बजरंगगढ़ में नदी में मिला लापता युवक का शव:हनुमान जयंती के दिन टेकरी पर दर्शन करने का कहकर निकला था; नदी के पास मिली थी बाइक

गुना के बजरंगगढ़ थाना क्षेत्र में लापता युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। आरोन निवासी 28 वर्षीय कमल साहू, जो 2 अप्रैल से लापता था, उसका शव शनिवार सुबह चौपेट नदी में तैरता हुआ मिला। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। थाना प्रभारी कृपाल सिंह परिहार के अनुसार, कमल साहू 2 अप्रैल की शाम घर से यह कहकर निकला था कि वह अपनी ससुराल सेमरी और हनुमान टेकरी दर्शन के लिए जा रहा है। लेकिन 3 अप्रैल तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने आरोन थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शुक्रवार को पुलिस को बजरंगगढ़ के पास चौपेट नदी किनारे एक लॉक लगी बाइक मिली, जिसके बाद परिजनों को सूचना दी गई और आसपास सर्चिंग शुरू की गई। शनिवार सुबह सर्चिंग के दौरान मृतक के ससुर सहित अन्य परिजन भी मौके पर पहुंचे, तभी नदी में युवक का शव उतराता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। मृतक के भाई अंकित साहू ने बताया कि कमल ने घर से निकलते समय किसी प्रकार की परेशानी का जिक्र नहीं किया था और न ही उसकी किसी से कोई रंजिश थी। उसका मोबाइल भी अगले दिन से बंद आ रहा था। मृतक के परिवार में पत्नी और दो साल की एक बेटी है। वह परिवार के साथ गल्ले के व्यापार से जुड़ा हुआ था। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
मिडिल-ईस्ट जंग: कांग्रेस के 4 बड़े नेता सरकार के साथ:राहुल गांधी से अलग राय रखी; LPG संकट पर कहा- सिर्फ माहौल बनाया जा रहा है

कांग्रेस के चार बड़े नेता मिडिल ईस्ट जंग और एलपीजी संकट पर पार्टी लाइन से हटकर बात कर रहे हैं। इनमें कमलनाथ, आनंद शर्मा, शशि थरूर और मनीष तिवारी शामिल हैं। एक तरफ जहां राहुल गांधी इन मुद्दों पर सीधे पीएम का नाम लेकर निशाना साध रहे हैं। वहीं कांग्रेस के सीनियर लीडर मौजूदा परिस्थिति में भारत की विदेश नीति की तारीफ कर रहे। कांग्रेस MP मनीष तिवारी ने एक टीवी न्यूज चैनल पर वेस्ट एशिया युद्ध पर बोलते हुए कहा कि सरकार शायद सही काम कर रही है। गुरुवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने भारत के डिप्लोमैटिक तरीके की तारीफ करते हुए इसे मैच्योर और स्किलफुल बताया। वहीं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गैस संकट पर कहा था कि ऐसी कोई कमी नहीं है। यह बस एक माहौल बनाया जा रहा है। सरकार के समर्थन में कांग्रेस नेताओं के बयान… आनंद शर्मा बोले- सरकार ने संभावित खतरों से बचाया आनंद शर्मा ने X पर पोस्ट में लिखा कि संकट से निपटने में भारत का डिप्लोमैटिक तरीका समझदारी भरा रहा है। जिससे संभावित मुश्किलों से बचा गया है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने ‘एक अप्रत्याशित और अस्थिर स्थिति’ में राजनीतिक नेताओं को पॉलिसी फैसलों के बारे में बताने के लिए एक ऑल-पार्टी मीटिंग भी की। उन्होंने आगे लिखा कि यह नेशनल डायलॉग जारी रहना चाहिए। नेशनल एकता और नेशनल इंटरेस्ट को ध्यान में रखकर एक मैच्योर रिस्पॉन्स आज की जरूरत है। इस पोस्ट को भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी शेयर किया था। कमलनाथ बोले- गैस की कहीं पर कोई कमी नहीं LPG की कमी की कई रिपोर्टों के सामने आने पर कमलनाथ ने कहा, ऐसी कोई कमी नहीं है। यह बस एक माहौल बनाया जा रहा है कि कमी है। कमलनाथ ने कुछ लोगों पर राजनीतिक फायदे के लिए जानबूझकर पैनिक पैदा करने का आरोप लगाया। हालांकि इस बयान पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी रिएक्शन दिया। उन्होंने X पर पोस्ट में लिखा कि कांग्रेस के नेता खुद मान रहे हैं कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की कमी नहीं है। थरूर बोले थे- भारत की चुप्पी जंग का समर्थन करना नहीं कांग्रेस MP शशि थरूर ने इंडियन एक्सप्रेस में एक आर्टिकल में लिखा था कि