‘रामायण’ में रणबीर के लुक और कॉस्ट्यूम पर उठे सवाल:डिजाइनर्स बोलीं- टीवी में सीमित बजट और समय के बावजूद डिजाइन ज्यादा समृद्ध और जीवंत था

रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ का टीजर सामने आने के बाद से ही इसके हर पहलू पर बहस शुरू हो गई है। इस बीच, टीवी की पौराणिक शृंखलाओं पर काम कर चुकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर्स ने फिल्म में भगवान राम के लुक पर अपनी राय दी है और इसे एक चूक गया अवसर बताया है। Variety India की रिपोर्ट के मुताबिक, टीवी के सुपरहिट शो ‘श्रीमद् रामायण’ और ‘राधाकृष्ण’ पर काम कर चुकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर शिबप्रिया सेन ने कहा कि फिल्म का पहला टीजर उम्मीद के मुताबिक विस्मयकारी नहीं लगा। उनके अनुसार, टीवी पर राम और अन्य पात्रों के परिधानों की प्रेरणा भारतीय संस्कृति, मंदिरों और मूर्तियों से ली जाती थी। जैसे राम के मुकुट में सूर्य रथ का चक्र और पीला रंग, सीता के लिए मधुबनी छाप, और हनुमान के लिए अजंता, एलोरा और हम्पी की मूर्तियां। सेन के अनुसार, राम भारत की आस्था का केंद्र हैं, इसलिए परिधानों में प्रयोग करते समय उनके दिव्य स्वरूप का सम्मान करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि टीवी में सीमित बजट और समय के बावजूद उनके डिजाइन बहुत समृद्ध और जीवंत थे। दूसरी ओर, ‘हातिम’, ‘सिया के राम’ और ‘देवों के देव…महादेव’ जैसी पौराणिक शृंखलाओं में काम कर चुकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर नीरूषा निकहत ने कहा कि फिल्म में सौंदर्य और नवाचार की कमी है। उनका मानना है कि निर्माता नामित मल्होत्रा अधिक प्रयोगात्मक और यादगार डिजाइन ला सकते थे। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट में अनुभवहीन लोगों को शामिल किया गया, जबकि ऐसी परियोजना में अनुभवी डिजाइनर्स की जरूरत थी। डिजाइनर्स का कहना है कि बड़े बजट और तकनीकी स्वतंत्रता के बावजूद फिल्म में परिधानों और आभूषणों में और अधिक सांस्कृतिक और रचनात्मक गहराई हो सकती थी। यह परियोजना दर्शकों के लिए एक चूक गया रचनात्मक अवसर साबित हुई। फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है, लेकिन पहले लुक से साफ है कि इसमें और अधिक प्रामाणिक और यादगार सौंदर्यबोध दिखाया जा सकता था।
जज पर एडिशनल सेशन जज के घर चोरी के आरोप:पटियाला में सिविल जज के खिलाफ 7 महीने बाद FIR, कोर्ट ने बेल रिजेक्ट की

पंजाब के पटियाला में सिविल जज पर एडिशनल सेशन जज के घर में चोरी करने के आरोप लगे हैं। सिविल जज के खिलाफ घटना के सात महीने बाद 21 मार्च को FIR दर्ज की गई। गिरफ्तारी से बचने के लिए सिविल जज द्वारा लगाई गई बेल भी कोर्ट ने रद्द कर दी। एडिशनल सेशन जज हरिंदर सिद्धू ने आरोपों को गंभीर मानते हुए सिविल जज की बेल को रिजेक्ट कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि एक मृतक सहकर्मी के आवास से संदिग्ध परिस्थितियों में भारी मात्रा में सोना और अभूषण निकालना गंभीर आरोप है। पटियाला के एडिशनल सेशन जज कंवलजीत सिंह की एक अगस्त 2025 को अस्पताल में मौत हो गई थी। सिविल जज विक्रमदीप और अन्य लोगों पर आरोप है कि उसी दिन रात को उन्होंने एडिशनल सेशन जज के घर से सोना व आभूषण चोरी किए। सीसीटीवी फुटेज और वाट्सएप चैट के टाइम में अंतर सुनवाई के दौरान अदालत ने नोट किया कि विक्रमदीप और मृतक के बेटे अंगदपाल सिंह के बीच वाट्सऐप चैट और कॉल रात 10:15 बजे के बाद की है, जबकि CCTV फुटेज रात 9:50 बजे तक के हैं। इससे