छुट्टी के दिन खुला हरियाणा महिला आयोग का ऑफिस:मासूम शर्मा के आने का इंतजार, गालियां देने पर हो चुकी FIR, हरियाणवी सिंगर बोले-अभी बिजी हूं

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कार्यक्रम के दौरान गालियां देने के मामले में हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा की आज हरियाणा महिला आयोग में पेशी है। इसको देखते हुए आयोग का छुट्टी के दिन भी ऑफिस खुला हुआ है। दोपहर ढाई बजे तक आयोग मासूम शर्मा का इंतजार करेगा। हालांकि, हरियाणवी सिंगर एक दिन पहले चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कह चुके हैं, वह राज्य महिला आयोग के सामने पेश नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि अभी बिजी चल रहा हूं। इसे लेकर आयोग को ईमेल के जरिए सूचना दे दी है। देहरादून में स्टेज पर गाली देने के मामले में माफी मांग चुका हूं। मामले में हरियाणवी सिंगर पर देहरादून में FIR दर्ज की जा चुकी है। सत्यम शिवम छात्र संगठन (डीएवी कॉलेज) के छात्र प्रतिनिधि प्रांचल नौनी की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। कॉलेज प्रोग्राम में स्टेज से गालियां दीं मासूम शर्मा ने बीते शनिवार देहरादून में DAV कॉलेज में शो करने पहुंचे थे। इस दौरान, मासूम ने मंच से कहा- कोई गुंडा मुझे मारने के लिए आया था। मैंने उसे कहा कि मैं देहरादून में प्रोग्राम कर रहा हूं, अगर तेरे में दम है तो यहां आ। होटल छोड़कर यहां आ, टाइम रख ले।” इस दौरान मासूम ने मंच से ही कॉलेज स्टूडेंट के सामने गालियां दीं। इस लाइव प्रोग्राम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद थे। उनके जाने के बाद मासूम शर्मा मंच पर भड़क गए। इस दौरान उनके साथ उत्तराखंड के खानपुर से विधायक उमेश शर्मा भी मौजूद थे। पढ़िए मासूम ने विवाद पर क्या कहा… विवाद पर मांग चुके माफी उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हुए स्टेज विवाद पर मासूम शर्मा चंडीगढ़ में माफी मांग चुके हैं। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि अब तक मेरे दिमाग में टेंशन है। इसके बाद माफी भी मांग ली। मेरी तरफ बिना मतलब का तीर आ गया। उस दिन बदमाश ने भाई को कॉल कर कहा था कि मासूम का 20-25 करोड़ रुपए का बीमा करवा लो, उसके बच्चे पल जाएंगे। 5 दिन पहले देहरादून में हो चुकी FIR देहरादून में हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के खिलाफ 5 दिन पहले ही पुलिस ने मामला दर्ज कर चुकी है। डालनवाला थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर BNS की धारा 296 (अश्लील कृत्य और गाने), धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान), धारा 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले शब्द या कृत्य) और धारा 351(3) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। ये मामला सत्यम शिवम छात्र संगठन (डीएवी कॉलेज) के छात्र प्रतिनिधि प्रांचल नौनी की शिकायत पर दर्ज किया गया है। इससे पहले पुलिस ने सिंगर को नोटिस जारी कर दिया था। उनसे 15 दिन के अंदर जवाब देने को कहा था।
आम खाते ही चेहरे पर क्यों हो जाते हैं मुँहासे? जानें शरीर की गर्मी शांत करने का सही तरीका, चेहरे और पीठ पर नहीं होंगे दाने

