Monday, 07 Sep 2026 | 05:58 PM

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BHEL का मुनाफा 156% बढ़कर ₹1,290 करोड़ हुआ:रेवेन्यू में 37% की ग्रोथ, निवेशकों को हर शेयर पर ₹1.40 का डिविडेंड देने का ऐलान

BHEL का मुनाफा 156% बढ़कर ₹1,290 करोड़ हुआ:रेवेन्यू में 37% की ग्रोथ, निवेशकों को हर शेयर पर ₹1.40 का डिविडेंड देने का ऐलान

सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी BHEL का वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 156% बढ़कर 1,290.47 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 504.45 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। BHEL का रेवेन्यू 37% बढ़कर 12,310.37 करोड़ रुपए हो गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 8,993.37 करोड़ रुपए था। शेयरधारकों के लिए ₹1.40 के डिविडेंड का ऐलान भी किया गयाहै। BHEL ने आज 4 मई को जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। पूरे वित्त वर्ष में मुनाफा 200% बढ़कर 1,600 करोड़ पहुंचा महारत्न कंपनी का सालभर का कुल मुनाफा भी 200% बढ़कर 1,600.26 करोड़ रुपए रहा। वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 533.90 करोड़ रुपए था। वहीं, पूरे वित्त वर्ष में रेवेन्यू 19% बढ़कर 33,782.18 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। FY25 में यह 28339.48 करोड़ रुपए रहा था। FY26 की चौथी तिमाही में BHEL का प्रदर्शन सालाना आधार पर तिमाही आधार पर पूरे साल (FY26) में BHEL का प्रदर्शन नतीजों के बाद शेयर करीब 7% चढ़कर ₹377 पर पहुंचा BHEL का शेयर नतीजों के बाद 52 हफ्ते के उच्च स्तर 399 रुपए पर पहुंच गया था। हालांकि अभी ये थोड़ा नीचे आया है और ये 7% चढ़कर ₹377 पर कारोबार कर रहा है। बीते एक साल में शेयर में 65% की तेजी आई थी। वहीं 6 महीने में शेयर 41% चढ़ा है। नॉलेज पार्ट: क्या होती है ‘महारत्न’ कंपनी? भारत सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) को उनकी परफॉर्मेंस और टर्नओवर के आधार पर महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न का दर्जा देती है। ‘महारत्न’ का दर्जा उन कंपनियों को मिलता है जिनका पिछले 3 साल का औसत सालाना नेट प्रॉफिट 5,000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो या औसत सालाना टर्नओवर 25,000 करोड़ रुपए से अधिक हो।

विरुगमबक्कम के नेतृत्व में मंच पर वायरल आंसू: विजय के ड्राइवर का बेटा भावनात्मक चुनावी पटकथा लिख ​​रहा है | भारत समाचार

Palakkad reported a voter turnout of 79.22% this assembly elections.

