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पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘AIMIM-ISF के दिग्गज नेताओं की जिम्मेदारी’, सीएम ममता बनर्जी पर लगा आरोप

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: 'AIMIM-ISF के दिग्गज नेताओं की जिम्मेदारी', सीएम ममता बनर्जी पर लगा आरोप

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गहमा-गहमी के बीच मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों के बयानों की घटना पर राजनीति जोर पकड़ने लगी है। इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना के लिए समाजवादी पार्टी एआईएमआईएम और राज्य की एक क्षेत्रीय पार्टी द इंडियन एक्सप्रेस (आईएसएफ) को जिम्मेदार ठहराया है। इसके अलावा ममता बनर्जी ने इस घटना को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर भड़काने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि मालदा जिले के मोथा बाबापुर में रविवार (1 अप्रैल, 2026) को कई क्वार्टरों तक के राज्य की घेराबंदी के मास्टरमाइंड अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल की पुलिस अभी भी चुनाव आयोग के नियंत्रण में है। हरिरामपुर में बोलीं टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार (3 अप्रैल, 2026) को दक्षिण दिनाजपुर जिले के हरिरामपुर में एक रैली आयोजित की, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एआईएमआईएम से बातचीत की और यहां लेकर आई। आईएसएफ भी उनके साथ है. ‘कांग्रेस और बीजेपी ने भी उकसाया है।’ उन्होंने कहा, ‘सी डॉक्युमेंट्री ने बांग्लादेशी एयरपोर्ट पर मुख्य साजिशकर्ता मोफकरूल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है, जब वह विस्फोट की कोशिश कर रहा था। ‘वगैरह ही मालदा के मोथा बबी में हिंसा पाई जाती है।’ AIMIM पर ममता बनर्जी का आरोप क्या? राज्य के भवानीपुर से कैथोलिक कांग्रेस (टीएमसी) की उम्मीदवार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य के पश्चिम बंगाल में विक्षोभ के लिए बाहर से गुंडों को लाया जा रहा है। ये लोग जजों को भी नहीं अन्य. उन्होंने AIMIM पर यह भी आरोप लगाया कि पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव में वोट बाटकर बीजेपी की जीत में मदद की थी. अमित शाह पर ममता बनर्जी ने सैद्धांतिक आधार तैयार किया इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी अध्ययन किया। उन्होंने कहा, ‘चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजदूगी से बीजेपी के वोट प्रतिशत में कमी आएगी.’ दरअसल, अमित शाह ने कहा है कि वह 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों के चुनाव के दौरान 15 दिनों के लिए बंगाल में चुनावी सभा करेंगे। इस पर ममता बनर्जी ने कहा कि आप 365 दिन भी बंगाल में रह रहे हैं, तो इससे भी कुछ बदलाव नहीं होगा। यह भी पढ़ें: अमेरिका के दूसरे F-35 को गिराने का ईरान ने किया दावा, पायलट ने किया इजेक्ट तो बनाया बंधक

महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री सिवनी पहुंचीं:बोलीं- स्कूलों में बालिकाओं के शौचालय का मुद्दा प्रदेश में उठाएंगी; संगठन विस्तार पर जोर

महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री सिवनी पहुंचीं:बोलीं- स्कूलों में बालिकाओं के शौचालय का मुद्दा प्रदेश में उठाएंगी; संगठन विस्तार पर जोर

भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री ज्योति नरेश सिंह राजपूत ने सिवनी के दो दिवसीय दौरे पर रही। इस दौरान उन्होंने छपारा और जिला मुख्यालय में कार्यकर्ताओं की बैठकें लीं। बैठक में लखनादौन, घंसौर, केवलारी और कान्हीवाड़ा सहित जिले के विभिन्न मंडलों की महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुईं। प्रदेश स्तर पर गूंजेगा स्कूलों में शौचालय का अभाव शाम को आयोजित प्रेसवार्ता में जिले के स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालयों की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठा। प्रदेश महामंत्री ने इस विषय पर गंभीरता जताते हुए आश्वस्त किया कि वे इस मामले को प्रदेश स्तर पर उठाएंगी। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा और सम्मान से जुड़े इस बुनियादी और जमीनी मुद्दे का समाधान करना संगठन की प्राथमिकता में शामिल है। निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी पर जोर बैठक के दौरान ज्योति नरेश सिंह राजपूत ने स्पष्ट किया कि महिला मोर्चा का लक्ष्य केवल सदस्य संख्या बढ़ाना नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में बराबर का भागीदार बनाना ही संगठन का असली उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि सिवनी जिले में अब तक लगभग 5 हजार महिलाएं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण कर चुकी हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं प्रदेश महामंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं जैसे उज्ज्वला, सुकन्या समृद्धि, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और लखपति दीदी का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर पात्र महिलाओं को इन योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने में मदद करें। कार्यक्रम में पूर्व सांसद नीता पटेरिया और जिलाध्यक्ष मीना बिसेन सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहीं।