Mango and acne connection : गर्मियों का मौसम आते ही जिसकी सबसे ज्यादा चर्चा होती है, वह है ‘फलों का राजा’ आम. अपनी मिठास और स्वाद के कारण यह हर उम्र के व्यक्ति की पहली पसंद है. लेकिन, कई लोगों के लिए आम का स्वाद सजा बन जाता है, क्योंकि इसे खाते ही उनके चेहरे पर छोटे-छोटे दाने या बड़े-बड़े पिंपल्स (मुँहासे) निकलने लगते हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि सेहत के लिए इतने फायदेमंद फल को खाते ही त्वचा पर ऐसी प्रतिक्रिया क्यों होती है? दरअसल, इसके पीछे की वजह आम की मिठास और इसकी तासीर में छिपी है. जानते हैं आम और पिंपल्स का क्या कनेक्शन है और आप कैसे बिना किसी डर के आम का लुत्फ उठा सकते हैं. आइए जानते हैं आम और पिंपल्स का क्या कनेक्शन है और आप कैसे बिना किसी डर के आम का लुत्फ उठा सकते हैं. आखिर क्यों होते हैं आम खाने से पिंपल्स? 1. हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स (High Glycemic Index):आम में नेचुरल शुगर की मात्रा काफी अधिक होती है. इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई होने के कारण, जैसे ही आप आम खाते हैं, आपके ब्लड में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ता है. इससे शरीर में इंसुलिन का स्राव बढ़ जाता है, जो त्वचा की ऑयल ग्लैंड्स (Sebaceous glands) को ट्रिगर करता है. नतीजा यह होता है कि चेहरा ज्यादा तेल छोड़ने लगता है और पिंपल्स निकल आते हैं. अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी (AAD) और कई शोध भी बताते हैं कि ‘High Glycemic’ फूड्स (जैसे आम) शरीर में इंसुलिन स्पाइक पैदा करते हैं, जो सीधे तौर पर एक्ने (Acne) से जुड़े होते हैं. 2. शरीर की गर्मी (Thermic Effect):आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों मानते हैं कि आम खाने से शरीर में गर्मी पैदा होती है. हेल्थलाइन के मुताबिक, आम में मौजूद ‘फाइटिक एसिड’ शरीर के तापमान को बढ़ा सकता है. जब शरीर के अंदर बहुत ज्यादा गर्मी जमा हो जाती है, तो वह त्वचा के छिद्रों के जरिए बाहर निकलने की कोशिश करती है, जिससे चेहरे और पीठ पर दाने उभर आते हैं. बस करें ये ‘छोटा सा काम’, नहीं निकलेंगे पिंपल्स(How to prevent pimples after eating mango):अगर आप भी आम खाने के शौकीन हैं लेकिन पिंपल्स के डर से दूर रहते हैं, तो सेलिब्रिटी एक्सपर्ट्स और आयुर्वेद का यह नुस्खा आपके बहुत काम आएगा. आम को पानी में भिगोना है जरूरी: पुराने समय में हमारी दादी-नानी हमेशा आम को खाने से पहले एक बाल्टी पानी में भिगोकर रखती थीं. इसके पीछे ठोस वैज्ञानिक कारण है. आम को कम से कम 1 से 2 घंटे तक पानी में भिगोकर रखने से उसकी अतिरिक्त गर्मी यानी ‘फाइटिक एसिड’ निकल जाता है. इससे आम की तासीर ठंडी हो जाती है और यह आपके शरीर में गर्मी पैदा नहीं करता. भारत की प्रसिद्ध सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर (Rujuta Diwekar) भी अक्सर अपने सोशल मीडिया और किताबों में आम को पानी में भिगोकर खाने के पारंपरिक तरीकों पर जोर देती हैं. उन्होंने कई बार बताया है कि कैसे यह सरल तरीका आम से होने वाले पिंपल्स और पाचन की समस्याओं को रोकता है. स्किन को सुरक्षित रखने के अन्य तरीके- स्वाद के चक्कर में एक साथ 3-4 आम न खाएं. एक दिन में एक मध्यम आकार का आम पर्याप्त है. आम खाने के बाद दिनभर खूब पानी पिएं. यह शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने और सिस्टम को ठंडा रखने में मदद करेगा. अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो आम खाने के कुछ समय बाद अपना चेहरा ठंडे पानी से धोएं ताकि अतिरिक्त तेल जमा न हो. आम न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि यह विटामिन A और C का भी बेहतरीन स्रोत है जो आपकी इम्युनिटी बढ़ाते हैं. बस ऊपर बताए गए तरीके को अपनाएं और इस सीजन में बेझिझक आम का आनंद लें. याद रखें, सही तरीके से खाया गया फल कभी नुकसान नहीं पहुँचाता. तो अगली बार आम लाने पर उसे सीधे फ्रिज में रखने के बजाय, पहले ठंडे पानी की बाल्टी में जरूर डालें. आपकी स्किन और आपका पेट, दोनों आपको शुक्रिया कहेंगे!
