अनानास रायता रेसिपी: घर पर गरमा गरम ठंडा-ठंडा अनानास का रायता, खाने का स्वाद भी हो जाएगा दोगुना; विधि नोट करें

अनानास स्पेक्ट्रम-मीठा होता है, जो दही के साथ मिलकर एकदम सही स्वाद देता है। यह रायता पेट को ठंडा और पाचन के लिए भी अच्छा होता है। छवि: फ्रीपिक सामग्री: 1 कप ताजा दही, 1/2 कप छोटा सा अनानास के टुकड़े, 1-2 बड़ा चीनी, 1/4 छोटा चम्मच जीरा पाउडर, चुटकी भर काला नमक, थोड़ा सा साधारण नमक, 1-2 छोटा मोटा हरा धनिया छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले दही को एक बाउल में अच्छे से फेंट लें ताकि वह फॉलो हो जाए। अब कटे हुए अनानास के टुकड़े। छवि: फ्रीपिक इसके बाद चीनी, काला नमक, साधारण नमक और संबंधित जीरा पाउडर का मिश्रण अच्छा मिला लें। ऊपर से हरा धनिए की सजा। छवि: फ्रीपिक 10-15 मिनट में फ़्रिज़ में रायते तैयार करें, ताकि यह ठंडा और भी स्वादिष्ट हो जाए। ओझा अनानास का प्रयोग भी किया जा सकता है, लेकिन ताजा अनानास अधिकतर स्वादिष्ट लगता है। छवि: फ्रीपिक ठंडा-ठंडा अनानास का रायता आप दाल-चावल, पुलाव, पराठा या किसी भी खाने के साथ ले सकते हैं. यह हर डिश के साथ अच्छा लगता है। छवि: फ्रीपिक अगर अनानास ज्यादा है, तो थोड़ा और चीनी मिल सकता है। आप कदम तो इसमें थोड़ी सी क्रीम रचना इसे और भी रिच बना सकते हैं। छवि: फ्रीपिक गर्मी में ये आसान और झटपट बनने वाला रायता न सिर्फ आपको ठंडक देगा, बल्कि आपके खाने को भी खास बना देगा। एक बार जरूर ट्राई करें। छवि: एआई
थांदला-पेटलावद मार्ग पर ट्रैक्टर-अर्टिगा की भिड़ंत:एयरबैग खुलने से बची कार सवारों की जान; एक घायल, सड़क पर फैली ईंटें

झाबुआ जिले के थांदला-पेटलावद मार्ग पर गुरुवार देर शाम ईंटों से भरे एक ट्रैक्टर और अर्टिगा कार के बीच जोरदार टक्कर हुई। होटल अनमोल के पास हुई यह भिड़ंत इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि कार के एयरबैग समय पर खुलने से सवारों की जान बच गई। भिड़ंत के बाद सड़क पर बिखरी ईंटें जानकारी के अनुसार, ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली और कार (MP13ZP1781) की आमने-सामने की टक्कर के बाद ट्रॉली में लदी ईंटें सड़क पर फैल गईं। इस वजह से मार्ग पर कुछ समय के लिए आवागमन बाधित रहा। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। एक व्यक्ति घायल, इलाज जारी हादसे में एक व्यक्ति घायल हुआ है, जिसे तत्काल उपचार के लिए थांदला के शासकीय अस्पताल भेजा गया। बीएमओ डॉ. भुवनसिंह डावर ने पुष्टि की है कि केवल एक व्यक्ति को चोटें आई हैं और उसका इलाज जारी है। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। थांदला टीआई अशोक कनेश ने बताया मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। मार्ग को सुचारु बनाने के लिए सड़क पर बिखरी ईंटों को हटाया गया। वाहनों को किनारे कर यातायात बहाल कर दिया गया है।
जबेरा में नरसिंह प्रगटोत्सव पर निकली शोभायात्रा:अखाड़ों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब; बरगी हादसे की खबर सुन बीच में रवाना हुए मंत्री

