Tuesday, 08 Sep 2026 | 11:58 PM

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नरसिंहपुर में किराना दुकान में मिल रही अवैध शराब, VIDEO:आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज, टीआई बोले-दुकानदार पर होगी कार्रवाई

नरसिंहपुर में किराना दुकान में मिल रही अवैध शराब, VIDEO:आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज, टीआई बोले-दुकानदार पर होगी कार्रवाई

नरसिंहपुर जिले में अवैध शराब बिक्री का मामला सामने आया है। चीचली थाना क्षेत्र के बारहा बड़ा गांव में एक किराना दुकान से खुलेआम शराब बेचे जाने का वीडियो सामने आया है। सामने आए वीडियो में दुकान पर देशी और अंग्रेजी दोनों तरह की शराब बिक्री होते दिखाई दे रही है। यह मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और शराब माफियाओं के हौसले भी बुलंद हैं। लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। यह मामला प्रदेश के कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह की विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है, जिससे यह और भी संवेदनशील हो गया है। टीआई बोले-वीडियो की जांच के बाद केस दर्ज चीचली थाना प्रभारी अमित गोटिया ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

43॰ पार तापमान से अशोकनगर में जनजीवन प्रभावित:लू के कारण सड़कों पर सन्नाटा, इस सीजन में 44॰ तक पहुंच चुका पारा

43॰ पार तापमान से अशोकनगर में जनजीवन प्रभावित:लू के कारण सड़कों पर सन्नाटा, इस सीजन में 44॰ तक पहुंच चुका पारा

अशोकनगर जिले में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। मंगलवार को दोपहर के समय दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जिसके कारण सड़कों पर लोगों की आवाजाही काफी कम रही। इस सीजन में अधिकतम तापमान पहले ही 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। गर्म हवाओं के कारण लू के थपेड़े महसूस किए जा रहे हैं। लोग केवल आवश्यक काम होने पर ही अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। वाहन चालक और पैदल चलने वाले लोग भी गर्मी से बचाव के लिए अपने चेहरे को कपड़े से ढककर चल रहे हैं। जिले में सोमवार और मंगलवार को सर्वाधिक गर्मी दर्ज की गई। इससे पहले से भी गर्मी पड़ रही है पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना था। जिन सड़कों पर सामान्य दिनों में भीड़भाड़ रहती थी, वहां वाहनों की संख्या आधे से भी कम रही। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि जिले में अगले कुछ दिनों तक तापमान इसी तरह बना रहेगा। दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाओं का असर शाम 7 बजे तक महसूस किया जा रहा है।

महिला कर्मचारी पर धर्म और नाम बदलने का दबाव:दस्तावेज छीने; मलेशिया भेजने की योजना थी; नासिक TCS केस में मुख्य आरोपी अब भी फरार

महिला कर्मचारी पर धर्म और नाम बदलने का दबाव:दस्तावेज छीने; मलेशिया भेजने की योजना थी; नासिक TCS केस में मुख्य आरोपी अब भी फरार

