Friday, 11 Sep 2026 | 01:02 AM

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हमीदिया अस्पताल में बुजुर्ग की पिटाई का वीडियो वायरल:गार्ड्स पर कार्रवाई की तैयारी, अस्पताल के बरामदे में सो रहा था बुजुर्ग

हमीदिया अस्पताल में बुजुर्ग की पिटाई का वीडियो वायरल:गार्ड्स पर कार्रवाई की तैयारी, अस्पताल के बरामदे में सो रहा था बुजुर्ग

हमीदिया अस्पताल में एक बुजुर्ग के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल के गार्ड बुजुर्ग को लाठी से पीटते नजर आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, बुजुर्ग अस्पताल के एच-2 ब्लॉक के बरामदे में सो रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्हें अस्पताल परिसर में कहीं और ठहरने की जगह नहीं मिली थी। सुबह जब गार्ड वहां पहुंचे तो उन्हें हटाने के दौरान विवाद हुआ और गार्ड्स ने लाठी से मारपीट शुरू कर दी। वीडियो में बुजुर्ग खुद को बचाने की कोशिश करते दिखाई देते हैं, लेकिन गार्ड लगातार उन पर हमला करते रहे। उसी दिन आया मामला, जब रैन बसेरों की घोषणा यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी सरकारी अस्पतालों में सस्ते रैन बसेरे बनाने की घोषणा की थी। अस्पतालों में दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को ठहरने में होने वाली दिक्कतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। ठहरने की कमी, बरामदों में रात गुजारने को मजबूर हमीदिया अस्पताल में रोज बड़ी संख्या में मरीज आते हैं, लेकिन उनके साथ आने वाले परिजनों के लिए पर्याप्त ठहरने की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लोग बरामदों, सीढ़ियों या खुले स्थानों पर रात बिताने को मजबूर होते हैं। हालांकि अस्पताल परिसर में रैन बसेरा मौजूद है, लेकिन वहां गंदगी और बदबू के कारण लोग रुकना नहीं चाहते। अस्पताल प्रबंधन ने दी सफाई अस्पताल की अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन के अनुसार, बुजुर्ग नशे की हालत में थे और उन्होंने पहले एक गार्ड पर पत्थर फेंका था। इसके बाद यह घटना हुई। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। घटना के बाद दोनों गार्ड्स की ड्यूटी फिलहाल रोक दी गई है और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जर्जर स्कूलों की लिस्ट मांगी, नहीं दे सके अफसर:भोपाल में हुई शिक्षा समिति की मीटिंग; कई मुद्दों पर नाराजगी जताई

जर्जर स्कूलों की लिस्ट मांगी, नहीं दे सके अफसर:भोपाल में हुई शिक्षा समिति की मीटिंग; कई मुद्दों पर नाराजगी जताई

भोपाल कलेक्टोरेट के मीटिंग हॉल में हुई शिक्षा समिति की बैठक में कई मुद्दों पर मंथन हुआ। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट ने जिले में जर्जर स्कूलों की लिस्ट मांगी, लेकिन जिम्मेदार अफसर लिस्ट नहीं दे सके। बैठक में जर्जर स्कूलों के साथ पानी की व्यवस्था, शौचालय, फंड आदि विषयों पर भी चर्चा की गई। जिला शिक्षा समिति के अध्यक्ष जाट एवं समिति के सदस्यों ने अधिकारियों से कहा कि स्कूलों के विकास कार्य में कोई भी लापरवाही ना बरती जाए। जो कार्य बरसों से अधूरे पड़े हैं, उन्हें जल्द पूरा करें। भ्रमण में स्कूलों के कार्यों में गुणवत्ता कम मिली समिति अध्यक्ष और सदस्यों ने कहा कि क्षेत्र में भ्रमण के दौरान स्कूलों में चल रहे विकास कार्यों में गुणवत्ता की कमी पाई गई। समिति अध्यक्ष जाट ने सहायक यंत्री नरेश भटकारिया को विकास कार्यों में गुणवत्ता की कमी एवं समय सीमा में न करने के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। मीटिंग में ही संबंधित इंजीनियर को हटाने पर सभी ने सहमति बनाई। वहीं, इंजीनियर भटकारिया जर्जर स्कूलों की लिस्ट भी नहीं दे सके। खितवास के हाईस्कूल को मुद्दा भी उठा अध्यक्ष जाट ने खितवास स्थित हाईस्कूल में जिम्मेदारों की लापरवाही और विकास कार्यों में रोड़ा बनने की बात कही। जाट ने नाराजगी भी जताई कि लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की जाना चाहिए। जाट ने कहा कि कुछ दिन पहले उन्होंने मेंगराकलां के हाई स्कूल की जर्जर हालत देखकर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया था। इस बिल्डिंग की दीवारों से पानी रिसता है। ऐसे में कभी भी कोई हादसा हो सकता है। जिला शिक्षा समिति के अध्यक्ष एवं समिति के सदस्यों ने एकमत होकर कहा कि ऐसे लापरवाह ठेकेदार ने सरकार की राशि का दुरुपयोग किया है। निर्माण एजेंसी के खिलाफ वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए सख्त कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया। वहीं, ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने की बात कही। बैठक में समिति सदस्य विनय मेहर, विक्रम भलेश्वर, सदस्य प्रतिनिधि सुरेश राजपूत, विनोद राजोरिया, मिश्रीलाल मालवीय भी मौजूद थे।

