Tuesday, 15 Sep 2026 | 09:21 AM

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टीटीई ने अकेले एक करोड़ वसूले:खंडवा स्टेशन पर टिकट चेकिंग का रिकॉर्ड; यात्रियों पर 10 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना लगा

टीटीई ने अकेले एक करोड़ वसूले:खंडवा स्टेशन पर टिकट चेकिंग का रिकॉर्ड; यात्रियों पर 10 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना लगा

पश्चिम मध्य रेलवे के खंडवा जंक्शन पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में टिकट जांच अभियान के दौरान उप मुख्य टिकट निरीक्षक (TTE) धर्मेंद्र मीणा ने अकेले 16,500 बिना टिकट यात्रियों से 1 करोड़ 2 लाख 75 हजार रुपए का जुर्माना वसूला है। इस वसूली के साथ वे खंडवा रेलवे के इतिहास में एक साल में एक करोड़ से अधिक का राजस्व वसूलने वाले पहले टीटीई बन गए हैं। इस वित्तीय वर्ष में खंडवा स्टेशन के सभी जांच कर्मचारियों ने मिलकर कुल 10 करोड़ 35 लाख रुपए और भुसावल मंडल ने 81 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड वसूली की है। रेलवे प्रशासन बिना टिकट यात्रा पर अंकुश लगाने के लिए यह चेकिंग अभियान लगातार जारी रखे हुए है। खंडवा के इतिहास में पहली बार 1 करोड़ के पार वसूली उप मुख्य टिकट निरीक्षक धर्मेंद्र मीणा ने पूरे साल में करीब 16,500 बिना टिकट यात्रियों पर कार्रवाई करते हुए यह बड़ी उपलब्धि हासिल की। वे एक वित्तीय साल में 1 करोड़ 2 लाख 75 हजार रुपए की वसूली करने वाले पहले टीटीई बन गए हैं। रेलवे प्रशासन ने उनकी इस सफलता को अनुशासन और सख्ती का प्रभावी उदाहरण माना है। कर्मचारियों के लगातार अभियान से रेलवे राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। खंडवा स्टेशन की कुल वसूली 10.35 करोड़ खंडवा स्टेशन पर तैनात सभी टिकट जांच कर्मचारियों ने मिलकर वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 10 करोड़ 35 लाख रुपए की वसूली की। पिछले सालों की तुलना में यह आंकड़ा काफी अधिक है। अन्य टीटीई द्वारा की गई वसूली इस प्रकार है: 81 करोड़ वसूलकर भुसावल मंडल मध्य रेल में प्रथम खंडवा स्टेशन जिस भुसावल मंडल के अंतर्गत आता है, उसने भी वित्तीय साल 2025-26 में बिना टिकट यात्रियों से कुल 81 करोड़ रुपए का राजस्व एकत्र किया है। यह वसूली मध्य रेल के सभी मंडलों में सर्वाधिक है। इसी के साथ भुसावल मंडल बिना टिकट यात्रियों से जुर्माना वसूलने के मामले में प्रथम स्थान पर रहा है। डीआरएम बोले- आगे भी तेज किए जाएंगे अभियान भुसावल रेल मंडल के डीआरएम पुनीत अग्रवाल ने कहा कि, “नियमित चेकिंग अभियान, स्टाफ की सक्रियता और यात्रियों में जागरूकता के कारण यह संभव हो पाया है। आने वाले समय में भी इस तरह के अभियान और तेज किए जाएंगे, ताकि बिना टिकट यात्रा पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।”

घाटमपुर बस स्टैंड पर जल मंदिर शुरू, जल संरक्षण अभियान को मिली गति

घाटमपुर बस स्टैंड पर जल मंदिर शुरू, जल संरक्षण अभियान को मिली गति

सागर | मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के तहत संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत ग्राम घाटमपुर में बस स्टैंड पर राहगीरों की सुविधा के लिए जल मंदिर (प्याऊ) का शुभारंभ किया गया। यह पहल नवांकुर संस्था विद्या विजय एजुकेशन सोशल वेल्फेयर सोसायटी द्वारा की गई।संभाग समन्वयक दिनेश उमरैया ने ग्राम समितियों से जल संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने जल स्रोतों की सफाई, गहरीकरण और जनजागरूकता पर जोर दिया। विकासखंड समन्वयक जय सिंह ठाकुर ने बताया कि अभियान के तहत आगे भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम में सभी ने जल संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर नवांकुर संस्था के कार्यक्रम समन्वयक गौरव सिंह राजपूत, चैन सिंह ठाकुर, नंदलाल पटैल, आशीष गर्ग, एमएस डब्ल्यू छात्र, समिति पदाधिकारी एवं ग्राम के प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

