छतरपुर में बंदर के हमले से रिक्शा पलटा:9 साल की बच्ची का पैर फ्रैक्चर; ऑपरेशन के बाद ट्रॉमा वार्ड में भर्ती

छतरपुर जिले में मंगलवार को एक बंदर के अचानक हमले से बैटरी ऑटो रिक्शा पलट गया। हादसे में 9 साल की बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसका पैर फ्रैक्चर हो गया। बच्ची का जिला अस्पताल में ऑपरेशन किया गया है और उसे ट्रॉमा वार्ड में ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। जानकारी के मुताबिक, राम अवतार अहिरवार का परिवार सटई थाना क्षेत्र के भैरा गांव से काबर गांव शादी समारोह में शामिल होने गया था। शादी के बाद परिवार बैटरी ऑटो रिक्शा से वापस लौट रहा था। तभी रास्ते में जंगल क्षेत्र से गुजरते समय अचानक एक बंदर पेड़ से कूदकर ऑटो पर आ गिरा। बंदर से ड्राइवरा का बिगड़ा था संतुलन घायल की मां भारती बताती है कि बंदर के ऑटो के अगले हिस्से पर गिरने से चालक संतुलन खो बैठा और वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के दौरान ऑटो में सवार 9 वर्षीय श्रद्धा अहिरवार वाहन के नीचे दब गई, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। परिजनों और स्थानीय लोगों ने बमुश्किल बच्ची को ऑटो के नीचे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। हादसे में उसके पैर में गंभीर फ्रैक्चर हो गया और शरीर पर भी कई चोटें आईं। गंभीर हालत में जिला अस्पातल रेफर घटना के तुरंत बाद बच्ची को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन कर पैर में रॉड डाली है। फिलहाल बच्ची को ट्रॉमा वार्ड में निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन उसे कुछ दिनों तक निगरानी में रखा जाएगा। वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
राष्ट्रपति को शिमला के लोक भवन में रात्रिभोज:कल अटल टनल जाएंगी मुर्मू, पर्यटकों के रोहतांग जाने पर रोक; हथियार नहीं ले जा सकेंगे साथ

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए आज शिमला स्थित लोक भवन में रात्रिभोज रखा गया है। राष्ट्रपति कुछ देर में रिट्रीट छराबड़ा से लोक भवन पहुंचेंगी और रात में डिनर के बाद वापस रिट्रीट लौटेंगी। राज्यपाल द्वारा आयोजित रात्रिभोज में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू समेत कैबिनेट मंत्री और उच्च अधिकारी भी शामिल होंगे। छराबड़ा से शिमला के लिए राष्ट्रपति की मूवमेंट के दौरान शहर में कुछ देर के लिए ट्रैफिक रोक दिया जाएगा। अटल टनल में 300 पुलिस जवान तैनात द्रौपदी मुर्मू कल अटल टनल रोहतांग जा रही हैं। इसे देखते हुए रोहतांग व आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। क्षेत्र में 300 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए आज ही पर्यटकों के अटल टनल जाने पर रोक लगा दी गई है। कल भी पर्यटकों के रोहतांग जाने की इजाजत नहीं होगी। मनाली में विशेष निषेधाज्ञा लागू डीसी कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा के आदेशानुसार मनाली पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में विशेष निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। आदेशों के अनुसार, 28 और 29 अप्रैल को अटल टनल रोहतांग के साथ-साथ साउथ पोर्टल से सासे हेलीपैड तक, मनाली शहर और इस मार्ग पर पड़ने वाले सभी गांवों में किसी भी व्यक्ति द्वारा आग्नेयास्त्र (बारूद/गनपाउडर) के प्रयोग से चलने वाला हथियार, गोला-बारूद ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। 30 अप्रैल को राष्ट्रपति कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर जाएंगी यह आदेश पुलिस, अर्धसैनिक बलों और सेना के उन जवानों पर लागू नहीं होगा, जो आधिकारिक ड्यूटी पर तैनात हैं। राष्ट्रपति के दौरे से संबंधित ड्यूटी के लिए विशेष रूप से अधिकृत व्यक्ति भी इस दायरे से बाहर रहेंगे। 30 अप्रैल को राष्ट्रपति कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर जाएंगी और एक मई को उनका दिल्ली लौटने का कार्यक्रम है।
