मामला लीगल एक्टर अमित पांडे की नर्वसनेस पर तापसी बोलीं:घबराओ मत, मैं अमिताभ बच्चन नहीं हूं, मेरी भी हालत उन्हें देखकर खराब हो गई थी

तुतलाने की वजह से बचपन में मजाक झेलने वाले अमित विक्रम पांडे ने स्टेज को अपनी ताकत बनाया। स्कूल परफॉर्मेंस से शुरू हुआ सफर उन्हें मुंबई तक ले गया, जहां उन्होंने मिठीबाई से मास कम्युनिकेशन पढ़ते हुए एक्टिंग का सपना जिया। पहला बड़ा ब्रेक तापसी पन्नू के साथ एक विज्ञापन में मिला, जिसने आत्मविश्वास बढ़ाया। कोविड के दौर में भी उन्होंने हार नहीं मानी। आज ‘मामला लीगल 2’ में ‘लॉ’ के किरदार से पहचान बना चुके हैं। सवाल: शुरुआत से बताइए, एक्टिंग की तरफ झुकाव कैसे हुआ? जवाब: बचपन में मैं तुतला कर बोलता था, इसलिए स्कूल में बच्चे मजाक उड़ाते थे। उस माहौल से बचने के लिए स्टेज पर जाने लगा—स्कूल फंक्शन्स, 15 अगस्त, 26 जनवरी परफॉर्म करता था। वहीं से कॉन्फिडेंस आया और लगा कि एक्टिंग ही करनी है।सवाल: तुतलाने की समस्या से कैसे बाहर निकले? जवाब: स्कूल के टीचर्स ने पेंसिल जीभ के बीच रखकर बोलने की प्रैक्टिस कराई। बाद में थिएटर जॉइन किया, जहां प्रोफेशनल ट्रेनिंग मिली। धीरे-धीरे स्पीच साफ हुई और आत्मविश्वास बढ़ा। सवाल: थिएटर ने आपके करियर को कैसे दिशा दी? जवाब: 9वीं क्लास से थिएटर शुरू किया और देशभर के फेस्टिवल्स में परफॉर्म किया। थिएटर ने डिसिप्लिन, ऑब्जर्वेशन और पर्सनालिटी डेवलपमेंट सिखाया। यहीं से तय हुआ कि इसी फील्ड में आगे बढ़ना है। सवाल: फिर मुंबई आने का फैसला कैसे लिया? जवाब: थिएटर करते-करते तय हो गया था कि प्रोफेशनल एक्टिंग करनी है। 2016 में मुंबई आया और मीठी भाई कॉलेज में मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई शुरू की। साथ में थिएटर और ऑडिशन करता रहा। सवाल: मुंबई में शुरुआती स्ट्रगल कैसा रहा? जवाब: आरामनगर में ऑडिशन के लिए लंबी लाइनें लगती थीं। छोटे कमरों के बाहर 50-100 लोग खड़े रहते थे। कई बार “नॉट फिट” सुनना पड़ा। एक बार लगा कि शायद मैं फिट नहीं हूं, लेकिन बाद में समझ आया कि यह किरदार के हिसाब से होता है। सवाल: पहला ब्रेक कैसे मिला और क्या खास रहा? जवाब: मुझे पहला ब्रेक तापसी पन्नू के साथ कवरफॉक्स इंश्योरेंस के विज्ञापन में मिला था। यह मेरा पहला बड़ा ऑन-कैमरा एक्सपीरियंस था, जिसने इंडस्ट्री का असली माहौल समझाया। सवाल: तापसी पन्नू के साथ पहला शूट आपका हाइलाइट मोमेंट रहा, उस दिन क्या हुआ था? जवाब: मैं बहुत घबड़ाया हुआ था। तापसी ने मेरी घबराहट दूर कर दी। उन्हें मेरी शक्ल पर दिख रहा था कि 17-18 साल का लड़का घबड़ाया हुआ है। शायद बड़े कैमरे को देखकर नर्वस था। उन्होंने मेरे कंधे पर हाथ रखा और गोल-गोल सर्कल में घूमते हुए बोलीं- अभी मैं पिंक करके आ रही हूं, उसमे मेरे सामने अमिताभ सर थे, बच्चन सर को देखकर मेरी भी ऐसी ही हालत खराब हो गई थी। तुम जो फील कर रहे हो वो मैं समझती हूं, मैं अमिताभ बच्चन नहीं हूं, तुम्हें घबराने की जरूरत नहीं है। सीन में हमें उन्हें डांटना था, लेकिन मैं घबरा रहा था। उन्होंने माहौल हल्का कर दिया, जिससे मैं खुलकर परफॉर्म कर पाया। उस दिन समझ आया कि बड़ा कलाकार सेट पर दूसरों को कितना कम्फर्टेबल बनाता है। सवाल: उस पहले ब्रेक के बाद करियर कैसे आगे बढ़ा? जवाब: उस एड के बाद कॉन्फिडेंस मिला। कॉलेज के दौरान थिएटर चलता रहा। फिर ‘छोटा भीम: द म्यूजिकल’ जैसा बड़ा स्टेज शो मिला, जिसमें 50 से ज्यादा कलाकार साथ परफॉर्म करते थे। लेकिन कोविड आने पर सब रुक गया। सवाल: कोविड के समय आपने खुद को कैसे संभाला? जवाब: थिएटर पूरी तरह बंद हो गया। कई लोग शहर छोड़कर चले गए, लेकिन मैं रुका रहा। दादाजी की बात याद रही—“काम नहीं रुकना चाहिए।” वही मुझे मोटिवेशन देती रही। सवाल: कोविड के बाद करियर दोबारा कैसे शुरू हुआ? जवाब: कोविड के बाद ‘नेबर्स किचन’ शो मिला, जो हिंदुस्तान टाइम्स के लिए था। वहीं से काम की रफ्तार शुरू हुई। इसके अलावा 20-25 एड्स किए, जिनमें बड़े कलाकारों के साथ काम किया। सवाल: ‘मामला लीगल’ तक पहुंचने का सफर कैसा रहा? जवाब: लगातार ऑडिशन दे रहा था। ‘मामला लीगल’ के लिए करीब 5 राउंड हुए। हर बार उम्मीद और डर रहता था, लेकिन आखिरकार सिलेक्शन हो गया। सवाल: सिलेक्शन का पता चला तो आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या थी? जवाब: मैं स्कूटर चला रहा था, तभी कॉल आया। गाड़ी साइड में रोकी। जैसे ही पता चला कि सिलेक्शन हो गया है, कुछ देर वहीं खड़ा रह गया… समझ नहीं आया क्या करूं। सवाल: उस पल में सबसे पहले किसका ख्याल आया? जवाब: सबसे