Skin Care: गर्मी में चेहरे पर लगाएं ये चीजें, त्वचा को मिलेगी ठंडक और बनेगी मुलायम, मिनटों में खिल उठेगी मुरझाई स्किन

Last Updated:May 04, 2026, 13:17 IST Summer Skin Care Tips: गर्मी का मौसम शुरू होते ही त्वचा से जुड़ी समस्याएं बढ़ने लगती हैं. तेज धूप, पसीना और गर्म हवाएं स्किन को नुकसान पहुंचाती हैं. इस वजह से कई लोगों को जलन, लालपन, टैनिंग और रूखापन जैसी समस्याएं होने लगती हैं. ऐसे में त्वचा को ठंडक देने के लिए कुछ घरेलू चीजों का उपयोग करें. ये चीजें त्वचा को ठंडक देने के साथ-साथ हाइड्रेशन और ग्लो भी देती हैं. (रिपोर्ट: सावन पाटिल/खंडवा) गर्मी में शरीर के साथ-साथ त्वचा को भी हाइड्रेशन की जरूरत होती है. गर्मियों में त्वचा की देखभाल करना बेहद जरूरी होता है. खंडवा के डॉक्टर अनिल पटेल के मुताबिक, अगर आप नियमित रूप से इन आसान घरेलू नुस्खों को अपनाते हैं तो आपकी त्वचा को ठंडक मिलेगी और वह फ्रेश व ग्लोइंग बनी रह सकती है. गर्मी में सनस्क्रीन का इस्तेमाल सबसे जरूरी है. बाहर जाने से करीब 20 मिनट पहले SPF 30 या उससे ज्यादा वाली सनस्क्रीन लगाएं. यह त्वचा को हानिकारक UV किरणों से बचाती है और टैनिंग कम करती है. दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए. इससे शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और स्किन फ्रेश और ग्लोइंग दिखती है. दिन में दो बार चेहरे की सफाई जरूरी: पसीना और धूल-मिट्टी से चेहरे पर गंदगी जमा हो जाती है, इसलिए सुबह और रात को अच्छे फेसवॉश से चेहरा साफ करें. इससे पिंपल्स और स्किन इंफेक्शन का खतरा कम होता है. Add News18 as Preferred Source on Google हेहल्का मॉइश्चराइजर ही करें इस्तेमाल: गर्मी में भारी और ऑयली क्रीम से बचना चाहिए. इसके बजाय हल्का या जेल-बेस्ड मॉइश्चराइजर लगाएं. यह त्वचा को नमी देता है और इससे चिपचिपाहट भी नहीं होती. घरेलू फेस पैक से दें ठंडक: स्किन को ठंडक देने के लिए घरेलू चीजों का इस्तेमाल करें. एलोवेरा जेल, खीरा, दही और गुलाब जल से बने फेस पैक काफी फायदेमंद होते हैं. ये त्वचा की जलन कम करते हैं और नैचुरल ग्लो बढ़ाते हैं. धूप से बचाव भी है जरूरी: तेज धूप में निकलते समय छाता, टोपी या स्कार्फ का इस्तेमाल करें. इससे स्किन सीधे धूप के संपर्क में आने से बचती है. टैनिंग और सनबर्न की समस्या भी कम होती है. हेल्दी डाइट से मिलेगा नेचुरल ग्लो: डॉक्टर के अनुसार, स्किन के लिए सही खानपान भी बहुत जरूरी है. गर्मी में तरबूज, खीरा, नारियल पानी और मौसमी फल ज्यादा खाएं. ये शरीर को ठंडक देते हैं और त्वचा को अंदर से हेल्दी बनाते हैं. अगर आप गर्मियों में रोजाना ये आसान स्किन केयर टिप्स अपनाते हैं, तो त्वचा को धूप और गर्मी से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है. साथ ही आपकी स्किन लंबे समय तक हेल्दी, फ्रेश और नेचुरली ग्लोइंग बनी रहती है.
