महू की जानापाव पहाड़ी पर लगी भीषण आग:पहाड़ी पर सूखी झाड़ियों में तेजी से फैली लपटें; बुझाने में जुटा वन विभाग

इंदौर के महू के समीप स्थित ऐतिहासिक जानापाव की पहाड़ी पर गुरुवार रात करीब 7:30 बजे भीषण आग लग गई। सूखी झाड़ियों के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया, जिससे पूरे पहाड़ी क्षेत्र में धुएं का गुबार छा गया। सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए। हवा और भौगोलिक स्थिति से बचाव कार्य में बाधा रेंजर आरएस चौहान के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्र और दुर्गम रास्ता होने के कारण दमकल उपकरणों को ले जाने में कठिनाई हो रही है। सूखी झाड़ियों और घास की अधिकता से आग तेजी से फैल रही है। वन विभाग के कर्मचारी मैन्युअल तरीके और अन्य संसाधनों से लपटों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं ताकि आग रिहायशी इलाकों की ओर न बढ़े। आग लगने के कारणों की जांच शुरू फिलहाल आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। वन विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर निरंतर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। आग पूरी तरह बुझने के बाद ही वन संपदा को हुए नुकसान का सही आकलन हो सकेगा।
सीहोर में नया शिक्षा सत्र शुरू, कई स्कूल बंद:शिक्षक अनुपस्थित, बच्चे बाहर इंतजार करते दिखे, गेट पर लटके ताले

सीहोर जिले में 1 अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है, लेकिन कई सरकारी स्कूलों में ताले लटके मिले। इछावर तहसील के विभिन्न स्कूलों में न तो छात्र पहुंचे और न ही शिक्षक उपस्थित थे। यह स्थिति शासन के निर्देशों के विपरीत है। सुबह 10:40 बजे सोहनखेड़ा हाई स्कूल में कोई शिक्षक मौजूद नहीं था। मौके पर केवल एक भृत्य मिला, जिसके पास स्टाफ की अनुपस्थिति का कोई स्पष्टीकरण नहीं था। सोहनखेड़ा के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों की स्थिति भी समान पाई गई, जहां परिसर में पढ़ाई के स्थान पर गंदगी फैली हुई थी। देरिया मुकाती में स्कूलों में लटके मिले ताले देरिया मुकाती के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में भी ताले लगे हुए थे। स्कूल भवनों के बाहर चार बच्चे इस उम्मीद में खेल रहे थे कि शायद स्कूल खुलेगा और उनकी पढ़ाई शुरू हो सकेगी। शिक्षा विभाग के नियमानुसार, सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक शिक्षण कार्य अनिवार्य है। हालांकि, इछावर में जमीनी हकीकत इसके विपरीत थी। नया सत्र शुरू होने के बावजूद कई शिक्षक अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। कायाकल्प के दावों के बीच गंदगी का अंबार स्कूलों के कायाकल्प के दावों के बावजूद, कई परिसरों में कचरा फैला हुआ मिला। अधिकारियों की निगरानी में कमी को भी इस स्थिति का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। ‘स्कूल चलें हम’ अभियान पर उठे सवाल एक ओर सरकार ‘स्कूल चलें हम’ जैसे अभियान चलाकर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास कर रही है, वहीं इछावर में सामने आई यह स्थिति बच्चों को शिक्षा से दूर कर सकती है। ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर सख्ती इधर जिला शिक्षा अधिकारी संजय सिंह तोमर द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने में सीहोर जिले की स्थिति संतोषजनक नहीं होने पर जिले में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं विकासखंड स्रोत समन्वयकों को नोडल अधिकारी और संकुल प्राचार्य को सहायक नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया। नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने विकासखंड के सभी शासकीय शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराना सुनिश्चित करें और प्रतिदिन की रिपोर्ट भेजें। इसके साथ ही सभी प्राचार्यों को भी निर्देशित किया गया है कि वे स्कूल में कार्यरत सभी शिक्षकों की उपस्थिति एवं अवकाश संबंधी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कराएं। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधितों का वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 चरण 1: 91% से अधिक मतदान दर्ज किया गया, वोटिंग चार्ट में रघुनाथगंज शीर्ष पर | भारत समाचार

आखरी अपडेट:23 अप्रैल, 2026, 19:20 IST गुरुवार को मुर्शिदाबाद के नौदा इलाके में एक विस्फोट के बाद ताजा तनाव की खबर आई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। लोग वोट डालने के लिए कतार में खड़े होकर इंतजार कर रहे हैं. (छवि: पीटीआई) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव राज्य में 91.35 मतदान प्रतिशत के साथ संपन्न हुआ। सभी जिलों में, रघुनाथगंज में सबसे अधिक 96.35 प्रतिशत मतदान हुआ, उसके बाद समसेरगंज में 95.89 प्रतिशत मतदान हुआ। मुर्शिदाबाद के नौदा इलाके में गुरुवार को ताजा तनाव की खबर आई जब एक विस्फोट में कई लोग घायल हो गए, जिससे मतदान के दौरान राजनीतिक अशांति फैल गई। घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और एयूजेपी के समर्थक कथित तौर पर एक-दूसरे से भिड़ गए। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे वीडियो में एयूजेपी नेता हुमायूं कबीर को टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ तीखी झड़प में फंसते हुए दिखाया गया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पर लाइव अपडेट का पालन करें कबीर के मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति और बिगड़ गई. उनकी यात्रा के बाद टकराव का एक और दौर हुआ, इस बार पार्टी कार्यकर्ता और पुलिस शामिल थे। गुस्सा बढ़ने पर सुरक्षाकर्मियों को भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आगे आना पड़ा। इन घटनाओं ने मतदान प्रक्रिया के दौरान छिटपुट गड़बड़ी पर नई चिंताएं पैदा कर दीं। एक अलग घटना में, भाजपा नेता सुभेंदु सरकार ने आरोप लगाया कि जब वह कथित बूथ कैप्चरिंग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे तो उन पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ताओं ने हमला किया। कुमारगंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे सरकार ने कहा कि इस घटना में उन्हें चोटें आईं और उनके निर्वाचन क्षेत्र में उनका वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : पश्चिम बंगाल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 23 अप्रैल, 2026, 18:34 IST न्यूज़ इंडिया पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 चरण 1: 91% से अधिक मतदान दर्ज किया गया, वोटिंग चार्ट में रघुनाथगंज सबसे ऊपर है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल मतदाता मतदान(टी)बंगाल चुनाव(टी)मतदाता मतदान
Kedarnath heart attack Safety Tips: केदारनाथ यात्रा के पहले दिन युवक की हार्ट अटैक से मौत, ट्रैक पर जाने से पहले करवाएं ये टेस्ट