विधानसभा चुनाव 2026: तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर चुनाव, बंगाल में पहले चरण के लिए मतदान, गढ़ बचाए नमी-स्टालिन?

विधानसभा चुनाव 2026: तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर चुनाव, बंगाल में पहले चरण के लिए मतदान, गढ़ बचाए नमी-स्टालिन?

विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण के तहत 152वें क्वार्टर में वोटिंग होनी है, जिसके लिए सभी पार्टियाँ पूरी तरह से ली हैं। इस चरण में करीब 3.6 करोड़ 16 वोट के करीब 44,000 वोट पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस बार के चुनाव में सिर्फ दो स्टेज में वोटिंग हो रही है, जबकि 2021 में आठ और 2016 में छह स्टेज में वोटिंग हुई थी। बंगाल में ममता को गढ़ असफ़लता की चुनौती? पहले चरण में स्टूडियो ऑल इंडिया पैथोलॉजी कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच करीब 80 वें राउंड पर फाइनल मुकाबला माना जा रहा है, हालांकि बहुकोणीय मुकाबले पर कुछ जगह भी देखने को मिल सकती है। चुनाव आयोग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, जिसके तहत 2,400 से अधिक केंद्रीय आतंकवादियों के समर्थकों और हजारों लोगों की याचिकाओं की घोषणा की गई है। स्टैलिन की क्या होगी वापसी? वहीं तमिल में सभी 234 विधानसभाओं में एक ही चरण में मतदान होगा, जिसमें 5.73 करोड़ से अधिक 4,000 से अधिक आबादी के भाग्य का निर्णय होगा। यहां मुख्य मुकाबला द्रविड़ मुनेत्र पेपरम इएज़ स्कूलके और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानी एआईए डियाके के बीच है। राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी सत्ता शक्ति बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में एआईएडीएमके वापसी की कोशिश कर रही है। राज्यभर में आतंकवादियों और आतंकवादियों के निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों को ध्वस्त कर दिया गया है और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं। आरोप-प्रत्यारोप बंगाल चुनाव के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को सोनारपुर दक्षिण क्षेत्र में भाजपा के दावेदार रूपा के समर्थन में रोड शो किया और लोगों से सीएम ममता बनर्जी को सत्या से हटने की अपील की। शाह भगवान रंग से सजे वाहनों पर सवार होकर झंडे का निशान लगाते नजर आए, जबकि सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग आस्था रखते थे और “भारत माता की जय” के नारे लगा रहे थे। उन्होंने कहा कि ‘किमां, माटी, मानुष’ के नारे के साथ सत्ता में आई ममता ने बनर्जी राज्य को “गुंडों के आदर्श” को छोड़ दिया है और अब उनका लक्ष्य आपके समर्थक अभिषेक बनर्जी को मुख्यमंत्री बनाना है। शाह ने “सिंडिकेट राज” और औद्योगिक उत्पादन का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की सत्ता में ही यह स्थिति खत्म हो जाएगी। वहीं, ऑलमोल कांग्रेस की ओर से समाजवादी पार्टी की ओर से डेमोक्रेट नेता अमित शाह पर पलटवार करते हुए ममता बनर्जी पर अपमान करने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रचार के दौरान जिस तरह शाह ने ”एक बहन” का किरदार निभाया था, वह महिला विरोधी भाजपा की सोच का हिस्सा है। अभिषेक बनर्जी ने यह भी कहा कि इन आदिवासियों का जवाब चार मई को चुनाव नतीजों के बाद आएगा। ये भी पढ़ें: बंगाल चुनाव से पहले अमित शाह के सीएम ममता को हटाओ का नारा, भड़के अभिषेक बनर्जी- ये है महिला का अपमान