वॉटरमेलन मोजिटो रेसिपी: भीषण गर्मी में भी शरीर में दौड़ेगी ठंडक और ताजगी, घर पर तरबूज से बना समर स्पेशल ड्रिंक; नोट करें आसान उपाय

4 मई 2026 को 13:18 IST पर अद्यतन किया गया वॉटरमेलन मोजिटो रेसिपी: गर्मी का मौसम आते ही शरीर को ठंडक की बेहद जरूरत होती है। इसलिए ऐसे ड्रिंक्स को अपने अंतर्वस्तु में शामिल करना चाहिए जो ताजगी दो स्वाद। लोग बाजार में बार-बार कोल्ड ड्रिंक्स या पैक्टी उत्पाद बेचते हैं, जो लेबल नहीं होता है। अगर आप घर पर ताकत और टेस्टी ड्रिंक बनाना चाहते हैं, तो वॉटरमेलन मोहितो एक बेहतर क्वालिटी का प्रोडक्ट है, जिसे आप घर पर भी बना सकते हैं। यह ड्रिंक बॉडी को प्रयोगशाला भंडार के साथ-साथ इंस्टेंट एनर्जी लीपापोरेशन में मदद करता है। अनुसरण करना : तरबूज़ शराब पीने से गर्मी में होने वाली थकान और कमजोरी कम होती है। यह ड्रिंक इंस्टेंट रिफ्रेशमेंट शरीर को ऊर्जावान बनाए रखता है। छवि: फ्रीपिक वॉटरमेलन मोहितो बनाने के लिए जिन सामग्री की आवश्यकता है… कपटर्बो केट 6 से 8 पुदीने की सब्जियां 1 नींबू का रस 1 से 2 चीनी या शहद सोडा या स्पार्कलिंग वॉटर बर्फ के टुकड़े छवि: एआई सबसे पहले पेंसिल में तरबूज़ उसे मैश करें। फिर पुदीना कंकाल मसलें। इसके बाद नींबू का रस और चीनी या शहद का रस। अब बर्फ़ और ऊपर से सोडास्टोमील हाथ से मिलाएं। छवि: एआई अब बर्फ के टुकड़े बनाने के लिए इसे ठंडा और ताज़ा करें। अब ऊपर से लिटिल सोडा स्टोयलिस्ट हैंड्स से मिक्स करें। छवि: फ्रीपिक तरबूज़ का स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें काला नमक या फिर चाट मसाला मिला सकते हैं। साथ में क्रश्ड आइस या तरबूज का मिश्रण स्वादिष्ट और बेहतर होता है। छवि: फ्रीपिक तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर के अंदर से ठंडी होती है। इसमें मिला हुआ पुदीना पेट का ठंडा स्वाद। नींबू के रस में विटामिन सी होता है, जो सामुदायिकता बढ़ाता है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 4 मई 2026 13:12 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)तरबूज मोजिटो रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन पेय रेसिपी(टी)स्वस्थ ग्रीष्मकालीन पेय(टी)घर का बना मोजिटो(टी)हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स(टी)तरबूज के फायदे(टी)आसान पेय रेसिपी(टी)ताज़ा पेय पदार्थ(टी)पुदीना नींबू पेय(टी)ग्रीष्मकालीन कूलर रेसिपी
घर पर गन्ने का रस: प्रचंड गर्मी और भीषण लू में अमृत है आलू का ठंडा-ठंडा रस, घर पर 2 मिनट की ट्रिक से जानें; ये है सीक्रेट रेसिपी

4 मई 2026 को 11:24 IST पर अद्यतन किया गया घर पर गन्ने का रस कैसे बनाएं: प्रचंड गर्म और चिलचिलाती धूप में ठंडा और ताजगी देने वाला पेय हर किसी को पसंद आता है। फ़्रांसीसी रस में भी शामिल है नीजी देसी ड्रिंक, जो न केवल प्याज पीती है बल्कि शरीर को तुरंत ऊर्जा भी देती है। हालाँकि बाहरी स्टॉल में मिलने वाले सामान में समान साफ-सफाई नहीं रहती है। ऐसे में अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि आप इस देसी ड्रिंक को बिना मसाले और बिना मशीन के ही दो मिनट में बिल्कुल बाजार में तैयार कर सकते हैं। अनुसरण करना : घर में जिन जरूरी चीजों की जरूरत होती है उन्हें बनाने के लिए, इनमें नींबू का टुकड़ा होता है गुड़, ठंडा पानी, काला नमक, नींबू का रस, पुदीने का रस, ये जरूरी चीजें होती हैं। छवि: एआई फ़ुज़ियान के उत्पादों को ठंडा और ताज़ा बनाने के लिए फ़्रिज़ में जमाई हुई बर्फ़ भी डाली जाती है। साथ ही पुदीने के पत्ते और नींबू का स्वाद लें। छवि: एआई फ़्रांसीसी खाद्य पदार्थ बनाने के लिए सबसे पहले प्लास्टिक में गुड़, ठंडा पानी, काला नमक और नींबू का रस डाला जाता है। इसके बाद पुदीने की नॉट को स्टोइन्ट को एक से दो मिनट तक अच्छे से ब्लेंड करना चाहिए। छवि: फ्रीपिक जब गुड़ पूरी तरह से मोटा हो जाए और हल्का झाग आ जाए, तो कपड़े को प्लास्टिक में निकाल लें। इसमें ऊपर से बर्फ लगाई गई है और ठंडा-ठंडा कांच के शीशे में सर्व किया गया है। छवि: फ्रीपिक इस गुप्त विधि से बनाए गए फार्म हाउस के बिल्कुल सड़क किनारे मिलने वाले फार्म के रस से वैसा ही प्रतीत होता है। बस आप घर पर इसे साफ-सफाई के साथ तैयार कर लें। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 4 मई 2026, 11:24 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)गन्ने का जूस रेसिपी(टी)घर पर गन्ने का जूस कैसे बनाएं(टी)गुड़ जूस रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन पेय भारत(टी)घर का बना गन्ने का रस(टी)ताज़ा पेय(टी)भारतीय ग्रीष्मकालीन रेसिपी(टी)स्वस्थ पेय(टी)देसी पेय रेसिपी(टी)त्वरित ग्रीष्मकालीन पेय रेसिपी
