पूरे शरीर को लपेट पर लीवर रोग…फरीदाबाद में ये कैसी आफत, डॉक्टर से जानिए बचने का रास्ता

Last Updated:April 23, 2026, 16:40 IST Liver Cirrhosis : फरीदाबाद में लिवर सिरोसिस के मरीज बढ़ते जा रहे हैं. ये ऐसा रोग है जो किसी को भी हो सकता है. इस बीमारी का असर सिर्फ लीवर तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरे शरीर पर पड़ता है. सिर्फ दवाइयों से ही इस बीमारी को संभाला नहीं जा सकता. ऐसे में क्या करना होगा? लोकल 18 ने इस बारे में फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल की डॉ. धीरजा बब्बर से बात की. डॉ. धीरजा बताती हैं कि सिरोसिस के मरीजों में अक्सर मांसपेशियां तेजी से कमजोर होने लगती है. फरीदाबाद. हरियाणा के फरीदाबाद में लीवर से जुड़ी बढ़ती बीमारियों के बीच एक अहम जानकारी सामने आई है. लीवर सिरोसिस से जूझ रहे मरीजों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि इस बीमारी का असर सिर्फ लीवर तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरे शरीर पर पड़ता है. इस बारे में लोकल 18 ने फरीदाबाद सर्वोदय हॉस्पिटल की डॉ. धीरजा बब्बर (Group Head – Physiotherapy) से बात की. डॉ. धीरजा कहती हैं कि सिरोसिस के मरीजों में अक्सर मांसपेशियां तेजी से कमजोर होने लगती है. इस स्थिति को मेडिकल भाषा में सारकोपेनिया कहा जाता है. ऐसे मरीजों को अक्सर हाथ-पैरों में कमजोरी महसूस होती है. जल्दी थकान लगती है और कई बार सांस फूलने जैसी समस्या भी होने लगती है. ये सभी लक्षण इस बात का संकेत हैं कि शरीर की मसल्स कमजोर हो रही हैं. डॉ. धीरजा बब्बर कहती हैं कि सिर्फ दवाइयों से ही इस बीमारी को संभाला नहीं जा सकता. मरीज की लाइफ को बेहतर बनाने के लिए फिजियोथैरेपी बहुत बड़ा रोल निभाती है. सही समय पर अगर सही तरीके से फिजियोथैरेपी शुरू की जाए तो मरीज की हालत में काफी सुधार आ सकता है. डॉ. धीरजा के मुताबिक, लीवर सिरोसिस के मरीजों में अक्सर चलने-फिरने में दिक्कत, शरीर में असहायपन और संतुलन बिगड़ने जैसी समस्याएं सामने आती हैं. ऐसे में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, बैलेंस और को ऑर्डिनेशन एक्सरसाइज काफी मददगार साबित होती हैं. इससे मरीज के गिरने का खतरा भी कम हो जाता है. अमोनिया लेवल डॉ. धीरजा कहती हैं कि हर मरीज की स्थिति अलग होती है इसलिए फिजियोथैरेपी भी उसी हिसाब से कस्टमाइज की जाती है. कौन सी मसल कितनी कमजोर है उसी के अनुसार एक्सरसाइज प्लान किया जाता है. धीरे-धीरे मसल्स को मजबूत किया जाता है जिससे मरीज के लिए रोजमर्रा के काम करना और चलना-फिरना आसान हो जाता है. सही एक्सरसाइज करने से शरीर में बढ़ा हुआ अमोनिया लेवल भी कम करने में मदद मिलती है जो लीवर सिरोसिस के मरीजों के लिए काफी जरूरी होता है. About the Author Priyanshu Gupta प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Faridabad,Haryana First Published : April 23, 2026, 16:40 IST
Opinion: ब्रिटेन में 2008 के बाद जन्मे लोगों पर लाइफटाइम टोबैको बैन, पर क्या भारत दिखा पाएगा हिम्मत

