Friday, 11 Sep 2026 | 04:30 AM

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स्पीड-ब्रेकर पर कार स्लो, पीछे से आ रहा टेंपो टकराया:नीमच शहर में दो युवक घायल, दोनों मनासा के रहने वाले

स्पीड-ब्रेकर पर कार स्लो, पीछे से आ रहा टेंपो टकराया:नीमच शहर में दो युवक घायल, दोनों मनासा के रहने वाले

नीमच सिटी थाना इलाके के जवासा चौराहे पर मंगलवार देर शाम चौराहे पर बने स्पीड ब्रेकर पर जैसे ही एक कार धीमी हुई, पीछे से आ रहे टेंपो ने उसमें जोरदार टक्कर मार दी। इस एक्सीडेंट में टेंपो सवार दो लोग घायल हो गए। हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों ने तुरंत एंबुलेंस और पुलिस को फोन किया। एंबुलेंस ने मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर के मुताबिक, घायलों के मुंह और गले पर काफी गंभीर चोटें आई हैं। मनासा के रहने वाले हैं घायल घायलों की पहचान विक्रम (26 साल) और शांतिलाल (60 साल) के रूप में हुई है। ये दोनों ही मनासा के रहने वाले हैं। कैसे हुआ हादसा? चश्मदीदों ने बताया कि चौराहे पर स्पीड ब्रेकर आने की वजह से कार की रफ्तार कम हो गई थी। इसी दौरान पीछे से आ रहे टेंपो का बैलेंस बिगड़ गया और वह सीधे कार से जा टकराया। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

भोपाल में घर में घुसकर बुजुर्ग महिला से लूट:आरोपी ने बुजुर्ग के चेहरे पर पत्थर से किए वार, कान से बाली नोची, बेसुध हुई

भोपाल में घर में घुसकर बुजुर्ग महिला से लूट:आरोपी ने बुजुर्ग के चेहरे पर पत्थर से किए वार, कान से बाली नोची, बेसुध हुई

राजधानी के करोंद इलाके में दिनदहाड़े पुलिसकर्मी के घर में घुसकर बुजुर्ग महिला पर जानलेवा हमला कर लूट की वारदात सामने आई है। आरोपी ने 65 वर्षीय महिला के चेहरे और सिर पर पत्थर से कई बार वार किए गए, जिससे वह लहूलुहान होकर बेसुध हो गई। वारदात के बाद आरोपी ने उनके कान से सोने की बाली खींचकर नोच ली, जिससे कान कट गया, वहीं गले की चेन भी लूट ली। घर में अकेली थी महिला, मुंह दबाकर अंदर घसीटा घटना सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच की बताई जा रही है। पीड़िता करोंद स्थित राजीव मेमोरियल स्कूल के पास अपने घर में अकेली थीं। आरोपी अचानक पहुंचा और मुंह दबाकर उन्हें जबरन घर के अंदर ले गया। इसके बाद उसने दरवाजे बंद कर दिए, जिससे महिला मदद के लिए आवाज भी नहीं लगा सकीं। पूजा के कमरे में ले जाकर पत्थर से किया वार आरोपी महिला को खींचते हुए पूजा के कमरे में ले गया, जहां हवन के लिए रखे ब्लॉक से उसने उनके चेहरे और सिर पर लगातार वार किए। महिला ने विरोध किया तो आरोपी और हिंसक हो गया। लगातार हमलों से वह बेहोश होकर गिर पड़ीं। बेहोशी का फायदा उठाकर लूट, बाली खींचने से कट गया कान महिला के बेसुध होते ही आरोपी ने उनके कान से सोने की बाली खींचकर नोच ली, जिससे कान कट गया। इसके अलावा गले में पहनी सोने की चेन भी लूट ली। अन्य सामान की जानकारी महिला के होश में आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस परिवार को बनाया निशाना, बेटा एसएएफ में आरक्षक निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा के अनुसार पीड़िता शैल कुमारी मिश्रा (65) के पति देवेंद्र मिश्रा पुलिस विभाग में एएसआई थे, जिनकी 2014 में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद बेटे काशीनाथ मिश्रा को अनुकंपा नियुक्ति मिली, जो वर्तमान में एसएएफ में आरक्षक के पद पर पदस्थ है। गंभीर हालत, सिर की सर्जरी की तैयारी हमले में महिला के सिर, आंख के ऊपर और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने सिर की सर्जरी की तैयारी शुरू कर दी है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिला का चेहरा खून से सना हुआ है और वह दर्द से कराहती नजर आ रही हैं। आरोपी की तलाश जारी, मजदूर होने की आशंका पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी मजदूर वर्ग से हो सकता है, हालांकि उसकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

