Sunday, 27 Sep 2026 | 09:09 AM

Trending :

रामायण इवेंट में मीडिया ने किया साढ़े चार घंटे इंतजार:मिस्टर बीस्ट के आने में हुई देरी; रणबीर-साई पल्लवी समेत टीम पहले से मौजूद थी रीति तिवारी को सलमान ने फटकारा:बोले- बिग बॉस से पहले कोई नहीं जानता था; एकम बावा ने खुद को बताया सौतेला पिता, रानी से शादी का दावा रीति तिवारी को सलमान ने फटकारा:बोले- बिग बॉस से पहले कोई नहीं जानता था; एकम बावा ने खुद को बताया सौतेला पिता, रानी से शादी का दावा जयपुर में ORRY की शादी!:होटल में दो दिन अलग-अलग इवेंट होंगे, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और मॉडल आए ‘द वन’ ने पहले दिन ₹8 करोड़ कमाए:सिद्धार्थ की पिछली 10 फिल्मों में दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग; ‘हनुमान अंश’ ने 50वें दिन ₹3.35 करोड़ कमाए कृति सेन ने पितृसत्ता पर उठाए सवाल:कहा- कब तक पूछेंगे कि लड़की ने क्या पहना, आदमियों को क्यों नहीं सिखाते कि शोषण, जबरदस्ती न करें
EXCLUSIVE

डेली कॉलेज चुनाव: नए संविधान पर लगी मुहर:अब सिर्फ दो श्रेणियों में होगा मुकाबला; ओडीए में विरोध के स्वर तेज

डेली कॉलेज चुनाव: नए संविधान पर लगी मुहर:अब सिर्फ दो श्रेणियों में होगा मुकाबला; ओडीए में विरोध के स्वर तेज

डेली कॉलेज के आगामी चुनाव को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है। फर्म एंड सोसायटी ने कॉलेज के नए संविधान संशोधन को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है, जिसकी आधिकारिक प्रति मुख्य चुनाव अधिकारी और हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस सुशील गुप्ता के पास पहुंच गई है। शासन की इस हरी झंडी के साथ ही अब यह तय हो गया है कि इस बार चुनाव प्रक्रिया नए नियमों के तहत ही संपन्न कराई जाएगी। नए बदलावों के बाद अब निर्वाचन का दायरा सीमित हो गया है और केवल दो श्रेणियों के लिए ही वोट डाले जाएंगे। संशोधित संविधान के प्रावधानों के अनुसार, अब चुनाव मुख्य रूप से ‘न्यू डोनर कैटेगरी (2B2)’ और ‘पुराने डोनर कैटेगरी (2B1)’ के लिए आयोजित किए जाएंगे। जहां पुराने डोनर्स की श्रेणी से दो सदस्यों का चयन मतदान के जरिए होगा, वहीं न्यू डोनर कैटेगरी के लिए भी चुनावी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सबसे बड़ा बदलाव ‘ओल्ड डेलियंस एसोसिएशन’ (ओडीए) यानी कैटेगरी 2C में देखने को मिला है। पहले इस श्रेणी से दो सदस्यों का चुनाव होकर बोर्ड में जाने का प्रावधान था, जिसे अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। नए नियमों के तहत अब ओडीए के अध्यक्ष और सचिव सीधे बोर्ड का हिस्सा बनेंगे। इसके अलावा, एक प्रतिष्ठित छात्र को भी बोर्ड में शामिल किया जाएगा, लेकिन यह पूरी प्रक्रिया चयन (Selection) पर आधारित होगी, न कि निर्वाचन पर। प्रबंधन और बोर्ड इस बदलाव को कॉलेज के हित में बता रहे हैं। उनका तर्क है कि इससे बार-बार चुनाव कराने की जटिलता खत्म होगी। साथ ही, ओडीए के निर्वाचित पदाधिकारी जब सीधे बोर्ड में बैठेंगे, तो वे पूर्व छात्रों की समस्याओं और सुझावों को अधिक प्रभावी ढंग से शासन के सामने रख सकेंगे। हालांकि, इस फैसले ने ओडीए के भीतर एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। एसोसिएशन का एक गुट इस संशोधन का पुरजोर विरोध कर रहा है। विरोधियों का कहना है कि मतदान का अधिकार छीनने से ओडीए के लोकतांत्रिक अस्तित्व पर संकट खड़ा हो जाएगा। विरोधी गुट का मुख्य तकनीकी ऐतराज चुनाव के शेड्यूल और संविधान लागू होने की तारीख को लेकर है। उनका तर्क है कि जब 21 अप्रैल को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हुई थी, तब पुराना संविधान ही प्रभावी था। फर्म एंड सोसायटी से नए संविधान की सत्यापित प्रति 23 अप्रैल को प्राप्त हुई है, ऐसे में प्रक्रिया के बीच में नए नियमों को थोपना नियम विरुद्ध है। माना जा रहा है कि यह मामला जल्द ही कानूनी मोड़ ले सकता है और विरोधी गुट इस निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी में है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव की नामांकन प्रक्रिया 28 और 29 अप्रैल को संपन्न होगी। इसके बाद 4 मई से 19 मई के बीच डाक मतपत्र (पोस्टल बैलेट) जारी किए जाएंगे, जिन्हें 20 मई तक वापस जमा करना होगा। चुनाव का मुख्य चरण 21 मई को होगा, जिसमें स्थानीय मतदाता वोट डालेंगे। मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद उसी दिन मतगणना की जाएगी और देर शाम तक चुनाव परिणामों की घोषणा कर दी जाएगी। फिलहाल, नए संविधान की मंजूरी ने कॉलेज की राजनीति में हलचल तेज कर दी है और सबकी नजरें अब हाईकोर्ट के संभावित रुख पर टिकी हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
ट्रम्प की सख्ती से भारतीय छात्रों का अमेरिका जाना कम:65 साल में पहली बार अप्रवासियों की संख्या घटी; पाकिस्तान-बांग्लादेश के छात्रों को ज्यादा वीजा