जामुन की चटनी रेसिपी: गर्मियों में घर पर स्वादिष्ट जैमन की चटनी, फट ही मुंह से निकलेगा वाह! विधि नोट करें

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 1 कप जामिन (बीज मिर्च), 1-2 हरी मिर्च, पुदीना, धनिया पत्ते, स्वादानुसार काला नमक, 1 छोटा सा अन्य जीरा पाउडर, 1 नींबू का रस, 1 छोटा सा मसाला चीनी या गुड़ छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले जैमिन को अच्छी तरह से धो लें और उनके बीज निकाल लें। अब मसाले में जामिन, हरी मिर्च, पुदीना और धनिया मिलायें। छवि: एआई इसमें काला नमक, सामान्य नमक और इसके अलावा जीरा पाउडर भी शामिल है। थोड़ा सा पानी रोबोटिक इसे लॉजिक पीस लें। छवि: फ्रीपिक अब इसमें नींबू का रस और थोड़ा सा चीनी या गुड्डे महान से मिला लें। आपका स्वादिष्ट जैमिन की रेसिपी तैयार है। छवि: फ्रीपिक इस रेसिपी को आप परांठे, पकौड़े, समोसे या दाल-चावल के साथ ले सकते हैं. यह चिप्स खाने में खट्टी-मीठी और तीखा स्वाद होता है, जो हर किसी को पसंद आता है। छवि: एआई अगर आपको ज्यादा खट्टा स्वाद पसंद है, तो आप थोड़ी ज्यादा दाल ले सकते हैं। चिप्स को फर्म में 2-3 दिन तक इस्तेमाल किया जा सकता है। छवि: फ्रीपिक समर में कुछ नए और टेस्टी टैटू बनाना चाहते हैं, तो जैमिन की ये शेयर जरूर करें। एक बार खाएंगे तो बार-बार बनाने का मन है। छवि: एआई

जबलपुर में अवैध पैकेज्ड पानी प्लांट का पंजीयन निलंबित:खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने एक्वा ब्लू वाटर सप्लाई पर की कार्रवाई

जबलपुर में अवैध पैकेज्ड पानी प्लांट का पंजीयन निलंबित:खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने एक्वा ब्लू वाटर सप्लाई पर की कार्रवाई

जबलपुर में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने बिना अनुमति चल रहे पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर प्लांट पर सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर विजयनगर स्थित एक्वा ब्लू वाटर सप्लाई प्लांट का खाद्य पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार दुबे के अनुसार, बुधवार को एसबीआई कॉलोनी, उखरी रोड स्थित प्लांट का निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि प्रतिष्ठान बिना आवश्यक अनुमति के पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर का उत्पादन कर रहा था। प्लांट के पास केवल विक्रय से संबंधित पंजीयन था, जबकि उत्पादन के लिए अलग लाइसेंस अनिवार्य होता है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि प्लांट केंद्र सरकार के 17 सितंबर 2025 के आदेश के तहत पैकेटबंद पेयजल और मिनरल वाटर की अनिवार्य गुणवत्ता जांच प्रक्रिया का पालन नहीं कर रहा था। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 31 के तहत कार्रवाई करते हुए अधिकारी ने प्लांट का पंजीयन निलंबित कर दिया। आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में प्लांट का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध अनुमति और निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित हो रहे खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

दमोह में फर्जी दूल्हा समेत 3 आरोपी पकड़ाए:बारात न आने पर परिजन की शिकायत; रेलवे कर्मचारी बताकर-जाति छिपाकर रिश्ता तय किया था

दमोह में फर्जी दूल्हा समेत 3 आरोपी पकड़ाए:बारात न आने पर परिजन की शिकायत; रेलवे कर्मचारी बताकर-जाति छिपाकर रिश्ता तय किया था