लू का जानलेवा अटैक! 40 पार हो चुका पारा, शरीर दे ये संकेत तो तुरंत अपनाएं सरकारी गाइडलाइन, वरना…

Last Updated:April 28, 2026, 18:49 IST दिल्ली समेत कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है और हीटवेव का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में जरा सी लापरवाही भी सेहत पर भारी पड़ सकती है. इसलिए जानिए गर्मी से बचने के जरूरी फर्स्ट एड टिप्स, जो आयुष मंत्रालय ने शेयर किए हैं… हीटवेव के दौरान शरीर का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है. राजधानी दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है, जिसके कारण हीटवेव का खतरा लगातार बढ़ रहा है. ऐसे मौसम में स्वास्थ्य का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी गंभीर परेशानी पैदा कर सकती है. इसी को ध्यान में रखते हुए आयुष मंत्रालय ने लोगों के लिए कुछ जरूरी और आसान फर्स्ट एड टिप्स साझा किए हैं, ताकि तेज गर्मी के असर से बचा जा सके. आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि हीटवेव के दौरान शरीर का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है और पानी की कमी होने लगती है. इस वजह से चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना, सिर दर्द, ज्यादा पसीना आना और कुछ मामलों में बेहोशी जैसी स्थिति भी बन सकती है. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए. अगर किसी व्यक्ति को चक्कर, घबराहट या बेचैनी महसूस हो रही हो, तो सबसे पहले उसे ठंडी या छायादार जगह पर ले जाना चाहिए. तेज धूप में रहने से स्थिति और खराब हो सकती है. इसके बाद व्यक्ति को आराम करने दें और तंग कपड़ों की जगह ढीले कपड़े पहनाएं, ताकि शरीर को हवा मिल सके. साथ ही शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए लगातार पानी पीते रहें. ओआरएस, नींबू पानी और नारियल पानी जैसे पेय पदार्थ भी काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं. यदि किसी को अत्यधिक गर्मी महसूस हो रही हो, तो उसके शरीर पर गीले कपड़े या पानी से हल्का स्पंज करना राहत दे सकता है. इससे शरीर का तापमान धीरे-धीरे सामान्य होने लगता है. हालांकि अगर व्यक्ति बेहोश हो जाए, तो उसे जबरदस्ती पानी या कोई भी चीज खाने-पीने के लिए न दें. मंत्रालय ने सलाह दी है कि गर्मियों में दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचना चाहिए, क्योंकि इस समय तापमान सबसे अधिक रहता है. अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर ढककर निकलें और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें. इसके अलावा खानपान का भी विशेष ध्यान रखना जरूरी है. हल्का, ताजा और पौष्टिक भोजन करें. ज्यादा तला-भुना या भारी खाना खाने से बचें. साथ ही चाय, कॉफी और शराब जैसी चीजों का सेवन कम करना चाहिए, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकती हैं. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 28, 2026, 18:49 IST
अब शराब दुकानों पर क्यूआर कोड लगाना जरूरी:आबकारी आयुक्त के निर्देश- जो ठेकेदार नहीं लगाएंगे, उनके लाइसेंस निरस्त होंगे

