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नकली मूंछ विवाद पर अक्षय कुमार ने मांगी माफी:बोले- फिल्म 'पृथ्वीराज' में वैसी मूंछें उगना मुमकिन नहीं था; 4 साल बाद दी सफाई

नकली मूंछ विवाद पर अक्षय कुमार ने मांगी माफी:बोले- फिल्म 'पृथ्वीराज' में वैसी मूंछें उगना मुमकिन नहीं था; 4 साल बाद दी सफाई

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार ने अपनी फिल्म ‘सम्राट पृथ्वीराज’ (2022) में नकली मूंछों के इस्तेमाल को लेकर हुई आलोचना पर अब सफाई दी है। एक पॉडकास्ट के दौरान एक्टर ने पहली बार इस विवाद पर खुलकर बात की और फैंस से माफी भी मांगी। अक्षय ने स्पष्ट किया कि मूंछें न बढ़ाना आलस नहीं, बल्कि फिल्म की जरूरत और उनके चेहरे की बनावट से जुड़ा फैसला था। ‘पृथ्वीराज’ के लिए वैसी मूंछें नहीं उग सकती थीं शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में जब अक्षय से पूछा गया कि क्या उन्हें फिल्म के लिए ज्यादा वक्त नहीं देना चाहिए था, तो उन्होंने कहा, मैं अभी कई फिल्मों और लुक्स पर काम कर रहा हूं। जैसे अभी मेरी यह दाढ़ी है, जिसे बढ़ाने के लिए मैंने करीब 6 हफ्ते तक काम नहीं किया। सम्राट पृथ्वीराज की कहानी के हिसाब से एक खास तरह की मूंछ की जरूरत थी, जो मेरे चेहरे पर कुदरती तौर पर नहीं उग सकती थी। अक्षय ने आगे कहा कि शायद वह मूंछ अच्छी नहीं लगी, इसलिए अगर लोगों को बुरा लगा तो वे माफी मांगते हैं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर रही थी फ्लॉप बता दें कि डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी के निर्देशन में बनी ‘सम्राट पृथ्वीराज’ 3 जून 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म का बजट करीब 175 करोड़ रुपये था, लेकिन यह वर्ल्डवाइड सिर्फ 90 करोड़ रुपये ही कमा सकी थी। फिल्म में अक्षय के साथ मानुषी छिल्लर, संजय दत्त और सोनू सूद मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म के फ्लॉप होने के पीछे अक्षय के ‘नकली मूंछ’ वाले लुक को भी एक बड़ी वजह माना गया था। अक्षय के आने वाले बड़े प्रोजेक्ट्स अक्षय के पाइपलाइन में अभी कई बड़ी फिल्में हैं। वे जल्द ही अहमद खान की ‘वेलकम टू द जंगल’ (वेलकम 3) में दिखेंगे। इस फिल्म में रवीना टंडन, दिशा पाटनी, अरशद वारसी और जैकलीन फर्नांडिस समेत कई बड़े एक्टर्स है। इसके अलावा वे सैफ अली खान के साथ फिल्म ‘हैवान’ में भी नजर आएंगे, जिसका निर्देशन प्रियदर्शन ही कर रहे हैं।

नकली मूंछ पर अक्षय कुमार ने मांगी माफी:बोले- फिल्म 'पृथ्वीराज' में वैसी मूंछें उगना मुमकिन नहीं था; फैंस को बुरा लगा तो सॉरी

नकली मूंछ पर अक्षय कुमार ने मांगी माफी:बोले- फिल्म 'पृथ्वीराज' में वैसी मूंछें उगना मुमकिन नहीं था; फैंस को बुरा लगा तो सॉरी