हिमाचल के ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी, निचले इलाकों में बारिश:24 घंटे में 4.6॰C गिरा तापमान, 9 अप्रैल तक ओलावृष्टि-तूफान की चेतावनी

हिमाचल के ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी, निचले इलाकों में बारिश:24 घंटे में 4.6॰C गिरा तापमान, 9 अप्रैल तक ओलावृष्टि-तूफान की चेतावनी

हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति जिले के ऊंचे पहाड़ों पर अप्रैल में भी बर्फबारी हो रही है। बीती रात को अटल टनल, दारचा, रोहतांग दर्रा, शिंकुला दर्रा और स्पीति वैली में ताजा हिमपात हुआ। राज्य के अन्य क्षेत्रों में बीती रात को बारिश हुई। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक- अगले छह दिन भी बारिश से राहत के आसार नहीं है। आज कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में ओलावृष्टि व तूफान का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है, जबकि लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी दी गई। 7 अप्रैल को 10 जिलों में येलो अलर्ट पांच और छह अप्रैल को 6-6 जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी है, जबकि सात अप्रैल को 10 जिलों को अलर्ट जारी किया गया। आठ अप्रैल को फिर से ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी दी गई है। यह अलर्ट ओलावृष्टि और तूफान को लेकर दिया गया है। प्रदेशवासियों को सतर्क रहने की एडवाइजरी मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क और अधिक ऊंचे क्षेत्रों की यात्रा टालने की सलाह दी है। विशेषकर अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल क्षेत्र में हिमस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगा दी है। ऊंचे पहाड़ों पर जनवरी जैसी ठंड लौटी मौसम में बदलाव के बाद ऊंचे पहाड़ों पर जनवरी जैसी ठंड लौट आई है। बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य 4.6 डिग्री कम हुआ है। इसके बाद प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरा है। अगले एक सप्ताह तक भी ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं है। पहाड़ों पर बारिश-बर्फबारी जारी रहने से तापमान में अभी तीन से चार डिग्री की और गिरावट आएगी। मंडी का अधिकतम तापमान 24 घंटे में 7.4 डिग्री नीचे गिरने के बाद 23.5 डिग्री, भुंतर का 7.2 डिग्री कम होने के बाद 21.4, सुंदरनगर का 7.1 डिग्री कम होने के बाद 23.7, मनाली का 6.4 डिग्री लुढ़कने के बाद 15.2 डिग्री, शिमला का अधिकतम तापमान 3.0 डिग्री कम होने के बाद 20.4 डिग्री सेल्सियस रह गया है। अगले छह दिन के दौरान तापमान में और ज्यादा गिरावट आएगी।

पर्यटकों के लिए सालभर खुली रहेगी नेलांग घाटी:भारत-चीन सीमा पर बढ़ेगा टूरिज्म, उत्तराखंड में मिलेगा लद्धाख जैसा अनुभव

पर्यटकों के लिए सालभर खुली रहेगी नेलांग घाटी:भारत-चीन सीमा पर बढ़ेगा टूरिज्म, उत्तराखंड में मिलेगा लद्धाख जैसा अनुभव

