Wednesday, 09 Sep 2026 | 04:08 AM

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ओडिशा में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स:कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ

ओडिशा में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स:कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ

ओडिशा के क्योंझर में सोमवार को हैरान करने वाला मामला सामने आया। आदिवासी शख्स जीतू मुंडा अपनी मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया। कंकाल देख बैंक में अफरा-तफरी मच गई। दरअसल, जीतू अपनी बहन कलारा मुंडा के खाते से 20 हजार रुपए निकालना चाहता था, इसके लिए वह कई बार बैंक भी गया। लेकिन कर्मचारियों ने खाता धारक को लाने को कहा। जीतू बैंक में पहले ही कलारा की मौत की जानकारी दे चुका था। फिर भी उसे कोई मदद नहीं मिली, इससे परेशान होकर उसने कब्र से कंकाल निकालकर बैंक में पेश किया। बहन का कंकाल कंधे पर लेकर जीतू करीब 3 किमी पैदल चला। फिर मल्लिपसी में बने ओडिशा ग्रामीण बैंक ब्रांच के बरामदे में कंकाल को रख दिया। इसे देख वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। पुलिस के अनुसार, जीतू अनपढ़ है और कानूनी प्रक्रिया से अनजान था। प्रशासन ने उसे नियम समझाए और जल्द पैसे दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद शव को दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया। बैंक के बरामदे में रखे कंकाल की तस्वीर… कंकाल देखकर बैंक कर्मचारियों ने पुलिस बुलाई पटना पुलिस के अनुसार, जीतू पढ़ा-लिखा नहीं है। आदिवासी जनजाति का है और कानूनी प्रक्रिया से पूरी तरह अनजान है। स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक (आईआईसी) किरण प्रसाद साहू ने कहा, “जीतू को नहीं पता कि कानूनी वारिस या नॉमिनी क्या होता है। बैंक अधिकारी भी उसे मृतक के खाते से पैसे निकालने की प्रक्रिया नहीं समझा पाए। पुलिस ने जीतू मुंडा को आश्वासन दिया कि वे उसकी मृत बहन के बैंक खाते से पैसे निकलवाने में मदद करेंगे। बाद में, पुलिस की मौजूदगी में शव को दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया। आखिर क्यों चाहिए थे जीतू को बहन के खाते में जमा रुपए डियानाली गांव का रहने वाला जीतू मुंडा जिस महिला का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा, वह उसकी बड़ी बहन कालरा मुंडा थी। कालरा की मौत 26 जनवरी 2026 को हो गई थी। कालरा मुंडा के बैंक खाते में नॉमिनेट पति और बेटे की भी मौत हो चुकी है। इसलिए, उनके नाम पर जमा पैसे का जीतू मुंडा ही एकमात्र दावेदार है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उनके लिए यह राशि बेहद अहम थी और जीवनयापन का सहारा मानी जा रही थी।

भोपाल में 1 से 30 मई तक छुट्‌टी पर रोक:जनगणना में लगे अधिकारी-कर्मचारी नहीं ले सकेंगे अवकाश

भोपाल में 1 से 30 मई तक छुट्‌टी पर रोक:जनगणना में लगे अधिकारी-कर्मचारी नहीं ले सकेंगे अवकाश

भोपाल में 1 से 30 मई तक अधिकारी-कर्मचारियों की छुट्‌टी पर रोक लगा दी गई है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने यह आदेश जारी किए हैं। आदेश उन्हीं अधिकारी-कर्मचारियों पर लागू होगा, जो जनगणना कार्य में लगे हैं। दरअसल, 1 मई से जनगणना के तहत मकान सूचीकरण और उनकी गिनती होना है, जो 30 मई तक चलेगा। इस कार्य में भोपाल के 6 हजार से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्हीं के लिए अवकाश वाला आदेश लागू होगा। सभी प्रकार के अवकाश प्रतिबंधित रहेंगे मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना संबंधी कार्य को दृष्टिगत रखते हुए सभी प्रकार के अवकाश प्रतिबंधित किए गए हैं। हालांकि, इस दौरान किसी के यहां जरूरी पारवारिक कार्य है या कोई मेडिकल इमरजेंसी हो गई तो उन्हें संबंधित कार्यालय प्रमुख की अनुमति लेना जरूरी होगा।