Last Updated:April 23, 2026, 16:01 IST Smoke-Free Generation: ब्रिटेन की संसद ने ऐतिहासिक बिल पास करते हुए 2008 के बाद पैदा लिए लोगों पर लाइफटाइम स्मोकिंग बैन कर दिया है. यानी वर्तमान में जो लोग 18 साल के हो चुके हैं और इस उम्र से कम के हैं वे अब कभी भी ब्रिटेन में तंबाकू या तंबाकू जनित चीजों का सेवन नहीं कर सकते हैं. एक तरह से ब्रिटेन स्मोक फ्री जेनरेशन बनना चाहता है. भारत की स्थिति इस मामले में बेहद खराब है. यहां हर साल 13.5 लाख मौतें तंबाकू के कारण हो जाती है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारत में इतनी हिम्मत है. ब्रिटेन में 2008 के बाद पैदा लेने वाले लोगों के लिए लाइफटाइम तंबाकू बैन हो गया है. कैसी अजीब बिडंबना है पहले हम जहर बेचकर सौ रुपये कमाते हैं और फिर इसके इलाज पर 816 रुपये खर्च कर देते हैं. तंबाकू की जानलेवा आदत पर हमारे देश की यही स्थिति है. हम तंबाकू पर सिर्फ चेतावनी डाल देते हैं कि इससे कैंसर होता है. दूसरी तरफ इससे पैसा कमाने के लिए हम इस जहर को बेचना बदस्तूर जारी रखते हैं. लाखों जिंदगियां इस धुएं की राख में तबाह हो जाती है. पर इसका हमें कोई गम नहीं. दुनिया भर में यह खेल चल रहा है. युवा वर्ग सिगरेट के छल्ले को निकालने में अपनी शानो-शौकत समझते हैं. और इसमें उनकी जिंदगी तबाह हो रही है. इन सुलगते सवालों के बीच ब्रिटेन ने ऐसा फैसला लिया है जो इतिहास के स्वर्णाक्षरों में अंकित हो जाएगा. ब्रिटेन में 2008 के बाद पैदा लेने वाले सभी लोगों को पूरी जिंदगी तंबाकू या तंबाकू जनित प्रोडक्ट को हाथ भी नहीं लगाने दिया जाएगा. यह पूरी तरह से बैन होगा. यानी ब्रिटेन अगली पीढ़ी को स्मोक जेनरेशन की ओर ले जाने का पुख्ता बंदोवस्त कर लिया है. इससे पहले न्यूजीलैंड मालद्वीव जैसे देशों ने अपने यहां आने वाली पीढ़ियों के लिए स्मोकिंग बैन कर दिया है. पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि तंबाकू से सबसे ज्यादा चोट खाने वाले भारत में क्या ऐसा हो सकता है. क्या भारत में इतना दम है. हर साल 13 लाख लोगों की मौत डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट को मानें तो भारत में हर साल 13.5 लाख लोगों की मौत तंबाकू के कारण होती है. तंबाकू से भारत में कई प्रोडक्ट बनते हैं. सिगरेट, वेपिंग तो स्मोकिंग प्रोडक्ट है लेकिन भारत के कोने-कोने में गुटखा पाया जाता है. गुटखा में तंबाकू डालने पर बैन है लेकिन तंबाकू को बेचने पर कोई बैन नहीं है. इसलिए कंपनियां बिना तंबाकू वाले गुटखा को अलग बेचते हैं और तंबाकू को अलग से बेचते हैं. लोग दोनों पाउच एक साथ खरीदते हैं और दोनों को मिलाकर चबाने लगते हैं. यह किलर कॉम्बिनेशन है. इतना ही भारत में कॉरपोरेट कल्चर में सिगरेट पीने की लत सी लग गई है. लड़कियां भी इसमें बहुत आगे रहती हैं. सबको पता है कि सिगरेट कैंसर, सीओपीडी, अस्थमा, लिवर डिजीज, किडनी डिजीज का कारण है, इसके बावजूद तंबाकू जनित प्रोडक्ट की बाढ़ गई है. अब इसे कई रूपों में बेचा जाता है. चिंता की बात यह है कि भारत में तंबाकू सेवन करने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है. भारत में 15 साल से उपर 26.7 करोड़ लोगों को तंबाकू के सेवन की आदत है. इसका मतलब यह हुआ कि 30 फीसदी वयस्क जनसंख्या तंबाकू की चपेट में है. ऐसा खेल क्यों खेला जा रहा यह तंबाकू भारत की सेहत में घुन की तरह खा रहा है. जो लोग भी तंबाकू का सेवन करते हैं, 35 साल के बाद इनमें से अधिकांश को कुछ न कुछ बीमारी हो ही जाती है. तंबाकू के कारण होने वाली बीमारियों और इससे होने वाली मौतों के कारण हर साल भारत की अर्थव्यवस्था 2000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ता है. अनुमान के मुताबिक अगर सरकार को तंबाकू पर टैक्स से 100 रुपये की आमदनी होती है तो इससे अर्थव्यवस्था को 816 रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है. हर चीज की तरह इसमें भी गरीब आदमी