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कई मसालों पर भारी है यह अकेला पत्ता, खाने के बाद नहीं होती गर्मी और एसिडिटी

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Last Updated:April 12, 2026, 20:10 IST आज के दौर में जहां लोग मिलावटी मसालों और प्रोसेस्ड फूड के कारण बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, वहां ऑल स्पाइस जैसे प्राकृतिक विकल्प की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है. यह पौधा न केवल गृहिणियों के लिए रसोई के बजट को संतुलित करने में सहायक है, बल्कि यह शरीर को भारी मसालों की गर्मी और एसिडिटी से भी बचाता है. सीतामढ़ी: ऑल स्पाइस एक ऐसा मसाला पौधा है जो अपनी बहुमुखी सुगंध और औषधीय गुणों के लिए तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इस पौधे की सबसे बड़ी विशेषता इसके नाम में ही है. इसमें लौंग, दालचीनी और जायफल जैसे कई मसालों की मिली-जुली खुशबू आती है. रसोई में सब्जी बनाते समय यदि केवल इसके पत्तों का छौंक लगा दिया जाए तो किसी अन्य मसाले की जरूरत नहीं रहती. यह भोजन की महक और स्वाद बढ़ाने के साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है. यह उन लोगों के लिए भी बेहतरीन है जिन्हें खाने में ज्यादा मसाला पसंद नहीं होता. उनके लिए ऑल स्पाइस बेहतरीन मसाला साबित हो रहा है. हमने इस मसाले के बारे में उनसे जानकारी ली जो लंबे समय से इसका सेवन कर रहे हैं. सीतामढ़ी के भाग्यनारायण सिंह करीब 10 वर्षों से लगातार ऑल स्पाइस का सेवन कर रहे हैं. वह इसे अपने दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बना चुके हैं. उनके अनुसार, इस पौधे के इस्तेमाल से न केवल पाचन तंत्र बेहतर रहता है, बल्कि यह मसालों से होने वाले नुकसान से भी बचाता है. यह एक ही मसाला कई मसालों का स्वाद और महक दे देता है. भाग्यनारायण सिंह बताते हैं कि इसके नियमित उपयोग से सब्जी का स्वाद इतना बढ़िया हो जाता है कि बाजार के मिलावटी पिसे मसालों की कभी कमी महसूस ही नहीं होती. 10 साल का यह लंबा अनुभव बताता है कि यह पौधा टिकाऊ और स्वास्थ्यवर्धक है. तेजपत्ते की तरह करें इस्तेमालदेखने में यह पौधा काफी आकर्षक होता है और लगभग 7-8 फीट ऊंचा जाता है. इसकी पत्तियों का उपयोग ठीक उसी तरह किया जाता है जैसे भारतीय रसोई में तेजपत्ते का इस्तेमाल होता है. भाग्यनारायण सिंह ने बताया कि इसके पत्तों को सुखाकर या सीधे तोड़कर छौंक में डाला जा सकता है. दालचीनी के पौधे की तरह दिखने वाला यह पौधा घर के बगीचे में आसानी से लगाया जा सकता है. रिपोर्टर से बात करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसकी महक इतनी तेज और बेहतरीन है कि यह पूरे घर को अपनी खुशबू से भर देता है और भोजन को पौष्टिक बनाता है. स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का नया विकल्पआज के दौर में जहां लोग मिलावटी मसालों और प्रोसेस्ड फूड के कारण बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, वहां ऑल स्पाइस जैसे प्राकृतिक विकल्प की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है. यह पौधा न केवल गृहिणियों के लिए रसोई के बजट को संतुलित करने में सहायक है, बल्कि यह शरीर को भारी मसालों की गर्मी और एसिडिटी से भी बचाता है. यदि आप भी अपनी रसोई में स्वाद के साथ-साथ सेहत का तड़का लगाना चाहते हैं, तो आप भी भाग्यनारायण सिंह की तरह ऑल स्पाइस के पौधे को अपने बगीचे का हिस्सा बना सकते हैं. यह भविष्य की स्मार्ट कुकिंग की ओर एक बड़ा कदम है. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar First Published : April 12, 2026, 20:10 IST

खेलते-खेलते पानी के टैंक में गिरी मासूम की मौत:राजगढ़ में घर पर अकेली थी 4.5 साल की बच्ची; परिजन शादी में गए थे

खेलते-खेलते पानी के टैंक में गिरी मासूम की मौत:राजगढ़ में घर पर अकेली थी 4.5 साल की बच्ची; परिजन शादी में गए थे

