Tuesday, 16 Jun 2026 | 10:36 PM

Trending :

EXCLUSIVE

क्यों नहीं होता दिल में जल्दी कैंसर? चूहों पर हुई रिसर्च ने मिला जवाब, सामने आयी हार्ट की ये खासियत

authorimg

हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट, हार्ट में ब्लॉकेज जैसे तमाम हेल्थ कंडीशन से आपने लोगों को सामना करते देखा होगा, लेकिन क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिसे हार्ट में कैंसर हो? आपमें से ज्यादातर लोग नहीं ही कहेंगे, क्योंकि ये बहुत रेयर है. इसका कारण हाल ही में वैज्ञानिकों को चूहों पर एक रिसर्च दौरान पता लगा है.

आमतौर पर वयस्क दिल खुद को दोबारा नहीं बनाता और हर साल केवल लगभग 1% हार्ट सेल्स ही नए बनते हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि दिल पर लगातार पड़ने वाला मैकेनिकल दबाव (जब दिल लगातार खून पंप करता है) कोशिकाओं के बढ़ने को सीमित करता है, और यही प्रक्रिया कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से भी रोकती है.यह अध्ययन जर्नल साइंस में प्रकाशित हुआ है. इसमें यह भी संकेत मिला है कि भविष्य में मैकेनिकल स्टिमुलेशन के आधार पर कैंसर का इलाज विकसित किया जा सकता है.

रिसर्च में वैज्ञानिकों ने एक चूहे का दिल दूसरे चूहे की गर्दन में ट्रांसप्लांट किया. इस तरह से ट्रांसप्लांट किया गया दिल खून की सप्लाई तो पा रहा था, लेकिन शरीर में खून पंप करने का काम नहीं कर रहा था, यानी उस पर सामान्य मैकेनिकल दबाव नहीं था. इसके बाद वैज्ञानिकों ने दोनों दिलों (मूल और ट्रांसप्लांटेड) में मानव कैंसर कोशिकाएं डालीं और उनकी वृद्धि की तुलना की.

शुरुआती 3 दिनों में दोनों दिलों में कैंसर कोशिकाओं की संख्या लगभग समान थी. लेकिन 14 दिनों बाद ट्रांसप्लांटेड दिल में कैंसर कोशिकाओं ने ज्यादातर स्वस्थ टिशू को बदल दिया, जबकि सामान्य दिल में केवल लगभग 20% टिशू ही प्रभावित हुआ. इसके अलावा, बिना दबाव वाले दिल में कैंसर कोशिकाएं दोगुनी तेजी से बढ़ती पाई गईं.

वैज्ञानिकों ने इस नतीजे की पुष्टि एक लैब मॉडल में भी की. जब टिशू को खींचकर उस पर दबाव डाला गया, तो कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि कम हुई. वहीं, बिना दबाव वाले टिशू में कैंसर ज्यादा तेजी से बढ़ा. इस मॉडल में यह भी देखा गया कि टिशू के अंदर दबाव का अंतर था. अंदरूनी हिस्से में ज्यादा दबाव और बाहरी हिस्से में कम. जहां दबाव ज्यादा था, वहां कैंसर कोशिकाएं कम पाई गईं, जबकि कम दबाव वाले हिस्सों में उनकी संख्या ज्यादा थी.

मानव मरीजों के सैंपल के विश्लेषण में पाया गया कि दिल में फैले कैंसर में क्रोमैटिन (DNA और प्रोटीन का समूह) कम सघन था. जब क्रोमैटिन ढीला होता है, तो DNA ज्यादा सक्रिय हो जाता है और जीन आसानी से काम करने लगते हैं. आगे के प्रयोगों से पता चला कि यह प्रक्रिया Nesprin-2 नाम के प्रोटीन के जरिए नियंत्रित होती है. यह प्रोटीन LINC कॉम्प्लेक्स का हिस्सा है, जो सेल के बाहर से मिलने वाले मैकेनिकल संकेतों को न्यूक्लियस तक पहुंचाता है. यह संकेत ऐसे जीन को सक्रिय करते हैं जो कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकते हैं.