को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है. इन लोगों को जब तंबाकू के कारण बीमारी होती है तो ये समझ नहीं पाते हैं कि इसकी वजह तंबाकू है. नतीजतन इन्हें सबसे ज्यादा मार झेलने होती है. ऐसे में सवाल उठता है कि ये कौन सी समझदारी है. सरकार को इस तंबाकू पर टैक्स से जितनी आमदनी होती है उससे कहीं ज्यादा वह इसके खिलाफ जागरुकता फैलाने के लिए प्रचार-प्रसार पर खर्च कर देती है. फिर ऐसा खेल क्यों खेला जाता है. यह एक तरह का कुचक्र है जिसमें सरकार रत्ती भर पैसे के लिए फंसती जा रही है. क्या सिगरेट से मिलने वाला टैक्स उन लाखों करोड़ों रुपयों की भरपाई कर सकता है जो भारत सरकार कैंसर के इलाज और मैनपावर लॉस पर खर्च करती है? हमें तत्काल कानून की जरूरत ब्रिटेन में पास हुआ कानून हमारे लिए सबसे बड़ी सबक है. हमारे देश में युवाओं की बहुत बड़ी आबादी ऐसी है जो सिर्फ स्टेट्स सिंबल के लिए सिगरेट की कश में अपनी जिंदगी को बर्बाद कर लेते हैं. टीनएज लड़कियां जिस तरह से स्मोकिंग की ओर आक्रामकता से बढ़ रही है वह और भी चिंताजनक है. कोई देश तभी आगे बढ़ सकता है जब उसके नागरिकों की सेहत दुरुस्त हो. लेकिन हमारे देश में 30 के बाद से ही लोगों को हार्ट डिजीज, मोटापा, डायबिटीज और लिवर की गंभीर बीमारी होने लगी है. ये सारे संकेत इस चिंता को और बढ़ा देती है कि हमें तत्काल ऐसी नीति की जरूरत है जिसमें तंबाकू पूरी तरह से प्रतिबंधित हो. दुनिया के विकसित देश अब स्मोक-फ्री जेनरेशन के मॉडल पर काम कर रहे हैं.भारत जैसे घनी आबादी वाले देश के लिए यह एक उदाहरण है. जिस तरह की मुसीबतें हम झेल रहे हैं, उसमें हमें ऐसे कानून की सख्त आवश्यकता है. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की
जातिवाद पर छलका 'पंचायत' एक्टर का दर्द:विनोद सूर्यवंशी ने कहा- आज भी मंदिर में नहीं मिलती एंट्री; होटल में धोनी पड़ी थीं अपनी प्लेटें

वेब सीरीज पंचायत में सचिव जी के किरदार से चर्चा में आए विनोद सूर्यवंशी ने हाल ही में बताया कि उनके कर्नाटक स्थित गांव में आज भी उन्हें एक मंदिर में प्रवेश नहीं मिलता है। विनोद सूर्यवंशी ने सिद्धार्थ कनन के साथ बातचीत में कहा कि उनके गांव में आज भी जातिगत आधार पर भेदभाव होता है। उन्होंने बताया कि गांव दो हिस्सों में बंटा हुआ है, जहां एक तरफ उच्च जाति के लोग रहते हैं और दूसरी तरफ दलित जाति के लोग। विनोद ने बताया कि आज भी एक ऐसा मंदिर है जहां हमें जाने (दलित समुदाय) की अनुमति नहीं है। हम मंदिर के अंदर नहीं जा सकते। हमें बाहर ही तेल देना पड़ता है, नारियल चढ़ाना पड़ता है और फिर पुजारी अंदर जाकर चढ़ाते हैं। उन्होंने बताया कि मैं कुछ समय पहले मंदिर में अपने बच्चे का मुंडन कराने के लिए गया था। सोचा था कि अब कुछ चीजें बदल गई होंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आज भी वही चीजें अनुमति नहीं हैं। बचपन में होटल में खुद प्लेटें धोनी पड़ीं विनोद सूर्यवंशी ने अपने बचपन का अनुभव शेयर करते हुए बताया कि 7-8 साल की उम्र में जब वह अपने पिता के साथ गांव गए थे, तो होटल में खाना खाने के बाद उन्हें अपनी प्लेटें खुद धोनी पड़ीं, जबकि उन्होंने पूरा बिल चुकाया था। विनोद ने यह भी कहा कि आर्थिक तंगी के कारण उनके परिवार के लिए त्योहार खुशी नहीं, बल्कि दुख का कारण होते थे। उन्होंने बताया कि कई बार उन्होंने अपने माता-पिता को त्योहारों के दौरान रोते देखा। एक्टर ने यह भी दावा किया कि उन्हें इंडस्ट्री में भी भेदभाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि डार्क कॉम्प्लेक्शन की वजह से कई बार उन्हें रिजेक्ट किया गया और एक बार सिलेक्ट होने के बाद भी हटा दिया गया।