प्रथम दृष्टया यह पता चलता है कि सामान मृतक के बेटे से संपर्क करने से पहले ही हटा लिया गया था। एडिशनल सेशन जज के दोस्त की शिकायत पर हुई FIR सिविल जज व उसके सहयोगियों के खिलाफ मृतक एडिशनल सेशन जज के दोस्त व पंजाब यूनिवर्सिटी के लॉ डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ भूपिंदर सिंह विर्क की शिकायत पर 21 मार्च को FIR दर्ज हुई। उनके बेटे ने इस केस को प्रोसीड करने के लिए डॉ भूपिंदर सिंह विर्क को पावर ऑफ अटॉर्नी दी है। शिकायत में लगाए गए ये आरोप FIR के अनुसार, 1 अगस्त 2025 को जब कंवलजीत सिंह का अमर अस्पताल पटियाला में निधन हो गया, उसी रात लगभग 8:46 बजे बिक्रमदीप सिंह ने मृतक के घर नंबर 74C, विकास कॉलोनी, पटियाला में साजिश रचकर घुसपैठ की। उनके साथ घरेलू नौकरानी अमरजोत कौर उर्फ पिंकी, गौरव गोयल (पूर्व सहयोगी) और एक अज्ञात व्यक्ति शामिल थे। CCTV फुटेज में तीनों को घर में घुसते, सामान की तलाशी लेते और बॉक्स-बैग में पैतृक सोना, आभूषण तथा नकदी लेकर निकलते दिखाया गया है। शिकायतकर्ता डॉ. भूपिंदर सिंह विर्क ने आरोप लगाया कि यह चोरी बिना किसी कानूनी अधिकार के और बेईमानी के इरादे से की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) और 305 के तहत दर्ज है। आरोपों पर आरोपी के वकीलों ने दे यह सफाई बिक्रमदीप सिंह की ओर से वकीलों अनीश जैन और अमित जैन ने अदालत में कहा FIR पूरी तरह झूठी और बदनाम करने के मकसद से 7 महीने बाद दर्ज कराई गई। मृतक कंवलजीत सिंह से पारिवारिक संबंध थे। लुधियाना में एक साथ पोस्टिंग के दौरान मृतक उन्हें परिवार का सदस्य मानते थे। उनकेनिधन की खबर मिलते ही अस्पताल पहुंचे। वहां मृतक के पुत्र अंगदपाल सिंह ने फोन पर अनुरोध किया कि घर जाकर कीमती सामान सुरक्षित रख लें। भरोसेमंद नौकरानी पिंकी भी मदद करेगी। घर पहुंचकर अंगदपाल सिंह को वीडियो कॉल की और पूरे समय संपर्क में रहे। बाद में सामान अंगदपाल सिंह को सौंप दिया। अदालत को बताया कि अगर बेईमानी का इरादा होता तो खुद न जाते, गनमैन के साथ न जाते, कॉल पर न रहते और CCTV DVR भी ले जाते। वे न्यायिक अधिकारी हैं, पिता-दादा भी जज रह चुके हैं। सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों (दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस एसोसिएशन केस) का हवाला देते हुए विशेष संरक्षण की मांग की। जांच में शामिल होने को तैयार हैं। कोर्ट ने क्यों खारिज की जमानत, जानिए… अदालत ने जांच रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, व्हाट्सएप चैट और दोनों पुत्रों के बयान देखने के बाद याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि आरोप गंभीर हैं। एक न्यायिक अधिकारी पर सहकर्मी जज के घर से चोरी का आरोप है, जो न्यायपालिका की छवि को प्रभावित करता है। CCTV फुटेज में याचिकाकर्ता की उपस्थिति और सामान निकालने का तरीका प्रथम दृष्टया गुप्त और संदिग्ध दिखता है। मृतक के बेटे से व्हाट्सएप चैट और कॉल का समय रात 10:15 बजे के बाद का है, जबकि CCTV फुटेज में सामान 9:50 बजे तक निकाल लिया गया था यानी संपर्क बाद में हुआ। सिविल जज की तरफ से पेश की गई चैट में किसी भी प्रकार की अनुमति या सौंपने का जिक्र नहीं है। पुत्रों के बयान भी याचिकाकर्ता के दावे का खंडन करते हैं। चोरी गई संपत्ति की रिकवरी अभी बाकी है। हिरासत में पूछताछ जरूरी है ताकि पूरी साजिश का खुलासा हो। न्यायिक अधिकारियों को गिरफ्तारी से पूर्ण छूट नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। अग्रिम जमानत देने से जांच प्रभावित होगी।अदालत ने साफ कहा कि यह फैसला केवल जमानत याचिका पर है और मामले के मेरिट पर कोई टिप्पणी नहीं। बिक्रमदीप सिंह अब नियमित जमानत या अन्य राहत के लिए उच्च न्यायालय जा सकते हैं।