आखरी अपडेट:04 मई, 2026, 15:31 IST 30 वर्षीय सबरीनाथन, विजय के लंबे समय के ड्राइवर और निजी सहायक राजेंद्रन के बेटे हैं, जो अभिनेता की पहली फिल्म नालया थीरपु के बाद से उनके साथ हैं। वायरल क्लिप, जब विजय ने मार्च के अंत में पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा की, तब शूट किया गया, जिसमें सबरीनाथन को मंच पर रोते हुए दिखाया गया है, अभिनेता अपने आँसू पोंछ रहे हैं और उन्हें गले लगा रहे हैं। अभिनेता-राजनेता विजय के पूर्व ड्राइवर के बेटे आर सबरीनाथन तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सबसे चर्चित चेहरों में से एक बनकर उभरे हैं, जब उनका नाम तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) के उम्मीदवारों में सामने आया और मंच पर रोते हुए उनका एक भावनात्मक वीडियो वायरल हो गया। अब, रुझानों से पता चलता है कि वह न केवल चुनाव लड़ रहे हैं बल्कि चेन्नई के विरुगमबक्कम में डीएमके प्रतिद्वंद्वी का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसने एक मार्मिक पारिवारिक क्षण को एक शक्तिशाली राजनीतिक कथा में बदल दिया है। आर सबरीनाथन कौन हैं और अब उनकी हालत कैसी है? 30 वर्षीय सबरीनाथन, विजय के लंबे समय के ड्राइवर और निजी सहायक राजेंद्रन के बेटे हैं, जो अभिनेता की पहली फिल्म नालया थीरपु के बाद से उनके साथ हैं। वह टीवीके के टिकट पर विरुगमबक्कम से चुनाव लड़ रहे हैं और रुझानों के अनुसार, उस क्षेत्र में डीएमके उम्मीदवार से आगे हैं, जिससे टीवीके को एक प्रमुख शहरी सीट पर प्रतीकात्मक जीत मिली है। वह पुराना “रोता हुआ” वीडियो फिर से सुर्खियों में क्यों है? वायरल क्लिप, जब विजय ने मार्च के अंत में पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा की, तब शूट किया गया, जिसमें सबरीनाथन को मंच पर रोते हुए दिखाया गया है, अभिनेता अपने आँसू पोंछ रहे हैं और उन्हें गले लगा रहे हैं। यह फुटेज सोशल मीडिया पर फिर से सामने आ गया है, प्रशंसकों और राजनीतिक दर्शकों ने फिर से उस भावनात्मक क्षण का विश्लेषण किया है, जो विजय की “अपनी कोर टीम के प्रति वफादारी” और “ड्राइवर के बेटे” की कहानी का संक्षिप्त रूप बन गया है। सबरीनाथन की मंच के पीछे की कहानी क्या है? एक व्यक्तित्व-आधारित आलेख में, समाचार एजेंसी पीटीआई पता लगाया कि कैसे सबरीनाथन के पिता शुरू में चाहते थे कि वह राजनीति में प्रवेश करने के बजाय एक इंजीनियर बनें, जो एक क्लासिक भारतीय मध्यवर्गीय आकांक्षा संघर्ष को दर्शाता है। सबरीनाथन ने एजेंसी को बताया कि उन्होंने अपने पिता की बात मानने की कोशिश की, लेकिन अंततः “पीठ के पीछे” जाकर विजय से सीधे बात की और उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए मना लिया, जिसके बाद विजय ने राजेंद्रन को अपने बेटे की राजनीतिक शुरुआत की अनुमति देने के लिए राजी किया। आख़िरकार वह टीवीके से कैसे जुड़े और विरुगमबक्कम क्यों? एक अंतराल के बाद, सबरीनाथन कथित तौर पर 2024 में औपचारिक रूप से टीवीके में शामिल होने के लिए चेन्नई लौट आए, और खुद को एक पैदल सैनिक के रूप में स्थापित किया, जो पार्टी की जमीनी संरचनाओं के माध्यम से आगे बढ़े। टीवीके ने उन्हें राजेंद्रन की दशकों की वफादारी का सम्मान करने के एक प्रतीकात्मक संकेत के रूप में विरुगमबक्कम से मैदान में उतारा, लेकिन साथ ही पार्टी को विजय के लंबे समय के सहयोगियों के परिवारों के लिए “दूसरी पीढ़ी” के घर के रूप में पेश करने के एक सुविचारित प्रयास के रूप में भी। यह विजय की छवि-निर्माण के बारे में क्या कहता है? एक ड्राइवर के बेटे को एमएलए का टिकट देकर, विजय “रिक्शा से राजभवन तक” शैली की सामाजिक गतिशीलता की कहानी को मजबूत कर रहे हैं, जो उनके प्रशंसक-राजनीतिक आधार के बीच लोकप्रिय है। आंसू भरा वीडियो, जिसे अब चुनाव कवरेज के दौरान व्यापक रूप से दोहराया जाता है, वफादारी, भावना और अस्पष्टता से बाल-बाल बचने के लिए एक दृश्य रूपक के रूप में काम करता है – सामग्री विजय की मशीनरी बड़े टीवीके ब्रांड के हिस्से के रूप में पैकेजिंग कर रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया विरुगमबक्कम के नेतृत्व में मंच पर वायरल आँसू: विजय के ड्राइवर का बेटा भावनात्मक चुनावी पटकथा लिख ​​रहा है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)आर सबरीनाथन(टी)विजय थलापति(टी)तमिलनाडु चुनाव परिणाम 2026(टी)टीवीके

7.50% से कम ब्याज पर मिल रहा होम लोन:बैंक ऑफ इंडिया 7.10% इंटरेस्ट रेट पर कर्ज दे रहा, देखें 5 बैंकों की ब्याज दरें

7.50% से कम ब्याज पर मिल रहा होम लोन:बैंक ऑफ इंडिया 7.10% इंटरेस्ट रेट पर कर्ज दे रहा, देखें 5 बैंकों की ब्याज दरें