डिंडौरी में शिकारियों पर वन विभाग का शिकंजा, सर्चिंग अभियान:डॉग स्क्वाड ने चार गांवों में ली तलाशी, तार बरामद

डिंडौरी में शिकारियों पर वन विभाग का शिकंजा, सर्चिंग अभियान:डॉग स्क्वाड ने चार गांवों में ली तलाशी, तार बरामद

डिंडौरी जिले में वन्यजीवों के अवैध शिकार पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को डिंडौरी वन परिक्षेत्र के चार गांवों में शहडोल से बुलाए गए डॉग स्क्वाड की मदद से एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शिकारियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना था। यह तलाशी अभियान सारस ताल, कुई, रामगुडा और त्यागपुर गांवों के संदिग्ध ठिकानों पर केंद्रित रहा। सर्चिंग के दौरान वन अमले को लगभग दो किलोग्राम जीआई तार और लकड़ी के खूंटे बरामद हुए। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन सामग्रियों का उपयोग आमतौर पर जंगली जानवरों के शिकार में किया जाता है। विभाग कुछ संदिग्ध शिकारियों की तलाश भी कर रहा है। वन विभाग की यह कार्रवाई हाल ही में हुई एक गिरफ्तारी के बाद और अधिक सक्रिय हो गई है। दो दिन पहले कुई मॉल गांव से आरोपी दरबार सिंह मरकाम को गिरफ्तार किया गया था। उसके घर से जंगली सुअर का कटा हुआ सिर और शिकार में इस्तेमाल की गई सामग्री जब्त की गई थी, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। रेंजर अतुल सिंह बघेल ने बताया कि वन्यजीव संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे। इस पूरी कार्रवाई में परिक्षेत्र सहायक ईश्वर सिंह परस्ते, वनरक्षक सुनील कोरी, संजय मार्को, मान सिंह, उदय सिंह, अनीता धुर्वे, गीता और आलोक यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Skin Care : झाइयों ने कर रखा है परेशान? पत्थर पर घिसकर दूध के साथ लगाइये ये चीज, खिल उठेगा मुरझाया चेहरा