राजगढ़ के देवझिरी गांव में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में साढ़े चार साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। बच्ची खेलते-खेलते घर के अंदर बने पानी के टैंक में गिर गई, जिससे उसकी जान चली गई। मृतक बच्ची की पहचान माहीरा (4.5 वर्ष) के रूप में हुई, जो अपने मामा बद्रीलाल गुर्जर के घर रह रही थी। पुलिस के अनुसार, घटना के समय परिजन एक शादी समारोह में गए हुए थे और बच्ची घर में अकेली खेल रही थी। इसी दौरान वह अनजाने में टैंक में गिर गई। परिजनों को घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत बच्ची को बाहर निकालकर जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

देवास में उपमुख्यमंत्री, अंबेडकर जयंती पर दिया समानता का संदेश:वंदे मातरम विवाद और ब्लैकमेलिंग-भ्रूण हत्या मामले पर बोले- दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी

देवास में उपमुख्यमंत्री, अंबेडकर जयंती पर दिया समानता का संदेश:वंदे मातरम विवाद और ब्लैकमेलिंग-भ्रूण हत्या मामले पर बोले- दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी

मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा रविवार को देवास पहुंचे। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित हितग्राही सम्मेलन में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि बाबा साहब का जन्म मध्यप्रदेश की धरती पर हुआ। उन्होंने बाबा साहब के योगदान को याद करते हुए समाज में समानता और न्याय के संदेश को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इस अवसर पर, उपमुख्यमंत्री ने इंदौर नगर निगम के सदन में वंदे मातरम गायन को लेकर हुए विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सभी को राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने इस घटना को गलत और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। देवास में सामने आए ब्लैकमेलिंग और कन्या भ्रूण हत्या से जुड़े वायरल वीडियो मामले पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून अपना काम करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने न्याय का आश्वासन देते हुए कहा कि गुनहगारों को बख्शा नहीं जाएगा।

अद्भुत है पेड़ों पर फलने वाली ‘जंगल जलेबी’, खाने से हड्डियां रहती हैं बुढ़ापे तक मजबूत, ये बड़े फायदे भी जान लें

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Last Updated:April 12, 2026, 18:38 IST jungle jalebi ke fayde: आप चीनी की चाशनी में डूबी जलेबी तो खूब खाते होंगे, लेकिन क्या जंगलों में पेड़ों पर फलने वाली जंगल जलेबी का स्वाद कभी चखा है? वैसे तो ये आसानी से नहीं मिलती है, लेकिन कहीं दिख जाए तो जरूर खरीद कर खाएं. स्वाद के साथ ही ये सेहत के लिए बेहद ही फायदेमंद होती है. इसके सेवन से इम्यूनिटी बूस्ट होती है. हड्डियां मजबूत होती हैं. जानिए, जंगल जलेबी में मौजूद पोषक तत्वों और इसके फायदों के बारे में यहां… जंगल जलेबी के फायदे. Jungle jalebi ke fayde: मीठी-मीठी मिठाई जलेबी तो आपने खूब खाई होगी. लेकिन पौष्टिक तत्वों से भरपूर पेड़ों पर फलने वाली जंगल जलेबी के बारे में शायद ही सुना हो. इस अनोखे फल का आयुर्वेद में खासा स्थान है. इसका स्वाद मीठे-खट्टे का मिश्रण है, जो सेहत के लिए किसी अमृत से कम नहीं है. आयरन, कैल्शियम, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर यह फल इम्युनिटी बढ़ाने, पाचन सुधारने और हड्डियों को मजबूत बनाने में खासा मददगार है. जंगल जलेबी का वैज्ञानिक नाम पीथेसेलोबियम डल्स है. इसे मनीला तमरिंद या मद्रास थॉर्न के नाम से भी जाना जाता है. यह एक मध्यम आकार का सदाबहार पेड़ है, जिसकी फलियां मुड़ी हुई और जलेबी की तरह दिखती हैं. पकने पर ये फलियां लाल या गुलाबी रंग की हो जाती हैं. अंदर सफेद गूदेदार पल्प होता है, जिसमें मीठा-खट्टा स्वाद होता है. एक फली में करीब 10 बीज होते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. यह फल पौष्टिक तत्वों का खजाना है. इसमें आयरन की अच्छी मात्रा होती है, जो एनीमिया से बचाता है और एनर्जी बढ़ाता है. कैल्शियम और फॉस्फोरस हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाते हैं. विटामिन सी से भरपूर होने के कारण यह इम्युनिटी बूस्ट करता है और संक्रमण से लड़ने में मदद करता है. एंटीऑक्सीडेंट्स (फ्लेवोनॉयड्स, पॉलीफेनॉल्स) शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करते हैं, सूजन घटाते हैं और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं. पाचन की दृष्टि से भी यह फल बेहद उपयोगी है. इसमें डाइटरी फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो कब्ज दूर करता है, आंतों को स्वस्थ रखता है और पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है. कई अध्ययनों में इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-माइक्रोबियल और ब्लड डायबिटीज नियंत्रित करने वाले गुण भी पाए गए हैं. पारंपरिक चिकित्सा में इसका इस्तेमाल पेट की समस्याओं, बुखार और त्वचा संबंधी परेशानियों में किया जाता है. इसके अलावा, कांटेदार होने के कारण यह पेड़ फेंसिंग और बाड़ के रूप में भी उपयोगी है. यह तेजी से बढ़ता है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में भी मदद करता है. गर्मियों में सड़क किनारे या बाजार में आसानी से उपलब्ध यह फल बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए फायदेमंद है. खास बात है कि इसे कच्चा खाया जा सकता है या जूस बनाकर पिया जा सकता है. हालांकि, ज्यादा मात्रा में सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 12, 2026, 18:38 IST