इन दिनों अगर आप घर खरीदने के लिए होम लोन लेने को प्लान बना रहे हैं, तो आपको देश के प्रमुख बैंकों की ब्याज दरों के बारे में पता होना चाहिए। बैंक ऑफ इंडिया में होम लोन की ब्याज दर 7.80% से शुरू हो रही है। वहीं SBI की ब्याज दर 7.25% से शुरू है। ऐसे में लोन अप्लाई करना चाहते हैं तो इससे पहले आपका ये जानना बहुत जरूरी है कि किस बैंक से लोन लेना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। होम लोन लेते समय इन 4 बातों का रखें ध्यान 1. प्री-पेमेंट पेनल्टी की जानकारी जरूर लें कई बैंक समय से पहले लोन अदा करने पर पेनल्टी लगाते हैं। ऐसे में बैंकों से इस बारे में पूरी डिटेल ले लें, क्योंकि समय से पहले लोन अदा करने पर बैंकों को उम्मीद के मुताबिक कम ब्याज मिलता है। ऐसे में उनकी ओर से कुछ टर्म एडं कंडीशन लगाए जाते हैं। इसलिए होम लोन लेते वक्त इस बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लें। 2. अपने सिबिल स्कोर का ध्यान रखें आपको होम लोन किस ब्याज दर सिबिल स्कोर पर भी निर्भर करती है। सिबिल स्कोर से व्यक्ति की क्रेडिट हिस्ट्री का पता चलता है। सिबिल स्कोर कई खास क्रेडिट प्रोफाइलिंग कंपनियों की तरफ से तय किया जाता है। इसमें यह देखा जाता है कि आपने पहले लोन लिया है या क्रेडिट कार्ड आदि का इस्‍तेमाल किस प्रकार किया है। किसी भी व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर रीपेमेंट हिस्ट्री, क्रेडिट इस्तेमाल का अनुपात, मौजूदा लोन और बिलों के समय पर पेमेंट से पता चलता है।यह स्कोर 300-900 की रेंज में होता है, लेकिन 700 या उससे ज्यादा के स्कोर को कर्जदाता अच्छा मानते हैं। 3. ऑफर्स का रखें ध्यान बैंक समय- समय पर लोन लेने वालों को बेहतर ऑफर्स उपलब्ध कराते रहते हैं। ऐसे में आप लोन लेने से पहले सभी बैंकों के ऑफर्स के बारे में पता कर लें। क्योंकि जल्दबाजी में लोन लेना आपके लिए गलत साबित हो सकता है। लोन लेने से पहले सही से छानबीन कर लें। 4. लंबी अवधि का लोन ईएमआई तो कम करेगा, पर जेब पर पड़ेगा भारी लोन लेते समय लोग अक्सर ईएमआई कम रखने के लिए लंबी अवधि (टेन्योर) चुनते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि जितना लंबा समय होगा, आपको कुल ब्याज उतना ही ज्यादा चुकाना पड़ेगा। अपनी वित्तीय स्थिति और हर महीने की बचत को देखते हुए एक बैलेंस समय चुनें, ताकि आप पर कर्ज का बोझ ज्यादा समय तक न रहे।

पिता-बेटे के शव ले जाने से फ्लाइट ऑपरेटर का इनकार:जबलपुर एयरपोर्ट पर कहा- बदबू आ रही; अधिकारियों ने मनाया-स्प्रे छिड़का, तब भरी उड़ान

पिता-बेटे के शव ले जाने से फ्लाइट ऑपरेटर का इनकार:जबलपुर एयरपोर्ट पर कहा- बदबू आ रही; अधिकारियों ने मनाया-स्प्रे छिड़का, तब भरी उड़ान