मध्य प्रदेश में अब एमआरपी से ज्यादा और एमएसपी से कम कीमत पर शराब नहीं बिक सकेगी। इस व्यवस्था को प्रभावी करने के लिए आबकारी विभाग ने प्रदेश की सभी शराब दुकानों पर ई-आबकारी पोर्टल द्वारा जनरेटेड क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य कर दिया है। इसे स्कैन करते ही उपभोक्ता के मोबाइल पर संबंधित जिले की शराब की रेट लिस्ट खुल जाएगी। प्रदेश की शराब दुकानों पर हो रही मनमानी वसूली को रोकने आबकारी विभाग ने सख्ती करने का फैसला किया है। विभाग ने यह फैसला जिलों में शराब की दुकानों पर एमआरपी से अधिक दाम में शराब बेचने के साथ एमएसपी से कम कीमत पर बिक्री करने के मामलों में किया है। विभाग ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए अब हर मदिरा दुकान पर ‘क्यूआर कोड’ चस्पा करना अनिवार्य कर दिया है। उपभोक्ता खुद करेंगे ब्रांड की कीमत का सत्यापन आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने कहा है कि यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को सशक्त बनाएगी, जिससे वे मौके पर ही अपने स्मार्टफोन से स्कैन कर ब्रांड की वास्तविक और कानूनी दरों का सत्यापन कर सकेंगे। इसके लिए ही तय किया है कि अब हर शराब दुकान पर ई-आबकारी पोर्टल द्वारा जनरेटेड क्यूआर कोड लगाना होगा। इसे स्कैन करते ही उपभोक्ता के मोबाइल पर संबंधित जिले की रेट लिस्ट खुल जाएगी। कोई दुकान संचालक यदि निर्धारित एमएसपी से कम या एमआरपी से ज्यादा पर बिक्री करता है, तो आबकारी नियमों के अंतर्गत उसके विरुद्ध लाइसेंस निरस्त करने जैसी कड़ी कार्यवाही की जाएगी। इसका फायदा यह होगा कि उपभोक्ता अब सीधे मौके पर ही शराब की कीमत का मिलान कर सकेंगे। शराब दुकान में प्रमुख स्थानों पर लगेंगे क्यू आर कोड विभाग ने कहा है कि यह कदम उपभोक्ताओं को पारदर्शी सेवाएं देने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। ई-आबकारी पोर्टल के माध्यम से जिला अधिकारियों को विशेष क्यूआर कोड उपलब्ध कराए गए हैं, जिन्हें दुकानों के प्रमुख हिस्सों पर लगाना होगा। कोई लायसेंसी ठेकेदार अगर इन नियमों की अनदेखी करता है या निर्धारित मूल्य से अलग बिक्री करता पाया जाता है, तो उसे भारी दंड का सामना करना पड़ेगा। इस मामले में सख्ती के लिए प्रदेश भर में 28 अप्रैल 2026 से 7 मई 2026 तक एक विशेष 10 दिवसीय जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट 11 मई तक अनिवार्य रूप से सभी जिलो से तलब की गई है। ऐसे लगेंगे क्यूआर कोड
छतरपुर जनसुनवाई में पहुंचा स्टूडेंट बोला- मुझे प्राइवेट कर दिया:प्राचार्य पर अभद्रता का आरोप; प्राचार्य बोले- रिकॉर्ड दिखवाएंगे

छतरपुर में कलेक्टर की जनसुनवाई के दौरान संदीपनी सीएम राइज हाई स्कूल के एक 12वीं के छात्र ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र दयाशंकर अहिरवार ने बताया कि उसे नियमित छात्र से जबरन प्राइवेट छात्र घोषित कर दिया गया है, जिससे उसका शैक्षणिक भविष्य खतरे में पड़ गया है। छात्र दयाशंकर ने आरोप लगाया कि प्राचार्य ने उसके साथ अभद्रता कर धमकी दी। छात्र के अनुसार, प्राचार्य ने कहा, “बंदूक से गोली निकल जाने पर वापस नहीं आती, तो सर का आशय क्या है।” जनसुनवाई में दिए गए आवेदन में छात्र ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी प्राचार्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्राचार्य बोले- रिकॉर्ड दिखवाएंगे मामले में जिला पंचायत सीईओ नम:शिवाय अरजरिया ने बताया कि छात्र ने शिकायत की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रबंधन ने बताया है कि राज्य शासन और बोर्ड की नीति के तहत, जिन छात्रों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम होती है, उन्हें असंलग्न (प्राइवेट) श्रेणी की मार्कशीट दी जाती है। स्कूल में ऐसे 7 छात्रों के साथ यही प्रक्रिया अपनाई गई है। स्कूल के प्राचार्य ज्ञान प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि छात्र के मामले की पूरी जानकारी बुधवार को स्कूल खुलने के बाद रिकॉर्ड देखने पर ही स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने जांच के आधार पर स्थिति सामने आने की बात कही। कक्षा शिक्षक श्रीपाल अनुरागी ने बताया कि उनसे कम उपस्थिति वाले छात्रों की सूची मांगी गई थी, लेकिन उन्होंने इस छात्र का नाम नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि छात्र को प्राइवेट कैसे किया गया, यह जांच का विषय है। क्लास टीचर यह भी बताते हैं कि जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर और जिनका परफॉर्मेंस अच्छा नहीं होता या जो बच्चे उद्दंड और शैतानी प्रवत्ति के होते हैं। उन्हें भी प्राइवेट कर दिया जाता है ताकि रिजल्ट अच्छा आ सके। अब इस पूरे मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।
ग्वालियर में अवैध कॉलोनियों पर एक्शन, आठ कॉलोनाइजर पर FIR:शासन के नियमों की अनदेखी कर काटी कॉलोनी, कोई एनओसी नहीं ली

ग्वालियर में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। दो दिन पहले बिजौली और महाराजपुरा में एक दिन में 17 एफआईआर दर्ज की गई थीं। इसके बाद सोमवार-मंगलवार दरमियानी रात आठ और नए प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें दो मामले तिघरा थाना और छह मामले बिजौली थाना में दर्ज हुए हैं। सभी केस में कॉलोनाइजरों ने शासन के नियमों की अनदेखी करते हुए और आम लोगों को गुमराह करते हुए कॉलोनियां काट दी, जबकि उनके पास संबंधित किसी भी विभाग की एनओसी नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, शहर में अवैध रूप से प्लॉटिंग और कॉलोनियों के निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित कॉलोनाइजरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ अन्य आवश्यक कदम भी उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इन कॉलोनियों को बिना वैध अनुमति और नियमों के विपरीत विकसित किया जा रहा था, जिस पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है। पुलिस, प्रशासन और राजस्व विभाग की संयुक्त जांच में पाया गया कि बिना वैध अनुमति और नियमों के विपरीत कॉलोनियों का विकास किया जा रहा था। इन कॉलोनियों में न तो बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था थी और न ही संबंधित विभागों से मंजूरी ली गई थी, जिससे भविष्य में खरीदारों को नुकसान की आशंका बनी रहती है। बिजौली थाने में इन पर FIR
पन्ना में बीएससी छात्रा ने फांसी लगाकर जान दी:परिजन ने युवक पर शादी के लिए परेशान का आरोप लगाया, एसपी से की शिकायत

पन्ना जिले में बीएससी प्रथम वर्ष की एक छात्रा ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। छात्रा के परिवार वालों ने एक युवक पर उसे परेशान करने और खुदकुशी के लिए मजबूर करने का गंभीर आरोप लगाया है। मंगलवार, 28 अप्रैल को छात्रा के पिता ने पन्ना एसपी को इस मामले में शिकायत की है। 21 साल की पुष्पा अहिरवार अमानगंज के पुरैना गांव की रहने वाली थी। वह पन्ना के साइंस कॉलेज में पढ़ाई करती थी और वहां किराए का कमरा लेकर रह रही थी। परिवार का आरोप है कि विकास अहिरवार नाम का युवक उसे काफी समय से परेशान कर रहा था और उस पर शादी करने के लिए लगातार दबाव डाल रहा था। धमकी से और बढ़ गया तनाव छात्रा के पिता गुटियां अहिरवार ने बताया कि जब उन्होंने इस बात की शिकायत युवक के परिवार से की, तो वे सुधरने के बजाय गाली-गलौज करने लगे और जान से मारने की धमकी दी। इससे छात्रा और ज्यादा तनाव में आ गई। आखिरी फोन पर बयां किया था दर्द पुष्पा की मां सुनीता ने बताया कि 16 अप्रैल को पुष्पा ने अपने पिता को फोन किया था। उसने रोते हुए बताया कि विकास ने उसका जीना मुश्किल कर दिया है और वह अब पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रही है। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उसने उसी शाम फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। न्याय की गुहार पीड़ित पिता ने पुलिस से मांग की है कि उनकी बेटी को मौत के लिए उकसाने वाले आरोपी विकास पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और परिवार को न्याय दिलाने की अपील की है।