नासिक के TCS उत्पीड़न मामले में मुख्य आरोपी निदा खान ने महिला कर्मचारी पर धर्म परिवर्तन और नाम बदलकर ‘हानिया’ रखने का दबाव बनाया था। इसके लिए पीड़िता को बुर्का और इस्लामिक किताबें दी थीं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस की जांच में यह दावा किया गया है। पीड़िता के मोबाइल में ऐसे ऐप्स भी इंस्टॉल कराए गए जिससे उसे धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा सके। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता के शैक्षिक दस्तावेज छीन लिए गए थे और उसे नौकरी के बहाने मलेशिया भेजकर इमरान नामक व्यक्ति के पास काम पर लगाने की भी योजना थी। पुलिस ने कहा है कि निदा खान की तलाश जारी है। निदा ने दो महीने की प्रेग्नेंसी का हवाला देकर अग्रिम जमानत के लिए नासिक सेशन कोर्ट में अर्जी भी दी थी। कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया था। मामले में 8 गिरफ्तार TCS ऑफिस के इस मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कंपनी की ज्यादातर पीड़ित मिडिल क्लास परिवारों से हैं। उनकी उम्र 21 से 30 साल के बीच है। वे एसोसिएट लेवल पर काम करती थीं और 20 हजार रुपए महीना सैलरी पाती थीं। पीड़ित इंजीनियर बोली- गुड़ी पड़वा के दौरान छेड़छाड़ हुई पीड़ित महिला इंजीनियर ने 5 आरोपियों पर जून 2025 से मार्च 2026 के बीच लगातार यौन उत्पीड़न, पीछा करने (स्टॉकिंग) और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि एक आरोपी ने हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणी की। महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि उसका टीम लीडर ट्रेनिंग के बहाने उसे गलत तरीके से छूता था। एक अन्य आरोपी ने ऑफिस की पेंट्री में गुड़ी पड़वा के दौरान उसके साथ छेड़छाड़ की। पीड़ित ने यह भी कहा कि उसकी शादीशुदा जिंदगी को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। TCS ने इस मामले पर कहा है कि कंपनी किसी भी तरह के उत्पीड़न और दबाव के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाती है। नासिक ऑफिस में यौन उत्पीड़न के आरोपों में शामिल कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। कंपनी ने यह भी कहा कि शुरुआती जांच में उसे अपने एथिक्स या POSH (यौन उत्पीड़न रोकथाम) चैनलों पर किसी महिला कर्मचारी की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली थी। साथ ही, कंपनी ने आंतरिक जांच के लिए एक ओवरसाइट पैनल बनाने और बाहरी एजेंसियों को शामिल करने की घोषणा की है। ——————————————————— ये खबर भी पढ़ें… नासिक TCS में यौन शोषण-धर्मांतरण केस के पीछे संगठित नेटवर्क:आर्थिक रूप से कमजोर नई कर्मचारियों को टारगेट करते थे महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS कंपनी ऑफिस में धर्म परिवर्तन, यौन शोषण केस की पुलिस जांच में सामने आया है कि एक संगठित नेटवर्क नए कर्मचारियों को निशाना बनाता था। इस केस में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

महिला कर्मचारी पर धर्म और नाम बदलने का दबाव:दस्तावेज छीने; मलेशिया भेजने की योजना थी; नासिक TCS केस में मुख्य आरोपी अब भी फरार

महिला कर्मचारी पर धर्म और नाम बदलने का दबाव:दस्तावेज छीने; मलेशिया भेजने की योजना थी; नासिक TCS केस में मुख्य आरोपी अब भी फरार

