सरपंच पति पर हमला करने वाले तीन आरोपी पकड़ाए:शादी विवाद में रॉड से किया था वार , 6 बदमाश अभी भी फरार

बालाघाट जिले के हट्टा थाना क्षेत्र में सरपंच पति आतिश लिल्हारे पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने 10 दिन बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना 7 अप्रैल को कोहकाडीबर गांव में एक शादी समारोह के दौरान हुई थी। जानकारी के अनुसार, शादी समारोह में विवाद के बाद नौ लोगों ने मिलकर आतिश लिल्हारे पर हमला कर दिया था। हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनका इलाज गोंदिया अस्पताल में चल रहा है। तीन आरोपी गिरफ्तार, हथियार भी बरामद पुलिस ने कोहकाडीबर निवासी महेश पिछोडे, राजेन्द्र मस्करे और सीताराम जामरे को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लोहे की रॉड और अन्य हमला करने में इस्तेमाल किए गए हथियार भी जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। छह आरोपी अभी भी फरार मामले में चिमनलाल बिरनवार, राजू बिरनवार, गुड्डु बिरनवार, शैलेन्द्र मसकरे, सीताराम मसकरे और योगेश बिसेन अभी फरार हैं। थाना प्रभारी अविनाश राठौर ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
हिमाचल के जोड़ीदार भाईयों के घर हुई बेटी, कौन हैं असली पापा? कैसे चलेगा पता? बहस पर डॉक्टर ने दिया जवाब

Jodidara sirmauri bhai: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई गांव में दो भाईयों की एक ही महिला से हुई शादी एक बार फिर चर्चा में है. जुलाई 2025 में शादी के बाद जोड़ीदार भाई कपिल और प्रदीप की पत्नी सुनीता ने शादी के 10 महीने बाद एक प्यारी नन्ही परी को जन्म दिया है. सोशल मीडिया पर काफी वायरल जोड़ीदार भाईयों को लगातार बधाईयां मिल रही हैं. हालांकि कुछ लोग सिरमौरी जोड़ीदार भाइयों से यह भी पूछ रहे हैं कि परंपरा के अनुसार दो भाईयों की एक पत्नी से शादी तो ठीक है लेकिन बच्ची का असली पिता कौन है और उसके बर्थ सर्टिफिकेट पर किस पिता का नाम दर्ज होगा? सोशल मीडिया पर लोगों का यह सवाल इसलिए भी जायज है क्योंकि इस बच्ची के सामाजिक रूप से दो पिता हैं लेकिन जैविक रूप से तो कोई एक ही पिता होगा, ऐसे में जन्म प्रमाणपत्र से लेकर अन्य दस्तावेजों पर किस पिता नाम लिखा जाएगा? और यह कैसे पता चलेगा कि वास्तव में वही उसके जैविक पिता हैं? इस बारे में News18hindi ने एम्स नई दिल्ली की पूर्व एचओडी और फॉर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट में गायनेकोलॉजी एंड ऑब्स्टेट्रिक्स में डायरेक्टर डॉ. सुनीता मित्तल से बात की तो उन्होंने इस बारे में कई बातें बताईं. डॉ. सुनीता ने कहा कि उस बच्चे के पिता नाम क्या होगा, यह तो उस गांव की प्रथा के अनुसार जो नियम होगा, वहीं से तय होगा. अभी तक इस प्रथा के अनुसार पैदा होने वाले बच्चों के पिता का नाम कैसे तय किया जाता रहा है, यह उस पर निर्भर करेगा. हो सकता है कि वहां ऐसा हो कि घर के बड़े बेटे का नाम ही पिता के रूप में दस्तावेजों में दर्ज होगा, या कुछ और भी क्राइटेरिया हो सकता है. क्या कहती है मेडिकल साइंस डॉ. सुनीता कहती हैं, ‘हालांकि अगर मेडिकली बात करें तो बच्चे के जैविक पिता का पता डीएनए से ही चल सकता है. हालांकि डीएनए जांच भी तब होती है माता-पिता या बच्चे बड़े हो जाएं और उनकी ओर से मांग हो. अगर वे जैविक पिता का पता लगाने के बाद उस बच्चे का पिता कौन होगा, ये तय करेंगे तो उन्हें डीएनए जांच ही करानी होगी, हालांकि पुरानी प्रथा के संदर्भ में लगता नहीं है कि ऐसा कुछ होता होगा.’ यहां सबसे बड़ी बात है कि उस बच्ची के पिता भी सगे भाई हैं और एक ही पिता के बेटे हैं. ऐसे में उनका भी डीएनए बहुत अलग नहीं होगा, लेकिन फिर भी जांच में तो उनमें भी अंतर का पता लगाया जा सकता है. ‘डीएनए जांच के तहत मानव शरीर में 46 क्रोमोजोम होते हैं, जिनमें एक-एक क्रोमोजोर में कम से कम 1000 डीएनए होते हैं, ऐसे में अगर बच्ची और पिताओं की जांच होती है तो आराम से उनमें संबंध मिल सकता है. हालांकि इस केस में ऐसी जरूरत दिखाई नहीं दे रही.’ कुछ मामलों में ब्लड ग्रुप से भी बच्चे और पिता के बारे में अनुमान लगाया जा सकता है, लेकिन वह पूरी तरह सटीक नहीं होता. आमतौर पर बच्चों का ब्लड ग्रुप माता-पिता से मिलता है, लेकिन वह माता-पिता के भाई-बहनों से भी मैच कर सकता है. क्या पैदा होते ही बच्ची का हो सकता है डीएनए टेस्ट नहीं नवजात बच्चों का डीएनए टेस्ट अवॉइड किया जाता है, क्योंकि 15 दिन या तीन हफ्ते से पहले तक बच्चे के डीएनए का रिजल्ट पूरी तरह ठीक न आने की कुछ संभावना होती है. हालांकि बच्चे के 3 महीने का होते ही यह जांच हो सकती है. क्या है यह प्रथा बता दें कि कपिल नेगी और प्रदीप नेगी हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई गांव के रहने वाले है. दोनों किसान परिवार से हैं. प्रदीप हिमाचल में ही सरकारी नौकरी में हैं तो कपिल विदेश (बहरीन) में नौकरी कर रहे हैं. कपिल शादी के बाद से बहरीन में ही हैं. दोंनों भाइयों की एक ही महिला से शादी काफी सुर्खियों में आई थी. इन दोनों ने कुनहाट गांव की रहने वाली सुनीता चौहान से शादी की थी. दोनों भाइयों ने हाटी समुदाय की बहुपति (पॉलीएंड्री) परंपरा के तहत शादी की. इस परंपरा के तहत एक ही युवती एक परिवार के दो या उससे अधिक भाइयों को साझा रूप से पति मानती है. बहुपति और बहु-पत्नी प्रथा के पीछे तर्क दिया जाता हैं कि यह परंपरा संपत्ति के विभाजन को रोकने, संयुक्त परिवार को बनाए रखने और भाईयों के बीच आपसी प्रेम और विश्वास को बढ़ाने के लिए अपनाई जाती है.
युवक का सेप्टिक टैंक में 9 टुकड़ों में मिला शव:6 दिन से लापता था, स्थानीय निवासियों ने बड़े भाई पर मर्डर का जताया शव

मंडला के अंजनिया चौकी क्षेत्र में शुक्रवार को एक युवक का शव घर के सेप्टिक टैंक से 9 टुकड़ों में बरामद किया गया है। मृतक की पहचान करियागांव निवासी आशीष साहू के रूप में हुई है। वह 6 दिन पहले यानी 11 अप्रैल से लापता था। खोजबीन के बाद परिजनों ने 15 अप्रैल को अंजनिया चौकी में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सेप्टिक टैंक से बदबू आने पर हुआ खुलासा जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को मृतक के पिता मुन्ना लाल साहू ने पुलिस को सूचना दी कि घर के सेप्टिक टैंक से तेज बदबू आ रही है। पुलिस मौके पर पहुंची और टैंक की जांच की, तो अंदर कपड़े में लिपटे शव के टुकड़े मिले। बाद में मुन्ना लाल ने शव की पहचान अपने बेटे आशीष के रूप में की। घटना की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी शिवकुमार वर्मा भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए अंजनिया भेजा गया है। मृतक के बड़े भाई पर हत्या का शक इस मामले में मृतक के बड़े भाई घनश्याम साहू पर शक जताया जा रहा है। पिता और स्थानीय लोगों ने भी उसी पर संदेह व्यक्त किया है। फिलहाल पुलिस घनश्याम से गहन पूछताछ कर रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों भाई अलग-अलग काम करते थे। आशीष ने कुछ समय पहले ट्रैक्टर खरीदा था और उसी से रोजगार चला रहा था, जबकि घनश्याम मंडला की एक फैक्ट्री में काम करता है। दोनों की मां भी 2019 से लापता बताई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
‘वह बचपन के आघात से गुजर रहे हैं’: राहुल गांधी की ‘जादू’ टिप्पणी पर कंगना रनौत की प्रतिक्रिया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:17 अप्रैल, 2026, 16:54 IST बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने पीएम मोदी पर ‘जादूगर’ वाले बयान पर राहुल गांधी को सिरदर्द बताया. बाएं: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी; दाएं: बीजेपी सांसद कंगना रनौत भाजपा सांसद कंगना रनौत ने शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की संसद में ”जादू” वाली टिप्पणी पर उन पर कटाक्ष किया और इसे ”सिरदर्द” बताया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कांग्रेस नेता बचपन में देखे गए जादू के शो के कारण बचपन के आघात से गुजर रहे हैं। पत्रकारों से बात करते हुए, रानौत ने कहा, “उन्हें सुनना बहुत सिरदर्द था। वह