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार ने अपनी फिल्म ‘सम्राट पृथ्वीराज’ (2022) में नकली मूंछों के इस्तेमाल को लेकर हुई आलोचना पर अब सफाई दी है। एक पॉडकास्ट के दौरान एक्टर ने पहली बार इस विवाद पर खुलकर बात की और फैंस से माफी भी मांगी। अक्षय ने स्पष्ट किया कि मूंछें न बढ़ाना आलस नहीं, बल्कि फिल्म की जरूरत और उनके चेहरे की बनावट से जुड़ा फैसला था। दरअसल, मूवी रिलीज के वक्त अक्षय को अपनी नकली मूछ के लिए ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। आलोचकों का कहना था कि अक्षय एक महान सम्राट का किरदार निभा रहे हैं, लेकिन उन्होंने इसके लिए अपनी मूंछें तक नहीं बढ़ाईं। ‘पृथ्वीराज’ के लिए वैसी मूंछें नहीं उग सकती थीं शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में जब अक्षय से पूछा गया कि क्या उन्हें फिल्म के लिए ज्यादा वक्त नहीं देना चाहिए था, तो उन्होंने कहा, मैं अभी कई फिल्मों और लुक्स पर काम कर रहा हूं। जैसे अभी मेरी यह दाढ़ी है, जिसे बढ़ाने के लिए मैंने करीब 6 हफ्ते तक काम नहीं किया। सम्राट पृथ्वीराज की कहानी के हिसाब से एक खास तरह की मूंछ की जरूरत थी, जो मेरे चेहरे पर कुदरती तौर पर नहीं उग सकती थी। अक्षय ने आगे कहा कि शायद वह मूंछ अच्छी नहीं लगी, इसलिए अगर लोगों को बुरा लगा तो वे माफी मांगते हैं। क्या था पूरा मामला? दरअसल ‘सम्राट पृथ्वीराज’ जैसी ऐतिहासिक फिल्मों में अक्सर एक्टर्स अपने किरदारों के लिए महीनों पहले से तैयारी करते हैं और असली मूंछें-दाढ़ी बढ़ाते हैं, लेकिन अक्षय कुमार ने इस फिल्म के लिए नकली मूंछ का इस्तेमाल किया था। जब फिल्म का ट्रेलर और पोस्टर रिलीज हुआ, तो सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। आलोचकों और फैंस का कहना था कि अक्षय एक महान सम्राट का किरदार निभा रहे हैं, लेकिन उन्होंने इसके लिए अपनी मूंछें तक नहीं बढ़ाईं और महज 40-45 दिनों में शूटिंग खत्म कर दी। लोगों ने इसकी तुलना ‘पद्मावत’ में रणवीर सिंह की मेहनत से की, जिससे यह बहस छिड़ गई कि क्या अक्षय अपने प्रोजेक्ट्स को पर्याप्त समय और गंभीरता नहीं दे रहे हैं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर रही थी फ्लॉप बता दें कि डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी के निर्देशन में बनी ‘सम्राट पृथ्वीराज’ 3 जून 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म का बजट करीब 175 करोड़ रुपये था, लेकिन यह वर्ल्डवाइड सिर्फ 90 करोड़ रुपये ही कमा सकी थी। फिल्म में अक्षय के साथ मानुषी छिल्लर, संजय दत्त और सोनू सूद मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म के फ्लॉप होने के पीछे अक्षय के ‘नकली मूंछ’ वाले लुक को भी एक बड़ी वजह माना गया था। अक्षय के आने वाले बड़े प्रोजेक्ट्स अक्षय के पाइपलाइन में अभी कई बड़ी फिल्में हैं। वे जल्द ही अहमद खान की ‘वेलकम टू द जंगल’ (वेलकम 3) में दिखेंगे। इस फिल्म में रवीना टंडन, दिशा पाटनी, अरशद वारसी और जैकलीन फर्नांडिस समेत कई बड़े एक्टर्स है। इसके अलावा वे सैफ अली खान के साथ फिल्म ‘हैवान’ में भी नजर आएंगे, जिसका निर्देशन प्रियदर्शन ही कर रहे हैं।

तड़का छाछ रेसिपी: गर्मियों में घर पर जरूर बनाएं तड़का वाला छाछ, बाजार से नहीं चाहिए तड़का छाछ; नोट करें आसान उपाय