नासिक के TCS उत्पीड़न मामले में मुख्य आरोपी निदा खान ने महिला कर्मचारी पर धर्म परिवर्तन और नाम बदलकर ‘हानिया’ रखने का दबाव बनाया था। इसके लिए पीड़िता को बुर्का और इस्लामिक किताबें दी थीं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस की जांच में यह दावा किया गया है। पीड़िता के मोबाइल में ऐसे ऐप्स भी इंस्टॉल कराए गए जिससे उसे धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा सके। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता के शैक्षिक दस्तावेज छीन लिए गए थे और उसे नौकरी के बहाने मलेशिया भेजकर इमरान नामक व्यक्ति के पास काम पर लगाने की भी योजना थी। पुलिस ने कहा है कि निदा खान की तलाश जारी है। निदा ने दो महीने की प्रेग्नेंसी का हवाला देकर अग्रिम जमानत के लिए नासिक सेशन कोर्ट में अर्जी भी दी थी। कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया था। मामले में 8 गिरफ्तार TCS ऑफिस के इस मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कंपनी की ज्यादातर पीड़ित मिडिल क्लास परिवारों से हैं। उनकी उम्र 21 से 30 साल के बीच है। वे एसोसिएट लेवल पर काम करती थीं और 20 हजार रुपए महीना सैलरी पाती थीं। पीड़ित इंजीनियर बोली- गुड़ी पड़वा के दौरान छेड़छाड़ हुई पीड़ित महिला इंजीनियर ने 5 आरोपियों पर जून 2025 से मार्च 2026 के बीच लगातार यौन उत्पीड़न, पीछा करने (स्टॉकिंग) और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि एक आरोपी ने हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणी की। महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि उसका टीम लीडर ट्रेनिंग के बहाने उसे गलत तरीके से छूता था। एक अन्य आरोपी ने ऑफिस की पेंट्री में गुड़ी पड़वा के दौरान उसके साथ छेड़छाड़ की। पीड़ित ने यह भी कहा कि उसकी शादीशुदा जिंदगी को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। TCS ने इस मामले पर कहा है कि कंपनी किसी भी तरह के उत्पीड़न और दबाव के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाती है। नासिक ऑफिस में यौन उत्पीड़न के आरोपों में शामिल कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। कंपनी ने यह भी कहा कि शुरुआती जांच में उसे अपने एथिक्स या POSH (यौन उत्पीड़न रोकथाम) चैनलों पर किसी महिला कर्मचारी की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली थी। साथ ही, कंपनी ने आंतरिक जांच के लिए एक ओवरसाइट पैनल बनाने और बाहरी एजेंसियों को शामिल करने की घोषणा की है। ——————————————————— ये खबर भी पढ़ें… नासिक TCS में यौन शोषण-धर्मांतरण केस के पीछे संगठित नेटवर्क:आर्थिक रूप से कमजोर नई कर्मचारियों को टारगेट करते थे महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS कंपनी ऑफिस में धर्म परिवर्तन, यौन शोषण केस की पुलिस जांच में सामने आया है कि एक संगठित नेटवर्क नए कर्मचारियों को निशाना बनाता था। इस केस में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

अनिल अंबानी ग्रुप की ₹3,034 करोड़ की संपत्ति जब्त:मुंबई का फ्लैट और खंडाला का फार्महाउस कुर्क, अब तक ₹19,344 करोड़ की प्रॉपर्टी पर एक्शन

अनिल अंबानी ग्रुप की ₹3,034 करोड़ की संपत्ति जब्त:मुंबई का फ्लैट और खंडाला का फार्महाउस कुर्क, अब तक ₹19,344 करोड़ की प्रॉपर्टी पर एक्शन