उत्तराखंड की फेमस नेलांग घाटी का अब पर्यटक पूरे साल लुत्फ उठा सकेंगे। सरकार के इस फैसले से सीमांत इलाके में जहां पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य के साथ, बदलते मौसम और लद्दाख जैसा अनुभव लेने का मौका मिलेगा, वहीं स्थानीय लोगों को पर्यटन को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। अब तक सीमित समय के लिए खुलने वाली यह घाटी अब हर मौसम में पर्यटकों को प्रकृति की अलौकिक अनुभव उपलब्ध कराएगी। यहां आने वाले पर्यटक मौसम के बदलते हर पल के साथ सर्दियों में बर्फीले नजारों का आनंद ले सकेंगे। भारत-चीन सीमा के पास स्थित यह घाटी पर्यटकों को अपनी अनोखी प्राकृतिक खूबसूरती और शांत वातावरण का अनुभव कराएगी। अनौखी भौगोलिक संरचना के कारण यह जगह एडवेंचर और फोटोग्राफी के शौकीनों के बीच खास आकर्षण का केंद्र रहेगी। सालभर खुलने से अब यहां पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। प्रशासन ने इस फैसले को लागू करने के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम और नियम तय किए हैं। पर्यटकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही घाटी में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। चीन सीमा से सटे इस संवेदनशील जगह को देखते हुए निगरानी और गाइडलाइन का पालन भी पर्यटकों के लिए अनिवार्य होगा। इस पहल से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाएगा। पहले जानिए नेलांग घाटी क्यों है खास… शांत माहौल के लिए बेहद खास नेलांग घाटी अपनी अलौकिक प्राकृतिक सुंदरता और शांत माहौल के लिए बेहद खास मानी जाती है। भारत-चीन सीमा के पास स्थित यह घाटी बर्फ से ढकी चोटियों, चौड़ी घाटियों और साफ आसमान के कारण किसी विदेशी लोकेशन जैसी अनुभूति देती है। इसकी भौगोलिक बनावट लद्दाख जैसी होने के कारण यह और भी आकर्षक बन जाती है। हर पल बदलता है मौसम यह घाटी एडवेंचर पसंद करने वाले पर्यटकों के लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन है। यहां ट्रैकिंग, नेचर वॉक और फोटोग्राफी का अलग ही रोमांच देखने को मिलता है। ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां का मौसम और नजारे हर पल बदलते रहते हैं, जो पर्यटकों को एक अनोखा अनुभव देते हैं। बर्फबारी के बीच मिलेगा अद्भुत अनुभव पर्यटक यहां का रोमांच तय नियमों के तहत आसानी से उठा सकते हैं। प्रशासन द्वारा निर्धारित परमिट लेकर और गाइड के साथ यात्रा करने से सफर सुरक्षित और सुविधाजनक बनता है। खासकर सर्दियों में बर्फबारी के बीच 4×4 वाहनों से यात्रा करना एक अद्भुत अनुभव देता है। प्रकृति के करीब समय बिताने का मिलता है मौका इसके अलावा यहां का शांत और भीड़-भाड़ से दूर वातावरण सुकून की तलाश करने वालों के लिए भी खास है। प्रकृति के करीब समय बिताने, नई जगहों को एक्सप्लोर करने और एडवेंचर का आनंद लेने के लिए नेलांग घाटी तेजी से पर्यटकों की पसंद बनती जा रही है। संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र होने के लिए परमिट जरूरी नेलांग घाटी जाने के लिए प्रशासन द्वारा तय प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। यह इलाका संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में आता है, इसलिए बिना परमिट किसी भी पर्यटक को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती। परमिट जारी करने की जिम्मेदारी उत्तराखंड वन विभाग के पास है। इसके लिए पर्यटक उत्तरकाशी के वन प्रभाग कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। साथ ही जल्द ही ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन की सुविधा शुरू होने की संभावना है। परमिट के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज देना अनिवार्य होगा। इनमें वैध फोटो पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी शामिल हैं। इसके अलावा वाहन की जानकारी, यात्रा करने वाले पर्यटकों की सूची, मोबाइल नंबर और आपातकालीन संपर्क विवरण भी देना होगा। सभी दस्तावेजों की जांच के बाद ही परमिट जारी किया जाता है। तय नियमों और समय सीमा के भीतर ही पर्यटकों को घाटी में प्रवेश और वापसी की अनुमति दी जाती है, जिससे सुरक्षा और व्यवस्था बनी रहे। सुबह मिलेगा घाटी में प्रवेश नेलांग घाटी जाने के लिए प्रशासन ने कुछ जरूरी शर्तें तय की हैं। प्रतिदिन सीमित संख्या में ही पर्यटकों को अनुमति दी जाएगी, ताकि भीड़ नियंत्रित रहे और सुरक्षा बनी रहे। घाटी में प्रवेश केवल सुबह निर्धारित समय पर ही दिया जाएगा और सभी पर्यटकों को शाम तक वापस लौटना अनिवार्य होगा। इससे संवेदनशील क्षेत्र में निगरानी आसान बनी रहती है। यात्रा के दौरान गाइड और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा। साथ ही कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में फोटोग्राफी पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है। सर्दियों में यात्रा के लिए विशेष नियम होंगे लागू शीतकालीन पर्यटन को ध्यान में रखते हुए SOP में अतिरिक्त नियम भी जोड़े गए हैं। बर्फबारी के दौरान केवल 4×4 या अधिकृत वाहनों को ही घाटी में जाने की अनुमति दी जाएगी। खराब मौसम की स्थिति में परमिट को अस्थायी रूप से रद्द भी किया जा सकता है। यह फैसला पूरी तरह पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। पर्यटकों को गर्म कपड़े, जरूरी दवाइयां और सुरक्षा उपकरण साथ रखना अनिवार्य होगा। ऊंचाई और ठंड को देखते हुए यह तैयारी बेहद जरूरी मानी गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से रेस्क्यू टीम भी तैनात रहेगी, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। परमिट व्यवस्था से पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी यह इलाका भारत-चीन सीमा के पास स्थित एक रणनीतिक क्षेत्र है, जहां सुरक्षा के लिहाज से सख्त निगरानी जरूरी होती है। साथ ही घाटी की अनछुई प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता को सुरक्षित रखना भी प्रशासन की प्राथमिकता है। सीमित संख्या में पर्यटकों को अनुमति देने से पर्यावरण पर दबाव कम रहता है और प्राकृतिक संतुलन बना रहता है। परमिट सिस्टम का एक अहम उद्देश्य पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और बदलते मौसम को देखते हुए नियंत्रित और व्यवस्थित यात्रा जरूरी मानी जाती है। अब पर्यटक तय नियमों का पालन करते हुए हर मौसम में इस खूबसूरत घाटी का आनंद ले सकेंगे। ऐसे पहुंचे नेलांग घाटी नेलांग घाटी पहुंचने के लिए सबसे पहले आपको देहरादून पहुंचना होगा, जो इसका सबसे नजदीकी बड़ा शहर है। देहरादून देश के प्रमुख शहरों से सड़क, रेल और हवाई मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। देहरादून से सड़क मार्ग के जरिए उत्तरकाशी तक

