Wednesday, 09 Sep 2026 | 03:12 AM

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बारात के बीच गाड़ी निकालने पर विवाद:सतना में साइड मांगने पर 24 वर्षीय युवक को मारी गोली; कट्टे से किया फायर

बारात के बीच गाड़ी निकालने पर विवाद:सतना में साइड मांगने पर 24 वर्षीय युवक को मारी गोली; कट्टे से किया फायर

सतना शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात करीब 12 बजे बारात के बीच से वाहन निकालने के विवाद में एक 24 वर्षीय युवक को कट्टे से गोली मार दी गई। घटना पतेरी स्थित क्रिस्टकुला चौराहे के पास की है। गोली युवक के पैर में लगी है, जिसे उपचार के लिए तत्काल जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार रात महदेवा चौराहे के पास क्रिस्टकुला स्कूल से एक बारात मिलन मैरिज गार्डन की ओर जा रही थी। पूरी बारात सड़क के बीच में चल रही थी। इसी दौरान जवाहर निवासी राहुल उर्फ अनुराग द्विवेदी (24) अपने एक साथी के साथ वहां से गुजर रहा था। अपने वाहन को निकालने के लिए राहुल ने बारातियों को किनारे हटने को कहा था। कहासुनी के बाद मारपीट, फिर कट्टे से किया फायर रास्ता मांगने की बात पर राहुल का बारातियों में शामिल कुछ युवकों के साथ विवाद हो गया। कहासुनी का मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच सड़क पर ही मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान भीड़ में से किसी अज्ञात व्यक्ति ने कट्टे से फायर कर दिया। गोली सीधा राहुल के पैर में जाकर लगी, जिससे वह मौके पर ही घायल हो गया। अस्पताल पहुंचा दो थानों का बल, जांच जारी गोली चलने की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद सिविल लाइन टीआई योगेन्द्र सिंह और सिटी कोतवाली टीआई रावेन्द्र द्विवेदी सहित भारी पुलिस बल जिला अस्पताल पहुंच गया। कार्रवाई को लेकर सिविल लाइन टीआई योगेन्द्र सिंह परिहार ने बताया कि, “घायल के बयान के आधार पर घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।”

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी- 2मिनट में ओला-उबर, एंबुलेंस क्यों नहीं?:रोड सेफ्टी पर सुनवाई; हाईवे पर 300 अवैध कट-प्वाइंट्स का मुद्दा उठा, एनएचएआई से भी जवाब तलब

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी- 2मिनट में ओला-उबर, एंबुलेंस क्यों नहीं?:रोड सेफ्टी पर सुनवाई; हाईवे पर 300 अवैध कट-प्वाइंट्स का मुद्दा उठा, एनएचएआई से भी जवाब तलब

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने रोड सेफ्टी को लेकर दायर जनहित याचिका पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब ओला-उबर जैसी सेवाएं कुछ मिनट में उपलब्ध हो जाती हैं, तो आपात स्थिति में एंबुलेंस समय पर क्यों नहीं पहुंचती? कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ एनएचएआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिविजन बेंच ने कहा कि यह मामला सीधे लोगों की जान से जुड़ा है। कोर्ट ने पूछा जब कैब सर्विस मिनटों में उपलब्ध हो सकती है, तो एंबुलेंस क्यों नहीं? डिंडोरी निवासी सेवानिवृत्त अधिकारी महावीर सिंह ने जनहित याचिका दायर कर मांग की है कि सड़कों पर भी ओला-उबर की तरह रियल टाइम एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाए। याचिका में राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने अवैध कट-प्वाइंट्स को भी हादसों की बड़ी वजह बताया गया है। हाईवे पर 300 अवैध कट-प्वाइंट्स याचिकाकर्ता ने भोपाल-जबलपुर हाईवे का उदाहरण देते हुए बताया कि यहां डिवाइडर तोड़कर करीब 300 अवैध कट-प्वाइंट्स बना दिए गए हैं। इससे न केवल ट्रैफिक प्रभावित होता है, बल्कि सड़क हादसों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। याचिका में कहा गया है कि इन अवैध कट-प्वाइंट्स के कारण एंबुलेंस की समय पर आवाजाही बाधित होती है, जिससे गंभीर मरीजों की जान जोखिम में पड़ती है। अब आगे क्या हाईकोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों से जवाब तलब कर अगली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर भी सख्ती की उम्मीद जताई जा रही है।