दमोह जिले के जबेरा में गुरुवार रात भगवान नरसिंह प्रगटोत्सव पर शोभायात्रा निकाली गई। प्राचीन सिद्ध पीठ नरसिंह देवालय से शुरू हुई इस यात्रा में पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, स्वामी रंजीतानंद सरस्वती महाराज सहित अनेक संत और आचार्य शामिल हुए। नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। बरगी डैम हादसे की सूचना पर रवाना हुए मंत्री शोभायात्रा के बाद कार्यक्रमों के दौरान पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी को जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज डूबने और जनहानि की सूचना मिली। इस बड़ी दुर्घटना की जानकारी मिलते ही मंत्री कार्यक्रम को बीच में छोड़कर तत्काल जबलपुर के लिए रवाना हो गए। अखाड़ों का शौर्य प्रदर्शन और धार्मिक अनुष्ठान शोभायात्रा के दौरान अखाड़ों के कलाकारों ने पारंपरिक लाठी कला और शौर्य का प्रदर्शन किया। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस प्रगटोत्सव के उपलक्ष्य में प्राचीन नरसिंह मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान और विद्वान आचार्यों के सानिध्य में पूजन कार्यक्रम संपन्न हुए। संतों की उपस्थिति में हुआ विधिवत समापन मंत्री के प्रस्थान के बाद आनंद धाम के पीठाधीश्वर स्वामी रंजीतानंद सरस्वती और दंडी स्वामी की उपस्थिति में शोभायात्रा का विधिवत समापन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
नीमच शहर में भारी वाहनों की 'नो एंट्री':सुबह 9 से रात 10 बजे तक प्रतिबंधित रहेंगे ट्रक; उल्लंघन पर होगी FIR

नीमच शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने कलेक्टर हिमांशु चन्द्रा ने सख्त कदम उठाया है। उन्होंने गुरुवार को आदेश जारी कर शहर के प्रमुख व्यस्त मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया है। यह प्रतिबंध 15 जून तक प्रभावी रहेगा। सुबह 9 से रात 10 बजे तक भारी वाहनों पर रोक प्रशासनिक आदेश के अनुसार, शहर के संवेदनशील और व्यस्त क्षेत्रों में सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक ट्रकों और अन्य भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। इंदौर में बीते वर्ष भारी वाहनों से हुए हादसों से सबक लेते हुए यह निर्णय लिया गया है। इस दौरान हिंगोरिया रेलवे फाटक, जावद फन्टा, टैगोर मार्ग और विजय टॉकीज से दशहरा मैदान जैसे प्रमुख रास्तों पर भारी वाहन नहीं चल सकेंगे। इन धाराओं में हो सकती है कार्रवाई यदि कोई वाहन चालक ‘नो एंट्री’ के नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज कर कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। इन प्रमुख मार्गों को ‘नो एंट्री जोन’ में किया शामिल प्रतिबंध के दायरे में शहर के लगभग सभी प्रवेश द्वार और मुख्य मार्ग शामिल किए गए हैं। प्रवेश पॉइंट: हिंगोरिया रेलवे फाटक, भरभड़िया फन्टा, जावद फन्टा और नाका नंबर 7। मुख्य मार्ग: फव्वारा चौक, अंबेडकर रोड, मूलचंद मार्ग, पंचवटी कॉलोनी रोड और चमड़ा कारखाना मार्ग। संवेदनशील क्षेत्र: टैगोर मार्ग और विजय टॉकीज से दशहरा मैदान तक का पूरा हिस्सा।
हादसे में 16 मजदूरों की मौत से चेता धार प्रशासन:हाईवे पर अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई

धार शहर के चिकलिया फाटे पर बुधवार रात हुए एक सड़क हादसे में 16 मजदूरों की मौत हो गई। इस दुर्घटना में 30 से अधिक मजदूर घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। हादसे के बाद आज (गुरुवार) सभी मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। धार शहर के जेतपुरा स्थित इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर पुलिस ने वाहन चालकों के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान कई वाहनों पर जुर्माना लगाया गया और कुछ को जब्त भी किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर भी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस की कार्रवाई के दौरान ऐसे कई वाहन मिले, जिनमें मजदूरों को क्षमता से अधिक संख्या में ले जाया जा रहा था। अक्सर ओवरलोडिंग ही बड़े सड़क हादसों का कारण बनती है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ओवरलोडिंग और नियमों के उल्लंघन पर अंकुश लगाया जाता, तो शायद इतनी बड़ी दुर्घटना टाली जा सकती थी।
घर का बना कोला: गर्म घर पर गरम मसाला-ठंडा मसाला कोला, भूल जाएंगे बाजार का कोल्ड ड्रिंक का स्वाद