हालांकि, इस सिस्टम को इलाज के रूप में इस्तेमाल करना आसान नहीं है. LINC कॉम्प्लेक्स शरीर की कई कोशिकाओं में जरूरी भूमिका निभाता है, इसलिए इसकी गतिविधि बढ़ाने से साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। साथ ही, इससे जीन एक्सप्रेशन में बड़े बदलाव आ सकते हैं. इसलिए वैज्ञानिक अब ऐसे दूसरे प्रोटीन खोजने पर ध्यान दे रहे हैं, जो Nesprin-2 के साथ मिलकर खास तौर पर कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोक सकें.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
सिवनी में स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के दिव्य स्तंभ का लोकार्पण:वर्चुअली शामिल हुए सीएम डॉ. मोहन यादव; देर रात तक हुए धार्मिक आयोजन

February 26, 2026/
10:54 pm

सिवनी के शंकराचार्य चौक पर ब्रह्मलीन स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज के दिव्य स्तंभ का लोकार्पण कार्यक्रम हुआ। इस गरिमामय समारोह...

राष्ट्रपति ट्रम्प से खिंचाव, इटली की प्रधानमंत्री को सियासी फायदा:नाराजगी और आलोचना से मेलोनी की छवि मजबूत हुई; अब विपक्ष भी समर्थन में आया

April 29, 2026/
12:50 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूसी मीडिया की तल्ख टिप्पणियों ने इटली की राजनीति को नया मोड़ दिया है। ये...

फिल्म धुरंधर 3 क्या बन रही है?:मूवी में जमील जमाली का रोल प्ले करने वाले राकेश बेदी बोले- मुझे कोई आइडिया नहीं

May 29, 2026/
2:55 pm

‘धुरंधर (2025)’ और ‘धुरंधर: द रिवेंज (2026)’ की बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक सफलता के बाद फिल्म के पार्ट 3 को...

एनेस्थेसिया ओवरडोज से 17 साल के लड़के की हुई मौत:दो डॉक्टरों पर गैरइरादतन हत्या के आरोप तय; सबूतों के आधार पर चलेगा ट्रायल

February 21, 2026/
7:13 pm

इंदौर में सर्जरी के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही से 17 साल के किशोर अमित सेन की मौत के मामले में कोर्ट...

रजनीकांत की फिल्म 'जेलर 2' के सेट पर हादसा:चेन्नई की फिल्म सिटी में करंट लगने से 28 साल के कर्मचारी की मौत

May 15, 2026/
1:25 pm

सुपरस्टार रजनीकांत की आने वाली तमिल फिल्म ‘जेलर 2’ के सेट पर करंट लगने से एक कर्मचारी की मौत हो...

MP में 5,600 फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर:20 हजार कर्मचारी निकाले, 30 हजार की सैलरी आधी; 3 शिफ्ट का काम एक में चल रहा

April 3, 2026/
5:00 am

ईरान और इजराइल-अमेरिका के युद्ध का असर मध्य प्रदेश के ‘डेट्रॉयट’ कहे जाने वाले औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर पर बढ़ता जा...

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: यूसीसी, सीमा सुरक्षा और घुसपैठ...बंगाल चुनाव के बाद क्या है बीजेपी की योजना? अमित शाह ने संकल्प पत्र का किया खंडन

April 10, 2026/
6:40 pm

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित संकल्प पत्र में महिलाओं, युवाओं के लिए नए...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

क्यों नहीं होता दिल में जल्दी कैंसर? चूहों पर हुई रिसर्च ने मिला जवाब, सामने आयी हार्ट की ये खासियत

authorimg

हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट, हार्ट में ब्लॉकेज जैसे तमाम हेल्थ कंडीशन से आपने लोगों को सामना करते देखा होगा, लेकिन क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिसे हार्ट में कैंसर हो? आपमें से ज्यादातर लोग नहीं ही कहेंगे, क्योंकि ये बहुत रेयर है. इसका कारण हाल ही में वैज्ञानिकों को चूहों पर एक रिसर्च दौरान पता लगा है.