यौन उत्पीड़न मामले में मलयालम फिल्म निर्देशक हिरासत में:एक्ट्रेस ने रंजीत बालकृष्णन पर आरोप लगाए, पुलिस जांच में जुटी

मशहूर मलयालम फिल्म निर्देशक रंजीत बालकृष्णन को यौन उत्पीड़न के आरोपों में तीन दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। यह आदेश शनिवार को कोच्चि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पुलिस की याचिका मानते हुए जारी किया। पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) अब मामले की और गहन जांच करेगी। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला तब उजागर हुआ जब एक अभिनेत्री ने आरोप लगाया कि रंजीत ने फिल्म शूट के दौरान एक कैरवैन (वैन) के अंदर उनके साथ यौन उत्पीड़न का प्रयास किया। शिकायत के आधार पर 28 मार्च को FIR दर्ज की गई और कोच्चि पुलिस ने उस पर गंभीर आरोपों का मामला बनाया। पुलिस ने दावा किया कि शुरुआती जांच में आरोप और साक्ष्य पर्याप्त पाए गए, जिसके बाद ही रंजीत को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को ध्यान में रखते हुए उन्हें सोमवार शाम तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है, ताकि पूछताछ और सबूत एकत्रण का काम जारी रखा जा सके। रंजीत का स्वास्थ्य भी अब चर्चा का विषय बन गया है। उनकी वकील टीम ने कोर्ट में दलील दी कि गिरफ्तार करते समय उचित प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ और उनके गंभीर स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों (जैसे लीवर ट्रांसप्लांट और पिछले स्पाइनल सर्जरी) के कारण हिरासत में स्वास्थ्य जोखिम हो सकता है। हालांकि, कोर्ट ने पुलिस हिरासत की अनुमति दी, साथ ही निर्देश दिए कि हर 24 घंटे में उनकी मेडिकल जांच की जाए। रंजीत पहले ही एर्नाकुलम सब जेल में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में हैं और उनका बेल आवेदन अगली सुनवाई के लिए सोमवार/मंगलवार को पेश किया जाएगा। उनके वकील का कहना है कि वे इस मामले में निर्दोष हैं और आरोपों को झूठा और साजिश बताया है। पुलिस की SIT अब सेट पर मौजूद कर्मियों, गवाहों और उपकरणों के सबूतों की पड़ताल कर रही है, ताकि स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके। इसके अलावा फिल्म जगत के संगठनों ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है और उद्योग में सुरक्षा तथा शिकायत तंत्र के कार्यान्वयन पर जोर दिया जा रहा है।
यौन उत्पीड़न मामले में मलयालम फिल्म निर्देशक हिरासत में:एक्ट्रेस ने रंजीत बालकृष्णन पर आरोप लगाए, पुलिस जांच में जुटी

मशहूर मलयालम फिल्म निर्देशक रंजीत बालकृष्णन को यौन उत्पीड़न के आरोपों में तीन दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। यह आदेश शनिवार को कोच्चि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पुलिस की याचिका मानते हुए जारी किया। पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) अब मामले की और गहन जांच करेगी। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला तब उजागर हुआ जब एक अभिनेत्री ने आरोप लगाया कि रंजीत ने फिल्म शूट के दौरान एक कैरवैन (वैन) के अंदर उनके साथ यौन उत्पीड़न का प्रयास किया। शिकायत के आधार पर 28 मार्च को FIR दर्ज की गई और कोच्चि पुलिस ने उस पर गंभीर आरोपों का मामला बनाया। पुलिस ने दावा किया कि शुरुआती जांच में आरोप और साक्ष्य पर्याप्त पाए गए, जिसके बाद ही रंजीत को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को ध्यान में रखते हुए उन्हें सोमवार शाम तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है, ताकि पूछताछ और सबूत एकत्रण का काम जारी रखा जा सके। रंजीत का स्वास्थ्य भी अब चर्चा का विषय बन गया है। उनकी वकील टीम ने कोर्ट में दलील दी कि गिरफ्तार करते समय उचित प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ और उनके गंभीर स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों (जैसे लीवर ट्रांसप्लांट और पिछले स्पाइनल सर्जरी) के कारण हिरासत में स्वास्थ्य जोखिम हो सकता है। हालांकि, कोर्ट ने पुलिस हिरासत की अनुमति दी, साथ ही निर्देश दिए कि हर 24 घंटे में उनकी मेडिकल जांच की जाए। रंजीत पहले ही एर्नाकुलम सब जेल में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में हैं और उनका बेल आवेदन अगली सुनवाई के लिए सोमवार/मंगलवार को पेश किया जाएगा। उनके वकील का कहना है कि वे इस मामले में निर्दोष हैं और आरोपों को झूठा और साजिश बताया है। पुलिस की SIT अब सेट पर मौजूद कर्मियों, गवाहों और उपकरणों के सबूतों की पड़ताल कर रही है, ताकि स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके। इसके अलावा फिल्म जगत के संगठनों ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है और उद्योग में सुरक्षा तथा शिकायत तंत्र के कार्यान्वयन पर जोर दिया जा रहा है।
खरगोन से 1000 महिलाओं का दल अंबाजी धाम पहुंचा:गरबा किया; संकीर्तन के 50 साल पूरे होने पर 5 दिवसीय धार्मिक यात्रा पर

खरगोन के टेमला से 1000 महिला श्रद्धालुओं का एक दल शनिवार सुबह अंबाजी धाम पहुंचा। यहां पहुंचने पर महिलाओं ने देवी दर्शन किए और मंदिर परिसर में गरबा किया। समाजसेवी नितिन पाटीदार ने बताया कि महिला श्रद्धालु वाहनों में भजन-कीर्तन करते हुए और जयकारे लगाते हुए अंबाजी धाम पहुंचे। यह यात्रा टेमला में पूर्व कृषिमंत्री बालकृष्ण पाटीदार के नेतृत्व में मनाए जा रहे ‘हरे रामा हरे कृष्णा संकीर्तन’ के 50 वर्ष पूरे होने के स्वर्ण जयंती वर्ष का हिस्सा है। 10 से अधिक बसों में सवार यह दल पावागढ़, अंबिकाधाम और सांवरिया सेठ के दर्शन के लिए 5 दिवसीय धार्मिक यात्रा पर है। स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में वैशाख माह में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया था। इसके बाद 1000 से अधिक श्रद्धालुओं का एक दल अयोध्या धाम में श्रीरामलला के दर्शन कर चुका है। महिलाओं का यह दल इस आयोजन के तीसरे चरण की धार्मिक यात्रा पर है।
सरसो का तेल और बादाम से घर पर बनाए केमिकल फ्री आर्गेनिक काजल, 15 मिनट में होगा तैयार, आंखों के सेहत के लिए वरदान

Last Updated:April 04, 2026, 15:00 IST घर पर ऑर्गेनिक काजल बनाना आसान और सुरक्षित है. एक दीये में घी या सरसों का तेल डालकर बाती जलाएं और ऊपर प्लेट रख दें. 10–15 मिनट में कालिख जमा हो जाएगी. इसे निकालकर थोड़ा नारियल या बादाम तेल मिलाएं. यह काजल आंखों को ठंडक देता है, केमिकल-फ्री होता है और रोज़ाना इस्तेमाल के लिए अच्छा माना जाता है. आजकल बाजार में मिलने वाले काजल में कई तरह के केमिकल्स मिलाए जाते हैं, जो आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. ऐसे में पुराने घरेलू नुस्खों से बना ऑर्गेनिक काजल एक सुरक्षित और असरदार विकल्प है. खास बात यह है कि इसे बनाना बहुत आसान है और इसके लिए ज्यादा