भाजपा मंत्री नितेश राणे को 1 महीने जेल की सजा:मुंबई-गोवा हाइवे पर NHAI इंजीनियर पर कीचड़ फेंका था; 29 आरोपी बरी

भाजपा मंत्री नितेश राणे को 1 महीने जेल की सजा:मुंबई-गोवा हाइवे पर NHAI इंजीनियर पर कीचड़ फेंका था; 29 आरोपी बरी

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे को सिंधुदुर्ग कोर्ट ने इंजीनियर पर कीचड़ फेंकने के मामले में एक महीने की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा कि जनप्रतिनिधि कानून अपने हाथ में नहीं ले सकते। हालांकि, बाद में सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें हाईकोर्ट में अपील करने का समय दिया गया है। इस मामले में बाकी 29 आरोपियों को बरी कर दिया गया। दरअसल, मामला 4 जुलाई 2019 का है। उन्होंने NHAI के सब-डिविजनल इंजीनियर प्रकाश शेडेकर को मुंबई-गोवा हाईवे चौड़ीकरण के काम का निरीक्षण करने के लिए बुलाया था। सड़क की खराब हालत और जलभराव को लेकर वे नाराज हो गए। राणे और उनके समर्थकों ने इंजीनियर पर कीचड़ डाल दिया। उन्हें कीचड़ भरे पानी में चलने के लिए मजबूर किया। उस समय नितेश राणे कांग्रेस में थे। कोर्ट ने सत्ता का दुरुपयोग बताया अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वी.एस. देशमुख ने कहा कि काम की खराब गुणवत्ता और लोगों की परेशानी के खिलाफ आवाज उठाना गलत नहीं है, लेकिन किसी सरकारी कर्मचारी का सार्वजनिक रूप से अपमान नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे मामले जारी रहे तो सरकारी कर्मचारी गरिमा के साथ काम नहीं कर पाएंगे। ये सत्ता का दुरुपयोग है। इसलिए ऐसी प्रवृत्ति पर रोक जरूरी है। अदालत ने यह भी कहा कि पीड़ित NHAI में उच्च पद पर थे, इसके बावजूद उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जो साफ तौर पर अपमानजनक था। शेडेकर को कीचड़ में चलने के लिए मजबूर करना जानबूझकर किया गया अपमान था। इससे सार्वजनिक शांति भंग हो सकती थी। 30 पर केस था, 29 लोग बरी इस केस में नितेश राणे समेत 30 लोगों पर दंगा, सरकारी कर्मचारी को काम से रोकने और आपराधिक साजिश जैसे आरोप लगे थे। उनके साथ कांकावली के तत्कालीन महापौर समीर नलावडे, उपमहापौर बाबू गायकवाड़, संजय कामटेकर, पं. स. सदस्य मिलिंद मेहते, नरेशकर, अभि मुसले, मेधा गांगण, स्वाभिमान शहर अध्यक्ष राकेश राणे, संदीप नलावडे, निखिल आचरेकर, राजन परब, वागड़े के पूर्व सरपंच संदीप सावंत, पूर्व उपसरपंच लक्ष्मण घाडीगांवकर, बबन हडवे, विठ्ठल देसाई, किशोर राणे, शिवसुंदर देसाई, सचिन पारधीये पर केस हुआ था। कोर्ट ने सबूतों के अभाव में इन ज्यादातर आरोपों से सभी को बरी कर दिया। हालांकि नितेश राणे को IPC की धारा 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) के तहत दोषी ठहराते हुए एक महीने की सजा दी गई। ———- ये खबर भी पढ़ें… भाजपा नेता की हत्या में कर्नाटक कांग्रेस MLA को उम्रकैद:2016 के केस में विनय कुलकर्णी समेत 17 को सजा; CBI ने जांच की थी कर्नाटक के भाजपा नेता योगेश गौड़ा गौदार हत्याकांड में बेंगलुरु के स्पेशल कोर्ट ने कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री विनय कुलकर्णी समेत 17 दोषियों को उम्रकैद की सजा दी है। कोर्ट ने सभी दोषियों पर 30-30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। पूरी खबर पढ़ें…