जबलपुर के बरगी क्रूज हादसे में सिस्टम की लापरवाही से 13 जानें चली गईं। प्राथमिक जांच में खराब मौसम के अलर्ट की अनदेखी को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है। हद तो ये है कि मृतकों के शव की भी दुर्दशा की जा रही है। हादसे में जान गंवाने वाले आर्डनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी कामराज आर और उनके 5 साल के बेटे श्रीतमिल का शव ले जाने से फ्लाइट ऑपरेटर ने मना कर दिया। तर्क दिया कि बॉडी डी-कंपोज हो रही हैं। बदबू आ रही है। ऐसे में वह इन्हें नहीं ले जा सकता है। इसका पता लगते ही प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हुए और ऑपरेटर को समझाकर शव फ्लाइट में रखवाए। इसकी वजह से फ्लाइट ने अपने निर्धारित समय से एक घंटे देरी से उड़ान भरी। पहले जानिए, हादसा कैसे हुआ… मौसम खराब होने के कारण रविवार को नहीं भरी उड़ान जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल को मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग का क्रूज डूबा था। इसमें सवार 13 टूरिस्ट की मौत हो गई। उसी दिन 30 अप्रैल को 4 शव, एक मई को 5, दो मई को 2 और तीन मई को दो शव तैरते मिले। मृतकों में 4 बच्चे और 8 महिलाएं शामिल हैं। 28 लोगों को बचा लिया गया था। श्रीतमिल का शव दो मई को मिला था जबकि कामराज की लाश 3 मई की सुबह मिली। रविवार शाम को ही कामराज और श्रीतमिल का शव लेकर खमरिया अस्पताल से एम्बुलेंस डुमना एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई। रांझी पहुंचने पर जानकारी मिली कि त्रिची का मौसम खराब है, विमान लैंड नहीं कर पाएगा। इस पर एम्बुलेंस वापस अस्पताल आ गई और दोनों शव मरचुरी में रखवा दिए गए। ऑपरेटर ने कहा- बदबू आ रही है, बॉडी नहीं ले जा सकता आर्डनेंस फैक्ट्री में कामराज के सहकर्मी सुरेश कन्ना ने दैनिक भास्कर को बताया- सोमवार सुबह 6 बजे तय समय पर एम्बुलेंस से शव लेकर डुमना एयरपोर्ट पहुंच गए थे। साढ़े 7 बजे जेट सर्व एविएशियन कंपनी का चार्टेड प्लेन आया। इसे मध्य प्रदेश सरकार ने हायर किया था। जैसे ही बॉडी उसमें रखी गईं, फ्लाइट ऑपरेटर ने कहा कि शवों से बदबू आ रही है, ऐसे में उनको नहीं ले जाया जा सकता। मामले की जानकारी कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को लगी तो उन्होंने रांझी एसडीएम मोनिका वाघमारे और तहसीलदार आदर्श जैन को एयरपोर्ट भेजा। उन्होंने स्प्रे की व्यवस्था की। दोनों शवों की दोबारा कॉफिन में टेपिंग की गई। इसके बाद करीब 9 बजे फ्लाइट त्रिची के लिए रवाना हो सकी। परिवार के 3 सदस्यों की मौत, केवल बड़ा बेटा ही बचा कामराज मूलत: तमिलनाडु में त्रिची के रहने वाले थे। 2010 में आर्डनेंस फैक्ट्री में उनकी जॉब लगी। परिवार में पत्नी के अलावा दो बच्चे थे। क्रूज हादसे में कामराज का सिर्फ बड़ा बेटी पूवीथरन ही बचा है। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… क्रूज हादसे के को-पायलट का खुलासा-एक इंजन स्लो था जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल को क्रूज डूबने से 13 लोगों की जान चली गई। क्रूज के को-पायलट महेश पटेल थे। उनका कहना है कि क्रूज का एक इंजन स्लो था। इसने काम करना बंद कर दिया। फिर क्रूज एक तरफ झुकते हुए पानी में डूब गया। पढ़ें पूरी खबर…

झाल मुरी रेसिपी: घर पर कैसे बनी खरी-खरी झालमुड़ी? बंगाल चुनाव में खूब हुई चर्चा, जानें आसान रेसिपी

तस्वीर का विवरण

झालमुड़ी बंगाल का फेवरेट स्ट्रीट फूड है, जो मुरमुरे, मिनिस्ट्री और ताजी ट्रॉली के साथ तैयार किया जाता है। इसका तीखा और कट्टा स्वाद लोगों को काफी पसंद आता है। इसे बनाना काफी आसान तरीका है। छवि: फ्रीपिक झालमुड़ी बनाने के लिए जिन सामग्रियों की आवश्यकता होती है, उनमें मुरमुरे, नींबू कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, मसाले वाले आलू, धनिया पत्ती, मसाले का तेल, नींबू का रस, नमक और चाट मसाला शामिल होना चाहिए। छवि: फ्रीपिक झालमुड़ी का असली स्वाद इसके पाउडर में छिपा होता है। सरसों का तेल और चाट मसाला इसे खलस बैला फ्लेवर देते हैं, जो इसे बाकी हिस्सों से अलग और टेस्टी बना देते हैं। छवि: फ्रीपिक झालमुड़ी बनाने के लिए सबसे पहले एक बाउल में मुरमुरे लें। मसाले, टमाटर, सब्जी आलू और हरी मिर्च डालें। अब इसमें नमक, चाट मसाला, सरसों का तेल और नींबू का रस स्टाक अच्छी तरह से मिला हुआ है। छवि: फ्रीपिक अगर आप इसे और अधिक तीखा बनाना चाहते हैं, तो इसमें लाल मिर्च पाउडर या हरी मिर्च दाल ले सकते हैं। ऊपर से धनिया पत्ती का स्वाद और बढ़ जाता है। छवि: फ्रीपिक झालमुड़ी को आप शाम के समय या फिर लंबी भूख लीव पर खा सकते हैं। यह झटपट बनने वाला ताकत और टेस्टी बास्ट है, जो हर उम्र के लोगों को पसंद आता है। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट) झाल मुरी रेसिपी(टी)बंगाली स्ट्रीट फूड(टी)मसालेदार स्नैक रेसिपी(टी)आसान भारतीय स्नैक्स(टी)मुरमुरा रेसिपी(टी)कोलकाता स्ट्रीट फूड(टी)त्वरित स्नैक विचार(टी)घर का बना स्ट्रीट फूड(टी)भारतीय चाट रेसिपी