इंस्टेंट होम सर्विस’ ने पकड़ी रफ्तार:बर्तन मांजने, पोंछा लगाने, खाना पकाने की सर्विस अब नई रेस; 20 लाख बुकिंग, यूजर 1 करोड़ पार

स्मार्टफोन पर एक टैप और 10 मिनट में घर पर हेल्पर- यह बस एक आइडिया नहीं रह गया, बल्कि लाखों भारतीयों की जीवनशैली का हिस्सा बनता जा रहा है। इंस्टेंट होम सर्विस एप्स मार्च में 1 करोड़ मासिक एक्टिव यूजर पार कर चुके हैं। इस रेस में पैसा भी उतनी ही तेजी से दौड़ रहा है। ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी मॉर्गन स्टेनली की एक रिसर्च नोट के मुताबिक, अर्बन कंपनी, प्रोंटो और स्नैबिट के कुल मासिक एक्टिव यूजर (एमएयू) मार्च में 1.04 करोड़ हो गए। अर्बन कंपनी इनमें सबसे आगे है, लेकिन प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। नए खिलाड़ी इसकी बाजार हिस्सेदारी छीन रहे हैं। इन्हें ऊंचे वैल्युएशन पर तगड़ी फंडिंग भी मिल रही है। अर्बन कंपनी का इंस्टाहेल्प वर्टिकल हर महीने 10 लाख बुकिंग पार कर चुका है। प्रोंटो रोजाना करीब 18,000 ऑर्डर संभाल रहा है। नए प्लेटफॉर्म फ्रेश डिमांड का बड़ा हिस्सा खींच रहे अर्बन कंपनी का यूजर बेस में सबसे बड़ा है। लेकिन प्रोंटो मार्च में 43% एप डाउनलोड के साथ श्रेणी में नंबर एक रहा। अर्बन कंपनी का शेयर 31% और स्नैबिट का 26% रहा। यानी नए प्लेटफॉर्म फ्रेश डिमांड का बड़ा हिस्सा खींच रहे हैं। रोजाना और मासिक एक्टिव यूजेज में भी प्रोंटो और स्नैबिट का शेयर लगातार बढ़ रहा है। यह बताता है कि यूजर लॉयल्टी भी इनकी तरफ शिफ्ट हो रही है। वैल्युएशन दोगुनी, फंडिंग की होड़ प्रोंटो- यह प्लेटफॉर्म 141-188 करोड़ रुपए का एक्सटेंशन राउंड जुटाने की तैयारी में है। इसके लिए वैल्युएशन 1,883 करोड़ रुपए आंका गया है, जो पिछले राउंड का दोगुना है। स्नैबिट- मिराए एसेट और एसआईजी से 565-659 करोड़ रुपए जुटाने की बातचीत चल रही है। इसके लिए संभावित वैल्युएशन 3,295-3,766 करोड़ रुपए हो सकता है। इस साल मार्च तक घरेलू इंस्टेंट होम सर्विस इंडस्ट्री की स्थिति मंथली एक्टिव यूजर – 1.04 करोड़ मासिक बुकिंग – 20 लाख+ प्रोंटो डाउनलोड शेयर – 43% मार्च 2026 में स्नैबिट की फंड रेजिंग – ₹590 करोड़ (659 करोड़ पर बात) प्रोंटो की फंडिंग -₹235 करोड़, मार्च में बड़ा सवाल… ग्रोथ तो है, मुनाफा कब तक? इंस्टेंट होम सर्विस, क्विक कॉमर्स जैसी नहीं है। यहां प्रशिक्षित कामगारों की रियल-टाइम उपलब्धता जरूरी है। वर्कर ऑनबोर्डिंग, रिटेंशन, इंसेंटिव और कस्टमर एक्विजिशन पर कंपनियां काफी खर्च कर रही हैं। पड़ोस-स्तर पर घना नेटवर्क बनाने में वक्त और पैसे, दोनों लगते हैं। निवेशक अभी ग्रोथ के लिए खर्च उठा रहे हैं, लेकिन बाजार के मैच्योर होने पर यूनिट इकोनॉमिक्स की असली परीक्षा होगी।
टीटी नगर में शेड पर कब्जे को लेकर विवाद:शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप; पुलिस आयुक्त से लगाई गुहार