नर्मदापुरम में वकीलों के 2 गुटों में मारपीट:अध्यक्ष के बेटों ने कोषाध्यक्ष को पीटा; वॉट्सऐप पर हिसाब मांगने पर विवाद

नर्मदापुरम में शुक्रवार रात मीनाक्षी चौक के पास अधिवक्ता संघ के दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हो गई। संघ के अध्यक्ष दीपक जैन के बेटों और अन्य युवकों ने कोषाध्यक्ष राकेश शर्मा के साथ उनके ऑफिस के पास मारपीट की, जिसमें एक अधिवक्ता के कपड़े फट गए और शर्मा का कान जख्मी हो गया। विवाद की शुरुआत वकीलों के एक वॉट्सऐप ग्रुप पर संघ के आय-व्यय का हिसाब मांगने को लेकर हुई थी। कोतवाली थाने में देर रात तक चले हंगामे के बाद शनिवार तड़के करीब 3:30 बजे पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर काउंटर (क्रॉस) केस दर्ज कर लिया है और वर्तमान में मामले की जांच की जा रही है। वॉट्सऐप ग्रुप पर ‘जाली’ का हिसाब मांगने से भड़का था अध्यक्ष का बेटा जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ सोशल मीडिया (वॉट्सऐप) पर हुई बहस है। कोषाध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष और सचिव ने 17 अप्रैल को एक सूचना जारी की थी, जिसमें 20 अप्रैल को होने वाली बैठक में संघ के 2 साल के आय-व्यय का हिसाब देने की बात कही गई थी। शर्मा के मुताबिक, उन्होंने वॉट्सऐप ग्रुप पर लिखा कि अध्यक्ष दीपक जैन को 2 साल में बेची गई ‘जाली’ का हिसाब भी देना चाहिए। इस बात पर अध्यक्ष के बेटे रोहन जैन ने ग्रुप पर अपशब्द कहे और कुछ देर बाद अपने साथियों के साथ ऑफिस आकर मारपीट शुरू कर दी। वहीं, रोहन का आरोप है कि कोषाध्यक्ष उनके पिता (संघ अध्यक्ष) के खिलाफ वॉट्सऐप ग्रुप पर लगातार अनर्गल टिप्पणी करते थे। दोनों पक्षों की शिकायत पर 7 लोगों के खिलाफ नामजद FIR मीनाक्षी चौक के पास कोषाध्यक्ष के ऑफिस पर हुए इस झगड़े में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया है। पुलिस ने कोषाध्यक्ष राकेश शर्मा की शिकायत पर संघ अध्यक्ष दीपक जैन, उनके दोनों पुत्रों रोहन जैन, मुन्नू जैन और अन्य 2 युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं, दूसरे पक्ष से अधिवक्ता रोहन जैन की शिकायत पर कोषाध्यक्ष राकेश शर्मा, अधिवक्ता केशव चौहान और दुर्गेश सल्लाम के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। थाने में रातभर गहमागहमी, जल्द होने हैं संघ के चुनाव शुक्रवार रात हुई घटना के बाद बड़ी संख्या में वकील कोतवाली थाने पहुंच गए और घंटों तक गहमागहमी चलती रही। कोतवाली थाना क्षेत्र में माहौल गरमा गया। एसआई विशाल नागवे ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों की शिकायतों पर तड़के मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। बता दें कि अधिवक्ता संघ का मौजूदा कार्यकाल पूरा होने वाला है और जल्द ही दोबारा चुनाव होने हैं। चुनाव से ठीक पहले हुई इस घटना को लेकर बार एसोसिएशन के भीतर काफी चर्चा और गुटबाजी का माहौल बन गया है।
विराट कोहली के लाइक पर जर्मन मॉडल ने तोड़ी चुप्पी:कहा- मुझे उनके लिए बुरा लगा, इतना बड़ा मुद्दा कैसे बन गया, समझ नहीं आया

जर्मन मॉडल लिजलाज की फोटो को कथित तौर पर लाइक करने को लेकर विराट कोहली चर्चा में आ गए। शुक्रवार को लिजलाज ने इस पर रिएक्ट करते हुए बताया कि उन्हें इस बारे में खबरों से पता चला। हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए लिजलाज ने कहा, ‘मैं सुबह उठी तो देखा कि मैं खबरों में हूं। मुझे नहीं पता था कि उन्होंने (विराट) कब फोटो लाइक की। लोगों ने अलग-अलग प्लेटफॉर्म की खबरें मुझे भेजीं। मुझे बहुत सारे मैसेज मिले और लोग काफी उत्साहित थे।’ उन्होंने बताया कि भारत यात्रा के दौरान उन्हें क्रिकेट के बारे में पता चला, जब वह पहली बार भारत आई थीं और यहां कई महीनों तक रहीं। इस दौरान उन्होंने साउथ इंडिया, गोवा, मैसूर, कूर्ग, मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद समेत कई जगहों की यात्रा की। लिजलाज ने कहा कि आईपीएल के दौरान उन्होंने अपने बेंगलुरु के दोस्तों के साथ मैच देखना शुरू किया और वह रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की फैन बन गईं। इसी दौरान उन्होंने विराट कोहली को खेलते देखा और उन्हें पसंद किया। बाद में विराट द्वारा फोटो अनलाइक किए जाने पर लिजलाज ने कहा, ‘मुझे उनके लिए थोड़ा बुरा लगा। मुझे खुशी थी कि उन्होंने लाइक किया, लेकिन यह इतना बड़ा मुद्दा कैसे बन गया, समझ नहीं आया। शायद उनका ऐसा इरादा नहीं था, फिर भी मैं उनके सपोर्ट की सराहना करती हूं।’ वायरल होने के बाद बढ़े ऑफर्स लिजलाज ने बताया कि इस घटना के बाद उन्हें कई काम के ऑफर्स मिले हैं, लेकिन वह फिलहाल सोच-समझकर फैसला लेना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि वह म्यूजिक और व्लॉगिंग को लेकर सीरियस हैं और भारत में मौके मिलने पर फिर से आने पर विचार कर सकती हैं। फोटोग्राफर ने स्क्रीनशॉट शेयर किए थे बता दें कि लिजलाज की फोटो क्लिक करने वाले फोटोग्राफर अद्वैत वैद्य ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए दावा किया कि विराट के आधिकारिक अकाउंट से लिजलाज की एक पुरानी फोटो को लाइक किया गया। अद्वैत ने कैप्शन में लिखा, ‘इस पर कैसे रिएक्ट करें… जब GOAT विराट कोहली, आपकी पोस्ट लाइक कर दें। मैं और लिजलाज अभी भी अपनी आंखें मलकर देख रहे हैं कि ये सच में हो रहा है या नहीं… हाहा… धन्यवाद GOAT।’ विराट लिजलाज के पसंदीदा क्रिकेटर हैं लिजलाज एक जर्मन-दक्षिण अफ्रीकी मॉडल, व्लॉगर और इन्फ्लुएंसर हैं, जो भारत में अपने ट्रैवल कंटेंट (जैसे “समोसा समोसा” वीडियो) के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने फिल्मीमंत्रा को दिए इंटरव्यू में बताया था कि विराट कोहली उनके पसंदीदा क्रिकेटर हैं। सोशल मीडिया पर जैसे ही विराट कोहली के लाइक वाला स्क्रीनशॉट वायरल हुआ, तो कई यूजर्स ने इस पर रिएक्शन दिए। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि कोहली ने सच में इसे लाइक किया था या फिर यह किसी एल्गोरिदम की गलती है। विराट ने अवनीत की फोटो लाइक की थी गौरतलब है कि पिछले साल मई 2025 में विराट कोहली ने एक्ट्रेस अवनीत कौर की एक फोटो को लाइक किया था। जिसको लेकर कोहली ने सफाई देते हुए कहा था, ‘मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि फीड क्लियर करते समय ऐसा लगता है कि एल्गोरिदम ने गलती से कोई इंटरैक्शन रजिस्टर कर लिया है। इसके पीछे मेरा कोई इरादा नहीं था। मैं आपसे निवेदन करता हूं कि कृपया बेवजह कोई भी बातें नहीं बनाएं। समझने के लिए धन्यवाद।’
विराट कोहली के लाइक पर जर्मन मॉडल ने तोड़ी चुप्पी:कहा- मुझे उनके लिए बुरा लगा, इतना बड़ा मुद्दा कैसे बन गया, समझ नहीं आया

जर्मन मॉडल लिजलाज की फोटो को कथित तौर पर लाइक करने को लेकर विराट कोहली चर्चा में आ गए। शुक्रवार को लिजलाज ने इस पर रिएक्ट करते हुए बताया कि उन्हें इस बारे में खबरों से पता चला। हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए लिजलाज ने कहा, ‘मैं सुबह उठी तो देखा कि मैं खबरों में हूं। मुझे नहीं पता था कि उन्होंने (विराट) कब फोटो लाइक की। लोगों ने अलग-अलग प्लेटफॉर्म की खबरें मुझे भेजीं। मुझे बहुत सारे मैसेज मिले और लोग काफी उत्साहित थे।’ उन्होंने बताया कि भारत यात्रा के दौरान उन्हें क्रिकेट के बारे में पता चला, जब वह पहली बार भारत आई थीं और यहां कई महीनों तक रहीं। इस दौरान उन्होंने साउथ इंडिया, गोवा, मैसूर, कूर्ग, मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद समेत कई जगहों की यात्रा की। लिजलाज ने कहा कि आईपीएल के दौरान उन्होंने अपने बेंगलुरु के दोस्तों के साथ मैच देखना शुरू किया और वह रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की फैन बन गईं। इसी दौरान उन्होंने विराट कोहली को खेलते देखा और उन्हें पसंद किया। बाद में विराट द्वारा फोटो अनलाइक किए जाने पर लिजलाज ने कहा, ‘मुझे उनके लिए थोड़ा बुरा लगा। मुझे खुशी थी कि उन्होंने लाइक किया, लेकिन यह इतना बड़ा मुद्दा कैसे बन गया, समझ नहीं आया। शायद उनका ऐसा इरादा नहीं था, फिर भी मैं उनके सपोर्ट की सराहना करती हूं।’ लिजलाज का दावा- वायरल होने के बाद बढ़े ऑफर्स लिजलाज ने दावा किया कि इस घटना के बाद उन्हें कई काम के ऑफर्स मिले हैं, लेकिन वह फिलहाल सोच-समझकर फैसला लेना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि वह म्यूजिक और व्लॉगिंग को लेकर सीरियस हैं और भारत में मौके मिलने पर फिर से आने पर विचार कर सकती हैं। फोटोग्राफर ने स्क्रीनशॉट शेयर किए थे बता दें कि लिजलाज की फोटो क्लिक करने वाले फोटोग्राफर अद्वैत वैद्य ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए दावा किया कि विराट के आधिकारिक अकाउंट से लिजलाज की एक पुरानी फोटो को लाइक किया गया। अद्वैत ने कैप्शन में लिखा, ‘इस पर कैसे रिएक्ट करें… जब GOAT विराट कोहली, आपकी पोस्ट लाइक कर दें। मैं और लिजलाज अभी भी अपनी आंखें मलकर देख रहे हैं कि ये सच में हो रहा है या नहीं… हाहा… धन्यवाद GOAT।’ विराट लिजलाज के पसंदीदा क्रिकेटर हैं लिजलाज एक जर्मन-दक्षिण अफ्रीकी मॉडल, व्लॉगर और इन्फ्लुएंसर हैं, जो भारत में अपने ट्रैवल कंटेंट (जैसे “समोसा समोसा” वीडियो) के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने फिल्मीमंत्रा को दिए इंटरव्यू में बताया था कि विराट कोहली उनके पसंदीदा क्रिकेटर हैं। सोशल मीडिया पर जैसे ही विराट कोहली के लाइक वाला स्क्रीनशॉट वायरल हुआ, तो कई यूजर्स ने इस पर रिएक्शन दिए। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि कोहली ने सच में इसे लाइक किया था या फिर यह किसी एल्गोरिदम की गलती है। विराट ने अवनीत की फोटो लाइक की थी गौरतलब है कि पिछले साल मई 2025 में विराट कोहली ने एक्ट्रेस अवनीत कौर की एक फोटो को लाइक किया था। जिसको लेकर कोहली ने सफाई देते हुए कहा था, ‘मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि फीड क्लियर करते समय ऐसा लगता है कि एल्गोरिदम ने गलती से कोई इंटरैक्शन रजिस्टर कर लिया है। इसके पीछे मेरा कोई इरादा नहीं था। मैं आपसे निवेदन करता हूं कि कृपया बेवजह कोई भी बातें नहीं बनाएं। समझने के लिए धन्यवाद।’
कटनी में भीषण गर्मी, स्कूल का समय बदला:अब सुबह 7:30 बजे से लगेंगे स्कूील, दोपहर 12:30 पर होगी छुट्टी

कटनी में भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। कलेक्टर आशीष तिवारी ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिले के सभी शिक्षण संस्थानों के समय में तत्काल प्रभाव से परिवर्तन के निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, जिले के सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त और सीबीएसई स्कूलों का नया समय प्रातः 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। यह व्यवस्था कक्षा नर्सरी से लेकर 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों पर लागू होगी। हालांकि, शैक्षणिक स्टाफ के लिए समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को विद्यालय में निर्धारित समय तक उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। इसके पीछे प्रशासनिक कार्यों और आगामी सत्र की तैयारियों को सुचारू रूप से जारी रखने का उद्देश्य है। वर्तमान में चल रही बोर्ड या स्थानीय स्तर की परीक्षाएं अपने पूर्व निर्धारित समय सारणी के अनुसार