Tuesday, 08 Sep 2026 | 01:03 AM

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भोपाल में टाॅवर पर चढ़ा युवक,रात में कांग्रेस का धरना:सुबह मानस भवन के पीछे से हटेंगी 27 झुग्गी; 8 SDM-तहसीलदार समेत 95 की ड्यूटी लगाई

भोपाल में टाॅवर पर चढ़ा युवक,रात में कांग्रेस का धरना:सुबह मानस भवन के पीछे से हटेंगी 27 झुग्गी; 8 SDM-तहसीलदार समेत 95 की ड्यूटी लगाई

भोपाल में पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन की बस्ती हटाने के विरोध में एक युवक पॉलिटेक्निक चौराहे पर टावर पर चढ़ गया। वहीं, झुग्गियों को हटाने के विरोध में कांग्रेस मैदान में उतर गई है। रात में ही लोगों के साथ पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, नगर निगम ने नेता प्रतिपक्ष शाबिस्ता जकी समेत कई कांग्रेसी धरने पर बैठे हैं। जकी ने बताया कि झुग्गियां हटाए जाने को लेकर हम प्रदर्शन कर रहे हैं। दरअसल, यहां बसे 27 झुग्गी परिवारों को शनिवार सुबह हटाया जा सकता है। इसके लिए एडीएम सुमित कुमार पांडेय ने 4-4 एसडीएम, तहसीलदार समेत कुल 95 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। एक बार कार्रवाई कैंसिल हो चुकी है। कांग्रेस के विरोध के चलते यहां भारी-भरकम पुलिस अमला भी तैनात होगा। करीब चार महीने भी इन झुग्गियों को हटाने की कवायद हुई थी, लेकिन कांग्रेस हाईकोर्ट से स्टे ले आई थी। इसके बाद यहां जश्न मना था। इनकी ड्यूटी लगी बैरागढ़ एसडीएम रविशंकर राय, एमपी नगर एसडीएम एलके खरे, शहर वृत्त एसडीएम दीपक पांडे और टीटी नगर एसडीएम अर्चना शर्मा की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा तहसीलदार यशवर्धन सिंह, करुणा दंडोतिया, सौरभ वर्मा, अनुराग त्रिपाठी समेत 9 नायब तहसीलदार, 10 राजस्व निरीक्षक और 68 पटवारियों को भी तैनात किया गया है। जीतू पटवारी भी जा चुके बस्ती में बता दें कि पूर्व में जिला प्रशासन का परिवारों को मालीखेड़ी में शिफ्ट करने का प्लान था। 25 दिसंबर 2025 को इन्हें एसडीएम ने बेदखली के आदेश जारी किए थे। इस मुद्दे पर कांग्रेस भी मैदान में उतर गई थी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी बस्ती में पहुंचे और उन्हें कार्रवाई का विरोध जताया था। यहां होना है कार्रवाई यहां पर खसरा नंबर-1413/1 रकबा 31.5130 हेक्टेयर नोईयत वन अंशभाग 5613 वर्ग फीट के अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई होना है। यह इस साल की बड़ी कार्रवाई होगी। पूर्व सीएम, प्रदेश अध्यक्ष तक उतर चुके मैदान में मानस भवन के पीछे झुग्गी में रहने वाले परिवारों की शिफ्टिंग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष पटवारी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा समेत कांग्रेस सवाल खड़े कर चुकी हैं। कांग्रेस ने कार्रवाई का विरोध जताया था। प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने एडीएम को खरी-खोटी सुनाई थी। तीन जगहों पर शिफ्टिंग का अनुमान इन परिवारों को भौंरी, कलखेड़ा, और मालीखेड़ी में बने आवासों में शिफ्ट किया जाएगा। यहां पर लोगों को निशुल्क, यानी बिना राशि लिए, ये आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। आवास की राशि 2 लाख प्रति परिवार मानस भवन प्रबंधन उठाएगा। राशि पूर्व में ही जमा की जा चुकी है। 70 साल पुरानी है ये बस्ती यह बस्ती लगभग 70 साल पुरानी है। यहां 27 से अधिक आदिवासी और कुछ गैर-आदिवासी परिवार रहते हैं। शासन ने 25 अगस्त-25 को नोटिस जारी किया और कहा गया कि सात दिन में जगह खाली करें। यहां 27 परिवारों के 200 से ज्यादा लोग रहते हैं। दीवाली के दौरान शिफ्टिंग का विरोध भी हुआ था। कार्याध्यक्ष शर्मा ने कहा-हमने राशि भी जमा करवा दी पूर्व में जब कार्रवाई स्थगित हुई थी, तब मानस भवन के कार्याध्यक्ष रघुनंदन शर्मा ने कहा भास्कर से चर्चा में कहा था कि 27 परिवार में से आधे भी आदिवासी नहीं है। भार्गव, साहू, दांगी जैसे गोत्र वाले आदिवासी कैसे हो गए? हमने तो बस्ती वालों की मदद और उन्हें मकान का मालिकाना हक दिलाने के लिए प्रशासन को 54 लाख रुपए जमा करा दिए। हमारी जमीन पर अनाधिकृत कब्जा है। वो हमें दी जाए। झुग्गियां हटे या नहीं, इसे लेकर हमें कोई लेना-देना नहीं है। जिस बिल्डिंग में मानस भवन, उसका लोकार्पण दिग्विजय ने किया तुलसी मानस प्रतिष्ठान का लोकार्पण 30 मार्च 2003 को हुआ था। महामंडलेश्वर स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी, राज्यपाल डॉ. भाई महावीर मुख्य अतिथि थे, जबकि अध्यक्षता पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने की थी। विशिष्ठ अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ल, तत्कालीन संस्कृति मंत्री अजय सिंह थे। अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि मानस भवन संस्था गरीबों के हितों में काम करती है।