दमोह के लोको इलाके में शादी के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक युवक ने खुद को रेलवे का सरकारी कर्मचारी बताकर लड़की वालों को धोखे में रखा, लेकिन ऐन मौके पर बारात न आने से उसकी पोल खुल गई। पुलिस ने फर्जी दूल्हे और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आगर मालवा के रहने वाले मोहनलाल केवट की पहचान दमोह की एक युवती से शादी वाले ऐप के जरिए हुई थी। युवक ने खुद को रेलवे का कर्मचारी बताया और अपनी जाति भी छिपाकर रिश्ता तय कर लिया। 20 अप्रैल को लोको के रेलवे इंस्टीट्यूट हॉल में शादी होनी थी। कार्ड छप चुके थे, खाना तैयार था और मेहमान भी आ चुके थे। बारात का इंतजार और बढ़ता शक दूल्हा अपने दो-तीन दोस्तों के साथ 19 अप्रैल को ही दमोह पहुंच गया था, लेकिन 20 अप्रैल की रात तक जब बारात नहीं आई, तो लड़की वालों को शक हुआ। दूल्हा बार-बार बहाने बनाता रहा कि बारात रास्ते में है, बस आने ही वाली है। जब रात बीत गई और कोई नहीं आया, तब परिजनों ने सीधे कोतवाली थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। फर्जी आईडी कार्ड और बदलती कहानियां पुलिस की जांच में पता चला कि युवक ने जो रेलवे का आईकार्ड दिखाया था, वह पूरी तरह फर्जी था। यही नहीं, पकड़े जाने पर युवक ने अपनी कहानी बदलते हुए दावा किया कि वह रेलवे में एक प्राइवेट एजेंसी के जरिए सुपरवाइजर है। उसने यह भी आरोप लगाया कि लड़की वालों के कहने पर ही वह बारात लेकर नहीं आया था, लेकिन पुलिस ने उसकी बातों को झूठ पाया। पुलिस की कार्रवाई कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि मामले में मोहनलाल केवट और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। जल्द ही उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस घटना के बाद से लड़की का परिवार सदमे में है।

श्योपुर भाजपा कार्यालय पर पोस्टर चिपकाए:लिखा- बीजेपी ने बीफ कंपनियों से चंदा लेकर अपनी तिजोरी भरी, तीन लोगों पर FIR

श्योपुर भाजपा कार्यालय पर पोस्टर चिपकाए:लिखा- बीजेपी ने बीफ कंपनियों से चंदा लेकर अपनी तिजोरी भरी, तीन लोगों पर FIR

श्योपुर के शिवपुरी रोड पर स्थित भाजपा कार्यालय में बुधवार सुबह जमकर हंगामा हुआ। तीन युवकों ने कार्यालय परिसर में घुसकर न केवल आपत्तिजनक पोस्टर चिपकाए, बल्कि नारेबाजी भी की। देर शाम भाजपा के जिला उपाध्यक्ष की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना सुबह करीब 11 बजे की है। भाजपा जिला उपाध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह जाट ने कोतवाली थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि परितोष उर्फ बंजी राठौड़, अमित सोनी और आशीष सेन बिना अनुमति भाजपा कार्यालय में घुस आए। इन लोगों ने वहां लगी शिलापट्टिका पर पार्टी के खिलाफ लिखा- गोभक्ति की नौटंकी करने वाली बीजेपी ने बीफ, कंपनियों से चंदा लेकर अपनी तिजोरी भरी है, ये गौ प्रेम है या चंदा प्रेम? इन बातों को लिखकर पोस्टर चिपकाए गए हैं। जब भाजपा पदाधिकारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और पोस्टर हटाने पर जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले। “हिंदुओं को भड़काने की राजनीति” इस घटना पर पूर्व विधायक बृजराज सिंह चौहान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे कांग्रेस की ‘ओछी मानसिकता’ करार देते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई प्रमाण है, तो वे कानूनी रास्ता अपनाएं। उन्होंने आगे कहा कि “बीफ” जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चंदा लेने के झूठे आरोप लगाना और ऐसी राजनीति करना सीधे तौर पर हिंदुओं को भड़काने का काम है। पुलिस की कार्रवाई भाजपा कार्यकर्ताओं में इस घटना को लेकर काफी गुस्सा है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी सहायक उप निरीक्षक संजय यादव को सौंपी गई है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

सिंगरौली में डकैती, बालाघाट में बैंकों की सुरक्षा पर चर्चा:पुलिस बोली- पैनिक बटन और अलार्म हमेशा चालू रहें और हथियारबंद गार्ड तैनात करें