मंदसौर में 18 दिन कम उम्र पर बाल विवाह रुकवाया:17 साल 11 माह के दूल्हे की शादी टली, टीम ने समझाइश देकर ऑब्जर्वेशन होम भेजा

मंदसौर जिले के ग्राम अरनिया मीणा में गुरुवार को बाल विवाह की सूचना मिलने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। इस दौरान एक नाबालिग बालक का विवाह रुकवा दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रभारी अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलते ही विभागीय टीम और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच की। जांच में पाया गया कि बालक की आयु लगभग 17 वर्ष 11 माह 28 दिन है, जो कानूनी रूप से निर्धारित विवाह आयु से कम है। अधिकारियों ने मौके पर विवाह की तैयारियों में जुटे बालक के परिजनों को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों और इसके दुष्परिणामों के बारे में समझाया। इसके बाद विवाह की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया। इस कार्रवाई में महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस प्रशासन, पैरालीगल वॉलंटियर्स और वन स्टॉप सेंटर (OSC) के कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्रवाई के तहत बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। उसे अस्थायी रूप से ऑब्जर्वेशन होम (OSC) में रखा गया है। अधिकारियों ने बालक और उसके माता-पिता को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह एक दंडनीय अपराध है, जिसमें शामिल व्यक्तियों को दो वर्ष तक का कारावास या एक लाख रुपए तक का जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि विवाह के लिए बालिका की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और बालक की 21 वर्ष होना अनिवार्य है। प्रशासन ने आमजन से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने में सहयोग की अपील की है, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
‘मैंने इसे खाया, लेकिन टीएमसी को इसकी चुभन महसूस हुई’: पीएम मोदी ने ममता पर झालमुड़ी का तंज कसा, कहा- 4 मई को इसे बांटूंगा | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:23 अप्रैल, 2026, 13:50 IST पीएम मोदी ने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए बीजेपी की जीत का भरोसा जताया और कहा कि 4 मई को बीजेपी मिठाइयां और झालमुड़ी बांटेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बंगाल में भाजपा की जीत पर भरोसा जताया और कहा कि 4 मई को जश्न मनाया जाएगा, मिठाइयां और झालमुड़ी बांटी जाएंगी। कृष्णानगर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ”4 मई को बंगाल में बीजेपी की जीत का जश्न भी मनाया जाएगा, मिठाइयां बांटी जाएंगी और झालमुड़ी भी बांटी जाएगी.” पीएम मोदी ने ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी पर हमला बोलते हुए कहा, “वैसे, मैंने सुना है कि झालमुड़ी ने भी कुछ लोगों को तगड़ा झटका दिया है। झालमुड़ी तो मैंने खाई है, लेकिन डंक तो टीएमसी को ही लगा है।” साथ ही पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में लोकतंत्र की स्थापना के लिए भारत निर्वाचन आयोग की सराहना की और सभी से वोट डालने का अनुरोध किया. पीएम मोदी ने कहा, “मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि वे जाएं और मतदान करें, मतदाताओं द्वारा एक नया रिकॉर्ड बनाया जाना चाहिए। 