मिडिल ईस्ट जंग मामले में भारत का संयम स्ट्रेटेजिक समझदारी दिखाता है। उन्होंने लिखा, इस मामले में चुप्पी कायरता नहीं है। बल्कि हमें समझना होगा कि हमारे राष्ट्रीय हित इस इलाके से जुड़े हुए हैं। अब सरकार के खिलाफ राहुल के 2 बयान… 12 मार्च: राहुल बोले- देश में ईंधन की बड़ी समस्या आने वाली है राहुल गांधी ने कहा- आने वाले समय में ईंधन एक बड़ी समस्या बनने वाला है, क्योंकि हमारी ऊर्जा सुरक्षा प्रभावित हो चुकी है। गलत विदेश नीति के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। अब हमें तैयारी करनी होगी। हमारे पास अभी थोड़ा समय है, इसलिए सरकार और प्रधानमंत्री को तुरंत तैयारी शुरू करनी चाहिए, वरना करोड़ों लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। मुझे साफ दिख रहा है कि एक बड़ी समस्या आने वाली है। समस्या यह है कि प्रधानमंत्री देश के प्रधानमंत्री की तरह काम नहीं कर पा रहे हैं। इसके पीछे भी कारण हैं, वे फंसे हुए हैं। 21 मार्च: राहुल बोले- तेल की कीमतें बढ़ना महंगाई का संकेत कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने डॉलर के मुकाबले रुपए के गिरने और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमत बढ़ने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राहुल ने X पोस्ट में लिखा, ‘रुपए का डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 100 की तरफ बढ़ना और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी, ये सिर्फ आंकड़े नहीं, आने वाली महंगाई के साफ संकेत हैं।’ ———————– ये खबर भी पढ़ें… घरों तक जंग की आंच, दूध-किराना-इलाज महंगे होंगे: रोजमर्रा के सामान के दाम बढ़ाने की तैयारी पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने कंपनियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कच्चे तेल और अन्य कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से लागत बढ़ रही है और कंपनियां दाम बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। इससे बोतलबंद पानी, नमक, तेल जैसी रोजमर्रा की चीजें, एसी, फ्रिज जैसे कंज्यूमर ड्यूरेबल से लेकर नॉन-सर्जिकल मेडिकल आइटम के दाम बढ़ सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
मिडिल-ईस्ट जंग: कांग्रेस के 4 बड़े नेता सरकार के साथ:राहुल गांधी से अलग राय रखी; LPG संकट पर कहा- सिर्फ माहौल बनाया जा रहा है

कांग्रेस के चार बड़े नेता मिडिल ईस्ट जंग और एलपीजी संकट पर पार्टी लाइन से हटकर बात कर रहे हैं। इनमें कमलनाथ, आनंद शर्मा, शशि थरूर और मनीष तिवारी शामिल हैं। एक तरफ जहां राहुल गांधी इन मुद्दों पर सीधे पीएम का नाम लेकर निशाना साध रहे हैं। वहीं कांग्रेस के सीनियर लीडर मौजूदा परिस्थिति में भारत की विदेश नीति की तारीफ कर रहे। कांग्रेस MP मनीष तिवारी ने एक टीवी न्यूज चैनल पर वेस्ट एशिया युद्ध पर बोलते हुए कहा कि सरकार शायद सही काम कर रही है। गुरुवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने भारत के डिप्लोमैटिक तरीके की तारीफ करते हुए इसे मैच्योर और स्किलफुल बताया। वहीं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गैस संकट पर कहा था कि ऐसी कोई कमी नहीं है। यह बस एक माहौल बनाया जा रहा है। सरकार के समर्थन में कांग्रेस नेताओं के बयान… आनंद शर्मा बोले- सरकार ने संभावित खतरों से बचाया आनंद शर्मा ने X पर पोस्ट में लिखा कि संकट से निपटने में भारत का डिप्लोमैटिक तरीका समझदारी भरा रहा है। जिससे संभावित मुश्किलों से बचा गया है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने ‘एक अप्रत्याशित और अस्थिर स्थिति’ में राजनीतिक नेताओं को पॉलिसी फैसलों के बारे में बताने के लिए एक ऑल-पार्टी मीटिंग भी की। उन्होंने आगे लिखा कि यह नेशनल डायलॉग जारी रहना चाहिए। नेशनल एकता और नेशनल इंटरेस्ट को ध्यान में रखकर एक मैच्योर रिस्पॉन्स आज की जरूरत है। इस पोस्ट को भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी शेयर किया