गमीटर भूमि और पेरनेम के मंड्रेम क्षेत्र में लगभग 6.44 लाख वर्गमीटर क्षेत्र की सुरक्षा सीमा शामिल है। इसके अलावा मांडवी और जुआरी नदी के किनारे करीब 6.72 करोड़ वर्गमीटर क्षेत्र को आकर्षक क्षेत्र घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। यह भी पढ़ें धोनी बने सबसे बड़े टैक्सपेयर, आईपीएल के बाहर भी ‘कैप्टन कूल’ का जलवा, बड़े-बड़े दिग्गज पीछे छूटे विश्वजीत राणे ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नदी तटीकरण तंत्र, हरित क्षेत्र और कृषि भूमि बचाना है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में धान के साकेत और तालाबों को भी बड़े पैमाने पर घोषित किया जा सकता है। हालाँकि नामांकन और कुछ रियल एस्टेट ग्रुप जजमेंट इस को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव से पहले सरकार पर्यावरण संरक्षण के जरिये राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रही है। वहीं पर्यावरणविद इसे गांव के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने की दिशा में अहम कदम उठा रहे हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)गोवा(टी)चुनाव(टी)भूमि(टी)विश्वजीत राणे(टी)गोवा कोई विकास क्षेत्र नहीं(टी)गोवा एनडीजेड समाचार(टी)गोवा पर्यावरण संरक्षण(टी)गोवा 2027 चुनाव(टी)विश्वजीत राणे का बयान(टी)गोवा पहाड़ी निर्माण प्रतिबंध(टी)गोवा धान के खेतों की सुरक्षा(टी)मंडोवी नदी पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र(टी)ज़ुआरी नदी संरक्षण(टी)गोवा रियल एस्टेट प्रतिबंध(टी)गोवा पर्यावरण नीति(टी)गोवा टीसीपी बोर्ड निर्णय(टी)गोवा ग्रीन जोन समाचार(टी)गोवा भूमि संरक्षण(टी)गोवा राजनीतिक समाचार हिंदी(टी)गोवा(टी)चुनाव(टी)जमीन(टी)विश्वजीत राणे(टी)गोवा नोआडियन जोन(टी)गोवा एनडीजेड समाचार(टी)गोवा पर्यावरण संरक्षण(टी)गोवा 2027 चुनाव(टी)विश्वजीत राणे का(टी)गोवा पर्वत निर्माण पर प्रतिबंध(टी)गोवा धान के सरकारी संरक्षण(टी)मांड नदी इको-सेंस नॉटिकल जोन(टी)जुआरी नदी संरक्षण(टी)गोवा रियल एस्टेट प्रतिबंध(टी)गोवा पर्यावरण नीति(टी)गोवा टीसीपी बोर्ड का फैसला(टी)गोवा ग्रीन जोन समाचार(टी)गोवा भूमि संरक्षण(टी)गोवा राजनीतिक समाचार हिंदी

लौकी सलाद रेसिपी: गर्मी में पेट को ठंडा रखने के लिए लौकी का सलाद, जानें घर पर बनाने की आसान रेसिपी

तस्वीर का विवरण

आपने लोकी की सब्जी तो सुनी होगी लेकिन लोकी की सब्जी के बारे में क्या सुना है। जी हाँ, समर में कुछ प्रभाव और कलाकृतियाँ खाना चाहते हैं तो घर में लोकी केक को आसानी से बनाया जा सकता है। रेसिपी काफी आसान है। छवि: फ्रीपिक लोकी की सामग्री- कद्दू की हुई लौकी, 1/2 कप दही, 1 छोटा छोटा कटा खेड़ा, प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, नींबू, जीरा, नमक, राई, काला नमक और अनार के दाने। छवि: फ्रीपिक लोकी व्यंजन बनाना काफी आसान है। सबसे पहले कद्दू की हुई लौकी को पंखुड़ियां लें। फिर पानी लेबलर लौकी को थोड़ी देर के लिए ठंडा होने के रख दीजिये. छवि: एआई इसमें हरी मिर्च, टमाटर और नींबू का रस शामिल है। फिर ऊपर से जीरा, नमक और राई का तड़का बूथ। अब असोसिएशन से पहले कीश को छोटी सजा लें। इसमें अनार के दाने और हरी धनिया की सजावट कर लें। छवि: फ्रीपिक लोकी का कीज़ लो-कैलरी की वजह से ये वेट लॉस के लिए महान पद पर आसीन है। ये अजीब और पानी से भरपूर होती है। ये शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता और पाचन तंत्र को भी मापता है। छवि: एआई चौथी लोकी की तासीर वांछनीय है, तो इससे पेट की जलन और एसिडिटी को शांत करने में मदद मिलती है। ऊपर से मौजूद विटामिन सी और बी कॉम्प्लेक्स स्किन में चमक दिखाई देती है और बालों को जगह मिलती है। छवि: फ्रीपिक