दोस्त की मौत पर इमोशनल हुए सलमान:बोले- मौत से चैंपियन की तरह लड़ा, 42 साल का साथ छूटा; तुम्हारे लिए मेरी आंखों में आंसू नहीं

दोस्त की मौत पर इमोशनल हुए सलमान:बोले- मौत से चैंपियन की तरह लड़ा, 42 साल का साथ छूटा; तुम्हारे लिए मेरी आंखों में आंसू नहीं

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने अपने 42 साल पुराने करीबी दोस्त सुशील कुमार के निधन पर एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दुख जताया है। सलमान ने बताया कि सुशील उनके लिए सिर्फ दोस्त नहीं बल्कि एक भाई की तरह थे। सुशील के लिए सलमान ने एक लंबा और ईमोशनल नोट लिखा है। सलमान ने अपने और पिता सलीम खान के साथ सुशील की पुरानी तस्वीरें शेयर की हैं। एक्टर ने लिखा कि सुशील पिछले 42 सालों से उनके साथ भाई की तरह थे। वे एक बहुत ही दयालु और मददगार इंसान थे। सलमान के मुताबिक, चाहे आर्थिक तंगी हो, भावनात्मक परेशानी हो या शारीरिक बीमारी, सुशील के चेहरे से मुस्कान कभी कम नहीं होती थी। वे मुश्किल से मुश्किल हालात में भी डांस करते थे और मुस्कुराते रहते थे। ‘की फरक नई पैंदा’ कहते थे सुशील सलमान ने सुशील की सकारात्मक सोच को याद करते हुए बताया कि वे हमेशा एक ही बात कहते थे- “की फरक नई पैंदा, सब ठीक होगा” (कोई फर्क नहीं पड़ता, सब ठीक हो जाएगा)। सलमान ने उन्हें एक ऐसा योद्धा बताया जिसने मौत का सामना किसी ‘हैवीवेट चैंपियन’ की तरह किया। एक्टर ने लिखा, “तुम्हारे लिए मेरी आंखों में आंसू नहीं हैं भाई, बल्कि सिर्फ तुम्हारी यादें और हंसी है। मेरा भाई चेहरे पर मुस्कान लिए दुनिया से गया।” अंतिम विदाई पर भावुक हुए सलमान अपनी पोस्ट में सलमान ने जिंदगी की फिलॉसफी पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हम सभी को एक न एक दिन जाना है, बस कोई पहले जाता है और कोई बाद में। इसलिए जाने से पहले जीवन में कुछ ऐसा कर जाना चाहिए जिससे लोग आपको याद रखें। सलमान ने इमोशनल होते हुए लिखा कि वे सुशील को बहुत मिस करेंगे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे इस खबर के बाद गुस्सा करना चाहते थे और रोना चाहते थे, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला। ‘मातृभूमि’ फिल्म में नजर आएंगे सलमान वर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान खान इन दिनों अपनी अगली फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ की तैयारी कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्माण सलमा खान के बैनर सलमान खान फिल्म्स के तले हो रहा है। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं और इसमें चित्रांगदा सिंह लीड रोल में नजर आएंगी। इसके अलावा रितेश देशमुख की फिल्म ‘राजा शिवाजी’ में सलमान का कैमियो भी इन दिनों काफी वायरल हो रहा है।

दोस्त की मौत पर इमोशनल हुए सलमान:बोले- मौत से चैंपियन की तरह लड़ा, 42 साल का साथ छूटा; तुम्हारे लिए मेरी आंखों में आंसू नहीं

दोस्त की मौत पर इमोशनल हुए सलमान:बोले- मौत से चैंपियन की तरह लड़ा, 42 साल का साथ छूटा; तुम्हारे लिए मेरी आंखों में आंसू नहीं