आवश्यक सामग्री: 1 ठंडा सोडा, 1 नींबू का रस, 1/2 छोटा चम्मच काला नमक, 1/4 छोटा चम्मच जीरा पाउडर, 1/4 छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर, 1-2 छोटा चम्मच शहद, कुछ पुदीने के पत्ते, बर्फ के टुकड़े छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले एक टेंपल लेंथ और इसमें बर्फ के टुकड़े टुकड़े शामिल थे। अब इसमें नींबू का रस और शामिल है। इसके बाद काला नमक, जीरा पाउडर और काली मिर्च का प्लास्टर अच्छी तरह से ठीक हो जाता है। छवि: एआई अब ऊपर से ठंडा सोडा डालें। अंत में पुदीने के दुकानदारों से गार्निश करें। आपका अनोखा-ठंडी मसाला कोला तैयार है। इसमें केमिकल्स नहीं होते, इसलिए यह स्वास्थ्य के लिए बेहतर है। छवि: एआई पाचन में मदद करता है, क्योंकि इसमें काला नमक और जीरा डाला जाता है। शरीर को ठंडक देता है। शुगर कंट्रोल में रख सकते हैं। छवि: फ्रीपिक अगर ज्यादा चटपटा स्वाद चाहिए तो थोड़ा चाट मसाला भी डाल सकते हैं। बच्चों के लिए इसे थोड़ा मीठा खाएं। आप इसमें संतरे या अनार का साबुत नया फ्लेवर भी बना सकते हैं। छवि: फ्रीपिक इस गर्मी, बाजार की कोल्ड ड्रिंक्स को ठीक करें घर की मसाला मसाला कोला ट्राई। ये ना सिर्फ स्वादिष्ट है, बल्कि आपकी सेहत का भी राज़ है। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)मसाला कोला रेसिपी(टी)गर्मियों में कोला रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन पेय(टी)मसाला कोला रेसिपी(टी)घर का बना कोला(टी)घर का बना कोला रेसिपी(टी)घर पर कोला कैसे बनाएं(टी)कोला कैसे बनाएं
डॉक्टरों पर लापरवाही से मरीज कोमा में गया:बालाघाट के सरदार पटेल अस्पताल में एनेस्थीसिया का ओवरडोज दिया; दो पर केस

बालाघाट पुलिस ने शहर के सरदार पटेल मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के दो डॉक्टरों डॉ. हितेश कावडे और डॉ. श्रृष्टि जैन पर बीएनएस की धारा 125(बी) के तहत केस दर्ज किया है। यह मामला इलाज में लापरवाही से जुड़ा है, जिसके कारण एक मरीज कोमा में चला गया। एनेस्थीसिया का ओवरडोज दिया यह पूरा मामला मरीज विवेक तिरपुड़े (36) के इलाज से संबंधित है। उनके हाथ में चोट लगने के बाद ऑपरेशन किया गया था। आरोप है कि इस दौरान उन्हें एनेस्थीसिया का ओवरडोज दिया गया, जिसके कारण विवेक तिरपुड़े पिछले दो महीने से कोमा में हैं और उनका इलाज नागपुर में चल रहा है। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप 12 अप्रैल को परिजनों ने विवेक के ऑपरेशन के बाद कोमा में जाने पर अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने शासकीय चिकित्सकों की एक टीम बनाकर मामले की जांच कराई थी। जांच टीम में डॉ. नागोराव रंगारे, डॉ. अंकित राणा और डॉ. प्रशांत चौरे शामिल थे। जांच में गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई जांच टीम ने पाया कि डॉ. हितेश कावडे और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. श्रृष्टि जैन की लापरवाही के कारण ही मरीज तिरपुड़े कोमा की स्थिति में पहुंचे हैं। किम्स-किंग्सवे हॉस्पिटल नागपुर की एमआरआई रिपोर्ट में भी ब्रेन में ग्लोबल हायपॉक्सी इंजरी पाई गई। कोतवाली पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
सीएम के संभावित निरीक्षण की सुगबुगाहट, प्रशासन अलर्ट:कलेक्टर समेत एसडीएम अलग-अलग गेहूं उपार्जन केंद्रों पर पहुंचे; एक केंद्र प्रभारी को नोटिस