Last Updated:April 23, 2026, 19:12 IST Kedarnath Yatra 1St Day Man Died Of Heart Attack: 22 अप्रैल से केदारनाथ का कपाट खुल गया है. हजारों की संख्या में लोग यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. इस बीच यात्रा के पहले ही दिन एक युवक के हार्ट अटैक से मौत की खबर सामने आयी है. ऐसे में यदि आप भी केदारनाथ की ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो जाने से पहले ये दो टेस्ट जरूर करवा लें. ख़बरें फटाफट उत्तराखण्ड में हिमालय पर्वत की गोद में केदारनाथ मन्दिर बारह ज्योतिर्लिंग में शामिल होने के साथ चार धाम और पंच केदार में से भी एक है. 22 अप्रैल 2026 को दर्शन के लिए मंदिर के कपाट को खोल दिया गया है. पिछले कुछ सालों में केदारनाथ यात्रा का क्रेज युवाओं में काफी बढ़ा है. इसका पूरा क्रेडिट सोशल मीडिया को जाता है. दुख की बात ये है कि फोटो खिंचवाने और रील बनाने के सुर में लोग ये भूल गए हैं, कि ये एक मंदिर है जो कि पहाड़ों के बीच ऊंचाईयों पर स्थिति है. यहां पहुंचने के लिए आपका शरीरिक रूप से फिट रहना बहुत जरूरी है. खुद की सेहत को नजरअंदाज करके पहाड़ों पर ट्रैक करने जाना जानलेवा भी साबित हो सकता है. ऐसा ही कुछ केदारनाथ की यात्रा के पहले दिन गुजरात के एक युवक के साथ हुआ. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, युवक को यात्रा के दौरान हार्ट अटैक आया जिसके बाद उसकी मौत हो गयी. ये घटना उन सभी लोगों के लिए चेतावनी है जो फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते हैं और बैग उठाकर सीधे अपनी चेयर से पहाड़ों में ट्रैक के लिए पहुंच जाते हैं. हार्ट डिजीज स्पेशलिस्ट डॉ. रिपेन गुप्ता, वाइस चेयरमैन एवं यूनिट हेड – कार्डियोलॉजी, मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत इसलिए सेफ साइड के लिए जरूरी है कि ट्रिप प्लान करने से पहले आप इन दो टेस्ट को जरूर करवा लें. हार्ट अटैक से बचाव के लिए जरूरी ये 2 टेस्ट टीएमटी टेस्ट- टीएमटी यानी कि ट्रेडमील टेस्ट कहा जाता है. ये एक डायग्नोस्टिक टेस्ट है जिसका उपयोग तनाव के दौरान दिल की प्रतिक्रिया को जांचने के लिए किया जाता है. यह टेस्ट मुख्य रूप से कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) यानी दिल की धमनियों में ब्लॉकेज का पता लगाने और हार्ट की कार्यक्षमता को समझने के लिए किया जाता है. TMT Test कैसे किया जाता है- टीएमटी टेस्ट के दौरान मरीज को ट्रेडमिल पर चलाते हैं. इसमें धीरे-धीरे स्पीड और झुकाव बढ़ाया जाता है. इस दौरान मरीज की हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर और इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम को लगातार मॉनिटर किया जाता है. यह टेस्ट यह दिखाता है कि शरीर की फिजिकल एक्टिविटी के दौरान दिल कितना अच्छे से काम करता है, यानी रोजमर्रा के तनाव जैसी स्थिति में हार्ट कैसे प्रतिक्रिया देता है. जरूरत क्यों होती है? टीएमटी टेस्ट हार्ट की सेहत को जांचने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, खासकर कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) को पहचानने में. ट्रेडमिल पर एक्सरसाइज के दौरान हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर और ECG की जांच करके यह टेस्ट गड़बड़ी का पता लगाने में मदद करता है, जो CAD की ओर संकेत कर सकती है. यह एक नॉन-इनवेसिव (बिना सर्जरी वाला) टेस्ट है, जो दिल की बीमारियों की जल्दी पहचान और सही मूल्यांकन में मदद करता है. ECG टेस्ट- इसीजी का फुलफॉर्म इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम टेस्ट होता है जो कि एक सरल और नॉन-इनवेसिव टेस्ट है. इसे दिल की इलेक्ट्रिकल गतिविधि को रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता है. इसकी मदद से अनियमित धड़कन, कोरोनरी हार्ट डिजीज का पता लगाया जाता है.