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तड़का छाछ सिर्फ प्यास ही नहीं दबती, बल्कि पाचन क्रिया भी बेहतर होती है। डाले जाने वाले प्रोटोटाइप जैसे जीरा, कैरी पत्ता और हींग पेट को ठंडक देते हैं और गैस-अपच से राहत दिलाते हैं। छवि: फ्रीपिक आवश्यक सामग्री: 1 कप छोटा दही, 2 कप ठंडा पानी, 1/2 छोटा बड़ा काला नमक, स्वादानुसार नमक, 1/2 छोटा मसाला जीरा पाउडर, थोड़ा सा हरा धनिया छवि: फ्रीपिक धन्यवाद के लिए: 1 छोटा चम्मच तेल या घी, 1/2 छोटा चम्मच तेल, 1/2 छोटा चम्मच तेल, 1 हरी मिर्च, 1 चुटकी हींग, 1 हरी मिर्च छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले दही को एक बाउल में लें और उसे अच्छे से फेंट लें। अब इसमें ठंडा पानी के टुकड़े तैयार करें। इसमें नमक, काला नमक और इसके अलावा जीरा पाउडर कैथेड्रल बढ़िया से भी शामिल है। छवि: फ्रीपिक अब छोड़ा तड़का: एक छोटी चटनी में तेल या घी गर्म करें। इसमें राई, जब ये चटकने लगे तो करी पत्ते, हींग और हरी मिर्च दाल शामिल है। गैस बंद करें और इस मॉडल को तैयार करें छाछ डाल में। छवि: एआई ऊपर से हरा धनिया मिक्स करें और अनंत-ठंडी सर्व करें। छाछ को ठंडा करके पीने से सबसे ज्यादा मज़ा आता है। आप इसमें पुदीना पत्ते भी डाल सकते हैं, इससे और ताज़ा स्वाद मिलेगा। छवि: फ्रीपिक पाउडर की मात्रा अपने स्वाद के अनुसार कम-ज्यादा कर सकते हैं। यह शरीर को ठंडा रखता है और पाचन में मदद करता है। साथ ही, डिजिटलीकरण से सीख है। प्रभाव और लो-कैलोरी पेय है। छवि: एआई

सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी:कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट

सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी:कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट

सरकार ने एविएशन सेक्टर में प्रदूषण कम करने और महंगे कच्चे तेल के आयात को घटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल ब्लेंडिंग को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर ATF मार्केटिंग नियमों में बदलाव किया है। इस फैसले से न केवल हवाई यात्रा क्लीन होगी, बल्कि भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी कम होगी। नए नियमों के तहत फ्यूल की परिभाषा बदली मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, अब एविएशन टर्बाइन फ्यूल की परिभाषा को अपडेट किया गया है। अब एटीएफ में हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ सिंथेसाइज्ड कंपोनेंट्स (जैसे एथेनॉल) को भी शामिल किया जा सकेगा। यह भारतीय मानकों के अनुरूप होगा। सरकार का यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहे सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) के चलन को ध्यान में रखकर किया गया है। तेल आयात और विदेशी मुद्रा की बचत होगी भारत अपनी जरूरत का करीब 87% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अक्सर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहता है, जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। हवाई ईंधन में एथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल की खपत कम होगी, जिससे सरकार को विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिलेगी। गडकरी बोले- 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का टारगेट केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत को 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य रखना चाहिए। हमें फॉसिल फ्यूल (जीवाश्म ईंधन) पर अपनी निर्भरता को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत है। गडकरी लंबे समय से फ्लेक्स-फ्यूल और ग्रीन हाइड्रोजन के इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं। CAFE III नॉर्म्स से ईवी और फ्लेक्स-फ्यूल को राहत सरकार का ध्यान केवल विमानों तक ही सीमित नहीं है। गडकरी ने कहा कि अप्रैल 2027 से लागू होने वाले ‘कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी’ (CAFE) III नॉर्म्स का इलेक्ट्रिक वाहनों और फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। इसका मतलब है कि सरकार भविष्य में पर्यावरण के अनुकूल चलने वाली गाड़ियों को बढ़ावा देना जारी रखेगी। CAFE III नॉर्म्स वाहनों के औसत ईंधन उत्सर्जन को नियंत्रित करने के मानक हैं, जो पर्यावरण सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। क्या होता है सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF)? SAF एक ऐसा वैकल्पिक ईंधन है जिसे कुकिंग ऑयल, कृषि अवशेष और कचरे से तैयार किया जा सकता है। इसमें एथेनॉल का मिश्रण भी अहम भूमिका निभाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके इस्तेमाल के लिए विमान के इंजन या मौजूदा फ्यूल सप्लाई सिस्टम में बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होती। यह पारंपरिक जेट फ्यूल के मुकाबले कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम कर देता है। ये खबर भी पढ़ें… टेक महिंद्रा का मुनाफा 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़: चौथी तिमाही में रेवेन्यू 12.64% बढ़ा, निवेशकों को 36 रुपए डिविडेंड देगी कंपनी टेक महिंद्रा का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंसॉलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार (YoY) 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़ हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही (Q4FY25) में कंपनी को ₹1,167 करोड़ का मुनाफा हुआ था। आज (22 अप्रैल) को कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजे जारी किए हैं। इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 36 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। पूरी खबर पढ़ें…

सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी:कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट

सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी:कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट

सरकार ने एविएशन सेक्टर में प्रदूषण कम करने और महंगे कच्चे तेल के आयात को घटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल ब्लेंडिंग को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर ATF मार्केटिंग नियमों में बदलाव किया है। इस फैसले से न केवल हवाई यात्रा क्लीन होगी, बल्कि भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी कम होगी। नए नियमों के तहत फ्यूल की परिभाषा बदली मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, अब एविएशन टर्बाइन फ्यूल की परिभाषा को अपडेट किया गया है। अब एटीएफ में हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ सिंथेसाइज्ड कंपोनेंट्स (जैसे एथेनॉल) को भी शामिल किया जा सकेगा। यह भारतीय मानकों के अनुरूप होगा। सरकार का यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहे सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) के चलन को ध्यान में रखकर किया गया है। तेल आयात और विदेशी मुद्रा की बचत होगी भारत अपनी जरूरत का करीब 87% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अक्सर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहता है, जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। हवाई ईंधन में एथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल की खपत कम होगी, जिससे सरकार को विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिलेगी। गडकरी बोले- 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का टारगेट केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत को 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य रखना चाहिए। हमें फॉसिल फ्यूल (जीवाश्म ईंधन) पर अपनी निर्भरता को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत है। गडकरी लंबे समय से फ्लेक्स-फ्यूल और ग्रीन हाइड्रोजन के इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं। CAFE III नॉर्म्स से ईवी और फ्लेक्स-फ्यूल को राहत सरकार का ध्यान केवल विमानों तक ही सीमित नहीं है। गडकरी ने कहा कि अप्रैल 2027 से लागू होने वाले ‘कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी’ (CAFE) III नॉर्म्स का इलेक्ट्रिक वाहनों और फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। इसका मतलब है कि सरकार भविष्य में पर्यावरण के अनुकूल चलने वाली गाड़ियों को बढ़ावा देना जारी रखेगी। CAFE III नॉर्म्स वाहनों के औसत ईंधन उत्सर्जन को नियंत्रित करने के मानक हैं, जो पर्यावरण सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। क्या होता है सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF)? SAF एक ऐसा वैकल्पिक ईंधन है जिसे कुकिंग ऑयल, कृषि अवशेष और कचरे से तैयार किया जा सकता है। इसमें एथेनॉल का मिश्रण भी अहम भूमिका निभाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके इस्तेमाल के लिए विमान के इंजन या मौजूदा फ्यूल सप्लाई सिस्टम में बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होती। यह पारंपरिक जेट फ्यूल के मुकाबले कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम कर देता है। ये खबर भी पढ़ें… टेक महिंद्रा का मुनाफा 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़: चौथी तिमाही में रेवेन्यू 12.64% बढ़ा, निवेशकों को 36 रुपए डिविडेंड देगी कंपनी टेक महिंद्रा का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंसॉलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार (YoY) 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़ हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही (Q4FY25) में कंपनी को ₹1,167 करोड़ का मुनाफा हुआ था। आज (22 अप्रैल) को कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजे जारी किए हैं। इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 36 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। पूरी खबर पढ़ें…