सिंगरौली में डकैती, बालाघाट में बैंकों की सुरक्षा पर चर्चा:पुलिस बोली- पैनिक बटन और अलार्म हमेशा चालू रहें और हथियारबंद गार्ड तैनात करें

सिंगरौली में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई दिनदहाड़े डकैती के बाद अब पूरे प्रदेश में बैंकों की सुरक्षा को लेकर सख्ती बरती जा रही है। बुधवार को बालाघाट पुलिस के अधिकारियों ने बैंक प्रबंधकों और प्रतिनिधियों के साथ एक बड़ी बैठक की, ताकि सुरक्षा के इंतजामों को पुख्ता किया जा सके। एडीएसपी निहित उपाध्याय और सीएसपी मयंक तिवारी ने बैठक में साफ कहा कि अब बैंकों और पुलिस के बीच तालमेल पहले से बेहतर होना चाहिए। हर बैंक शाखा को अपने इलाके के थाने और बीट ऑफिसर के संपर्क में रहना होगा। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देनी होगी। इसके लिए हर बैंक के लिए एक पुलिस नोडल अधिकारी भी तय किया जाएगा। सीसीटीवी और लाइट पर खास जोर अधिकारियों ने निर्देश दिए कि बैंक के अंदर और बाहर एक भी कोना ऐसा नहीं होना चाहिए जो सीसीटीवी की नजर से बचा हो। साथ ही, रात के समय बैंक के आसपास पर्याप्त रोशनी (लाइटिंग) रखने को कहा गया है ताकि कैमरों में सब कुछ साफ नजर आए। तैनात होंगे हथियारबंद गार्ड सुरक्षा को और कड़ा करने के लिए बैंकों को कुछ जरूरी निर्देश दिए गए हैं। बैंक में ट्रेंड और हथियारबंद गार्डों की तैनाती करनी होगी। पैनिक बटन और अलार्म हमेशा चालू रहने चाहिए। नकदी ले जाते समय पुलिस को जानकारी देना और तालमेल बनाना जरूरी होगा। समय-समय पर होगी मॉक ड्रिल सिर्फ आदेश ही नहीं, बल्कि जमीन पर तैयारी कैसी है, इसे परखने के लिए पुलिस और बैंक कर्मचारी मिलकर ‘मॉक ड्रिल’ (अभ्यास) भी करेंगे। साथ ही बैंक कर्मचारियों को साइबर फ्रॉड और सुरक्षा से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी। एडीएसपी ने भरोसा दिलाया कि इन कदमों से जिले के बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था इतनी मजबूत हो जाएगी कि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।

बैतूल में 7 नाबालिग निकले युवक की हत्या के आरोपी:मां से बात करने पर बेटों ने रची साजिश, चाकुओं से गोदा, लाश सड़क किनारे फेंकी

बैतूल में 7 नाबालिग निकले युवक की हत्या के आरोपी:मां से बात करने पर बेटों ने रची साजिश, चाकुओं से गोदा, लाश सड़क किनारे फेंकी

बैतूल जिले के आठनेर थाना क्षेत्र के ग्राम धामोरी में हुए सनसनीखेज हत्याकांड ने नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। जिस मामले में पहले 21 अप्रैल की रात उमेश सोमनाथ उर्फ गोलू की लाश सावंगी रोड पर संदिग्ध हालत में मिली थी, अब उसी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए बड़ा राज सामने लाया है—हत्या की वजह सिर्फ “मां से बात करना” बनी, और इस वारदात को 7 नाबालिगों ने अंजाम दिया। गौरतलब है कि शुरुआती खबर में सामने आया था कि उमेश रात में खाना खाने के बाद घर से निकला था और कुछ लोगों द्वारा उसे बुलाकर ले जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद वह सड़क किनारे गंभीर हालत में मिला था, जहां उसके पेट और गले पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। बेटों ने दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की अब पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ है, वह और भी हैरान करने वाला है। मुख्य आरोपी और उसका सगा भाई मृतक के उनकी मां से बातचीत करने से नाराज थे। उन्होंने पहले भी उमेश को घर आने-जाने और बातचीत बंद करने की चेतावनी दी थी, लेकिन जब बात नहीं मानी गई तो उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच डाली। योजना के तहत मुख्य आरोपी उमेश को घर से बहाने से बुलाकर सावंगी रोड पर सुनसान जगह ले गया, जहां पहले से 5 अन्य नाबालिग साथी मौजूद थे। वहां दोबारा विवाद हुआ और गुस्से में आकर मुख्य आरोपी ने चाकू से उमेश के पेट और गले पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जबकि बाकी आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला किया। वारदात के बाद सभी आरोपी उसे मौके पर ही घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गए, जिससे उसकी मौत हो गई। 7 नाबालिग हिरासत में लिए गए गठित टीम ने सीसीटीवी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर महज 24 घंटे में सभी 7 नाबालिग आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त चाकू और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।