पीतांबरा पीठ में एटीएस प्रमुख बिट्टा ने किए दर्शन:बगलामुखी जयंती पर उमड़ा आस्था का सैलाब, वीआईपी मूवमेंट से सुरक्षा रही हाई अलर्ट

पीतांबरा पीठ में एटीएस प्रमुख बिट्टा ने किए दर्शन:बगलामुखी जयंती पर उमड़ा आस्था का सैलाब, वीआईपी मूवमेंट से सुरक्षा रही हाई अलर्ट

दतिया में मां बगलामुखी देवी की जयंती पर विश्व प्रसिद्ध तांत्रिक पीठ श्री पीतांबरा पीठ मंदिर में मंगलवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच वीआईपी आगमन भी चर्चा का केंद्र रहा। इसी क्रम में आतंक विरोधी दस्ता (एटीएस) के प्रमुख मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। बिट्टा ने मां बगलामुखी के दर्शन कर विशेष पूजा की और मां धूमावती की आरती में शामिल होकर ध्यान लगाया। उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित स्वामी जी महाराज की समाधि, वनखण्डेश्वर महादेव और ध्यान हॉल में भी पहुंचकर दर्शन किए। इसके साथ ही महाभारत कालीन वानखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर आशीर्वाद लिया। करीब डेढ़ घंटे के प्रवास के दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के बीच दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रही। आस्था और सुरक्षा का संगम बना पीठ परिसर बगलामुखी जयंती के मौके पर जहां एक ओर हजारों श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए कतारों में लगे रहे, वहीं वीआईपी मूवमेंट के चलते सुरक्षा व्यवस्था भी हाई अलर्ट पर रही। धार्मिक आस्था और सुरक्षा प्रबंधन का यह संतुलन पूरे आयोजन में देखने को मिला।

पीएम मोदी की आम सहमति पर भारी असहमति, बीजेपी की EC से शिकायत, सीएम योगी बोले…

पीएम मोदी की आम सहमति पर भारी असहमति, बीजेपी की EC से शिकायत, सीएम योगी बोले...