Bad food combinations: गलती से भी तरबूज के साथ ना खाएं ये 4 चीजें, पेट में मच जाएगी खलबली, दिमाग पर भी होगा सीधा हमला

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Bad food combinations with watermelon: एक-दो दिन पहले मुंबई से एक ऐसी हैरान कर देने वाली खबर सामने आई थी, जिसमें एक ही परिवार के चार सदस्यों की तरबूज खाने के बाद मौत हो गई. खबरों के अनुसार, पहले परिवार ने बिरयानी खाई और फिर तरबूज, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई और मृत्यु हो गई. इस खबर से हर कोई सन्न है. जहां कुछ दिनों पहले तक लोग बड़े चाव से हर दिन गर्मियों के इस फल को खाते थे, अब उसे खाने में डर रहे हैं. पानी से भरपूर तरबूज वैसे तो सेहत को कई लाभ देता है. खासकर, गर्मियों में ये शरीर को हाइड्रेटेड रखता है. पाचन सही रखता है. पेट साफ करता है. लेकिन, कुछ भी खाने का सही लाभ तभी मिलता है, जब उसे सही मात्रा, सही समय और सही कॉम्बिनेशन के साथ खाया जाए. तरबूज भी आप खाएं, लेकिन उसे खाने का सही समय, तरीका और सही-गलत फूड कॉम्बिनेशन को ध्यान में रखकर ही खाएं. तरबूज खाने का सही समय क्या है? खासकर गर्मियों के मौसम में खानपान पर और भी अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है, क्योंकि अधिक तापमान से भोजन जल्दी खराब हो जाता है. कुछ लोग तरबूज का आधा खाते हैं और बाकी का आधा हिस्सा फ्रिज में रख देते हैं. यह दो दिनों तक ऐसे ही पड़ा रहता है. याद रखें, इस फल में नमी होने के कारण बैक्टीरिया जल्दी पनप सकते हैं. ऐसे में कटे हुए तरबूज को देर तक बाहर भी न रखें, वरना इसमें साल्मोनेला या ई. कोलाई जैसे बैक्टीरिया पनप सकते हैं. तरबूज को शाम या रात में खाने से परहेज करें. कभी भी हेवी भोजन करने के तुरंत बाद इसे ना खाएं. कोशिश करें सुबह या दिन में तरबूज खाएं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. तरबूज को किन चीजों के साथ नहीं खाना चाहिए? – तरबूज का सेवन कभी भी हाई प्रोटीन से भरपूर फूड्स के साथ नहीं करना चाहिए. इससे कुछ लोगों में पाचन संबंधित समस्याएं जैसे ब्लोटिंग, अपच, पेट फूलने की शिकायत शुरू हो जाती है. तरबूज आसानी से पचने वाला फल है, प्रोटीन को पचने और टूटने में समय लगता है. ऐसे में आप चिकन, मछली, अंडा, पनीर आदि के साथ या इन्हें खाते ही तुरंत बाद तरबूज न खाएं. -काफी लोग तरबूज खाने के तुरंत बाद ही पानी भरपेट पी लेते हैं. यह सही आदत नहीं है. पानी पिएंगे तो पेट फूल जाएगा. एक तो तरबूज खुद ही पानी से भरपूर फल होता है, ऐसे में आप ऊपर से और पानी पी लेंगे तो पेट फूला हुआ ही महसूस होगा. इससे पेट के पीएच लेवल पर भी नेगेटिव असर पड़ता है. -आप दही, दूध से बने अन्य पदार्थों के साथ भी तरबूज का सेवन करने से बचें. इस फल में अधिक पानी होने के कारण यह पेट में मौजूद एसिड को पतला कर देता है. इससे दूध से बने खाद्य पदार्थों को पचने में समस्या होती है. इन डेयरी प्रोडक्ट्स को पचने के लिए पर्याप्त एसिड की जरूरत होती है. इससे आपको पेट संबंधित कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं. -अक्सर एक्सपर्ट भी बोलते हैं कि तरबूज को खट्टे फलों जैसे संतरा, मौसमी, नींबू आदि के साथ खाना अनहेल्दी हो सकता है. इससे आपको अपच की प्रॉब्लम हो सकती है. जिनकी पाचन शक्ति पहले से ही कमजोर है, वे तरबूज खाते समय इन फूड्स का सेवन बिल्कुल भी न करें.