बहरी तहसील में भृत्य पर रिश्वतखोरी का आरोप:दो हजार नहीं देने पर रोकी फाइल; कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश दिए

बहरी तहसील में भृत्य पर रिश्वतखोरी का आरोप:दो हजार नहीं देने पर रोकी फाइल; कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश दिए

सीधी जिले की बहरी तहसील में पदस्थ एक भृत्य पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगे हैं। मझरेती खुर्द निवासी आशीष कुमार मिश्रा ने कलेक्टर विकास मिश्रा से शिकायत की है कि फाइल क्लियर करने के नाम पर उनसे 7000 रुपए की मांग की गई। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ता आशीष मिश्रा ने आरोप लगाया है कि लोकेश श्रीवास, जो वर्ष 2016 में भृत्य (चतुर्थ श्रेणी) पद पर नियुक्त हुए थे, वर्तमान में लिपिक का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बहरी तहसील में वर्ष 2018 से बाबू और लिपिक के पद रिक्त पड़े हैं, जिसका फायदा उठाकर श्रीवास काश्तकारों से मनमाने तरीके से पैसे वसूल रहे हैं। आशीष मिश्रा के अनुसार, उनके पिता और उनके नाम से संबंधित एक फाइल तहसील में लंबित थी। इसे क्लियर करने के लिए उनसे 7000 रुपए की मांग की गई। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो उनकी फाइल को जानबूझकर लंबे समय तक रोका गया और उन्हें परेशान किया गया। दो हजार नहीं देने पर रोकी फाइल मिश्रा ने बताया कि अंततः उन्होंने मजबूरी में फोन के माध्यम से 5000 रुपए दिए, लेकिन इसके बावजूद उनका काम नहीं हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शेष 2000 रुपए न देने पर लोकेश श्रीवास ने बार-बार कहा कि 5000 रुपए तहसीलदार को देने पड़ते हैं और 2000 रुपए वह स्वयं लेते हैं। पैसे न देने की स्थिति में काम न करने की धमकी दी गई और उनकी फाइल को आगे बढ़ाने के बजाय रोक दिया गया, जबकि उसी दिन उसका निराकरण संभव था। रविवार को शिकायत सामने आने के बाद यह मामला गरमा गया है। आरोपों पर सफाई देते हुए लोकेश श्रीवास ने कहा कि वह भृत्य पद पर हैं, लेकिन कंप्यूटर ज्ञान होने के कारण उनसे लिपिकीय कार्य लिया जाता है। उन्होंने किसी भी प्रकार की अवैध वसूली से इनकार करते हुए कहा कि वे शासन के नियमों के अनुसार ही कार्य करते हैं। दोषी पर सख्त कार्रवाई करेंगे कलेक्टर विकास मिश्रा ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जल्द ही मामले की जांच कराई जाएगी और यदि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से पैसे मांगता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मैं दो माह के लिए प्रभार में था तहसीलदार बहरी इंद्रभान सिंह ने बताया कि ऐसी कोई भी जानकारी मुझे नहीं है। पूर्व नायब तहसीलदार जे पी पांडे का ट्रांसफर सिहावल हो गया है इसलिए मैं 2 महीने के लिए प्रभार में था। मैं इस पूरे मामले की जांच करवाता हूं।