ही आयोजित होंगी। उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य भी तय समय पर जारी रहेगा। यह व्यवस्था 30 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद मौसम की स्थिति की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। कलेक्टर ने सभी स्कूल प्रबंधकों और संचालकों को आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं, उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। कलेक्टर आशीष तिवारी ने कहा, “विद्यार्थियों का स्वास्थ्य हमारी पहली प्राथमिकता है। बढ़ते तापमान के कारण बच्चों को लू लगने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए स्कूल के समय में कटौती की गई है ताकि वे दोपहर की कड़ी धूप से पहले सुरक्षित घर पहुंच सकें।”
डोहर समाज ने दी बौद्ध धर्म अपनाने की धमकी:कुलदेवी मंदिर मार्ग पर अतिक्रमण का किया विरोध, कहा- श्रद्धालुओं को पूजा करने से रोका गया

सीहोर जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर 14 स्थित डोहर मोहल्ले में देर रात उस समय विवाद बढ़ गया जब कुलदेवी मंदिर के रास्ते पर अतिक्रमण की शिकायत को लेकर डोहर समाज के लोग बड़ी संख्या में कोतवाली थाने पहुंचे और मंदिर में आने-जाने में हो रही परेशानी को लेकर कार्रवाई की मांग की। मंदिर के रास्ते पर अतिक्रमण से बढ़ा विवाद समाज के लोगों का कहना है कि मंदिर के प्रवेश द्वार के पास इतना सामान और निर्माण सामग्री डाल दी गई थी कि रास्ता लगभग बंद हो गया था। इससे श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। पूजा-अर्चना में आई बाधा, श्रद्धालुओं को रोका गया डोहर समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस समय विवाह समारोहों का सीजन चल रहा है, जिसमें ‘माता पूजन’ के लिए बड़ी संख्या में लोग मंदिर जाते हैं लेकिन रास्ता बंद होने के कारण कई श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश करने से रोका गया। आरोप यह भी लगाया गया कि कुछ लोगों ने जानबूझकर रास्ता रोककर पूजा में बाधा डालने की कोशिश की। बड़ी संख्या में लोग पहुंचे कोतवाली थाना मामले को लेकर समाज के लोग देर रात कोतवाली थाने पहुंचे और सामूहिक रूप से शिकायत दर्ज कराई। लोगों ने पुलिस से मांग की कि जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाकर मंदिर का रास्ता साफ कराया जाए ताकि धार्मिक गतिविधियां बिना किसी रुकावट के जारी रह सकें। समाज ने दी सख्त चेतावनी डोहर समाज के लोगों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से बड़ा निर्णय लेने को मजबूर होंगे। उन्होंने साफ कहा कि यदि मंदिर को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया तो पूरा समाज बौद्ध धर्म अपनाने का निर्णय ले सकता है और वहां बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। पुलिस ने शुरू की जांच और समन्वय की बात कोतवाली पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राजस्व विभाग के साथ मिलकर सीमांकन किया जाएगा और यह स्पष्ट किया जाएगा कि अतिक्रमण किस हद तक हुआ है। साथ ही, शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों से बातचीत भी की जाएगी। मौके पर पहुंची पुलिस, तुरंत हटवाई गिट्टी सीएसपी अभिनंदना शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि डोहर मोहल्ला गंज में ऋतिक और राकेश राठौड़ द्वारा अपने मकान के सामने निर्माण कार्य के लिए गिट्टी डलवाई गई थी, जिससे रास्ता बाधित हो गया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और रास्ते में पड़ी गिट्टी को हटवा दिया गया। विरोध के बाद प्रशासन हरकत में आया मोहल्ले के लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन और लिखित आवेदन दिए जाने के बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई की। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर कदम नहीं उठाया जाता तो मामला और ज्यादा बिगड़ सकता था। सीएसपी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है और मंदिर तक जाने वाला रास्ता साफ कर दिया गया है। पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है ताकि दोबारा ऐसी स्थिति न बने और क्षेत्र में शांति बनी रहे।