पहले दादाजी याद आए। उन्होंने हमेशा कहा था- “जो तुम्हें खुशी दे, वही करना।” लेकिन उस दिन वो साथ नहीं थे… मैं उन्हें फोन नहीं कर पाया। यह सोचकर मैं बहुत रोया। फिर घर फोन किया, भाई-बहन को बताया। हम वीडियो कॉल पर खुशी से झूम रहे थे। वो पल मेरी जिंदगी का सबसे इमोशनल मोमेंट था। सवाल: ‘मामला लीगल 2′ में आपका किरदार क्या है? जवाब: मैं ‘लॉ’ का किरदार निभा रहा हूं- एक सीधा और ईमानदार लड़का। पहले सीजन में इंटर्न था, लेकिन दूसरे सीजन में किरदार और जिम्मेदारियां बढ़ती हैं। सवाल: इस शो के अलावा और कौन-कौन से प्रोजेक्ट किए हैं? जवाब: ‘मामला लीगल’ और ‘नेबर्स किचन’ के अलावा फिल्म ‘जस्सी वेड्स जस्सी’ में काम किया, जिसमें मेरा किरदार नेगेटिव शेड वाला था। इसके अलावा कई एड्स और एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर शॉर्ट फिल्म की है। साथ ही स्पोकन वर्ड और लाइव स्टोरीटेलिंग करता हूं, जहां अपनी लिखी कहानियां परफॉर्म करता हूं।
मामला लीगल एक्टर अमित पांडे की नर्वसनेस पर तापसी बोलीं:घबराओ मत, मैं अमिताभ बच्चन नहीं हूं, मेरी भी हालत उन्हें देखकर खराब हो गई थी

तुतलाने की वजह से बचपन में मजाक झेलने वाले अमित विक्रम पांडे ने स्टेज को अपनी ताकत बनाया। स्कूल परफॉर्मेंस से शुरू हुआ सफर उन्हें मुंबई तक ले गया, जहां उन्होंने मिठीबाई से मास कम्युनिकेशन पढ़ते हुए एक्टिंग का सपना जिया। पहला बड़ा ब्रेक तापसी पन्नू के साथ एक विज्ञापन में मिला, जिसने आत्मविश्वास बढ़ाया। कोविड के दौर में भी उन्होंने हार नहीं मानी। आज ‘मामला लीगल 2’ में ‘लॉ’ के किरदार से पहचान बना चुके हैं। सवाल: शुरुआत से बताइए, एक्टिंग की तरफ झुकाव कैसे हुआ? जवाब: बचपन में मैं तुतला कर बोलता था, इसलिए स्कूल में बच्चे मजाक उड़ाते थे। उस माहौल से बचने के लिए स्टेज पर जाने लगा—स्कूल फंक्शन्स, 15 अगस्त, 26 जनवरी परफॉर्म करता था। वहीं से कॉन्फिडेंस आया और लगा कि एक्टिंग ही करनी है।सवाल: तुतलाने की समस्या से कैसे बाहर निकले? जवाब: स्कूल के टीचर्स ने पेंसिल जीभ के बीच रखकर बोलने की प्रैक्टिस कराई। बाद में थिएटर जॉइन किया, जहां प्रोफेशनल ट्रेनिंग मिली। धीरे-धीरे स्पीच साफ हुई और आत्मविश्वास बढ़ा। सवाल: थिएटर ने आपके करियर को कैसे दिशा दी? जवाब: 9वीं क्लास से थिएटर शुरू किया और देशभर के फेस्टिवल्स में परफॉर्म किया। थिएटर ने डिसिप्लिन, ऑब्जर्वेशन और पर्सनालिटी डेवलपमेंट सिखाया। यहीं से तय हुआ कि इसी फील्ड में आगे बढ़ना है। सवाल: फिर मुंबई आने का फैसला कैसे लिया? जवाब: थिएटर करते-करते तय हो गया था कि प्रोफेशनल एक्टिंग करनी है। 2016 में मुंबई आया और मीठी भाई कॉलेज में मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई शुरू की। साथ में थिएटर और ऑडिशन करता रहा। सवाल: मुंबई में शुरुआती स्ट्रगल कैसा रहा? जवाब: आरामनगर में ऑडिशन के लिए लंबी लाइनें लगती थीं। छोटे कमरों के बाहर 50-100 लोग खड़े रहते थे। कई बार “नॉट फिट” सुनना पड़ा। एक बार लगा कि शायद मैं फिट नहीं हूं, लेकिन बाद में समझ आया कि यह किरदार के हिसाब से होता है। सवाल: पहला ब्रेक कैसे मिला और क्या खास रहा? जवाब: मुझे पहला ब्रेक तापसी पन्नू के साथ कवरफॉक्स इंश्योरेंस के विज्ञापन में मिला था। यह मेरा पहला बड़ा ऑन-कैमरा एक्सपीरियंस था, जिसने इंडस्ट्री का असली माहौल समझाया। सवाल: तापसी पन्नू के साथ पहला शूट आपका हाइलाइट मोमेंट रहा, उस दिन क्या हुआ था? जवाब: मैं बहुत घबड़ाया हुआ था। तापसी ने मेरी घबराहट दूर कर दी। उन्हें मेरी शक्ल पर दिख रहा था कि 17-18 साल का लड़का घबड़ाया हुआ है। शायद बड़े कैमरे को देखकर नर्वस था। उन्होंने मेरे कंधे पर हाथ रखा और गोल-गोल सर्कल में घूमते हुए बोलीं- अभी मैं पिंक करके आ रही हूं, उसमे मेरे सामने अमिताभ सर थे, बच्चन सर को देखकर मेरी भी ऐसी ही हालत खराब हो गई थी। तुम जो फील कर रहे हो वो मैं समझती हूं, मैं अमिताभ बच्चन नहीं हूं, तुम्हें घबराने की जरूरत नहीं है। सीन में हमें उन्हें डांटना था, लेकिन मैं घबरा रहा था। उन्होंने माहौल हल्का कर दिया, जिससे मैं खुलकर परफॉर्म कर पाया। उस दिन समझ आया कि बड़ा कलाकार सेट पर दूसरों को कितना कम्फर्टेबल बनाता है। सवाल: उस पहले ब्रेक के बाद करियर कैसे आगे बढ़ा? जवाब: उस एड के बाद कॉन्फिडेंस मिला। कॉलेज के दौरान थिएटर चलता रहा। फिर ‘छोटा भीम: द म्यूजिकल’ जैसा बड़ा स्टेज शो मिला, जिसमें 50 से ज्यादा कलाकार साथ परफॉर्म करते थे। लेकिन कोविड आने पर सब रुक गया। सवाल: कोविड के समय आपने खुद को कैसे संभाला? जवाब: थिएटर