एमपी में 1 मई से यूजी-पीजी एडमिशन शुरू:दो महीने चलेगी काउंसलिंग, उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किया पूरा शेड्यूल

एमपी में 1 मई से यूजी-पीजी एडमिशन शुरू:दो महीने चलेगी काउंसलिंग, उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किया पूरा शेड्यूल

मध्य प्रदेश के सरकारी और निजी कॉलेजों में स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने काउंसलिंग का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। यूजी कोर्स के लिए 1 मई से और पीजी कोर्स के लिए 2 मई से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होगा, जो 30 जून तक चलेगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन मोड में होगी, जिसमें रजिस्ट्रेशन के साथ दस्तावेज सत्यापन अनिवार्य रहेगा। इस बार विभाग ने दो मुख्य काउंसलिंग राउंड के साथ कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) का एक अतिरिक्त राउंड भी जोड़ा है, ताकि खाली सीटों को भरने में आसानी हो सके। ऑनलाइन प्रक्रिया से होगा पूरा एडमिशन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार इस साल पूरी प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से ही पूरी की जाएगी। छात्रों को निर्धारित तिथियों के भीतर रजिस्ट्रेशन करना होगा और अपने दस्तावेजों का सत्यापन भी कराना होगा। बिना सत्यापन के छात्रों की काउंसलिंग प्रक्रिया अधूरी मानी जाएगी और वे सीट आवंटन से वंचित रह सकते हैं। चॉइस फिलिंग से तय होगा कॉलेज एडमिशन प्रक्रिया के दौरान छात्रों को अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स का चयन करना होगा। इसी चॉइस फिलिंग के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी और सीटों का आवंटन किया जाएगा। सीट मिलने के बाद छात्रों को तय समय सीमा में फीस जमा करनी होगी, अन्यथा उनकी सीट स्वतः निरस्त हो जाएगी और वह अगली सूची में अन्य छात्रों को आवंटित कर दी जाएगी। दो मुख्य राउंड के साथ CLC का नया मौका इस बार प्रवेश प्रक्रिया में दो मुख्य काउंसलिंग राउंड के अलावा कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) का एक अतिरिक्त राउंड भी रखा है। यह राउंड उन सीटों को भरने के लिए होगा, जो मुख्य काउंसलिंग के बाद खाली रह जाती हैं। इससे अधिक से अधिक छात्रों को प्रवेश का अवसर मिल सकेगा और कॉलेजों में सीटें खाली नहीं रहेंगी। नए कोर्स ITEP से मिलेगा शिक्षक बनने का मौका इस वर्ष एनसीटीई के अंतर्गत बीएड, बीपीएड और एमपीएड कोर्स के साथ एक नया चार वर्षीय कोर्स आईटीईपी (ITEP) भी शुरू किया है। इस कोर्स की खास बात यह है कि इसे 12वीं के बाद सीधे किया जा सकता है। इसे शिक्षक बनने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है, क्योंकि इसमें शुरुआती स्तर से ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। यूजी प्रवेश का पहला चरण (महत्वपूर्ण तिथियां) एनसीटीई कोर्स का शेड्यूल दो माह तक चलेगी काउंसलिंग करीब दो महीने तक चलने वाली इस काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए प्रदेश के लाखों छात्रों को उच्च शिक्षा में प्रवेश का अवसर मिलेगा। विभाग ने छात्रों से अपील की है कि वे तय समय सीमा के भीतर सभी प्रक्रियाएं पूरी करें, ताकि उन्हें एडमिशन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

डेली कॉलेज चुनाव: नए संविधान पर लगी मुहर:अब सिर्फ दो श्रेणियों में होगा मुकाबला; ओडीए में विरोध के स्वर तेज

डेली कॉलेज चुनाव: नए संविधान पर लगी मुहर:अब सिर्फ दो श्रेणियों में होगा मुकाबला; ओडीए में विरोध के स्वर तेज