अपने बचपन के दुखों और बचपन में देखे गए जादू के शो से गुजर रहे हैं। यह एक उपद्रव था। अध्यक्ष ने उन्हें रुकने के लिए भी कहा। उन्होंने संसद का मजाक बनाया है।” #घड़ी | दिल्ली: लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत का कहना है, “उन्हें सुनना बहुत सिरदर्द था। वह अपने बचपन के दुखों और जादू के शो से गुजर रहे हैं जो उन्होंने बचपन में देखा था। यह एक उपद्रव था। सभापति ने उन्हें रुकने के लिए भी कहा। उन्होंने… pic.twitter.com/XDNyBBIyv9– एएनआई (@ANI) 17 अप्रैल 2026 राहुल गांधी ने क्या कहा? महिला आरक्षण विधेयक पर बहस के दौरान लोकसभा को संबोधित करते हुए, गांधी ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को “जादूगर” कहा, इस टिप्पणी से निचले सदन में हंगामा शुरू हो गया। गांधी ने कहा, “आप (भाजपा) जो कर रहे हैं, क्योंकि आप देश की राजनीति में जो हो रहा है उससे डरे हुए हैं, आप अपनी ताकत के क्षरण से डरे हुए हैं, और आप भारतीय राजनीतिक मानचित्र को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। आपने असम, जम्मू-कश्मीर में ऐसा किया और अब कल्पना कर रहे हैं कि आप इसे भारत में भी कर सकते हैं। आपको ऐसा करने के लिए एक संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता है।” उन्होंने कहा, “सच्चाई यह है कि जादूगर पकड़ा गया है। बालाकोट का जादूगर, नोटबंदी का जादूगर, सिन्दूर का जादूगर अचानक पकड़ा गया है। हर कोई जानता है कि हमारे दोस्त, जादूगर और व्यापारी के बीच साझेदारी है।” राहुल गांधी की ‘जादू’ वाली टिप्पणी पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गांधी की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री के लिए गलत भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे और बालाकोट हमलों और ऑपरेशन सिन्दूर का संदर्भ देकर देश और सेना को बदनाम कर रहे थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हस्तक्षेप करते हुए कहा, “विपक्ष के नेता द्वारा इस देश के प्रधान मंत्री के बारे में जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरा मानना है कि इसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है।” उन्होंने कहा, “उन्हें बार-बार ‘जादूगर’ कहना वास्तव में देश के लोगों का अपमान है। मैं आपसे अनुरोध करना चाहता हूं कि उन्होंने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया है, उन्हें कार्यवाही से हटा दिया जाए। राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 17 अप्रैल, 2026, 16:54 IST समाचार राजनीति ‘वह बचपन के आघात से गुजर रहे हैं’: कंगना रनौत ने राहुल गांधी की ‘जादू’ टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राहुल गांधी जादूगर टिप्पणी(टी)कंगना रनौत बीजेपी सांसद(टी)राहुल गांधी जादू टिप्पणी(टी)लोकसभा बहस(टी)महिला आरक्षण विधेयक(टी)मोदी जादूगर संदर्भ(टी)भाजपा प्रतिक्रिया राहुल गांधी(टी)बालाकोट स्ट्राइक टिप्पणी
‘साइलेंट किलर’ बन रहा डेस्क जॉब, डॉक्टर ने बताया दिल पर भारी पड़ सकता है कॉर्पोरेट स्ट्रेस, बिना देरी ऐसे करें बचाव

Last Updated:April 17, 2026, 16:04 IST Work Stress And Heart Health: काम हमेशा रहेगा, डेडलाइन्स भी आती-जाती रहेंगी. लेकिन सेहत इतनी आसानी से वापस नहीं आती. यदि आप डेस्क जॉब करते हैं, तो वेक-अप कॉल का इंतजार न करें. वर्क स्ट्रेस आपके दिल पर भारी न पड़े इसके लिए डॉक्टर के सुझाव को आप यहां जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट आजकल हम में से ज्यादातर लोगों का दिन एक ही तरह से गुजरता है, डेस्क पर बैठकर काम करना, ईमेल, कॉल्स और डेडलाइन्स के बीच समय बिताना. यह सब सामान्य लगता है क्योंकि हमारे आसपास हर कोई ऐसा ही कर रहा होता है. लेकिन जो बात अक्सर नजरअंदाज हो जाती है, वह यह है कि यह दिनचर्या धीरे-धीरे हमारे दिल पर असर डालती है. ऐसे में डॉ. संजय ढल, सीनियर डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, शालीमार बाग बताते हैं कि समस्या सिर्फ तनाव या सिर्फ लंबे समय तक बैठना