चीजों की भी जरूरत नहीं पड़ती. घर पर ऑर्गेनिक काजल बनाने के लिए आपको कुछ सामान्य चीजों की जरूरत होती है. एक छोटा दीया, सरसों का तेल या देसी घी रूई की बाती, 1 बादाम एक साफ स्टील या पीतल की प्लेट और थोड़ा सा नारियल तेल या बादाम तेल. ये सारी चीजें आमतौर पर हर घर में आसानी से मिल जाती हैं. सबसे पहले दीये में सरसों का तेल या घी डालें और उसमें रूई की बाती लगाएं. अब उस बाती में एक बादाम भी डाल दें. बादाम डालने से काजल और भी पोषक बनता है. अब दीये को जलाएं और उसके ऊपर एक साफ प्लेट उल्टी करके रख दें. ध्यान रखें कि प्लेट दीये के ऊपर इस तरह रखें कि दीये की लौ सीधे प्लेट को छूती रहे. इससे धीरे-धीरे प्लेट के नीचे कालिख (काजल) जमा होने लगेगी. लगभग 10 से 15 मिनट तक दीया जलने दें. जब पर्याप्त कालिख जमा हो जाए, तो प्लेट को धीरे से हटाएं. Add News18 as Preferred Source on Google अब प्लेट पर जमा हुई कालिख को एक साफ चम्मच या उंगली की मदद से निकाल लें. इसमें थोड़ा सा नारियल तेल या बादाम तेल मिलाएं. इसे अच्छे से मिलाकर एक स्मूद पेस्ट बना लें. बस आपका केमिकल-फ्री, ऑर्गेनिक काजल तैयार है. इसे आप एक छोटे डिब्बे में स्टोर करके रख सकते हैं. घर पर बना यह काजल कई तरह से फायदेमंद होता है. यह पूरी तरह केमिकल-फ्री होता है आंखों को ठंडक देता है, आंखों में जलन या एलर्जी नहीं करता, नियमित इस्तेमाल से आंखों की सफाई में मदद करता है, और बच्चों से लेकर बड़े तक सभी इस्तेमाल कर सकते हैं. 65 साल की नंदी देवी, जो पिछले कई सालों से खुद घर पर काजल बनाकर इस्तेमाल कर रही हैं, वो लोकल 18 से बात करते हुए बताती हैं कि मैं बचपन से अपनी मां को ऐसे ही काजल बनाते हुए देखती आई हूं. आज भी मैं यही तरीका अपनाती हूं. इस काजल से आंखों में ठंडक मिलती है और कभी कोई जलन नहीं होती. मैंने अपने बच्चों और अब पोते-पोतियों को भी यही काजल लगाया है. बाजार के काजल से अच्छा तो अपना घर का बना काजल ही होता है. काजल लगाने से पहले हाथ साफ रखें, काजल को हमेशा साफ डिब्बे में रखें, अगर आंखों में कोई समस्या हो तो इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की सलाह लें और बहुत ज्यादा मात्रा में न लगाएं. First Published : April 04, 2026, 15:00 IST
‘घायल हूं इसलिए घातक हूं’: 3 सूत्री खंडन के साथ राघव चड्ढा का ‘धुरंधर’ AAP पर तंज | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 14:55 IST नेता ने आप नेतृत्व द्वारा उन पर लगाए गए तीन प्रमुख आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की आम आदमी पार्टी सांसद राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद शनिवार को पलटवार करते हुए आप नेतृत्व द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए तीन प्रमुख आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। राघव चड्ढा ने एक्स पर एक वीडियो में कहा, “कल से मेरे खिलाफ एक स्क्रिप्टेड अभियान चलाया जा रहा है। यह कोई संयोग नहीं बल्कि एक समन्वित हमला है। पहले तो मैंने सोचा कि मुझे ऐसे आरोपों का जवाब नहीं देना चाहिए। लेकिन फिर मैंने सोचा कि हजारों बार बोले गए झूठ को कुछ लोग सच मान सकते हैं।” मैं नहीं चाहता था, मगर चुप रहना तो बार-बार अस्तित्व में आना सच लगता है। तीन आरोप। शून्य सत्य. मेरी प्रतिक्रिया: pic.twitter.com/tPdjp04TLt – राघव चड्ढा (@raghav_chadha) 4 अप्रैल 2026 आप पर निशाना साधते हुए चड्ढा ने कहा कि पार्टी ने उनके खिलाफ तीन आरोप लगाए हैं। “उन्होंने कहा कि उन्होंने मुझे मेरी तीन