ED ने अनिल अंबानी ग्रुप (RAAG) की 3,034 करोड़ रुपए की नई संपत्तियां जब्त की हैं। एजेंसी ने मंगलवार को मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत ये कार्रवाई की है। यह कार्रवाई रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड से जुड़ी संपत्तियों पर की गई है। जब्त की गई संपत्तियों में मुंबई स्थित एक फ्लैट और महाराष्ट्र के हिल स्टेशन खंडाला में एक फार्महाउस शामिल है। इसके अलावा, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के 7.71 करोड़ शेयर और अहमदाबाद के साणंद में स्थित कुछ जमीन को भी कुर्क किया गया है। ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत यह प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है। अब तक कुल 19,344 करोड़ की संपत्ति जब्त अनिल अंबानी ग्रुप के खिलाफ चल रहे इस मामले में यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। ताजा जब्ती के बाद, ग्रुप के खिलाफ मामलों में कुल अटैचमेंट अब 19,344 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। ED लंबे समय से ग्रुप की कंपनियों द्वारा किए गए कथित बैंक धोखाधड़ी और फंड के डायवर्जन (पैसों की हेराफेरी) के आरोपों की जांच कर रही है। बैंक धोखाधड़ी और फंड डायवर्जन का है आरोप ED की जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि कैसे ग्रुप की कंपनियों ने बैंकों से लिए गए कर्ज का गलत इस्तेमाल किया। जांच एजेंसी का आरोप है कि फंड को उन कामों के बजाय कहीं और डायवर्ट किया गया, जिनके लिए कर्ज लिया गया था। इसी मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क को ट्रैक करते हुए एजेंसी लगातार ग्रुप की संपत्तियों को कुर्क कर रही है। अनिल अंबानी ग्रुप की मुश्किलें बढ़ीं रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) पहले से ही दिवालिया प्रक्रिया (इनसॉल्वेंसी) से गुजर रही है। अब रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की संपत्तियों और शेयरों पर हुई इस कार्रवाई से अनिल अंबानी ग्रुप की वित्तीय मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। ग्रुप की कई कंपनियां भारी कर्ज और कानूनी जांच के घेरे में हैं। क्या होता है PMLA और प्रोविजनल अटैचमेंट? PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट): यह 2002 में बना एक कानून है, जिसका मकसद काले धन को सफेद करने (मनी लॉन्ड्रिंग) पर रोक लगाना और ऐसी गतिविधियों में शामिल संपत्ति को जब्त करना है। प्रोविजनल अटैचमेंट: जब ईडी को लगता है कि कोई संपत्ति अपराध की कमाई से बनाई गई है, तो वह उसे अस्थायी रूप से (180 दिनों के लिए) जब्त कर लेती है। इसे बाद में एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी से मंजूरी मिलने पर स्थायी जब्त किया जा सकता है।

अनिल अंबानी ग्रुप की ₹3,034 करोड़ की संपत्ति जब्त:मुंबई का फ्लैट और खंडाला का फार्महाउस कुर्क, अब तक ₹19,344 करोड़ की प्रॉपर्टी पर एक्शन

अनिल अंबानी ग्रुप की ₹3,034 करोड़ की संपत्ति जब्त:मुंबई का फ्लैट और खंडाला का फार्महाउस कुर्क, अब तक ₹19,344 करोड़ की प्रॉपर्टी पर एक्शन

ED ने अनिल अंबानी ग्रुप (RAAG) की 3,034 करोड़ रुपए की नई संपत्तियां जब्त की हैं। एजेंसी ने मंगलवार को मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत ये कार्रवाई की है। यह कार्रवाई रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड से जुड़ी संपत्तियों पर की गई है। जब्त की गई संपत्तियों में मुंबई स्थित एक फ्लैट और महाराष्ट्र के हिल स्टेशन खंडाला में एक फार्महाउस शामिल है। इसके अलावा, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के 7.71 करोड़ शेयर और अहमदाबाद के साणंद में स्थित कुछ जमीन को भी कुर्क किया गया है। ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत यह प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है। अब तक कुल 19,344 करोड़ की संपत्ति जब्त अनिल अंबानी ग्रुप के खिलाफ चल रहे इस मामले में यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। ताजा जब्ती के बाद, ग्रुप के खिलाफ मामलों में कुल अटैचमेंट अब 19,344 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। ED लंबे समय से ग्रुप की कंपनियों द्वारा किए गए कथित बैंक धोखाधड़ी और फंड के डायवर्जन (पैसों की हेराफेरी) के आरोपों की जांच कर रही है। बैंक धोखाधड़ी और फंड डायवर्जन का है आरोप ED की जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि कैसे ग्रुप की कंपनियों ने बैंकों से लिए गए कर्ज का गलत इस्तेमाल किया। जांच एजेंसी का आरोप है कि फंड को उन कामों के बजाय कहीं और डायवर्ट किया गया, जिनके लिए कर्ज लिया गया था। इसी मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क को ट्रैक करते हुए एजेंसी लगातार ग्रुप की संपत्तियों को कुर्क कर रही है। अनिल अंबानी ग्रुप की मुश्किलें बढ़ीं रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) पहले से ही दिवालिया प्रक्रिया (इनसॉल्वेंसी) से गुजर रही है। अब रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की संपत्तियों और शेयरों पर हुई इस कार्रवाई से अनिल अंबानी ग्रुप की वित्तीय मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। ग्रुप की कई कंपनियां भारी कर्ज और कानूनी जांच के घेरे में हैं। क्या होता है PMLA और प्रोविजनल अटैचमेंट? PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट): यह 2002 में बना एक कानून है, जिसका मकसद काले धन को सफेद करने (मनी लॉन्ड्रिंग) पर रोक लगाना और ऐसी गतिविधियों में शामिल संपत्ति को जब्त करना है। प्रोविजनल अटैचमेंट: जब ईडी को लगता है कि कोई संपत्ति अपराध की कमाई से बनाई गई है, तो वह उसे अस्थायी रूप से (180 दिनों के लिए) जब्त कर लेती है। इसे बाद में एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी से मंजूरी मिलने पर स्थायी जब्त किया जा सकता है।