उमा भारती के लिए चेन पुलिंग कर पंजाब मेल रोकी: झांसी में 5 मिनट खड़ी रही; रेलवे बोला- ट्रेन समय पर थी, पूर्व CM ने कहा- पहले छूटी – Jhansi News

उमा भारती के लिए चेन पुलिंग कर पंजाब मेल रोकी: झांसी में 5 मिनट खड़ी रही; रेलवे बोला- ट्रेन समय पर थी, पूर्व CM ने कहा- पहले छूटी - Jhansi News

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के लिए रविवार को झांसी में चेन पुलिंग कर पंजाब मेल रोकनी पड़ी। उमा भारती प्लेटफॉर्म पर पहुंचीं तो नई दिल्ली जाने वाली पंजाब मेल रवाना हो चुकी थी। . ट्रेन आधा प्लेटफॉर्म छोड़ चुकी थी। उमा के समर्थकों ने तत्काल ट्रेन को रुकवाया। उन्हें ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच A-1 में सवार होना था। लेकिन जब तक ट्रेन रुकी, कोच A-1 यार्ड में पहुंच चुका था। इस कारण वह B-1 कोच में सवार हुईं। उन्होंने ट्रेन के गेट पर ही खड़ी होकर मीडिया से बात भी की। चेन पुलिंग के चलते ट्रेन के ब्रेक की एयर रिलीज हो चुकी थी। ट्रेन 5 मिनट तक आधी प्लेटफॉर्म और आधी यार्ड में खड़ी रही। उमा भारती के ट्रेन में सवार होने के बाद गाड़ी को आगे रवाना किया गया। उमा भारती ने कहा- ट्रेन समय से पहले रवाना हो गई थी। यह पूरी घटना रेलवे की अव्यवस्था का नतीजा है। आज जो मेरे साथ हुआ है, वो आए दिन यात्रियों के साथ हो रहा है। मथुरा, झांसी और ललितपुर जैसे स्टेशनों पर अक्सर ऐसी दिक्कतें आती हैं। महिलाएं सामान और बच्चों के साथ प्लेटफार्म पर दौड़ती भागती हैं। बुजुर्गों और दिव्यांगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। उमा भारती को थर्ड एसी में चढ़ना पड़ा। अब जानिए पूरा मामला… उमा भारती का दावा- 2 बजकर 18 मिनट पर स्टेशन पर पहुंच गई थी पूर्व सीएम उमा भारती ने दावा किया कि वे रविवार दोपहर 2:18 बजे झांसी रेलवे स्टेशन आ गई थीं। ट्रेन 2:23 बजे की थी। उमा भारती ने कहा- मैं एस्केलेटर से जा रही थी, लेकिन अफसरों ने ई-कार्ट से जाने के लिए कह दिया। कुछ दूरी चलने पर ई-कार्ट के सामने से एक ट्रेन निकली, इसलिए पांच मिनट तक वहीं खड़े रहना पड़ा। फिर हाथ ठेला निकला। इसके चलते ट्रेन छूट गई। रेल मंत्री को X पर लेटर लिखा- स्टेशन पर संवेदनशीलता का अभाव उमा भारती ने घटना के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सोशल मीडिया X पर एक लेटर लिखा है। उमा भारती ने कहा, मैंने पूर्व में मथुरा रेलवे स्टेशन की यात्रियों के प्रति संवेदनहीनता की बात लिखी है। मेरे साथ आज फिर झांसी रेलवे स्टेशन पर चढ़ते हुए एक घटना हो गई जिसमें कोई अपराधी नहीं है, बल्कि स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाओं के निर्माण में व्यावहारिक संवेदनशीलता का अभाव कारण बना है। अफसरों ने ई-कार्ट से जाने के लिए कह दिया। इसके बाद उमा भारती प्लेटफॉर्म तक ई-कार्ट से गईं। सीसीटीवी निकलवाए जाएं उमा भारती ने लिखा- झांसी रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी निकलवाए जाएं। मैं झांसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन आने के पहले आ गई थी और