आमतौर पर वयस्क दिल खुद को दोबारा नहीं बनाता और हर साल केवल लगभग 1% हार्ट सेल्स ही नए बनते हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि दिल पर लगातार पड़ने वाला मैकेनिकल दबाव (जब दिल लगातार खून पंप करता है) कोशिकाओं के बढ़ने को सीमित करता है, और यही प्रक्रिया कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से भी रोकती है.यह अध्ययन जर्नल साइंस में प्रकाशित हुआ है. इसमें यह भी संकेत मिला है कि भविष्य में मैकेनिकल स्टिमुलेशन के आधार पर कैंसर का इलाज विकसित किया जा सकता है.

रिसर्च में वैज्ञानिकों ने एक चूहे का दिल दूसरे चूहे की गर्दन में ट्रांसप्लांट किया. इस तरह से ट्रांसप्लांट किया गया दिल खून की सप्लाई तो पा रहा था, लेकिन शरीर में खून पंप करने का काम नहीं कर रहा था, यानी उस पर सामान्य मैकेनिकल दबाव नहीं था. इसके बाद वैज्ञानिकों ने दोनों दिलों (मूल और ट्रांसप्लांटेड) में मानव कैंसर कोशिकाएं डालीं और उनकी वृद्धि की तुलना की.

शुरुआती 3 दिनों में दोनों दिलों में कैंसर कोशिकाओं की संख्या लगभग समान थी. लेकिन 14 दिनों बाद ट्रांसप्लांटेड दिल में कैंसर कोशिकाओं ने ज्यादातर स्वस्थ टिशू को बदल दिया, जबकि सामान्य दिल में केवल लगभग 20% टिशू ही प्रभावित हुआ. इसके अलावा, बिना दबाव वाले दिल में कैंसर कोशिकाएं दोगुनी तेजी से बढ़ती पाई गईं.

वैज्ञानिकों ने इस नतीजे की पुष्टि एक लैब मॉडल में भी की. जब टिशू को खींचकर उस पर दबाव डाला गया, तो कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि कम हुई. वहीं, बिना दबाव वाले टिशू में कैंसर ज्यादा तेजी से बढ़ा. इस मॉडल में यह भी देखा गया कि टिशू के अंदर दबाव का अंतर था. अंदरूनी हिस्से में ज्यादा दबाव और बाहरी हिस्से में कम. जहां दबाव ज्यादा था, वहां कैंसर कोशिकाएं कम पाई गईं, जबकि कम दबाव वाले हिस्सों में उनकी संख्या ज्यादा थी.

मानव मरीजों के सैंपल के विश्लेषण में पाया गया कि दिल में फैले कैंसर में क्रोमैटिन (DNA और प्रोटीन का समूह) कम सघन था. जब क्रोमैटिन ढीला होता है, तो DNA ज्यादा सक्रिय हो जाता है और जीन आसानी से काम करने लगते हैं. आगे के प्रयोगों से पता चला कि यह प्रक्रिया Nesprin-2 नाम के प्रोटीन के जरिए नियंत्रित होती है. यह प्रोटीन LINC कॉम्प्लेक्स का हिस्सा है, जो सेल के बाहर से मिलने वाले मैकेनिकल संकेतों को न्यूक्लियस तक पहुंचाता है. यह संकेत ऐसे जीन को सक्रिय करते हैं जो कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकते हैं.

हालांकि, इस सिस्टम को इलाज के रूप में इस्तेमाल करना आसान नहीं है. LINC कॉम्प्लेक्स शरीर की कई कोशिकाओं में जरूरी भूमिका निभाता है, इसलिए इसकी गतिविधि बढ़ाने से साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। साथ ही, इससे जीन एक्सप्रेशन में बड़े बदलाव आ सकते हैं. इसलिए वैज्ञानिक अब ऐसे दूसरे प्रोटीन खोजने पर ध्यान दे रहे हैं, जो Nesprin-2 के साथ मिलकर खास तौर पर कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोक सकें.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.