मोदी बोले-कांग्रेस चाहती है खाड़ी देश भारत को दुश्मन समझें:उन्हें नाराज करने वाले बयान दे रही, इससे वहां भारतीयों पर मुसीबत आ सकती है

मोदी बोले-कांग्रेस चाहती है खाड़ी देश भारत को दुश्मन समझें:उन्हें नाराज करने वाले बयान दे रही, इससे वहां भारतीयों पर मुसीबत आ सकती है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केरलम के थिरुवल्ला में जनसभा की। उन्होंने कहा- कांग्रेस चाहती है कि वेस्ट एशियाई देश भारत को अपना दुश्मन समझें। हम यहां कोई ऐसी गलती कर दें, कोई ऐसा बयान दे दें जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों को वहां से बाहर निकलने में मुसीबत आ जाए, इसलिए कांग्रेस खाड़ी देशों को नाराज करने वाले बयान दे रही है। कांग्रेस चाहती है कि पैनिक फैले और कांग्रेस को मोदी को गालियां देने का मौका मिले। मैं कांग्रेस, UDF, LDF के लोगों से कहना चाहता हूं कि राजनीति अपनी जगह पर है, चुनाव आते जाते रहेंगे लेकिन केरलम के लाखों भाई-बहन वहां हैं उनकी सुरक्षा मेरी प्राथमिकता है। मोदी ने कहा- इस बार के चुनाव में केरलम में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की सरकार जाएगी और नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की सरकार आएगी। मैं पहले भी केरलम आया हूं, लेकिन इस बार हवा का रुख कुछ अलग है। केरल एक ऐतिहासिक बदलाव के लिए तैयार है। इस बार सत्ता परिवर्तन होगा। चुनाव से जुड़े अपडेट्स पांचों राज्यों में चुनाव के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…