छिंदवाड़ा नगर निगम के कर्मचारी नहीं मानते SDM का ऑर्डर:कई जगहों से अतिक्रमण हटाया पर चिकन दुकान पर कार्रवाई नहीं होने से उठे सवाल

छिंदवाड़ा नगर निगम के कर्मचारी नहीं मानते SDM का ऑर्डर:कई जगहों से अतिक्रमण हटाया पर चिकन दुकान पर कार्रवाई नहीं होने से उठे सवाल

छिंदवाड़ा नगर निगम द्वारा शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर व्यापक अभियान चलाया गया। निगम आयुक्त सीपी राय के निर्देश पर टीम ने एमएलबी स्कूल के बाजू वाली गली से लेकर गुलाबरा मेन रोड तक सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया। इसके बाद कार्रवाई परासिया रोड तक पहुंची, जहां बीएसएनएल कार्यालय के सामने, सत्कार तिराहा, पंकज टॉकीज के पास, सीओ साहब के बंगले के सामने, पूजा लॉज के पास नाले किनारे और परासिया चौक स्थित एमपीईवी कार्यालय के आसपास से अस्थाई अतिक्रमण हटाए गए। नगर निगम ने परासिया रोड से बस स्टैंड (इंदिरा तिराहा) तक स्थायी रूप से बनी गुमटियों को 24 घंटे के भीतर स्वयं हटाने का अल्टीमेटम दिया है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समयसीमा के बाद सख्त कार्रवाई करते हुए गुमटियां हटाई जाएंगी। नागपुर रोड पर कार्रवाई पर उठे सवाल इधर, नागपुर रोड पर पिछले दो महीनों में करीब 10 बार कार्रवाई किए जाने के बावजूद एक चिकन बेचने वाले दुकानदार पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि संबंधित दुकानदार मुख्य मार्ग किनारे दुकान लगाकर चिकन के पीस और डिश बेच रहा है, लेकिन हर बार निगम टीम केवल समझाइश देकर लौट जाती है। स्थानीय दुकानदारों ने निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते इस दुकान पर कार्रवाई नहीं हो रही, जबकि अन्य अतिक्रमणकारियों का सामान जब्त किया जा रहा है। एसडीएम के निर्देश के बाद भी नहीं बदली स्थिति जानकारी के मुताबिक, सड़क किनारे चिकन बिक्री की शिकायत पर एसडीएम सुधीर जैन ने स्वयं नगर निगम आयुक्त को निर्देश देकर दो बार कार्रवाई भी करवाई थी। इसके बावजूद संबंधित दुकान अब भी रोज संचालित हो रही है।

सागर में ऑटो से बछड़ा उठा ले गए बदमाश, VIDEO:गोपालगंज थाना प्रभारी बोले- फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी

सागर में ऑटो से बछड़ा उठा ले गए बदमाश, VIDEO:गोपालगंज थाना प्रभारी बोले- फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी

सागर के गोपालगंज थाना क्षेत्र में स्थित एकता कॉलोनी से गाय का बछड़ा चोरी हो गया। बदमाश सवारी ऑटो लेकर आए और जबरदस्ती बछड़े को पकड़ा और ऑटो में बैठाकर भाग गए। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। सीसीटीवी फुटेज सामने आते ही गौरक्षकों ने थाने पहुंचकर शिकायत की। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में लिया है। पुलिस के अनुसार, फरियादी आशीष दुबे निवासी गायत्री नगर ने थाने में आकर शिकायत की। शिकायत में बताया कि सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर सामने आया है। जिसमें सवारी ऑटो का चालक अपने एक साथी के साथ गाय को बछड़ा चोरी कर ले जाते हुए दिख रहा है। फुटेज की हकीकत जानने की कोशिश की। पता लगने पर एकता कॉलोनी पहुंचे। कॉलोनी के रहवासियों ने बताया कि 26 अप्रैल की रात करीब 3.30 से 4 बजे के बीच अज्ञात आरोपी ऑटो रिक्शा लेकर आए थे। वे बछड़ा ऑटो में उठाकर ले गए है। वारदात की पुष्टि होने के बाद थाने में शिकायत की। मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रहे शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी शहर में ऑटो से गाय चोरी करने के मामले सामने आ चुके हैं। गोपालगंज थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने बताया कि सवारी ऑटो से गाय का बछड़ा चोरी करने की शिकायत मिली है। अज्ञात ऑटो चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम लगाई है। फुटेज के आधार पर और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

ग्वालियर में PTS परिसर की दीवारें बन गई कैनवास:25 आरक्षक कर रहे दीवारों पर चित्रकारी; राजस्थान से ट्रेनिंग लेने आया है 1020 नवआरक्षकों का बैच

ग्वालियर में PTS परिसर की दीवारें बन गई कैनवास:25 आरक्षक कर रहे दीवारों पर चित्रकारी; राजस्थान से ट्रेनिंग लेने आया है 1020 नवआरक्षकों का बैच

ग्वालियर के पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) तिघरा में एक अनूठी पहल शुरू की गई है। राजस्थान पुलिस से आए 1020 नवआरक्षकों के बैच में से 25 प्रशिक्षुओं को चुना गया है, जिन्हें पेंटिंग का शौक है। ये नवआरक्षक पीटीएस परिसर की 350 से अधिक दीवारों पर चित्रकारी कर रहे हैं। यह रचनात्मक कार्य प्रशिक्षण के साथ-साथ परिसर को आकर्षक बना रहा है और नवाचार का उदाहरण पेश कर रहा है। पीटीएस परिसर की दीवारें अब कैनवास बन गई हैं, जिन पर रंगों के माध्यम से संस्कृति, परंपरा और सामाजिक संदेश उकेरे जा रहे हैं। प्रशिक्षु आरक्षक कड़ी धूप में भी दिन-रात वॉल पेंटिंग का काम कर रहे हैं। अब तक 50 से अधिक दीवारों पर चित्रकारी पूरी हो चुकी है। इन चित्रों में राजस्थान की लोक कला और मध्यप्रदेश की पारंपरिक गोंड कला का संगम देखा जा सकता है। पिछवाई कला, कच्ची घोड़ी जैसी कलाओं को उकेरा दीवारों पर नाथद्वारा की पिछवाई कला, शेखावाटी क्षेत्र की कच्ची घोड़ी और बीकानेर की उस्ता कला को बारीकी से दर्शाया है। मध्यप्रदेश की गोंड कला भी इन चित्रों में प्रमुखता से शामिल है। कलाकार नवआरक्षक पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर भी चित्रों के माध्यम से संदेश दे रहे हैं। प्रशिक्षु आरक्षकों ने बताया कि उन्हें पीटीएस की इंस्ट्रक्टर निरीक्षक नीलम तंवर ने इस कार्य के लिए प्रेरित किया। एसपी के मार्गदर्शन से उन्हें आगे बढ़ने का हौसला मिला। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि वे अपनी कला के माध्यम से प्रशिक्षण केंद्र को सुंदर बना रहे हैं। एमपी-राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन प्रशिक्षु अजीत ने जानकारी दी कि उनकी टीम पिछले 15-20 दिनों से लगातार वॉल पेंटिंग कर रही है। उन्होंने बताया कि इस प्रयास का उद्देश्य केवल सजावट नहीं, बल्कि राजस्थान और मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को एक साथ प्रदर्शित करना भी है। सभी साथी इस कार्य को टीमवर्क के रूप में पूरा कर रहे हैं।

हिमाचल में बारिश के बाद गर्मी से राहत:कई शहरों का पारा 12॰C तक लुढ़का,अगले 6 दिन बरसेंगे बादल; कल ओलावृष्टि की चेतावनी