August 6, 2026/
8:56 pm

अमेरिका में ट्रम्प सरकार की सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी का सबसे बड़ा असर भारतीय छात्रों पर दिख रहा है। 2025 में...

Yashasvi Jaiswal becomes joint-fourth fastest Indian to score 4000 runs in T20s. (Picture Credit: AP)

May 19, 2026/
7:38 pm

आखरी अपडेट:19 मई, 2026, 19:38 IST जहांगीर खान, जो खुद को टीएमसी का “पुष्पा” कहते थे, ने अप्रत्याशित रूप से...

ओलिंपिक में क्रिकेट शामिल होने का फायदा चीनी महिलाओं को:चीन को 62% मेडल महिला एथलीट दिलाती हैं, इसलिए महिला क्रिकेट टीम को ज्यादा समर्थन; उन्हें पुरुषों से बेहतर ट्रेनिंग सुविधाएं-विदेशी दौरों के मौके भी

March 13, 2026/
12:01 pm

भारत सहित कई देशों में पारंपरिक रूप से पुरुष क्रिकेट का प्रभाव अधिक रहा है। इसके उलट चीन में एक...

चांदी ₹1270 महंगी होकर ₹2.19 लाख पर पहुंची:10 ग्राम सोने का दाम ₹178 बढ़कर ₹1.42 लाख, कैरेट के हिसाब से देखें कीमत

July 29, 2026/
12:39 pm

सोने-चांदी की कीमतों में 29 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी...

गुब्बारा रोटी: रोटी बनाने का सही तरीका जान लें, मेघना की रसोई के इन टिप्स से फूली जैसी रोटी बनाने का तरीका

March 12, 2026/
12:27 pm

12 मार्च 2026 को 12:27 IST पर अपडेट किया गया गुब्बारा रोटी: अक्सर लोगों को लगता है कि एकाएक में...

महाराष्ट्र में बड़ा राजनीतिक बदलाव! कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल का मेगा अलायंस ब्लूप्रिंट

June 12, 2026/
5:21 pm

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि केवल कांग्रेस ही प्रभावी ढंग से भाजपा को चुनौती दे...