भोपाल में हनुमान जयंती जुलूस पर विवाद गहराया:आपत्तिजनक नारेबाजी के आरोप; कुरैशी समाज ने सख्त कार्रवाई की मांग की

भोपाल में हनुमान जयंती जुलूस पर विवाद गहराया:आपत्तिजनक नारेबाजी के आरोप; कुरैशी समाज ने सख्त कार्रवाई की मांग की

भोपाल में हनुमान जयंती के जुलूस को लेकर विवाद अब और गहरा गया है। ऑल इंडिया जमीयतुल कुरैश (एमपी) की ओर से थाना तलैया पुलिस को दिए गए ज्ञापन में स्पष्ट तौर पर ‘भानु हिंदू’ नामक व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है कि उसने जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। संगठन के प्रदेश महासचिव मोहम्मद रफीक कुरैशी ने बताया कि 2 अप्रैल 2026 को इस्लामपुरा-बुधवारा क्षेत्र से निकले धार्मिक जुलूस के दौरान यह घटना हुई। आरोप है कि जैसे ही जुलूस मुस्लिम बाहुल्य इलाके में पहुंचा, भानु ने समुदाय विशेष को निशाना बनाते हुए नारेबाजी की और अपमानजनक टिप्पणियां कीं, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में तनाव का माहौल बन गया। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो के जरिए नफरत फैलाने और दो समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने की कोशिश की जा रही है, जो शहर की गंगा-जमुनी तहजीब के लिए खतरा है। संगठन ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपी भानु के खिलाफ तत्काल प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, वायरल वीडियो की जांच कर उन्हें हटाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।

गर्मियों में जरूर खाएं ये 5 फल, स्किन पर आएगी नेचुरल ग्लो, रेगुलर सेवन से गुलाब की तरह खिल उठेगा चेहरा

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Last Updated:April 03, 2026, 23:44 IST These fruits will give skin glow in summer: गर्मियों में कई ऐसे फल मिलते हैं, जो ना सिर्फ संपूर्ण सेहत को कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं, बल्कि ये त्वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं. कौन-कौन से हैं ये फल, जिसके सेवन से आप पा सकते हैं ग्लोइंग, शाइनी, हेल्दी और सॉफ्ट निखरी स्किन, जानें यहां… गर्मियों में स्किन को हेल्दी रखने के लिए कौन सा फल खाना है बेस्ट? which fruits will give your skin natural glow: गर्मियों के आगमन के साथ तापमान अधिक होने से चेहरे की रंगत उड़ जाती है. चेहरे का ग्लो, तापमान की वजह से टेनिंग में बदल जाता है. टेनिंग से बचने और ग्लो पाने के लिए लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट का सहारा लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्रकृति ने गर्मियों में हमें ऐसे फल दिए हैं, जो हमारी प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने में मदद करते हैं? आज हम आपको गर्मियों में मिलने वाले ऐसे फलों के बारे में बताएंगे, जो आपकी स्किन को नेचुरल ग्लो देंगे. गर्मियों के ये फल त्वचा पर लाते हैं नेचुरल निखार नारियल पानी नारियल पानी शरीर को हाइड्रेट रखने और त्वचा को ग्लोइंग एवं मुलायम रखने में मदद करता है. अगर गर्मियों में रोजाना एक नारियल पी लिया जाए तो पेट से लेकर त्वचा दोनों ही स्वस्थ महसूस करते हैं. तरबूज तरबूज में भरपूर मात्रा में विटामिन सी, फाइबर और पानी होता है. विटामिन सी टेनिंग हटाने में मददगार होता है. अगर गर्मियों में टैनिंग से परेशान रहते हैं तो अपने आहार में तरबूज को जरूर शामिल करें. चेहरे को ग्लोइंग बनाने से लेकर तरबूज शरीर के तापमान को भी संतुलित रखने में मदद करता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. खीरा खीरा सिर्फ सलाद का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह पेट और त्वचा दोनों के लिए सेहत का खजाना है. खीरा पूरे शरीर को हाइड्रेट रखता है और चेहरे के रूखेपन को भी कम करने में मदद करता है. कई स्किन ट्रीटमेंट में खीरे का इस्तेमाल किया जाता है. आम आम की तासीर भले ही गर्म होती है, लेकिन यह स्किन के लिए फायदेमंद होता है. आम में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो चेहरे का खोया निखार वापस लाने में मददगार होते हैं. अगर सही मात्रा में आम का सेवन किया जाए तो यह पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है. संतरा संतरे में भरपूर विटामिन सी होता है. इसका छिलके से लेकर गूदा तक त्वचा के लिए लाभकारी है. संतरा न सिर्फ चेहरे को गहराई से पोषण देता है, बल्कि गहरे दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद करता है. संतरे के छिलके का इस्तेमाल भी फेसपैक में किया जाता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें First Published : April 03, 2026, 23:44 IST