पूरी तरह बंद हो गया। कई लोग शहर छोड़कर चले गए, लेकिन मैं रुका रहा। दादाजी की बात याद रही—“काम नहीं रुकना चाहिए।” वही मुझे मोटिवेशन देती रही। सवाल: कोविड के बाद करियर दोबारा कैसे शुरू हुआ? जवाब: कोविड के बाद ‘नेबर्स किचन’ शो मिला, जो हिंदुस्तान टाइम्स के लिए था। वहीं से काम की रफ्तार शुरू हुई। इसके अलावा 20-25 एड्स किए, जिनमें बड़े कलाकारों के साथ काम किया। सवाल: ‘मामला लीगल’ तक पहुंचने का सफर कैसा रहा? जवाब: लगातार ऑडिशन दे रहा था। ‘मामला लीगल’ के लिए करीब 5 राउंड हुए। हर बार उम्मीद और डर रहता था, लेकिन आखिरकार सिलेक्शन हो गया। सवाल: सिलेक्शन का पता चला तो आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या थी? जवाब: मैं स्कूटर चला रहा था, तभी कॉल आया। गाड़ी साइड में रोकी। जैसे ही पता चला कि सिलेक्शन हो गया है, कुछ देर वहीं खड़ा रह गया… समझ नहीं आया क्या करूं। सवाल: उस पल में सबसे पहले किसका ख्याल आया? जवाब: सबसे पहले दादाजी याद आए। उन्होंने हमेशा कहा था- “जो तुम्हें खुशी दे, वही करना।” लेकिन उस दिन वो साथ नहीं थे… मैं उन्हें फोन नहीं कर पाया। यह सोचकर मैं बहुत रोया। फिर घर फोन किया, भाई-बहन को बताया। हम वीडियो कॉल पर खुशी से झूम रहे थे। वो पल मेरी जिंदगी का सबसे इमोशनल मोमेंट था। सवाल: ‘मामला लीगल 2′ में आपका किरदार क्या है? जवाब: मैं ‘लॉ’ का किरदार निभा रहा हूं- एक सीधा और ईमानदार लड़का। पहले सीजन में इंटर्न था, लेकिन दूसरे सीजन में किरदार और जिम्मेदारियां बढ़ती हैं। सवाल: इस शो के अलावा और कौन-कौन से प्रोजेक्ट किए हैं? जवाब: ‘मामला लीगल’ और ‘नेबर्स किचन’ के अलावा फिल्म ‘जस्सी वेड्स जस्सी’ में काम किया, जिसमें मेरा किरदार नेगेटिव शेड वाला था। इसके अलावा कई एड्स और एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर शॉर्ट फिल्म की है। साथ ही स्पोकन वर्ड और लाइव स्टोरीटेलिंग करता हूं, जहां अपनी लिखी कहानियां परफॉर्म करता हूं।
कुल्लू में गाड़ी पर गिरीं बड़ी-बड़ी चट्टानें:ड्राइवर ने भागकर बचाई जान, बारिश से लैंडस्लाइड, आज-कल 5 जिलों में तूफान का येलो अलर्ट

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला के मणिकर्ण में आज सुबह लैंडस्लाइड हो गया। इसका मलबा और चट्टानें सड़क से गुजर रही गाड़ी पर गिरीं, जिससे गाड़ी चकनाचूर हो गई। गनीमत यह रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। लैंडस्लाइड की यह घटना बरशैणी घट्टीगढ़ पॉइंट की है। बताया जा रहा है कि पहाड़ी से पहले थोड़ा मलबा गिरा। इसके बाद ड्राइवर गाड़ी से बाहर भागा। देखते ही देखते बड़ी-बड़ी चट्टानें भी गाड़ी पर गिर गईं। बता दें कि, प्रदेश में अप्रैल में सामान्य से 52 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। इससे कई जगह लैंडस्लाइड की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। बीती रात में भी राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। सलापड़ में सबसे ज्यादा 21.0 मिमी, सलूणी 18.3 मिमी, कुकुमसैरी 14.4, सांगला 7.8, कल्पा 5.2, सराहन 3.0, भरमौर 2.0, सियोबाग 1.8 और जोगेंद्रनगर में 1.0 मिलीमीटर बारिश हुई। आज और कल पांच जिलों में येलो अलर्ट मौसम विभाग (IMD) की माने तो राज्य के कई भागों में शनिवार और रविवार भी बारिश जारी रहने के आसार है। IMD ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्का हिमपात हो सकता है, जबकि निचले और मध्यम क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं। इस दौरान कुछेक क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तूफान और ओलावृष्टि का भी पूर्वानुमान है। भुंतर का पारा 8.2 डिग्री गिरा प्रदेश के कई हिस्सों में बीते 24 घंटों में भी मौसम खराब रहा, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। कुल्लू के भुंतर का अधिकतम तापमान 8.2 डिग्री गिरने के बाद 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मनाली का पारा भी 6.4 डिग्री कम होने के बाद 18.0 डिग्री रह गया है। इसी तरह सुंदरनगर में 4.6 डिग्री की गिरावट के बाद तापमान 28.2 डिग्री और मंडी में 5.3 डिग्री की गिरावट के बाद 27.7 डिग्री दर्ज किया गया। अन्य शहरों में भी तापमान में गिरावट देखी गई है, जिससे ठंड का असर फिर महसूस होने लगा है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस 20 अप्रैल तक रहेगा एक्टिव मौसम विभाग ने 20 अप्रैल को भी अधिक ऊंचाई और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। हालांकि, 21 अप्रैल से पूरे प्रदेश में मौसम साफ होने और धूप खिलने की उम्मीद है। वहीं, 23 अप्रैल से एक बार फिर ऊंचे पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलने के संकेत मिल रहे हैं।