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी पर दिए बयान में कहा है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के छात्र हैं. बीजेपी ने चुनाव आयोग से की शिकायत. इस मामले में पूरे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नॉटिन नवीन के साथ मिलकर पलटवार किया है. योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश के लोकप्रिय, लोकतांत्रिक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की असंसदीय टिप्पणी अक्षम्य, अति निन्दनीय और भारतीय लोकतंत्र की मर्यादाओं का अपमान करने वाली है। उनके मृत ‘साख’ को भी रसातल में पहुंचाया..: योगी आदित्यनाथ उन्होंने कहा कि यह कथन कांग्रेस की समाप्ति, पतन, मानसिक दिवालियापन और गिरती हुई राजनीतिक संस्कृति का स्पष्ट परिचायक है। विकसन, जनाधार-विकसन और नीति विकसन, कुंठित कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि इस क्रांतिकारी टिप्पणी ने अपने मृत ‘साख’ को भी रसातल में पहुंचाया है। प्रधानमंत्री जी के यशस्वी नेतृत्व में भारत आज ग्लोबल मंच पर विज्ञापन, विज्ञापन और नामांकन में भूमिका है। उनकी प्रति इस प्रकार की टिप्पणी 145 करोड़ देशवासियों का भी अपमान है। पार्टी कांग्रेस को अपने इस अशोभनीय कार्य के लिए देश और प्रधानमंत्री जी से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हत्यारों जैसे शब्दों का प्रयोग कांग्रेस की गिरती हुई राजनीति की पराकाष्ठा है। यह केवल एक व्यक्ति पर टिप्पणी नहीं है, बल्कि उन 140 करोड़ देशवासियों की प्रतिष्ठा का भी अनादर है, लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से अपना विश्वास व्यक्त किया गया है। राहुल-सोनिया और उनके शागिर्द….क्या बोले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नोतिन नवीन नवीन ने कहा कि जब-जब कांग्रेस विकास और टुकड़ों के टुकड़ों पर कब्जा करती है, तब तक राहुल गांधी, सोनिया गांधी और उनके शागिर्द मस्जिद से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की बयानबाज़ी करते हैं। जब देश की नारी शक्ति कांग्रेस से अपने अधिकार का हिसाब मांग रही है, तब इस तरह के स्तर पर एक बयान सामने आना उसकी सच्चाई को दर्शाता है। नवीन ने कहा कि ऐसे बयान के लिए कांग्रेस और राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए। जब-जब राहुल गांधी और उनके कुनबे ने शब्दों पर प्रतिबंध लगाया है। जनता ने उन्हें करारा जवाब दिया है. इस बार भी देश की जनता का जवाब एक बार फिर देवी। यह देश की जनता का अपमान है: प्रदीप भंडारी राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि यह देश की जनता का अपमान है। भंडारी ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे के देश के चुने हुए पीएम को अपराधी कहा जाता है कि कांग्रेस 140 करोड़ देशों पर अत्याचार कह रही है। कांग्रेस ने आज मानसिक रूप से इतनी असहमति जताई है कि वह गरीबों और गरीबों की आवाज पर अत्याचार कह रही है। उन्होंने कहा कि इससे यह भी साफ हो जाता है कि राहुल गांधी के बारे में, गांधी-वाड्रा परिवार के बारे में बताए जाने के बाद, मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस की मंशा और नीति को पूरी तरह से साफ कर दिया है। यह एक आदिवासी की सोच है जिसे कांग्रेस पार्टी ने बार-बार प्रदर्शित किया है। कांग्रेस अब ‘टुकड़े-टुकड़े कांग्रेस’ हो गई है। राहुल गांधी का कंट्रोल कंट्रोल देश-विरोधी ताकतों के हाथों में है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे ने मोदी के खिलाफ क्या कहा? कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तमिल में बयान दिया। उन्होंने कहा कि ये एआईएडीएमके के लोग हैं, जो खुद अन्नादुराई की तस्वीरें लेते हैं। वे मोदी के साथ कैसे जा सकते हैं? वो एक हमलावर हैं. उनकी पार्टी अनुकूल और न्याय में विश्वसनीय नहीं है। ये लोग उनके साथ जुड़ रहे हैं. इसका मतलब यह है कि वे लोकतंत्र को ख़राब कर रहे हैं। खार्गे ने केस पूरे में क्या सफाई दी? इस मामले में पूरे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि वह (पीएम मोदी) लोग और राजनीतिक विचारधारा को बढ़ावा दे रहे हैं। मैंने कभी नहीं कहा कि वह हत्यारे हैं। मेरा मतलब मैं साफ करना चाहता हूं कि मोदी हमेशा के लिए खतरनाक हैं। ईडी, आईटी और सीबीआई जैसी संस्थाएं उनके हाथ में हैं। वह दिलिम पेंटिंग भी अपने हाथ में लेना चाहते हैं। यह भी पढ़ें: ‘महिला विशिष्टता से सर तक…’,किस करवट बैठागा, उपभोक्ता सभाओं में छाए रहे ये बड़ा मुद्दा

सरकारी जमीन कब्जे की शिकायत पर किसान को पीटा:पति-पत्नी ने लात-घूसे मारे, मैहर में घायल ने थाने में की शिकायत

सरकारी जमीन कब्जे की शिकायत पर किसान को पीटा:पति-पत्नी ने लात-घूसे मारे, मैहर में घायल ने थाने में की शिकायत