सीएम डॉ. मोहन यादव प्रदेश के प्रदेश में उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण की सुगबुगाहट के चलते रतलाम प्रशासनिक अमला अलर्ट हो गया है। गुरुवार को रतलाम कलेक्टर समेत सभी एसडीएम ने अपने क्षेत्रों में जाकर गेहूं उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था देखी। कलेक्टर मिशा सिंह ने जावरा अनुविभाग के रोजना में एसएस वेयरहाउस का आकस्मिक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने तौल कांटों का सत्यापन करवाया। कंप्यूटर के माध्यम से संचालित ऑनलाइन प्रक्रिया को देखा। मॉइश्चर मशीन से गेहूं की नमी की जांच समक्ष में करवाई। टैगिंग व्यवस्था देखी। टैगिंग कार्य निर्देशानुसार नहीं किए जाने पर केंद्र प्रभारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने किसानो से संवाद कर उपार्जन प्रक्रिया, उपलब्ध सुविधाओं एवं केंद्रों पर की जा रही व्यवस्थाओं के जानकारी प्राप्त की। समस्याओं का समाधान करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। गर्मी की स्थिति को देखते हुए खरीदी केंद्र पर ठंडा पेयजल, ओआरएस के पैकेट आदि व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। धूप से बचने के लिए छाया की व्यवस्था करने को कहा। किसानों की संख्या को देखते हुए तुलाई कार्य के लिए तौल कांटो एवं हम्मालों की संख्या बढ़ाने को भी कहा। शहर एसडीएम मां उमिया वेयर हाउस पहुंची रतलाम शहर एसडीएम आर्ची हरित ने मां उमिया वेयर हाउस का निरीक्षण किया। वर्तमान में 4 तौल मशीनों के माध्यम से कार्य किया जा रहा है, जिन्हें बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही 21 हम्माल कार्यरत पाए गए। जिनकी संख्या बढ़ाने के लिए मंडी सचिव से समन्वय करने को कहा। सैलाना एसडीएम ने सरवन केंद्र देखा सैलाना एसडीएम सैलाना तरूण जैन ने सरवन स्थित केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण। केंद्र पर कुल 153 स्लॉट बुक किए गए थे, जिनमें से 93 किसानों से खरीदी की जाना पाया। एसडीएम द्वारा बोरों का वजन समक्ष में तुलवाकर सत्यापन किया। एसडीएम ने केंद्रों पर अतिरिक्त हम्माल एवं तौल कांटे लगाने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जालंधर की युवती की ओमान में संदिग्ध मौत:मां ने एजेंट पर शारीरिक शोषण-उत्पीड़न का लगाया आरोप; आरोपी दफ्तर बंद कर फरार