हिमाचल में बारिश के बाद गर्मी से राहत:कई शहरों का पारा 12॰C तक लुढ़का,अगले 6 दिन बरसेंगे बादल; कल ओलावृष्टि की चेतावनी

हिमाचल प्रदेश के कई भागों में आज हल्की बारिश हुई। इससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कई शहरों का तापमान पिछले कल (सोमवार) की तुलना में आज 12 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिरा है। इससे राज्य का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 4.8 डिग्री नीचे गिर गया है। सोलन के अधिकतम तापमान में सबसे ज्यादा 12.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यहां का तापमान गिरकर 20.5 डिग्री सेल्सियस रह गया। सुंदरनगर का पारा 12.0 डिग्री लुढ़कने के बाद 24.5 डिग्री, भुंतर का 10.4 डिग्री गिरने के बाद 24.0 डिग्री, मंडी का 10.4 डिग्री कम होने के बाद 25.6 डिग्री और ऊना का अधिकतम तापमान 9.4 डिग्री नीचे लुढ़कने के बाद 32.6 डिग्री रह गया है। बीते सोमवार को ऊना का तापमान 42 डिग्री पहुंच गया था। राज्य के अन्य शहरों के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। पहाड़ों पर इससे मौसम सुहावना हो गया है। प्रदेशवासियों ने मौसम में बदलाव के बाद भीषण गर्मी से राहत की सांस ली है। सोलन में 2.2 मिमी, शिमला में 0.4 मिमी, कल्पा 0.7 मिमी, भुंतर 0.2 मिमी, मनाली में 1 मिमी और जुब्बड़हट्टी में 2 मिमी बारिश हुई है। रात 9 बजे तक 5 जिलों में बारिश का पूर्वानुमान इस बीच मौसम विभाग ने ताजा बुलेटिन जारी कर चंबा, मंडी, बिलासपुर, सोलन और शिमला जिला में रात 9 बजे तक हल्की बारिश का पूर्वानुमान लगाया है, जबकि किन्नौर और लाहौल स्पीति की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात भी हो सकता है। कल 4 जिलों में भारी ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग (IMD) की माने तो राज्य में अगले छह दिन तक बारिश के आसार हैं। इस दौरान कई भागों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। अगले कल कांगड़ा, कुल्लू मंडी और शिमला में भारी ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। कल मध्यम ऊंचाई वाले कुछेक क्षेत्रों में तेज बारिश भी हो सकती है। राज्य में 30 अप्रैल और एक मई को भी चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में आंधी-तूफान का येलो अलर्ट दिया गया है। तीन और चार मई को भी बारिश जारी रहेगी। जाहिर है कि अगले एक सप्ताह तक पहाड़ों पर सुहावना मौसम रहने वाला है।

खजुराहो में पारा 46°C, 10 साल में सबसे ज्यादा:एमपी के 4 जिलों में आज लू, 12 में बारिश का अलर्ट; कल से थोड़ी राहत

खजुराहो में पारा 46°C, 10 साल में सबसे ज्यादा:एमपी के 4 जिलों में आज लू, 12 में बारिश का अलर्ट; कल से थोड़ी राहत

मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है। सोमवार को टूरिस्ट स्पॉट खजुराहो में पारा 46 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह 10 साल में सबसे ज्यादा है। छतरपुर का ही नौगांव दूसरा सबसे गर्म शहर है। मंगलवार को 4 जिलों में लू और 12 में आंधी-बारिश का अलर्ट है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल ने 27 अप्रैल से 1 मई तक प्रदेश में तेज गर्मी के बीच बारिश की चेतावनी भी जारी की है। ऐसा साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और टर्फ की वजह से होगा। 28 अप्रैल से हीट वेव यानी, लू से राहत मिल सकती है। इन जिलों में लू का अलर्ट मंगलवार को जिन जिलों में लू का अलर्ट है, उनमें छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। वहीं ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में गरज-चमक, आंधी के साथ बारिश हो सकती है। 15 शहरों में पारा 44 डिग्री या इससे अधिक इससे पहले सोमवार को खजुराहो में पारा 46 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं, नौगांव में 45.5 डिग्री दर्ज किया गया। श्योपुर-दतिया समेत 15 शहर ऐसे रहे, जहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री या इससे ज्यादा रहा। भोपाल-ग्वालियर में 43.4 डिग्री, इंदौर में 42 डिग्री, उज्जैन में 42.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 42.7 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार, श्योपुर में 44.8 डिग्री, दतिया में 44.7 डिग्री, टीकमगढ़ में 44.5 डिग्री, रीवा, सीधी-सतना में 44.4 डिग्री, मुरैना, शाजापुर, दमोह, रतलाम, मंडला, गुना और रायसेन में पारा 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सागर में सुबह से तल्ख धूप के बाद दोपहर में मौसम बदला और बादल छा गए। शाम को ग्रामीण इलाकों में बारिश हुई। रहली,बंडा क्षेत्र में हवाओं के साथ बारिश से मौसम खुशनुमा हुआ। खजुराहो में टूट सकता है ओवरऑल रिकॉर्ड मौसम विभाग के आंकड़ों की माने तो खजुराहो में 10 साल में कभी भी इतनी गर्मी नहीं पड़ी। 29 अप्रैल 1993 को दिन का तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस रहा था, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है। यदि गर्मी का दौर ऐसा ही रहा तो ये रिकॉर्ड भी टूट सकता है। आज से अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम… गर्मी से बचने के लिए एडवायजरी गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवायजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पीएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहें। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। अप्रैल में पड़ती है तेज गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल में तेज गर्मी पड़ती है। फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसम इस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले-बारिश और आंधी का दौर रहा। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया। 19, 20 और 21 फरवरी को भी बारिश का असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर चला। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश हुई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई हैं। तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। चौथी बार मौसम ने 29-30 मार्च को फिर से करवट बदली। 30 मार्च को एमपी के आधे हिस्से में कहीं बारिश-आंधी तो कहीं ओले भी गिरे। MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड… एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा जबकि जबलपुर में इसने 44 डिग्री सेल्सियस को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानी इंदौर में भी अप्रैल में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। गर्मी के साथ बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। हर साल बारिश का दौर भी बनता है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड जबलपुर में अप्रैल में एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 28 अप्रैल 1970 को दिन का तापमान 45.4 डिग्री रहा था। अप्रैल में यहां भी बारिश होने की संभावना रहती है। रिकॉर्ड के अनुसार, जबलपुर में 3 अप्रैल 1935 को 24 घंटे के भीतर 50.3 मिमी बारिश हुई थी। 2023 में 20.2 मिमी पानी गिरा था। इस साल 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। ग्वालियर में पड़ती है सबसे ज्यादा गर्मी ग्वालियर में अप्रैल की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। बीते 10 साल में यहां पारा एक बार 45 डिग्री और 3 बार 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका

जरूरत की खबर- 7 देसी समर ड्रिंक्स:लू और डिहाइड्रेशन से बचाए, शरीर को दे इंस्टेंट कूलिंग, जानें घर पर बनाने के आसान तरीके

जरूरत की खबर- 7 देसी समर ड्रिंक्स:लू और डिहाइड्रेशन से बचाए, शरीर को दे इंस्टेंट कूलिंग, जानें घर पर बनाने के आसान तरीके