खजुराहो में पारा 43.2°C, भोपाल-इंदौर से गर्म जबलपुर:MP के 9 शहरों में 42 डिग्री से ज्यादा; 16 जिलों में आज लू का अलर्ट

मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। शुक्रवार को सीजन में पहली बार टेम्पेरेचर 43.2 डिग्री पहुंचा। यह छतरपुर के खजुराहो में दर्ज किया गया। वहीं, 9 शहरों में पारा 42 डिग्री से ज्यादा रहा। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल ने शनिवार को 16 जिलों में हीट वेव यानी, लू की चेतावनी जारी की है। भोपाल में शनिवार से ही स्कूल नए समय तक लगेंगे। मौसम विभाग ने आज जिन जिलों में लू का अलर्ट जारी किया, उनमें अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, धार, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना शामिल हैं। भास्कर ने दिखाई हकीकत…12 जिलों में स्कूलों का समय बदला भीषण गर्मी की वजह से सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के बच्चों के सामने मुश्किलें बढ़ गई थीं। तेज धूप के बीच वे घर लौट रहे थे। ऐसे में उनकी सेहत बिगड़ने का डर भी था। इसलिए शुक्रवार को दैनिक भास्कर ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत पूरे प्रदेश के हालात दिखाए। नतीजा यह रहा कि कलेक्टरों ने स्कूलों का समय बदल दिया। राजधानी भोपाल में स्कूल सुबह 7.30 से दोपहर 12 बजे तक ही संचालित होंगे। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने यह आदेश जारी किए। वहीं, नर्मदापुरम, ग्वालियर, बालाघाट, मैहर, रतलाम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, रायसेन, डिंडौरी, अनूपपुर और उमरिया में भी नई टाइमिंग तक ही स्कूल लगेंगे। देखिए शुक्रवार की तस्वीरें… सीजन में पहली बार तापमान बढ़ा प्रदेश में शुक्रवार को गर्मी ने तीखे तेवर दिखाए। छतरपुर के खजुराहो में पारा सबसे ज्यादा 43.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं, उमरिया में 42.9 डिग्री, टीकमगढ़-नौगांव में 42.8 डिग्री, नौगांव में 42.6 डिग्री, मंडला में 42.5 डिग्री, दमोह, गुना-दतिया में 42.2 डिग्री, सागर-सतना में 41.8 डिग्री, छिंदवाड़ा में 41.6 डिग्री, नर्मदापुरम-शाजापुर में 41.4 डिग्री, सीधी, नरसिंहपुर, रीवा-मलाजखंड में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में सबसे ज्यादा 42 डिग्री रहा। भोपाल-ग्वालियर में 41.3 डिग्री, इंदौर में 40.6 डिग्री, उज्जैन में 40.5 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो समेत कई जिलों में लू भी चली। गर्मी से बचने के लिए एडवायजरी जारी गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवायजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहे। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। आज से अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम… अप्रैल में लगातार 9 दिन तक बारिश बता दें कि अबकी बार अप्रैल में भीषण गर्मी की बजाय आंधी-बारिश और ओले वाला मौसम रहा। 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश में कहीं न कहीं मौसम बदला। इस दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा पानी गिरा। 15 से ज्यादा जिलों में ओलावृष्टि हुई तो करीब 45 जिलों में पानी गिरा। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में पड़ती है तेज गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तेज गर्मी पड़ती है। गर्मी में ऐसे रखें ध्यान… फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसम इस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। ठंड के मौसम में ही फरवरी में मौसम का मिजाज बदल गया। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई है। तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में आंधी चलने और बारिश होने की वजह से दीप सज्जा के कार्यक्रम पर असर पड़ा था। चौथी बार मौसम ने 29-30 मार्च को फिर से करवट बदली है। 30 मार्च को एमपी के आधे हिस्से में कहीं बारिश-आंधी तो कहीं ओले भी गिरें। MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड… एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा जबकि जबलपुर में इसने 44 डिग्री सेल्सियस को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानी इंदौर में भी पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। गर्मी के साथ बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। हर साल बारिश का दौर भी बनता है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड जबलपुर की बात करें तो यहां अप्रैल में एक बार पारा 45