हिमाचल में 4000 फीट ऊंचाई पर उगती ये बूटी, पेट खराब हो या बावासीर…चुटकियों में आराम

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Last Updated:April 22, 2026, 18:14 IST Kachnar Benefits Piles Stomach : हिमाचल प्रदेश के मंडी में कई ऐसी प्राकृतिक जड़ी-बूटियां अपने आप उगती हैं जो सेहत के लिए वरदान हैं. कचनार उन्हीं में से एक है. इसे स्थानीय भाषा में करैडे भी कहते हैं. इसे सब्जी बनाकर खाया जाता है, जो कई बीमारियों का अकेला इलाज है. मंडी के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. ओम राज शर्मा लोकल 18 से बताते हैं कि कचनार एक ऐसी दवा है, जो प्राकृतिक रूप से हिमालयन जंगलों में उपलब्ध है. इसकी मदद से बवासीर से लेकर खराब पेट और सिर से लेकर दांतों के दर्द को ठीक किया जा सकता है. इसे गर्मियों में खाना ज्यादा लाभकारी है. कचनार की एक चम्मच छाल को एक कप मट्ठा (छाछ) के साथ दिन में 3 बार सेवन करने से बवासीर में खून गिरना बंद हो जाता है. हिमाचल की एक विशेषता यह भी है कि यहां विभिन्न प्रकार की दिव्य औषधियां प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होती हैं, जिन्हें ऋतु और आवश्यकता के अनुसार उपयोग में लाया जाता है. इस समय कचनार/करैड़े की बहार देखने को मिल रही है, जो विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में 4000 फीट की ऊंचाई तक पाया जाता है. कचनार के फूल सफेद, बैंगनी और गुलाबी रंगों में खिलते हैं, जो न केवल देखने में आकर्षक होते हैं बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर हैं. आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. ओम राज शर्मा का कहना है कि इसकी छाल (त्वचा) और पुष्प विशेष रूप से उपयोग में लाए जाते हैं. इसके फूलों से तैयार किया गया गुलकंद या सब्जी कब्ज जैसी समस्या में लाभकारी है. इसके फूलों के रस (स्वरस) की मात्रा सामान्यतः 10 से 20 मिली तक उपयोग की जाती है. पहाड़ी क्षेत्रों में कचनार के फूलों के ‘बड़े-भल्ले’ और इसकी कलियों का रायता बड़े चाव से खाया जाता है, जो स्वाद और स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभदायक है. आयुर्वेदिक दृष्टि से कचनार के प्रयोग से चर्म रोग, कृमि, रक्त संबंधी विकार, रक्तस्त्राव तथा खांसी जैसी समस्याओं से भी निजात मिलती है. Add News18 as Preferred Source on Google कचनार की जड़ को पानी में घिसकर लेप बनाकर और इसे गर्म करके लेप को सूजन पर लगाने से आराम मिलता है. मुंह में छाले होने पर कचनार की छाल का काढ़ा बनाकर उसमें थोड़ा-सा कत्था मिलाकर लगाने से आराम मिलता है. कचनार की एक चम्मच छाल को एक कप मट्ठा (छाछ) के साथ दिन में 3 बार सेवन करने से बवासीर में खून गिरना बंद हो जाता है. कचनार की कलियों के पाउडर को मक्खन और शक्कर मिलाकर 11 दिन तक खाने ये बीमारी ठीक हो सकती है. कचनार की फूल की कलियां घी में भूनकर सुबह-शाम खाने से भूख बढ़ती है. गैस होने पर कचनार की छाल का काढ़ा बनाकर, इसके 20 मिलीलीटर काढ़ा में आधा चम्मच पिसी हुई अजवायन मिलाकर प्रयोग करने से लाभ मिलता है. सुबह-शाम भोजन करने बाद इसका सेवन करने से अफरा (पेट फूलना) और गैस की तकलीफ दूर होती है. दांतों के दर्द से राहत के लिए भी कचनार का उपयोग किया जाता है. इसके पेड़ की छाल को आग में जलाकर उसकी राख को बारीक पीसकर मंजन बना लें. इस मंजन को सुबह और रात में करने से दांतों का दर्द और मसूड़ों से खून निकलना बंद हो जाता है. First Published : April 22, 2026, 18:14 IST

