Wednesday, 09 Sep 2026 | 04:19 PM

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कांग्रेस नेता चौहान को पत्नी–बेटे से जान का खतरा:बैंकर पत्नी बोलीं–IAS को छोड़कर इनसे शादी मेरा गलत फैसला, उनकी नजर मेरी प्रॉपर्टी पर

कांग्रेस नेता चौहान को पत्नी–बेटे से जान का खतरा:बैंकर पत्नी बोलीं–IAS को छोड़कर इनसे शादी मेरा गलत फैसला, उनकी नजर मेरी प्रॉपर्टी पर

कांग्रेस नेता महेंद्र सिंह चौहान और उनकी बैंक ऑफिसर पत्नी शिखा सिंह के बीच चल रहा पारिवारिक विवाद अब और तूल पकड़ता जा रहा है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। हाल ही में शिखा सिंह ने भास्कर से पति की शिकायतों और अपने आरोपों को विस्तार से रखा है, जिससे मामला और गरमा गया है। बैंक ऑफिसर पत्नी ने भास्कर को चौहान की वह शिकायत उपलब्ध कराई, जिसमें उन्होंने पत्नी और बेटे से खुद को जान का खतरा बताया है। उन्होंने पति पर पलटवार करते हुए कहा कि मैं अपने पति से उम्र में 20 साल छोटी हूं। मेरा बेटा नाबालिग है। आखिर उन्हें हमसे कैसे जान का खतरा हो सकता है? बैंकर पत्नी शिखा अपने नेता पति महेंद्र सिंह के खिलाफ दो माह पहले ही दहेज प्रताड़ना और मारपीट की शिकायत दर्ज करा चुकी हैं। ‘आईएएस से शादी तुड़वाकर मुझसे की शादी’ शिखा ने भास्कर से बातचीत में एक बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि करीब 20 साल पहले महेंद्र सिंह चौहान ने मेरी एक आईएएस अधिकारी से तय शादी तुड़वा दी थी। इसके बाद उन्होंने मुझसे शादी की। शादी के बाद से ही वे लगातार मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब मैंने अपने पिता को चौहान से शादी करने का फैसला बताया था, तब पिता ने चेतावनी दी थी कि यह फैसला गलत साबित हो सकता है। उस समय मैंने पिता की बात नहीं मानी। उन्होंने कहा था कि तुम चार इमली के सरकारी बंगले से सीधे सड़क पर आ जाओगी। अब लगता है कि यह जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी। मायके की संपत्ति को लेकर दबाव के आरोप शिखा सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही चौहान की नजर उनके मायके की संपत्ति पर है। वे लगातार उन पर दबाव बना रहे हैं कि वे अपने पिता की संपत्ति में हिस्सा लें। हालांकि शिखा ने कहा कि मैं ऐसा नहीं करना चाहतीं, दोनों के बीच विवाद की बड़ी वजह ये भी है। मेरे मायके वाले संपन्न हैं, लेकिन मैं उनकी जिंदगी में दखल नहीं देना चाहती। कांग्रेस प्रभारी को पत्र, मांग-पार्टी चौहान को पद से हटाए शिखा ने बीते दिनों कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी को पत्र लिखकर न्याय दिलवाने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि पत्नी और बेटे से जान का खतरा बताने वाली शिकायत, चौहान का घिनौना कृत्य है। ऐसे ही घिनौने कृत्य करके उन्होंने मेरा जीवन बर्बाद कर दिया है। उन्होंने लिखा कि वे मुझसे 20 साल बड़े हैं और अनैतिक कामों से सबका जीवन बर्बाद कर रहे हैं। इसलिए उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जाए। राजनीतिक महत्वाकांक्षा बनी विवाद की वजह शिखा ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि महेंद्र सिंह की राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते हमारी पारिवारिक जिंदगी बर्बाद होने की कगार पर है। उनकी अनर्गल मांगें लगातार बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से पूछा है कि चौहान पर कार्रवाई करने में इतनी देर क्यों हो रही है? शिखा ने इस पत्र की कॉपी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को भी भेजी है। सरकारी मकान को लेकर आपत्ति शिखा ने कहा कि चौहान को यह मकान सरकार ने आवंटित किया है। सरकारी मकान से कोई व्यक्ति अपनी पत्नी को कैसे बेदखल कर सकता है? धमकी का आरोप-‘अकेले जाती हो, हमला हो सकता है’ शिखा सिंह ने यह भी दावा किया कि उनके पति ने उन्हें धमकी दी है। उनके अनुसार, चौहान ने कहा कि ‘तुम अकेले बैंक जाती हो, तुम पर कभी भी हमला हो सकता है।’ शिखा ने इसे गंभीर धमकी बताते हुए कहा कि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता है। शिखा ने यह भी बताया कि शिवाजी नगर स्थित सरकारी बंगले में उनका और उनके बेटे का जरूरी सामान रखा हुआ है, लेकिन चौहान ने घर पर ताला लगा दिया है। उन्हें वहां से अपने दस्तावेज, गहने और अन्य जरूरी सामान लेने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस संबंध में उन्होंने पुलिस में आवेदन भी दिया है। चौहान का पक्ष-मीडिया ट्रायल से बचने की कोशिश दूसरी ओर, महेंद्र सिंह चौहान पहले ही अपनी पत्नी पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगा चुके हैं। उनका कहना है कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए वे इस पर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहना चाहते। हालांकि इस बार जब उनसे उनकी पत्नी के आरोपों पर प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कोई जवाब देने से इनकार कर दिया। उनके करीबी लोगों का कहना है कि शिखा के आरोप निराधार हैं और चौहान इस मामले का मीडिया ट्रायल नहीं चाहते।