डेली कॉलेज के आगामी चुनाव को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है। फर्म एंड सोसायटी ने कॉलेज के नए संविधान संशोधन को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है, जिसकी आधिकारिक प्रति मुख्य चुनाव अधिकारी और हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस सुशील गुप्ता के पास पहुंच गई है। शासन की इस हरी झंडी के साथ ही अब यह तय हो गया है कि इस बार चुनाव प्रक्रिया नए नियमों के तहत ही संपन्न कराई जाएगी। नए बदलावों के बाद अब निर्वाचन का दायरा सीमित हो गया है और केवल दो श्रेणियों के लिए ही वोट डाले जाएंगे। संशोधित संविधान के प्रावधानों के अनुसार, अब चुनाव मुख्य रूप से ‘न्यू डोनर कैटेगरी (2B2)’ और ‘पुराने डोनर कैटेगरी (2B1)’ के लिए आयोजित किए जाएंगे। जहां पुराने डोनर्स की श्रेणी से दो सदस्यों का चयन मतदान के जरिए होगा, वहीं न्यू डोनर कैटेगरी के लिए भी चुनावी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सबसे बड़ा बदलाव ‘ओल्ड डेलियंस एसोसिएशन’ (ओडीए) यानी कैटेगरी 2C में देखने को मिला है। पहले इस श्रेणी से दो सदस्यों का चुनाव होकर बोर्ड में जाने का प्रावधान था, जिसे अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। नए नियमों के तहत अब ओडीए के अध्यक्ष और सचिव सीधे बोर्ड का हिस्सा बनेंगे। इसके अलावा, एक प्रतिष्ठित छात्र को भी बोर्ड में शामिल किया जाएगा, लेकिन यह पूरी प्रक्रिया चयन (Selection) पर आधारित होगी, न कि निर्वाचन पर। प्रबंधन और बोर्ड इस बदलाव को कॉलेज के हित में बता रहे हैं। उनका तर्क है कि इससे बार-बार चुनाव कराने की जटिलता खत्म होगी। साथ ही, ओडीए के निर्वाचित पदाधिकारी जब सीधे बोर्ड में बैठेंगे, तो वे पूर्व छात्रों की समस्याओं और सुझावों को अधिक प्रभावी ढंग से शासन के सामने रख सकेंगे। हालांकि, इस फैसले ने ओडीए के भीतर एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। एसोसिएशन का एक गुट इस संशोधन का पुरजोर विरोध कर रहा है। विरोधियों का कहना है कि मतदान का अधिकार छीनने से ओडीए के लोकतांत्रिक अस्तित्व पर संकट खड़ा हो जाएगा। विरोधी गुट का मुख्य तकनीकी ऐतराज चुनाव के शेड्यूल और संविधान लागू होने की तारीख को लेकर है। उनका तर्क है कि जब 21 अप्रैल को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हुई थी, तब पुराना संविधान ही प्रभावी था। फर्म एंड सोसायटी से नए संविधान की सत्यापित प्रति 23 अप्रैल को प्राप्त हुई है, ऐसे में प्रक्रिया के बीच में नए नियमों को थोपना नियम विरुद्ध है। माना जा रहा है कि यह मामला जल्द ही कानूनी मोड़ ले सकता है और विरोधी गुट इस निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी में है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव की नामांकन प्रक्रिया 28 और 29 अप्रैल को संपन्न होगी। इसके बाद 4 मई से 19 मई के बीच डाक मतपत्र (पोस्टल बैलेट) जारी किए जाएंगे, जिन्हें 20 मई तक वापस जमा करना होगा। चुनाव का मुख्य चरण 21 मई को होगा, जिसमें स्थानीय मतदाता वोट डालेंगे। मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद उसी दिन मतगणना की जाएगी और देर शाम तक चुनाव परिणामों की घोषणा कर दी जाएगी। फिलहाल, नए संविधान की मंजूरी ने कॉलेज की राजनीति में हलचल तेज कर दी है और सबकी नजरें अब हाईकोर्ट के संभावित रुख पर टिकी हैं।