50 वर्षों में यह पहली बार है कि चुनावों में हिंसा बहुत कम है। मैं राज्य में लोकतंत्र स्थापित करने के लिए चुनाव आयोग को धन्यवाद देता हूं। यह चुनाव आयोग की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।” उन्होंने कहा, “मैं राज्य सरकार के कर्मचारियों को बधाई देता हूं और मुझे जानकारी मिल रही है कि मतदान प्रतिशत पिछले चुनावों की तुलना में अधिक है।” इससे पहले सुबह में, पीएम मोदी ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के लोगों से अपने राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान में “उत्साह” से भाग लेने की अपील की। उन्होंने दोनों राज्यों के युवाओं और महिलाओं से रिकॉर्ड संख्या में मतदान करने का भी आग्रह किया। तमिलनाडु में सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान शुरू हो गया है, जबकि पश्चिम बंगाल में 294 में से 152 विधानसभा सीटों के लिए आज सुबह मतदान शुरू हुआ। पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “जैसा कि तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में मतदान कर रहा है, मैं सभी मतदाताओं से लोकतंत्र के इस पवित्र कर्तव्य में उत्साहपूर्वक भाग लेने का आह्वान करता हूं। मैं विशेष रूप से तमिलनाडु के युवाओं और महिलाओं से बाहर आने और रिकॉर्ड संख्या में मतदान करने का आग्रह करता हूं।” प्रधानमंत्री ने एक अन्य पोस्ट में कहा, “पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का पहला चरण आज है। मैं सभी नागरिकों से लोकतंत्र के इस उत्सव में पूरी ताकत के साथ भाग लेने का आग्रह करता हूं। मैं विशेष रूप से अपने युवा मित्रों और पश्चिम बंगाल की महिलाओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील करता हूं।” पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा. असम, केरल और पुडुचेरी सहित दोनों राज्यों में वोटों की गिनती 4 मई को होगी। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : पश्चिम बंगाल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 23 अप्रैल, 2026, 13:26 IST समाचार चुनाव ‘मैंने इसे खाया, लेकिन टीएमसी को इसकी चुभन महसूस हुई’: पीएम मोदी ने ममता पर झालमुड़ी का तंज कसते हुए कहा, 4 मई को इसे बांटेंगे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नरेंद्र मोदी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)झालमुरी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव
सिंहस्थ मेले में शाही स्नान पर ट्रेन उज्जैन नहीं आएगी:सभी फ्लैग स्टेशनों पर ट्रेनें रुकेंगी, वहीं से श्रद्धालु बसों के जरिए शिप्रा नदी तक पहुंचेंगे

उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों के बीच रेल से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए गुरुवार को अधिकारियों का दल विशेष सैलून से आसपास के प्रस्तावित होल्डिंग एरिया और फ्लैग स्टेशनों का निरीक्षण करने पहुंचा। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे रतलाम से उज्जैन पहुंचे एडीआरएम अक्षय कुमार के साथ एडीजी राकेश गुप्ता, संभागायुक्त आशीष सिंह, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर आशीष सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा सहित एक दर्जन से अधिक अधिकारी पंवासा, नईखेड़ी, पिंगलेश्वर, मोहनपुरा, विक्रमनगर और चिंतामन स्टेशनों पर पहुंचे। उज्जैन स्टेशन तक नहीं आएगी ट्रेनें एडीआरएम अक्षय कुमार ने बताया कि पर्व और शाही स्नान के दिनों में भीड़ को देखते हुए ट्रेनों को उज्जैन स्टेशन तक नहीं लाया जाएगा। सभी ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोका जाएगा, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। अधिकारियों ने अलग-अलग स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास मार्गों का निरीक्षण किया। साथ ही भीड़ नियंत्रण और यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की जानकारी ली। बस सेवा और नए प्लेटफॉर्म की तैयारी मेला अधिकारी आशीष सिंह ने स्टेशनों से घाटों तक बस सेवा शुरू करने के निर्देश दिए। वहीं रेलवे अधिकारियों ने बताया कि नईखेड़ी स्टेशन पर चार नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे और अन्य फ्लैग स्टेशनों पर भी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
धार में महिला से छेड़छाड़, आरोपी ने ब्लाउज फाड़ा:मुंह दबाकर चुप कराने की कोशिश की, शोर मचाने पर भागा

धार के कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम दिलावरा में खेत में सो रही एक महिला से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। यह घटना 21 अप्रैल को हुई थी। पीड़िता ने गुरुवार को कोतवाली थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई।जानकारी के अनुसार, आरोपी चुपचाप महिला के पास पहुंचा। आहट होने पर जब महिला ने विरोध किया, तो आरोपी ने उसकी छाती पर हाथ लगाया और ब्लाउज फाड़ दिया। महिला के विरोध करने और शोर मचाने पर आरोपी ने उसका मुंह दबाकर चुप कराने की कोशिश की। हालांकि, महिला ने हिम्मत दिखाते हुए संघर्ष किया, जिसके बाद आरोपी मौके से भाग निकला। पीड़िता के पास आने-जाने का साधन न होने के कारण उसने घटना के कुछ दिन बाद गुरुवार को थाने पहुंचकर पूरी जानकारी दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से आरोपी फरार है। कोतवाली थाना पुलिस की टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है और आसपास के क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान चला रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
‘बिहार में उनका अस्तित्व ख़तरे में है’: नितिन नबीन ने जेडीयू के भविष्य पर सवाल उठाने के लिए विपक्ष की आलोचना की | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:23 अप्रैल, 2026, 12:02 IST नबीन ने एनडीए पर हमला तेज करते हुए कहा, ”बिहार में विपक्ष का अस्तित्व खतरे में है, वे 80 से ज्यादा विधायकों वाली जेडीयू के भविष्य पर कैसे सवाल उठा सकते हैं.” बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन (छवि: न्यूज18) भाजपा नेता नितिन नबीन ने गुरुवार को बिहार में विपक्षी दलों पर निशाना साधा और नीतीश कुमार की जद (यू) के भविष्य पर सवाल उठाने के लिए उनकी आलोचना की, जबकि राज्य में विपक्ष का अस्तित्व खतरे में है। नेटवर्क18 ग्रुप के एमडी और ग्रुप एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी से बात करते हुए नबीन ने एनडीए पर हमला तेज करते हुए कहा, ‘बिहार में विपक्ष का अस्तित्व खतरे में है, वे 80 से ज्यादा विधायकों वाली जेडीयू के भविष्य पर कैसे सवाल उठा सकते हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि बिहार में विपक्ष को पहले आत्ममंथन करना चाहिए. परिसीमन पर नितिन नबीन विशेष साक्षात्कार के दौरान, भाजपा अध्यक्ष ने चल रहे परिसीमन मुद्दे पर भी प्रकाश डाला और विपक्ष पर उत्तर-दक्षिण विभाजन