कोहली IPL में 800 चौके लगाने वाले पहले बैटर:300 सिक्स भी पूरे; चिन्नास्वामी में बेंगलुरु की 50वीं जीत; मोमेंट्स-रिकार्ड्स

कोहली IPL में 800 चौके लगाने वाले पहले बैटर:300 सिक्स भी पूरे; चिन्नास्वामी में बेंगलुरु की 50वीं जीत; मोमेंट्स-रिकार्ड्स

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL के 34वें मुकाबले में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। इस जीत के हीरो रहे विराट कोहली, जिन्होंने 81 रन की शानदार पारी खेलते हुए इतिहास रच दिया। कोहली IPL में 800 चौके लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने, साथ ही उन्होंने 300 छक्कों का आंकड़ा भी छू लिया। वे लीग में 9 हजार रन के करीब भी पहुंच गए हैं और इस बड़े माइलस्टोन से महज 11 रन दूर हैं। बेंगलुरु ने अपने होम ग्राउंड एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में 50वीं जीत दर्ज कर एक और उपलब्धि हासिल की। वहीं गुजरात की पारी में साई सुदर्शन ने शतक जड़ते हुए क्रुणाल पंड्या की बाउंसर पर एक हाथ से शानदार छक्का लगाकर मैच का यादगार मोमेंट भी दिया। RCB Vs GT मैच के टॉप रिकॉर्ड्स और मोमेंट्स… 1. कोहली IPL में 9 हजार रन बनाने से 11 रन दूर कोहली ने गुजरात के खिलाफ 44 गेंद पर 81 रन बनाए। वे IPL में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। उनके नाम 266 पारियों में 8989 रन दर्ज हैं। दूसरे नंबर पर रोहित शर्मा का नाम आता है, जिन्होंने 271 पारियों में 7183 रन बनाए हैं। 2. कोहली के IPL में 800 चौके पूरे कोहली ने शुक्रवार को 8 चौके जड़े। इसके साथ ही उन्होंने IPL में अपने 800 चौके भी पूरे कर लिए हैं। उन्होंने टूर्नामेंट में अब तक सबसे ज्यादा 807 चौके लगाए हैं। उनके बाद शिखर धवन हैं, जिन्होंने 768 चौके लगाए हैं। 663 चौकों के साथ डेविड वॉर्नर तीसरे नंबर पर हैं। 3. IPL में कोहली के 300 छक्के पूरे कोहली ने मैच में 81 रन की पारी के दौरान 4 छक्के लगाए। इसके साथ ही उन्होंने IPL में अपने 300 छक्के भी पूरे कर लिए। यह आंकड़ा पार करने वाले वह तीसरी खिलाड़ी हैं। IPL में सबसे छक्के क्रिस गेल के नाम है, जिन्होंने 357 छक्के लगाए हैं। रोहित शर्मा 310 छक्कों के साथ दूसरे नंबर पर हैं। 4. चिन्नास्वामी पर RCB की 50वीं जीत RCB ने चिन्नास्वामी पर 50वीं जीत दर्ज की। वह ऐसा करने वाली चौथी टीम बन गई है। किसी एक वेन्यू पर सबसे ज्यादा मैच जीतने का रिकॉर्ड मुंबई के नाम है, जिन्होंने वानखेड़े स्टेडियम पर 58 मैच जीते हैं। कोलकाता ईडन गार्डन्स पर 55 जीत के साथ दूसरे और चेन्नई एमए चिदंबरम स्टेडियम पर 53 जीत के साथ तीसरे नंबर पर है। 5. RCB के खिलाफ 15वां शतक लगा RCB के खिलाफ सुदर्शन ने शतक जड़ा। IPL में 15वीं बार है जब किसी बल्लेबाज ने बेंगलुरु के खिलाफ सेंचरी लगाई। यह किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा शतक लगने का रिकॉर्ड है। 14-14 शतकों के साथ कोलकाता और मुंबई संयुक्त रुप से दूसरे नंबर पर है। 6. सुदर्शन ने IPL में सबसे तेज 2000 रन पूरे किए RCB के खिलाफ सुदर्शन ने शानदार शतक लगाया। इस पारी के दौरान 72 रन बनाते ही उनके IPL में 2000 रन पूरे हुए। उन्होंने सिर्फ 47 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की, जो सबसे तेज है। इससे पहले क्रिस गेल ने 48 पारियों में 2000 रन पूरे किए थे। 7. सुदर्शन-गिल के बीच 8वीं शतकीय साझेदारी चिन्नास्वामी में सुदर्शन और गिल ने पहले विकेट के लिए 128 रन जोड़े। यह दोनों के बीच IPL में 8वीं शतकीय साझेदारी है, जो तीसरे नंबर पर है। सबसे ज्यादा शतकीय साझेदारियां विराट कोहली और एबी डिविलियर्स के बीच हुई है। दोनों ने 10 सेंचुरी पार्टनरशिप की है। दूसरे नंबर पर 9 शतकीय साझेदारी के साथ विराट कोहली और क्रिस गेल की जोड़ी है। 8. सुदर्शन ने गुजरात टाइटंस के लिए तीसरा शतक जड़ा RCB के खिलाफ साई सुदर्शन ने अपनी तीसरी IPL सेंचुरी लगाई। यह तीनों शतक उन्होंने गुजरात टाइटंस के लिए खेलते हुए लगाए हैं। गुजरात के लिए उनसे ज्यादा 4 शतक शुभमन गिल ने लगाए हैं। यहां से टॉप-6 मोमेंट्स… 1. साई ने सिक्स जड़कर फिफ्टी पूरी की 8वें ओवर में साई सुदर्शन ने शानदार पैडल शॉट के जरिए अपनी फिफ्टी पूरी की। रोमारियो शेफर्ड ने ओवर की दूसरी गेंद ऑफ स्टंप के बाहर गुड लेंथ फेंकी। साई ने गेंद के नीचे आकर शानदार पैडल शॉट खेला और लॉन्ग लेग के ऊपर से छक्का जड़ दिया। यह इस सीजन की उनकी दूसरी फिफ्टी थी। 2. सुदर्शन ने क्रुणाल के बाउंसर पर एक हाथ से छक्का जड़ा गुजरात की पारी के 9वें ओवर में साई सुदर्शन ने क्रुणाल पंड्या की गेंद पर जबरदस्त शॉट खेला। ओवर की दूसरी गेंद क्रुणाल ने बाउंसर डाली। साई ने एक हाथ से कट शॉट खेला और बैकवर्ड पॉइंट के ऊपर से छक्का लगाया। 3. कैच पकड़ने के दौरान सुयश को चोट लगी 13वें ओवर में साई सुदर्शन के शॉट पर सुयश चोटिल हो गए। सुयश की दूसरी गेंद को सुदर्शन ने बॉलर की ओर जोरदार शॉट खेला। सुयश ने कैच पकड़ने की कोशिश की, लेकिन गेंद बाईं हाथ की बीच वाली उंगली पर लगी। इसके बाद फिजियो को तुरंत मैदान पर आना पड़ा। 4. सुयश ने विकेट लेने के बाद गिल का सेलिब्रेशन किया सुयश शर्मा ने 13वें ओवर में शुभमन गिल को आउट कर शतकीय ओपनिंग साझेदारी तोड़ी। ओवर की चौथी गेंद शॉर्ट लेंथ गुगली डाली, जिसपर शुभमन सही से टाइम नहीं कर पाए। गेंद लॉन्ग ऑन की ओर गई, जहां देवदत्त पडीक्कल ने आसान कैच पकड़ा। इस विकेट को सुयश ने शुभमन की स्टाइल में सेलिब्रेट किया। 5. कोहली का शून्य पर सुंदर ने कैच छोड़ा कोहली का उनकी पहली गेंद पर ही कैच छूट गया। दूसरी पारी में मोहम्मद सिराज ने पहला ओवर डाला। उन्होंने तीसरी गेंद फुल लेंथ डाली, जिसपर कोहली गेंद को ठीक से टाइम नहीं कर पाए। गेंद मिड विकेट पर खड़े वॉशिंगटन सुंदर के पास गई, लेकिन उन्होंने कैच छोड़ दिया। कोहली ने तब अपना खाता भी नहीं खोला था। 6. आउट होने के बाद कोहली ने पैड पर मारा बल्ला 14वें ओवर की चौथी गेंद पर जेसन होल्डर ने कोहली को क्लीन बोल्ड कर दिया। आउट होने के बाद विराट काफी निराश नजर आए। पवेलियन लौटने के दौरान उन्होंने पैड पर जोर से बल्ला मारा। हालांकि इसके बाद उन्होंने अपनी शानदार पारी के लिए दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया। —————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी

भोपाल में रात 12 बजे तक पब-बार बंद होंगे:आदेश का उल्लंघन करने पर लाइसेंस निरस्त होंगे; पुलिस कमिश्नर ने दिए निर्देश

भोपाल में रात 12 बजे तक पब-बार बंद होंगे:आदेश का उल्लंघन करने पर लाइसेंस निरस्त होंगे; पुलिस कमिश्नर ने दिए निर्देश

भोपाल में पब और बार संचालन को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कमिश्नर कार्यालय सभागार में सभी पब और बार संचालकों व मैनेजरों की बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए। शराब परोसने का समय रात 11:30 बजे तक निर्धारित किया गया है, जबकि रात 12:00 बजे तक सभी पब और बार पूरी तरह बंद करना अनिवार्य होगा। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि इंदौर की तर्ज पर जूम एप के माध्यम से एक मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है। इसमें एक ग्रुप बनाकर सभी पब और बार संचालकों को जोड़ा जाएगा, जहां उन्हें रोज रात 12 बजे तक बंद होने की फोटो पुलिस को भेजनी होगी। इससे समय-समय पर निर्देश दिए जा सकेंगे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। पूरे सिस्टम की मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जाएगी। बैठक में कमिश्नर ने शासन के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। निर्धारित समय के बाद पब और बार खुले पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा सभी पब और बार में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सोनकच्छ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर देवास कलेक्टर नाराज:ऋतुराज सिंह ने कहा-5 साल से अधिक समय से जमें स्टाफ को बदला जाए

सोनकच्छ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर देवास कलेक्टर नाराज:ऋतुराज सिंह ने कहा-5 साल से अधिक समय से जमें स्टाफ को बदला जाए

देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें शिशु स्वास्थ्य, मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। बैठक कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में हुई। बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति पर विस्तार से समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि एंटीनेटल केयर (एएनसी) पंजीयन का शत-प्रतिशत लक्ष्य पहली तिमाही में ही अभियान चलाकर पूरा किया जाए। उन्होंने इसकी नियमित समीक्षा करने और मातृ मृत्यु दर में सुधार के लिए लगातार प्रयास करने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि पिछले वर्ष की उपलब्धि को 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा जाए। कलेक्टर ने सोनकच्छ विकासखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि वहां पांच साल से अधिक समय से कार्यरत सभी स्टाफ को हटाया जाए, ताकि व्यवस्था में सुधार हो सके। शहरी क्षेत्रों में कमजोर स्थिति पर सख्ती बैठक में सामने आया कि देवास और सोनकच्छ के शहरी क्षेत्रों में एएनसी पंजीयन की स्थिति कमजोर है। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जहां स्टाफ की कमी है, वहां अतिरिक्त प्रभार देकर घर-घर सर्वे कराया जाए और कार्य की स्पष्ट जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने मॉडरेट एनीमिक गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन में सुधार लाने के भी निर्देश दिए। डॉक्टरों के प्रदर्शन पर भी सवाल कलेक्टर सिंह ने डॉ. लक्ष्मी जायसवाल के अधिक रेफरल मामलों पर चिंता जताते हुए उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। वहीं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज पाटीदार को बागली में पूर्ण समय निवास करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्पष्ट कहा गया कि यदि वे निर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो बीएमओ इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी और खंड चिकित्सा अधिकारी 108 एंबुलेंस सेवा का समय पर ऑडिट कर भोपाल को रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करें।

‘अपनी पगड़ी को विजय सिन्हा से सुरक्षित रखें’: तेजस्वी यादव ने बिहार के सीएम सम्राट चौधरी पर कटाक्ष किया | भारत समाचार

Jos Buttler congratulates batting partner Sai Sudharsan on scoring a century (Picture credit: AP)

आखरी अपडेट:24 अप्रैल, 2026, 21:28 IST तेजस्वी की यह टिप्पणी बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा 243 सदस्यीय विधानसभा में विश्वास मत जीतने के बाद आई है। राजद नेता तेजस्वी यादव की फाइल फोटो (पीटीआई फोटो) राजद नेता तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम पर कटाक्ष करते हुए दावा किया कि राज्य में बहुत कम समय में सरकार में लगातार बदलाव हुए हैं। बिहार विधानसभा को संबोधित करते हुए, यादव ने कहा, “बिहार वास्तव में एक अजीब राज्य है जहां पांच साल में पांचवीं सरकार बनी है। चयनित सीएम ने निर्वाचित सीएम को हटा दिया है। मैं सम्राट चौधरी को सलाह दूंगा कि वे अपनी ‘पगड़ी’ को विजय सिन्हा से सुरक्षित रखें।” विश्वास मत से नेतृत्व परिवर्तन को मंजूरी मिलती है यह बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा 243 सदस्यीय विधान सभा में विश्वास मत जीतने के बाद आया है, जिससे राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार मजबूती से स्थापित हो गई है। यह वोट मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद नेतृत्व परिवर्तन के औपचारिक समापन को चिह्नित करता है। विधानसभा में एनडीए ने दिखाई ताकत विश्वास प्रस्ताव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जनता दल (यूनाइटेड) और अन्य एनडीए सहयोगियों के समर्थन से आराम से पारित हो गया, जो सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर एकता को दर्शाता है। तेजस्वी यादव का हमला जारी प्रस्ताव पेश होने के तुरंत बाद, यादव ने फिर से घटनाक्रम की आलोचना की। सदन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “एक सरकार को विकास कार्यों के लिए स्थिरता की आवश्यकता होती है। लेकिन बिहार एक अनोखा राज्य है, जहां पांच साल में यह पांचवीं सरकार बनी है… हम एक ‘निर्वाचित मुख्यमंत्री’ से ‘चयनित मुख्यमंत्री’ में परिवर्तन के लिए सम्राट चौधरी को धन्यवाद देना चाहते हैं। हमें खुशी है कि वह लालू प्रसाद यादव की ‘पाठशाला’ से स्नातक हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने से बेहतर हमारे लिए क्या हो सकता है?” वीडियो | बिहार विधानसभा में बोलते हुए राजद नेता तेजस्वी यादव (@yadavtejashwi) कहते हैं, “बिहार वास्तव में एक अजीब राज्य है जहां पांच साल में पांचवीं सरकार बनी है। चयनित सीएम ने निर्वाचित सीएम को हटा दिया है। मैं सम्राट चौधरी को सलाह दूंगा कि वे अपनी ‘पगड़ी’ को सुरक्षित रखें…” pic.twitter.com/w3QoXUz0iW– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 24 अप्रैल 2026 सीएम ने आलोचना का जवाब दिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, सम्राट चौधरी ने कहा कि नेतृत्व विरासत में नहीं मिलता है, बल्कि जनता के समर्थन से अर्जित किया जाता है। उन्होंने कहा, “सत्ता किसी की बपौती नहीं है. सीएम का पद 14 करोड़ बिहारियों का आशीर्वाद है. मुझे नीतीश कुमार, पीएम मोदी, नितिन नबीन, चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा, जीतन राम मांझी का आशीर्वाद है.” उन्होंने आगे कहा, “अगर नीतीश कुमार नहीं होते तो क्या लालू यादव मुख्यमंत्री होते? नीतीश कुमार ने भी लालू यादव को मुख्यमंत्री बनाया… अगर लालू यादव ने मेरे राजनीतिक करियर पर अत्याचार नहीं किया होता तो मैं बिहार का मुख्यमंत्री नहीं बन पाता।” बिहार में बीजेपी के पहले सीएम सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करने वाले पहले भाजपा नेता हैं। वह राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते हैं, उनके पिता शकुनी चौधरी तारापुर से छह बार विधायक रह चुके हैं। उनकी मां पार्वती देवी ने भी 1998 में इसी सीट से जीत हासिल की थी. राजनीतिक यात्रा चौधरी को 2023 में भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया और बाद में 2024 में उपमुख्यमंत्री बने। नीतीश कुमार के पद छोड़ने और संसद सदस्य के रूप में राज्यसभा में चले जाने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : बिहार, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 24 अप्रैल, 2026, 21:27 IST न्यूज़ इंडिया ‘विजय सिन्हा से अपनी पगड़ी सुरक्षित रखें’: तेजस्वी यादव ने बिहार के सीएम सम्राट चौधरी पर कटाक्ष किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बिहार की राजनीति(टी)तेजस्वी यादव(टी)सम्राट चौधरी(टी)बिहार सरकार परिवर्तन(टी)एनडीए सरकार बिहार(टी)नीतीश कुमार का इस्तीफा(टी)बिहार विश्वास मत(टी)बीजेपी मुख्यमंत्री बिहार

पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज:गुवाहाटी हाईकोर्ट बोला- ये फर्जी दस्तावेज का केस, कस्टोडियल पूछताछ जरूरी; CM सरमा की पत्नी पर आरोप लगाए थे

पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज:गुवाहाटी हाईकोर्ट बोला- ये फर्जी दस्तावेज का केस, कस्टोडियल पूछताछ जरूरी; CM सरमा की पत्नी पर आरोप लगाए थे

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। जस्टिस पार्थिव ज्योति सैकिया ने कहा कि खेड़ा ने रिनिकी भुइयां शर्मा पर आरोप लगाने के लिए जिन दस्तावेजों को आधार बनाया है, पुलिस के मुताबिक वे पहले ही फर्जी साबित हो चुके हैं। कोर्ट ने कहा कि खेड़ा यह साबित नहीं कर पाए कि रिनिकी के पास कई देशों के पासपोर्ट हैं या उन्होंने अमेरिका में कंपनी बनाकर निवेश किया है। पहली नजर में ये फर्जी दस्तावेज रखने का केस बनता है। इसलिए पुलिस को जांच के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है। क्या है पूरा मामला खेड़ा ने 5 अप्रैल को आरोप लगाया था कि असम CM सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा के पास कई देशों के पासपोर्ट हैं और विदेश में अघोषित संपत्ति है। जिनका जिक्र चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया। इसके बाद रिनिकी भुइयां शर्मा ने गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में खेड़ा के खिलाफ केस दर्ज कराया था। कोर्ट बोला- निर्दोष महिला को राजनीति में घसीटा पहले क्या हुआ था 6 अप्रैल: हिमंता बोले- हमने प्रापर्टी के असली मालिक का पता लगाया हिमंता ने दुबई में फ्लैट होने के आरोपों का जवाब देते हुए एक वीडियो पोस्ट किया और लिखा था कि हमने दुबई के उन 2 अपार्टमेंट के असली मालिकों का पता लगा लिया है, जिनका जिक्र कांग्रेस ने किया है। ये फ्लैट मोहम्मद अहमद और फातिमा सुलेमान के हैं। 10 अप्रैल: तेलंगाना हाईकोर्ट से 7 दिन की ट्रांजिट अग्रिम जमानत ली तेलंगाना हाईकोर्ट ने खेड़ा को एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, ताकि वे असम की अदालत में जा सकें। असम सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। 17 अप्रैल: पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग खारिज सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा कि वे अपनी याचिका असम की अदालत में दाखिल करें। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… असम पुलिस की कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापेमारी, हिमंता बोले- पाताल से निकालेंगे सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर फर्जी पासपोर्ट का आरोप लगाने के दो दिन बाद असम पुलिस ने दिल्ली में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापा मारा। हिमंता की पत्नी की FIR के बाद यह कार्रवाई की गई है। हालांकि छापेमारी के वक्त पवन घर पर मौजूद नहीं थे। पूरी खबर पढ़ें…

पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज:गुवाहाटी हाईकोर्ट बोला- ये फर्जी दस्तावेज का केस, कस्टोडियल पूछताछ जरूरी; CM सरमा की पत्नी पर आरोप लगाए थे

पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज:गुवाहाटी हाईकोर्ट बोला- ये फर्जी दस्तावेज का केस, कस्टोडियल पूछताछ जरूरी; CM सरमा की पत्नी पर आरोप लगाए थे