पिता को सिर-पेट में मारा चाकू, हालत गंभीर:तीन दिन पहले हिस्ट्रीशीटर बेटे को एसीपी ने मुचलके पर छोड़ा था, बेटी ने दर्ज कराई एफआईआर

पिता को सिर-पेट में मारा चाकू, हालत गंभीर:तीन दिन पहले हिस्ट्रीशीटर बेटे को एसीपी ने मुचलके पर छोड़ा था, बेटी ने दर्ज कराई एफआईआर

इंदौर के हीरानगर इलाके में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां बेटे ने ही अपने पिता पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल पिता का अस्पताल में इलाज जारी है, जबकि आरोपी फरार है। खास बात यह है कि आरोपी को तीन दिन पहले ही पुलिस ने पकड़कर छोड़ा था। परिजनों के मुताबिक, रात करीब 12 बजे सागर घर पहुंचा और घर का सामान फेंकने लगा। पिता अनिल ने उसे रोकने की कोशिश की, तो सागर ने पहले चाकू के हत्थे से सिर पर वार किया और फिर पेट में चाकू घोंप दिया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना के बाद आसपास के लोगों की मदद से अनिल ठाकुर को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। मामले में बेटी भक्ति ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक 23 अप्रैल को इलाके में विवाद के दौरान पुलिस ने सागर ठाकुर को पकड़ा था। उसे रूबिना मिजवानी की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सामान्य मुचलके पर छोड़ दिया गया। अब इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। सागर ठाकुर के खिलाफ पहले से करीब 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, अवैध हथियार और नशे से जुड़े केस शामिल हैं। पुलिस अब उसकी तलाश में जुटी है। एमडी ड्रग्स के साथ एक और आरोपी गिरफ्तार इसी बीच हीरानगर पुलिस ने एक अन्य कार्रवाई में लक्की उर्फ लखन श्रीवंश को एमडी ड्रग के साथ पकड़ा है। सुशील पटेल की टीम ने उसके पास से करीब 8 ग्राम एमडी जब्त की है। आरोपी पर पहले से 11 मामले दर्ज बताए जा रहे हैं।

बालाघाट: शराब दुकान पर विवाद, पूर्व सांसद ने किया बीच-बचाव:ठेकेदार के आदमी और युवक में हाथापाई, एक के सिर में आए टांके

बालाघाट: शराब दुकान पर विवाद, पूर्व सांसद ने किया बीच-बचाव:ठेकेदार के आदमी और युवक में हाथापाई, एक के सिर में आए टांके