नहीं है, बल्कि इन दोनों का मेल है. अगर डेस्क जॉब की बात करें, तो लंबे समय तक बैठना अब लगभग हर कॉर्पोरेट नौकरी का हिस्सा बन चुका है. एक बार काम शुरू किया और पता ही नहीं चलता कि 8–10 घंटे कब निकल गए. इस दौरान शरीर की मूवमेंट बहुत कम हो जाती है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन धीमा पड़ता है और कैलोरी बर्न भी कम होती है. धीरे-धीरे यह वजन बढ़ने, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है. काम से स्ट्रेस और फिर हार्ट प्रॉब्लमडॉक्टर बताते हैं कि काम का दबाव हमेशा दिखने वाला नहीं होता. कई बार यह सिर्फ लगातार टारगेट्स, मैसेज का जवाब देना या हर समय ‘ऑन’ रहने की भावना होती है. यहां तक कि जब आप काम नहीं कर रहे होते, तब भी दिमाग काम करता रहता है. यह लगातार तनाव शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ाता है, जो लंबे समय में दिल की सेहत पर असर डालता है और ब्लड प्रेशर व हार्ट रेट को बढ़ा देता है. स्ट्रेस से लाइफस्टाइल में बदलावतनाव हमारी आदतों को भी बदल देता है. हम समय पर खाना नहीं खाते या जो भी जल्दी मिल जाए वही खा लेते हैं. चाय और कॉफी की मात्रा बढ़ जाती है. नींद पूरी नहीं हो पाती, और शारीरिक गतिविधि लगभग खत्म हो जाती है. ये सभी चीजें धीरे-धीरे जुड़ती जाती हैं और यही इसे खतरनाक बनाती हैं. संकेतों को न करें नजरअंदाजबार-बार थकान महसूस होना, सिरदर्द, हल्का सीने में दर्द या थोड़ी सी गतिविधि में सांस फूलना जैसे शुरुआती लक्षणों को पहचानना जरूरी है. लेकिन अक्सर लोग इन्हें “सिर्फ काम का तनाव” समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. जबकि ये शरीर के चेतावनी संकेत हो सकते हैं. बचाव मुमकिन है!डॉक्टर ने कहा कि अच्छी बात यह है कि इस स्थिति को काफी हद तक रोका जा सकता है. इसके लिए बड़े बदलाव की जरूरत नहीं है. छोटे-छोटे कदम भी काफी असरदार होते हैं. जैसे हर घंटे कुछ मिनट के लिए उठकर चलना, कॉल्स के दौरान खड़े होकर बात करना या दिन में 20–30 मिनट कोई भी शारीरिक गतिविधि करना जैसे वॉक या एक्सरसाइज दिल के लिए बहुत फायदेमंद है. तनाव को कम करने के लिए लंबी मेडिटेशन जरूरी नहीं है. दिन में छोटे-छोटे ब्रेक लेना, स्क्रीन से दूर रहना या कुछ मिनट गहरी सांस लेना भी काफी मदद करता है. इन बातों का भी रखें ध्यानखान-पान में भी संतुलन जरूरी है. जंक फूड कम करें और हेल्दी खाना बढ़ाएं. साथ ही, पानी पीते रहें और ज्यादा कैफीन लेने से बचें. रेगुलर हेल्थ चेक-अप कराएं. समय-समय पर ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच करवाना समस्याओं को शुरुआती दौर में पकड़ने में मदद करता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 17, 2026, 16:04 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
‘जादूगर पकड़ा गया’: पीएम मोदी पर राहुल गांधी का तंज, लोकसभा में हंगामा | भारत समाचार

आखरी अपडेट:17 अप्रैल, 2026, 15:43 IST महिला कोटा विधेयक पर बहस को संबोधित करते हुए, राहुल गांधी ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को “जादूगर” कहा, जिससे भाजपा सांसदों का विरोध शुरू हो गया। राहुल गांधी की फाइल फोटो. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को निचले सदन में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को “जादूगर” कहकर व्यंग्यात्मक संदर्भ दिया, जिससे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विरोध जताया। महिला कोटा विधेयक पर बहस को संबोधित करते हुए गांधी ने भाजपा पर देश का चुनावी नक्शा दोबारा तैयार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “आप (भाजपा) जो कर रहे हैं, क्योंकि आप देश की राजनीति में जो हो रहा है उससे डरे हुए हैं, आप अपनी ताकत के क्षरण से डरे हुए हैं, और आप भारतीय राजनीतिक मानचित्र को फिर से बनाने की कोशिश कर रहे हैं। आपने असम, जम्मू-कश्मीर में ऐसा किया और अब कल्पना कर रहे हैं कि आप इसे भारत में भी कर सकते हैं। आपको ऐसा करने के लिए एक संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता है।” यहां लाइव अपडेट्स फॉलो करें गांधी ने कहा कि भाजपा जानती थी कि विधेयक सदन में पारित नहीं होगा और वह घबरा रही है। उन्होंने कहा, “सच्चाई यह है कि जादूगर पकड़ा गया है। बालाकोट का जादूगर, नोटबंदी का जादूगर, सिन्दूर का जादूगर अचानक पकड़ा गया है।” वीडियो | लोकसभा में बोलते हुए, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कहते हैं, “…यह महत्वपूर्ण है कि हर कोई इसे समझे। भाजपा जानती थी, वे बहुत स्पष्ट रूप से जानते थे कि यह विधेयक वास्तव में पारित नहीं किया जा सकता है। वे यह जानते थे। वे मूर्ख नहीं हैं। वे जानते थे कि हर विपक्षी व्यक्ति इसका विरोध करेगा। यह विधेयक… pic.twitter.com/v5A5nKcvNb– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 17 अप्रैल 2026 उन्होंने कहा, “हर कोई जानता है कि हमारे दोस्त, जादूगर और व्यवसायी के बीच एक साझेदारी है।” बीजेपी ने की राहुल गांधी से माफी की मांग राहुल गांधी की टिप्पणी पर बीजेपी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि गांधी प्रधानमंत्री के लिए गलत भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे और बालाकोट हमलों और ऑपरेशन सिन्दूर का संदर्भ देकर देश और सेना को बदनाम कर रहे थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से राहुल गांधी की टिप्पणी को हटाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, “विपक्ष के नेता इस देश के प्रधानमंत्री के बारे में जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरा मानना है कि इसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है।” सिंह ने कहा, “उन्हें बार-बार ‘जादूगर’ कहना वास्तव में देश के लोगों का अपमान है। मैं आपसे अनुरोध करना चाहता हूं कि उन्होंने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया है, उन्हें कार्यवाही से हटा दिया जाए। राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए।” और पढ़ें: ‘पीएम मोदी और मेरे बीच पत्नी का मुद्दा नहीं है’: महिला आरक्षण पर बहस के बीच राहुल गांधी ने लोकसभा में चुटकी ली स्पीकर बिड़ला ने यह भी कहा कि वह संसद में “ऐसे शब्दों” की अनुमति नहीं देंगे और गांधी को फटकार लगाई, और उन्हें मामले पर कायम रहने का निर्देश दिया। गांधी ने यह कहकर जवाब दिया कि भाजपा नेताओं के बीच “केंद्रीय भ्रम” था, लेकिन बाद में वे “जादूगर” शब्द का उपयोग नहीं करने पर सहमत हुए। उन्होंने आगे टिप्पणी की, “आप (भाजपा) भारत के लोग नहीं हैं, आप सशस्त्र बल नहीं हैं, आप एक राजनीतिक संगठन हैं। हम भारत के लोगों पर हमला नहीं कर रहे हैं, हम सशस्त्र बलों पर हमला नहीं कर रहे हैं, हम आप पर हमला कर रहे हैं। आप सशस्त्र बलों के पीछे छिपे हुए हैं।” गांधी की यह टिप्पणी महिला आरक्षण के कार्यान्वयन को परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने के सरकार के कदम के बीच आई है। उन्होंने तर्क दिया कि इस प्रस्ताव का उपयोग राज्यों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व को नया स्वरूप देने के लिए किया जा रहा है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 17 अप्रैल, 2026, 15:22 IST न्यूज़ इंडिया ‘जादूगर पकड़ा गया है’: पीएम मोदी पर राहुल गांधी का तंज, लोकसभा में हंगामा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राहुल गांधी लोकसभा भाषण(टी)राहुल गांधी(टी)लोकसभा हंगामा(टी)मोदी जादूगर टिप्पणी(टी)बीजेपी विरोध(टी)महिला कोटा बिल बहस(टी)चुनावी मानचित्र फिर से बनाना(टी)संवैधानिक संशोधन भारत
कंगना ने कांग्रेस पर निशाना साधा:कहा- जब मुझे टिकट मिला, तब मेरे लिए इनके प्रवक्ता ने लिखा, मंडी में क्या भाव चल रहा है

बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने हाल ही में लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पर हमला बोला। कंगना ने कहा, ‘2024 में जब मुझे टिकट मिला, तब मेरी एक फोटो लगाकर और उसके नीचे कांग्रेस के प्रवक्ता ने लिखा- मंडी में क्या भाव चल रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘अध्यक्ष जी, मैं एक कलाकार हूं। मैंने रानी लक्ष्मीबाई जैसी योद्धा से लेकर गैंगस्टर में भटकी हुई लड़की, फैशन में ड्रग एडिक्ट, रज्जो में सेक्स वर्कर और थलाइवी में एक लीडर तक हर तरह के किरदार निभाए हैं, जिनके लिए मुझे राष्ट्रीय सम्मान भी मिले हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘एक कलाकार का धर्म होता है कि वह हर कला और किरदार में पूरी तरह ढल जाए। लेकिन इन्होंने मेरे फिल्मी किरदार और तस्वीर का इस्तेमाल करके नीचे लिखा, मंडी की लड़कियों के क्या भाव हैं।’ कंगना मंडी से सांसद हैं कंगना रनोट हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से 2024 से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद हैं। बता दें कि साल 2024 में 24 मार्च को कंगना को प्रत्याशी घोषित किए जाने के अगले दिन कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत के इंस्टाग्राम हैंडल से कंगना की तस्वीर के साथ लिखा गया था, ‘क्या भाव चल रहा है, मंडी में कोई बताएगा।’ सुप्रिया की पोस्ट के बाद कंगना ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए X पर लिखा था, ‘प्रिय सुप्रिया जी, एक कलाकार के रूप में मैंने अपने करियर के पिछले 20 साल में हर तरह की महिलाओं का किरदार निभाया। क्वीन में एक भोली-भाली लड़की से लेकर धाकड़ में जासूस तक, मणिकर्णिका में एक देवी से लेकर चंद्रमुखी में राक्षस तक।’ उन्होंने आगे लिखा था, ‘रज्जो में एक प्रॉस्टिट्यूट से लेकर थलाइवी में एक क्रांतिकारी नेता तक। हमें अपनी बेटियों को पूर्वाग्रहों के बंधनों से मुक्त करना चाहिए। हमें महिला के शरीर के अंगों के बारे में जिज्ञासा रखने से ऊपर उठना चाहिए। साथ ही हमें यौनकर्मियों के चुनौतीपूर्ण जीवन या परिस्थितियों को लेकर इस प्रकार के अपशब्दों के इस्तेमाल से बचना चाहिए। हर महिला अपनी गरिमा की हकदार है…।’ सुप्रिया ने सफाई दी थी वहीं, इस पोस्ट को लेकर सुप्रिया ने कहा था, ‘मेरे फेसबुक और इंस्टा के अकाउंट पर कई लोगों का एक्सेस है। इसमें से किसी व्यक्ति ने आज एक बेहद घृणित और आपत्तिजनक पोस्ट किया था। मुझे जैसे ही इसकी जानकारी हुई, मैंने वह पोस्ट हटा दिया। जो भी मुझे जानते हैं, वह यह अच्छी तरह से जानते हैं कि मैं किसी भी महिला के लिए व्यक्तिगत बात नहीं करती हूं।’ ‘मेरी जानकारी में आया है कि यह पोस्ट पहले एक पैरोडी अकाउंट (@Supriyaparody) पर चल रहा था। यहां से किसी ने यह पोस्ट उठाकर मेरे अकाउंट पर पोस्ट कर दिया। मैं ऐसा करने वाले की पहचान में लगी हूं। मेरे नाम का दुरुपयोग कर बनाए गए पैरोडी अकाउंट को भी X में रिपोर्ट किया है।’
‘पीएम मोदी और मेरे बीच पत्नी का मुद्दा नहीं है’: महिला आरक्षण पर बहस के बीच राहुल गांधी ने लोकसभा में चुटकी ली | भारत समाचार

आखरी अपडेट:17 अप्रैल, 2026, 14:57 IST महिला आरक्षण बिल को परिसीमन से जोड़ने पर बहस को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने उनके और पीएम मोदी के पत्नियां न होने का मजाक उड़ाया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को लोकसभा में। (संसद टीवी) परिसीमन विधेयक को महिला कोटा अधिनियम से जोड़ने पर विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष की बहस का नेतृत्व किया, जहां उन्होंने मजाक में कहा कि उनकी और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी दोनों की पत्नियां नहीं हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, “महिलाएं हमारी राष्ट्रीय कल्पना में, हमारे राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में एक केंद्रीय और प्रेरक शक्ति हैं। हम सभी, इस कमरे में मौजूद हर व्यक्ति, अपने जीवन में महिलाओं से बहुत कुछ प्रभावित हुआ है, सिखाया है और सीखा है, चाहे वह माताएं, बहनें और पत्नियां हों।” उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “बेशक, प्रधानमंत्री और मेरे बीच ‘पत्नी’ वाला मुद्दा नहीं है। इसलिए हमें वह इनपुट नहीं मिलता। इसके लिए हमारी मां और बहनें हैं।” “कल, मेरी बहन ने कुछ ऐसा हासिल किया जो