बंगाल चुनाव रिजल्ट का पंजाब पर क्या असर:BJP जीती तो AAP में टूट का खतरा, कांग्रेस को डेंट; 3 एक्सपर्ट के हवाले से सब कुछ जानिए

बंगाल में BJP और ममता बनर्जी की TMC के बीच कांटे की टक्कर दिख रही है। शुरूआती रूझान में भाजपा बढ़त बनाए हुए हैं। बंगाल में भाजपा की परफॉर्मेंस पर पंजाब के पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स की भी नजर टिकी हुई है। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पॉलिटिकल एक्सपर्ट मान रहे हैं कि अगर BJP बंगाल में ममता बनर्जी का किला ढहाने में कामयाब रही तो अगली बारी पंजाब की होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि जैसे बंगाल में भाजपा कभी सरकार नहीं बना सकी, उसी तरह पंजाब में अकेले दम पर सत्ता पाना भी भाजपा के लिए किसी सपने से कम नहीं। अगर भाजपा बंगाल में सरकार बना गई या फिर TMC से हार गई तो इसका पंजाब चुनाव पर क्या असर होगा, इस बारे में दैनिक भास्कर ने पंजाब के 3 पॉलिटिकल एक्सपर्ट से बात की। उनका कहना है कि भाजपा बंगाल जीती तो पंजाब में एग्रेसिव ढंग से पॉलिटिकल कैंपेन करेगी। इससे AAP में टूट का खतरा बढ़ेगा। चुनाव हार गई तो फिर भाजपा पंजाब को लेकर और इंतजार कर सकती है। एक्सपर्ट बंगाल चुनाव का असर कांग्रेस पर भी मान रहे हैं। … पढ़िए उनकी क्या राय? बंगाल जीती तो BJP पर भरोसा बढ़ेगा, विधायकों की टूट होगी जालंधर की DAV यूनिवर्सिटी के पूर्व डीन प्रो. डॉक्टर केके रत्तू कहते हैं- अगर BJP बंगाल जीत गई तो पंजाब में भी साम-दाम-दंड-भेद की नीति अपनाएगी। BJP के लिए पंजाब भी बंगाल की तरह सियासी कामयाबी की बड़ी पहेली है, ऐसे में भाजपा का बंगाल में जो अभी परफॉर्मेंस दिख रहा है, उसे पंजाब में भी लागू करेगी। इतना जरूर है कि अगर भाजपा ने बंगाल जीता तो AAP में टूट का खतरा बढ़ेगा। विधायक समझेंगे कि अगर भाजपा बंगाल में सरकार बना सकती है तो पंजाब में भी चौंका सकती है। उनका भरोसा बढ़ेगा और टूट के मौके ज्यादा बनेंगे। हालांकि ये टूट अभी नहीं होगी। इसकी वजह डॉ. रत्तू बताते हैं कि अभी कोई टूटकर गया तो AAP सरकार उसे नहीं छोड़ेगी। रेड होंगी या फिर केस भी हो सकता है। फिर जमानत के चक्कर या फिर जेल जाना होगा। ऐसा ही AAP छोड़ने वाले राज्यसभा सांसदों के साथ हुआ। राजिंदर गुप्ता पर रेड हुई, राघव चड्ढा और हरभजन भज्जी की सिक्योरिटी वापस ले ली, संदीप पाठक पर भी FIR की चर्चा है। ऐसे में कोई रिस्क नहीं लेगा। असली टूट चुनाव आने के 1-2 महीने के बाद होगी। पर यह तभी है, जब भाजपा बंगाल में सरकार बना लेती है। वर्ना विधायक भी समझ लेंगे कि भाजपा भले ही केंद्र में तीसरी बार सरकार बना गई लेकिन अभी पंजाब को जीतना संभव नहीं है। बंगाल के बाद भाजपा पंजाब को सीरियसली लेगी, कांग्रेस-आप डेंट दे सकती पॉलिटिकल एक्सपर्ट एडवोकेट नईम खान कहते हैं- बंगाल में भाजपा जीती तो इसका इंपैक्ट बिल्कुल पंजाब में दिखेगा। भाजपा यहां सरकार बनाने के लिए कितना जोर लगाएगी, यह तो देखना होगा लेकिन बंगाल के बाद भाजपा पंजाब में भी चौंकाने वाली परफॉर्मेंस दिखा सकती है। ऐसा भी लग रहा है कि पंजाब में RSS भी चुनाव में भाजपा की प्लानिंग को लेकर एक्टिव है। भाजपा पंजाब को बंगाल के बाद ही ज्यादा सीरियस लेगी, हालांकि अभी भी डेरा फैक्टर की गोटियां बिल्कुल भाजपा सैट कर रही है। इसमें डेरा बल्लां हो या ब्सास व डेरा सच्चा सौदा, तीनों जगह भाजपा संपर्क में है। हालांकि इसका वोट बैंक पर कितना असर होता है, यह कभी सामने नहीं आता, लेकिन एक परसेप्शन जरूर भाजपा बनाने की कोशिश कर रही है। बंगाल चुनाव से बड़ा मैसेज कांग्रेस के लिए भी आ रहा है। रूझानों में BJP और TMC के बीच फाइट है लेकिन कांग्रेस डबल फिगर के आंकड़े तक नहीं पहुंची है। पंजाब में भी अगर भाजपा का वोट शेयर बढ़ा तो कांग्रेस-आप को डेंट लग सकता है। ऐसा भी संभव है कि 2027 में पंजाब का चुनावी मुकाबले का शोर AAP और BJP के बीच का ज्यादा हो। बंगाल रिजल्ट पंजाब की 2027 की चुनावी राजनीति तय करेगा इस बारे में हमने पॉलिटिकल एक्सपर्ट व पूर्व VC डॉ. किरपाल सिंह औलख से बात की। उनका कहना था- बंगाल चुनाव में BJP की परफॉर्मेंस पंजाब की चुनावी राजनीति को तय करेगा। भाजपा अगर जीत गई तो मानकर चलिए कि 2027 में भाजपा मिशन पंजाब को इनडेप्थ तरीके से लागू करेगी। जो फॉर्मूला बंगाल में कामयाब रहेगा, उसे पंजाब के लिहाज से भी देखा जाएगा। विधानसभा चुनाव नजदीक आने पर AAP में भी टूट दिखाई दे सकती है। यही वजह है कि अभी राघव चड्ढा और संदीप पाठक पंजाब को लेकर बहुत एक्टिव नजर नहीं आ रहे। अभी बैकएंड प्लानिंग होगी, फिर भाजपा मैदान में आएगी और पंजाबियों को यकीन दिलाएगी कि बंगाल में लोगों ने भरोसा किया तो इस बार पंजाब को भी भाजपा को मौका देना चाहिए।