गर्मियों में मटका पानी: 99% लोगों को नहीं पता कि मटके में रखा पानी कब मिलना चाहिए? जान लें सही उपाय; अन्य पढाई स्वास्थ्य पर भारी

तस्वीर का विवरण

ज्यादातर लोग इस बात को जरूर स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन मटके का पानी हर 24 घंटे में एक बार बदलना चाहिए। अगर बहुत ज्यादा गर्मी है, तो 12-18 घंटे के भीतर पानी बेहतर होता है। छवि: सोशल मीडिया मटके में लंबे समय तक पानी में रहने वाले बैथने का कारण बन सकते हैं। पानी का स्वाद और क्वालिटी ख़राब हो जाती है। इससे पेट खराब, गैस या संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं। छवि: एआई पुराना पानी पूरी तरह खाली करें। मटके को साफ पानी से 2-3 बार एक्सचेंज करें। सप्ताह में 1-2 बार मटके कोम्पोन या सोडा सोडा से साफ करें। पूरी तरह से अनइंस्टॉल के बाद ही नया पानी भरना शामिल है। छवि: एआई मटके को हमेशा पढ़ें। पानी निकालने के लिए साफ लोटा या नाल का उपयोग करें। हाथ से चलने वाली पानी की बोतलें। छवि: एआई मटके को वांछनीय और छायादार जगह पर रखें। रोज़ ताज़ा पानी भरना। जरूरत हो तो थोड़ा ठंडा पानी का औसत तापमान। छवि: सोशल मीडिया मटके का वॉटर प्लांट स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, लेकिन उसकी सही देखभाल और पानी पर समय देना बहुत जरूरी है। छवि: एआई यदि आप प्रतिदिन ताज़ा पानी का उपयोग करते हैं, तो आप और आपका परिवार गर्मी में सुरक्षित और स्वस्थ रहेंगे। छवि: एआई अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।

प्रसव पीड़ा से तड़पती महिला, स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लगा:पन्ना में बारिश के बीच परिजन को 27 किमी दूर सलेहा अस्पताल ले जाना पड़ा

प्रसव पीड़ा से तड़पती महिला, स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लगा:पन्ना में बारिश के बीच परिजन को 27 किमी दूर सलेहा अस्पताल ले जाना पड़ा

जिले में सोमवार रात कल्दा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका होने के कारण एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान इलाज के लिए घंटों भटकना पड़ा। जानकारी के अनुसार, रात करीब 8:30 बजे सकतरा गांव की रहने वाली वंदना वर्मा को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन ने 108 एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें रात 9:30 बजे कल्दा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। बाहर तेज बारिश हो रही थी, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि वहां मुख्य द्वार पर ताला लगा है। तेज बारिश में भटकना पड़ा महिला के ससुर रामखिलावन के अनुसार, अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर था और न ही कोई कर्मचारी। काफी देर तक मदद न मिलने के बाद एम्बुलेंस को वापस मोड़ना पड़ा। मजबूर होकर परिजन इस गंभीर स्थिति और खराब मौसम के बीच वंदना को 27 किलोमीटर दूर सलेहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। परिजन ने स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही पर भारी नाराजगी जताई है। जांच की बात कह रहे अधिकारी इस घटना के बाद पन्ना के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) राजेश प्रसाद तिवारी ने कहा है कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे इस बात की जांच कराएंगे कि आखिर रात के समय स्वास्थ्य केंद्र पर ताला क्यों लगा था और स्टाफ ड्यूटी से गायब क्यों था।

विदिशा में किसान ट्रेन के सामने कूदा, मौत:वीडियो में पूर्व विधायक पर केंद्रीय कृषि मंत्री की सुपारी देने का आरोप लगाया

विदिशा में किसान ट्रेन के सामने कूदा, मौत:वीडियो में पूर्व विधायक पर केंद्रीय कृषि मंत्री की सुपारी देने का आरोप लगाया