मैं शायद अपने 20 साल के राजनीतिक करियर में नहीं कर पाया, वह था अमित शाह जी को मुस्कुराना।” दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी कहते हैं, “महिलाएं एक केंद्रीय शक्ति हैं, हमारी राष्ट्रीय कल्पना और हमारे राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में एक प्रेरक शक्ति हैं। हम सभी – इस कमरे में मौजूद हर एक व्यक्ति – ने अपने जीवन में महिलाओं से बहुत कुछ प्रभावित किया है, सिखाया है और सीखा है: माताएं,… pic.twitter.com/HBtu9g1bkZ– आईएएनएस (@ians_india) 17 अप्रैल 2026 हल्के-फुल्के क्षण के बाद, गांधी ने महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया, “यह महिला विधेयक नहीं है; इसका महिला सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है। यह चुनावी मानचित्र को बदलने का एक प्रयास है।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 17 अप्रैल, 2026, 14:51 IST न्यूज़ इंडिया ‘पीएम मोदी और मेरे बीच पत्नी का मुद्दा नहीं है’: महिला आरक्षण पर बहस के बीच राहुल गांधी ने लोकसभा में चुटकी ली अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राहुल गांधी लोकसभा भाषण(टी)राहुल गांधी टिप्पणी(टी)परिसीमन विवाद(टी)समाज में महिलाओं की भूमिका(टी)लोकसभा बहस(टी)विपक्षी नेता का भाषण(टी)नरेंद्र मोदी तुलना(टी)भारतीय राजनीति समाचार
प्रकाश राज के खिलाफ केस दर्ज कराया गया:एक्टर पर भगवान राम और रामायण का मजाक उड़ाने का आरोप लगा

एक्टर प्रकाश राज रामायण और भगवान को लेकर दिए बयान को लेकर विवादों में घिर गए और उनके खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर प्रकाश राज का केरल लिटरेचर फेस्टिवल (KLF) का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक्टर बच्चों द्वारा लिखी एक काल्पनिक रामायण की कहानी सुनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। राज ने कहा कि भगवान राम, लक्ष्मण और सीता दक्षिण की ओर जा रहे थे। रास्ते में जंगल देखकर लक्ष्मण ने खुशी जताई। इस पर राम ने कहा कि यह किसी का खेत है। लक्ष्मण ने पूछा कि वहां लगे फल खाए जा सकते हैं या नहीं। राम ने जवाब दिया कि भूख लगने पर फल खा सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब वे फल खाने लगे, तब शूर्पणखा और रावण वहां पहुंचे। शूर्पणखा ने इस पर आपत्ति जताई, लेकिन रावण ने कहा कि वे भूखे हैं, उन्हें खाने दिया जाए और बाद में बात की जाएगी। प्रकाश राज के मुताबिक, फल खाने के बाद राम ने लक्ष्मण से कहा कि कुछ आदिवासी आए हैं। इस पर रावण ने जवाब दिया कि वो मालिक हैं। इसके बाद बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा। कहानी में GST और छूट का जिक्र प्रकाश राज ने अपनी कहानी में GST का संदर्भ भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि राम ने फल खाने के बाद पैसे देने की बात कही। इस पर शूर्पणखा ने हिसाब लगाकर 2000 डॉलर GST सहित बताए। राम और लक्ष्मण ने कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं। इसके बाद रावण ने 20% छूट देने की बात कही, लेकिन तब भी उनके पास पैसे नहीं थे। इस पर रावण ने कहा कि अगर पैसे नहीं दे सकते तो काम करके इसकी भरपाई करें। उनसे कहा गया कि जो फल खाए हैं, उनके बीज लगाएं, पेड़ तैयार करें और फिर लौटें। वीडियो में प्रकाश राज ने आगे कहा कि रावण ने पूछा, ‘आपका नाम क्या है?’ इस पर जवाब मिला, ‘मैं नॉर्थ से राम हूं, और रावण ने कहा, ’मैं साउथ से रावण हूं, आपसे मिलकर अच्छा लगा।’ हिंदी भाषा और खान-पान पर टिप्पणी वीडियो प्रकाश राज ने नॉर्थ-साउथ मुद्दे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत से आने वाले लोग दक्षिण भारत में हिंदी थोपने की कोशिश न करें। साथ ही उन्होंने खान-पान को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि किसी को यह नहीं बताना चाहिए कि क्या खाना है। वकील ने दर्ज कराई शिकायत प्रकाश राज के इस बयान पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई है। वकील अमिता सचदेवा ने दिल्ली पुलिस के साउथ डिस्ट्रिक्ट साइबर सेल में एक्टर के खिलाफ बयान को लेकर शिकायत दर्ज कराई। सचदेवा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि उन्होंने भारतीय न्याय संहिता की धारा 299, 302, 196, 352 और 353 के तहत आईटी एक्ट के साथ शिकायत दर्ज की है। उन्होंने कहा कि केरल लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान प्रकाश राज ने भगवान श्रीराम और पवित्र रामायण का मजाक उड़ाया है। सचदेवा ने अपने पोस्ट में कहा कि वह इस मामले को गंभीरता से आगे बढ़ाएंगी और ऐसे मामलों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक भावनाओं के अपमान की एक सीमा होती है और इसे समझना जरूरी है।
प्रकाश राज के खिलाफ केस दर्ज कराया गया:एक्टर पर भगवान राम और रामायण का मजाक उड़ाने का आरोप लगा

एक्टर प्रकाश राज रामायण और भगवान को लेकर दिए बयान को लेकर विवादों में घिर गए और उनके खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर प्रकाश राज का केरल लिटरेचर फेस्टिवल (KLF) का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक्टर बच्चों द्वारा लिखी एक काल्पनिक रामायण की कहानी सुनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। राज ने कहा कि भगवान राम, लक्ष्मण और सीता दक्षिण की ओर जा रहे थे। रास्ते में जंगल देखकर लक्ष्मण ने खुशी जताई। इस पर राम ने कहा कि यह किसी का खेत है। लक्ष्मण ने पूछा कि वहां लगे फल खाए जा सकते हैं या नहीं। राम ने जवाब दिया कि भूख लगने पर फल खा सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब वे फल खाने लगे, तब शूर्पणखा और रावण वहां पहुंचे। शूर्पणखा ने इस पर आपत्ति जताई, लेकिन रावण ने कहा कि वे भूखे हैं, उन्हें खाने दिया जाए और बाद में बात की जाएगी। प्रकाश राज के मुताबिक, फल खाने के बाद राम ने लक्ष्मण से कहा कि कुछ आदिवासी आए हैं। इस पर रावण ने जवाब दिया कि वो मालिक हैं। इसके बाद बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा। कहानी में GST और छूट का जिक्र प्रकाश राज ने अपनी कहानी में GST का संदर्भ भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि राम ने फल खाने के बाद पैसे देने की बात कही। इस पर शूर्पणखा ने हिसाब लगाकर 2000 डॉलर GST सहित बताए। राम और लक्ष्मण ने कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं। इसके बाद रावण ने 20% छूट देने की बात कही, लेकिन तब भी उनके पास पैसे नहीं थे। इस पर रावण ने कहा कि अगर पैसे नहीं दे सकते तो काम करके इसकी भरपाई करें। उनसे कहा गया कि जो फल खाए हैं, उनके बीज लगाएं, पेड़ तैयार करें और फिर लौटें। वीडियो में प्रकाश राज ने आगे कहा कि रावण ने पूछा, ‘आपका नाम क्या है?’ इस पर जवाब मिला, ‘मैं नॉर्थ से राम हूं, और रावण ने कहा, ’मैं साउथ से रावण हूं, आपसे मिलकर अच्छा लगा।’ हिंदी भाषा और खान-पान पर टिप्पणी वीडियो प्रकाश राज ने नॉर्थ-साउथ मुद्दे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत से आने वाले लोग दक्षिण भारत में हिंदी थोपने की कोशिश न करें। साथ ही उन्होंने खान-पान को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि किसी को यह नहीं बताना चाहिए कि क्या खाना है। वकील ने दर्ज कराई शिकायत प्रकाश राज के इस बयान पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई है। वकील अमिता सचदेवा ने दिल्ली पुलिस के साउथ डिस्ट्रिक्ट साइबर सेल में एक्टर के खिलाफ बयान को लेकर शिकायत दर्ज कराई। सचदेवा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि उन्होंने भारतीय न्याय संहिता की धारा 299, 302, 196, 352 और 353 के तहत आईटी एक्ट के साथ शिकायत दर्ज की है। उन्होंने कहा कि केरल लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान प्रकाश राज ने भगवान श्रीराम और पवित्र रामायण का मजाक उड़ाया है। सचदेवा ने अपने पोस्ट में कहा कि वह इस मामले को गंभीरता से आगे बढ़ाएंगी और ऐसे मामलों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक भावनाओं के अपमान की एक सीमा होती है और इसे समझना जरूरी है।