समुद्र में क्रूज शिप पर हंतावायरस फैलने का शक:3 यात्रियों की मौत, अफ्रीका तट पर जहाज रोका गया, यात्रियों को उतरने की इजाजत नहीं

अटलांटिक महासागर में एक क्रूज शिप पर हंतावायरस संक्रमण का संदिग्ध मामला सामने आया है। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई है और कम से कम तीन लोग बीमार हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और दक्षिण अफ्रीका स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को इसकी पुष्टि की। MV होंडियस नाम के इस क्रूजशिप को फिलहाल अफ्रीकी देश केप वर्डे की राजधानी प्राया में रोका गया है। अभी यात्रियों को उतरने की अनुमति नहीं मिली है। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि संक्रमण फैलने के खतरे को नियंत्रित किया जा सके। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, जहाज पर 6 लोगों में संक्रमण जैसे लक्षण मिले हैं। इनमें से एक मामले की पुष्टि लैब में हो चुकी है। एक मरीज दक्षिण अफ्रीका के अस्पताल में आईसीयू में भर्ती है, जबकि दो को जहाज से निकालने की तैयारी की जा रही है। यह भी अभी पता नहीं है कि सभी बीमार लोग हंतावायरस से संक्रमित हैं या नहीं। यह बीमारी आखिर कैसे और कहां से फैली है, इसकी जांच चल रही है। 7 हफ्ते में कई देशों से गुजरा क्रूज नीदरलैंड के झंडे वाला यह क्रूज शिप 20 मार्च को अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ था। इसके बाद यह दक्षिणी ध्रुव के आसपास के इलाकों में गया और फिर अटलांटिक पार करते हुए यूरोप की ओर बढ़ रहा था। इसे सबसे आखिर में स्पेन के कैनरी द्वीप तक पहुंचना था, जो अफ्रीका के पास अटलांटिक में स्थित एक प्रमुख पर्यटन क्षेत्र है। जहाज में कुल 170 यात्री और 71 क्रू सदस्य मौजूद हैं। इनमें एक डॉक्टर भी शामिल है। पहला मृतक 70 साल का एक व्यक्ति था, जिसकी मौत जहाज पर ही हो गई थी। वह अपनी पत्नी के साथ इस यात्रा पर था। इसके बाद उसका शव दक्षिण अटलांटिक में स्थित सेंट हेलेना में उतारा गया। उसकी पत्नी बाद में दक्षिण अफ्रीका पहुंचीं, जहां से उन्हें अपने देश नीदरलैंड लौटना था। लेकिन एयरपोर्ट पर ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, वह बेहोश हो गईं और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई। क्रूज चलाने वाली कंपनी ओशनवाइड एक्सपेडिशंस ने बताया कि तीसरे मृतक का शव अभी भी जहाज पर केप वर्डे में मौजूद है। संक्रमण कैसे फैला, इसकी जांच की जा रही सबसे बड़ा सवाल यह है कि संक्रमण आया कहां से। अर्जेंटीना के जिस इलाके से जहाज रवाना हुआ, वहां हंतावायरस का कोई मामला दर्ज नहीं है। जहाज ऐसे क्षेत्रों में भी नहीं गया जहां यह वायरस आम है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि संक्रमण जहाज के अंदर हो सकता है। चूहों के संपर्क में आने से फैलता है हंतावायरस सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल के मुताबिक, हंतावायरस व्यक्ति के चूहे या गिलहरी के संपर्क में इंसान के आने से फैलता है। यह मुख्य रूप से चूहों में होता है। इसके कारण चूहों में कोई बीमारी नहीं होती, लेकिन इंसानों की मौत हो जाती है। हंतावायरस का 1993 में पहली बार पता चला था। तब अमेरिका में एक कपल संक्रमित होने के कारण मर गया था। इसके बाद कुछ ही महीनों में इस बीमारी से 600 लोगों की मौत हो गई थी। चूहे के यूरिन, मल और लार के संपर्क में आने पर इंसान संक्रमित हो जाते हैं। इसकी वजह से पल्मोनरी सिंड्रोम नाम की बीमारी होती है। यह वायरस तीन तरह से फैलता है- पहला: अगर वायरस का वाहक चूहा किसी इंसान को काट ले, हालांकि ऐसे मामले कम ही सामने आते हैं। दूसरा : किसी जगह या चीज पर मौजूद चूहे का मल-मूत्र या लार के संपर्क में इंसान आता है और अपने नाक-मुंह को छूता है। तीसरा : अगर इंसान ऐसी चीज खाता है जिस पर चूहे का मल-मूत्र या लार मौजूद हो। कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक है हंतावायरस वैज्ञानिकों के मुताबिक, हंतावायरस हवा के जरिए नहीं फैलता फिरभी कोरोना वायरस के मुकाबले ज्यादा खतरनाक है। वैज्ञानिकों ने अब तक हंतावायरस के 5 स्ट्रेन खोजे हैं, इनमें से सबसे ज्यादा खतरनाक अराराक्वॉरा वायरस है जिसका इन्फेक्शन होने पर डेथ रेट 54% पाया गया है। वही, एक दूसरा स्ट्रेन सिन नॉम्ब्रे वायरस है जिसके केस में डेथ रेट 40% है। तीसरा स्ट्रेन हंतान वायरस होता है। इसका डेथ रेट 5-10% के बीच है। इन तीनों में से किसी से इन्फेक्शन होने पर मौत का खतरा कोरोना की तुलना में कहीं ज्यादा हो सकता है। अब तक इसकी वैक्सीन तैयार नहीं हो सकी है और न ही कोई तय इलाज है। ऐसे मरीजों को विशेष केयर की जरूरत होती है और ऑक्सीजन थैरेपी दी जाती है। जितनी जल्दी मामला पकड़ में आता है उतना ही बेहतर है।