यह ट्रेन निर्धारित समय से पूर्व टाइम पर आ गई और निर्धारित समय से पूर्व प्रस्थान हो गई। मुझे बैटरी गाड़ी में बैठाकर प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 4 नंबर की तरफ ले जाया जा रहा था। इतने में उसी ट्रैक से एक गाड़ी लंबे समय तक गुजरी और हम खड़े रहे। फिर जब थोड़ा आगे बढ़े तो एक हाथ ठेला ट्रैक में फंसा हुआ था। उसको निकालने में मेरे सुरक्षाकर्मियों ने सहयोग किया फिर जब मैं 4 नंबर प्लेटफार्म पर पहुंची तथा जिस ट्रेन पंजाब मेल में मुझे बैठना था, वह चलती जा रही थी। किसने चेन खींची, जिसका मुझे अंदाज नहीं है और मुझे ट्रेन में बैठा दिया गया। मिलकर मथुरा और झांसी की घटनाएं बताऊंगी उमा ने आगे लिखा- सब कुछ समय के अनुसार था, किसी से कोई भूल नहीं थी। ट्रेन के तीन-चार मिनट मेरे लिए खराब हुए। इसमें पहला कारण था ट्रेन का समय से पहले पहुंचना तथा समय से 2 मिनट पहले निकल जाना। रेल के अंदर संचालित करने वाले अधिकारियों की गलती उमा भारती ने कहा, मेरा तो छोड़ दीजिए लेकिन आमजन, दिव्यांगजन, वृद्ध, स्त्री पुरुष बहुत सारा सामान एवं गोद में बच्चे लिए महिलाएं अव्यवस्था का शिकार होते हैं। मैं झांसी रेलवे के अधिकारियों की बिल्कुल गलती नहीं मानती और अपनी भी नहीं मानती यह पूरी की पूरी व्यवस्था रेल के अंदर रेल को संचालित करने वाले अधिकारियों के द्वारा हुई। मैं आपसे फिर कहूंगी कि आप इन अव्यवस्थाओं पर ध्यान दीजिए। रेलवे का दावा- अपने समय पर छूटी थी ट्रेन नेशनल ट्रेन इन्क्वारी सिस्टम के मुताबिक, ट्रेन अपने निर्धारित समय दोपहर 2.15 की जगह 6 मिनट पहले 2.09 बजे प्लेटफॉर्म 4 पर आ गई थी। इसके बाद उसे 8 मिनट के स्टॉप के बाद 2.23 पर रवाना होना था और ट्रेन अपने निर्धारित टाइम पर ही छूटी थी। बाद में उसे चेन पुलिंग कर रोका गया तो फिर 2.28 बजे रवाना हुई। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने बताया- मुंबई-फिरोजपुर पंजाब मेल की चेन पुलिंग उमा भारती ने नहीं कराई थी। कुछ यात्री, जो खाना और पानी लेने के लिए झांसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर उतरे थे, उन्होंने जब देखा कि ट्रेन चलने लगी है तो उन्हीं यात्रियों के साथियों ने चेन पुलिंग कर दी थी। रेलवे के सिस्टम में ऐसा नहीं होता कि ट्रेन निर्धारित समय से पहले प्लेटफॉर्म छोड़ दे। हां, ये बात जरूर है कि ट्रेन निर्धारित समय से पहले स्टेशन पर पहुंच जाती है। फिर भी हम मामले की जांच करा रहे हैं कि समय से पहले ट्रेन चलाई गई थी या नहीं। ———————- ये खबर भी पढ़िए- मिर्जापुर में वकील की हत्या करने वाले का एनकाउंटर:दोनों पैर में गोली लगी, पुलिसवाले टांगकर ले गए; मॉर्निंग वॉक पर मारी थी गोली मिर्जापुर में सीनियर वकील राजीव सिंह की हत्या करने वाले 50 हजार के इनामी राजेंद्र सोनकर को पुलिस ने शनिवार रात एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया। उसके दोनों पैरों में गोली लगी। पुलिसकर्मी उसे कंधे पर टांगकर गाड़ी तक ले गए, फिर मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। पढ़ें पूरी खबर…