बालाघाट के नगरीय क्षेत्र बुढ़ी में एक शराब दुकान पर विवाद का वीडियो सामने आया है। इस घटना में पूर्व सांसद कंकर मुंजारे को एक युवक के साथ हो रही हाथापाई को सुलझाते हुए देखा गया। विवाद में एक युवक घायल भी हो गया है। जानकारी के अनुसार, बुढ़ी में शराब भट्टी के विरोध में दिए जा रहे बयानों के बाद यह विवाद शुरू हुआ। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे, जो महिलाओं के शराब दुकान विरोधी आंदोलन में शामिल होने पहुंचे थे, उनकी मौजूदगी में ठेकेदार के आदमी और एक युवक के बीच झड़प हो गई। पूर्व सांसद ने बीच-बचाव कर ठेकेदार के आदमी को दुकान के अंदर ले जाकर समझाया। इस दौरान युवक गौरव मेश्राम के सिर में चोटें आईं। उनके भाई कपिल मेश्राम ने बताया कि गौरव को लगभग 6 से 7 टांके लगे हैं। इस घटना की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई है। यह उल्लेखनीय है कि बुढ़ी में महिलाएं एक पखवाड़े से अधिक समय से शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही हैं। लगभग 50 सालों से चल रही इस दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित करने के लिए स्थानीय निवासी प्रयासरत हैं। बीते दिनों आबकारी विभाग और ठेकेदार द्वारा महिलाओं के शांतिपूर्ण आंदोलन को दुकान के सामने से हटाए जाने के बाद से यह विरोध हिंसक रूप ले रहा है। महिलाएं दुकान से शराब खरीदने आने वाले लोगों को डंडों और अपनी ताकत से रोक रही थीं, लेकिन सोमवार रात यह स्थिति हाथापाई तक पहुंच गई, जिसमें गौरव मेश्राम घायल हुए। फिलहाल, इस मामले में पुलिस ने बताया है कि जांच की जा रही है। विरोध प्रदर्शन आगे किस दिशा में बढ़ेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। तस्वीरें देखिए…

मिशन चौक ओवरब्रिज पर चलती एक्टिवा में लगी आग, VIDEO:कटनी में राइडर ने कूदकर बचाई जान

मिशन चौक ओवरब्रिज पर चलती एक्टिवा में लगी आग, VIDEO:कटनी में राइडर ने कूदकर बचाई जान

कटनी में मिशन चौक ओवरब्रिज पर आज दोपहर एक चलती एक्टिवा में अचानक आग लग गई। इस घटना से पुल पर यातायात बाधित हो गया। एक्टिवा चालक ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचाई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक्टिवा सवार युवक चांडक चौक से बरगवां की ओर जा रहा था। दोपहर में जब वह मिशन चौक ओवरब्रिज पर आजाद चौक के पास पहुंचा, तो गाड़ी के निचले हिस्से से चिंगारियां निकलने लगीं। चालक कुछ समझ पाता, इससे पहले ही धुएं के साथ आग की लपटें तेज हो गईं। खतरा भांपते हुए चालक ने तुरंत गाड़ी सड़क किनारे खड़ी की और उससे दूर हट गया। देखते ही देखते एक्टिवा पूरी तरह आग का गोला बन गई और कुछ ही मिनटों में जलकर खाक हो गई। बीच सड़क पर धू-धू कर जलती एक्टिवा को देखकर ओवरब्रिज से गुजर रहे राहगीरों और वाहन चालकों में भय व्याप्त हो गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कोई भी उसे बुझाने के लिए पास नहीं जा सका। इस घटना के कारण पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बाधित हो गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। भीषण गर्मी और इंजन में हुई स्पार्किंग के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और यातायात को सुचारू कराया। पुलिस एक्टिवा के नंबर के आधार पर उसके मालिक की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

लखनऊ की हार पर ऋषभ पंत के बयान से विवाद:शॉन पोलाक बोले- कप्तान मैनेजमेंट पर दोष मढ़ रहे हैं; 'टू मेनी माइंड्स' पर बहस

लखनऊ की हार पर ऋषभ पंत के बयान से विवाद:शॉन पोलाक बोले- कप्तान मैनेजमेंट पर दोष मढ़ रहे हैं; 'टू मेनी माइंड्स' पर बहस