दतिया में महिला को 10 साल की सजा:झूठा रेप और SC/ST केस दर्ज कराने पर कोर्ट ने सुनाया फैसला

दतिया में झूठे रेप और एससी/एसटी एक्ट के मामले में कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए महिला को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। अति. सत्र न्यायाधीश राजेश भंडारी की अदालत ने वैभवी सनोरिया को दोषी ठहराते हुए दस हजार पांच सौ रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया। मामला बड़ोनी थाना क्षेत्र का है। वैभवी सनोरिया ने 22 सितंबर 2021 की रात अपने पड़ोसी कालीचरण पर घर में घुसकर दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इस पर पुलिस ने दुष्कर्म एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर चालान विशेष न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान मामले ने मोड़ ले लिया। फरियादिया ने अदालत में अपने ही आरोपों से पलटते हुए बताया कि रुपयों के लेनदेन के विवाद में उसने कालीचरण के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया था। इसके बाद विशेष न्यायालय ने कालीचरण को दोषमुक्त करते हुए वैभवी के खिलाफ झूठा प्रकरण दर्ज कराने की कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस प्रकरण में सुनवाई के दौरान पांच गवाहों के बयान हुए और अंतिम बहस के बाद अदालत ने वैभवी को दोषी करार दिया। फैसले में अदालत ने टिप्पणी की कि, इस तरह के झूठे मामलों की बढ़ती प्रवृत्ति न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करती है और समाज में न्याय व्यवस्था को लेकर नकारात्मक धारणा पैदा करती है। ऐसे मामलों पर रोक लगाना आवश्यक है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘भाजपा के निशाने पर रहे सीआरपीएफ के जवान’, बंगाल में वोट से पहले टीएमसी ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को लिखा पत्र

युवा कांग्रेस नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा कि चुनाव आयोग द्वारा जारी ‘फोर्स डिप्लॉयमेंट इन इलेक्शन्स मैनुअल, 2023’, साहित्य अधिनियम, 1951 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 का उल्लंघन किया गया है। पत्र में लिखा है कि फेसबुक पर एक वीडियो के आधार पर यह याचिका प्रसारित की गई है। इस वीडियो में कुछ नागरिक दावे सामने आ रहे हैं कि कथित तौर पर अपराधी के संबंध में कथित तौर पर भाजपा के समर्थकों के साथ घूम रहे थे, भाजपा के समर्थन में थे और जिले को भाजपा के पक्ष में वोट देने के लिए प्रेरित कर रहे थे। इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि इस तरह के डायनासोर की दुकान में डार का जन्म होता है और स्वतंत्र मतदान के अधिकार को प्रभावित किया जाता है। सेंट्रल काउंसिल ऑफ स्टाफ अनिवार्य: टीएमसी जर्नलिस्ट ने यह भी कहा है कि सेंट्रल इलेक्शन ड्यूटी के दौरान किसी भी पुलिस बल के सदस्य को पद से हटा दिया जाना अनिवार्य है और इस तरह का व्यवहार चुनाव आयोग के वोटों के लिए प्रेरित नहीं किया जा सकता है। मुख्य अधिकारी अधिकारी से टीएमसी की मांग एसोसिएटेड बिल्डर्स को कारण बताते हुए नोटिस जारी किया जाएगा। उनके अभिलेखों के विरुद्ध निर्देश नीचे दिए गए हैं। पश्चिम बंगाल में सभी सेनाओं के कार्यकर्ताओं और चुनाव आयोगों के सिद्धांतों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: 2344 प्रतिशत किसकी बढ़ी संपत्ति? बंगाल चुनाव के रिकॉर्ड की महिमा के आंकड़े, जानें पूर्वजों के पास कितने पैसे (टैग्सटूट्रांसलेट)डब्ल्यूबी चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)टीएमसी ने सीआरपीएफ पर आरोप लगाया(टी)डेरेक ओ