डॉक्टर ECG की सलाह तब देते हैं जब व्यक्ति को सीने में दर्द, सांस फूलना, चक्कर आना, बेहोशी, दिल का तेज, फड़फड़ाना, धड़कना या जोर से धड़कने जैसा एहसास जैसे लक्षण दिखते हैं. इसके अलावा ECG का उपयोग यह देखने के लिए भी किया जाता है कि हार्ट की बीमारी के इलाज जैसे दवाइयां या कार्डियक डिवाइस सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं. ECG टेस्ट कैसे किया जाता है? इस टेस्ट को करने के लिए छाती, बांहों और पैरों पर छोटे-छोटे चिपचिपे डॉट (इलेक्ट्रोड) और तार लगाए जाते हैं. ये तार ईसीजी मशीन (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफ) से जुड़े होते हैं, जो हार्ट की मांसपेशियों की इलेक्ट्रोनिक एक्टिविटी को रिकॉर्ड करती है और इसे स्क्रीन या कागज पर ट्रेस के रूप में प्रदर्शित करती है. इन लक्षणों पर भी नजर रखेंयदि आपको पहाड़ों पर चढ़ते वक्त सीने के बीचों-बीच दबाव या जलन महसूस हो रही है या बहुत ज्यादा पसीना आना और अचानक घबराहट होना, गर्दन, जबड़े या बाएं कंधे में खिंचाव महसूस होना, आंखों के सामने अंधेरा छाना या चक्कर आना जैसे लक्षण दिखते हैं तो इन्हें इग्नोर न करें. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 23, 2026, 19:12 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
मानव एकता दिवस पर सतना में रक्तदान जागरूकता स्कूटर रैली:24 अप्रैल के विशाल शिविर के लिए अपील, निरंकारी मंडल हर साल करता है आयोजन

सतना में मानव एकता दिवस की पूर्व संध्या पर संत निरंकारी मंडल द्वारा रक्तदान जागरूकता स्कूटर रैली निकाली गई। गुरुवार को आयोजित इस रैली का उद्देश्य लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करना था। रैली कृष्णनगर स्थित भवन से शुरू हुई। ब्रांच संयोजक डॉ. जगदीश सेवानी ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली कृष्णनगर से अस्पताल चौक, पन्नीलाल चौक, चौक बाजार, बिहारी चौक, जयस्तंभ चौक, स्टेशन रोड, सर्किट हाउस, रीवा रोड और सेमरिया चौक से होते हुए सिंधी कॉलोनी स्थित संत निरंकारी भवन पर समाप्त हुई। रैली में शिष्य मंडल के सदस्य हाथों में पोस्टर लिए हुए थे और “रक्तदान महादान” के नारे लगा रहे थे। इस दौरान लोगों से 24 अप्रैल को आयोजित होने वाले विशाल रक्तदान शिविर में अधिक से अधिक संख्या में आकर रक्तदान करने की अपील की गई। यह रक्तदान शिविर सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगा। इसमें जिला अस्पताल के ब्लड बैंक का स्टाफ अपनी सहभागिता निभाएगा। संत जगदीश सेवानी ने बताया कि यह पावन दिवस बाबा गुरबचन सिंह जी और चाचा प्रताप सिंह जी की पुण्य स्मृति को समर्पित है। हर साल निरंकारी मंडल द्वारा आयोजित यह रक्तदान शिविर जिले का सबसे बड़ा शिविर माना जाता है।
‘मुसलमान टीएमसी की निजी संपत्ति नहीं’, आसनसोल में कार पर हमले के बाद उग्र बीजेपी उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अब तक 90 प्रतिशत वोट हो गए हैं। बड़ी संख्या में लोग मतदान करने पोलिंग बूथ तक पहुंच रहे हैं। इस बीच कई जगहों से लेकर हिंसक घटनाएं भी सामने आ रही हैं. कहीं भी भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख ने अपने सहयोगियों के साथ गठबंधन पर आरोप लगाए हैं तो कहीं पर भी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल हो गए हैं। बंगाल में अलग-अलग जगहों से पत्थरबाजी और रेस्तरां के भी मामले सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में भीड़ ने आसनसोल दक्षिण से उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार को मजबूत बनाया। उनकी कारों में टुकड़े-टुकड़े हो गए, जिनमें टुकड़े-टुकड़े हो गए। इस पर उन्होंने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला और कहा कि मुस्लिम आवेदकों की निजी संपत्ति नहीं है। कार पर हुए हमलों के बाद अग्निमित्र पॉल ने आईएएनएस को बताया कि वह रहमतनगर इलाके में गई थी। वहां पीछे कार पर पत्थर के टुकड़े कर दिए गए, जिससे शीशा टूट गया। उन्होंने कहा, ‘रहमत नगर अल्पसंख्यक बहुसंख्यक है। हम वहां थे. एक ही इमारत में कई बूथ हैं। वहां निरीक्षण के बाद हम पास की ही एक दूसरी इमारत (रहमत नगर हाई स्कूल) में गए। वहां हमारा निरीक्षण भी पूरा हो गया था. जब हम कार से बाहर निकले तो पीछे से हम पर पत्थर फेंके गए, जिससे कार का शीशा टूट गया।’ यह भी पढ़ें:- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: मुर्शिदाबाद में पत्थरबाजी, बीरभूम-दिनाजपुर में भाजपा विपक्ष का फोड़ा सिर…, वोटों के बीच बंगाल में तोड़फोड़ अग्निमित्रा पॉल ने आगे कहा, ‘हर चुनाव में दिव्य यही करता है। ये अवास्तविक क्लासिक ने ही की है. साल 2022 में जब पत्थरबाजी हुई थी, तब भी इसी तरह पत्थरबाजी की गई थी और कार को नुकसान हुआ था।’ उन्होंने यह भी बताया कि वह फिर से उस इलाके में मंगठर गए, जहां कार पर हमला हुआ था। समकालीन पर ऐतिहासिक दावा करते हुए अग्निमित्रा पॉल ने कहा, ‘तृणमूल कांग्रेस को लगता है कि मुसलमानों की अपनी निजी संपत्ति है, लेकिन ऐसा नहीं है। ‘बधाई पर भाजपा का भी अधिकार है, क्योंकि वे मेरे भाई हैं, कोई चाल नहीं है।’ यह भी पढ़ें:- ‘सिर्फ बिहारी बाबू ही नहीं, मैं बैलाबबू भी हूं’, आसनसोल में पहली बार मतदान के बाद बोले शत्रुघ्न सिन्हा इस घटना का वीडियो भी सामने आया, जिसमें अग्निमित्रा पॉल की कार का पिछला शीशा दागा हुआ था। वहीं, अग्निमित्र पॉल कार के सामने खड़े होकर नजर डाली, जो घटना के बारे में लोगों से बात कर रही थी। बाद में इस घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। अग्निमित्रा पॉल ने आईएएनएस को बताया कि पुलिस में अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। (टैग्सटूट्रांसलेट)हुमायूं कबीर(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026
राजगढ़ में गेहूं खरीदी अव्यवस्था पर किसानों का हाईवे जाम:स्लॉट-सैंपल विवाद, कम तोलकांटे-हम्माल से देरी; दोबारा जांच के बाद माने

राजगढ़ में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के अंतिम चरण में किसानों की समस्याएं बढ़ गई हैं। स्लॉट बुकिंग में परेशानी, सैंपल रिजेक्ट होने और तुलाई में देरी से नाराज किसानों ने गुरुवार को जयपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 12 बजे मोहनपुरा डेम मार्ग स्थित वेयरहाउस खरीदी केंद्र पर पहुंचे किसानों ने अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क पर खड़ी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि एक ही खेत के गेहूं के सैंपल में भेदभाव किया गया; एक ट्रॉली का सैंपल पास कर दिया गया, जबकि दूसरी का फेल कर दिया गया। इससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। बोले- दो दिन इंतजार करना पड़ रहा किसानों ने यह भी बताया कि उन्हें तुलाई के लिए एक-दो दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। किसानों के अनुसार, खरीदी केंद्र पर संसाधनों की भारी कमी है। चार में से केवल दो तोल कांटे ही चालू हैं, जिससे तुलाई की गति धीमी हो गई है। इसके अतिरिक्त, निर्धारित 40 हम्मालों के स्थान पर केवल 18 हम्माल ही मौजूद हैं, जिससे काम