केरल में अब तक मुख्यमंत्री पर क्यों नहीं हुआ फैसला? जीत के बाद वहां कांग्रेस की किच-किच क्या है

केरल में अब तक मुख्यमंत्री पर क्यों नहीं हुआ फैसला? जीत के बाद वहां कांग्रेस की किच-किच क्या है

केरल चुनाव 2026: देश के कई राज्यों में इंटेल के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तेजी से हो रही है, लेकिन हर राज्य में तस्वीरें अलग-अलग नजर आ रही हैं। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी पहली बार सरकार बनाने जा रही है और शुभेंदु अधिकारी शनिवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वहीं तमिलनाडु में विजय (विजय थलापति) की अवाज वाली तमिलगा वेत्री कशगम (टीवीके) ने राज्यपाल से तीन बार मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है और वे भी शनिवार को शपथ ले रहे हैं। असम में हिमंत बिस्वा सरमा की शपथ ग्रहण 12 मई को प्रस्तावित है, जहां भाजपा गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला है। क्या है केरल की किच-किच हालांकि केरल में ये तस्वीर सबसे ज्यादा विवादित है. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने चुनाव जीत लिया है, लेकिन मुख्यमंत्री के नाम पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। इस मुद्दे पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ बैठक करने वाले हैं, जिसमें राहुल गांधी के भी शामिल होने की संभावना है. गुट के मुताबिक, ज्यादातर विधायक के वी वेणुगोपाल के पक्ष में हैं, जबकि कांग्रेस के सहयोगी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट में मुस्लिम लीग वी डी शेरीशन को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। जहां कुछ राज्यों में सरकार गठन लगभग तय हो चुका है, वहीं केरल और तमिल जैसे राज्यों में राजनीतिक समीकरण अभी भी नजर आ रहे हैं। क्लेश क्यों गहरा जा रहा है? केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के अंदरूनी मोर्चे पर फ्रैंक सामने आ रही है। उडुमा सीट से डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता नीलकांतन ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि तिरुवनंतपुरम में हुई पार्टी के नेता दल (सीएलपी) की बैठक में मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी पसंद का नाम दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने इस संबंध में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के पर्यवेक्षकों मुकुल वासनिक और अजय माकन को ईमेल के माध्यम से भी याचिका दायर की है। यह विवाद उस समय तब सामने आया जब एक रिपोर्ट में एक तस्वीर सामने आई, जिसमें सी समीक्षा बैठक के बाद पर्यवेक्षक वासनिक के हाथ की एक सूची सामने आई। बताया गया कि इस सूची में सूची के नाम और मुख्यमंत्री पद के लिए उनकी पसंद दर्ज की गई थी। कई उदाहरण जैसे संदीप वारियर, सजीव जोसेफ, टी. ओ. मोहनन, सनी जोसेफ, उषा विजयन और टी। उन्होंने अपनी पसंद के अनुसार ‘केसी’ लिखा था, जिसके सी वेणुगोपाल के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। वहीं आई. सी. बालकृष्णन के नाम के सामने “केसी+आरसी” लिखा था, जिसमें राकेश चेन्निथला के समर्थन से लड़के को देखा गया था। हालाँकि, नीलकांतन का कहना है कि उन्होंने अपनी पसंद स्पष्ट रूप से बताई थी, लेकिन सूची में उनके नाम के सामने कोई प्रमुखता नहीं दी गई है, जो सवाल पूछता है। इस बीच, मुख्यमंत्री पद की दौड़ में वी.डी.श्रीशन, के.सी. वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला प्रमुख उम्मीदवार माने जा रहे हैं। अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व ही चाहता है, क्योंकि विधायक दल ने पहले ही प्रस्ताव कर मल्लिकार्जुन खड़गे को मुख्यमंत्री पद का अधिकार दे दिया है। केरल में कांग्रेस की जीत के बावजूद मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर असमंजस और बढ़त अभी भी जारी है। ये भी पढ़ें: टीवीके प्रमुख विजय ने पेश किया सरकार बनाने का दावा, ‘थलापति’ के पास 121 के दावे का समर्थन (टैग्सटूट्रांसलेट)कांग्रेस आंतरिक संघर्ष(टी)केरल विधानसभा चुनाव(टी)मुख्यमंत्री चयन(टी)केसी वेणुगोपाल(टी)वीडी सतीसन(टी)रमेश चेन्निथला(टी)यूडीएफ की जीत(टी)राजनीतिक तनाव केरल(टी)कांग्रेस नेतृत्व विवाद(टी)केरल की राजनीति