हिमाचल में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति पर विवाद:विप्लव बोलीं- जल्दबाजी में शिमला बैठकर फैसला, 71 प्रेसिडेंट में एक भी महिला नहीं

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस संगठन में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को लेकर नई बहस छिड़ गई है। दरअसल, कांग्रेस ने 71 ब्लॉक में अध्यक्षों की नियुक्ति की है। इनमें में एक भी महिला को जगह नहीं मिली, जबकि राज्य में महिलाओं की आबादी लगभग 50 प्रतिशत है। वहीं अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की आबादी करीब 25-27 प्रतिशत है, इस वर्ग से 17 ब्लॉक अध्यक्ष (लगभग 24%) तैनात किए गए, जबकि 5-6 प्रतिशत आबादी वाले अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से 8 अध्यक्ष (लगभग 11%) लगाए गए। ऐसे में बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या कांग्रेस संगठन में एक भी महिला ऐसी नहीं थी, जिसे नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी जा सके, या फिर यह सीधी अनदेखी का मामला है। विधायकों की सिफारिश पर नियुक्तियां: विप्लव ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद संगठन के भीतर ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष विप्लव ठाकुर ने कहा कि अध्यक्ष बनाने का फैसला जल्दबाजी में लिया गया और इनकी तैनाती से पहले संगठन को मजबूत करने के पहलुओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि ये नियुक्तियां विधायकों और बड़े नेताओं की सिफारिश पर की गई हैं, जिससे जमीनी स्तर का संतुलन प्रभावित हुआ है। प्रदेश प्रभारी की कार्यशैली पर उठाए सवाल विप्लव ठाकुर ने प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रभारी केवल शिमला में बैठक कर लौट जाती हैं, जबकि प्रदेश के 11 अन्य जिलों में जाकर जमीनी फीडबैक लेना चाहिए। उनका कहना है कि शिमला में केवल पहुंच वाले लोग ही अपनी बात रख पाते हैं, जिससे वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पाती। विप्लव ठाकुर की तरह अन्य महिला नेत्रियों ने भी नाम न छापने की शर्त पर सवाल उठाए और कहा कि यह सूची प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल की मंजूरी से जारी की गई है। उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए था। आशा कुमारी बोलीं- महिला कांग्रेस में मिलेगा स्थान वहीं, पूर्व मंत्री आशा कुमारी ने कहा कि भले ही महिलाओं को ब्लॉक अध्यक्ष नहीं बनाया गया, लेकिन उन्हें महिला कांग्रेस कमेटी में प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। 33% आरक्षण की चर्चा के बीच बढ़ी बहस कांग्रेस संगठन में इसे लेकर असंतोष है। प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व पर भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि यह नियुक्तियां ऐसे समय में हुई हैं, जब राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं को राजनीति में आगे लाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने को लेकर चर्चा हो रही है। पंचायतों में 52 फीसदी से ज्यादा महिलाएं जीतकर आती है हिमाचल की पंचायतों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण है। इस वजह से पंचयातों में लगभग 52 फीसदी से अधिक महिलाएं चुनाव जीतकर आती है क्योंकि कुछ महिलाएं एससी, कुछ एसटी, कुछ ओबीसी कोटे तो कई ओपन सीट से भी चुनाव जीतकर आती है। इसी तरह, मौजूदा विधानसभा में भी कांग्रेस की दो महिला विधायक है।