नीमच में अतिक्रमण हटाने के बाद बुजुर्ग की मौत:झोपड़ी में लगी आग. परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप

नीमच में अतिक्रमण हटाने के बाद बुजुर्ग की मौत:झोपड़ी में लगी आग. परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप

नीमच तहसील के जयसिंहपुरा गांव में बुधवार को प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के बाद विवाद उत्पन्न हो गया। कार्रवाई के कुछ देर बाद 60 वर्षीय नानूराम जाटव की मौत हो गई। इस घटना के बाद जिला अस्पताल में परिजनों ने हंगामा किया और पुलिस प्रशासन पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का आरोप है कि प्रशासनिक अमला और पुलिस बल बिना किसी पूर्व सूचना के जयसिंहपुरा के नई आबादी क्षेत्र में पहुंचा था। उनका दावा है कि संबंधित जमीन का मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। मृतक की नातिन ममता जाटव के अनुसार, जब उनके नाना ने कार्रवाई का विरोध करते हुए कोर्ट केस का हवाला दिया, तो पुलिस ने उनके साथ हाथापाई और मारपीट की। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि सरपंच के पुत्र और पुलिस ने उनकी झोपड़ी में आग लगा दी। इसके अतिरिक्त, साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से पुलिस पर वीडियो बना रहे परिजनों के मोबाइल छीनकर डेटा डिलीट करने का भी आरोप है। परिजनों का कहना है कि प्रशासन की इस कार्रवाई और कथित मानसिक दबाव के कारण नानूराम को दिल का दौरा पड़ा, जिससे अस्पताल ले जाते समय उनकी मृत्यु हो गई। परिवार ने बताया कि वे पिछले 40 वर्षों से उस स्थान पर रह रहे हैं और उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मृतक के दामाद गोपाल जाटव को पहले 15 दिन के लिए जेल भेजा गया था। बुजुर्ग की मौत के बाद प्रशासन ने उनकी पुत्री से हस्ताक्षर कराकर गोपाल को मात्र 4 दिन में ही रिहा कर दिया। दूसरी ओर, एसडीएम संजीव साहू ने परिजनों के सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से की गई थी और आगजनी की घटना स्वयं परिजनों द्वारा की गई थी। प्रशासन के अनुसार, यह जमीन डोम निर्माण के लिए चिन्हित है और नियमानुसार नोटिस जारी करने के बाद ही कार्रवाई की गई थी। ममता जाटव ने बताया कि उनके घर पर तहसीलदार सरपंच पटवारी सहित पुलिस का अमला कार्रवाई करने पहुंचा था। ममता ने बताया कि जब उसके नाना जी कार्रवाई का कारण पूछा तो अतिक्रमण हटाने की बात कहकर कार्रवाई करने लगे। जब उसके नाना ने बताया कि यहां सभी का अतिक्रमण है और सभी का हटाओ। और उक्त जमीन का केस कोर्ट में चल रहा है। इसी दौरान पुलिस ने उसके नाना जी से हाथापाई की और उनके साथ मारपीट की। उसके बाद उसके नाना जी वहां से चले गए थे और कुछ ही देर बाद उन्हें झंझारवाड़ा में दोनों का फैक्ट्री के यहां पड़े होने की सूचना मिली। ममता का कहना है कि उनकी मौत पुलिस एवं प्रशासन की प्रताड़ना के चलते हुए। ममता ने मांग की है कि उसको न्याय दिलाए जाए। और उनकी झोपड़ी में आग सरपंच के लड़के रमेश सुथार ओर पुलिस ने लगाई। और कार्रवाई के दौरान पेड़ भी गिराए गए हैं इस दौरान जब वीडियो बनाया जा रहे थे तो पुलिस प्रशासन ने दबाव बनाकर मोबाइल छीनकर वीडियो भी डिलीट करवाए हैं। ममता का कहना है वह 40 सालों से रह रहे हैं। कि 2024 से उन्हें परेशान कर रहे हैं। करीब 5 वि बार ये कार्रवाई करने पहुंचे।