जबलपुर आंदोलन की तैयारी में जुटी युवा कांग्रेस:सीधी पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष ने महंगाई-बेरोजगारी पर सरकार को घेरा; कार्यकर्ताओं ने निकाली रैली

जबलपुर आंदोलन की तैयारी में जुटी युवा कांग्रेस:सीधी पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष ने महंगाई-बेरोजगारी पर सरकार को घेरा; कार्यकर्ताओं ने निकाली रैली

सीधी में शुक्रवार शाम करीब 7 बजे मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया पहुंचे। उनके आने पर स्थानीय कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। घनघोरिया 16 अप्रैल को जबलपुर में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय बड़े आंदोलन की तैयारियों को लेकर विभिन्न जिलों के प्रवास पर हैं। जमोड़ी बाईपास पर युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने उनके नेतृत्व में एक रैली निकाली, जिसके बाद जिला कांग्रेस कार्यालय में बैठक संपन्न हुई। 16 अप्रैल को बड़ा आंदोलन बैठक को संबोधित करते हुए यश घनघोरिया ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है और शिक्षा नीति में सुधार के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। घनघोरिया ने घोषणा की कि इन जनविरोधी नीतियों और बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ 16 अप्रैल को जबलपुर में युवा कांग्रेस एक विशाल आंदोलन करेगी। 10 दिनों से प्रदेश का दौरा कर रहे यश घनघोरिया ने बताया कि वे पिछले 10 दिनों से लगातार प्रदेश के अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान वे जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से संवाद कर उन्हें जबलपुर आंदोलन के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज दबाने वाली सरकार को जगाने के लिए यह आंदोलन मील का पत्थर साबित होगा। सीधी में कार्यकर्ताओं ने दिखाई एकजुटता इस दौरान युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष करुण सिंह, विधानसभा अध्यक्ष विकास सिंह परिहार और एनएसयूआई प्रदेश सचिव विक्रांत सिंह परिहार मुख्य रूप से मौजूद रहे। जमोड़ी बाईपास से लेकर जिला कार्यालय तक हुए शक्ति प्रदर्शन में सैकड़ों युवा कार्यकर्ता शामिल हुए। स्थानीय नेताओं ने भरोसा दिलाया कि सीधी जिले से बड़ी संख्या में युवा जबलपुर पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाएंगे।

भाई बताकर जमीन में हिस्सा मांगने पर की हत्या:कटनी में युवक की अधजली लाश मिली थी, आरोपी गिरफ्तार

भाई बताकर जमीन में हिस्सा मांगने पर की हत्या:कटनी में युवक की अधजली लाश मिली थी, आरोपी गिरफ्तार