सर घेराव मामला: आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी गिरफ्तार, एनआईए जांच कर रही है कि क्या उन्होंने न्यायिक अधिकारियों पर हमले की ‘योजना’ बनाई थी | चुनाव समाचार

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आखरी अपडेट:12 अप्रैल, 2026, 16:43 IST सूत्रों ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मालदा में घटना से एक दिन पहले, आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी ने एक बैठक की और लोगों से विरोध में शामिल होने का आग्रह किया। एनआईए ने कहा कि आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी को एक घंटे में गिरफ्तार कर लिया जाएगा। (छवि: न्यूज18) एनआईए ने रविवार को एसआईआर घेराव मामले में आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी को हिरासत में लिया, जिसमें पश्चिम बंगाल के मालदा में न्यायिक अधिकारियों पर कथित तौर पर हमला किया गया था। न्यायिक अधिकारियों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित कार्य के लिए प्रतिनियुक्त किया गया था। जानकारी के मुताबिक रब्बानी इस इलाके में आईएसएफ नेता हैं. सूत्रों ने एक्सक्लूसिव तौर पर बताया न्यूज18 कि मोथाबारी में घटना से एक दिन पहले उन्होंने वहां एक बैठक की थी और लोगों से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह किया था. एनआईए ने कहा कि वह इस बात की जांच कर रही है कि क्या उसने उस बैठक के दौरान न्यायिक अधिकारियों पर हमला करने की पहले से योजना बनाई थी। इसमें कहा गया कि उसे एक-एक घंटे में गिरफ्तार कर लिया जाएगा। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 12 अप्रैल, 2026, 16:36 IST समाचार चुनाव सर घेराव मामला: आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी गिरफ्तार, एनआईए जांच कर रही है कि क्या उन्होंने न्यायिक अधिकारियों पर हमले की ‘योजना’ बनाई थी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)एनआईए ने आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी को हिरासत में लिया(टी)एनआईए जांच(टी)आईएसएफ नेता की गिरफ्तारी(टी)एसआईआर घेराव मामला(टी)मालदा पश्चिम बंगाल(टी)न्यायिक अधिकारियों पर हमला(टी)चुनावी सूची संशोधन(टी)मोथाबारी विरोध

युंगाडा आर्मी चीफ ने तुर्किये से सबसे खूबसूरत महिला मांगी:कहा- शादी करूंगा, नहीं मिली तो डिप्लोमेटिक रिश्ते तोड़ेंगे, तुर्किश एयरलाइनंस पर भी रोक लगा देंगे

युंगाडा आर्मी चीफ ने तुर्किये से सबसे खूबसूरत महिला मांगी:कहा- शादी करूंगा, नहीं मिली तो डिप्लोमेटिक रिश्ते तोड़ेंगे, तुर्किश एयरलाइनंस पर भी रोक लगा देंगे

युगांडा के आर्मी चीफ मुहूजी काइनरुगाबा ने तुर्किये से 1 अरब डॉलर और ‘सबसे खूबसूरत महिला’ को अपनी पत्नी बनाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो तुर्किये के साथ कूटनीतिक संबंध खत्म कर दिए जाएंगे और तुर्किश एयरलाइन पर भी रोक लगाई जा सकती है। काइनरुगाबा ने X पर लिखा कि अगर तुर्किये ने हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो 30 दिन के भीतर संबंध तोड़ दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि या तो वे हमें भुगतान करें या हम उनका दूतावास बंद कर देंगे। उन्होंने युगांडावासियों को तुर्किये यात्रा से बचने की सलाह दी और साथ ही इजराइल के समर्थन में 1 लाख सैनिक भेजने की पेशकश भी की। हालांकि, इस पर तुर्किये या सोमालिया की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह बयान सरकारी नीति है या उनकी निजी राय। सोमालिया मिशन का हवाला देकर 1 अरब डॉलर मांगे कैनेरुगाबा ने पोस्ट में तुर्किये पर आरोप लगाया कि उसने सोमालिया में इंफ्रास्ट्रक्चर, पोर्ट और एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स से फायदा उठाया, जबकि युगांडा ने अल-शबाब जैसे आतंकी संगठनों से लड़ने का बोझ उठाया। इसी आधार पर उन्होंने 1 अरब डॉलर की मांग की। हाल ही में भी काइनरुगाबा ने सोशल मीडिया पर कई विवादित पोस्ट किए हैं। उन्होंने विपक्षी नेता बॉबी वाइन को लेकर सिर काटने जैसी धमकी दी, जिस पर काफी विवाद हुआ। हालांकि बाद में उन्होंने इसे मजाक बताया और माफी मांग ली। इसी बीच, काइनरुगाबा ने कुछ दिन पहले X से हटने के बाद फिर वापसी की है। उन्होंने ‘आई एम बैक’ लिखकर वापसी की घोषणा की और कहा कि वे दुनिया को हिला देंगे। उन्होंने 7 दिन पहले कहा था कि वे X छोड़ रहे हैं ताकि अपनी सैन्य जिम्मेदारियों पर ज्यादा ध्यान दे सकें। वापसी के बाद उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को आदेश दिया कि जो भी व्यक्ति सेना जैसी वर्दी में दिखे, उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने एक अमेरिकी राजनयिक को भी गिरफ्तार करने की धमकी दी, अगर वह उन्हें सलाम नहीं करता। काइनरुगाबा, जो 50 साल के हैं, युगांडा की सेना में अहम भूमिका निभाते हैं और उन्हें अपने पिता का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता है। हालांकि राष्ट्रपति मुसेवेनी ने इससे इनकार किया है। हालांकि कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वे धीरे-धीरे खुद को राजनीति में स्थापित कर रहे हैं और भविष्य में राष्ट्रपति पद की दावेदारी कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक युगांडा में मुसेवेनी 1986 से सत्ता में हैं, ऐसे में अगर बेटे को उत्तराधिकारी माना जाए तो यह संदेश जाता है कि सत्ता एक ही परिवार में ट्रांसफर हो रही है। मेलोनी से शादी के बदले 100 गाय देने की पेशकश की थी यह पहला मौका नहीं है जब उन्होंने इस तरह की मांग की हो। 2022 में उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से शादी के बदले 100 गाय देने की पेशकश की थी। उस समय उन्होंने कहा था कि अगर इटली ने प्रस्ताव ठुकराया, तो रोम पर कब्जा करना पड़ेगा। इस बयान के बाद उनके पिता और युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी को माफी मांगनी पड़ी थी। 2022 में उन्होंने केन्या पर हमला करने की धमकी भी दी थी। उन्होंने कहा था कि नैरोबी पर कब्जा करने में दो हफ्ते भी नहीं लगेंगे। इसके बाद उन्हें अस्थायी रूप से पद से हटा दिया गया था और सरकार को माफी मांगनी करनी पड़ी थी। रूस-येक्रेन युद्ध में रूस का किया समर्थन इससे पहले उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध में व्लादिमीर पुतिन का समर्थन किया था और केन्या के तुर्काना समुदाय को लेकर भी विवादित बयान दिए थे। फरवरी 2022 में उन्होंने ट्वीट कर कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सही हैं और दुनिया के कई अश्वेत लोग रूस के साथ हैं। इसके बाद मार्च 2023 में उन्होंने यह भी कहा कि अगर मॉस्को पर कोई खतरा आया, तो युगांडा अपनी सेना भेजेगा। वहीं अक्टूबर 2022 में उनके एक और बयान से केन्या के साथ रिश्ते बिगड़ गए। उन्होंने कहा कि उनकी सेना दो हफ्ते से भी कम समय में नैरोबी पर कब्जा कर सकती है। इस बयान के बाद उनके पिता और राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी को केन्या से माफी मांगनी पड़ी। —————————–

