अटलांटिक महासागर में क्रूज शिप MV होंडियस पर 2 भारतीय नागरिक शामिल है। यह वही शिप हैं, जिस पर हंतावायरस फैला है। BBC के मुताबिक अब तक जहाज पर हंतावायरस संक्रमण के पांच मामलों की पुष्टि हुई है और 3 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, नीदरलैंड की लीडेन यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में भर्ती हंतावायरस मरीज का इलाज कर रहीं डॉक्टर करिन एलेन वेल्डकैंप ने कहा कि यह वायरस कोरोना जैसा नहीं है। उन्होंने AFP से बातचीत में कहा कि हंतावायरस का इंसान से इंसान में फैलना आसान नहीं है। इसका ट्रांसमिशन कोरोना की तुलना में काफी मुश्किल है। डच फ्लैग वाला यह जहाज स्पेन जा रहा है। यह 10 मई तक स्पेन के कैनरी आइलैंड तक पहुंच सकता है, जहां जहाज पर मौजूद सभी यात्रियों की जांच होगी। WHO ने कहा कि घटना गंभीर है, लेकिन फिलहाल आम लोगों के लिए खतरा कम माना जा रहा है। मरीजों को आइसोलेशन में रखा जा रहा डॉक्टर करिन एलेन वेल्डकैंप ने कहा, ऐसे मामलों में संक्रमित मरीजों को अलग आइसोलेशन रूम में रखा जाता है। ट्रेंड स्टाफ उनकी देखभाल करता है। मरीजों को तब तक आइसोलेशन में रखा जाता है, जब तक उनमें लक्षण दिखाई देते हैं। हालत सुधरने के बाद उनका टेस्ट किया जाता है। अगर रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो आइसोलेशन हटाया जा सकता है। हार्वर्ड के प्रोफेसर एलन ने बताया कि हंतावायरस से संक्रमित लोगों को 40 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रखा गया है, क्योंकि इसका इन्क्यूबेशन पीरियड लंबा होता है। शरीर में वायरस के घुसने से लेकर पहले लक्षण दिखने के बीच के समय को इन्क्यूबेशन पीरियड कहते है। डॉक्टर के मुताबिक, अभी यह साफ नहीं है कि वायरस किसी व्यक्ति के शरीर में कब तक रह सकता है। WHO प्रमुख टेड्रोस एडनॉम गेब्रेसियस ने कहा कि हंतावायरस का इंक्यूबेशन पीरियड छह हफ्ते तक हो सकता है। इसलिए आगे भी नए मामले सामने आने की आशंका बनी हुई है। हंतावायरस से मौतों में एंडीज स्ट्रेन का शक WHO के मुताबिक हंतावायरस से हुई तीन मौत के मामलों में एंडीज स्ट्रेन का शक है, जो इंसानों के बीच भी फैल सकता है। एंडीज स्ट्रेन मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका के अर्जेंटीना और चिली में पाया जाता है। WHO ने बताया कि एंडीज स्ट्रेन बाकी हंतावायरस से अलग है। यह संक्रमित चूहों या उनके मल-मूत्र से तो फैलता ही है, लेकिन कुछ मामलों में इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। हालांकि, यह संक्रमण कोरोना जितना तेजी से नहीं फैलता। जांच में पता चला है कि पहले दो पीड़ित दंपती जहाज पर चढ़ने से पहले चिली, अर्जेंटीना और उरुग्वे में बर्ड वॉचिंग ट्रिप पर गए थे। WHO के मुताबिक इन इलाकों में वायरस फैलाने वाले खास किस्म के चूहे पाए जाते हैं। अर्जेंटीना की एजेंसियां अब इस दंपती की यात्रा का पता लगा रही हैं। 7 हफ्ते में कई देशों से गुजरा क्रूज नीदरलैंड के झंडे वाला यह क्रूज शिप 20 मार्च को अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ था। इसके बाद यह दक्षिणी ध्रुव के आसपास के इलाकों में गया और फिर अटलांटिक पार करते हुए यूरोप की ओर बढ़ रहा था। इसे सबसे आखिर में स्पेन के कैनरी द्वीप तक पहुंचना था, जो अफ्रीका के पास अटलांटिक में स्थित एक प्रमुख पर्यटन क्षेत्र है। जहाज में कुल 170 यात्री और 71 क्रू सदस्य मौजूद हैं। इनमें एक डॉक्टर भी शामिल है। पहला मृतक 70 साल का एक व्यक्ति था, जिसकी मौत जहाज पर ही हो गई। वह अपनी पत्नी के साथ इस यात्रा पर था। इसके बाद उसका शव दक्षिण अटलांटिक में स्थित सेंट हेलेना में उतारा गया। उसकी पत्नी बाद में दक्षिण अफ्रीका पहुंचीं, जहां से उन्हें अपने देश नीदरलैंड लौटना था। लेकिन एयरपोर्ट पर ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, वह बेहोश हो गईं और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई। क्रूज चलाने वाली कंपनी ओशनवाइड एक्सपीडिशंस ने बताया कि तीसरे मृतक का शव अभी भी जहाज पर केप वर्डे में मौजूद है। साथ ही, WHO ने सेंट हेलेना में उतरने वाले यात्रियों के कारण 12 देशों को अलर्ट भेजा है। इनमें ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और सिंगापुर शामिल हैं। ———————— ये खबर भी पढ़ें… कर्ज से परेशान पाकिस्तान ने शराब एक्सपोर्ट शुरू किया:गैर मुस्लिम देशों को सप्लाई, 50 साल पहले इस्लाम का हवाला देकर बैन किया था कर्ज से जूझ रहे पाकिस्तान ने 50 साल बाद फिर से दूसरे देशों को शराब बेचना शुरू कर दिया है। देश की इकलौती लोकल कंपनी मरी ब्रूअरी ने अप्रैल 2026 में ब्रिटेन, जापान, पुर्तगाल और थाईलैंड जैसे देशों को बीयर और अन्य अल्कोहलिक ड्रिंक्स एक्सपोर्ट की हैं। कंपनी के एक्सपोर्ट मैनेजर रमीज शाह के मुताबिक, अभी शुरुआत में विदेशों में नेटवर्क बनाया जा रहा है और आगे चलकर प्रोडक्शन बढ़ाने की योजना है। पूरी खबर पढ़ें…











