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Last Updated:April 03, 2026, 17:59 IST Skin care tips : अक्सर महिलाएं झाइयों से परेशान रहती हैं. अगर आपकी त्वचा भी संवेदनशील है या अक्सर लालिमा की समस्या रहती है, तो जायफल का लेप उसे ठंडक पहुंचाने और हील करने का काम करता है. लोकल 18 से देहरादून की आयुर्वेदिक चिकित्सक शालिनी जुगरान बताती हैं कि इसमें मिरिस्टिसिन नामक एक विशेष तत्व पाया जाता है, जो जिद्दी मुंहासों को दूर करता है. दूध के साथ इसका मिश्रण एक प्राकृतिक क्लींजर और मॉइस्चराइजर दोनों का काम करता है. जायफल की मदद से चेहरा बेजान दिखने की बजाय खिला-खिला और चमकदार नजर आता है. किचन में मसाले के रूप में इस्तेमाल होने वाला जायफल सिर्फ जायका नहीं बढ़ाता बल्कि त्वचा की कई समस्याओं को जड़ से खत्म करने वाला एक शक्तिशाली तत्व भी है. इसमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाकर उसे पुनर्जीवित करने में मदद करते हैं. जब जायफल को दूध के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाया जाता है, तो यह त्वचा की रंगत निखारने के साथ-साथ उसे गहरा पोषण भी देता है. इसकी एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज पाई जाती है. ये गुण त्वचा पर होने वाली सूजन और बैक्टीरिया को खत्म करने में सहायक हैं. अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है या अक्सर लालिमा की समस्या रहती है, तो जायफल का लेप उसे ठंडक पहुंचाने और हील करने का काम करता है. मुंहासों से परेशान महिलाओं के लिए जायफल किसी वरदान से कम नहीं है. देहरादून की आयुर्वेदिक चिकित्सक शालिनी जुगरान बताती हैं कि इसमें मिरिस्टिसिन नामक एक विशेष तत्व पाया जाता है, जो जिद्दी मुंहासों को दूर करने में बेहद कारगर होता है. इसके नियमित उपयोग से न केवल नए मुंहासे आना बंद हो जाते हैं, बल्कि पुराने दाग-धब्बों में भी धीरे-धीरे कमी आने लगती है. Add News18 as Preferred Source on Google स्किन को हेल्दी रखने के साथ-साथ जायफल में एंटी-फंगल और एंटी-वायरल गुण भी समाहित हैं. यह त्वचा के संक्रमण को रोकने में मदद करता है और बाहरी प्रदूषण व हानिकारक तत्वों से एक सुरक्षा कवच की तरह लड़ता है. दूध के साथ इसका मिश्रण एक प्राकृतिक क्लींजर और मॉइस्चराइजर दोनों का काम करता है. इस पेस्ट को चेहरे पर करीब 20 मिनट तक लगा रहने दें. जब यह हल्का सूख जाए, तो गुनगुने पानी की मदद से चेहरे को हल्के हाथों से मसाज करते हुए धो लें. यह प्रक्रिया त्वचा को उचित हाइड्रेशन प्रदान करती है, जिससे चेहरा बेजान दिखने की बजाय खिला-खिला और चमकदार नजर आता है. अगर आप झाइयों की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो आयुर्वेद का पुराना नुस्खा अपना सकते हैं. इसके लिए एक साबुत जायफल को कुछ घंटों के लिए दूध में भिगो दें. इसके बाद एक साफ पत्थर जैसे सिलबट्टे पर इसे दूध के साथ रगड़कर पेस्ट तैयार करें. इस ताजे पेस्ट को इफेक्टेड एरिया पर लगाने से झाइयां तेजी से कम होती हैं. इसके नियमित उपयोग से असमय आने वाली झुर्रियां कम होती हैं और त्वचा लंबे वक्त तक जवां और सुंदर बनी रहती है. बिना किसी केमिकल के अपनी खूबसूरती बढ़ाने का यह एक सुरक्षित और किफायती नुस्खा है. First Published : April 03, 2026, 17:59 IST

दतिया में आंधी-बारिश के बाद निकली तेज धूप:रात को बारिश, दिन में 38॰ पहुंचा पारा; बारिश से गेहूं फसल को नुकसान की आशंका

दतिया में आंधी-बारिश के बाद निकली तेज धूप:रात को बारिश, दिन में 38॰ पहुंचा पारा; बारिश से गेहूं फसल को नुकसान की आशंका

अप्रैल की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अपने कई रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात दतिया जिले में तेज हवा के साथ बारिश हुई, जिससे रात का मौसम अचानक बदल गया। तेज आंधी के कारण कई जगह धूल उड़ती नजर आई, वहीं सुबह करीब 4 बजे हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सुबह होते ही आसमान में बादल छा गए और मौसम सुहावना बना रहा, लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, बादल छंटने लगे और तेज धूप निकल आई। दोपहर तक सूरज की तपिश इतनी बढ़ गई कि लोगों को उमस और गर्मी का अहसास होने लगा। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। जिससे गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज मौसम में आए इस बदलाव के बीच न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है और यह 1.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो सामान्य से करीब 3.5 डिग्री अधिक है। इससे रात में भी हल्की गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है। बारिश के आंकड़ों की बात करें तो एयरपोर्ट क्षेत्र में 0.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि दतिया जिले के सेवड़ा क्षेत्र में राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार 15 मिमी बारिश हुई है। अलग-अलग क्षेत्रों में हुई इस असमान बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, आंधी और बूंदाबांदी का असर गेहूं की फसल पर पड़ सकता है। कटाई के लिए तैयार फसल को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। तेज हवा से फसल गिरने और बारिश से दाने खराब होने का खतरा बना हुआ है।