कैमरन ग्रीन के छक्के पर कार से टकराई गेंद:सुंदर ने कैच, बटलर ने स्टंपिंग छोड़ी, चक्रवर्ती ने सीजन का पहला विकेट लिया; टॉप मोमेंट्स

IPL के 25वें मैच में गुजरात टाइटंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स को हरा दिया। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कैमरन ग्रीन के छक्के पर गेंद कार से टकरा गई। वॉशिंगटन सुंदर ने आसान कैच छोड़ा, वहीं जोस बटलर ने स्टंपिंग का मौका गंवा दिया। वरुण चक्रवर्ती ने 19वें सीजन में अपना पहला विकेट लिया। GT vs KKR टॉप मोमेंट्स… 1. DRS में बचे कैमरन ग्रीन पांचवें ओवर में कैमरन ग्रीन DRS लेने के कारण आउट होने से बच गए। ओवर की चौथी बॉल मोहम्मद सिराज ने बाउंसर फेंकी। गेंद विकेटकीपर के पास चली गई, गुजरात ने कॉट बिहाइंड की अपील की और अंपायर ने आउट दे दिया। ग्रीन ने रिव्यू लिया, रिप्ले में नजर आया कि गेंद बैट से नहीं लगी। ग्रीन नॉटआउट रहे और DRS बच गया। 2. ग्रीन का सिक्स कार पर लगा 13वें ओवर में कैमरन ग्रीन ने सिक्स लगाया, जिस पर गेंद स्टेडियम में खड़ी कार पर लग गई। ओवर की तीसरी गेंद अशोक शर्मा ने स्लोअर फेंकी। ग्रीन ने आगे निकलकर मिड-विकेट की ओर सिक्स लगाया। गेंद ‘टाटा सिएरा’ कार पर लगी, जिससे गाड़ी पर निशान बन गया। ‘टाटा’ IPL की टाइटल स्पॉन्सर कंपनी है। कार पर गेंद लगने के बाद कंपनी से चैरिटी के लिए 5 लाख रुपए का डोनेशन दिया जाता है। टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट रखने वाले प्लेयर को फाइनल के बाद अवॉर्ड के रूप में कार भी दी जाती है। 3. सुंदर ने कैच छोड़ा 14वें ओवर में वॉशिंगटन सुंदर ने आसान कैच छोड़ दिया। ओवर की तीसरी बॉल राशिद खान ने गुड लेंथ पर फेंकी। कैमरन ग्रीन ने स्वीप शॉट खेला, लेकिन गेंद स्क्वेयर लेग की ओर हवा में चली गई। सुंदर दौड़ते हुए गेंद के पास पहुंचे, लेकिन कैच नहीं पकड़ सके। जीवनदान के वक्त ग्रीन 62 रन के स्कोर पर थे। इससे पिछली ही गेंद पर विकेटकीपर जोस बटलर से भी मुश्किल कैच छूट गया था। 4. बटलर ने स्टंपिंग मिस की 20वें ओवर में जोस बटलर ने स्टंपिंग का मौका भी गंवा दिया। ओवर की पांचवीं बॉल राशिद खान ने फुलर लेंथ फ्लिपर फेंकी। कैमरन ग्रीन आगे निकलकर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन मिस कर गए। गेंद विकेटकीपर बटलर की ओर गई, लेकिन वे बॉल नहीं पकड़ पाए। गेंद बाउंड्री के पार चली गई। 3 जीवनदान के बाद ग्रीन 79 रन बनाकर आउट हुए। 5. अनुकूल रॉय के ओवर में 3 छक्के लगे गुजरात की बैटिंग में कोलकाता के अनुकूल रॉय ने पावरप्ले के एक ओवर में 20 रन खर्च कर दिए। लेफ्ट आर्म स्पिनर तीसरे ओवर में बॉलिंग करने आए। दूसरी गेंद पर शुभमन गिल ने इनसाइड आउट शॉट खेला और कवर्स की दिशा में छक्का लगा दिया। साई सुदर्शन ने फिर चौथी और छठी गेंद पर लेग साइड की दिशा में 2 और सिक्स लगा दिए। ओवर में 3 छक्कों के सहारे 20 रन बने। 6. चक्रवर्ती ने सीजन का पहला विकेट लिया 10वें ओवर में कोलकाता के वरुण चक्रवर्ती ने जोस बटलर को कैच कराया। उन्होंने ओवर की पहली गेंद फुलर लेंथ फेंकी, बटलर सिक्स लगाने गए, लेकिन लॉन्ग ऑन पर कैमरन ग्रीन के हाथों कैच हो गए। यह चक्रवर्ती का सीजन में पहला विकेट रहा। इससे पहले चेन्नई, हैदराबाद और मुंबई के खिलाफ उन्हें विकेट नहीं मिला था। वे IPL के ठीक पहले टी-20 वर्ल्ड कप में टॉप विकेट टेकर रहे थे। वरुण ने गुजरात के खिलाफ IPL में पहली बार ही कोई विकेट लिया। इससे पहले 4 पारियों के 13 ओवर में 128 रन देने के बाद भी उन्हें कोई विकेट नहीं मिला था। हालांकि, वरुण ने बटलर को जरूर 7वीं बार पवेलियन भेजा।
IPL में आज बेंगलुरु और दिल्ली की भिड़ंत:RCB की नजर घर में लगातार चौथी जीत पर; खराब फॉर्म से जूझ रही है कैपिटल्स

