विवरण के लिए: 1 कप ढीली मूंग दाल, 1-2 हरी मिर्च, 1/2 छोटा कद्दूकस, नमक स्वाद मसाला, तलने के लिए तेल
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कांजी के लिए: 4 कप पानी, 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच हल्दी, 1 छोटा चम्मच हल्दी, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी
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बनाने की विधि: सबसे पहले वड़ा तैयार करेंगे। इसके लिए मूंग दाल 4-5 घंटे की छूट देती है। फिर इसे प्लास्टिक में पीसकर चाकू बैटर बना लें। इसमें हरी मिर्च, अदरक और नमक के टुकड़े से स्टॉल।
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आटे में तेल गर्म करें और छोटे-छोटे वड़े तल लें। वड़ोदरा को 10 मिनट के लिए गुनगुने पानी में, फिर लम्बाई में पूरा पानी निकाल लें।
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कांजी तैयार करने के लिए बड़े पैमाने पर एक बर्तन में पानी लें। इसमें नमक, लाल मिर्च, हल्दी, हींग और पीसी हुई राय कैथेड्रल बढ़िया से पकडे गये। अब तैयार हो जाओ वड्डे डाल डे में।
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2-3 दिन के लिए फ़्लोरिडा को उगाने या कमरे के तापमान पर रख दें, ताकि इसमें हल्के खटास आ जायें। जब कांजी में मसाले आ जाएं, तो इसे ठंडा करके सर्व कर सकते हैं।
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यह स्वाद में बहुत ही ताजगी भरा लगता है और गर्मी से शरीर को तुरंत राहत मिलती है। यह शरीर को ठंडक देता है। इसके अलावा पाचन तंत्र भी बेहतर काम करता है। साथ ही, लू से बचाव करता है और भूख बढ़ाने में मदद करता है।
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कांजी को रोज एक बार हिलाते रहो ताकि स्वाद अच्छा बने। ज्यादा कट्टा पसंद हो तो 1 दिन और जगह। साफा और पोर्शन का ही इस्तेमाल करें।
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