भोपाल के टीटी नगर इलाके में एक शेड को लेकर विवाद सामने आया है। सुदामा नगर निवासी ओम प्रकाश कटियार ने आरोप लगाया है कि 18 मार्च 2026 को शेड का ताला तोड़कर उसमें रखा कीमती सामान और दस्तावेज निकाल लिए गए। उन्होंने कृष्णकांत राय और सपना राय पर यह आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत की है। आवेदक ओम प्रकाश कटियार के मुताबिक, संबंधित शेड उनके द्वारा सालों पहले संघ कार्यालय के इस्तेमाल के लिए बनाया गया था, जहां घरेलू और कार्यालय से जुड़ा सामान रखा जाता था। उनका कहना है कि शेड की देखरेख उनके छोटे भाई करते थे। कटियार ने आरोप लगाया कि हाल ही में आवंटित आवास के पास स्थित इस शेड पर सपना राय और उनके बेटे कृष्णकांत राय ने दावा जताया और शेड खाली करने का दबाव बनाया। इसके बाद 18 मार्च 2026 को कथित रूप से शेड का ताला तोड़कर अंदर रखा सामान और दस्तावेज निकाल लिए गए। थाने में शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं पुलिस को दिए आवेदन में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने शेड को अपने मकान में मिलाते हुए दीवार और गेट में बदलाव कर लिया। ओम प्रकाश का दावा है कि इस संबंध में उन्होंने पहले भी थाने में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस आयुक्त को आवेदन देकर जांच की मांग की कटियार ने पुलिस आयुक्त को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की। उन्होंने मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
दुनिया के आधे निवेशक एआई से ले रहे वित्तीय सलाह:सर्वे-14 से 45 साल के युवाओं को एआई टूल्स पर भरोसा

बचत हो या निवेश- अब फैसला करने से पहले लोग बैंक या सलाहकार के बजाय एआई से मशविरा लेने लगे हैं। ग्लोबल प्रोफेशनल सर्विसेज कंपनी ईवाई के ताजा सर्वे में एक चौंकाने वाला ट्रेंड सामने आया है। दुनियाभर के करीब आधे लोग निवेश के फैसले एआई की मदद से कर रहे हैं। 23 देशों के 18,000 लोगों पर किए गए सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते छह महीनों में 49% उपभोक्ताओं ने बचत और निवेश से संबंधित निर्णय एआई की मदद से लिए। 37% ने कहा कि वे एआई को व्यक्तिगत वित्तीय सलाह या ऑटोमेटेड फैसलों के लिए काफी उपयोगी मानते हैं। ब्रिटेन में 35% लोगों ने बचत और निवेश संबंधी फैसले एआई की मदद से किए, खतरा भांप वित्तीय नियामक ने इस ट्रेंड की समीक्षा शुरू की 68% जेन जी, 65% मिलेनियल्स AI के भरोसे सबसे ज्यादा उत्साह जेन जी (14-29 साल) और मिलेनियल्स (30-45 साल) के बीच देखा गया। 68% जेन जी और 65% मिलेनियल्स निवेश के फैसले एआई की मदद से करते हैं। ब्रिटेन में 35% लोगों ने बचत और निवेश संबंधी फैसले एआई की मदद से किए। वहां चैटजीपीट सबसे लोकप्रिय टूल बना। गूगल जेमिनाई इस मामले में दूसरे नंबर पर रहा। एआई इन मामलों में आगे नियम, गणनाएं समझाने में, डेटा का सारांश देने में, निवेश के मामले में खाधड़ी पकड़ने में पर इन मामलों में कमजोर व्यक्तिगत हालात के हिसाब से सटीक सलाह देने में, अधूरे सवालों के जवाब भी अक्सर अधूरे, तथ्यों पर भरोसा नहीं कर सकते, स्वतंत्र पुष्टि जरूरी ब्रिटेन – एआई की सलाह से निवेश किया तो कानूनी मदद की गुंजाइश कम ब्रिटेन की वित्तीय नियामक एफसीए ने साफ कहा है कि चैटजीपीटी, क्लॉड जैसे सामान्य आई टूल फाइनेंशियल सर्विसेज के लिए अधिकृत नहीं हैं। इनकी सलाह वित्तीय लोकपाल सेवा या ‘फाइनेंशियल सर्विसेज कम्पनसेशन स्कीम’ के दायरे में नहीं आती। इसका मतलब है कि एआई की मदद से निवेश करने पर यदि कोई नुकसान या फ्रॉड होता है तो कानूनी मदद की गुंजाइश कम होगी। एफसीए ने जनवरी में इस ट्रेंड की समीक्षा भी शुरू की है। निवेशक सिर्फ एआई के भरोसे नहीं रह सकते – एक्सपर्ट एआई शक्तिशाली सहायक टूल है, लेकिन यह तब सबसे अच्छा काम करता है जब इसे अन्य भरोसेमंद स्रोतों के साथ इस्तेमाल किया जाए।- एंड्रयू ऑक्सलेड, फिडेलिटी इंटरनेशनल एआई का विस्तार अंत -भरोसे पर निर्भर करेगा। वित्तीय संस्थाओं को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ एआई अपनाना चाहिए।- प्रीतम पेडानगरी, एआई एक्सपर्ट, ईवाई एआई नियम और गणनाएं बताने में तो स्मार्ट है, लेकिन ये मशीनी टूल यह नहीं बता सकते कि आपको वास्तव में करना क्या चाहिए।- होली मैके, फाउंडर, बोरिंग मनी