था। कमलनाथ बोले- गैस की कहीं पर कोई कमी नहीं LPG की कमी की कई रिपोर्टों के सामने आने पर कमलनाथ ने कहा, ऐसी कोई कमी नहीं है। यह बस एक माहौल बनाया जा रहा है कि कमी है। कमलनाथ ने कुछ लोगों पर राजनीतिक फायदे के लिए जानबूझकर पैनिक पैदा करने का आरोप लगाया। हालांकि इस बयान पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी रिएक्शन दिया। उन्होंने X पर पोस्ट में लिखा कि कांग्रेस के नेता खुद मान रहे हैं कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की कमी नहीं है। थरूर बोले थे- भारत की चुप्पी जंग का समर्थन करना नहीं कांग्रेस MP शशि थरूर ने इंडियन एक्सप्रेस में एक आर्टिकल में लिखा था कि मिडिल ईस्ट जंग मामले में भारत का संयम स्ट्रेटेजिक समझदारी दिखाता है। उन्होंने लिखा, इस मामले में चुप्पी कायरता नहीं है। बल्कि हमें समझना होगा कि हमारे राष्ट्रीय हित इस इलाके से जुड़े हुए हैं। अब सरकार के खिलाफ राहुल के 2 बयान… 12 मार्च: राहुल बोले- देश में ईंधन की बड़ी समस्या आने वाली है राहुल गांधी ने कहा- आने वाले समय में ईंधन एक बड़ी समस्या बनने वाला है, क्योंकि हमारी ऊर्जा सुरक्षा प्रभावित हो चुकी है। गलत विदेश नीति के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। अब हमें तैयारी करनी होगी। हमारे पास अभी थोड़ा समय है, इसलिए सरकार और प्रधानमंत्री को तुरंत तैयारी शुरू करनी चाहिए, वरना करोड़ों लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। मुझे साफ दिख रहा है कि एक बड़ी समस्या आने वाली है। समस्या यह है कि प्रधानमंत्री देश के प्रधानमंत्री की तरह काम नहीं कर पा रहे हैं। इसके पीछे भी कारण हैं, वे फंसे हुए हैं। 21 मार्च: राहुल बोले- तेल की कीमतें बढ़ना महंगाई का संकेत कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने डॉलर के मुकाबले रुपए के गिरने और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमत बढ़ने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राहुल ने X पोस्ट में लिखा, ‘रुपए का डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 100 की तरफ बढ़ना और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी, ये सिर्फ आंकड़े नहीं, आने वाली महंगाई के साफ संकेत हैं।’ ———————– ये खबर भी पढ़ें… घरों तक जंग की आंच, दूध-किराना-इलाज महंगे होंगे: रोजमर्रा के सामान के दाम बढ़ाने की तैयारी पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने कंपनियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कच्चे तेल और अन्य कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से लागत बढ़ रही है और कंपनियां दाम बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। इससे बोतलबंद पानी, नमक, तेल जैसी रोजमर्रा की चीजें, एसी, फ्रिज जैसे कंज्यूमर ड्यूरेबल से लेकर नॉन-सर्जिकल मेडिकल आइटम के दाम बढ़ सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
कॉकरोच हटाने के उपाय: कॉकरोच ने किचन-बाथरूम की नाल पर कब्ज़ा कर लिया है? इन 2 उपायों से एक मिनट में हो जाएंगे रफूचक्कर

4 अप्रैल 2026 को 12:52 IST पर अपडेट किया गया कॉकरोच भगाने के उपाय: किचन और किचन की नालियों में कॉकरोच का होना बहुत आम समस्या है। ये न सिर्फ गाय-बैल फैले हुए हैं, बल्कि स्थैतिक का कारण भी बन सकते हैं। अगर आप भी परेशान हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। घर में मौजूद हल्दी से ही आप आसानी से भाग सकते हैं। तो जानें जानें यहां भागने के आसान उपाय- अनुसरण करना : उपाय 1: हल्दी और फर्म सोडा का मिश्रण: 1 माइनॉर्ज़ लें हल्दी और 1 मेरिक्स सोडा स्टॉक्स। इसमें थोड़ा सा पानी स्टेरॉयड पेस्ट बना लें। इससे कॉकरोच जल्दी भाग जाते हैं। छवि: फ्रीपिक इस पेस्ट को किचन और किश्ती की नाल के आसपास लगाया गया। रात भर ऐसे ही निकल जाना। हल्दी में एंटी-एसिड गुण होते हैं और सोडा कॉकरोच को खत्म करने में मदद मिलती है। छवि: फ्रीपिक उपाय 2: हल्दी और नीम