ईरान युद्ध प्रतिक्रिया पर कांग्रेस विभाजित; आनंद शर्मा ने राजनीतिकरण को ‘राष्ट्रीय अपकार’ बताया | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:03 अप्रैल, 2026, 17:47 IST आनंद शर्मा ने कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा और जयराम रमेश के रुख के विपरीत पार्टियों से भारत की पश्चिम एशिया कूटनीति का समर्थन करने और पक्षपात से बचने का आग्रह किया। कांग्रेस नेता अन्नद शर्मा (क्रेडिट: पीटीआई) पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच, वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने राजनीतिक दलों से पक्षपात से बचने और इसके बजाय भारत के राजनयिक प्रयासों का समर्थन करने का आग्रह करते हुए कहा कि स्थिति राष्ट्रीय एकता की मांग करती है। संकट से निपटने के भारत के तरीके पर बोलते हुए शर्मा ने कहा कि भारतीय राजनयिक और मिशन प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं और प्रोत्साहन के पात्र हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस मुद्दे को राजनीतिक बहस में नहीं बदला जाना चाहिए, उन्होंने इस तरह के दृष्टिकोण को “राष्ट्रीय क्षति” बताया। उन्होंने कहा, “… भारत के राजनयिक, राजदूत, मिशन कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हमें उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए और उनके प्रयासों का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने इसे कुशलता से संभाला है। हम इस कथा को किसी भी पक्षपातपूर्ण राजनीति में नहीं फंसा सकते। यह एक राष्ट्रीय नुकसान होगा… अब तक, हमारे पास एक ऐसी स्थिति है जहां भारतीय प्रवासी पूरी तरह से सुरक्षित हैं। हम शायद एकमात्र देश हैं जहां अधिकतम संख्या में जहाज या तो भारत के माध्यम से चले गए हैं या भारत की ओर मोड़ दिए गए हैं… ऐसे संकट में, भारत को एक आंतरिक राष्ट्रीय सहमति बनानी चाहिए और संकल्प करें…” निरंतर राजनीतिक जुड़ाव की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए, शर्मा ने कहा, “कई बार हमारी अपनी स्थिति होती है… मेरी भी अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता होती है। लेकिन कई बार एक भारतीय के रूप में आप सोचते हैं कि आपके लोग, आपके राजनयिक, आपके अधिकारी राजनीतिक नेतृत्व से क्या सुनना चाहते हैं। हां, सरकार ने एक सर्वदलीय बैठक की है। इसे उन्नत किया जाना चाहिए। यह बातचीत भारत के राष्ट्रीय हित में जारी रहनी चाहिए। हमें राष्ट्रीय एकता का प्रदर्शन करना चाहिए।” उनकी टिप्पणी कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के विरोधाभासी है, जिन्होंने हाल ही में वैश्विक कूटनीति के प्रति सरकार के दृष्टिकोण पर सवाल उठाते हुए अधिक आलोचनात्मक टिप्पणी की थी। ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच पाकिस्तान द्वारा मध्यस्थता का प्रयास करने की रिपोर्टों का जिक्र करते हुए, खेड़ा ने कहा कि उन्हें “शर्मिंदा” महसूस होता है कि भारत विश्व मंच पर बड़ी भूमिका नहीं निभा रहा है। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर की पहले की टिप्पणी पर भी पलटवार किया कि भारत “दलाल” या बिचौलिया नहीं है, उन्होंने पूछा, “तो फिर हम रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान क्या कर रहे थे? क्या हम तब मध्यस्थता नहीं कर रहे थे?” इस सप्ताह की शुरुआत में, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा था कि विदेश मंत्री भारत की “अत्यधिक शर्मिंदगी” को छिपाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने एक्स पर कहा था, “डैपर और लंबे समय से अनुभवी विदेश मंत्री पश्चिम एशिया में मौजूदा युद्ध को समाप्त करने के लिए वार्ता के मध्यस्थ और सूत्रधार के रूप में पाकिस्तान के उभरने से भारत की अत्यधिक शर्मिंदगी और इसकी क्षेत्रीय कूटनीति को लगे झटके को कवर करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “मध्यस्थता की भूमिका के लिए पाकिस्तान पर भी विचार किया जा सकता है, यह प्रधान मंत्री मोदी की कूटनीति की सामग्री और शैली दोनों का सबसे गंभीर आरोप है, जो बमबारी से भरा हुआ है और कायरता से चिह्नित है।” पहले प्रकाशित: 03 अप्रैल, 2026, 17:43 IST न्यूज़ इंडिया ईरान युद्ध प्रतिक्रिया पर कांग्रेस विभाजित; आनंद शर्मा ने राजनीतिकरण को ‘राष्ट्रीय अपकार’ बताया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)भारत पश्चिम एशिया कूटनीति(टी)आनंद शर्मा की टिप्पणी(टी)राष्ट्रीय एकता का आह्वान(टी)भारत के कूटनीतिक प्रयास(टी)कांग्रेस की आंतरिक दरार(टी)पाकिस्तान की मध्यस्थता भूमिका(टी)एस जयशंकर की आलोचना(टी)मोदी विदेश नीति