मैहर जिले के अमरपाटन में सरकारी जमीन को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। एक किसान ने अपने पड़ोसी पति-पत्नी पर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। नादन टोला के रहने वाले 50 साल के धीरेन्द्र सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके घर के सामने की सरकारी जमीन पर पड़ोसी अर्जुन सिंह कब्जा करने की कोशिश कर रहा था। धीरेन्द्र ने इसकी शिकायत तहसील में कर दी थी, जिससे अर्जुन सिंह उनसे नाराज चल रहा था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच दुश्मनी शुरू हो गई। बीच सड़क पर हुई मारपीट घटना 21 अप्रैल की शाम करीब 4 बजे की है। धीरेन्द्र सिंह जब उस जमीन पर मौजूद थे, तभी अर्जुन सिंह अपनी पत्नी कमलेश सिंह के साथ वहां पहुंचा और झगड़ा करने लगा। आरोप है कि दोनों ने मिलकर धीरेन्द्र को गालियां दीं और लात-घूसों से जमकर पीटा। जान से मारने की धमकी मारपीट के दौरान धीरेन्द्र को जमीन पर पटक दिया गया, जिससे उनके माथे, कंधे और हाथ में चोटें आई हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर उन्हें बचाया। पीड़ित का कहना है कि जाते-जाते आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने दर्ज किया केस अमरपाटन पुलिस ने धीरेन्द्र सिंह की शिकायत पर अर्जुन सिंह और उसकी पत्नी के खिलाफ मारपीट और धमकी देने की अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। अब पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

प्रधान मंत्री के राष्ट्र के नाम निजीकरण की याचिका की जांच के लिए मतदाता आयोग से पूछताछ की जा सकती है, पूरा मामला क्या है

प्रधान मंत्री के राष्ट्र के नाम निजीकरण की याचिका की जांच के लिए मतदाता आयोग से पूछताछ की जा सकती है, पूरा मामला क्या है

इस याचिका में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र का नाम चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन है। आयोग के डेटाबेस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। शेयरहोल्डिंग ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री मोदी के शनिवार को राष्ट्र के नाम पर संवैधानिक आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है और इस पर कार्रवाई की जानी चाहिए। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के कम्युनिस्ट समाजवादी पी. संतोष कुमार ने निर्वाचन आयोग में अलग-अलग उम्मीदवारों के खिलाफ याचिका दायर की है। असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान होगा, असम और पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को मतदान होगा। पश्चिम बंगाल में दूसरे और आखिरी चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। डेक ने बताया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ याचिका – आदर्श आचार संहिता अनुभाग ‘जांच की जाएगी’। चुनावी आचार संहिता 15 मार्च को घोषित की गई है जिसके साथ चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की गई है और चार मई तक लागू रहेगी, जिस दिन पांच विधानसभाओं के लिए वोटों की गिनती की जाएगी। विपक्ष का आरोप, पीएम मोदी ने किया आचार संहिता का उल्लंघन अलग-अलग लगभग 700 कैथोलिक और आम नागरिकों ने चुनाव आयोग पर कथित उल्लंघन का आरोप लगाया है। पिशाच के पिशाच बेबी ने अपने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री ने संहिता का घोर उल्लंघन किया है और इसके लिए दूरदर्शन का राजनीतिक भाषण “डुलुपयोग” दिया है। उन्होंने कहा, ”इससे ​​किसी भी तरह की सरकारी मंजूरी नहीं ली जा सकती।” बेबी ने आरोप लगाया कि यह भाषण स्पष्ट रूप से राजनीतिक था, जिसमें कई आश्रमों के नाम शामिल थे और तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के समग्र समुदाय की राय को थोक दल के पक्ष में प्रभावित करने की कोशिश की गई थी। राष्ट्र के नाम में क्या बोले थे मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम पर कांग्रेस और उनके सहयोगियों को चेताया था कि राज्य के तीन हिस्सों में महिलाओं के लिए कट्टरपंथी संशोधन का विरोध किया था। मोदी ने महिलाओं को छूट देने की बात कही थी और कहा था कि सरकार ने महिलाओं को छूट नहीं दी है लेकिन वह महिलाओं को अपनी छूट कभी नहीं देंगी। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत नग्न 2029 विधानसभा चुनाव से संबंधित संविधान संशोधन से लागू करने के लिए शुक्रवार को संसद को के लिए सदन में प्रवेश नहीं मिला। यह भी पढ़ें: यूएस ईरान टॉक्स 2.0: ‘दिल नहीं तो तबाही तय’, आर-पार के मूड में डोनाल्ड कॉन, ईरान के पास नहीं बचेगा कोई रास्ता?