गर्मियों में तेज धूप और ज्यादा पसीने के कारण शरीर से पानी के साथ जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स भी बाहर निकल जाते हैं। ऐसे में सिर्फ पानी पीना पर्याप्त नहीं होता है। घर पर बने नेचुरल और पारंपरिक ड्रिंक्स शरीर को अंदर से ठंडक देते हैं। साथ ही डिहाइड्रेशन, थकान व हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचाने में मदद करते हैं। इसलिए ‘जरूरत की खबर‘ में आज हम आपको 7 नेचुरल समर हाइड्रेशन ड्रिंक्स के बारे में बताएंगे, जो शरीर को अंदर से कूल रखते हैं। एक्सपर्ट: डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ सवाल- कौन से नेचुरल ड्रिंक्स शरीर को हाइड्रेट करते हैं? जवाब- कई नेचुरल ड्रिंक्स शरीर में पानी, ग्लूकोज, विटामिन और मिनरल्स का संतुलन बनाए रखते हैं। आम-पना, सत्तू, बेल, छाछ और जलजीरा एनर्जी देने के साथ पाचन में मदद करते हैं। नीचे ग्राफिक में बेस्ट समर हाइड्रेशन ड्रिंक्स की लिस्ट देखिए- अब इन ड्रिंक्स को बनाने का तरीका और उनके फायदे देखते हैं- आमपना आमपना गर्मियों में लू और धूप से बचाता है। यह शरीर को ठंडक देता है और इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति करता है। इसका खट्टा-मीठा स्वाद ताजगी देता है और इम्यूनिटी बढ़ाता है। इसे बनाने के लिए कुछ सामग्रियों की जरूरत होती है- नीचे ग्राफिक में आमपना बनाने की विधि देखिए- आमपना के हेल्थ बेनिफिट्स सत्तू का शरबत सत्तू का शरबत गर्मियों में शरीर को ठंडा और एनर्जेटिक रखने वाला देसी ड्रिंक है। भुने चने से बना सत्तू प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है, जो लंबे समय तक पेट भरा रखता है। यह डिहाइड्रेशन से बचाता है और शरीर को कूल रखता है। इसे बनाने के लिए कुछ सामग्रियों की जरूरत होती है- नीचे ग्राफिक में सत्तू का शरबत बनाने की विधि देखिए- सत्तू शरबत के हेल्थ बेनिफिट्स बेल का शरबत बेल का शरबत एक पारंपरिक और औषधीय ड्रिंक है। यह पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद है और कब्ज, एसिडिटी व पेट की गर्मी को कम करता है। नियमित सेवन से शरीर ठंडा रहता है और लू का खतरा कम होता है। इसे गर्मियों में नेचुरल कूलिंग ड्रिंक के रूप में पसंद किया जाता है। इसे बनाने के लिए कुछ सामग्रियों की जरूरत होती है- नीचे ग्राफिक में बेल का शरबत बनाने की विधि देखिए- बेल का शरबत पीने के फायदे खीरा-पुदीना ड्रिंक यह ड्रिंक शरीर को हाइड्रेट और फ्रेश रखता है। खीरे में ज्यादा पानी होने से ठंडक मिलती है। पुदीना ताजगी देता है और पाचन सुधारता है। यह ड्रिंक डिटॉक्स करता है और स्किन को हाइड्रेट रखता है। इससे पूरा दिन तरोताजा महसूस होता है। इसे बनाने के लिए कुछ सामग्रियों की जरूरत होती है- नीचे ग्राफिक में खीरा-पुदीना ड्रिंक बनाने की विधि देखिए- खीरा-पुदीना ड्रिंक के फायदे नींबू पानी नींबू-नमक पानी गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट और एनर्जेटिक रखता है। यह इलेक्ट्रोलाइट्स संतुलन बनाए रखता है। यह हल्का ड्रिंक थकान कम करता है और पाचन सुधारता है। इसे बनाने के लिए कुछ सामग्रियों की जरूरत होती है- नीचे ग्राफिक में नींबू-नमक और पानी वाला ड्रिंक बनाने की विधि देखिए- नींबू-पानी पीने के फायदे छाछ छाछ गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने और पाचन सुधारने वाला पारंपरिक और हेल्दी ड्रिंक है। इसमें प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो आंतों के लिए फायदेमंद हैं और गैस, अपच जैसी समस्याओं से राहत देते हैं। इसे बनाने के लिए कुछ सामग्रियों की जरूरत होती है- नीचे ग्राफिक में छाछ ड्रिंक बनाने की विधि देखिए- छाछ पीने के फायदे जलजीरा पुदीना, जीरा और काला नमक से बना यह ड्रिंक गैस, अपच और एसिडिटी में राहत देता है। इसका खट्टा-चटपटा स्वाद भूख बढ़ाता है और शरीर को तुरंत तरोताजा करता है। इसे गर्मियों में पसंद किया जाता है। इसे बनाने के लिए कुछ सामग्रियों की जरूरत होती है- नीचे ग्राफिक में जलजीरा बनाने की विधि देखिए- जलजीरा पीने के फायदे सवाल- ड्रिंक्स बनाते समय क्या सावधानियां बरतनी जरूरी है? जवाब- गर्मी में हाइड्रेशन ड्रिंक्स बनाते समय हाइजीन और संतुलन का खास ध्यान रखना जरूरी है। जैसेकि- ……………… ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- धूप में जाने से पहले सनस्क्रीन जरूरी: जानिए SPF 15, 30 या 50 में फर्क, किस स्किन के लिए कौन-सी क्रीम है बेस्ट गर्मियों में बाहर निकलते ही तेज धूप का सामना करना पड़ता है। असल में सूरज की किरणों में अल्ट्रावॉयलेट रेज (UV रेज) होती हैं। ज्यादा देर धूप में रहने से ये धीरे-धीरे स्किन को डैमेज करती हैं। ऐसे में SPF (सन प्रोटेक्शन फैक्टर) सनस्क्रीन स्किन को प्रोटेक्ट कर सकता है। आगे पढ़िए…