प्रभावित हो रहा है और किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सैंपल की दोबारा जांच कराई गई सूचना मिलने पर एसडीएम निधि भारद्वाज और कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत की, जिसके बाद सैंपल की दोबारा जांच कराई गई और विवाद को सुलझाया गया। इसके बाद, किसानों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। एसडीएम निधि भारद्वाज ने बताया कि संबंधित किसानों की समस्या का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। उन्होंने खरीदी केंद्र पर व्यवस्थाएं सुधारने के लिए अतिरिक्त तोल कांटे लगाने और हम्मालों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए। भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए कृषि विभाग और पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।
‘राका’ में होगा हॉलीवुड स्केल का म्यूजिक:साई ने बताया म्यूजिक को इंटरनेशनल लेवल पर पहचान दिलाने की तैयारी है

अल्लू अर्जुन और दीपिका पादुकोण स्टारर ‘राका’ के म्यूजिक को लेकर म्यूजिक डायरेक्टर साई अभ्यंकर ने खास जानकारी साझा की है। उन्होंने साफ किया है कि एटली निर्देशित इस फिल्म का म्यूजिक सिर्फ भारतीय दर्शकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे इंटरनेशनल लेवल पर पहचान दिलाने की तैयारी की जा रही है। बता दें कि एटली के निर्देशन में बन रही यह फिल्म अपने स्केल, जॉनर और स्टारकास्ट के चलते पहले ही चर्चा में है। अल्लू और दीपिका जैसे बड़े नामों के साथ यह प्रोजेक्ट ग्लोबल अपील वाला सिनेमा बनेगा। एटली का म्यूजिक को लेकर अप्रोच ट्रेडिशनल नहीं बल्कि एक्सपेरिमेंटल साई ने बताया कि ‘राका’ का म्यूजिक फिलहाल शुरुआती लेकिन अहम फेज में है, जहां कई गाने तैयार किए जा चुके हैं और अब उनके लिरिक्स, अरेंजमेंट और फाइनल प्रोडक्शन पर काम जारी है। एटली का म्यूजिक को लेकर अप्रोच ट्रेडिशनल नहीं बल्कि काफी एक्सपेरिमेंटल है। हर ट्रैक को अलग पहचान दी जा रही है। इंटरनेशनल म्यूजिक चार्ट्स पर जगह बनाए, ऐसा म्यूजिक बनाया जा रहा है ‘राका’ के म्यूजिक को खास बनाने के लिए टीम इंटरनेशनल सिंगर्स, म्यूजिक प्रोड्यूसर्स और लिरिसिस्ट्स के साथ काम कर रही है। साई के मुताबिक, लक्ष्य एक ऐसा ‘इंट्रिकेट साउंडस्केप’ तैयार करना है, जो भारतीय जड़ों से जुड़ा हो लेकिन उसकी प्रस्तुति पूरी तरह ग्लोबल हो। फिल्म के गानों में अलग-अलग म्यूजिक स्टाइल्स और जॉनर्स का फ्यूजन देखने को मिल सकता है, जिससे यह एलबम सिर्फ फिल्म तक सीमित न रहकर इंटरनेशनल म्यूजिक चार्ट्स पर भी जगह बना सके। ‘राका’ के अलावा साई के पास धनुष और सूर्या स्टारर बड़ी फिल्में भी हैं ‘राका’ के अलावा साई कई बड़े प्रोजेक्ट्स से जुड़े हुए हैं, जो उनके म्यूजिक इंडस्ट्री में बढ़ते कद को दर्शाते हैं। वह सूर्या स्टारर ‘करप्पू’ में भी काम कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्देशन आर जे बालाजी कर रहे हैं। इसके साथ ही वह धनुष की 55वीं फिल्म में भी म्यूजिक दे रहे हैं, जिसे राजकुमार पेरियासामी निर्देशित कर रहे हैं। साई लगातार बड़े स्केल की फिल्मों से जुड़ रहे हैं। एटली-अर्जुन ने हाल ही में लॉस एंजेलिस के एक VFX स्टूडियोज का दौरा किया, ग्लोबल प्रोजेक्ट के रूप में बन रही है फिल्म फिल्म की भव्यता को ध्यान में रखते हुए एटली और अर्जुन ने लॉस एंजेलिस के प्रमुख VFX स्टूडियोज का दौरा किया है, जहां फिल्म के विजुअल ट्रीटमेंट और टेक्निकल क्वालिटी पर काम किया जा रहा है। टाइटल अनाउंसमेंट के बाद से ही ‘राका’ को एक ग्लोबल सिनेमा प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है। यह भारतीय फिल्मों की इंटरनेशनल मार्केट में मौजूदगी मजबूत करेगी।