केरल के डिजिटल पोल में यूडीएफ की जीत, केसी वेणुगोपाल को सीएम बनाने पर कांग्रेस के अंदर उठ रहे सवाल

केरल के डिजिटल पोल में यूडीएफ की जीत, केसी वेणुगोपाल को सीएम बनाने पर कांग्रेस के अंदर उठ रहे सवाल

केरल में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद अब 4 मई को आने वाले विपक्षियों पर टिकी हुई है। केरल में अधिकांश बहुमत पोल में कांग्रेस पार्टी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की जीत नजर आ रही है। इसके साथ ही कांग्रेस के अंदर केरल के सीएम को लेकर हलचल भी तेज हो गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक बबीता ने कहा कि अगर केसी वेणुगोपाल केरल के मुख्यमंत्री बने तो विधानसभा चुनाव में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक मोर्चा (यू पब्लिक) की जीत होने पर उन्हें जरूरी प्रक्रिया से जिला बनाना होगा। केरल में सीएम को लेकर क्या बोले कांग्रेस नेता केरल के पूर्व प्रभारी और बिहार के रिपब्लिकन से मिनियन तारिक के बयान से यह बात स्पष्ट हो गई है कि यू एफसी ने केरल में जीत हासिल की है और डिजिटल पोल से यह स्पष्ट है। उन्होंने शुक्रवार (1 मई 2026) को कहा, ‘केरल में कांग्रेस की जीत में कोई संदेह नहीं है।’ उन्होंने कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछे जाने पर कहा कि पार्टी की सर्वोच्च कमान ही सत्य निष्ठा के लिए उपयुक्त व्यक्ति का चयन है। तारिक अख्तर ने प्रक्रिया का विवरण देते हुए कहा कि आला कमान में एक नियुक्त पर्यवेक्षक, जो प्रमुख दल की बैठक बुलाएगा और अगर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री पद के दावेदार पर सहमति बनती है तो इसकी सूचना अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (मंचएलसी) को दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘अला आदेश अंतिम निर्णय.’ इस पद पर वेणुगोपाल के मुख्यमंत्री बनने की घोषणा करते हुए कहा गया है कि अगर कांग्रेस के नेता (संगठन) की मान्यता है, तो उन्हें आवश्यक प्रक्रिया का पालन करना होगा। उन्होंने कहा, ‘अगर विधायक दल, आला कमान को अंतिम निर्णय लेने का अधिकार देता है, तो इस पर विचार किया जाएगा।’ वोटों की गिनती की प्रक्रिया पूरी: चुनाव आयोग चुनाव आयोग ने शुक्रवार को कहा कि केरल में नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में पढ़े गए आरोपों की गणना से संबंधित सभी गड़बड़ियां पूरी कर ली गई हैं। केरल के मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स अधिकारी (सीईओ) रत्न यू.एस. केलकर ने एक बयान में कहा कि तृतीय चार मई को सुबह आठ बजे 43 स्थानों पर स्थित 140 नियुक्तियों पर काम शुरू होगा और इस प्रक्रिया में कुल 15,465 कर्मचारी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि इन नामांकन में 140 चुनाव अधिकारी (आरओ), 1,340 सहायक चुनाव अधिकारी, 4,208 पर्यवेक्षक, 4,208 प्राथमिक सुपर इंजीनियर और 5,563 सहायक चुनाव अधिकारी शामिल हैं। सीईओ ने बताया कि वोटों की गिनती पोस्टकार्ड से शुरू होगी और एक चरण में ज्यादातर 14 बूथों की गिनती की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन कक्षों में मतदान सामग्री साझा की गई है, उन्हें शामिल किया गया है या उनके विशेष सचिव, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग (ईसीआई) द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक और संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में खुलासा किया जाएगा और इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। ये भी पढ़ें: 7 साल के लड़के ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, भारत से 29 KM के समुद्र तट से 10 घंटे में पार किया पार Input By : pl भाषा (टैग्सटूट्रांसलेट)केसी वेणुगोपाल(टी)तारिक अनवर(टी)यूडीएफ(टी)केरल चुनाव 2026(टी)केसी वेणुगोपाल(टी)तारिक बबासी(टी)यू फेसबुक (टी)केरल चुनाव 2026