का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया, और कहा कि आज जिस कानून पर सवाल उठाया जा रहा है, वह तब बनाया गया था जब वे सत्ता में थे। बातचीत के दौरान नबीन ने कहा कि ”कानून विपक्ष ने बनाया है.” उन्होंने कहा कि विपक्ष अपने द्वारा बनाए गए ढांचे पर आपत्ति जता रहा है, सवाल कर रहा है कि क्या उसे अपने कानूनों पर भरोसा नहीं है और किसी भी कथित अंतराल को पहले क्यों नहीं संबोधित किया गया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 23 अप्रैल, 2026, 11:50 IST समाचार राजनीति ‘बिहार में उनका अस्तित्व ख़तरे में है’: नितिन नबीन ने जेडीयू के भविष्य पर सवाल उठाने के लिए विपक्ष की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नितिन नबीन(टी)बीजेपी(टी)जेडीयू(टी)एनडीए(टी)बिहार
एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही का निधन; AICWA ने दुख जताया:कहा- यह सिर्फ परिवार ही नहीं, पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए नुकसान

ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने हरियाणवी एक्ट्रेस और डांसर दिव्यांका सिरोही के निधन पर दुख जताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर AICWA ने लिखा, ‘हम 30 साल की उम्र में दिव्यांका सिरोही के अचानक निधन की खबर से बेहद दुखी हैं। यह सिर्फ उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ा नुकसान है।’ पोस्ट में आगे लिखा गया, ‘दिव्यांका ने हरियाणा फिल्म इंडस्ट्री में अपनी मेहनत, टैलेंट और जुनून से खास पहचान बनाई थी। जब कोई कलाकार हमें छोड़कर जाता है, तो उसका दर्द बाकी कलाकार गहराई से महसूस करते हैं, क्योंकि एक कलाकार ही दूसरे कलाकार के संघर्ष, सपने और भावनाओं को समझ सकता है। एसोसिएशन ने अंत में लिखा, ‘इस मुश्किल समय में हम उनके परिवार और अपनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। भगवान उन्हें इस दुख को सहने की ताकत दे और दिव्यांका की आत्मा को शांति मिले। आप हमेशा याद रहेंगी। अलविदा, दिव्यांका सिरोही।’ गाजियाबाद में अचानक बिगड़ी तबीयत मंगलवार देर रात यूपी के गाजियाबाद स्थित घर पर दिव्यांका की तबीयत बिगड़ गई थी। वह चक्कर खाकर जमीन पर गिरीं, जिसमें उनके सिर पर गहरी चोट लगी। परिवार के लोग उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कल बुधवार सुबह गाजियाबाद में उनका अंतिम संस्कार किया गया। दिव्यांका 50 से ज्यादा हरियाणवी गानों में काम कर चुकी थीं। उन्होंने मासूम शर्मा, अमित सैनी रोहतकिया, केडी के साथ भी काम किया। उनके इंस्टाग्राम पर 1.3 मिलियन फॉलोअर्स हैं। उनके निधन पर मासूम शर्मा समेत हरियाणवी इंडस्ट्री से जुड़े कलाकारों ने दुख व्यक्त किया है। दिव्यांका की कुछ PHOTOS… यूपी के गाजियाबाद में रह रहा परिवार दिव्यांका सिरोही का जन्म 19 नवंबर 1996 को बुलंदशहर में हुआ था। परिवार गाजियाबाद में रह रहा है। उन्होंने मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से B.Com और सिक्किम से MBA किया था। फिर गुरुग्राम से B.Ed किया। दिव्यांका के दो भाई हिमांशु, दीपांशु और बहन जसमीत हैं। पिता गजेंद्र ट्रांसपोर्टर हैं और मां अनीता हाउस वाइफ हैं। टिक-टॉक पर वीडियो वायरल हुआ था दिव्यांका को बचपन से ही एक्टिंग और डांसिंग का शौक रहा है। 2019 में दिवाली के दौरान, उन्होंने नीले सूट में पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा के गाने मेरी मम्मी नू पसंद नहीं तू पर परफॉर्म करते हुए एक वीडियो शूट किया। यह वीडियो बहुत वायरल हुआ और इसे लगभग 20 मिलियन व्यूज मिले थे। इसके बाद उनके टिकटॉक पर 5 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए थे।