ओडिशा में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स:कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ

ओडिशा में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स:कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ

ओडिशा के क्योंझर में सोमवार को हैरान करने वाला मामला सामने आया। आदिवासी शख्स जीतू मुंडा अपनी मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया। कंकाल देख बैंक में अफरा-तफरी मच गई। दरअसल, जीतू अपनी बहन कलारा मुंडा के खाते से 20 हजार रुपए निकालना चाहता था, इसके लिए वह कई बार बैंक भी गया। लेकिन कर्मचारियों ने खाता धारक को लाने को कहा। जीतू बैंक में पहले ही कलारा की मौत की जानकारी दे चुका था। फिर भी उसे कोई मदद नहीं मिली, इससे परेशान होकर उसने कब्र से कंकाल निकालकर बैंक में पेश किया। बहन का कंकाल कंधे पर लेकर जीतू करीब 3 किमी पैदल चला। फिर मल्लिपसी में बने ओडिशा ग्रामीण बैंक ब्रांच के बरामदे में कंकाल को रख दिया। इसे देख वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। पुलिस के अनुसार, जीतू अनपढ़ है और कानूनी प्रक्रिया से अनजान था। प्रशासन ने उसे नियम समझाए और जल्द पैसे दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद शव को दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया। बैंक के बरामदे में रखे कंकाल की तस्वीर… कंकाल देखकर बैंक कर्मचारियों ने पुलिस बुलाई पटना पुलिस के अनुसार, जीतू पढ़ा-लिखा नहीं है। आदिवासी जनजाति का है और कानूनी प्रक्रिया से पूरी तरह अनजान है। स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक (आईआईसी) किरण प्रसाद साहू ने कहा, “जीतू को नहीं पता कि कानूनी वारिस या नॉमिनी क्या होता है। बैंक अधिकारी भी उसे मृतक के खाते से पैसे निकालने की प्रक्रिया नहीं समझा पाए। पुलिस ने जीतू मुंडा को आश्वासन दिया कि वे उसकी मृत बहन के बैंक खाते से पैसे निकलवाने में मदद करेंगे। बाद में, पुलिस की मौजूदगी में शव को दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया। आखिर क्यों चाहिए थे जीतू को बहन के खाते में जमा रुपए डियानाली गांव का रहने वाला जीतू मुंडा जिस महिला का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा, वह उसकी बड़ी बहन कालरा मुंडा थी। कालरा की मौत 26 जनवरी 2026 को हो गई थी। कालरा मुंडा के बैंक खाते में नॉमिनेट पति और बेटे की भी मौत हो चुकी है। इसलिए, उनके नाम पर जमा पैसे का जीतू मुंडा ही एकमात्र दावेदार है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उनके लिए यह राशि बेहद अहम थी और जीवनयापन का सहारा मानी जा रही थी।