‘कम से कम 10 बार खुल गया’, काउंटींग से पहले बंगाल में स्ट्रांगरूम कंसोल पर सेमेस्टर ब्रेक; बीजेपी ने भी लगाया आरोप

'कम से कम 10 बार खुल गया', काउंटींग से पहले बंगाल में स्ट्रांगरूम कंसोल पर सेमेस्टर ब्रेक; बीजेपी ने भी लगाया आरोप

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में गणना से पहले अर्थशास्त्र अपने उफान पर है। इस बार पैरा स्ट्रांगरूम को लेकर चढ़ा हुआ है। ऐसे में पहले चुनाव आयोग से जुड़ी कई खबरों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच बीजेपी और मशीनरी में इंजीनियरिंग जंग जारी है। शुक्रवार को भी स्ट्रांगरूम में गड़बड़ी का आरोप सामने आया है. इस बार ये आम आदमी पार्टी की तरफ से जगह दी गई। इससे पहले गुरुवार को खुदीराम अनुशीलन केंद्र के अंदर आपदा संकट के आरोप के बीच बंदूकधारी ने हमला कर दिया था. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, शुक्रवार को बीजेपी नेताओं ने विधाननगर के सब-डिविजनल ऑफिसर (एसडीओ) से शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मजबूत कमरा बिना किसी आधिकारिक दस्तावेज के खोला गया था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस मामले में छह अधिकारियों को निलंबित किया गया है. बीजेपी नेता शरदवत मुखोपाध्याय ने क्या लगाया आरोप बीजेपी नेता और विधाननगर के उम्मीदवार शरदवत मुखोपाध्याय ने कहा है कि स्ट्रांग रूम को तय समय से पहले ही खोल दिया गया था. इसे कम से कम 10 बार खोला जा सकता था। मुखोपाध्याय ने कहा कि यहां हमारा एक मजबूत कमरा है। हमें एक योजना दी गई थी. इसमें बताया गया था कि इसे कब खोला जाएगा। उसी के अनुसार, हम सब समय पर वहाँ पहुँच गये। वहां पहुंचने पर देखा कि सबसे पहले स्ट्रॉन्ग रूम ही खुला था। उस समय वह खुल नहीं रहा था, बल्कि वह पहले ही खुल गया था। हमने सवाल उठाया कि जब काम ठीक से शुरू ही नहीं हुआ तो इसे इतनी जल्दी क्यों खत्म कर दिया गया? बाद में हमसे पूछताछ में बताया गया कि इस स्ट्रॉन्ग रूम को एक या दो बार नहीं, बल्कि इससे पहले कम से कम दस बार खोला जा सकता है। वह हमारे किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं दे पाए हैं। ग्राउंडओवर ने गुरुवार को हड़ताल की थी इससे पहले गुरुवार को बंगाल में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था. यह घटना मतदान के दूसरे और अंतिम चरण के ठीक एक दिन पहले हुई थी। यहां इंदौर ने सेंट्रल कोलकाता के कुछ स्ट्रांग रूम में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। इसके बाद यूनिवर्सल घोष और शशि पांजा ने खुदीराम अनुशीलन केंद्र पर धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुपरमार्केट के लाइव फुटेज में स्ट्रैंग रूम के अंदर बाहरी लोग दिखाई देते हैं। यह स्कूल में राखी बैलेट पेपर्स के साथ टिकट कर रहे थे। पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक दोपहर 3.30 बजे तक स्ट्रॉन्गरूम के बाहर मौजूद थे। घोष ने बताया कि अचानक एक ईमेल भेजा गया था जिसमें बताया गया था कि स्ट्रॉन्गरूम शाम 4 बजे फिर से खोला गया था। हमने अपने लाइसेंस से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि वे जा चुके हैं. फिर हम यहां जल्दी से यहां पहुंचे। अब हमें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। बीजेपी को बुलाया जा रहा है. ममता बनर्जी ने लगाया बड़ा आरोप इधर, इस पूरी घटना के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि आपको मातृभाषा शिक्षण की पहरेदारी करनी चाहिए। यदि आवश्यक हुआ, तो मैं भी अपने क्षेत्र की चौकीदारी कर सकता हूँ। बँगले को स्वयं पहरेदारी करनी चाहिए। जागते रहो. अगर मैं ऐसा कर सकता हूं, तो आप भी कर सकते हैं। ईवीएम के परिवहन के दौरान सुविधा को बदलने की एक योजना है। इसे उद्यम में न लें. मुझे पक्का पता है कि टेलीविजन पर विज्ञापन सर्वेक्षण के आंकड़े रविवार दोपहर 1.08 बजे भाजपा के एक कार्यालय से प्रसारित किये गये थे। मीडिया के एक वर्ग पर इसे प्रकाशित करने का दबाव डाला गया था। हमारी संख्या 230 तक भी पहुंच सकती है. हम निश्चित रूप से 226 के आंकड़े पार कर रहे हैं। ये भी पढ़ें: बंगाल विधानसभा चुनाव: 2 मई से 15 बजे तक मतदान, सुबह 7 से शाम 6 बजे तक मतदान