राजनीति

डेली कॉलेज चुनाव: नए संविधान पर लगी मुहर:अब सिर्फ दो श्रेणियों में होगा मुकाबला; ओडीए में विरोध के स्वर तेज

डेली कॉलेज चुनाव: नए संविधान पर लगी मुहर:अब सिर्फ दो श्रेणियों में होगा मुकाबला; ओडीए में विरोध के स्वर तेज

डेली कॉलेज के आगामी चुनाव को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है। फर्म एंड सोसायटी ने कॉलेज के नए संविधान संशोधन को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है, जिसकी आधिकारिक प्रति मुख्य चुनाव अधिकारी और हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस सुशील गुप्ता के पास पहुंच गई है। शासन की इस हरी झंडी के साथ ही अब यह तय हो गया है कि इस बार चुनाव प्रक्रिया नए नियमों के तहत ही संपन्न कराई जाएगी। नए बदलावों के बाद अब निर्वाचन का दायरा सीमित हो गया है और केवल दो श्रेणियों के लिए ही वोट डाले जाएंगे। संशोधित संविधान के प्रावधानों के अनुसार, अब चुनाव मुख्य रूप से ‘न्यू डोनर कैटेगरी (2B2)’ और ‘पुराने डोनर कैटेगरी (2B1)’ के लिए आयोजित किए जाएंगे। जहां पुराने डोनर्स की श्रेणी से दो सदस्यों का चयन मतदान के जरिए होगा, वहीं न्यू डोनर कैटेगरी के लिए भी चुनावी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सबसे बड़ा बदलाव ‘ओल्ड डेलियंस एसोसिएशन’ (ओडीए) यानी कैटेगरी 2C में देखने को मिला है। पहले इस श्रेणी से दो सदस्यों का चुनाव होकर बोर्ड में जाने का प्रावधान था, जिसे अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। नए नियमों के तहत अब ओडीए के अध्यक्ष और सचिव सीधे बोर्ड का हिस्सा बनेंगे। इसके अलावा, एक प्रतिष्ठित छात्र को भी बोर्ड में शामिल किया जाएगा, लेकिन यह पूरी प्रक्रिया चयन (Selection) पर आधारित होगी, न कि निर्वाचन पर। प्रबंधन और बोर्ड इस बदलाव को कॉलेज के हित में बता रहे हैं। उनका तर्क है कि इससे बार-बार चुनाव कराने की जटिलता खत्म होगी। साथ ही, ओडीए के निर्वाचित पदाधिकारी जब सीधे बोर्ड में बैठेंगे, तो वे पूर्व छात्रों की समस्याओं और सुझावों को अधिक प्रभावी ढंग से शासन के सामने रख सकेंगे। हालांकि, इस फैसले ने ओडीए के भीतर एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। एसोसिएशन का एक गुट इस संशोधन का पुरजोर विरोध कर रहा है। विरोधियों का कहना है कि मतदान का अधिकार छीनने से ओडीए के लोकतांत्रिक अस्तित्व पर संकट खड़ा हो जाएगा। विरोधी गुट का मुख्य तकनीकी ऐतराज चुनाव के शेड्यूल और संविधान लागू होने की तारीख को लेकर है। उनका तर्क है कि जब 21 अप्रैल को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हुई थी, तब पुराना संविधान ही प्रभावी था। फर्म एंड सोसायटी से नए संविधान की सत्यापित प्रति 23 अप्रैल को प्राप्त हुई है, ऐसे में प्रक्रिया के बीच में नए नियमों को थोपना नियम विरुद्ध है। माना जा रहा है कि यह मामला जल्द ही कानूनी मोड़ ले सकता है और विरोधी गुट इस निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी में है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव की नामांकन प्रक्रिया 28 और 29 अप्रैल को संपन्न होगी। इसके बाद 4 मई से 19 मई के बीच डाक मतपत्र (पोस्टल बैलेट) जारी किए जाएंगे, जिन्हें 20 मई तक वापस जमा करना होगा। चुनाव का मुख्य चरण 21 मई को होगा, जिसमें स्थानीय मतदाता वोट डालेंगे। मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद उसी दिन मतगणना की जाएगी और देर शाम तक चुनाव परिणामों की घोषणा कर दी जाएगी। फिलहाल, नए संविधान की मंजूरी ने कॉलेज की राजनीति में हलचल तेज कर दी है और सबकी नजरें अब हाईकोर्ट के संभावित रुख पर टिकी हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.