पाउडर: 1 माइक्रो हल्दी और 1 माइक्रो नीम का पाउडर इस मिश्रण को सूखा ही नालो और देशी में छिड़कें। जहां कॉकरोच प्रमुख दिग्दर्शन हैं, वहां विशेष ध्यान हैं। छवि: फ्रीपिक नीम और हल्दी दोनों ही प्राकृतिक कीट-नाशक हैं। यूक्रेनी गंध कॉकरोच को दूर भगाएं। छवि: एआई किचन और किचन को हमेशा साफ रखें। नालो में जमी गंदगी को समय-समय पर साफ करें। खाने की चीज़ें खुली न छोड़ें। रात में एक साथ रहने की कोशिश करें। छवि: फ्रीपिक कॉकरोच से निःशुल्क प्राप्त करने के लिए महिंद्रा केमिकल्स की आवश्यकता नहीं है। हल्दी जैसे घरेलू उपाय से भी आप आसानी से आराम पा सकते हैं। छवि: एआई बस थोड़ी सी नियमितता और सफाई साफ-सुथरा ताकि आपका घर रहे साफ और किट-मुक्त रहे। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 4 अप्रैल 2026 12:52 IST
हंसने से दिमाग में ‘फील गुड’ हॉर्मोन रिलीज होते हैं:अपनी गलतियों पर हंसना सीखें, मानसिक सेहत बेहतर और घबराहट कम होगी

सोचिए, आप एक भरी मीटिंग में अपनी कुर्सी से फिसल जाएं या किसी नए इंसान को गलत बात बोल दें। ऐसे में हम अक्सर शर्म से लाल हो जाते हैं और उस पल को याद कर-कर के घंटों परेशान होते हैं। लेकिन जर्नल ऑफ पर्सनैलिटी एंड सोशल साइकोलॉजी की नई रिसर्च कहती है कि उस पल में अगर आप खुद पर हंसना सीख लें, तो यह आपके मानसिक स्वास्थ्य और सोशल इमेज दोनों के लिए फायदेमंद है। मनोविज्ञान में इसे ‘सेल्फ-डेप्रेकेटिंग ह्यूमर’ कहा जाता है। इसका मतलब है अपनी छोटी-मोटी गलतियों को हंसी में उड़ा देना। इसके लिए खुद को ट्रेंड करें विशेषज्ञ कहते हैं कि हमारी किसी गलती पर लोग हमें उतना जज नहीं करते, जितना हम दिमाग में सोच लेते हैं। किसी गलती पर दिमाग को कहें कि अगर इससे किसी को नुकसान नहीं हुआ, तो ये कोई बड़ी बात नहीं। ऐसे अभ्यास से खुद पर आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। किस स्थिति में न हंसे खुद पर हंसना तभी तक ठीक है जब तक आपकी गलती से किसी का नुकसान न हो। अगर आपकी वजह से किसी को चोट लगती है या किसी का दिल दुखता है, तो वहां हंसना आपको लापरवाह दिखाता है।
GST अधिकारी से विवाद के बाद ट्रांसपोर्टर की मौत:आगरा में सड़क पर मिला शव; कॉन्फ्रेंस कर लगाया था वसूली का आरोप

आगरा में एक ट्रांसपोर्टर की लाश शनिवार सुबह 5 बजे सड़क पर मिली। सिर पर चोट के निशान थे। ट्रांसपोर्टर अजहर का कुछ महीनों से GST अधिकारी से विवाद चल रहा था। उन्होंने जीएसटी अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। अजहर के बेटे सजमल ने बताया- पिता ने गुरुवार को जीएसटी अधिकारी के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसके बाद अलग-अलग नंबरों से धमकी भरे कॉल आ रहे थे। उनपर दबाव बनाया जा रहा था कि शिकायत वापस ले लो, नहीं तो तुमको मार दिया जाएगा। पिता शुक्रवार की रात जयपुर जूता ट्रांसपोर्ट करने के लिए निकले थे। इस दौरान उनकी हत्या की गई है। रात में फोन करके बताया था कि GST अधिकारी ने गाड़ी पकड़ ली है, इसके बाद से उनका पता नहीं चला। बॉडी को देख सड़क पर लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। लाश भोगीपुरा के प्रकाश नगर में मिली थी। अब पढ़िए पूरा मामला… 55 साल के अजहर अली मेवाती गली में अपनी पत्नी और बेटा सजमल के साथ रहते थे। अजहर अली ट्रांसपोर्ट का काम करते थे। उनका जिला जीएसटी अधिकारी से विवाद चल रहा था। उनका कहना था कि जीएसटी अधिकारी आए दिन घुसखोरी करते हैं, जिससे उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसको लेकर उन्होंने 2 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। भतीजे अरशद ने बताया- चाचा अजहर अली हर बार की तरह शुक्रवार की रात जयपुर के लिए जूता ट्रांसपोर्ट करने के लिए निकले थे। उनका रात 2 बजे फोन आया था। बताया कि GST अधिकारी ने गाड़ी को पकड़ लिया है, वे अब GST ऑफिस जा रहे हैं। इसके बाद कोई फोन नहीं आया, गाड़ी छूट गई या नहीं। ये भी नहीं पता चला। कुछ देर बाद हमने फोन किया तो बंद जा रहा