गलतियों के कारण संसद में बोलने से रोका। आज मैं उन तीनों को जवाब देना चाहता हूं।” यह भी पढ़ें | AAP के राघव चड्ढा संसदीय अधर में: क्या होता है जब एक सांसद को अपनी ही पार्टी द्वारा चुप करा दिया जाता है? “पहला आरोप यह है कि जब भी विपक्ष संसद से बाहर चला गया, मैं बैठा रहा और उनके साथ शामिल नहीं हुआ। यह एक सफेद झूठ है। मैं किसी को भी चुनौती देता हूं कि वह मुझे एक उदाहरण दिखाए जहां मैं विपक्ष में शामिल नहीं हुआ था। पूरे संसद में सीसीटीवी कैमरे हैं, कोई भी फुटेज की जांच कर सकता है। सच्चाई सामने आ जाएगी।” “दूसरा आरोप यह था कि मैंने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) पर महाभियोग चलाने की याचिका पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। यह भी झूठ है। आप में से किसी ने भी मुझसे औपचारिक या अनौपचारिक रूप से याचिका पर हस्ताक्षर करने के लिए नहीं कहा। पार्टी के राज्यसभा में 10 सांसद हैं, जिनमें से 6-7 ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए। तो मैं अकेला दोषी कैसे हूं? इसके अलावा, इसे पारित करने के लिए विपक्ष के कुल 50 हस्ताक्षरों की आवश्यकता थी। तो मेरी कथित अनुपस्थिति पर हंगामा क्यों?” यह भी पढ़ें | क्या कोई पार्टी अपने राज्यसभा सांसद को हटा सकती है? AAP के बागी राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल के क्या मामले हैं, हमें बताएं तीसरे आरोप के बारे में विस्तार से बताते हुए चड्ढा ने कहा कि उन पर डरे हुए होने और ऐसे मुद्दे उठाने का आरोप लगाया गया है जिनका कोई मतलब नहीं है। “मैं स्पष्ट कर दूं कि मैं हंगामा करने, चिल्लाने, माइक तोड़ने या गाली देने के लिए संसद में नहीं हूं। मैं वहां लोगों के मुद्दे उठाने के लिए हूं। मैंने कौन सा मुद्दा नहीं उठाया? जीएसटी से लेकर आयकर, पंजाब के पानी से लेकर दिल्ली की प्रदूषित हवा, शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य सेवा, रेल यात्रियों की समस्याओं से लेकर मासिक धर्म के स्वास्थ्य तक – मैंने सभी महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। आप पिछले चार वर्षों से मेरा संसद रिकॉर्ड देख सकते हैं। मैं संसद में प्रभाव पैदा करने के लिए गया हूं, हंगामा करने के लिए नहीं। मैं उन करदाताओं के मुद्दों को उठाने आया हूं जो हमारे लिए फंडिंग करते हैं। संसद।” चड्ढा ने यह कहते हुए अपना हमला समाप्त किया कि सभी झूठ उजागर हो जाएंगे और सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे। उन्होंने ब्लॉकबस्टर धुरंधर के लोकप्रिय संवाद को दोहराते हुए कहा, “क्योंकी मैं घायल हूं, इसलिए घातक हूं।” विवाद आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा में अपने उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा को लेकर विवाद शुरू हो गया, जिससे आंतरिक असंतोष की अटकलें शुरू हो गईं। पार्टी के युवा राष्ट्रीय चेहरों में से एक चड्ढा की प्रमुखता और अतीत में नेतृत्व के साथ उनके करीबी संबंधों को देखते हुए इस कदम को महत्वपूर्ण माना गया। पार्टी के फैसले के बाद चड्ढा की तीखी आलोचना हुई, आप के अंदरूनी सूत्रों ने संगठनात्मक जिम्मेदारियों से कथित तौर पर अलग होने से लेकर उनकी राजनीतिक स्थिति के बारे में सवाल उठाए। हालाँकि, चड्ढा ने अपने रिकॉर्ड का बचाव करते हुए जोरदार वापसी की और संकेत दिया कि वह पार्टी के व्यापक दृष्टिकोण के प्रति प्रतिबद्ध हैं, भले ही इस प्रकरण ने उस समय AAP के भीतर संभावित दोषों को उजागर किया जब वह दिल्ली और पंजाब से परे विस्तार कर रही है। पहले प्रकाशित: 04 अप्रैल, 2026, 14:24 IST समाचार राजनीति ‘घायल हूं इसलिए घातक हूं’: राघव चड्ढा का ‘धुरंधर’ ने 3 सूत्रीय खंडन के साथ AAP पर तंज कसा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राघव चड्ढा आप विवाद(टी)राघव चड्ढा(टी)आम आदमी पार्टी(टी)आप नेतृत्व(टी)राज्यसभा उपनेता(टी)राजनीतिक विवाद(टी)पार्टी अंदरूनी कलह(टी)भारतीय राजनीति