IPL 2026 में शनिवार को अपने घरेलू मैदान एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का सामना दिल्ली कैपिटल्स (DC) से होगा। RCB की कोशिश होगी कि वह अपने घरेलू मैदान पर लगातार चौथी जीत दर्ज करे। RCB के पास जोश हेजलवुड की अगुआई में एक सक्षम गेंदबाजी यूनिट है। टीम के उप-कप्तान जितेश शर्मा ने कहा कि टीम चिन्नास्वामी की पिच के हिसाब से रणनीतिक रूप से काम कर रही है। यही कारण है कि वे इस सीजन अपने घर में अजेय रहे हैं। अगर दिल्ली के बल्लेबाज अपनी तकनीक में सुधार नहीं करते हैं, तो यह मुकाबला भी एकतरफा हो सकता है। वहीं, दोनों टीमों के बीच अब तक 33 मैच खेले गए हैं, जिनमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने 19 मुकाबले जीते हैं। जबकि दिल्ली कैपिटल्स (DC) को 12 मैचों में जीत मिली है। इसके अलावा एक मैच टाई रहा है और एक मुकाबले का कोई परिणाम नहीं निकल सका। पिछले साल दोनों के बीच खेले गए दो मुकाबले में से दोनों टीमों ने एक-एक मैच जीता है। RCB ने अरुण जेटली स्टेडियम में और DC ने चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए मैच अपने-अपने नाम किया है। कोहली के पास ऑरेंज कैप, लेकिन अब पूरी टीम फॉर्म में इस सीजन में भी सभी की नजरें विराट कोहली पर टिकी हैं और उन्होंने अपने फैंस को निराश नहीं किया है। कोहली फिलहाल ‘ऑरेंज कैप’ होल्डर हैं। हालांकि, इस बार खास बात यह है कि RCB की बल्लेबाजी सिर्फ कोहली पर निर्भर नहीं है। कप्तान रजत पाटीदार, देवदत्त पडिक्कल, फिल सॉल्ट और टिम डेविड ने शानदार पारियां खेलकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई है। कोहली अब ज्यादा खुलकर खेल पा रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि मिडिल ऑर्डर में रन बनाने वाले खिलाड़ी मौजूद हैं। छक्के लगाने में रजत पाटीदार सबसे आगे RCB के कप्तान रजत पाटीदार इस समय बेहतरीन फॉर्म में हैं। वे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में टॉप पर हैं। पाटीदार ने 5 मैचों में 21 छक्के जड़े हैं। वे राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी से तीन छक्के आगे हैं। पाटीदार की पावर हिटिंग दिल्ली के गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। दिल्ली के अनुभवी खिलाड़ी फेल, समीर रिजवी अकेले लड़ रहे दिल्ली कैपिटल्स की टीम अब तक अपनी सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग इलेवन तलाशने में जुटी है। टीम में केएल राहुल, डेविड मिलर और पथुम निसांका जैसे अनुभवी खिलाड़ी होने के बावजूद निरंतरता की कमी साफ दिख रही है। दिल्ली फिलहाल टेबल में 5वें नंबर पर है, लेकिन पिछले दो मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। युवा बल्लेबाज समीर रिजवी ने जरूर दो हाफ सेंचुरी लगाकर संघर्ष दिखाया है, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से साथ नहीं मिल रहा। कप्तान अक्षर पटेल और कुलदीप यादव की खराब फॉर्म दिल्ली के लिए सबसे बड़ी चिंता उनके कप्तान अक्षर पटेल और स्टार स्पिनर कुलदीप यादव की फॉर्म है। अक्षर ने 4 मैचों में केवल 3 विकेट लिए हैं और बल्ले से भी वे फ्लॉप रहे हैं। वहीं, कुलदीप यादव काफी महंगे साबित हो रहे हैं और 10 की इकोनॉमी से रन लुटा रहे हैं। तेज गेंदबाजी में मुकेश कुमार और टी. नटराजन भी टुकड़ों में ही अच्छा प्रदर्शन कर पाए हैं। पिच रिपोर्ट बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। यहां पर गेंद अच्छे से बल्ले पर आती है। स्टेडियम छोटा होने की वजह से चौके-छक्के भी यहां खूब लगते हैं। गेंदबाजों को यहां ज्यादा मदद नहीं मिलती है। तेज गेंदबाजों को शुरू में थोड़ी मदद मिलती है। स्पिन गेंदबाजों को बीच के ओवर में थोड़ा फायदा मिलता है, लेकिन ज्यादा नहीं। टॉस जीतना जरूरी होता है। यहां टीमें अक्सर पहले गेंदबाजी करती हैं, क्योंकि बाद में बल्लेबाजी करना आसान होता है। अब तक IPL में एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में कुल 103 मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें से पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 44 तो दूसरी बैटिंग करने वाली टीम ने 55 मुकाबले जीते हैं। चार मैचों का कोई नतीजा नहीं निकला है। वहीं इस सीजन यहां पर 3 मैच खेले गए हैं। दो मैचों में स्कोर 200 प्लस बने हैं। जबकि एक मैच में लखनऊ 146 रन पर ही ऑलआउट हो गई थी। मौसम बेंगलुरु में शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को मौसम थोड़ा धूप वाला रहेगा। तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस रहेगा, इसलिए दोपहर में गर्मी ज्यादा होगी। नमी करीब 28 प्रतिशत रहेगी, जिससे मौसम थोड़ा ठीक महसूस होगा। धूप तेज रहेगी। हवा हल्की चलेगी और बारिश की संभावना लगभग 10 प्रतिशत है, यानी बारिश की उम्मीद बहुत कम है। इसलिए पूरा मैच बिना रुकावट के होने की संभावना है। संभावित प्लेइंग 11 रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: विराट कोहली, फिल सॉल्ट, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, अभिनंदन सिंह। इम्पैक्ट प्लेयर: वेंकटेश अय्यर। DC: दिल्ली कैपिटल्स: केएल राहुल (विकेटकीपर), पाथुम निसांका, नीतीश राणा, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल (कप्तान), विपराज निगम, कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी, मुकेश कुमार, टी नटराजन। इम्पैक्ट प्लेयर: समीर रिजवी।