असम चुनाव 2026: ‘डबल इंजन नहीं, डबल लूट और डबल धोखे की सरकार’, असम में नाकाम दंगल से पहले कांग्रेस का बीजेपी सरकार पर बड़ा आरोप

असम चुनाव 2026: 'डबल इंजन नहीं, डबल लूट और डबल धोखे की सरकार', असम में नाकाम दंगल से पहले कांग्रेस का बीजेपी सरकार पर बड़ा आरोप

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम के जोरहाट में उग्रवादियों के बीच कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार (3 अप्रैल, 2026) को राज्य की सतारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर उग्र दबाव बनाया है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार को लेकर कहा कि यह सरकार डबल इंजन की नहीं, बल्कि डबल लूट और डबल धोखे की सरकार बनी है, जो जनता के विश्वास को पहुंचाती है। बीजेपी पर जनता की आवाज का आरोप बिहार के ज़ोराहाट स्थित कांग्रेस भवन में शुक्रवार (3 अप्रैल, 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता में राजस्थान के पूर्व विधायक और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की राष्ट्रीय सचिव दिव्या मदेरणा ने राज्य की अंतिम स्थिति पर विस्तार से अपनी बात रखी। इस दौरान उनके साथ एआईसीसी के मीडिया को-ऑर्डिनेटर हरमीत बवेजा और जोरहाट मीडिया के सुपरस्टार त्रिशंकु शर्मा भी मौजूद रहे। प्रेस वार्ता को स्पष्ट करते हुए दिव्या मदेरणा ने असम के संकल्प को दोगुना करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह सरकार डबल इंजन की नहीं, बल्कि डबल लूट और डबल धोखे की सरकार बनी है, जिसे जनता का विश्वास दिलाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि असम की करीब 3.5 करोड़ जनता की आवाज छीनी जा रही है। विशेष रूप से युवा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं, भविष्य का साथ दे रहे हैं। उन्होंने राज्य में मजबूत स्थिरता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इसे समेकित करने के बजाय निजीकरण में लगी है। शासन व्यवस्था एवं विकास पर प्रश्न उन्होंने पिछले एक दशक से राज्य में बीजेपी सरकार के शासनकाल में पार्टी की हिस्सेदारी पर कहा कि असम का ढांचा कमजोर हो गया है और सरकार केवल जुमलेबाजी तक सीमित रह गई है. उनके अनुसार, राज्य में गुड कन्वेंशन की कमी है और विकास के सिद्धांतों के बजाय धार्मिक और राजनीतिक विषयों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे वास्तविक उद्देश्यों को पीछे छोड़ दिया जा रहा है। सिंडिकेट राज और विकास स्टूडियो में गिरावट दिव्या मदेरणा ने आरोप लगाया कि असम में सिंडिकेट राज का कब्जा है, जहां क्षेत्र में कोयला, सुपारी और रेत जैसे अवैध नेटवर्क सक्रिय हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट में उन्होंने कहा कि असम के 23 वें स्थान पर पहुंच वाले राज्य की वास्तविक स्थिति का विवरण दिया गया है। आर्थिक संकट और भारी कर्ज राज्य की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि असम की इंडस्ट्री आईसीयू (इंटेसिव केयर यूनिट) में है। राज्य पर कर्ज़ का बोझ लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक नवजात बच्चे पर औसतन 57,000 रुपये का कर्ज है, जो सरकार की आर्थिक अर्थव्यवस्था की विफलता है। बेरोजगारी और सामाजिक संकट रोज़गार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में 21 लाख से अधिक युवा आबाद हैं, जबकि रोज़गार के अवसर बहुत सीमित हैं। उन्होंने युवाओं में बढ़ती आत्महत्या के मामलों पर भी चिंता जताई और इसे गंभीर सामाजिक संकट के बारे में बताया। शिक्षा व्यवस्था पर प्रभाव दिव्या मदेरणा ने आरोप लगाया कि असम में 8,000 से 9,000 सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इससे गरीब और ग्रामीण छात्र शिक्षा प्रभावित हो रहे हैं। इसके निजी दस्तावेजों का विखंडन बढ़ रहा है और शैक्षिक दस्तावेजों का चलन जारी है। स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम स्थिति स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मियों में 97% तक मेडिकल स्टाफ की कमी है। साथ ही, मातृ मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की खराब स्थिति को दर्शाता है। चाय बागान की स्थिति उन्होंने कहा कि चाइ लेबल्स के लेबल 351 रुपये प्रतिदिन के होते हैं, लेकिन आज भी वे लगभग 250 रुपये ही मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चाय बागानों में 57% महिलाएँ विकलांग हैं, जो एक गंभीर सामाजिक समस्या है। प्रधानमंत्री के दौरे और मधुमेह समस्या पर प्रश्न प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरों पर तंज कसते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ये केवल फोटो सत्र तक सीमित रह जाते हैं और ज़मीन पर स्तर की समस्याओं का समाधान नहीं होता। बाढ़ के मुद्दे पर उन्होंने सरकार के 2031 तक असम को बाढ़ मुक्त बनाने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या तब तक बाढ़ प्रभावित लोग इंतजार करना चाहेंगे? बदलाव की मांग और सुरक्षित असम का संकल्प कांग्रेस नेताओं ने कहा कि स्थिर सरकार ने असम के विकास और जनता के विश्वास को गहरी चोट पहुंचाई है। उन्होंने असम के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है और आने वाले समय में इसका स्पष्ट जवाब है। कांग्रेस पार्टी के इस बयान में कहा गया है कि असम की राजनीति में एक बार फिर विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे समर्थकों को केंद्र में लाया गया है। इससे आने वाले समय में राजनीतिक माहौल और गरमी की संभावना है। यह भी पढ़ें: असम विधानसभा चुनाव 2026: ‘कांग्रेस की सरकार आई तो घुसपैठिये भी आएंगे’, ग्वालपाड़ा में गृह मंत्री अमित शाह का तीखा वार (टैग्सटूट्रांसलेट)असम(टी)कांग्रेस(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)बीजेपी(टी)गौरव गोगोई(टी)असम(टी)कांग्रेस(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)भाजपा(टी)गौरव गोगोई