फेक वीडियो फैलाने वालों पर भड़के राहुल रॉय:कहा- सड़कों पर रहने वाला लावारिस नहीं, मेरे पास घर-गाड़ी है, पैसे मांगने वालों पर भरोसा न करें

वायरल वीडियो से सुर्खियों में आए राहुल रॉय को लगातार ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है। एक्टर वीडियो पर सफाई दे चुके हैं, इसके बावजूद कई लोग उनका मजाक उड़ा रहे हैं। अब कुछ लोगों ने एक्टर की आर्थिक मदद करने के नाम पर कुछ फेक वीडियो बनाने भी शुरू कर दिए हैं। ये देख एक्टर भड़क गए। उन्होंने हेटर्स और ट्रोलर्स को फटकार लगाते हुए फिर एक बेबाक बयान दिया है। फेक वीडियोज सामने आने पर राहुल रॉय ने भड़कते हुए ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है- आप सभी का धन्यवाद, जिन्होंने मुझ पर अपना प्यार और समर्थन बरसाया। यह मैसेज मेरे सभी हेटर्स, ट्रोलर्स और फेक वीडियो बनाने वालों के लिए है। मैं सुरक्षित हूं और मेरी अच्छी तरह देखभाल मेरी बहन प्रियंका और जीजा रोमीर सेन कर रहे हैं। मैं अपनी बहन के घर मड में रहता हूं। हमारा बहुत प्यारा घर है, और वह मुझसे बहुत प्यार करती हैं, जिससे मैं खुद को दुनिया का सबसे खुशकिस्मत भाई मानता हूं। आगे एक्टर ने लिखा, ‘मेरा जुड़वां भाई कनाडा में रहता है रोहिन रॉय। दुर्भाग्यवश, उनके काम के दबाव के कारण मैं उनसे लगभग 9 साल से नहीं मिल पाया हूं। मेरे पास कपड़े हैं, जूते हैं, खाना है, गाड़ी है, मैं कोई सड़क पर छोड़ा हुआ लावारिस व्यक्ति नहीं हूं। जिस तरह के फेक वीडियो सामने आ रहे हैं, वे बिल्कुल सच नहीं हैं। मेरी बहन और जीजा ने मुझे हर चीज मुहैया कराई है। कृपया उनकी शांति भंग न करें, क्योंकि वही मेरे लिए सबसे अहम हैं।’ आगे राहुल रॉय ने लिखा है, ‘मेरी समस्या बस इतनी है कि मुझे सादगी से रहना और आसान कपड़े पहनना पसंद है, यह मेरी व्यक्तिगत पसंद है। मैं बॉडीगार्ड नहीं रखता, यह भी मेरी अपनी पसंद है। अगर मैं कभी ऑटो से सफर करता हूं, तो वह आसान और तेज होता है, यह भी मेरा फैसला है। मैंने जो रील्स बनाए, वे सादगी से बनाए थे, किसी चालाकी से नहीं। वह मेरा काम था, कोई आर्थिक मदद नहीं। मैं हमेशा मानता हूं कि काम, काम होता है, यह मेरी सोच है, मेरे फैसले मेरी पसंद हैं।’ मैंने लंबे समय तक अच्छे काम का इंतजार किया- राहुल रॉय आखिर में राहुल रॉय ने लिखा, ‘मैंने लंबे समय तक अच्छे काम का इंतजार किया, लेकिन वह नहीं आया। मैं यूं ही बैठकर अपना समय बर्बाद नहीं कर सकता। और हां, मुझे अपने निजी कोर्ट केसों का भी ध्यान रखना पड़ता है। अगर कोई मेरे नाम पर वीडियो बनाकर यह दावा करता है कि वे मेरी मदद कर रहे हैं या मेरे लिए पैसे मांग रहे हैं, तो कृपया उन पर विश्वास न करें। हमेशा विश्वसनीय स्रोतों से ही जांच करें। मेरे, मेरी बहन, और जीजाजी के अलावा किसी पर भरोसा न करें। और और अब तक मैंने किसी भी न्यूज चैनल, मैगजीन, पॉडकास्ट या यूट्यूबर को कोई इंटरव्यू नहीं दिया है। पॉजिटिव रहें। अगर मुझे कोई अच्छी फिल्म मिलती है, तो आप मुझे फिर फिल्मों में देखेंगे। तब तक मेरे द्वारा किए जा रहे काम में मुझे देखते रहें। मैं जिंदा हूं। राहुल रॉय।’ एक वीडियो से चर्चा में आए राहुल रॉय राहुल रॉय का एक इन्फ्लूएंसर के साथ वीडियो वायरल हो गया, जिसके बाद कई लोग एक्टर को जमकर ट्रोल करने लगे। ट्रोलिंग के बीच राहुल रॉय ने सफाई में पोस्ट जारी कर कहा कि उन्हें बिल भरने होते हैं और लीगल मैटर्स की देखरेख करनी पड़ती है, जिसके लिए वो हर तरह का काम कर कमाई कर रहे हैं। एक्टर ने ये भी कहा कि अगर कोई वाकई चिंतित है, तो उन्हें अच्छा काम दिलवा दे।
बीजेपी बनाम टीएमसी पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026: ममता बाहर की राह पर? सुबह 10 बजे की गिनती के रुझान क्या कहते हैं | भारत समाचार