था। अरशद ने बताया- जहां हमारी ट्रांसपोर्ट कंपनी है, वहां से तीन घंटे बाद करीब 5 बजे फोन आया कि चाचा का शव पड़ा है। इसके बाद हम सभी लोग पहुंच गए। मौके पर जब पहुंचे तो देखा की चाचा के सिर में चोट के निशान हैं। उनकी मौत हो चुकी है। पुलिस के पास एक वीडियो है, उसमें लग रहा कि चाचा को एक कार फेंक कर गई है और किसी ने उनकी हत्या की है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। क्षेत्र के CCTV देखे जा रहे हैं, जिससे पता चल सके कि कार से एक्सीडेंट हुआ है, या फिर कार में से अजहर को फेंका गया है। कॉन्फ्रेंस के 24 घंटे बाद ही लाश मिली गुरुवार को अजहर ने जीएसटी अधिकारी के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। जिसमें पीड़ित रवि मोहन और अजहर अली ने पूरी जानकारी दी थी। दोनों पीड़ितों ने दावा किया था कि जिन जीएसटी अधिकारियों के खिलाफ उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है, वे अब शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के 24 घंटे बाद ही दोनों पीड़ितों में से एक अजहर अली की लाश आज सड़क किनारे मिली। बेटे ने कहा- जीएसटी अधिकारी के साथ गए थे पिता अजहर के बेटे सजमल ने कहा- उनका परिवार ट्रांसपोर्ट का काम करता है। उनके पिता अजहर अली जीएसटी अधिकारी रेशु त्रिपाठी द्वारा अपनी गाड़ी रोके जाने पर पेपर चेक कराने गए थे, लेकिन अधिकारी गाड़ी लेकर चली गईं। अजहर अली भी उनके साथ गए। आज सुबह करीब 5 बजे उन्हें पिता की लाश मिलने की सूचना मिली। एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया- सीसीटीवी में एक कार ट्रांसपोर्टर को टक्कर मारते दिख रही है। परिजन के कहने पर वीडियोग्राफी के साथ चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमॉर्टम कराया गया है। कार और चालक का पता लगाया जा रहा है। परिजन जो तहरीर देंगे, उसके आधार पर भी जांच की जाएगी। ———————- आपके विधायक को टिकट मिलना चाहिए या नहीं, सर्वे में हिस्सा लेकर बताएं यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… ये खबर भी पढ़ें… काशी में योगी ने फिल्म धुरंधर की तारीफ की; कहा- अब फिल्मों में ‘डकैत’ दिखाए जा रहे, MP के सीएम ने गिफ्ट की वैदिक घड़ी सीएम योगी ने रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ की तारीफ की। मौका था, काशी में शुक्रवार को चल रहे विक्रमोत्सव 2026 के महानाट्य मंचन का। योगी ने कहा- आज की फिल्मों में ‘डकैतों’ को दिखाया जा रहा है। आज की फिल्में बदली हैं। पहले तो सही को गलत और गलत को सही दिखाया जा रहा था। अब सही को सही दिखाया जा रहा है। पढ़िए पूरी खबर
तमिलनाडु चुनाव से पहले एनईपी पर फिर द्रमुक बनाम भाजपा, अन्नामलाई ने स्टालिन के ‘हिंदी थोपने’ के दावे को खारिज किया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 11:51 IST तीन भाषा फॉर्मूला केंद्र और तमिलनाडु सरकार के बीच बहस का केंद्र बिंदु बन गया, तमिलनाडु सरकार ने आरोप लगाया कि यह गैर-हिंदी भाषी राज्यों पर दबाव डालता है। भाजपा नेता अन्नामलाई और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (बाएं से दाएं) भाजपा नेता के अन्नामलाई ने शुक्रवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 के तहत उल्लिखित तीन-भाषा फॉर्मूले को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन पर निशाना साधा। ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, अन्नामलाई ने तर्क दिया कि केंद्र का तमिलनाडु के स्कूलों पर हिंदी भाषा “थोपने” का इरादा नहीं है, उन्होंने दावों को “गुमराह कहानी” कहा। तीन भाषा फॉर्मूला केंद्र और द्रमुक के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार के बीच बहस का केंद्र बिंदु बन गया, बाद में आरोप लगाया गया कि यह गैर-हिंदी भाषी राज्यों पर दबाव डालता है। दूसरी ओर, एनडीए के नेतृत्व वाले केंद्र का कहना है कि नीति बहुभाषावाद को बढ़ावा देती है। “यह थिरु बन गया है @एमकेस्टालिन एवीएल की आदत उस चीज के बारे में शिकायत करने की है जो केंद्र सरकार की मंशा से दूर-दूर तक मेल नहीं खाती। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए जारी माध्यमिक विद्यालय पाठ्यक्रम (भाग-1) में सीबीएसई का कहना है कि शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में ग्रेड 6 से तीन भाषा की शिक्षा अनिवार्य कर दी जाएगी। और यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इन तीन भाषाओं में से दो भारत की मूल निवासी होनी चाहिए”, अन्नामलाई ने लिखा। भाजपा के पूर्व नेता अन्नामलाई ने कहा कि भारत के संविधान की 8वीं अनुसूची में सूचीबद्ध सभी अनुसूचित भाषाओं के अलावा, अन्य भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं की पेशकश की जा रही है, जैसा कि एनईपी 2020 के तहत रेखांकित किया गया है। यह थिरु बन गया है @एमकेस्टालिन एवीएल की आदत उस चीज के बारे में शिकायत करने की है जो केंद्र सरकार की मंशा से दूर-दूर तक मेल नहीं खाती। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए जारी माध्यमिक विद्यालय पाठ्यक्रम (भाग-1) में सीबीएसई का कहना है कि तीन-भाषा की शिक्षा होगी… https://t.co/g9lq1BmzES pic.twitter.com/OV2JbaM9EV– के.अन्नामलाई (@annamaलाई_k) 4 अप्रैल 2026 उन्होंने कहा, “इसमें हिंदी थोपने का सवाल कहां है? पिछले साल, सीबीएसई ने स्कूली शिक्षा के बुनियादी और प्रारंभिक चरणों के दौरान शिक्षा के माध्यम के रूप में मातृभाषा या घरेलू भाषा का उपयोग करने पर विशेष जोर दिया था।” News18 में यह भी शामिल: तीसरी भाषा, एआई और व्यावसायिक शिक्षा अनिवार्य भाजपा नेता ने सीएम स्टालिन को सुझाव दिया कि वह अपनी बेटी, जो सीबीएसई स्कूल के तहत एक स्कूल चलाती है, के साथ त्रि-भाषा फॉर्मूले के बारे में जांच करें। “थिरु@mkstalinavl को अपनी बेटी, जो एक सीबीएसई स्कूल चलाती है, से जांच करनी चाहिए कि क्या उसने अपने स्कूल में बुनियादी स्तर पर छात्रों को शिक्षा के माध्यम के रूप में तमिल में शिक्षा प्रदान करना शुरू कर दिया है। वह अपने मंत्रियों और प्रमुख डीएमके पदाधिकारियों से भी जांच कर सकते हैं जो पूरे तमिलनाडु में सीबीएसई स्कूल चलाते हैं।” दावों को ‘भ्रामक आख्यान’ बताते हुए उन्होंने कहा, “लगभग वे दिन याद आ जाते हैं जब आपके गुमराह आख्यानों को सुलझाने के लिए कम से कम कुछ प्रयास की आवश्यकता होती थी। अब, वे हल्की सी जांच के तहत ध्वस्त होते दिख रहे हैं।” न्यूज़18 ने भी कवर किया: तमिलनाडु चुनाव के लिए बीजेपी द्वारा टिकट नहीं दिए जाने पर अन्नामलाई ने चुप्पी तोड़ी: ‘मैंने फैसला किया…’ ‘गलत सोच वाली नीति’ ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए पूछा कि क्या हिंदी भाषी राज्यों को एनईपी 2020 के तहत दक्षिण भारतीय भाषाएं सीखना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा, “केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा हाल ही में अनावरण किया गया पाठ्यक्रम ढांचा, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है, एक निर्दोष शैक्षणिक सुधार नहीं है – यह भाषाई थोपने का एक सोचा-समझा और गहराई से संबंधित प्रयास है जो हमारी लंबे समय से चली आ रही आशंकाओं को सही ठहराता है”, उन्होंने कहा। स्टालिन का आरोप है कि यह नीति गैर-हिंदी भाषी राज्यों पर हिंदी को “थोपने” के व्यापक एजेंडे का हिस्सा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा हाल ही में अनावरण किया गया पाठ्यक्रम ढांचा, एक निर्दोष शैक्षणिक सुधार नहीं है – यह भाषाई थोपने का एक सोचा-समझा और गहराई से संबंधित प्रयास है जो हमारे लंबे समय से चले आ रहे… pic.twitter.com/9sTZKVV7md– एमकेस्टालिन – தமிழ்நாட்டை தலைகுனிய விடமாட்டேன் (@mkstalin) 4 अप्रैल 2026 “भारतीय भाषाओं” को बढ़ावा देने की आड़ में, भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार आक्रामक रूप से एक केंद्रीकृत एजेंडे को आगे बढ़ा रही है जो हिंदी को विशेषाधिकार देता है और भारत की समृद्ध और विविध भाषाई विरासत को