जालंधर के आबादपुरा की रहने वाली एक मां ने अपनी बेटी अंकिता की ओमान में हुई संदिग्ध मौत के लिए एक ट्रैवल एजेंट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मां का दावा है कि एजेंट ने उसे धोखे से विदेश भेजा, जहां उसका शारीरिक शोषण और मानसिक उत्पीड़न किया गया। 24 अप्रैल को अंकिता की मौत की खबर मिलने के बाद आरोपी एजेंट दफ्तर बंद कर फरार है। पीड़ित परिवार ने पुलिस कमिश्नर से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपी की गिरफ्तारी और बेटी के शव को वापस लाने की मांग की है। सुनहरे भविष्य का झांसा देकर बुना मौत का जाल आबादपुरा की निवासी मोनिका ने अपनी बेटी अंकिता के बेहतर भविष्य के लिए एक विज्ञापन देखकर एजेंट जसकरण सिंह से संपर्क किया था। अंबिका टावर स्थित ‘जे.आर. एंटरप्राइजेज’ के मालिक जसकरण ने भरोसा दिलाया था कि अंकिता को ओमान में घरेलू काम के लिए 30,000 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा। इस झांसे में आकर परिवार ने 71,000 रुपये और पासपोर्ट सौंप दिए, जिसके बाद 2 अक्टूबर 2025 को अंकिता को दिल्ली से ओमान भेज दिया गया। फोन पर रो-रोकर सुनाती थी प्रताड़ना ओमान पहुंचने के कुछ समय बाद ही अंकिता के साथ दुर्व्यवहार शुरू हो गया। वह 22 अप्रैल तक अपनी मां के संपर्क में रही। फोन पर वह अकसर रोते हुए बताती थी कि वहां उसका शारीरिक शोषण किया जा रहा है और उसे बुरी तरह पीटा जाता है। मां ने जब एजेंट जसकरण से अपनी बेटी को वापस बुलाने की गुहार लगाई, तो वह हर बार झूठे दिलासे देकर उन्हें टालता रहा। 24 अप्रैल को आई मौत की खबर अंकिता का संपर्क 22 अप्रैल के बाद अचानक टूट गया। इसके बाद ओमान में काम करने वाली एक अन्य महिला ने फोन कर परिवार को झकझोर देने वाली खबर दी। उसने बताया कि 24 अप्रैल 2026 को अंकिता की मौत हो गई है। उस महिला ने भी पुष्टि की कि अंकिता को भारी शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था। जैसे ही अंकिता की मौत की खबर फैली, आरोपी एजेंट जसकरण अपना दफ्तर बंद कर फरार हो गया। पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग बेटी को खो चुकी लाचार मां ने अब पुलिस कमिश्नर के पास इंसाफ की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि एजेंट को विदेश भागने से पहले गिरफ्तार किया जाए और अंकिता के शव को भारत लाने की व्यवस्था की जाए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। यह घटना एक बार फिर उन फर्जी एजेंटों के काले सच को उजागर करती है जो मासूमों को सुनहरे सपनों के नाम पर मौत के कुएं में धकेल देते हैं।
पत्नी ने पति संग रहने से किया इनकार:हाईकोर्ट में अवैध बंधक आरोप खारिज, प्रेमी संग रहने पर बनी सहमति, पिता के पास रहेगा बेटा

ग्वालियर हाईकोर्ट में एक वैवाहिक विवाद से जुड़ा मामला सुनवाई के दौरान ही अप्रत्याशित मोड़ लेता नजर आया। पत्नी को अवैध रूप से बंधक बनाए जाने के गंभीर आरोपों के बीच जब महिला को कोर्ट में पेश किया गया तो पूरे मामले की दिशा ही बदल गई। दरअसल, पति लाखन कडेरे ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी को प्रतिवादी पक्ष द्वारा जबरन अपने पास रखा गया है और उसे उससे मिलने नहीं दिया जा रहा। इस पर कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला को पेश करने के निर्देश दिए थे। निर्देश के पालन में जब महिला को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया और न्यायालय ने उसकी स्वतंत्र इच्छा जाननी चाही, तो महिला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह किसी भी प्रकार के दबाव में नहीं है। उसने बताया कि वह अपनी मर्जी से राकेश नामक व्यक्ति के साथ रह रही है और पति के साथ वापस नहीं जाना चाहती। अवैध बंधक बनाए जाने का आरोप कमजोर पड़ा महिला के इस बयान के बाद ‘अवैध बंधक’ बनाए जाने का आरोप स्वतः ही कमजोर पड़ गया और याचिका का मूल आधार खत्म हो गया। इसके बाद कोर्ट में ही दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू हुई, जिसमें आपसी सहमति से विवाद को समाप्त करने का रास्ता निकाला गया। समझौते के तहत पति लाखन कडेरे ने पत्नी को तलाक देने पर सहमति जताई। हालांकि, उसने स्थायी गुजारा भत्ता (एलिमनी) न देने की शर्त रखी, जिसे महिला ने स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही, दोनों के चार वर्षीय बेटे की कस्टडी पिता के पास रखने पर भी सहमति बनी। इस निर्णय पर महिला के पिता ने भी अपनी मंजूरी दे दी। हाईकोर्ट ने कहा- सुनवाई का औचित्य नहीं दोनों पक्षों के बीच सभी मुद्दों पर सहमति बनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि अब याचिका पर आगे सुनवाई का कोई औचित्य नहीं रह जाता। कोर्ट ने मामले को निष्फल मानते हुए निपटा दिया। इस मामले ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि वैवाहिक विवादों में अदालत का प्रमुख उद्देश्य पक्षकारों की स्वतंत्र इच्छा और सहमति को महत्व देना होता है। साथ ही, यह भी दर्शाता है कि कई बार अदालत की प्रक्रिया के दौरान ही ऐसे मामलों का समाधान आपसी समझ और सहमति से निकल सकता है।