फुल बॉडी डिटॉक्स का आयुर्वेदिक तरीका, फॉलो करें ये 6 स्टेप, निकल जाएगी शरीर की पूरी गंदगी

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Last Updated:April 03, 2026, 17:04 IST Natural Ways To Detox Body: गर्मियों का मौसम शुरू होते ही शरीर में कई तरह की समस्याएं बढ़ने लगती हैं. ऐसे में चेहरे पर मुंहासे, एलर्जी, पाचन की दिक्कतें और बालों का झड़ना बहुत ही कॉमन हो जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं ये सभी प्रॉब्लम्स आपके पेट से शुरू होती है? दरअसल, शरीर के अंदर जमी गंदगी कई बीमारियों का कारण बनती है, इसलिए समय-समय पर शरीर को डिटॉक्स करना जरूरी होता है. आयुर्वेद के अनुसार, अगर हम अपनी दिनचर्या में थोड़े बदलाव करें, तो शरीर को स्वस्थ और साफ रखा जा सकता है. इसके लिए रोजाना कुछ आसान आदतें अपनानी चाहिए.ऐसे में ये 6 चीजें बॉडी को डिटॉक्स करने में बहुत ही मददगार साबित होती है. अच्छी बात ये है कि सुबह से लेकर रात तक चलने वाला ये डिटॉक्स प्रोसेस पूरी तरह से नेचुरल होता है. ज्यादातर लोग आज के समय में बिस्तर छोड़ते ही कॉफी या चाय पीना पसंद करते हैं. जबकि आयुर्वेद में सुबह की शुरुआत गुनगुने पानी से करने की सलाह दी जाती है. वहीं, अगर आप पानी में नींबू का रस मिलाकर सेवन करते हैं, तो ये आपके शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद कर सकती है. इससे मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है, चर्बी कम होती है और शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलते हैं. एलोवेरा एक नेचुरल औषधि है इसे स्किन केयर में काफी इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन ये पेट की सफाई में भी कारगर होता है. रोजाना यदि एक गिलास पानी में एलोवेरा जूस मिलाकर पिएं तो यह शरीर की सफाई को तेज करता है और अंदर की गंदगी को बाहर निकालने में मदद करता है. Add News18 as Preferred Source on Google फल सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद माने जाते हैं. लेकिन जब आप इन्हें सुबह खाली पेट खाते हैं तो ये बॉडी डिटॉक्स रेमिडी की तरह काम करते हैं. एक कटोरी ताजे फल के साथ दलिया और ओट्स भी खा सकते हैं. इनमें फाइबर ज्यादा होता है, जो पाचन को आसान बनाता है. दोपहर के खाने से पहले एक प्लेट सलाद खाएं और करीब आधे घंटे बाद भोजन करें. खाने में प्रोटीन और फाइबर वाली चीजें शामिल करें, जिससे शरीर को पूरा पोषण मिले और पाचन सही रहे. रात का भोजन हल्का और जल्दी करें. कोशिश करें कि 7 बजे से पहले खाना खा लें. देर से खाने से खाना सही से नहीं पचता और पेट की समस्या बढ़ सकती है. सोने से पहले गुनगुने दूध में इसबगोल मिलाकर पिएं. इससे सुबह पेट अच्छे से साफ होता है और शरीर हल्का महसूस होता है. इसका सेवन कब्ज से परेशान रहने वाले लोगों के लिए बहुत ही कारगर होता है. First Published : April 03, 2026, 17:04 IST