रतलाम में चलती कार में लगी आग, VIDEO:इंदौर से आ रहा था, आलोट-जावरा मार्ग पर हादसा; आगे का हिस्सा जलकर राख

रतलाम में चलती कार में लगी आग, VIDEO:इंदौर से आ रहा था, आलोट-जावरा मार्ग पर हादसा; आगे का हिस्सा जलकर राख

रतलाम के आलोट में एक चलती कार में बुधवार दोपहर 4 बजे अचानक आग लग गई। ड्रायवर ने कार की बोनट से आग की लपटे देख तुरंत कार को रोड की साईड में लेकर खड़ा करते हुए बाहर निकल आया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग के कारण कार का आधा हिस्सा जलकर राख हो गया। कार में आग लगने की घटना आलोट-जावरा सड़क मार्ग पर हुई। कार क्रमांक एमपी 13 सीई 2359 इंदौर की तरफ से आ रही थी। कार में केवल ड्रायवर ही सवार था। अचानक आग देख कार को साइड में कर रोक दिया। दोनों तरफ वाहनों को रोका इसके बाद आग की तेज लपटे शुरू हो गई। आग के कारण सड़क मार्ग से गुजर रहे वाहनों को दोनों तरफ रोकना पड़ा। आग की सूचना पर स्थानीय पुलिस व फायर लॉरी पहुंची। आग पर करीब आधे घंटे में काबू पाया। पुलिस आग के लगने का कारण तलाश रही है।

बंगाल झालमुड़ी स्नैक रेसिपी: घर पर मिनटों में पीएम मोदी वाली बंगाल की झालमुरी, बच्चों से लेकर बड़े तक हो जाएं आपके फैन

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झालमुरी पश्चिम बंगाल का एक बहुत ही लोकप्रिय स्ट्रीट फूड है। इसे मुरमुरे और चिप्स के साथ मिलाकर बनाया जाता है। इसमें कच्चे तेल के मसाले और मसालों का स्वाद बहुत काम आता है। छवि: एआई आवश्यक सामग्री: 2 कप मुरमुरे, 1 प्याज, 1 लाल आलू, 1 टमाटर, 2-3 हरी मिर्च, ½ कप भूरी मूंगफली, ½ काली मिर्च पाउडर, ½ काली मिर्च पाउडर, ½ काली मिर्च पाउडर, ½ काली मिर्च का मसाला, ½ काली मिर्च का मसाला, 1 काली मिर्च का तेल, धनिया, 1 मसाले का रस छवि: सोशल मीडिया सबसे पहले एक बड़ा बाउल लेन और इसमें मुरमुरे शामिल थे। अब इसमें टमाटर, टमाटर, आलू और हरी मिर्च डालें। इसके बाद मॉयुअल नोबेल से वॉल्व। छवि: सोशल मीडिया अब इसमें लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला और काला नमक डालें। ऊपर से हल्दी का तेल और नींबू का रस डालें। सभी बेकार को अच्छी तरह से करें। फाइनल में हरा धनिया मॉड्यूल तुरंत सर्व करें। छवि: एआई मुरमुरे के बाद तुरंत सर्व करें, अन्यथा ये प्राकृतिक हो जायेंगे। सरसों का तेल जरूर डालें, इससे असली बैलर का स्वाद आता है। आप यात्रा कर सकते हैं तो इसमें सेव या स्टेटस भी मिला सकते हैं। छवि: सोशल मीडिया झालमुरी न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि रसायन भी है। इसमें ज्यादा तेल नहीं होता और यह असरदार होता है, जिसे आप भी कभी खा सकते हैं। शाम की चाय के साथ या बच्चों के टिफ़िन में। छवि: सोशल मीडिया अगर आप घर पर कुछ अलग और टेस्टी बनाना चाहते हैं, तो बंगाल की झालमुरी जरूर ट्राई कर सकते हैं। इसे बनाना बहुत ही आसान है, इसका स्वाद ही लाजवाब है। एक बार देखें, हर कोई आपका सितारा है। छवि: सोशल मीडिया छवि: सोशल मीडिया (टैग्सटूट्रांसलेट)बंगाली झालमुरी रेसिपी(टी)पीएम मोदी(टी)झालमुरी रेसिपी(टी)शाम के नाश्ते की रेसिपी(टी)मसालेदार स्नैक(टी)इंस्टेंट स्नैक रेसिपी(टी)हेल्दी स्नैक(टी)बच्चों के लिए झालमुड़ी रेसिपी(टी)बंगाली स्टाइल झालमुरी रेसिपी(टी)झालमुरी नमकीन