आखरी अपडेट:04 मई, 2026, 10:01 IST पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) मुश्किल में फंसती नजर आ रही है, इसकी तुलना में वह केवल 107 सीटों पर आगे चल रही है। 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 सीटों का है। वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू हुई. (पीटीआई) क्या ममता बनर्जी खो देंगी अपना ताज? पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026 भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राह पर आगे बढ़ता दिख रहा है, सुबह 10 बजे की शुरुआती गिनती के रुझानों के अनुसार भगवा पार्टी 142 सीटों पर आगे चल रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) मुश्किल में दिख रही है, वह इसकी तुलना में केवल 107 सीटों पर आगे चल रही है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये शुरुआती गिनती के रुझान हैं। 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 सीटों का है। वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू हुई. विधानसभा चुनाव 2026 में पश्चिम बंगाल का झुकाव किस ओर है, यह जानने के लिए यहां टीएमसी बनाम बीजेपी लाइव अपडेट देखें। शुरुआती रुझानों पर टिप्पणी करते हुए, पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि उन्हें राज्य में भारी जीत का भरोसा है। भट्टाचार्य ने कोलकाता में एक मतगणना केंद्र के बाहर कहा, “राज्य के लोगों ने पहले ही तृणमूल कांग्रेस सरकार को खारिज कर दिया है, और कुछ ही घंटों में, सीटों का भारी बहुमत इस बात की पुष्टि कर देगा कि ममता बनर्जी और लोगों के बीच लड़ाई में, लोगों ने ममता बनर्जी को खारिज कर दिया है।” ममता बनर्जी की टीएमसी पश्चिम बंगाल में लगातार चौथी बार सत्ता में आने की उम्मीद कर रही है, जबकि भाजपा राज्य में अपनी पहली सरकार बनाकर इतिहास रचने की उम्मीद कर रही है। हाई-वोल्टेज मतदान चक्र के बाद आज, सोमवार, 4 मई को पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में वोटों की गिनती हो रही है। चुनाव परिणाम टीएमसी और डीएमके जैसे प्रमुख सत्तारूढ़ क्षेत्रीय दलों के साथ-साथ भाजपा, कांग्रेस और वाम दलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे। वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू हुई, जिसकी शुरुआत डाक मतपत्रों से हुई। पश्चिम बंगाल चुनाव में इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा तैनाती देखी गई और नतीजे वाले दिन तक कटुता भरी स्थिति रही, सत्तारूढ़ टीएमसी और विपक्षी भाजपा दोनों ने वोटों में कथित हेरफेर पर आशंका व्यक्त की। पश्चिम बंगाल में दो चरणों का चुनाव 29 अप्रैल को समाप्त हुआ, जिसमें आज़ादी के बाद से अब तक का सबसे अधिक 92.47% मतदान हुआ। दक्षिण 24 परगना जिले के एक निर्वाचन क्षेत्र, फाल्टा में “गंभीर चुनावी अपराधों” के कारण चुनाव रद्द कर दिया गया था और 21 मई को वहां नए सिरे से चुनाव होंगे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) मुख्य विपक्षी भाजपा की उत्साही चुनौती पर काबू पाकर लगातार चौथी बार जीत हासिल करने की उम्मीद कर रही है, जबकि सीपीआई (एम) और कांग्रेस 2021 के चुनावों में अपने सफाए के बाद फिर से पैर जमाने की कोशिश कर रही हैं। हुमायूं कबीर की एजेयूपी और असदुद्दीन ओवसी की एआईएमआईएम जैसी छोटी पार्टियां भी कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी किस्मत आजमा रही हैं। भारत के चुनाव आयोग (ईसी) ने बहुस्तरीय सुरक्षा ग्रिड स्थापित करते हुए इस वर्ष मतगणना केंद्रों की संख्या पहले घोषित 87 से घटाकर 77 कर दी है, और 2021 में 108 कर दी है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : पश्चिम बंगाल, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया बीजेपी बनाम टीएमसी पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026: ममता बाहर की राह पर? सुबह 10 बजे की गिनती के रुझान क्या कहते हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
सेंसेक्स 600 अंक बढ़कर 77,500 के स्तर पर पहुंचा:निफ्टी में भी 200 अंक की तेजी, यह 24,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा

देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बीच हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज (4 मई) भारतीय शेयर बाजार में तेजी है। सेंसेक्स 600 अंक की तेजी के साथ 77,500 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 200 अंक की तेजी है, यह 24,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। एशियाई बाजार में आज तेजी रही 1 मई को अमेरिकी बाजार में गिरावट रही थी गुरुवार को 583 अंक गिरा था भारतीय शेयर बाजार बीते हफ्ते गुरुवार, 30 अप्रैल को सेंसेक्स में 583 अंक (0.75%) की गिरावट रही। ये 76,913 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 180 अंकों (0.74%) की गिरावट रही, ये 23,998 के स्तर पर बंद हुआ था। कारोबार में आईटी में सबसे ज्यादा खरीदारी रही, जबकि मेटल और सरकारी बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली थी।
हेल्दी गट के लिए मॉर्निंग रूटीन में शामिल करें ये 5 बदलाव; पूरा दिन पेट रहेगा हल्का, शरीर में बनी रहेगी भरपूर एनर्जी!