वरिष्ठ वकील और बेटे पर धोखाधड़ी का केस दर्ज:शाजापुर में हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने की कार्रवाई

वरिष्ठ वकील और बेटे पर धोखाधड़ी का केस दर्ज:शाजापुर में हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने की कार्रवाई

शाजापुर कोतवाली पुलिस ने हाईकोर्ट के निर्देश पर वरिष्ठ अभिभाषक नारायण प्रसाद पांडे और उनके बेटे अखिलेश पांडे के खिलाफ कूट रचना,अमानत में खनायत और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। शिकायत कर्ता महेश पांडे अभिभाषक नारायण प्रसाद पांडे के छोटे भाई है। शिकायत कर्ता के नाम पर दो बैंकों से चार करोड़ का लोन ले लिया। माता-पिता की वसीयत के अनुसार संपत्ति में दोनों भाईयों का बराबरी का हिस्सा था लेकिन अभिभाषक पांडे और उनके बेटे अखिलेश ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार महेश पांडे के फर्जी हस्ताक्षरों और शपथ पत्र के माध्यम से बंधन और आईसीआईसीआई बैंक में संपत्ति बंधक रखकर चार करोड़ का लोन ले लिया। महेश पांडे नौकरी में थे और उनकी संपत्ति की देखभाल बड़े भाई करते थे।रिटायर्ड होने के बाद जब शाजापुर आएं और सिविल चेक की तो पता चला बैंकों से लोन है। उन्होंने कोई लोन नहीं लिया और बैंक से जानकारी निकाली तो पता चला बड़े भाई और भतीजे ने मिलकर उनके साथ धोखाधड़ी कर ली। धोखाधड़ी की जानकारी लगने के बाद शिकायत कर्ता ने दस्तावेज इकट्ठा करने शुरू किए। बैंकों में दस्तावेज के लिए गए तो उन्हें देने से इंकार कर दिया। राजस्व विभाग और पंजीयन विभाग से मिले दस्तावेजों के आधार पर कोतवाली पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने अभिभाषक पांडे के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं की। शिकायत कर्ता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने पुलिस को मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। अभिभाषक पांडे ने निचली अदालत के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को सही ठहराते हुए पुलिस को तत्काल प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शनिवार कों कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज किया। कोतवाली थाना प्रभारी संतोष सिंह वाघेला ने रविवार दोपहर 1 बजे करीब बताया की पुलिस ने उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में आवेदक महेश कुमार पाण्डे निवासी नई सड़क शाजापुर की शिकायत पर वरिष्ठ अभिभाषक नारायण प्रसाद पाण्डे और अखिलेश पाण्डे के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आवेदक ने आरोप लगाया कि आरोपियों द्वारा उनके नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर विभिन्न स्थानों पर उपयोग किए गए। साथ ही बिना अनुमति उनके नाम पर बैंकों से करोड़ों रुपये का ऋण भी लिया गया। आवेदक के अनुसार, उन्हें अप्रैल 2023 में इस मामले की जानकारी मिली, जब उन्होंने अपने नाम पर बंधन बैंक और आईसीआईसीआई बैंक में लिए गए ऋण की जानकारी प्राप्त की, जबकि उन्होंने स्वयं कोई ऋण नहीं लिया था। आवेदक ने बताया कि आरोपियों ने संयुक्त पारिवारिक संपत्ति से जुड़े मामलों में भी कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत किए और फर्जी हस्ताक्षर कर बंटवारे के आवेदन लगाएं। बाद में आपत्ति के बाद ये आवेदन वापस ले लिए गए। हस्तलिपि विशेषज्ञ की जांच में भी दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी पाए गए हैं। इस मामले में आवेदक ने पहले पुलिस और प्रशासन को शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा धारा 156(3) के तहत जांच के आदेश दिए गए, जिसे बाद में सत्र न्यायालय और उच्च न्यायालय ने भी यथावत रखा। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत पाया गया है। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है और आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