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। जस्टिस पार्थिव ज्योति सैकिया ने कहा कि खेड़ा ने रिनिकी भुइयां शर्मा पर आरोप लगाने के लिए जिन दस्तावेजों को आधार बनाया है, पुलिस के मुताबिक वे पहले ही फर्जी साबित हो चुके हैं। कोर्ट ने कहा कि खेड़ा यह साबित नहीं कर पाए कि रिनिकी के पास कई देशों के पासपोर्ट हैं या उन्होंने अमेरिका में कंपनी बनाकर निवेश किया है। पहली नजर में ये फर्जी दस्तावेज रखने का केस बनता है। इसलिए पुलिस को जांच के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है। क्या है पूरा मामला खेड़ा ने 5 अप्रैल को आरोप लगाया था कि असम CM सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा के पास कई देशों के पासपोर्ट हैं और विदेश में अघोषित संपत्ति है। जिनका जिक्र चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया। इसके बाद रिनिकी भुइयां शर्मा ने गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में खेड़ा के खिलाफ केस दर्ज कराया था। कोर्ट बोला- निर्दोष महिला को राजनीति में घसीटा पहले क्या हुआ था 6 अप्रैल: हिमंता बोले- हमने प्रापर्टी के असली मालिक का पता लगाया हिमंता ने दुबई में फ्लैट होने के आरोपों का जवाब देते हुए एक वीडियो पोस्ट किया और लिखा था कि हमने दुबई के उन 2 अपार्टमेंट के असली मालिकों का पता लगा लिया है, जिनका जिक्र कांग्रेस ने किया है। ये फ्लैट मोहम्मद अहमद और फातिमा सुलेमान के हैं। 10 अप्रैल: तेलंगाना हाईकोर्ट से 7 दिन की ट्रांजिट अग्रिम जमानत ली तेलंगाना हाईकोर्ट ने खेड़ा को एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, ताकि वे असम की अदालत में जा सकें। असम सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। 17 अप्रैल: पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग खारिज सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा कि वे अपनी याचिका असम की अदालत में दाखिल करें। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… असम पुलिस की कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापेमारी, हिमंता बोले- पाताल से निकालेंगे सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर फर्जी पासपोर्ट का आरोप लगाने के दो दिन बाद असम पुलिस ने दिल्ली में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापा मारा। हिमंता की पत्नी की FIR के बाद यह कार्रवाई की गई है। हालांकि छापेमारी के वक्त पवन घर पर मौजूद नहीं थे। पूरी खबर पढ़ें…

सिर्फ राज्यसभा झटका नहीं: संदीप पाठक, राघव चड्ढा के बाहर जाने से AAP की मूल संरचना पर असर पड़ा | राजनीति समाचार

Virat Kohli. (Picture Credit: AP)