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने अपने 42 साल पुराने करीबी दोस्त सुशील कुमार के निधन पर एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दुख जताया है। सलमान ने बताया कि सुशील उनके लिए सिर्फ दोस्त नहीं बल्कि एक भाई की तरह थे। सुशील के लिए सलमान ने एक लंबा और ईमोशनल नोट लिखा है। सलमान ने अपने और पिता सलीम खान के साथ सुशील की पुरानी तस्वीरें शेयर की हैं। एक्टर ने लिखा कि सुशील पिछले 42 सालों से उनके साथ भाई की तरह थे। वे एक बहुत ही दयालु और मददगार इंसान थे। सलमान के मुताबिक, चाहे आर्थिक तंगी हो, भावनात्मक परेशानी हो या शारीरिक बीमारी, सुशील के चेहरे से मुस्कान कभी कम नहीं होती थी। वे मुश्किल से मुश्किल हालात में भी डांस करते थे और मुस्कुराते रहते थे। ‘की फरक नई पैंदा’ कहते थे सुशील सलमान ने सुशील की सकारात्मक सोच को याद करते हुए बताया कि वे हमेशा एक ही बात कहते थे- “की फरक नई पैंदा, सब ठीक होगा” (कोई फर्क नहीं पड़ता, सब ठीक हो जाएगा)। सलमान ने उन्हें एक ऐसा योद्धा बताया जिसने मौत का सामना किसी ‘हैवीवेट चैंपियन’ की तरह किया। एक्टर ने लिखा, “तुम्हारे लिए मेरी आंखों में आंसू नहीं हैं भाई, बल्कि सिर्फ तुम्हारी यादें और हंसी है। मेरा भाई चेहरे पर मुस्कान लिए दुनिया से गया।” अंतिम विदाई पर भावुक हुए सलमान अपनी पोस्ट में सलमान ने जिंदगी की फिलॉसफी पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हम सभी को एक न एक दिन जाना है, बस कोई पहले जाता है और कोई बाद में। इसलिए जाने से पहले जीवन में कुछ ऐसा कर जाना चाहिए जिससे लोग आपको याद रखें। सलमान ने इमोशनल होते हुए लिखा कि वे सुशील को बहुत मिस करेंगे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे इस खबर के बाद गुस्सा करना चाहते थे और रोना चाहते थे, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला। ‘मातृभूमि’ फिल्म में नजर आएंगे सलमान वर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान खान इन दिनों अपनी अगली फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ की तैयारी कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्माण सलमा खान के बैनर सलमान खान फिल्म्स के तले हो रहा है। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं और इसमें चित्रांगदा सिंह लीड रोल में नजर आएंगी। इसके अलावा रितेश देशमुख की फिल्म ‘राजा शिवाजी’ में सलमान का कैमियो भी इन दिनों काफी वायरल हो रहा है।

पुडुचेरी चुनाव विजेताओं की सूची 2026: निर्वाचन क्षेत्र-वार एआईएनआरसी, भाजपा, कांग्रेस के विजेता उम्मीदवारों के नाम, वोट; पूरी सूची यहां देखें | भारत समाचार

Palakkad reported a voter turnout of 79.22% this assembly elections.

आखरी अपडेट:04 मई, 2026, 14:21 IST शुरुआती रुझानों से संकेत मिलता है कि एनडीए 30 सदस्यीय विधानसभा में 11 सीटों पर आगे है, जिसमें एन. रंगासामी थट्टानचावडी में 4,000 से अधिक वोटों से आगे हैं। अप्रैल के चुनावों में रिकॉर्ड 89.87% मतदान हुआ, जिसमें एनडीए ने भाजपा, कांग्रेस, डीएमके और एआईएनआरसी के बीच दूसरे कार्यकाल के लिए लक्ष्य रखा। पुडुचेरी चुनाव परिणाम 2026 विजेताओं की सूची: चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, वोटों की गिनती सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई, जिसमें शुरुआती रुझान मुख्यमंत्री एन. रंगासामी की ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (एआईएनआरसी) के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के पक्ष में थे। प्रारंभिक नेतृत्व शुरुआती रुझानों से संकेत मिलता है कि एनडीए 30 सदस्यीय विधानसभा में 11 सीटों पर आगे है, जिसमें एन. रंगासामी थट्टानचावडी में 4,000 से अधिक वोटों से आगे हैं। मन्नादिपेट में भाजपा के ए. नमस्सिवायम लगभग 1,793 वोटों से आगे हैं, जबकि अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में एआईएनआरसी और सहयोगी दल कांग्रेस, डीएमके और अन्य के खिलाफ बढ़त हासिल कर रहे हैं। प्रमुख प्रतियोगिताएं लॉस्पेट में, एआईएनआरसी के वीपी शिवकोलुंधु 6,544 वोटों के साथ कांग्रेस के एम. वैथियानाथन के मुकाबले 6,311 वोटों से आगे हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन को 16-20 सीटें मिलने के अनुमान के बीच एनडीए कार्यालयों में जश्न मनाया जा रहा है। प्रसंग अप्रैल के चुनावों में रिकॉर्ड 89.87% मतदान हुआ, जिसमें एनडीए ने भाजपा, कांग्रेस, डीएमके और एआईएनआरसी के बीच दूसरे कार्यकाल के लिए लक्ष्य रखा। भारी सुरक्षा के बीच केंद्रों पर गिनती जारी है, मुख्य निर्वाचन अधिकारी की साइट से जल्द ही पूर्ण नतीजे आने की उम्मीद है। पुडुचेरी विजेताओं की पूरी सूची: निर्वाचन क्षेत्र अग्रणी/जीतने वाला उम्मीदवार दल स्थिति मार्जिन/वोट थट्टानचावडी एन. रंगासामी एआईएनआरसी अग्रणी 4,000 से अधिक वोटों की बढ़त मन्नादिपेट ए नमस्सिवायम् भाजपा अग्रणी 4,566 वोट, 1,793 की बढ़त लॉस्पेट वीपी शिवकोलुंधु एआईएनआरसी अग्रणी 6,544 वोट चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : पुडुचेरी (पांडिचेरी), भारत, भारत न्यूज़ इंडिया पुडुचेरी चुनाव विजेताओं की सूची 2026: निर्वाचन क्षेत्र-वार एआईएनआरसी, भाजपा, कांग्रेस के विजेता उम्मीदवारों के नाम, वोट; पूरी सूची यहां देखें अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