खाड़ी संकट: रईस ग्राहक टाल रहे महंगी कारों की खरीदारी:देश में बिकीं रिकॉर्ड 47 लाख कारें, पर लग्जरी सेगमेंट की हिस्सेदारी महज 1%

खाड़ी संकट: रईस ग्राहक टाल रहे महंगी कारों की खरीदारी:देश में बिकीं रिकॉर्ड 47 लाख कारें, पर लग्जरी सेगमेंट की हिस्सेदारी महज 1%

देश में वित्त वर्ष 2025-26 में कारों की बिक्री 13% बढ़कर रिकॉर्ड 47 लाख रही, लेकिन लग्जरी कारों की हिस्सेदारी 1% ही है। बीएमडब्ल्यू इंडिया के प्रेसिडेंट हरदीप सिंह बरार के मुताबिक पश्चिम एशिया तनाव ने खरीदारों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया है, जिससे वे बड़ी खरीदारी टाल रहे हैं। मर्सिडीज-बेंज इंडिया के एमडी व सीईओ संतोष अय्यर ने भी माना कि वैश्विक हालात के कारण इस साल लग्जरी मार्केट फ्लैट रह सकता है। हालांकि मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 19,363 यूनिट्स की बिक्री की, जो किसी एक वित्त वर्ष का सबसे शानदार प्रदर्शन है। इससे पिछले साल 18,928 यूनिट्स बेची थी। मर्सिडीज की इस कामयाबी के पीछे सबसे बड़ा हाथ ‘टॉप-एंड लग्जरी’ सेगमेंट का रहा। अमीर ग्राहकों की बढ़ती पसंद के चलते इस सेगमेंट में वित्त वर्ष 2025-26 में 16% की वृद्धि देखी गई, जबकि साल मार्च तिमाही में यह उछाल 25% तक जा पहुंचा। लग्जरी कारों में ईवी की मांग 83% बढ़ी ईंधन की कीमतें बढ़ने के डर से ग्राहक तेजी से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) की ओर बढ़ रहे हैं। जनवरी-मार्च में बीएमडब्ल्यू की इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 83% उछाल के साथ 1,185 तक पहुंच गई। अब कंपनी की कुल बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी 26% है। मर्सिडीज की 1.4 करोड़ रुपए से महंगी इलेक्ट्रिक कारों की मांग भी 85% बढ़ी है। मर्सिडीज की इस कामयाबी के पीछे सबसे बड़ा हाथ ‘टॉप-एंड लग्जरी’ सेगमेंट का रहा। अमीर ग्राहकों की बढ़ती पसंद के चलते इस सेगमेंट में वित्त वर्ष 2025-26 में 16% की वृद्धि देखी गई, जबकि साल मार्च तिमाही में यह उछाल 25% तक जा पहुंचा।