विदिशा में सोमवार को किसान ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। ट्रेन के सामने कूदने से पहले उसने एक वीडियो बनाया, जिसमें उसने पूर्व विधायक शशांक भार्गव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में किसान बोलते हुए सुनाई दे रहा है कि पूर्व विधायक शशांक भार्गव उस पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विदिशा विधायक मुकेश टंडन की हत्या करने के लिए दबाव बना रहे थे। बेटे ने भी दोहराई बात मृतक किसान के बेटे दीपक गुर्जर ने भी इन आरोपों का समर्थन किया है। परिवार का कहना है कि पूर्व विधायक शशांक भार्गव किसान पर यह दबाव बना रहे थे कि उसे पैसे तभी मिलेंगे जब वह इन नेताओं को नुकसान पहुंचाएगा। जानकारी के अनुसार, मृतक किसान पूर्व विधायक शशांक भार्गव की जमीन लीज पर लेकर खेती करता था। पुलिस ने किसान के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज में कराया है। थाना प्रभारी आशुतोष सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वीडियो की भी जांच की जा रही है। पूर्व विधायक बोले- जांच हो, जनता के सामने सच आना जरूरी वहीं, इस मामले में पूर्व विधायक शशांक भार्गव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए कहा कि इस वीडियो की पूरी जांच की जानी चाहिए। जांच में वे पूरा सहयोग करेंगे। यह राजनीतिक षडयंत्र है जनता के सामने सच आना जरूरी है।

इंदौर के पार्षद कालरा की रिकॉर्डिंग वायरल:सोशल मीडिया पर आई बातचीत की रिकॉर्डिंग, दुकान को लेकर कर रहे बात

इंदौर के पार्षद कालरा की रिकॉर्डिंग वायरल:सोशल मीडिया पर आई बातचीत की रिकॉर्डिंग, दुकान को लेकर कर रहे बात

इंदौर में पार्षद कमलेश कालरा की ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। तीन अलग-अलग पार्ट में यह रिकॉर्डिंग सामने आई है। रिकॉर्डिंग में वह किसी व्यक्ति से दुकान के संबंध में बात कर रहे हैं। रिकॉर्डिंग के सामने आने के बाद एक रिकॉर्डिंग ओर सामने आई, जिसमें वह कह रहे हैं कि मीडिया तक ये रिकॉर्डिंग कैसे पहुंची। रिकॉर्डिंग की बात करें तो इसमें वह और दूसरे व्यक्ति से बात कर रहे हैं। जिसमें किसी दुकान को लेकर चर्चा की जा रही है। तीन अलग-अलग पार्ट में सामने आई रिकॉर्डिंग तीन अलग-अलग रिकॉर्डिंग सामने आई है। इसमें पहली रिकॉर्डिंग में सामने वाला किसी विजय का नाम लेकर पार्षद से कर रहा है कि वह आपसे मिलना चाहते हैं। इसमें शाम को मिलने की बात पर पार्षद कहते हैं कि पार्षद हैं ना। कभी भी कुछ भी काम आ जाता है, तो उसी टाइम जाना पड़ता है। सामने वाले ने कहा कि वह कह रहे हैं कि एक दुकान खाली करा देंगे। ये वाली दुकान का जैसा भैया कहेंगे वैसा कर लेंगे। आधा किराया भैया को दे देंगे। वहीं सामने वाला पार्षद को कहता है कि आप तो इस दुकान की चॉबी ही ले लेना। वहीं, दूसरी रिकॉर्डिंग में ऐसे फोन पर बात मत कराया करो। सबसे तुम ही बात कर लिया करो। सामने वाला कहता है कि वह मेरी बात नहीं मानेंगे, इस पर पार्षद कहते हैं कि जेसीबी आएगी तब मान जाएंगे। वहीं, तीसरी रिकॉर्डिंग में वह कह रहे हैं कि बाजार में ये ऑडियो कैसे आ गई मीडिया के पास। मीडिया में चल रही है। तुम ऐसे करोगे तो कैसे काम चलेगा। ये हटवाओ। आरोपों को गलत बताया जब पार्षद कमलेश कालरा से बात की तो उन्होंने कहा कि विजय नामक व्यक्ति ने दो दुकानों पर कब्जा कर रखा था। आज कार्रवाई हुई है, जबकि आज वे इलाके में थे भी नहीं, वे कोर्ट में थे। उन्होंने लेन-देन के आरोप को भी गलत बताया है।