खेला शेष तो अलविदा दीदी: सोशल मीडिया पर मीम्स, जिब्स की बाढ़ आ गई क्योंकि रुझानों में बीजेपी ने टीएमसी को पीछे छोड़ दिया | चुनाव समाचार

Kanjirappally election result LIVE: Rony K Baby of INC leading

आखरी अपडेट:04 मई, 2026, 13:28 IST कोलकाता में भाजपा कार्यालय के बाहर, समर्थकों के जमा होने से जश्न मनाया गया, हालांकि अंतिम नतीजे का इंतजार है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी. (फाइल फोटो) जैसे ही मतगणना के शुरुआती रुझानों से पता चला कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पश्चिम बंगाल में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) पर मजबूत बढ़त ले रही है, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मीम्स, नारे और तीखे राजनीतिक व्यंग्य गूंजने लगे, जिससे नतीजे पूरी तरह से ऑनलाइन तमाशे में बदल गए। चुनाव आयोग के नवीनतम रुझानों के अनुसार, राज्य भर में गिनती आगे बढ़ने पर भाजपा 188 सीटों पर आगे है, जबकि टीएमसी 92 सीटों पर पीछे है। कोलकाता में भाजपा कार्यालय के बाहर, समर्थकों के जमा होने से जश्न मनाया गया, हालांकि अंतिम नतीजे का इंतजार है। #घड़ी | पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 | कोलकाता: राज्य में भाजपा के बहुमत का आंकड़ा पार करने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में मतगणना केंद्र के बाहर मिठाइयां बांटीं। निर्वाचन क्षेत्र में सीएम ममता बनर्जी भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से आगे चल रही हैं… pic.twitter.com/XE75HGOSxC – एएनआई (@ANI) 4 मई 2026 लेकिन मतगणना केंद्रों से परे, जोरदार प्रतिस्पर्धा ऑनलाइन सामने आ रही थी। यह भी पढ़ें: तमिलनाडु के लिए ‘विजय’, बंगाल में भगवा लहर: चुनाव नतीजे शेयर बाजार के लिए क्या मायने रखते हैं? वाक्यांश “खेला शेष” तेजी से सभी प्लेटफार्मों पर ट्रेंड करने लगा, जिसे अक्सर “बाय बाय दीदी” के साथ जोड़ा जाता है, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का संदर्भ है। उपयोगकर्ताओं ने बदलते रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए संपादित GIFs, मीम्स और वायरल पोस्टों की बाढ़ ला दी। एक यूजर ने लिखा, “अलविदा दीदी, आपको बिल्कुल भी याद नहीं किया जाएगा,” जबकि दूसरे ने पोस्ट किया, “मैम खेला शेष! बेहतर होगा कि अब आप अपना बैग पैक करें और घर वापस लौट जाएं। हम बंगालियों ने अपनी किस्मत का फैसला कर लिया है, अब इसे अपने हाथों में दें!” एक अन्य व्यापक रूप से साझा की गई पोस्ट में लिखा है, “‘खेला होबे’ अब गलत अभिव्यक्ति है। अब सही अभिव्यक्ति ‘खेला होए गेछे’ है!” हास्य-युक्त प्रतिक्रियाओं का मिलान राजनीतिक टिप्पणियों और गरमागरम बहस से किया गया। कुछ उपयोगकर्ताओं ने रुझानों पर अविश्वास व्यक्त किया, जबकि अन्य ने शुरुआती रुझानों में बहुत अधिक पढ़ने के खिलाफ चेतावनी दी। इसी बीच एक यूजर ने लिखा कि अगर बीजेपी जीत गई तो वह राज्य छोड़ देंगे। “आज, अगर बीजेपी जीत गई, तो मैं हमेशा के लिए पश्चिम बंगाल छोड़ दूंगा।” साथ ही, लंबे राजनीतिक तर्क भी सामने आए, जिसमें उपयोगकर्ता वोटिंग पैटर्न, पहचान की राजनीति और वोट एकीकरण के आरोपों पर बहस कर रहे थे। कुछ पोस्टों में दोनों प्रमुख पार्टियों की आलोचना की गई, जबकि अन्य ने व्यापक चुनावी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए। एक यूजर ने कहा, “कुछ लोग टीएमसी को उसकी समाजवादी नीतियों के लिए वोट देते हैं, कुछ ऐसा न करने पर नतीजों के डर से, कुछ स्व-घोषित बौद्धिक वर्ग से हैं जिनकी एकमात्र पहचान बीजेपी से नफरत है, और कुछ पुराने मतदाता कम्युनिस्टों के प्रति वफादार रहते हैं, प्रभावी ढंग से वोट विभाजित करते हैं। इसलिए, बीजेपी का बंगाल जीतना किसी चमत्कार से कम नहीं होगा। मुझे उम्मीद है कि ऐसा होगा।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : पश्चिम बंगाल, भारत, भारत समाचार चुनाव खेला शेष तो अलविदा दीदी: सोशल मीडिया पर मीम्स, जिब्स की बाढ़ आ गई क्योंकि रुझानों में बीजेपी ने टीएमसी को पीछे छोड़ दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजे(टी) बीजेपी पश्चिम बंगाल में आगे(टी)टीएमसी पीछे चल रही है नतीजे(टी)खेला शेष मीम्स(टी)बाय बाय दीदी नारा(टी)ममता बनर्जी प्रतिक्रियाएं(टी)पश्चिम बंगाल सोशल मीडिया(टी)चुनाव गिनती के रुझान