दिव्यांग दूल्हे को घोड़े से उतारकर पीटा:रछवाई निकालने पर दबंगों ने की मारपीट, दमोह में FIR के बाद बारात रवाना

दिव्यांग दूल्हे को घोड़े से उतारकर पीटा:रछवाई निकालने पर दबंगों ने की मारपीट, दमोह में FIR के बाद बारात रवाना

दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र के बिजोरी पाठक गांव में मंगलवार शाम एक दिव्यांग दूल्हे को घोड़े से उतारकर पीटा गया। दलित समाज के दूल्हे की रछवाई के दौरान लोधी समाज के कुछ लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया। दूल्हे पक्ष ने घटना का वीडियो भी बनाया है, जो सोशल मीडिया पर पोस्ट हो गया है। घटना के बाद दलित समाज के लोग दूल्हे को लेकर हटा थाने पहुंचे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। दूल्हे की पहचान गोलू अहिरवार (23) पुत्र भागीरथ अहिरवार के रूप में हुई है। मेडिकल जांच (MLC) कराने के बाद दूल्हा और बाराती बक्सवाहा के लिए रवाना हो गए। बारात छतरपुर जिले के बमोरी बक्सवाहा बूढ़ी सेमरा जानी थी। दूल्हे गोलू ने बताया कि मंगलवार शाम करीब पांच बजे जब उसकी रछवाई दिवाले के सामने से गुजर रही थी, तभी गुड्डू सिंह, कृष्णा, हाकम और पलटू ने उसे घोड़े से नीचे उतारकर मारपीट की। इस दौरान उसकी बहन मनीषा के साथ भी मारपीट की गई। दूल्हे की मां बोली- ग्रामीणों ने रछवाई निकालने से मना किया दूल्हे की मां विद्या अहिरवार ने बताया कि उनके बेटे की रछवाई घोड़े पर निकल रही थी। तभी गांव के लोधी समाज के लोगों ने उनके बेटे को रछवाई निकालने से मना किया। जब परिवार के लोगों ने कहा कि आज उसकी बरात जानी है। तब आरोपियों ने लड़के को घोड़े से नीचे उतारा और उसके साथ मारपीट की। बहन को भी पीटा उनका बेटा दिव्यांग है, इसके बावजूद भी आरोपियों ने बेटे को मारा। उनकी बेटी मनीषा ने बीच बचाव किया तो उसके साथ भी मारपीट की गई और उसके सोने के कुछ जेवर भी मारपीट के दौरान गायब हो गए। हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी ने बताया की बिजोरी पाठक गांव में गोलू अहिरवार की बारात जाने के पहले रछवाई निकाली जा रही थी। इस मामले में पीड़ित गरीबा अहिरवार ने थाने में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई है कि भतीजे गोलू की बारात जाने के पहले गांव में रछवाई निकल रही थी। उनका भतीजा घोड़े पर बैठा था जैसे ही वह लोग दिवाले के पास पहुंचे। तभी वहां विश्वनाथ लोधी, बिच्छू लोधी, पलटू और अन्य लोग पहुंच गए। उन्होंने लड़के को घोड़े से नीचे उतरने के लिए कहा। जब दूल्हे के परिजन ने ऐसा करने से मना किया तो दूल्हे के साथ मारपीट कर दी और नीचे पटक दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है और गांव में पुलिस भेज दी गई है। ताकि विवाह की रस्म शांति से संपन्न हो सके। पहले भी हुआ विवाद बताया गया है कि इसके पहले भी गांव में इसी प्रकार का कुछ विवाद पहले भी हो चुका है। उस समय भीम आर्मी ने थाने में आवेदन देकर दलित समाज के दूल्हे की रक्षवाई के लिए पुलिस सुरक्षा मांगी थी। हालांकि उस समय कोई विवाद नहीं हुआ था।

राजगढ़ में हत्या-लूट केस में 3 को उम्रकैद:द्वितीय अपर सत्र न्यायालय ने सुनाया फैसला; पैर काटकर ले गए थे चांदी के कड़े

राजगढ़ में हत्या-लूट केस में 3 को उम्रकैद:द्वितीय अपर सत्र न्यायालय ने सुनाया फैसला; पैर काटकर ले गए थे चांदी के कड़े