आलमपुर थाना प्रभारी रवि उपाध्याय को दी विदाई:बोले- आलमपुर जैसी शांत जगह पर लोगों ने बहुत प्यार और अपनापन दिया

आलमपुर थाना प्रभारी रवि उपाध्याय को दी विदाई:बोले- आलमपुर जैसी शांत जगह पर लोगों ने बहुत प्यार और अपनापन दिया

आलमपुर थाना प्रभारी रवि उपाध्याय का सोमवार शाम को विदाई समारोह आयोजित किया गया। 16 महीने तक आलमपुर में सेवाएं देने के बाद अब उनका तबादला दबोह कर दिया गया है। उनकी जगह अब एसआई सोहनीश सिंह तोमर आलमपुर थाने की जिम्मेदारी संभालेंगे। विदाई के मौके पर भावुक होते हुए रवि उपाध्याय ने कहा कि आलमपुर एक धार्मिक और शांत नगरी है, जहां के लोगों से उन्हें बहुत प्यार और अपनापन मिला। उन्होंने यहां बिताए समय को अपने करियर के सबसे बेहतरीन दौर में से एक बताया। सक्रिय मुखबिर तंत्र की तारीफ समारोह में एएसआई ओंकार सिंह तोमर ने रवि उपाध्याय के काम करने के तरीके की सराहना की। उन्होंने खास तौर पर उपाध्याय के मजबूत मुखबिर तंत्र का जिक्र किया, जिसकी वजह से क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि तबादला नौकरी का एक हिस्सा है और उन्होंने रवि उपाध्याय को नई पारी के लिए शुभकामनाएं दीं। सहकर्मियों ने दी भावभीनी विदाई थाने के स्टाफ और क्षेत्र के लोगों ने रवि उपाध्याय को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस विदाई कार्यक्रम में असवार थाना प्रभारी सुरेश मिश्रा, सीएमओ अतुल रावत, बैंक मैनेजर विशाल शाक्य और स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस स्टाफ और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

बुरहानपुर में नर्सरी से 8वीं तक स्कूलों में अवकाश:बढ़ते तापमान के कारण कलेक्टर का आदेश, आंगनवाड़ी से बच्चों को घर पर मिलेगा पोषक आहार

बुरहानपुर में नर्सरी से 8वीं तक स्कूलों में अवकाश:बढ़ते तापमान के कारण कलेक्टर का आदेश, आंगनवाड़ी से बच्चों को घर पर मिलेगा पोषक आहार

बुरहानपुर में बढ़ती गर्मी को देखते हुए बच्चों की छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। कलेक्टर हर्ष सिंह ने नर्सरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों में 28 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश घोषित किया है। यह फैसला बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इसमें सरकारी, प्राइवेट, सीबीएसई, आईसीएसई और मदरसे सभी स्कूल शामिल हैं। आंगनवाड़ी में बच्चे नहीं आएंगी साहिकाएं घर जाकर बांटेंगी आहार गर्मी के असर को देखते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों को भी आंशिक रूप से बंद करने का फैसला लिया गया है। यह व्यवस्था 28 अप्रैल से 2 मई 2026 तक लागू रहेगी। इस दौरान बच्चों को मिलने वाला पोषण बंद नहीं होगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं घर-घर जाकर या समूहों के माध्यम से बच्चों को नाश्ता, भोजन और टेक होम राशन (THR) उपलब्ध कराएंगी। साथ ही पोषण ट्रैकर ऐप में भी जरूरी जानकारी दर्ज की जाएगी। आंगनवाड़ी केंद्र पूरी तरह बंद नहीं रहेंगे। कार्यकर्ता और सहायिकाएं सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक केंद्रों पर रहकर घर-घर संपर्क, रिकॉर्ड मेंटेन करने और अन्य जरूरी काम करती रहेंगी। कुल मिलाकर, गर्मी से राहत देने के लिए स्कूल बंद किए गए हैं, लेकिन बच्चों की पढ़ाई और पोषण दोनों को ध्यान में रखते हुए जरूरी व्यवस्थाएं जारी रहेंगी।