तमिलनाडु में ट्रैवलर सड़क से उतरी; 8 की मौत:केरलम के 13 पर्यटक सवार थे; हेयरपिन मोड़ पर हादसा; 5 की हालत गंभीर

तमिलनाडु के वलपरई में शुक्रवार को सड़क हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा तब हुआ, जब टेम्पो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर हेयरपिन मोड़ से फिसलकर खाई में गिर गया। पुलिस के मुताबिक, गाड़ी केरलम के पेरिंथलमन्ना से आए 13 पर्यटकों को लेकर वलपरई से लौट रहा था। 13वें हेयरपिन मोड़ पर संतुलन बिगड़ा और वाहन फिसलकर 9वें हेयरपिन मोड़ तक गिर गया हादसे में 1 पुरुष और 7 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों को रेस्क्यू कर एंबुलेंस से पोलाची के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। क्या होता है हेयरपिन मोड़ जब किसी ऊंचे पहाड़ पर चढ़ना होता है, तो सीधी सड़क बनाना मुमकिन नहीं होता । इसलिए, ऊंचाई पर धीरे-धीरे चढ़ने के लिए सड़क को सांप की तरह घुमावदार बनाया जाता है। जहां सड़क एकदम से मुड़कर वापस उसी दिशा के समानांतर हो जाती है, उसे ही हेयरपिन मोड़ कहते हैं। भारत में कोल्ली हिल्स (तमिलनाडु), सिल्क रूट (सिक्किम), मनाली-लेह हाईवे (हिमाचल प्रदेश) और नैनीताल (उत्तराखंड) में में प्रमुख और चर्चित हेयरपिन मोड़ हैं। प्रधानमंत्री ने दुख जताया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया जताते हुए X पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना से वे बेहद दुखी हैं और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। वहीं, केरलम के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी हादसे पर शोक जताया है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। ————————————— ये खबर भी पढ़ें… प्रयागराज में सड़क हादसे में युवक की मौत:दो अन्य गंभीर घायल, डंफर चालक फरार बहादुरपुर क्षेत्र के सहसों बायपास के पास शुक्रवार को एक सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर मौत हो गई। इस घटना में दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पूरी खबर पढ़ें…
ग्वालियर में तेज रफ्तार ट्रक टैंकर से टकराया:चालक केबिन में फंसा, लोहे की बॉडी काटकर निकाला गया; हाईवे पर लग गया था जाम

ग्वालियर में तेज रफ्तार से आ रहे एक टैंकर चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए, जिससे पीछे चल रहा ट्रक उससे टकरा गया। हादसे के बाद टैंकर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया, जबकि ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका चालक केबिन में फंस गया। घटना पुरानी छावनी के सुसैरा कोठी हाइवे पर शुक्रवार शाम की है। सूचना मिलते ही हाईवे पेट्रोलिंग टीम और पुरानी छावनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ट्रक चालक केबिन में फंसा हुआ था और उसके पैर बुरी तरह कुचल गए थे। उसे बचाने के लिए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद ट्रक की बॉडी काटकर चालक को बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया। सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार के अनुसार, आंध्र प्रदेश से केला लेकर जम्मू जा रहा ट्रक (क्रमांक JK22 D-5030) सुसैरा कोठी हाईवे पर पहुंचा था। तभी आगे चल रहे टैंकर ने अचानक ब्रेक लगा दिए, जिससे ट्रक पीछे से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रक का केबिन टैंकर में घुस गया और चालक गंभीर रूप से घायल होकर अंदर फंस गया। हादसे के बाद टैंकर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने कटर मशीन की मदद से ट्रक की बॉडी काटकर चालक को बाहर निकाला। इस दौरान हाइवे पर जाम लग गया, जिसे पुलिस ने संभालकर यातायात बहाल कराया। डॉक्टरों के अनुसार, चालक के पैर कुचल गए हैं, कई हड्डियां टूट गई हैं और काफी खून बह गया था। समय पर अस्पताल पहुंचाने से उसकी जान बच सकी।
महिला आरक्षण बिल पर उज्जैन नगर निगम में नोकझोंक:समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित, कांग्रेस का वॉकआउट