कटनी पुलिस ने कुठला थाना क्षेत्र के कन्हवारा गांव में हुई हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। शुक्रवार शाम को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी वारदात जमीन-जायदाद के पुराने पारिवारिक विवाद का नतीजा निकली। 1 अप्रैल को कन्हवारा के एक खेत में एक युवक की अधजली लाश मिली थी। मृतक की पहचान 24 साल के छब्बू कोल के रूप में हुई। पुलिस ने शक के आधार पर खेत मालिक के बेटे आकाश लोधी को हिरासत में लिया। पूछताछ में आकाश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। संपत्ति में हिस्सेदारी को लेकर था पुराना झगड़ा आरोपी आकाश ने बताया कि उसके पिता और मृतक छब्बू की मां पिछले 20 सालों से साथ रह रहे थे। इसी वजह से छब्बू खुद को आकाश का भाई बताता था और खानदानी जमीन में आधे हिस्से की मांग करता था। इस बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर गाली-गलौज और मारपीट होती रहती थी। शराब के नशे में विवाद घटना वाले दिन छब्बू शराब के नशे में था और उसने फोन करके आकाश को खेत पर बुलाया। वहां फिर से जमीन को लेकर बहस शुरू हो गई और छब्बू ने आकाश पर डंडे से हमला कर दिया। गुस्से में आकर आकाश ने पास पड़ी ईंट से छब्बू के सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सबूत मिटाने के लिए आकाश ने लाश को जलाने की कोशिश भी की थी। आरोपी को भेजा गया जेल कटनी सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने बताया कि आरोपी आकाश लोधी को ने कड़ाई से पूछताछ करने पर गुनाह मान लिया, जिसके बाद उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

श्योपुर बाढ़ राहत घोटाला, 18 पटवारियों पर चलेगा मुकदमा:कलेक्टर ने दी अभियोजन स्वीकृति; राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी और धोखाधड़ी की थी

श्योपुर बाढ़ राहत घोटाला, 18 पटवारियों पर चलेगा मुकदमा:कलेक्टर ने दी अभियोजन स्वीकृति; राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी और धोखाधड़ी की थी

श्योपुर जिले में हुए बहुचर्चित बाढ़ राहत घोटाले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अर्पित वर्मा ने इस मामले में संलिप्त 18 पटवारियों के खिलाफ अभियोजन (मुकदमा चलाने) की औपचारिक स्वीकृति दे दी है। इस मंजूरी के बाद अब इन राजस्व कर्मचारियों के विरुद्ध न्यायालय में कानूनी कार्यवाही का रास्ता साफ हो गया है। पुलिस ने जांच में पाया था कि राहत राशि के वितरण में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं और फर्जीवाड़ा किया गया है। थाना बड़ौदा में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का केस यह पूरा प्रकरण थाना बड़ौदा में अपराध क्रमांक 439/23 के तहत दर्ज है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468 (जालसाजी), 409 (अमानत में ख्यानत) और 120-बी (साजिश) के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में राजस्व रिकॉर्ड में फर्जी प्रविष्टियां करने और अपात्रों को लाभ पहुंचाने के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद अभियोजन की मांग की गई थी। इन 18 पटवारियों पर होगी अदालती कार्रवाई प्रशासन द्वारा जिन पटवारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी गई है, उनमें मेवाराम गौरछिया, हेमन्त मित्तल, राजकुमार शर्मा, महेन्द्र सिंह जाटव, सुमित देशलेहरा, योगेश जिंदल, विनोद भूषण, अखिलेश जैन, भोलाराम गुप्ता, हुकुमचंद बिसारिया, राजवीर जाटव, बृजराज मीणा, रामनरेश जाटव, रामदयाल जागा, सोनेराम धाकड़, नीतेश मीणा, संजय रावत और शंकरलाल मर्सकोले शामिल हैं। इस घोटाले में पटवारियों के अलावा अन्य कर्मचारियों सहित कुल 110 लोगों को आरोपी बनाया गया है। जल्द दाखिल होगा आरोप पत्र, गिरफ्तारी की संभावना अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद अब पुलिस संबंधित पटवारियों के विरुद्ध न्यायालय में चालान (आरोप पत्र) पेश करेगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आपराधिक मामले के साथ-साथ इन कर्मचारियों पर विभागीय जांच और निलंबन जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। जिले के राजस्व विभाग में इसे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, जिससे विभाग के अन्य संदिग्ध मामलों की परतें भी खुलने की संभावना है।