आखरी अपडेट:24 अप्रैल, 2026, 20:38 IST News18 से बात करते हुए, पार्टी के एक नेता ने इस घटनाक्रम को ऐसे समय में ‘पीठ पर छुरा घोंपना’ बताया जब AAP पहले से ही दबाव में है राघव चड्ढा ने कहा कि आप के 10 में से सात राज्यसभा सदस्य पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो रहे हैं। फ़ाइल छवि आप से सात राज्यसभा सांसदों के अचानक बाहर निकलने से न केवल संसद में एक शून्य पैदा हो गया है, बल्कि पार्टी का संगठनात्मक ढांचा भी कमजोर हो गया है, खासकर संदीप पाठक और राघव चड्ढा के साथ, जो पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राजनीतिक मामलों की समिति का हिस्सा थे। आम आदमी पार्टी द्वारा “ऑपरेशन लोटस” करार दिया गया, शुक्रवार को सात राज्यसभा सदस्यों के बाहर निकलने से आप के पास सदन में केवल तीन सदस्य बचे हैं – दो दिल्ली से और एक पंजाब से। पाठक और अशोक मित्तल की उपस्थिति में चड्ढा ने यह घोषणा की। चड्ढा ने कहा कि इस कदम के तहत हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल को नामित किया गया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि राज्यसभा में आप के दो-तिहाई से ज्यादा सांसद बीजेपी में विलय कर रहे हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, “सात सांसदों ने दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे राज्यसभा के माननीय सभापति को सौंप दिया गया है। मैंने, दो अन्य सांसदों के साथ, व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेज़ सौंपे हैं।” आज, भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए, राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई से अधिक सांसदों का भाजपा में विलय हो गया है। सात सांसदों ने दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए हैं, जो राज्यसभा के माननीय सभापति को प्रस्तुत किया गया था। मैं, दो अन्य सांसदों के साथ… – राघव चड्ढा (@raghav_chadha) 24 अप्रैल 2026 बाद में, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक पार्टी प्रमुख नितिन नबीन की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए। चड्ढा का विद्रोह चड्ढा न सिर्फ राज्यसभा में आप से सांसद थे, बल्कि वह राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी थे। आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, वह AAP के राष्ट्रीय प्रवक्ता और मुकदमेबाजी मामलों के प्रभारी भी थे। हालाँकि AAP के साथ उनके संबंधों को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं, खासकर तब जब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को कथित उत्पाद शुल्क नीति मामले में जेल जाना पड़ा, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में संबंध खराब होने के बाद भी वह आधिकारिक तौर पर पदों पर बने रहे। पाठक का मौन निकास पाठक के मामले में वह राष्ट्रीय महासचिव संगठन और आप के छत्तीसगढ़ प्रभारी थे। आप का राष्ट्रीय महासचिव का पद उनके लिए ही बनाया गया था। उन्हें पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था, राजनीतिक मामलों की समिति में “स्थायी आमंत्रित सदस्य” भी बनाया गया था। वह 2020 के बाद से ही पार्टी के साथ पूर्णकालिक रूप से काम कर रहे हैं। पार्टी द्वारा उन्हें 2020 की दिल्ली जीत और 2022 पंजाब जीत का श्रेय दिए जाने के बाद वह एक महत्वपूर्ण नाम बन गए, क्योंकि कहा जाता था कि चुनावी रणनीतियों के पीछे उनका ही दिमाग था। मार्च 2022 में, जब उन्होंने राज्यसभा सीट के लिए अपना पर्चा दाखिल किया, तो AAP ने एक्स पर पोस्ट किया कि वह पृष्ठभूमि में काम कर रहे हैं और “दिल्ली और पंजाब में पार्टी की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है”। आईआईटी प्रोफेसर संदीप पाठक ने पंजाब से आप के राज्यसभा सांसद के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया। वह पृष्ठभूमि में काम कर रहे हैं और दिल्ली और पंजाब में पार्टी की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सभी AAP स्वयंसेवकों के लिए वास्तव में गर्व का क्षण! 😇 pic.twitter.com/rNUO89vTIR -आप (@AamAadmiParty) 21 मार्च 2022 मैं डॉ. संदीप पाठक को बधाई देता हूं और उनकी नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देता हूं। हमें देश के हर कोने में AAP संगठन बनाना है https://t.co/o2l3WJa7tr- अरविंद केजरीवाल (@ArvindKejriwal) 13 दिसंबर 2022 पाठक और चड्ढा दोनों आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के अंदरूनी घेरे का हिस्सा थे और पार्टी के प्रमुख नेताओं में से थे। राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्यों के रूप में, वे पार्टी के प्रमुख राजनीतिक निर्णय लेने वाली टीम का हिस्सा थे। कम से कम ये दोनों सांसद न केवल सदन में पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे थे बल्कि महत्वपूर्ण निर्णय लेने में भी शामिल थे। इस सूची में मालीवाल एक और महत्वपूर्ण नाम था, हालांकि वह कुछ महीने पहले पार्टी के खिलाफ मुखर हो गई थीं। अरविंद केजरीवाल के घर में कथित तौर पर मारपीट के बाद मालीवाल का अलगाव-शुक्रवार तक अनौपचारिक-अपेक्षाकृत अचानक था। मालीवाल उस समय पार्टी के खिलाफ मुखर हो गईं जब उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल और आप आरोपियों को बचा रहे हैं। ‘बहुत ज्यादा भरोसा बहुत जल्दी’ मालीवाल के साथ, चड्ढा और पाठक को केजरीवाल की कोर टीम का हिस्सा माना जाता था – एक ऐसा घटनाक्रम जिसने पार्टी के भीतर कई बार भौंहें चढ़ा दी हैं। News18 से बात करते हुए, पार्टी के एक नेता ने इस घटनाक्रम को ऐसे समय में “पीठ पर छुरा घोंपना” बताया जब पार्टी पहले से ही दबाव में है। नेता ने कहा, “पार्टी ने हमेशा नए चेहरों को बढ़ावा दिया है। ये व्यक्ति AAP द्वारा प्रदान किए गए मंच के माध्यम से राजनीति में उभरे, और इनमें से अधिकांश के पास इसमें शामिल होने से पहले कोई राजनीतिक पहचान नहीं थी। आज, जब पार्टी का हर कार्यकर्ता केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ लड़ रहा है, तो यह कदम न केवल AAP के साथ बल्कि पंजाब के लोगों के साथ भी विश्वासघात है।” नेता ने कहा कि जो लोग किसी पार्टी के प्रति वफादार नहीं रह सकते वे जमीन के प्रति वफादार नहीं रह पाएंगे। “इतनी सारी ज़िम्मेदारियों के साथ उन पर भरोसा करना शायद एक गलती थी। अब नाम लेने का कोई मतलब नहीं है, लेकिन हर कोई जानता है कि चीजें कहां गलत हुईं…” नेता ने पीछे हटते हुए कहा। एक अन्य नेता ने कहा कि पार्टी ने विद्रोह के स्पष्ट संकेतों के बावजूद उन पर भरोसा करना जारी रखा, कम से कम मालीवाल और चड्ढा के मामले में। दूसरे नेता ने कहा, ”समय था और पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए इन नेताओं

क्यों नहीं होता दिल में जल्दी कैंसर? चूहों पर हुई रिसर्च ने मिला जवाब, सामने आयी हार्ट की ये खासियत