गर्मियों में कांजी वड़ा रेसिपी: चिलचिलाती गर्मी में घर पर बनाएं राजस्थानी कांजी वड़ा, न शौकीन लू, न होगी बदहजमी; शरीर रहेगा ठंडा-ठंडा

तस्वीर का विवरण

विवरण के लिए: 1 कप ढीली मूंग दाल, 1-2 हरी मिर्च, 1/2 छोटा कद्दूकस, नमक स्वाद मसाला, तलने के लिए तेल छवि: मेटा एआई कांजी के लिए: 4 कप पानी, 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच हल्दी, 1 छोटा चम्मच हल्दी, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी छवि: एआई बनाने की विधि: सबसे पहले वड़ा तैयार करेंगे। इसके लिए मूंग दाल 4-5 घंटे की छूट देती है। फिर इसे प्लास्टिक में पीसकर चाकू बैटर बना लें। इसमें हरी मिर्च, अदरक और नमक के टुकड़े से स्टॉल। छवि: एआई आटे में तेल गर्म करें और छोटे-छोटे वड़े तल लें। वड़ोदरा को 10 मिनट के लिए गुनगुने पानी में, फिर लम्बाई में पूरा पानी निकाल लें। छवि: एआई कांजी तैयार करने के लिए बड़े पैमाने पर एक बर्तन में पानी लें। इसमें नमक, लाल मिर्च, हल्दी, हींग और पीसी हुई राय कैथेड्रल बढ़िया से पकडे गये। अब तैयार हो जाओ वड्डे डाल डे में। छवि: एआई 2-3 दिन के लिए फ़्लोरिडा को उगाने या कमरे के तापमान पर रख दें, ताकि इसमें हल्के खटास आ जायें। जब कांजी में मसाले आ जाएं, तो इसे ठंडा करके सर्व कर सकते हैं। छवि: एआई यह स्वाद में बहुत ही ताजगी भरा लगता है और गर्मी से शरीर को तुरंत राहत मिलती है। यह शरीर को ठंडक देता है। इसके अलावा पाचन तंत्र भी बेहतर काम करता है। साथ ही, लू से बचाव करता है और भूख बढ़ाने में मदद करता है। छवि: एआई कांजी को रोज एक बार हिलाते रहो ताकि स्वाद अच्छा बने। ज्यादा कट्टा पसंद हो तो 1 दिन और जगह। साफा और पोर्शन का ही इस्तेमाल करें। छवि: एआई

नर्मदापुरम में FCI के रिजेक्शन पर भड़के सांसद दर्शन चौधरी:10 ट्रक लौटने पर बोले- सब गेहूं सिलेक्ट करो, रिजेक्ट नहीं; अफसरों को मौके पर बुलाया

नर्मदापुरम में FCI के रिजेक्शन पर भड़के सांसद दर्शन चौधरी:10 ट्रक लौटने पर बोले- सब गेहूं सिलेक्ट करो, रिजेक्ट नहीं; अफसरों को मौके पर बुलाया