जेलर-2 की शूटिंग पूरी, स्ट्रीमिंग राइट्स 160 करोड़ में बिके:निर्माता जल्द ही फिल्म की रिलीज की आधिकारिक घोषणा करने वाले हैं

सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर 2’ की शूटिंग पूरी हो गई है। प्रोडक्शन कंपनी सन पिक्चर्स ने पूरी टीम के साथ केक काटते हुए अभिनेता की तस्वीरें शेयर की हैं। इस मौके पर निर्देशक नेल्सन दिलीप कुमार, रजनीकांत और फिल्म में उनके बेटे का रोल निभाने वाले वसंत रवि भी मौजूद थे। रजनीकांत ने कुछ समय पहले मीडिया से कहा था कि फिल्म जून में रिलीज होगी। हालांकि, निर्माता जल्द ही फिल्म की रिलीज की आधिकारिक घोषणा करेंगे। वहीं अमेजन प्राइम वीडियो ने सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद के स्ट्रीमिंग राइट्स 160 करोड़ रुपए में खरीद लिए हैं। यह तमिल सिनेमा के इतिहास में डिजिटल राइट्स का सबसे बड़ा सौदा है। रजनीकांत की फिल्मों के डिजिटल अधिकारों की कीमत तेजी से बढ़ रही है। 2023 में ‘जेलर’ 75 करोड़ शेड्यूल में बिकी थी। इस सौदे ने तमिल फिल्म इंडस्ट्री में नया रिकॉर्ड बना दिया है। ‘जेलर 2’ का निर्देशन नेल्सन ने किया है।
कृषि भूमि अधिग्रहण पर किसानों को चार गुना मुआवजा:भाजपा ने प्रदेश सरकार के फैसले का बैतूल में किया स्वागत

बैतूल में भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश सरकार के किसान हितैषी फैसलों की जानकारी दी। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने विजय भवन स्थित जिला भाजपा कार्यालय में एक प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। डॉ. पंडाग्रे ने जानकारी दी कि प्रदेश सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। अब कृषि भूमि के भू-अर्जन पर किसानों को बाजार दर का चार गुना मुआवजा मिलेगा। इस निर्णय से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और प्रदेश के विकास को गति मिलेगी। तीन वर्षों में 16 हजार करोड़ का मुआवजा उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में 55 हजार से अधिक किसानों को लगभग 16 हजार करोड़ रुपए का मुआवजा दिया गया है। सरकार का लक्ष्य अब इसे बढ़ाकर हर साल लगभग 20 हजार करोड़ रुपए करना है। इस फैसले से सिंचाई परियोजनाओं, सड़कों, पुलों और रेलवे जैसे अधोसंरचना कार्यों में तेजी आएगी। अधोसंरचना विकास के लिए 33,985 करोड़ की स्वीकृति प्रदेश सरकार ने अधोसंरचना विकास के लिए 33 हजार 985 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी प्रदान की है। इससे किसानों को सिंचाई सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। कांग्रेस पर साधा निशाना डॉ. पंडाग्रे ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को किसानों से जुड़े ऐसे फैसलों का स्वागत करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अनावश्यक राजनीति कर रही है और भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चार गुना मुआवजा किसानों की आय, सम्मान और भविष्य से जुड़ा हुआ है। यह निर्णय उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा। प्रेस ब्रीफिंग में ये रहे मौजूद इस प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष सुधाकर पंवार, किसान मोर्चा प्रदेश मंत्री अशोक पानसे, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष महेश्वर सिंह चंदेल और जिला मीडिया प्रभारी सूर्यदीप त्रिवेदी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।