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हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट, हार्ट में ब्लॉकेज जैसे तमाम हेल्थ कंडीशन से आपने लोगों को सामना करते देखा होगा, लेकिन क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिसे हार्ट में कैंसर हो? आपमें से ज्यादातर लोग नहीं ही कहेंगे, क्योंकि ये बहुत रेयर है. इसका कारण हाल ही में वैज्ञानिकों को चूहों पर एक रिसर्च दौरान पता लगा है. आमतौर पर वयस्क दिल खुद को दोबारा नहीं बनाता और हर साल केवल लगभग 1% हार्ट सेल्स ही नए बनते हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि दिल पर लगातार पड़ने वाला मैकेनिकल दबाव (जब दिल लगातार खून पंप करता है) कोशिकाओं के बढ़ने को सीमित करता है, और यही प्रक्रिया कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से भी रोकती है.यह अध्ययन जर्नल साइंस में प्रकाशित हुआ है. इसमें यह भी संकेत मिला है कि भविष्य में मैकेनिकल स्टिमुलेशन के आधार पर कैंसर का इलाज विकसित किया जा सकता है. रिसर्च में वैज्ञानिकों ने एक चूहे का दिल दूसरे चूहे की गर्दन में ट्रांसप्लांट किया. इस तरह से ट्रांसप्लांट किया गया दिल खून की सप्लाई तो पा रहा था, लेकिन शरीर में खून पंप करने का काम नहीं कर रहा था, यानी उस पर सामान्य मैकेनिकल दबाव नहीं था. इसके बाद वैज्ञानिकों ने दोनों दिलों (मूल और ट्रांसप्लांटेड) में मानव कैंसर कोशिकाएं डालीं और उनकी वृद्धि की तुलना की. शुरुआती 3 दिनों में दोनों दिलों में कैंसर कोशिकाओं की संख्या लगभग समान थी. लेकिन 14 दिनों बाद ट्रांसप्लांटेड दिल में कैंसर कोशिकाओं ने ज्यादातर स्वस्थ टिशू को बदल दिया, जबकि सामान्य दिल में केवल लगभग 20% टिशू ही प्रभावित हुआ. इसके अलावा, बिना दबाव वाले दिल में कैंसर कोशिकाएं दोगुनी तेजी से बढ़ती पाई गईं. वैज्ञानिकों ने इस नतीजे की पुष्टि एक लैब मॉडल में भी की. जब टिशू को खींचकर उस पर दबाव डाला गया, तो कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि कम हुई. वहीं, बिना दबाव वाले टिशू में कैंसर ज्यादा तेजी से बढ़ा. इस मॉडल में यह भी देखा गया कि टिशू के अंदर दबाव का अंतर था. अंदरूनी हिस्से में ज्यादा दबाव और बाहरी हिस्से में कम. जहां दबाव ज्यादा था, वहां कैंसर कोशिकाएं कम पाई गईं, जबकि कम दबाव वाले हिस्सों में उनकी संख्या ज्यादा थी. मानव मरीजों के सैंपल के विश्लेषण में पाया गया कि दिल में फैले कैंसर में क्रोमैटिन (DNA और प्रोटीन का समूह) कम सघन था. जब क्रोमैटिन ढीला होता है, तो DNA ज्यादा सक्रिय हो जाता है और जीन आसानी से काम करने लगते हैं. आगे के प्रयोगों से पता चला कि यह प्रक्रिया Nesprin-2 नाम के प्रोटीन के जरिए नियंत्रित होती है. यह प्रोटीन LINC कॉम्प्लेक्स का हिस्सा है, जो सेल के बाहर से मिलने वाले मैकेनिकल संकेतों को न्यूक्लियस तक पहुंचाता है. यह संकेत ऐसे जीन को सक्रिय करते हैं जो कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकते हैं. हालांकि, इस सिस्टम को इलाज के रूप में इस्तेमाल करना आसान नहीं है. LINC कॉम्प्लेक्स शरीर की कई कोशिकाओं में जरूरी भूमिका निभाता है, इसलिए इसकी गतिविधि बढ़ाने से साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। साथ ही, इससे जीन एक्सप्रेशन में बड़े बदलाव आ सकते हैं. इसलिए वैज्ञानिक अब ऐसे दूसरे प्रोटीन खोजने पर ध्यान दे रहे हैं, जो Nesprin-2 के साथ मिलकर खास तौर पर कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोक सकें.

पंचायती राज दिवस पर जल संरक्षण का संकल्प लिया:ग्रामीणों को बताया- छत का पानी जमीन के अंदर उतारकर कुओं को जीवित कर सकते

पंचायती राज दिवस पर जल संरक्षण का संकल्प लिया:ग्रामीणों को बताया- छत का पानी जमीन के अंदर उतारकर कुओं को जीवित कर सकते

सिवनी जिले की धनोरा जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम घोघरीमाल और आसपास की पंचायतों में शुक्रवार को पंचायती राज दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर ग्रामीणों ने सिर्फ उत्सव ही नहीं मनाया, बल्कि भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए गांव को पानी की कमी से उबारने के लिए जल संरक्षण का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में मौजूद अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी भूपेंद्र सिंह राजपूत ने इलाके में कम होते पानी के स्तर पर चिंता जाहिर की। उन्होंने ग्रामीणों को आगाह किया कि अगर अभी हम नहीं जागे, तो आने वाली पीढ़ियां पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसेंगी। उन्होंने लोगों को ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग’ (बारिश का पानी सहेजने) के आसान तरीके समझाए और बताया कि कैसे घर की छत का पानी जमीन के अंदर उतारकर हम अपने कुओं और हैंडपंपों को फिर से जिंदा कर सकते हैं। गांव की सफाई और तालाबों का होगा कायाकल्प जल बचाने के इस अभियान को ग्रामीणों ने हाथों-हाथ लिया और हर घर में पानी बचाने की सिस्टम लगाने की शपथ ली। पंचायत की बैठक में यह भी तय किया गया कि गांव के पुराने तालाबों को और गहरा किया जाएगा, कुओं की मरम्मत होगी और नालों की साफ-सफाई कराई जाएगी ताकि बरसात का एक-एक कतरा जमीन में समा सके। पंचायत सचिव शमशेर खान ने बताया कि इन कामों को मनरेगा जैसी सरकारी योजनाओं के जरिए पूरा किया जाएगा। एकजुट हुए गांव के प्रतिनिधि कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष गुलाब सिंह भलावी और सीईओ ओंकार सिंह ठाकुर सहित कई बड़े अधिकारी शामिल हुए। अतिथियों ने ग्रामीणों से अपील की कि गांव के विकास के लिए केवल सरकार के भरोसे न बैठें, बल्कि खुद भी आगे आएं। इस दौरान सरपंच जानकी मरकाम और उपसरपंच रामकली उइके के साथ आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का अंत पर्यावरण बचाने और पानी की बर्बादी रोकने की सामूहिक कसम के साथ हुआ।