राजगढ़ जिले में हत्या और लूट के मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार शर्मा की अदालत ने कमल, दिनेश और ख्वाजू को दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों आरोपियों को लूट के मामले में 7 वर्ष और साक्ष्य मिटाने के लिए 3 वर्ष का कारावास दिया गया। वहीं ख्वाजू को आर्म्स एक्ट के तहत अतिरिक्त 2 वर्ष की सजा सुनाई गई। सभी पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। 2022 में खंती में मिला था महिला का शव यह मामला 25 फरवरी 2022 का है, जब भोजपुर थाना क्षेत्र के मल्हारपुरा–माचलपुर मार्ग पर एक खंती में शैतानबाई उर्फ शांतिबाई का शव मिला था। मृतका के पैर कटे थे और गले पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। मृतका के पुत्र ने पहचान की और बताया कि उसकी मां के पैरों में पहने चांदी के कड़े गायब थे। इससे लूट की पुष्टि हुई। पुलिस ने घटनास्थल से खून सनी मिट्टी, चप्पल और अन्य साक्ष्य जब्त किए। पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर पिकअप वाहन से चांदी का कड़ा, धारदार छुरा और अन्य सामान बरामद किया गया, जिसने केस को मजबूत आधार दिया। डीएनए रिपोर्ट और ‘लास्ट सीन’ बने अहम कड़ी मृतका के शरीर से मिले बालों का डीएनए आरोपियों से मैच हुआ। साथ ही मृतका को आखिरी बार आरोपियों के साथ देखे जाने की कड़ी ने मामले को और मजबूत किया। इस मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, लेकिन अभियोजन ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की मजबूत श्रृंखला पेश की। कोर्ट में 11 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। कोर्ट बोली- साक्ष्यों की कड़ी पूरी तरह साबित अदालत ने माना कि सभी साक्ष्य एक-दूसरे से जुड़े हैं और कोई कड़ी टूटी नहीं है। इसी आधार पर तीनों को दोषी ठहराया गया। जिले में इस तरह के जघन्य अपराध में यह पहली बार है जब आरोपियों को इतनी सख्त सजा मिली है। फैसले को न्याय व्यवस्था की मजबूत मिसाल माना जा रहा है।

700 किमी दूर से पति को ढूंढने सतना पहुंची पत्नी:नजीराबाद में पति से बीच सड़क पर हुआ विवाद, वीडियो आया सामने

700 किमी दूर से पति को ढूंढने सतना पहुंची पत्नी:नजीराबाद में पति से बीच सड़क पर हुआ विवाद, वीडियो आया सामने

सतना के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के नजीराबाद इलाके में मंगलवार को पति-पत्नी के बीच जमकर विवाद हुआ। सड़क पर हुई इस झड़प का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों के बीच बहस और मारपीट देखी जा सकती है। पीड़िता अमरीन खान नागपुर से करीब 700 किलोमीटर का सफर तय कर अपने पति आदिल खान को ढूंढते हुए सतना पहुंची। महिला ने पति और सास-ससुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि उसका पति पिछले चार महीनों से उसे छोड़कर सतना में एक अन्य महिला के साथ रह रहा है। साथ ही परिवार वाले उस पर जबरन तलाक देने का दबाव बना रहे हैं, ताकि दूसरी शादी कराई जा सके। मुलाकात होते ही विवाद बढ़ा, मारपीट में बदला मंगलवार दोपहर जब अमरीन अपने पति के ठिकाने पर पहुंची, तो दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। इस दौरान महिला को मामूली चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की सूचना पर सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

थाईलैंड में भारतीय टूरिस्ट पर नस्लभेदी कमेंट:रेस्टोरेंट स्टाफ बोली- इंडिया वेरी बैड; पुलिस बुलाने पर मैनेजर ने माफी मांगी

थाईलैंड में भारतीय टूरिस्ट पर नस्लभेदी कमेंट:रेस्टोरेंट स्टाफ बोली- इंडिया वेरी बैड; पुलिस बुलाने पर मैनेजर ने माफी मांगी