राजस्थान के नांद्रे बर्गर पर जुर्माना:मैच फीस का 10% कटेगा, एक डिमेरिट पॉइंट मिला; लखनऊ के खिलाफ कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन

IPL 2026 के 32वें मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स (RR) के तेज गेंदबाज नांद्रे बर्गर को IPL कोड ऑफ कंडक्ट तोड़ने का दोषी पाया गया है। इकाना स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ मैच में उनके व्यवहार पर मैच रेफरी ने 10% मैच फीस का जुर्माना लगाया है। साथ ही उनके रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट जोड़ा गया है। हालांकि किस खिलाड़ी के साथ गलत व्यवहार हुआ, इसका BCCI ने उल्लेख नहीं किया है। माना जा रहा है कि मिचेल मार्श को आउट किया तब शायद उन्होंने मार्श को आउट करने के बाद कुछ बोला या इशारा किया। जिसे फील्ड अंपायरों ने गलत माना। आर्टिकल 2.5 के उल्लंघन का दोषी पाया गया साउथ अफ्रीकी गेंदबाज नांद्रे बर्गर को IPL आचार संहिता के लेवल-1 अपराध का दोषी माना गया है। उन पर आर्टिकल 2.5 के तहत कार्रवाई की गई है। यह आर्टिकल ऐसे मामलों में लागू होता है, जब खिलाड़ी मैदान पर भाषा, एक्शन या इशारों से दूसरे खिलाड़ी का अपमान करे या उसे उकसाए। बर्गर ने गलती मानी, रेफरी का फैसला अंतिम सुनवाई में नांद्रे बर्गर ने गलती स्वीकार की और सजा मंजूर की। IPL नियमों के अनुसार, लेवल-1 मामलों में मैच रेफरी का फैसला अंतिम होता है और अपील का अधिकार नहीं होता। नांद्रे बर्गर ने इस मैच में 2 विकेट लिए नांद्रे बर्गर ने इस मैच में 4 ओवर में 27 रन देकर दो विकेट लिए। उन्होंने पहले कप्तान ऋषभ पंत को आउट किया और फिर मिचेल मार्श को आउट किया। इस मैच में मार्श ने उनके ओवर में चौके-छक्के लगाए। आउट होने से पहले भी मार्श ने छक्का जड़ा। मार्श को आउट करने के बाद बर्गर अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए और उन्हें कुछ बोल दिया। राजस्थान का इस सीजन पांचवी जीत राजस्थान रॉयल्स की इस सीजन पांचवीं जीत है। बुधवार को लखनऊ सुपर जायंट्स को 40 रन से हराया। इकाना स्टेडियम में राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 159 रन बनाए। जवाब में लखनऊ की टीम 18 ओवर में 119 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। मिचेल मार्श ने 55 रन की फिफ्टी लगाई, लेकिन बाकी बल्लेबाजों का साथ नहीं मिला। कप्तान ऋषभ पंत, आयुष बडोनी और ऐडन मार्करम खाता नहीं खोल सके। गेंदबाजी में राजस्थान से जोफ्रा आर्चर ने 3 विकेट लिए। रवींद्र जडेजा ने ऑलराउंड प्रदर्शन में नाबाद 43 रन बनाए और निकोलस पूरन का विकेट लिया। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। —————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में लखनऊ की घर में लगातार सातवीं हार:राजस्थान ने 40 रन से हराया; जडेजा ने 43 रन बनाए, एक विकेट लिया IPL 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स का हार का सिलसिला जारी है। टीम को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 40 रन से हार मिली। यह उसकी सीजन में लगातार चौथी हार रही। घरेलू मैदान इकाना पर यह लखनऊ की लगातार सातवीं हार रही। टीम ने एक साल से घर पर कोई मैच नहीं जीता है। यह दिल्ली (9) और डेक्कन चार्जर्स (8) के बाद घरेलू मैदान पर तीसरा सबसे खराब प्रदर्शन है। पूरी खबर