नर्मदापुरम सांसद दर्शन सिंह चौधरी शुक्रवार रात करीब 8 बजे अनाज मंडी स्थित गेहूं उपार्जन केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने खरीदी व्यवस्था का निरीक्षण किया और किसानों व कर्मचारियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान रायपुर सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक दीपक थापक और नर्मदांचल विपणन सहकारी संस्था के प्रबंधक जीतू राजपूत ने बताया कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा बड़ी मात्रा में गेहूं रिजेक्ट किया जा रहा है। इसके चलते नर्मदांचल संस्था के 7 ट्रक और रायपुर सोसायटी के 3 ट्रक एफसीआई गोदाम से वापस लौटा दिए गए, जिससे किसानों का भुगतान अटक गया है। इस पर सांसद ने तुरंत जिला पंचायत सीईओ हिमांशु सिंह, नागरिक आपूर्ति निगम के डीएम वासुदेव डवडे, नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक सुरेश सनखेरे को मंडी कार्यालय बुलाकर स्थिति की जानकारी ली। “रिजेक्शन नहीं, समाधान पर ध्यान दें” अधिकारियों ने बताया कि गेहूं एफएक्यू (FAQ) मानक का नहीं होने के कारण रिजेक्ट किया गया। इस पर सांसद चौधरी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हार्वेस्टर से कटाई में थोड़ी बहुत मिट्टी आना स्वाभाविक है, इसे आधार बनाकर गेहूं रिजेक्ट करना उचित नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि साफ-सफाई, छनाई और अन्य उपाय कर गेहूं को मानक के अनुरूप तैयार किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ध्यान रिजेक्शन पर नहीं, बल्कि अधिक से अधिक गेहूं को स्वीकार (सेलेक्ट) करने पर होना चाहिए। व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश सांसद ने उपार्जन केंद्र पर किसानों की सुविधाओं को लेकर भी कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाए। पीने के पानी, छांव और भोजन की बेहतर व्यवस्था हो। मच्छरों से बचाव के लिए दवा का छिड़काव किया जाए। प्रयास किया जाए कि किसानों को रात में रुकना न पड़े। अधिकारियों को दिए तकनीकी जांच के निर्देश जिला पंचायत सीईओ हिमांशु सिंह ने वेयरहाउस कॉर्पोरेशन और नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों से कहा कि एफसीआई के सर्वेयर को मौके पर बुलाकर गेहूं की जांच कराई जाए, ताकि रिजेक्शन के वैज्ञानिक कारण स्पष्ट हो सकें और अनावश्यक अस्वीकृति से बचा जा सके। निरीक्षण के दौरान सांसद ने किसानों और कर्मचारियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और त्वरित समाधान के निर्देश दिए। समिति गेहूं जांच कर खरीदी कर रही, किसानों का भुगतान अटका अनाज मंडी में नर्मदा अंचल विपणन संघ और रायपुर सेवा सहकारी समिति द्वारा गेहूं की खरीदी की जा रही है। खास बात यह है कि दोनों ही केंद्र पर गेहूं की जांच समिति के कर्मचारी ही कर रहे हैं यहां पर सर्वे नियुक्त नहीं किए गए हैं। ऐसे में ऐसे FAQ माल जांचना बड़ा सवाल है। इसी वजह से एफसीआई द्वारा दोनों ही केंद्र के गेहूं को वापस लौटाया जा रहा है। गेहूं रिजेक्ट होने के कारण किसानों का भुगतान अटक गया है। नियम अनुसार किस को सा दिन के अंदर भुगतान होना था लेकिन रिजेक्ट वहां परिवार नहीं होने के कारण 20 दिन बाद भी किसानों को भुगतान नहीं हो पाया।

ट्रम्प ने यूरोपीय यूनियन की कार-ट्रकों पर 25% टैरिफ लगाया:कहा- व्यापार समझौते का पालन नहीं कर रहे, छूट चाहिए तो अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग करो

ट्रम्प ने यूरोपीय यूनियन की कार-ट्रकों पर 25% टैरिफ लगाया:कहा- व्यापार समझौते का पालन नहीं कर रहे, छूट चाहिए तो अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग करो