आज की सरकारी नौकरी:झारखंड में 611 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी; UPPSC ने 182 पदों पर निकाली भर्ती, कोल इंडिया में 276 ओपनिंग्स

आज की सरकारी नौकरी:झारखंड में 611 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी; UPPSC ने 182 पदों पर निकाली भर्ती, कोल इंडिया में 276 ओपनिंग्स

आज की सरकारी नौकरी में जानकारी झारखंड में 611 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने की, UPPSC ने 182 पदों पर निकाली भर्ती की। साथ में कोल इंडिया लिमिटेड में मैनेजमेंट ट्रेनी के 276 ओपनिंग्स की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. झारखंड में 611 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 1 जून से शुरू आवेदन झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने 611 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट jssc.jharkhand.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। फॉर्म में करेक्शन 5 जुलाई से 10 जुलाई 2026 तक होंगे। फीस 3 जुलाई तक जमा की जा सकेगी। वैकेंसी डिटेल्स : एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : एज लिमिट : सिलेक्शन प्रोसेस : सैलरी : फीस : एग्जाम पैटर्न : प्रीलिम्स एग्जाम : मेन्स एग्जाम पैटर्न : ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक 2. UPPSC ने 182 पदों पर निकाली भर्ती, सैलरी डेढ़ लाख से ज्यादा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने असिस्टेंट प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर (APO) 2025 की मेंस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रीलिम्स एग्जाम में सफल उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रीलिम्स एग्जाम के बेसिस पर 2,856 उम्मीदवारों को मेन्स एग्जाम के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : प्रीलिम्स एग्जाम क्लियर करने वाले 2,856 उम्मीदवार इस एग्जाम के लिए एलिजिबल होंगे। एज लिमिट : फीस : सिलेक्शन प्रोसेस : सैलरी : मेन्स एग्जाम पैटर्न : ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 2. कोल इंडिया लिमिटेड में 276 भर्ती, सैलरी 1 लाख 80 हजार तक कोल इंडिया लिमिटेड में 276 पदों पर भर्ती निकली है। इस भर्ती के लिए फीस जमा करने की आखिरी तारीख भी 7 जून तय की गई है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट coalindia.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। कैटेगरी वाइस पदों की संख्या : एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : एज लिमिट : फीस : सिलेक्शन प्रोसेस : सैलरी : 60,000 – 1,80,000 रुपए प्रतिमाह जरूरी डॉक्यूमेंट्स : ऐसे करें आवेदन ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक 4. UPSSSC ने ASO, ARO पदों पर निकाली भर्ती, लास्ट डेट 11 मई उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ( UPSSSC ) ने सहायक सांख्यिकी अधिकारी (ASO) और सहायक अनुसंधान अधिकारी (ARO) के पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 11 मई तय की गई है। उम्मीदवार वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। फीस जमा करने की आखिरी तारीख 11 मई तय की गई है। फॉर्म में करेक्शन की आखिरी तारीख 28 मई है। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : एज लिमिट : फीस : सभी उम्मीदवारों के लिए : 25 रुपए सिलेक्शन प्रोसेस : PET 2025 के अंकों के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग सैलरी: 35400 – 1,12,400 रुपए प्रतिमाह एग्जाम पैटर्न : सिलेबस : ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक सरकारी नौकरी की ये खबरें भी पढ़ें MPESB में हॉस्पिटल असिस्टेंट की 1200 भर्ती, भावनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में 120 वैकेंसी, ISRO में निकलीं 15 ओपनिंग्स आज की सरकारी नौकरी में जानकारी MPESB में 1200 पदों पर भर्ती की, भावनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में 120 वैकेंसी की। साथ ही ISRO में 15 ओपनिंग्स की। पूरी खबर यहां पढ़ें

First Aid For A Snakebite: सांप के काटने पर जहर को शरीर में फैलने से रोकने का उपाय