Healthy Gut Habits : क्या आप जानते हैं कि आपका पेट केवल खाना पचाने का काम नहीं करता, बल्कि यह आपके मूड, एनर्जी लेवल और इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) का भी आधार है? आजकल ‘गट हेल्थ’ (Gut Health) यानी पेट के सेहत पर काफी चर्चा हो रही है. दरअसल, हमारे पेट में लाखों-करोड़ों छोटे जीव (microorganisms) रहते हैं, जिन्हें ‘गट माइक्रोबायोम’ कहा जाता है. इनमें अच्छे और बुरे दोनों तरह के बैक्टीरिया होते हैं. जब ये अच्छे बैक्टीरिया बैलेंस में होते हैं, तो हमारा पाचन बेहतर होता है, सूजन कम होती है और दिमाग भी बेहतर काम करता है. लेकिन अगर पेट की सेहत बिगड़ जाए, तो इसका असर केवल पेट दर्द तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह डायबिटीज, हृदय रोग और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं का कारण भी बन सकता है. अच्छी खबर यह है कि पेट को हेल्दी रखना मुश्किल नहीं है. आयोवा क्लिनिक की गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. मेहविश अहमद के अनुसार, आप अपनी जीवनशैली में 5 छोटे बदलाव करके एक स्वस्थ पाचन तंत्र पा सकते हैं. पेट की सेहत बेहतर रखने के लिए अपनाएं ये आदत- आप अपनी जीवनशैली में 5 छोटे बदलाव करके एक स्वस्थ पाचन तंत्र पा सकते हैं. 1. फाइबर को धीरे-धीरे अपनी डाइट में बढ़ाएंफाइबर पेट का सबसे अच्छा दोस्त है. यह न केवल पाचन को सुचारू रखता है, बल्कि पेट के अच्छे बैक्टीरिया का भोजन भी है. फाइबर के लिए आप फल, सब्जियां, साबुत अनाज (ओट्स, ब्राउन राइस), दालें और नट्स का सेवन करें. सलाह: “ज्यादातर लोग पर्याप्त फाइबर नहीं खाते. लेकिन ध्यान रहे, अचानक बहुत सारा फाइबर खाना शुरू न करें, वरना गैस और मरोड़ की समस्या हो सकती है. धीरे-धीरे इसकी मात्रा बढ़ाएं ताकि आपका शरीर तालमेल बिठा सके.” 2. खुद को हाइड्रेटेड रखेंपानी फाइबर को अपना काम करने में मदद करता है. यह आंतों की अंदरूनी परत को हेल्दी रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है. दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं. अगर आपको सादा पानी पसंद नहीं है, तो खीरा, तरबूज और अजवाइन जैसी पानी से भरपूर चीजों का सेवन करें. कैफीन और शराब से बचें, क्योंकि ये शरीर को डिहाइड्रेट कर सकते हैं. 3. संतुलित और वेरायटी आहार लेंआपका पेट एक बगीचे की तरह है, जिसमें जितनी ज्यादा वेरायटी होगी, वह उतना ही फलेगा-फूलेगा. इसके लिए ‘भूमध्यसागरीय आहार’ (Mediterranean diet) सबसे अच्छा माना जाता है. क्या खाएं: रंग-बिरंगे फल, सब्जियां, मछली, दालें और बीज.किससे बचें: अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड, पैकेट बंद स्नैक्स, ज्यादा चीनी वाले ड्रिंक्स और फास्ट फूड. ये चीजें पेट के बैक्टीरिया का बैलेंस बिगाड़कर सूजन (inflammation) बढ़ाती हैं. 4. तनाव को कम करेंक्या आपने कभी महसूस किया है कि तनाव होने पर पेट में अजीब सी हलचल होती है? ऐसा इसलिए क्योंकि हमारा दिमाग और पेट एक-दूसरे से सीधे जुड़े होते हैं. ज्यादा तनाव लेने से पाचन धीमा हो जाता है और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. तनाव कम करने के लिए ध्यान (Meditation), गहरी सांस लेने के व्यायाम और भरपूर नींद लें. 5. शरीर को एक्टिव रखेंव्यायाम केवल वजन घटाने के लिए नहीं, बल्कि पेट के लिए भी जरूरी है. फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाने से खाना पाचन तंत्र में आसानी से आगे बढ़ता है. एक्सपर्ट के मुताबिक, “जो मरीज एक्टिव रहते हैं, उन्हें पाचन संबंधी शिकायतें कम होती हैं.” रोजाना सिर्फ 30 मिनट की पैदल सैर भी आपके पेट के लिए जादू जैसा काम कर सकती है. डॉक्टर से कब मिलें?कभी-कभी अच्छी आदतों के बावजूद कुछ लक्षण गंभीर हो सकते हैं. अगर आपको नीचे दी गई समस्याएं महसूस हों, तो विशेषज्ञ (Gastroenterologist) से जरूर मिलें: -लगातार पेट फूलना, गैस या दर्द रहना.-मल त्याग की आदतों में बदलाव (जो हफ्तों तक बना रहे).-मल में खून आना.-बिना कारण वजन कम होना.-लगातार सीने में जलन या एसिड रिफ्लक्स. हेल्दी गट आपके खाने और लाइफ स्टाइल की आदतों पर निर्भर करता है. आज ही से इन 5 आदतों को अपनाएं और अपने शरीर में आने वाले सकारात्मक बदलावों को महसूस करें. याद रखिए, एक खुशहाल पेट ही एक खुशहाल जीवन की शुरुआत है!
पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजे 2026: बंगाल की रिपोर्टिंग पर टीएमसी का पहला रिएक्शन- ‘हम बंदूक लेकर नहीं आए, बिना पूछे हमसे…’

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की सैद्धांतिक पर सैद्धांतिक कांग्रेस (टीएमसी) की पहली प्रतिक्रिया आई है। उम्मीदवार उम्मीदवार शशि पांजा ने आरोप लगाया है कि उनके काउंटी सेंटर पर कागज-चिकनाकर फेंक दिया गया है। उन्होंने सवाल किया कि हम लोग बंदूक लेकर क्यों आये हैं, हम यहां दंगा करने क्यों आये हैं। पश्चिम बंगाल के 293 जिलों में सोमवार (4 मई, 2026) को शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और शुरुआती रुझानों में नजर आ रही है। उधर, मातृभाषा को लेकर दोनों मित्र अत्यंत उत्सुक हैं और काफी सक्रिय दिख रही हैं। श्यामपुकुर विधानसभा सीट से निचले दावेदार शशि पांजा भी तृतीयक केंद्र। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ‘हम काउंटिंग का रिकॉर्ड रखने के लिए कागज के साथ लाए थे।’ यह चुनाव आयोग का काम है, लेकिन हमें वो कागज-पीनकर फेंकना पड़ा। क्या हम यहां दंगे करने आये हैं? हम क्या गोला-बारूद और परमाणु बम लेकर आए हैं?’ उधर, चुनाव आयोग पर वीवीपैट पेपर के टुकड़े फेंके गए का भी बयान आया है। चुनाव आयोग का कहना है कि जो वीवीपैट पेपर के टुकड़े सामने आए, वो वोटिंग से पहले दिए गए मॉक पोल से संबंधित हैं, न कि वोटिंग के दिन असल चुनाव से। चुनाव आयोग ने कहा कि विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और आवश्यक कार्रवाई के लिए आवेदन याचिका भी दर्ज की गई है। यह भी पढ़ें:- चुनाव परिणाम 2026: बंगाल-असम से लेकर केरल-तमिलनाडु तक, किसकी हो रही जीत? फ़लोदी सट्टा बाज़ार का बाज़ार वाला अनुमान शशि पांजा ने रविवार को भी इंटरमीडिएट इंदौर स्टेडियम स्थित स्ट्रांग रूम का दौरा किया और कई गंभीर सवाल जवाब किये। उन्होंने कहा कि हाल ही में कई असामान्य घटनाएं सामने आई हैं. दक्षिण 24 परगना जिले में सामूहिक मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर अधिकारियों की टेबलें चलीं, जिसमें आपराधिक अधिकारी भी शामिल थे। यह भी पढ़ें:- चुनाव परिणाम 2026 विजेता लाइव: बंगाल से असम तक, कौन जीता कौन हारा, पढ़ें फुल विनर्स लिस्ट उन्होंने कहा कि इसके अलावा, माइक्रो-ऑब्जर्वर्स की भारी मात्रा में स्पार्क्स की गई है, जो आम तौर पर इस स्तर पर देखने को नहीं मिलती है। ऐसे कई कदम पहली बार पश्चिम बंगाल में देखने को मिल रहे हैं। स्ट्रॉन्ग रूम लेकर आए विवाद पर उन्होंने कहा कि दो दिन पहले जब स्ट्रॉन्ग रूम का दरवाजा खुला था, तो अंदर कुछ अज्ञात लोग मौजूद थे। उन्होंने सवाल उठाया कि ये लोग कौन थे, क्योंकि किसी भी राजनीतिक दल को उनकी जानकारी नहीं थी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वहां पिंक कलर के लिफाफे मौजूद थे, जिसका उपयोग आम तौर पर पोस्टल बैलेट के लिए किया जाता है।