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि अगले हफ्ते से यूरोपीय संघ (EU) से आने वाली कारों और ट्रकों पर टैरिफ बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा। ट्रम्प का कहना है कि यूरोपीय संघ पहले से तय व्यापार समझौते का पालन नहीं कर रहा है, इसलिए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यूरोपीय कंपनियां अमेरिका में ही कार और ट्रक बनाएंगी, तो उन पर कोई टैक्स नहीं लगाया जाएगा। ट्रम्प के अनुसार, इस समय अमेरिका में कई नई ऑटोमोबाइल और ट्रक फैक्ट्रियां बन रही हैं, जिनमें 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में इस तरह का निवेश और विकास पहले कभी नहीं देखा गया। इन फैक्ट्रियों में अमेरिकी लोगों को रोजगार मिलेगा। पिछले साल ट्रम्प और EU से बीच समझौता हुआ था यह व्यापार समझौता पिछले साल जुलाई में ट्रम्प और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच हुआ था। इस समझौते को ‘टर्नबेरी एग्रीमेंट’ कहा जाता है, जिसका नाम स्कॉटलैंड में ट्रम्प के गोल्फ कोर्स के नाम पर रखा गया है। इस समझौते का मकसद अमेरिका और EU के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव को कम करना था। इस डील के तहत दोनों पक्षों ने आपसी व्यापार को संतुलित करने और टैरिफ विवाद को कम करने पर सहमति जताई थी। अमेरिका ने EU से आने वाले समान पर 15% टैरिफ लगाया था समझौते के मुताबिक, EU से अमेरिका आने वाले अधिकांश सामानों पर 15% टैरिफ तय किया गया था। यह एक बड़ा फैसला माना गया क्योंकि इससे पहले ट्रम्प प्रशासन 30% तक टैरिफ लगाने की चेतावनी दे चुका था। इसके बदले में यूरोपीय संघ ने अमेरिका में निवेश बढ़ाने और कुछ आर्थिक नीतियों में बदलाव करने का वादा किया था, जिससे अमेरिकी निर्यात को बढ़ावा मिल सके। हालांकि शुरुआत में इस डील को राहत के रूप में देखा गया, लेकिन बाद में कई मुद्दों पर मतभेद सामने आए थे। स्टील और एल्युमिनियम पर टैरिफ को लेकर अमेरिका और यूरोप के बीच विवाद बढ़ गया था, जिसमें जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों ने अमेरिकी प्रस्तावों का विरोध किया था। इसके अलावा, इस साल अमेरिका सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि राष्ट्रपति को आर्थिक आपातकाल घोषित कर EU के सामान पर टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। इसके बाद टैरिफ की सीमा कुछ मामलों में घटाकर 10% कर दी गई थी। जर्मनी और फ्रांस को बड़ा नुकसान हो सकता है ट्रम्प से इस फैसले से यूरोप, खासकर जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों की अर्थव्यवस्था में ऑटोमोबाइल सेक्टर को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। टैरिफ बढ़ने से यूरोपीय गाड़ियां अमेरिकी बाजार में महंगी हो जाएंगी, जिससे उनकी मांग घट सकती है। इसका सीधा असर कंपनियों के मुनाफे और प्रोडक्शन पर पड़ेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर निर्यात घटता है तो यूरोपीय कंपनियां प्रोडक्शन कम कर सकती हैं, जिससे नौकरियों पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, निर्यात में गिरावट से यूरोप की आर्थिक वृद्धि भी धीमी हो सकती है। अमेरिका में भी महंगाई बढ़ सकती है इस फैसले का असर अमेरिका पर भी पड़ेगा। यूरोपीय कारों के महंगे होने से अमेरिकी ग्राहकों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। साथ ही बाजार में ऑप्शन भी सीमित हो सकते हैं। आशंका जताई गई है कि यूरोपीय संघ जवाबी कार्रवाई कर सकता है और अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ बढ़ा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह विवाद एक बड़े ‘ट्रेड वॉर’ का रूप ले सकता है, जिससे दोनों पक्षों को नुकसान होगा।

गुणवत्ता में कमी पर मंत्री सारंग सख्त:स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स निर्माण में लापरवाही पर अधिकारियों को लगाई फटकार

गुणवत्ता में कमी पर मंत्री सारंग सख्त:स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स निर्माण में लापरवाही पर अधिकारियों को लगाई फटकार

बरखेड़ा नाथू स्थित अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी सामने आने पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने एमपीआरडीसी अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समयसीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, अन्यथा संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। हैंडओवर प्रक्रिया पर सख्ती, बिना सत्यापन नहीं होगा स्वीकार मंत्री ने कॉम्पलेक्स के हैंडओवर-टेकओवर प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिना तकनीकी वेरिफिकेशन के किसी भी निर्माण को स्वीकार न किया जाए। साथ ही, मरम्मत योग्य कार्यों का विस्तृत फ्लो चार्ट तैयार कर चरणबद्ध योजना बनाई जाए, ताकि काम में गति और स्पष्टता बनी रहे। मूलभूत सुविधाओं के साथ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर समीक्षा बैठक में मंत्री ने पानी, बिजली, स्वच्छता, पार्किंग और आईटी सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासनिक भवन, सर्वर रूम, आईटी रूम और आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा, जिससे कॉम्पलेक्स का संचालन व्यवस्थित हो सके। थर्ड पार्टी ऑडिट से होगी निष्पक्ष जांच निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मंत्री सारंग ने थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि इससे कार्यों की निष्पक्ष समीक्षा होगी और परियोजना की विश्वसनीयता बनी रहेगी। ऊर्जा संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने कॉम्पलेक्स में सोलर एनर्जी के उपयोग को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के अन्य खेल परिसरों के लिए भी सोलर व्यवस्था की व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए। अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप निर्माण पर जोर मंत्री ने स्पष्ट किया कि पूरे स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का निर्माण अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया जाए, ताकि खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें और मध्यप्रदेश खेलों के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सके। इसके अलावा उन्होंने परिसर में स्पष्ट साइनेज व्यवस्था विकसित करने के लिए अलग प्रोजेक्ट प्लान तैयार करने को कहा। खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा के लिए उपयुक्त स्थान पर कैफेटेरिया बनाने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा विद्युत व्यवस्था, फायर सेफ्टी, हॉर्टिकल्चर, अतिरिक्त प्रवेश द्वार और बाउंड्री वॉल के साथ समानांतर सड़क निर्माण के लिए अलग-अलग योजनाएं बनाने को कहा गया। पार्किंग और सुरक्षा पर विशेष फोकस बैठक में बताया गया कि सभी ब्लॉकों में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग विकसित की जा रही है। अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप उपकरण लगाए जा रहे हैं और अतिरिक्त प्रवेश द्वार से आपात सेवाओं की पहुंच आसान होगी। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी एजेंसी को भुगतान से पहले खेल विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य होगा और उपकरणों की खरीदी से पहले विभागीय अनुमोदन जरूरी रहेगा।