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Last Updated:May 08, 2026, 18:02 IST First Aid For A Snakebite: इसमें कोई दोराय नहीं कि सांप काटने से मौत हो सकती है. लेकिन यदि वक्त रहते सही उपाय कर लिए जाए तो व्यक्ति के बचने की संभावना काफी ज्यादा होती है. ऐसे में सांप के काटने पर तुरंत क्या करना चाहिए यहां आप इस लेख में जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट First Aid For A Snakebite: भारत में लगभग सांप की 500 प्रजातियां हैं, जिसमें से जहरीले सांपों की संख्या सिर्फ 5-7 है. ऐसे में यदि आपको सांप काटता भी है, तो इसकी संभावना बहुत कम होती है कि वो जहरीला हो. हालांकि किसी भी सांप के काटने को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. लेकिन सीधे ये मान लेना कि अब मौत पक्की है, ये गलत है. आपको जानकर हैरानी होगी कि सांप के काटने से मौत जहर के फैलने से कम बल्कि इसके लिए किए गए घरेलू उपायों और डर से ज्यादा होते हैं. ऐसे में ये सवाल उठता है कि आखिर सांप काटने पर सबसे पहले व्यक्ति को क्या करना चाहिए? डॉक्टरों के अनुसार, सर्पदंश एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है. ऐसे समय में घबराने या गलत घरेलू इलाज करने से मरीज की हालत और खराब हो सकती है. जबकि सही जानकारी और तुरंत इलाज से मरीज की जान बचाई जा सकती है.लेकिन अक्सर बरसात के मौसम में गांव या जंगलों में लकड़ी लाने या ट्रेकिंग के लिए गए लोग सांप के निशाने पर होते हैं, जिनके लिए तुरंत अस्पताल पहुंचना मुमिकन नहीं होता है. ऐसे में मेडिकल हेल्प मिलने तक क्या कर सकते हैं, चलिए यहां जानते हैं. जहर को फैलने से रोकने का सही तरीका – यदि आपको या आपके आसपास के किसी व्यक्ति को सांप काटता है, तो सबसे सबसे पहले घाव को साफ पानी से धोना चाहिए. – मरीज के शरीर से अंगूठी, कड़ा, जूते या तंग कपड़े हो तो तुरंत हटा दें, क्योंकि सूजन बढ़ सकती है. इसके साथ ही मरीज को शांत रखें और उसे ज्यादा चलने-फिरने न दें. इससे जहर तेजी से फैल सकता है. – मरीज को सीधा लेटा कर जिस जगह पर सांप ने काटा है उससे दो इंच ऊपर और दो इंच नीचे तक एक लकड़ी या कड़क चीज का बेस लगाकर कपड़े से टाइट बांध दें. इसे तुरंत करना जरूरी है.देरी होने पर इसका कोई फायदा नहीं होता है. इससे जहर एक ही जगह पर जमा रहता है. – अब यदि आपके पास इंजेक्शन वाली सीरिंज है तो इसके नुकीली सुई वाले हिस्से को काटकर अलग करें, और सीरिंज पंप को सांप के दांत के निशान पर रखकर इसके ऊपरी हिस्से को अपनी ओर खींचे, यदि खून हल्का काला नजर आने लगे तो इसका मतलब है कि जहर निकल रहा है. बारी-बारी से दोनों निशान पर इस प्रक्रिया को दोहराएं. ध्यान रखें ये मेडिकल हेल्प का विकल्प नहीं, इसलिए डॉक्टर से चेकअप जरूरी है. क्या न करेंसांप काटने पर घाव पर चीरा बिल्कुल न लगाएं और न ही जहर चूसने की कोशिश करें. घाव पर बहुत कसकर पट्टी बांधना भी नुकसानदायक हो सकता है. झाड़-फूंक, देसी इलाज या घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद करना खतरनाक साबित हो सकता है. सांप के काटने का इलाजसांप के जहर के प्रभाव को खत्म करने के लिए डॉक्टर एंटी-वेनम इंजेक्शन देते हैं. इसके अलावा सांप के आधार पर जरूरी इलाज दिया जाता है. यदि सांप ज्यादा जहरीला हो तो मरीज को वेंटिलेशन पर रखने की भी जरूरत पड़ सकती है. इसलिए घरेलू उपचार या छोटे क्लिनिक पर निर्भर रहने के बजाय सही मेडिकल सुविधा लेना ज्यादा सुरक्षित होता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.