KKR के खिलाफ सुपर ओवर में हार के बाद LSG कप्तान ऋषभ पंत के बयान से चर्चा शुरू हुई। पंत ने कहा था कि मैदान पर ज्यादा राय मिलने से फैसले लेना मुश्किल होता है। साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर शॉन पोलक ने कहा कि कप्तान ऐसा कहकर परोक्ष रूप से मैनेजमेंट पर उंगली उठा रहे हैं। मैनेजमेंट को दोषी दे रहे हैं शॉन पोलक ने एक क्रिकेट वेबसाइट से कहा कि कप्तान का ऐसा बयान सही संकेत नहीं है। पोलक के मुताबिक, ‘पंत मूल रूप से यह कह रहे हैं कि बहुत सारे लोग उन्हें जानकारी दे रहे हैं और वे एक तरह से अपने मैनेजमेंट ग्रुप को दोषी ठहरा रहे हैं।’ उन्होंने जोड़ा कि बाहर से समझना मुश्किल है कि ड्रेसिंग रूम में आखिरी फैसला किसका होता है या कौन पंत के साथ रणनीति तय करता है। दो फैसलों पर उठे सवाल, जिनसे मैच हाथ से निकला मैच में पंत के दो फैसलों की आलोचना हो रही है। आखिरी ओवर में मोहम्मद शमी ने छक्का लगाकर मैच टाई कराया, लेकिन उससे पहले दिग्विजय राठी को ओवर देना भारी पड़ा, जहां रिंकू सिंह ने चार छक्के जड़े थे। दूसरा सवाल सुपर ओवर में निकोलस पूरन को भेजने पर उठा। KKR के सुनील नरेन ने गेंदबाजी कर टीम को जीत दिलाई। इन्हीं के बीच पंत ने कहा था कि ज्यादा दिमाग होने से मैदान पर चीजें आसान नहीं रहतीं।’ पंत बोले- हर खिलाड़ी को जिम्मेदारी लेनी होगी, बाहर जवाब ढूंढना बंद करें हार के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में पंत ने टीम को एकजुट रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा,’हमें एक छोटे ब्रेक और रिफ्रेश होने की जरूरत है। दबाव हमेशा रहेगा, लेकिन हमें जवाब बाहर के बजाय अपने अंदर ढूंढने होंगे। चीजों को सरल रखना जरूरी है। हार के लिए किसी एक या दो खिलाड़ी को नहीं, बल्कि पूरी यूनिट को जिम्मेदारी लेनी होगी।’ उन्होंने माना कि टीम को दबाव में बेहतर प्रदर्शन के लिए मानसिक रूप से तैयार होना होगा। ब्रेक के बाद वापसी की उम्मीद, टीम को रीसेट करने की जरूरत लखनऊ टीम अब छोटे ब्रेक पर जा रही है। पोलक के अनुसार, इस दौरान टीम को तय करना होगा कि मैदान पर कप्तान की भूमिका और मैनेजमेंट का हस्तक्षेप कितना होगा। फिलहाल अंक तालिका में स्थिति चुनौतीपूर्ण है और अगले मैचों के लिए निर्णय प्रक्रिया सुधारनी होगी। —————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कोहली IPL में 9 हजार रन बनाने वाले पहले बैटर:दिल्ली का पावरप्ले में सबसे कम स्कोर; बेंगलुरु ने 81 बॉल रहते मैच जीता; मोमेंट्स-रिकॉर्डस रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 के 39वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स को 9 विकेट से हरा दिया। सोमवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दिल्ली की बल्लेबाजी फ्लॉप रही। टीम ने पावरप्ले का सबसे कम स्कोर बनाया। दिल्ली की पारी 75 रन पर ढेर हो गई। जवाब ने बेंगलुरु ने 81 गेंद रहते टारगेट हासिल कर लिया। 23 रन बनाकर नाबाद रहने वाले विराट कोहली IPL इतिहास में 9 हजार रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए। पूरी खबर