थाईलैंड के आओ नांग शहर में एक भारतीय टूरिस्ट और ट्रैवल व्लॉगर सूमो को नस्लभेदी कमेंट का सामना करना पड़ा। उन्होंने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें एक रेस्टोरेंट की महिला स्टाफ उनसे “इंडिया वेरी बैड” कहते नजर आ रही है। व्लॉगर के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब वह नाश्ता करने गए थे। बिल में हल्की गड़बड़ी हुई, जिसके बाद अनुवाद के लिए महिला को बुलाया गया। जैसे ही उन्होंने अपनी राष्ट्रीयता भारत बताई, माहौल बदल गया और उन पर आरोप लगाए गए कि भारतीय पैसे नहीं देना चाहते। इसके बाद भारतीय टूरिस्ट ने पुलिस बुलाई। पुलिस के आने पर रेस्टोरेंट के मैनेजर ने माफी मांगी। व्लॉगर बोला- थाईलैंड में पहली बार ऐसा व्यवहार हुआ व्लॉगर सूमो ने बताया कि विवाद पैसे को लेकर नहीं था, क्योंकि रकम सिर्फ 120 थाई बात यानी करीब 349 रुपए थी। व्लॉगर ने वीडियो में कहा कि यह पहली बार था जब उन्हें थाईलैंड में ऐसे व्यवहार का सामना करना पड़ा। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद व्लॉगर ने संदर्भ देने के लिए एक और वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि कई लोग मान लेते हैं कि ऐसी स्थिति में गलती टूरिस्ट की ही होती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं था। व्लॉगर ने बताया कि उन्हें बहस करने के बजाय टूरिस्ट पुलिस को बुलाना बेहतर लगा। पुलिस ने उनकी बात समझी और रेस्टोरेंट के मैनेजर ने उनसे माफी मांगी। इस घटना पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय को लेकर एक जैसी सोच बनाना गलत है। भारत में भी लोगों के मन में कुछ गलत धारणाएं होती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ऐसी सोच सही है। लोगों ने सोशल मीडिया पर व्लॉगर का समर्थन किया सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने व्लॉगर का समर्थन किया। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। वहीं कुछ यूजर्स ने सवाल उठाए कि इसके पीछे पूरी कहानी क्या है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए व्लॉगर ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा निराशा इस बात से हुई कि कुछ भारतीय ही कमेंट में अपने लोगों के खिलाफ बोल रहे थे। उन्होंने लोगों से अपील की कि जहां भी नस्लभेद दिखे, उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। भारतीयों के साथ विदेश में पहले भी हुए हैं ऐसे विवाद भारतीय टूरिस्टों के साथ विदेश में भेदभाव या खराब व्यवहार की घटनाएं नई नहीं हैं। पिछले कुछ सालों में अलग-अलग देशों से ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें या तो नस्लभेदी कमेंट किए गए। 2023 में इंडोनेशिया के बाली में कुछ भारतीय टूरिस्टों पर स्थानीय नियम तोड़ने और सार्वजनिक जगहों पर अनुशासनहीनता के आरोप लगे थे। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भारतीयों को लेकर कई नकारात्मक टिप्पणियां देखने को मिलीं। इसी तरह 2022 में दुबई के एक रेस्टोरेंट में भारतीय ग्राहकों को सर्विस देने से मना करने का मामला सामने आया था। आरोप था कि स्टाफ ने कहा कि “भारतीय ज्यादा मोलभाव करते हैं और टिप नहीं देते।” यह मामला वायरल हुआ तो रेस्टोरेंट मैनेजमेंट को सफाई देनी पड़ी। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प 2.0 में भारतवंशियों के खिलाफ हेट क्राइम 91% बढ़ा:H-1B वीजा पर धमकियां भी मिल रहीं; मंदिरों पर भी हमले बढ़े अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में भारतवंशियों के खिलाफ हेट क्राइम के मामले बढ़े हैं। बाइडेन कार्यकाल में दक्षिण एशियाई मूल के लोगों के खिलाफ ऑनलाइन नफरत व हिंसा सीमित रही। अक्टूबर 2024 तक 46,000 ट्रोलिंग और 884 धमकियां दर्ज हुईं। लेकिन ट्रम्प के लौटते ही हालात बिगड़ गए। अक्टूबर 2025 तक ट्रोलिंग बढ़कर 88,000 तक पहुंची, यानी इसमें 91% की वृद्धि दर्ज की गई। पूरी खबर पढ़ें…