व्यवस्थित रूप से हाशिए पर रखता है। तथाकथित तीन-भाषा फॉर्मूला, वास्तव में, गैर-हिंदी भाषी क्षेत्रों में हिंदी का विस्तार करने के लिए एक गुप्त तंत्र है। “दक्षिणी राज्यों में छात्रों के लिए, यह ढांचा प्रभावी रूप से अनिवार्य हिंदी सीखने में तब्दील हो जाता है। फिर भी, पारस्परिकता कहां है? क्या हिंदी भाषी राज्यों में छात्रों को तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम या यहां तक कि बंगाली और मराठी जैसी भाषाएं सीखना अनिवार्य होगा? ऐसी स्पष्टता का पूर्ण अभाव इस नीति की एकतरफा और भेदभावपूर्ण प्रकृति को उजागर करता है”, स्टालिन ने तर्क दिया। मुख्यमंत्री ने राज्य में त्रि-भाषा नीति को लागू करने के लिए बुनियादी ढांचे और संसाधनों की कमी पर जोर दिया और इसे “गलत सोच वाली” नीति बताया। “क्या केंद्र सरकार को शिक्षकों की उपलब्धता, प्रशिक्षण क्षमता और बुनियादी ढांचे की जमीनी हकीकत की कोई समझ है? इस व्यापक अभ्यास को लागू करने के लिए योग्य शिक्षक कहां हैं? और महत्वपूर्ण बात यह है कि शिक्षा प्रणाली पर इस भारी बोझ का समर्थन करने के लिए धन कहां है? यह योजना, संसाधनों या जवाबदेही के बिना घोषित की गई एक और गलत नीति प्रतीत होती है”, उन्होंने कहा। पहले प्रकाशित: 04 अप्रैल, 2026, 11:47 IST समाचार राजनीति तमिलनाडु चुनाव से पहले एनईपी पर फिर द्रमुक बनाम भाजपा, अन्नामलाई ने स्टालिन के ‘हिंदी थोपने’ के दावे को खारिज किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ
ग्वालियर में मौसम बदला, गर्मी से राहत:बूंदाबांदी से फीकी पड़ रही गेहूं की चमक,न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री पर पहुंचा, आज बारिश का येलो अलर्ट

ग्वालियर में जम्मू-कश्मीर से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई दे रहा है। शुक्रवार सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई और दिनभर बादल छाए रहे, जिससे गर्मी से राहत मिली। अधिकतम तापमान गिरकर 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं शनिवार का न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। मौसम विभाग ने 4 अप्रैल के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 7 अप्रैल तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। हालांकि, बदला हुआ मौसम किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है। लगातार नमी और बूंदाबांदी के कारण गेहूं की फसल प्रभावित हो रही है। बालियां भीगने से फीकी पड़ रही गेहूं की चमक खेतों में खड़ी गेहूं की बालियां भीगने से दाने काले पड़ने लगे हैं और उनकी चमक कम हो रही है। इससे बाजार में गेहूं की कीमतों पर असर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि मौसम इसी तरह बदलता रहा, तो फसल को और अधिक नुकसान हो सकता है। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम में फिर से जल्द ही बदलाव होने वाला है, वैज्ञानिकों ने अगले 24 घंटे में बूंदाबांदी के साथ तेज बारिश आंधी चलने की संभावना जताई है। एक दिन पहले गर्मी से बेहाल थे लोग अगर पिछले दो दिनों की बात करें तो शहर में तेज धूप और गर्मी से लोग बेहाल हो रहे थे, लोग घर से निकलने से पहले चेहरा, हाथ और पैरों को पूरे कपड़े से ढंककर निकल रहे थे। सूर्य की तपिश इतनी तेज थी कि लोग इनसे बचने के लिए पेड़ों की छांव ढूंढ रहे थे, लेकिन बीते रात हुई हल्की बनाई और तेज हवाओं के चलते लोगों को बड़ी राहत मिली है।
सुनंदा शर्मा के पैरों में गिरा फैन:डरकर चिल्लाई सिंगर, स्टेज छोड़ा, बाउंसरों ने युवक को स्टेज से नीचे फेंका; शो बीच में ही कैंसिल

पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा ने गाजियाबाद में बीच में ही लाइव शो कैसिंल कर दिया और परफॉर्मेंस छोड़कर चली गईं। 3 अप्रैल की रात आरकेजीआईटी कॉलेज में चल रहे शो के दौरान अचानक एक युवक स्टेज पर चढ़ गया और उन्हें छूने की कोशिश करने लगा और उनके पैरों में गिर पड़ा। अचानक हुई इस घटना से सुनंदा घबरा गईं। जैसे ही युवक ने उन्हें छुआ, वह जोर से चीखीं और भागकर स्टेज के पीछे चली गईं। माइक ऑन होने की वजह से उनकी चीख साफ सुनाई दी, जिससे माहौल अफरा-तफरी में बदल गया। युवक करीब 2 मिनट तक स्टेज पर रहा और शाहरुख खान के सिग्नेजर स्टाइल में वाहें फैलाकर स्टूडेंट्स की तरफ देखने लगा। आवाज सुनते ही पुलिस तुरंत स्टेज पर पहुंची और युवक को वहां से हटाया। बाउंसरों ने भी उसे पकड़कर स्टेज से नीचे उतारा और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। फिलहाल गाजियाबाद पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि युवक उसी कॉलेज का छात्र है। इस घटना के बाद सुनंदा इतनी डर गईं कि दोबारा स्टेज पर नहीं लौटीं। नीचे मौजूद लोग उन्हें वापस बुलाते रहे, लेकिन उनकी टीम ने शो को बीच में ही कैंसिल करने का फैसला लिया। शो रद्द होने की घोषणा के बाद छात्र निराश होकर वापस लौट गए। स्टेज पर सुनंदा के साथ क्या हुआ… शो को नेक्सट लेवल का बनाने की जानकारी की थी साझा शो शुरु होने से पहले सुनंदा काफी एक्साइटेड दिखीं। उन्होंने खुद वीडियो शेयर कर कहा कि मेरा आज गाजिबाद में शो है। इसके बाद वह स्टेज पर आने के बाद कहने लगीं कि आज मैं गाजियाबाद में आई हूं और ऐसा कैसे हो सकता है कि गाजियाबाद वाले मेरे साथ न गुनगुनाएं। सुनंदा ने कहा कि आज का शो नेक्सट लेवल का होने वाला है।
स्लो ओवर के लिए अय्यर पर ₹24 लाख का जुर्माना:अब एक और गलती की तो पंजाब के कप्तान पर लगेगा एक मैच का बैन

IPL के 7वें मैच में पंजाब किंग्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराया, लेकिन इस मैच में स्लो ओवर रेट की वजह से कप्तान श्रेयस अय्यर पर ₹24 लाख का जुर्माना लगाया गया है। यह इस सीजन का पंजाब किंग्स का दूसरा ओवर-रेट अपराध है। इसलिए सिर्फ कप्तान ही नहीं, पूरी प्लेइंग इलेवन और इम्पैक्ट प्लेयर को भी सजा मिली है। बाकी सभी खिलाड़ियों पर ₹6 लाख या उनके मैच फीस का 25 प्रतिशत, जो भी कम हो, उतना जुर्माना लगाया गया है। अगली बार बैन तय IPL के नियमों के मुताबिक, अगर अब टीम से फिर ऐसी गलती होती है तो अय्यर पर 30 लाख रुपए का जुर्माना लगेगा और एक मैच का बैन भी झेलना पड़ेगा। पंजाब को अभी लीग स्टेज में 12 से ज्यादा मैच खेलने हैं, ऐसे में अब गलती की गुंजाइश बहुत कम बची है। श्रेयस अय्यर ने 50 रन बनाए इस मैच में श्रेयस अय्यर ने बल्लेबाजी से टीम का नेतृत्व किया। उन्होंने 29 गेंदों पर 50 रन की शानदार पारी खेली। उनकी नेहल वाधेरा के साथ 59 रन की साझेदारी मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। पंजाब किंग्स को जीत के लिए 209 रन का टारगेट मिला था, जिसे उन्होंने 5 विकेट खोकर आराम से हासिल कर लिया। आयुष म्हात्रे की पारी पर भारी पड़ी पंजाब की बैटिंग इससे पहले चेन्नई सुपर किंग्स ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 209 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। चेन्नई की ओर से युवा बल्लेबाज आयुष म्हात्रे ने 43 गेंदों में 73 रनों की बेहतरीन पारी खेली और कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ (28 रन) के साथ 96 रनों की साझेदारी की। हालांकि, पंजाब की शुरुआत भी प्रियांश आर्य की 11 गेंदों में 39 रनों की तूफानी पारी से हुई। अंत में प्रभसिमरन सिंह, कूपर कोनोली और अय्यर की पारियों ने चेन्नई के स्कोर को छोटा साबित कर दिया और पंजाब ने लगातार दूसरी जीत दर्ज की। ————————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… युवराज बोले- धोनी के सच्चाई बताने के बाद लिया रिटायरमेंट:कप्तान विराट, कोच ने स्पष्ट नहीं किया था कि आगे टीम में लेंगे या नहीं 2011 वर्ल्ड कप के हीरो रहे युवराज सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा कि धोनी से पता चला था कि अब चयनकर्ता उनके नाम पर विचार नहीं कर रहे हैं। इसके बाद ही युवराज ने 10 जून 2019 को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट सें संन्यास ले लिया था। पूरी खबर