उज्जैन नगर निगम के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर तीखी बहस हुई। भाजपा ने बिल के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित कराया, जबकि कांग्रेस पार्षदों ने तीखी नोकझोंक के बाद वॉकआउट कर दिया। यह सत्र महिला आरक्षण को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक हलचल के बीच आयोजित किया गया था। सत्र की शुरुआत संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद सदन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया गया। प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होते ही पक्ष और विपक्ष के बीच बहस छिड़ गई। चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने महिला आरक्षण की अवधारणा को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की नीतियों से जोड़ा। इस पर भाजपा पार्षदों ने आपत्ति जताई, जिससे सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया। विवाद बढ़ने पर कांग्रेस पार्षदों ने विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट कर दिया। उनके बाहर जाते ही भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। इस हंगामे के बीच भाजपा ने बहुमत के आधार पर महिला आरक्षण बिल के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया। नगर निगम सभापति कलावती यादव ने बताया कि यह विशेष सत्र शासन के निर्देश पर आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो उन्हें संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण और नीति निर्माण में मजबूत भागीदारी प्रदान करेगा।
Herbal Flower Tea: चमेली से गुलाब तक, गर्मियों में पिएं इन 10 फूलों की चाय, पूरे दिन बनी रहेगी ताजगी और एनर्जी

Last Updated:April 17, 2026, 22:41 IST Herbal Flower Tea Benefits: चाय के शौकीन हैं लेकिन गर्मी में इससे गैस और एसिडिटी बनने लगती है. तो चाय पत्ती की जगह फूलों की पंखुड़ियों का इस्तेमाल करें. नियमित रूप से इनका सेवन करने से इम्युनिटी मजबूत होती है और गर्मी से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं. हालांकि, अगर आपको किसी फूल से एलर्जी है, तो इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. ख़बरें फटाफट गर्मियों के मौसम में चाय पीना कई लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है. गरम चाय शरीर की गर्मी बढ़ा देती है, जिससे पसीना और थकान महसूस होती है. लेकिन अगर आप चाय के शौकीन हैं और गर्मी में भी ताजगी बनाए रखना चाहते हैं, तो फूलों से बनी हर्बल टी एक अच्छा विकल्प हो सकती है. आयुर्वेद के अनुसार, फूलों में कई औषधीय गुण होते हैं. ये सिर्फ पूजा या सजावट के काम ही नहीं आते, बल्कि शरीर और मन को स्वस्थ रखने में भी मदद करते हैं. फूलों की चाय में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल्स होते हैं, जो इम्युनिटी बढ़ाने, तनाव कम करने और शरीर को एनर्जी देने में सहायक होते हैं. गर्मियों में पिएं इन फूलों की चाय और जानें फायदे कमल के फूल की चाय गर्मी में बहुत फायदेमंद होती है. यह शरीर की गर्मी कम करती है, प्यास और जलन से राहत देती है और मन को शांत रखती है. गुड़हल (हिबिस्कस) की चाय विटामिन C से भरपूर होती है, जो ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने, इम्युनिटी बढ़ाने और त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करती है. गुलाब की चाय गर्मियों में सबसे ज्यादा पसंद की जाती है. यह मूड को बेहतर बनाती है, तनाव कम करती है और पाचन को भी सुधारती है। इसके अलावा यह त्वचा के लिए भी फायदेमंद होती है. पारिजात (हरसिंगार) की चाय जोड़ों के दर्द, सूजन और बुखार में राहत देती है. बनफशा की चाय खांसी, सांस की दिक्कत और त्वचा से जुड़ी समस्याओं में उपयोगी होती है. कृष्णकमल (पैशन फ्लावर) की चाय तनाव, चिंता और अनिद्रा को दूर करने में मदद करती है. मौलश्री की चाय बुखार, खांसी और त्वचा रोगों में लाभकारी मानी जाती है. विष्णुकांता की चाय दिमाग को शांत रखती है और याददाश्त बढ़ाने में मदद करती है. इसके अलावा, सूरजमुखी और चमेली (जैस्मिन) की चाय भी शरीर को ठंडक देती है और तनाव कम करती है. लैवेंडर की चाय खासतौर पर रिलैक्स करने और अच्छी नींद के लिए जानी जाती है. कैसे बनाएं फूलों की चायफूलों की चाय बनाना बहुत आसान है. एक कप गर्म पानी में 1-2 चम्मच ताजे या सूखे फूल डालें और 5–10 मिनट तक ढककर रखें. फिर इसे छान लें. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें शहद या नींबू भी मिला सकते हैं. दिन में 1-2 कप पीने से शरीर ठंडा रहता है और मन शांत रहता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 17, 2026, 22:41 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.