खरगोन में 40 पार तापमान, दोपहर में लू जैसे हालात:10 दिन से 40-41 डिग्री पारा, 70 लाख मिर्च पौधों को बचाने कर रहे स्प्रे

खरगोन में 40 पार तापमान, दोपहर में लू जैसे हालात:10 दिन से 40-41 डिग्री पारा, 70 लाख मिर्च पौधों को बचाने कर रहे स्प्रे

खरगोन में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, जिससे दोपहर 1 बजे के बाद लू जैसे हालात बन रहे हैं। भीषण गर्मी का असर जनजीवन के साथ खेती पर भी साफ दिखाई दे रहा है। गर्मी से बचाव के लिए किसान खेतों में मिर्च के पौधों पर पानी का स्प्रे कर रहे हैं और स्लाइडिंग नेट का उपयोग कर रहे हैं, ताकि तापमान को नियंत्रित रखा जा सके। बामखल के उन्नत किसान विजय यादव ने बताया कि वे पानी का छिड़काव कर करीब 70 लाख मिर्च के पौधों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। नेट हाउस में सुबह-शाम स्प्रे किया जा रहा है। मिर्च की फसल के लिए 20 से 27 डिग्री तापमान उपयुक्त होता है, जबकि वर्तमान में तापमान इससे कहीं अधिक है। स्लाइडिंग नेट करीब 50% तक गर्मी को रोकने में मदद कर रहे हैं। जिले में करीब 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मिर्च की रोपाई होती है। यहां की मिर्च निमाड़-मालवा के साथ महाराष्ट्र के कई शहरों में भी भेजी जाती है। इसके लिए पहले से ऑर्डर बुक किए जाते हैं। पिछले 10 दिनों से 40-41 डिग्री तापमान पिछले 10 दिनों से जिले में तापमान 40 से 41 डिग्री के बीच बना हुआ है। पिछले दो दिनों से बादल छाने के कारण रात में भी उमस बढ़ गई है और न्यूनतम तापमान 22-23 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम साफ रहेगा और गर्मी और बढ़ सकती है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे दोपहर में बिना टोपी या गमछे के धूप में बाहर न निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।

दिल्ली पासिंग पुलिस लिखी कार से पकड़ाई शराब:हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस, ड्राइवर को बाहर निकाला, कार में देखा 9 पेटी शराब मिली

दिल्ली पासिंग पुलिस लिखी कार से पकड़ाई शराब:हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस, ड्राइवर को बाहर निकाला, कार में देखा 9 पेटी शराब मिली

सागर जिले की गढ़ाकोटा थाना पुलिस ने दिल्ली पासिंग कार से अवैध शराब बरामद की है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसके तीन साथी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात सूचना मिली थी कि चनौआ खुर्द के पास बरखेड़ा गौतम मार्ग पर दिल्ली पासिंग कार (DL 12 CN 6325) क्षतिग्रस्त हालत में सड़क किनारे पड़ी है और उसमें चालक फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। तलाशी में मिली 9 पेटी देशी शराब पूछताछ में चालक ने अपना नाम जोगेंद्र पिता वीरसिंह राजपूत बताया। कार की तलाशी लेने पर उसमें से 9 पेटी देशी शराब बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने कार और शराब जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने तीन साथियों के साथ सागर से गढ़ाकोटा की ओर शराब लेकर जा रहा था, तभी रास्ते में कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। आबकारी एक्ट में मामला दर्ज गढ़ाकोटा थाना प्रभारी शुभम दुबे ने बताया कि आरोपी जोगेंद्र को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस फरार तीन आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। देखें दो तस्वीरें