रणबीर कपूर की फिल्म रामायण के टीजर पर विवाद:भारत से पहले विदेश में दिखाने पर भड़के फैंस, प्रोड्यूसर बोले- बंटवारा मत कीजिए, राम सबके हैं

रणबीर कपूर की फिल्म रामायण के टीजर पर विवाद:भारत से पहले विदेश में दिखाने पर भड़के फैंस, प्रोड्यूसर बोले- बंटवारा मत कीजिए, राम सबके हैं

हनुमान जयंती के मौके पर 2 अप्रैल को फिल्म रामायण का टीजर रिलीज कर दिया गया। रिलीज के साथ ही टीजर विवादों में घिर गया है। दरअसल, मेकर्स ने भारत से दो दिन पहले इसका टीजर न्यूयॉर्क और लॉस एंजिल्स में रिलीज किया था। भारतीय फैंस इस बात से नाराज हैं कि रामायण पर बनी फिल्म का टीजर पहले विदेश में क्यों दिखाया गया। अब फिल्म के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने इस पर सफाई दी है। नमित बोले- बंटवारा मत कीजिए सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि रामायण पर बनी इस फिल्म पर पहला हक भारतीय दर्शकों का है। इसी दौरान नमित मल्होत्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा, प्लीज, बंटवारा मत कीजिए। यह बांटने का समय नहीं है। अमेरिका में रहने वाले भारतीय हमारा शुक्रिया अदा कर रहे हैं और तारीफ कर रहे हैं। आपको वहां रहने वाले भारतीयों की भावनाओं को भी समझना होगा। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में भारतीय रहते हैं और राम सबके लिए एक ही हैं। रणबीर कपूर के गायब रहने पर उठे सवाल रामायण का टीजर रिलीज करने के लिए मुंबई और दिल्ली समेत देश के 8 बड़े शहरों में कार्यक्रम हुए। लेकिन इस बीच रणबीर कपूर की गैरमौजूदगी की चर्चा रही। फिल्म में भगवान राम का किरदार निभा रहे रणबीर खुद अपनी ही फिल्म के इतने बड़े इवेंट में नहीं पहुंचे। 2 अप्रैल की सुबह रणबीर कपूर का भगवान राम के रूप में पहला लुक सोशल मीडिया पर जारी किया गया। इसके बाद मुंबई में एक बड़ा मीडिया इवेंट रखा गया था। डायरेक्टर नितेश तिवारी और प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा मंच पर मौजूद थे मगर पूरी शाम बीत जाने के बाद भी रणबीर वहां नजर नहीं आए। संजय गुप्ता बोले- खोदा पहाड़, निकली चुहिया ‘रामायण’ का टीजर रिलीज होते ही फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक क्रिप्टिक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा- ‘खोदा पहाड़… निकली चुहिया’। हालांकि गुप्ता ने अपनी पोस्ट में किसी फिल्म का नाम नहीं लिया, लेकिन लोग इसे सीधे तौर पर नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ से जोड़कर देख रहे हैं। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-

इंदौर में नाश्ता 1 से 10 रुपए तक महंगा:सराफा, 56 दुकान, चौपाटी पर पोहे, कचोरी, समोसे, पेटीज के दाम बढ़े; थाली भी महंगी

इंदौर में नाश्ता 1 से 10 रुपए तक महंगा:सराफा, 56 दुकान, चौपाटी पर पोहे, कचोरी, समोसे, पेटीज के दाम बढ़े; थाली भी महंगी

शहर में एलपीजी की किल्लत और पीएनजी के रेट बढ़ने का असर अब आम लोगों की थाली पर साफ दिखने लगा है। 56 दुकान, सराफा बाजार और अन्य चाट-चौपाटियों पर खाने-पीने की चीजों के दाम 1 से 10 रुपए तक बढ़ गए हैं। पोहा, चाय, समोसा, कचोरी से लेकर चाइनीज आइटम तक महंगे हो गए हैं। इसका सीधा असर ग्राहकी पर भी पड़ा है। शहर के फूड हब 56 दुकान और सराफा बाजार में रेट बढ़ोतरी के बाद दुकानों पर ग्राहकों की संख्या में कमी देखने को मिल रही है। होटल और स्टॉल संचालकों का कहना है कि बढ़ती लागत के कारण दाम बढ़ाना मजबूरी हो गया है। 400 का खाना अब 800 तक पहुंचा ग्राहकों के मुताबिक, जहां पहले 400-500 रुपए में दो लोगों का खाना हो जाता था, अब वही खर्च 700-800 रुपए तक पहुंच गया है। मिडिल क्लास परिवारों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है। पहले जहां लोग हफ्ते में 2-3 बार बाहर खाना खाते थे, अब यह घटकर एक बार या उससे भी कम हो गया है। 56 का जॉनी हॉट डॉग 30 से बढ़कर 35 का हुआ, पानीपुरी के दाम 10 रुपए बढ़े 56 दुकान स्थित विजय चाट हाउस के संचालक मृदुल ठाकर ने बताया कि इस बार रॉ मटेरियल के दाम में तेजी के कारण हमें खाने की चीजों के दाम 1 से 3 रुपए तक बढ़ाना पड़े हैं। मधुरम स्वीट्स के संचालक श्याम शर्मा ने कहा कि सभी वस्तुओं के दाम बढ़ने के कारण हमें अपने यहां 5 से 7 प्रतिशत तक दाम बढ़ाने पड़े हैं7 जॉनी हॉट डॉग के संचालक ने बताया कि पहले हॉट डॉग 30 रुपए में दे रहे थे, लेकिन अब इसके दाम बढ़ाकर 35 रुपए किये गए है। 56 दुकान पर जो पानी पुरी 30 रुपए प्लेट मिल रही थी, उसके दाम बढ़कर 40 रुपए हो गए हैं। अनूप नगर स्थित पार्श्वनाथ रेस्टोरेंट के संचालक हितेश जैन ने बताया कि पहले मूंगफली तेल का डिब्बा 2600 रुपए में आ रहा था। लेकिन यही तेल अब 3100 से 3200 रुपए में मिल रहा है। इसके चलते हमें नाश्ते के दाम में 5 रुपए बढ़ाना पड़े हैं। उत्साह होटल के संचालक राजेंद्र धनोतिया ने बताया कि दाल, तेल, मसाले और गैस सभी महंगे हो गए हैं। कच्चे माल की लागत 20-25% तक बढ़ चुकी है। कुछ आइटम्स के दाम बढ़ाने पड़े हैं, हालांकि हम पूरी तरह कीमत नहीं बढ़ाना चाहते। वहीं होटल संचालक रवि देवांग का कहना है कि सिलेंडर की कमी के कारण परेशानी बढ़ गई है। रवि ने कहा पुरानी बुकिंग पर रेट नहीं बढ़ा सकते, लेकिन नई बुकिंग बढ़े हुए दाम पर ही ले रहे हैं। फिलहाल कम प्रॉफिट में काम करना पड़ रहा है। चाय भी महंगी: 10 से बढ़कर 14 रुपए पर पहुंची एमजी रोड के चाय विक्रेता दिलीप यादव ने बताया कि पहले 10 रुपए में मिलने वाली चाय अब 14 रुपए की हो गई है। गैस सिलेंडर महंगा मिलने से रेट बढ़ाना पड़ा, कोई दूसरा विकल्प नहीं था। इसलिए महंगा हो रहा खाना