Glowing Skin Tips: दाग-धब्बे और टैनिंग से छुटकारा पाएं, घर पर ही बनेगा ग्लोइंग चेहरा, जानिए आसान टिप्स

Last Updated:April 04, 2026, 14:48 IST दाग-धब्बे, टैनिंग और डार्क सर्कल्स अक्सर हमारी स्किन की खूबसूरती को प्रभावित करते हैं. लेकिन इसके लिए महंगे प्रोडक्ट्स या टोनर की जरूरत नहीं है. हल्दी-दही, एलोवेरा जेल, बेसन-दूध पैक और खीरे के रस जैसे सरल और प्राकृतिक उपाय अपनाकर आप अपना चेहरा साफ, चमकदार और ग्लोइंग बना सकते हैं. अगर आप दाग-धब्बे और चेहरे की टैनिंग से बचना चाहते हैं, तो इसका उपाय आपके घर पर मौजूद है. इसके लिए बस हल्दी और दही की जरूरत होती है. इन दोनों को मिलाकर पेस्ट बना लें और हल्के हाथों से चेहरे पर 10-15 मिनट तक लगाएं. फिर चेहरे को धो लें. देखते ही देखते दाग-धब्बे और टैनिंग कम हो जाएंगे और चेहरा साफ, चमकदार और सुंदर नजर आएगा. चेहरे के लिए एलोवेरा जेल किसी वरदान से कम नहीं है. बाजार में कई कंपनियां इसके प्रोडक्ट बनाकर खूब कमा रही हैं, लेकिन आप घर पर ही इसका उपयोग करके अपनी त्वचा को नेचुरल बना सकते हैं. रात को सोने से पहले चेहरे पर एलोवेरा जेल लगाएं और सुबह उठकर धो लें. इससे आपका चेहरा साफ, ताज़ा और ग्लो करता हुआ दिखाई देगा. फ्रेश और टाइट स्किन की कामना हर कोई करता है, लेकिन कई लोग मार्केट में मिलने वाले टोनर का इस्तेमाल करके अपनी त्वचा को और खराब कर लेते हैं. ऐसे में टोनर से बचें और हर रोज चेहरे पर गुलाब जल का स्प्रे करें. इससे आपकी स्किन फ्रेश, टाइट और स्वस्थ बनी रहेगी. Add News18 as Preferred Source on Google शादी या पार्टी के लिए महिलाएं तरह-तरह का मेकअप करती हैं, लेकिन कभी-कभी चेहरे का निखार नहीं आता. इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है. बेसन और दूध का पैक बनाकर चेहरे पर लगाएं. इससे तुरंत ब्राइटनेस आती है और धीरे-धीरे डेड स्किन भी हटने लगती है. आंखों और चेहरे के डार्क सर्कल से कई लोग परेशान रहते हैं, लेकिन इसके लिए चिंता करने की जरूरत नहीं है. खीरे का रस इन डार्क सर्कल्स को धीरे-धीरे कम करने में मदद करता है. नियमित इस्तेमाल से आंखों के नीचे का कालापन गायब होता है और चेहरा ग्लो करने लगता है. इन आसान उपायों को अपनाकर आप अपना चेहरा सुंदर और चमकदार बना सकते हैं. First Published : April 04, 2026, 14:48 IST
बैतूल में महिला का शव फंदे पर मिला:पानी पीने उठे पति ने देखा शव, 5 बच्चों की थी मां

बैतूल जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत खेड़ी पुलिस चौकी के ग्राम कनारा में शुक्रवार देर रात 46 वर्षीय महिला ने घर के अंदर साड़ी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। महिला का शव रात करीब 11 से 12 बजे के बीच पानी पीने उठे पति ने फंदे से लटका देखा। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई की। शनिवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल महिला द्वारा यह आत्मघाती कदम उठाने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है और पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है। रात में पानी पीने उठा था पति, बल्ली से लटक रहा था शव मृतक महिला की पहचान ग्राम कनारा निवासी मिटीया (46) पत्नी फतेह सिंह कवडे के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 11 से 12 बजे के बीच मृतका के पति फतेह सिंह पानी पीने के लिए उठे थे। जब वह घर के अंदर पहुंचे तो उन्होंने अपनी पत्नी को साड़ी के फंदे के सहारे बल्ली से लटका हुआ पाया। घटना के समय घर में अन्य परिजन सो रहे थे। परिजनों ने फंदे से उतारा, पुलिस ने कराया PM पत्नी का शव फंदे पर लटका देख पति ने तत्काल परिजनों को सूचित किया। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर महिला को फंदे से नीचे उतारा और खेड़ी पुलिस चौकी को सूचना दी। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी राकेश सरेआम अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और पंचनामा कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बैतूल भेजा गया। मजदूरी करती थी मृतका, 5 बच्चों की है मां शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों ने बताया कि महिला मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करती थी। उसके पांच बच्चे हैं, जिनमें चार बेटे और एक बेटी शामिल हैं। बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि चारों बेटे बाहर मजदूरी करते हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है।
रणवीर सिंह कर सकते हैं चंद्रगुप्त मौर्य पर फिल्म:धुरंधर डायरेक्टर के साथ फिर बन सकती है जोड़ी, प्रोजेक्ट पर चर्चा जारी

धुरंधर फ्रैंचाइजी की सफलता के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि डायरेक्टर आदित्य धर का अगला प्रोजेक्ट कौन सा होगा। एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि आदित्य धर रणवीर सिंह के साथ भी एक प्रोजेक्ट पर विचार कर रहे हैं। वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया, आदित्य धर इस समय तीन स्क्रिप्ट पर विचार कर रहे हैं। इनमें द इम्मॉर्टल अश्वत्थामा, एक ऐतिहासिक फिल्म और एक बड़े लेवल की स्पोर्ट्स फिल्म शामिल है। उनकी अगली फिल्म इनमें से कोई एक हो सकती है, जब तक कि कोई नया प्रोजेक्ट प्राथमिकता में न आ जाए। एक सूत्र का कहना है कि द इम्मॉर्टल अश्वत्थामा आदित्य का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। इस फिल्म पर उन्होंने पहले काफी काम किया था, लेकिन ज्यादा बजट के कारण इसे रोक दिया गया था। अब उनकी सक्सेस और इंडस्ट्री में बढ़ते भरोसे के चलते इस प्रोजेक्ट को फिर से शुरू करने की संभावना बनी हुई है। चंद्रगुप्त मौर्य पर आधारित फिल्म पर भी चर्चा एक अन्य सूत्र के मुताबिक, आदित्य धर चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल पर आधारित ऐतिहासिक फिल्म बनाने में भी दिलचस्पी रखते हैं। इस प्रोजेक्ट को लेकर उनकी रणवीर सिंह के साथ पिछले साल से बातचीत चल रही है। धुरंधर की सफलता के बाद दोनों फिर से इस पर चर्चा कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह विषय अभी तक ज्यादा एक्सप्लोर नहीं हुआ है और इसमें ड्रामा, एक्शन और पॉलिटिक्स जैसे कई मजबूत एलिमेंट हैं। अगर ‘अश्वत्थामा’ नहीं बनती, तो यह प्रोजेक्ट आगे बढ़ सकता है। इसके अलावा, एक स्पोर्ट्स ड्रामा भी शुरुआती स्टेज में है, जो बड़े लेवल पर बनाया जा सकता है। हालांकि इसकी जानकारी अभी साफ नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, आदित्य धर धुरंधर 2 के तुरंत बाद नई फिल्म शुरू नहीं करेंगे। तीन साल तक एक ही फिल्म पर काम करने के बाद वह ब्रेक लेंगे।