“तारे जमीन पर” फिल्म में इशान को कौन सी बीमारी थी, जानिये लक्षण, और ऐसे बच्चों के साथ कैसा व्यवहार करें?

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आमिर खान के निर्देशन में बनी फिल्म “तारे ज़मीन पर” (2007) में दिखाया गया बच्चा इशान अवस्थी किसी मानसिक कमजोरी का नहीं, बल्कि एक विशेष सीखने की समस्या, डिस्लेक्सिया (Dyslexia) से जूझ रहा था. यह फिल्म समाज में इस बीमारी को समझने और स्वीकार करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जाती है. डिस्लेक्सिया क्या है?डिस्लेक्सिया एक लर्निंग डिसऑर्डर है, जिसमें बच्चे को पढ़ने, लिखने और अक्षरों को पहचानने में कठिनाई होती है. यह बुद्धिमत्ता की कमी नहीं है. डिस्लेक्सिया से ग्रस्त बच्चे अक्सर रचनात्मक, कल्पनाशील और कला में निपुण होते हैं, जैसे इशान चित्रकला में था. डिस्लेक्सिया के प्रमुख लक्षणडिस्लेक्सिया के लक्षण हर बच्चे में अलग हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर इनमें शामिल हैं, अक्षरों या शब्दों को उल्टा-पुल्टा पढ़ना.लिखते समय अक्षरों की अदला-बदली.जोर से पढ़ने में कठिनाई.बात समझने में सक्षम होते हुए भी लिख न पाना.बार-बार कक्षा में फेल होना.पढ़ाई से डर और आत्मविश्वास की कमी.चिड़चिड़ापन, उदासी या अकेलापन. इलाज और सीखने के तरीकेडिस्लेक्सिया कोई बीमारी नहीं जिसे दवा से ठीक किया जाए, बल्कि यह एक आजीवन स्थिति है जिसे सही मार्गदर्शन से संभाला जा सकता है. इलाज और सहायता के तरीके, विशेष शिक्षा (Special Education): ट्रेनिंग प्राप्त शिक्षकों द्वारा पढ़ाना.मल्टी-सेंसरी तकनीक: देखने, सुनने और लिखने को साथ जोड़कर सिखाना.स्पीच और भाषा थेरेपी.काउंसलिंग: बच्चे के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए.अभिभावकों और शिक्षकों का सहयोग. डिस्लेक्सिया से ग्रस्त बच्चे के साथ कैसा करें व्यवहारसबसे ज़रूरी है समझ और धैर्य.बच्चे की तुलना दूसरों से न करें.उसे डांटने या शर्मिंदा करने से बचें.उसकी खूबियों को पहचानें और प्रोत्साहित करें.पढ़ाई में वैकल्पिक तरीकों को अपनाएं.सकारात्मक माहौल दें.सफलता के छोटे-छोटे कदमों की सराहना करें. परिणाम“तारे ज़मीन पर” हमें सिखाती है कि हर बच्चा अलग होता है. इशान की तरह हजारों बच्चे डिस्लेक्सिया से जूझ रहे हैं, जिन्हें बस समझ, सहयोग और सही मार्गदर्शन की ज़रूरत है. सही दृष्टिकोण अपनाकर ऐसे बच्चे भी अपनी खास पहचान बना सकते हैं. तो अगली बार आप भी अगर ऐसे किसी बच्चे से मिलें, तो उसे समझने की कोशिश करें, न कि उस पर नाराजगी दिखाएं.