डिप्टी सीएम बोले:पत्रकारों की मांगों पर सरकार करेगी निर्णय:पटवारी बोले: यह सरकार नहीं सुनेगी तो हमारी पार्टी समाधान करेगी

डिप्टी सीएम बोले:पत्रकारों की मांगों पर सरकार करेगी निर्णय:पटवारी बोले: यह सरकार नहीं सुनेगी तो हमारी पार्टी समाधान करेगी

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा राजधानी के समन्वय भवन में एक विशाल प्रांतीय सम्मेलन और रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संघ के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया ने उप-मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर पत्रकार सुरक्षा कानून को तत्काल लागू करने की मांग की। डिप्टी सीएम बोले- समस्याओं का होगा समाधान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा कानून पर अब तक कमेटी न बन पाने के विषय में मुख्यमंत्री से चर्चा करने का आश्वासन दिया। शुक्ल ने कहा, “लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए पत्रकारिता का सशक्त होना जरूरी है। आपकी मांगों पर चरणबद्ध तरीके से विचार कर उन्हें पूरा किया जाएगा।” पटवारी बोले- सरकार नहीं सुनेगी तो हमारी पार्टी समाधान करेगी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पत्रकारों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने देश भर में पत्रकारों पर हो रहे हमलों के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि आज पत्रकारों को सुरक्षा की मांग करनी पड़ रही है, जो चिंताजनक है। पटवारी ने तंज कसते हुए कहा कि यदि वर्तमान सरकार मांगें पूरी नहीं करती है, तो भविष्य में उनकी पार्टी इन्हें प्राथमिकता से पूरा करेगी। लिफ्ट हादसे के बावजूद डटे रहे पत्रकार कार्यक्रम के दौरान एक लिफ्ट गिरने की घटना भी हुई, जिसमें आयोजन समिति के संयोजक रिजवान अहमद सिद्दीकी सहित कुछ अन्य साथी घायल हुए। इसके बावजूद, घायलों ने कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज कराई। मध्या एडवरटाइजिंग के सुशील अग्रवाल ने घायल पत्रकारों के उपचार का जिम्मा उठाया।

सराफा व्यापारियों ने बरगी हादसे के मृतकों को दी श्रद्धांजलि:जबलपुर के सराफा चौक पर हुई सभा; क्रूज स्टाफ पर कार्रवाई की मांग

सराफा व्यापारियों ने बरगी हादसे के मृतकों को दी श्रद्धांजलि:जबलपुर के सराफा चौक पर हुई सभा; क्रूज स्टाफ पर कार्रवाई की मांग

जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे के बाद शहर में शोक और आक्रोश का माहौल है। सराफा एसोसिएशन जबलपुर ने सराफा चौक पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। इस दौरान मृतकों को मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सभा में सराफा परिवार से जुड़े प्रमुख व्यवसायी प्रकाश जोहरी, नीतू सोनी और लापता विराज सोनी को याद किया गया। व्यापारियों ने बताया कि हादसे के दौरान नीतू सोनी ने अन्य लोगों को लाइफ जैकेट पहनाने में मदद की, लेकिन खुद जैकेट नहीं पहन सकीं, जिससे उनकी जान चली गई। इस घटना को लेकर व्यापारियों में गहरा आक्रोश देखा गया। क्रूज के जिम्मेदार कर्मचारियों पर हो कार्रवाई सराफा एसोसिएशन ने प्रशासन से क्रूज के जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि हादसे के समय क्रूज स्टाफ ने यात्रियों की सुरक्षा की अनदेखी की और अपनी जान बचाने की कोशिश करते हुए पर्यटकों को संकट में छोड़ दिया। ये रहे मौजूद श्रद्धांजलि सभा में मध्यप्रदेश सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष राजा सराफ, जबलपुर अध्यक्ष नवीन सराफ, पूर्व अध्यक्ष सुरेश सराफ, अजय वक्तावर, मंत्री अमित अग्रवाल, उपाध्यक्ष महेंद्र ओसवाल, सहसचिव केके सुहाने सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में सर्राफा व्यापारियों ने एकत्र होकर मृतकों के प्रति अपनी शोक संवेदना प्रकट की और हादसे के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई।