छिंदवाड़ा में टाइगर अटैक के बाद दहशत में ग्रामीण:महुआ बीनने जाने पर जान का खतरा, अब भी बाघ का बना हुआ मूवमेंट

छिंदवाड़ा के पेंच नेशनल पार्क के कुंभपानी वन परिक्षेत्र के बीट रमपुरी के पास टाइगर अटैक में युवक की मौत के बाद वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। जिस स्थान पर बाघ ने हमला किया था, उसी इलाके में अब भी उसकी मूवमेंट बनी हुई है। इससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है। साथ ही ग्रामीणों के बीच पहुंचकर “बाघ चौपाल” के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों ने खासतौर पर महुआ तोड़ने जाने वाले ग्रामीणों को अकेले जंगल न जाने, छोटे बच्चों को साथ न ले जाने और समूह में शोर करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। इन क्षेत्रों में ज्यादा खतरा जानकारी के मुताबिक सफेद पाठा, घुरलाह टेकरी और आसपास के जंगलों में बाघ की लगातार मूवमेंट देखी जा रही है। इसके अलावा खमरा और जमतरा क्षेत्र में भी बाघ के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। इन इलाकों में ग्रामीणों का रोजाना आना-जाना रहता है, जिससे वन विभाग के सामने घटनाओं को रोकना बड़ी चुनौती बन गई है। वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है, लेकिन बाघ की मौजूदगी से इलाके में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और जंगल में जाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
मासूम शर्मा ने हनुमान जन्मोत्सव पर गाया बैन सॉन्ग ‘खटोला’:बहादुरगढ़ में सपना संग ठुमके लगाए; आर्यन मान के प्रोग्राम में कई मंत्री-विधायक आए

झज्जर में स्टेज पर परफॉर्म करते सिंगर मासूम शर्मा और सपना चौधरी। हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने बहादुरगढ़ में हनुमान जयंती पर हुए एक प्रोग्राम में मंत्री, विधायकों की प्रेजेंस में ही बैन सॉन्ग ‘खटोला’ गाया। स्टेज पर मासूम ने कलाकार सपना चौधरी के साथ ठुमके भी लगाए। . प्रोग्राम का आयोजन दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन के प्रेसिडेंट आर्यन मान के परिवार ने किया था। इस प्रोग्राम से जुड़ी एक वीडियो भी सामने आई है, जिसमें मासूम शर्मा और सपना चौधरी एक साथ परफॉर्म कर रहे हैं। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, अरविंद शर्मा, मनजिंद्र सिंह सिरसा, विधायक राजेंद्र जून, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली और दिग्विजय चौटाला समेत कई नेता और फिल्मी हस्तियां शामिल हुईं। दरअसल, जींद के शो में हुए सरपंच विवाद के बाद मासूम शर्मा पहली बार झज्जर में किसी स्टेज शो में पहुंचे थे। सरपंच विवाद के बाद झज्जर की सरपंच एसोसिएशन ने मासूम का कड़ा विरोध किया था। देखिए, सपना चौधरी के डांस के PHOTOS… मासूम शर्मा के सॉन्ग पर डांस करतीं सपना चौधरी। सपना के डांस करने के बाद मासूम भी थिरकने लगे। इंग्लिश मीडियम डांस पर ठुमके लगाते मासूम शर्मा और सपना चौधरी। आर्यन मान के परिवार का प्रोग्राम बहादुरगढ़ के सिदीपुर गांव में गुरुवार को मान फार्म हाउस में हनुमान जयंती पर एक कार्यक्रम आयोजित हुआ। ये फार्म हाउस दिल्ली यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष आर्यन मान के परिवार का है। आर्यन ने ही प्रोग्राम की तैयारियां की। परिवार का कहना है कि वे कई सालों से हनुमान जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन करते हैं, जिसमें बड़ी संख्या में आसपास के गांव के लोग शामिल होते हैं। सपना के साथ इंग्लिश मीडियम सॉन्ग पर डांस कार्यक्रम में सिंगर मासूम शर्मा और सपना चौधरी की स्टेज परफॉर्मेंस रखी गई थी। सपना चौधरी ने स्टेज पर ही मासूम शर्मा के साथ डांस भी किया। मासूम ने जैसे ही इंग्लिश मीडियम सॉन्ग गाया, सपना तुरंत डांस करने लगी। सपना का डांस देखने के लिए स्टेज के पास युवाओं की भीड़ लग गई। इस दौरान मासूम ने बैन सॉन्ग खटोला भी गाया। सपना बोलीं- यहां कई शो किए मंच से ही सपना चौधरी ने कहा कि मैंने झज्जर एरिया में कई शो किए हैं। इस शो में कई ऐसे युवा हैं, जो 9-10 साल से उनके प्रोग्राम में आ रहे हैं। प्रोग्राम में युवाओं के साथ आसपास के गांव की महिलाएं भी शामिल हुईं। दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिन्द्र सिंह सिरसा और दिग्विजय चौटाला एक-दूसरे से मिलकर मुस्कराते हुए दिखे। कई प्रोग्राम में बैन सॉन्ग गाए सिंगर मासूम शर्मा इन दिनों लगातार बैन सॉन्ग खटोला और चंबल के डाकू को प्रमोट कर रहे हैं। सिंगर पर लाइव शो और फिल्म में भी इसके मिलते-जुलते लिरिक्स व ट्यून के इस्तेमाल का आरोप लग चुका है। मासूम शर्मा सिरसा में लाइव शो के दौरान खटोला सॉन्ग गाया था, जिसके भीड़ बेकाबू होकर सिंगर से मिलने के लिए स्टेज तक जा पहुंची थी। इसके साथ ही मासूम ने हिसार, चंडीगढ़, अलीगढ़ (यूपी) में ये सॉन्ग गाया है। इसके बाद अब झज्जर में भी धार्मिक कार्यक्रम में ये बैन सॉन्ग गाया। पहले जानिए…क्या है सरपंच विवाद 18 फरवरी को जींद में मासूम शर्मा की बहन कविता और बहनोई धर्मवीर आर्य की 25वीं मैरिज एनिवर्सिरी कार्यक्रम में सिंगर और पूर्व सरपंच में विवाद हो गया था। शो के दौरान भीड़ बढ़ने पर मासूम शर्मा ने मंच से जींद के पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा को नीचे उतरने के लिए कहा। सिंगर ने कहा था- मेरे प्रोग्राम में कोई सरपंच, एमएलए या मंत्री हो, मैं किसी को नहीं मानता। इसके बाद पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मासूम शर्मा को पंच का चुनाव लड़ने तक की चुनौती दी थी। जींद में मासूम शर्मा ने 70 सरपंच हांडै वाली बात कही थी। (फाइल) मासूम के झज्जर आने पर क्या बोले सरपंच प्रतिनिधि.. अब विवाद जैसा कुछ नहीं झज्जर जिले के गांव सिदीपुर से सरपंच प्रतिनिधि तिलक राज ने बताया कि प्रोग्राम में भी कई सरपंच आए हुए थे। अब विवाद जैसा कुछ नहीं है। मान परिवार हर साल हनुमान जयंती ऐसा प्रोग्राम आयोजित करता है, जिसमें आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में आते हैं। कार्यक्रम का पता नहीं चला झज्जर से सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान एवं हसनपुर के सरपंच बलवान सिंह ने बताया कि मासूम शर्मा ने सरपंचों से माफी मांग ली थी, तब मामला निपट गया था। इस कार्यक्रम के बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी। मासूम शर्मा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में आर्यन मान का इलेक्शन कैंपेन किया था। (फाइल फोटो) दिल्ली यूनिवर्सिटी के चुनाव में आर्यन का प्रचार किया मासूम शर्मा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में आर्यन मान का चुनाव प्रचार किया था। मासूम आर्यन के साथ लग्जरी गाड़ियों में बैठे नजर आए थे। हालांकि मासूम के कैंपेन कराने को लेकर NSUI ने इसका विरोध किया था। जिसके बाद मासूम ने कहा था- आर्यन को वह बचपन से ही जानते हैं, उनके घर जैसे रिश्ते हैं। ————— ये खबरें भी पढ़ें…. दिल्ली यूनिवर्सिटी चुनाव में मासूम शर्मा के प्रचार पर विवाद: NSUI ने खर्च पर सवाल उठाए; सिंगर बोले-एक रुपए नहीं लिए, रिश्तेदार थे इसलिए आए दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (डूसू) चुनाव में हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के प्रचार करने पर विवाद हो गया है। कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने इसका विरोध किया। एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष रौनक खत्री ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर एबीवीपी पर आरोप लगाया कि मासूम शर्मा के जरिए चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। (पूरी खबर पढ़ें) ———— मासूम शर्मा की नई फिल्म कन्ट्रोवर्सी में घिरी: दावा- बैन सॉन्ग ‘खटोला’ जैसे लिरिक्स-ट्यून इस्तेमाल किए, टीजर में पिस्टल थामे नजर आए सिंगर हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा फिर एक नई कन्ट्रोवर्सी में घिर गए हैं। दावा किया जा रहा है कि उनकी रिलीज को तैयार फिल्म ‘लाइसेंस’ में उनका बैन सॉन्ग खटोला फिल्माया गया है। फिल्म के टीजर में भी ‘खटोला’ से मिलते- जुलते लिरिक्स और ट्यून हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 15 अप्रैल से शुरू:सिवनी में बारदानों की कमी बनी समस्या; किसानों परेशान

सिवनी जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी इस साल चुनौतियों के कारण देरी से शुरू होगी। प्रशासन ने पहली बार खरीदी की तारीख बढ़ाई है। पहले 7 अप्रैल से खरीदी शुरू होनी थी, जिसे अब बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दिया गया है। जिले में गेहूं खरीदी के लिए लगभग 8 हजार गठान बारदाने की आवश्यकता है, जिसमें एक गठान में 500 बारदाने होते हैं। इस प्रकार कुल 40 लाख बारदानों की जरूरत है। हालांकि, बारदानों की आपूर्ति की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है, जिससे खरीदी प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। विभाग के अनुसार, लगभग 3 हजार गठान बारदाना उपलब्ध है, लेकिन इसे पर्याप्त नहीं माना जा रहा। गेहूं खरीदी के लिए कुल 78 केंद्र स्थापित स्थिति इसलिए भी जटिल हो गई है क्योंकि समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान की मिलिंग समय पर नहीं हो पा रही है। इस कारण पुराने बारदाने दोबारा उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं हो सके हैं। यदि मिलिंग कार्य सुचारु रूप से होता, तो बारदानों की कमी कुछ हद तक कम हो सकती थी। जिले में गेहूं खरीदी के लिए कुल 78 केंद्र स्थापित किए गए हैं। इस वर्ष 54 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। खरीदी केंद्रों के निर्धारण के बाद ही स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया शुरू होगी, जिसका किसान इंतजार कर रहे हैं। स्लॉट देरी से किसान निजी व्यापारियों को गेहूं बेचने लगे अधिकांश किसानों की फसल कट चुकी है और वे गेहूं बेचने के लिए तैयार हैं। स्लॉट बुकिंग में देरी के कारण कई किसान निजी व्यापारियों को गेहूं बेचने लगे हैं। किसानों का कहना है कि व्यापारी खेत या घर से ही गेहूं तौलकर खरीद रहे हैं, जिससे उन्हें तत्काल भुगतान मिल जाता है। इस वर्ष सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। हालांकि, बोनस को लेकर अभी स्पष्ट निर्देश जारी नहीं हुए हैं। जिले में इस बार गेहूं की बंपर आवक की संभावना है, जिससे किसानों को बाजार में बेहतर दाम मिलने की उम्मीद भी है। पिछले वर्ष भी किसानों को समर्थन मूल्य और भुगतान संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इस बार भी शुरुआती व्यवस्थाओं में कमी के कारण वैसी ही स्थिति दोहराने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
‘आप पीएम मोदी से डरे हुए हैं’: आप ने राघव चड्ढा के पदावनति के बाद उन पर हमला बोला | भारत समाचार

आखरी अपडेट:03 अप्रैल, 2026, 12:02 IST आप प्रवक्ता अनुराग ढांढा ने राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए उन पर भारत में वास्तविक मुद्दों पर बोलने से झिझकने और पीएम मोदी से डरने का आरोप लगाया। आप सांसद राघव चड्ढा. (छवि: पीटीआई/फ़ाइल फोटो) आम आदमी पार्टी (AAP) के आधिकारिक प्रवक्ता अनुराग ढांढा ने निशाना साधा राघव चड्ढा उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डरने और देश के वास्तविक मुद्दों पर बोलने से झिझकने का आरोप लगाते हुए उन्हें राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया गया था। राघव चड्ढा को राज्यसभा में आप के उपनेता के रूप में अशोक मित्तल द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था, और पार्टी ने कथित तौर पर सचिवालय से आग्रह किया है कि चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए, जिससे बाहर निकलने की अफवाहों को बल मिला है। “हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता हमारी पहली पहचान है। अगर कोई मोदी से डरता है, तो क्या वे देश के लिए लड़ेंगे?” ढांडा ने एक्स पर लिखा। उन्होंने संसद में पितृत्व अवकाश और हवाई अड्डों पर भोजन की लागत कम करने जैसे जनहित के मुद्दों को संसद में उठाने के लिए चड्ढा पर भी कटाक्ष किया। “संसद में, पार्टी को बोलने के लिए बस थोड़ा सा समय मिलता है – ऐसे में, हम या तो देश को बचाने के लिए संघर्ष कर सकते हैं या हवाई अड्डे की कैंटीन में समोसे को सस्ता करने के लिए दबाव डाल सकते हैं। गुजरात में, हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं को भाजपा की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है – क्या माननीय सांसद ने सदन में कुछ कहा?” उन्होंने जोड़ा. हम आश्चर्यकर्म के सिपाही हैं। निडरता सबसे पहले पहचानती है हमारी। कोई मोदी से डर जाएगा तो किस देश के लिए लड़ेगा? संसद में थोड़ा सा समय मिलता है बोलने का पार्टी को, इसमें शामिल या तो देश में असफ़लता का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट में समोसे कैंटीन में शामिल हो सकते हैं। गुजरात में हमारे संकडो… -अनुराग ढांडा (@anuragdhanda) 3 अप्रैल 2026 “पश्चिम बंगाल में, वोट देने का अधिकार छीना जा रहा है। जब सीईसी के खिलाफ एक प्रस्ताव सदन में आया, तो उन्होंने (चड्ढा) इस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। जब पार्टी सदन से बाहर चली गई, तो वे मोदी जी के लिए उपस्थिति दर्ज कराने के लिए रुके रहे।” ढांडा ने आगे कहा, “पिछले कुछ सालों से आप डरे हुए हैं, राघव जी। आप पीएम मोदी के खिलाफ बोलने से झिझकते हैं। आप देश के वास्तविक मुद्दों पर बोलने से झिझकते हैं।” इस बीच, आप के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने चड्ढा के लिए ”जो डर गया सो मर गया” का इस्तेमाल करते हुए कहा कि जब विपक्षी नेता सरकार के ”तानाशाही” रवैये के खिलाफ विरोध कर रहे थे, चड्ढा संसद में महत्वहीन मामले उठा रहे थे। उन्होंने कहा, “पिछले कुछ सालों से आपने संसद में कोई ऐसा मुद्दा नहीं उठाया है जो पीएम मोदी या बीजेपी पर सवाल उठाता हो। डर की यह राजनीति कैसे चल सकती है? हमें पंजाब के मुद्दे उठाने हैं, जहां से आप आते हैं, लेकिन आपने इस बारे में बात नहीं की। सीएम रहते हुए सरकार ने अरविंद केजरीवाल को झूठे मामले में गिरफ्तार किया था, लेकिन आप देश में नहीं थे।” ये टिप्पणियां तब आईं जब चड्ढा ने अपनी पदावनति पर कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें “खामोश किया गया है, लेकिन हराया नहीं गया है”। उन्होंने तुरंत आप पर निशाना साधा और पार्टी से सवाल किया कि क्या लोगों की आवाज उठाना अपराध है. और पढ़ें: ‘चुप हूं, हारा नहीं’: राघव चड्ढा ने AAP पर उठाए सवाल, पूछा ‘क्या मैंने कुछ गलत किया है?’ चड्ढा ने एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में पूछा, “जिन विषयों को कोई उठाने की हिम्मत नहीं करता, लेकिन क्या सार्वजनिक मुद्दों को उठाना अपराध है? क्या मैंने अपराध किया है? क्या मैंने गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है? मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि AAP ने सचिवालय को राघव चड्ढा को संसद में बोलने से रोकने के लिए कहा था।” राघव चड्ढा देश के सबसे युवा सांसदों में से हैं और एक समय उन्हें केजरीवाल का करीबी विश्वासपात्र माना जाता था। उन्होंने पार्टी मामलों में, विशेषकर पंजाब में और दिल्ली में आप के कार्यकाल के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पहले प्रकाशित: 03 अप्रैल, 2026, 11:32 IST न्यूज़ इंडिया ‘आप पीएम मोदी से डरे हुए हैं’: आप ने राघव चड्ढा के पदावनति के बाद उन पर हमला बोला अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राघव चड्ढा आप विवाद(टी)आम आदमी पार्टी(टी)अनुराग ढांढा बयान(टी)राघव चड्ढा को हटाना(टी)आप उपनेता राज्यसभा(टी)अशोक मित्तल की नियुक्ति(टी)नरेंद्र मोदी की आलोचना(टी)आप की आंतरिक दरार
बड़वानी में कार खाई में गिरी, दो युवकों की मौत:दो गंभीर घायल; बिलियापानी घाट पर ड्राइवर को झपकी आने से हुआ हादसा

बड़वानी के पाटी थाना क्षेत्र के गोलगांव में शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसा हुआ। बिलियापानी घाट पर बड़वानी से सेमलेट जा रही एक इको वाहन गहरी खाई में गिर गई। हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। 600 मीटर गहरी खाई में गिरी कार पुलिस के अनुसार, वाहन चालक को नींद आने के कारण गाड़ी अनियंत्रित होकर करीब 600 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में सकरीया पिता रजान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन चालक इकराम पिता रुलसिंग ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बड़वानी अस्पताल से वापस लौट रहे थे जानकारी के मुताबिक, सेमलेट गांव के चार युवक रात में एक गंभीर बीमार व्यक्ति को इलाज के लिए पाटी लाए थे। मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल बड़वानी रेफर किया गया था। बीमार व्यक्ति को अस्पताल छोड़कर ये युवक वापस अपने घर लौट रहे थे। स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना परिजनों और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर प्रभारी एसडीओपी महेश सुनैया के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया और कड़ी मशक्कत के बाद खाई से मृतकों और घायलों को बाहर निकाला। हादसे में दो की मौत, दो घायल पुलिस ने बताया कि सकरीया पिता रजान की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी, जबकि इकराम पिता रुलसिंग की मौत अस्पताल में हुई। बियालाल पिता भीमसिंग और भंगा पिता रजान गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल बड़वानी भेजा गया है। पुलिस ने दोनों मृतकों का मर्ग कायम कर शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।
चेहरे पर गुलाबी निखार और आंखों की बाज की नजर देता है यह पीला फल! सप्ताह में एक दिन भी खाएंगे तो मिलेंगे इतने फायदे

Last Updated:April 03, 2026, 11:36 IST Benefits of Apricot : प्रकृति में हमारी सेहत के लिए कई अनोखे फल हैं. इन्हीं में से एक है खुबानी. खुबानी हमारी स्किन और नजर के लिए वरदान से कम नहीं है. खुबानी में मौजूद विटामिन सी और ए कोलेजन को बढ़ाते हैं. इससे स्किन पर झुर्रियां कम होती हैं और त्वचा में कसाव आता है. यह एंटीऑक्सीडेंट्स का बड़ा स्रोत है जो सूरज की किरणों से होने वाले डैमेज से बचाते हैं और चेहरे पर कुदरती ग्लो लाते हैं. वहीं खुबानी में बीटा-कैरोटीन और विटामिन ई भी मौजूद होता है जो आंखों में बाज की नजर दे सकता है. आइए इसके फायदों के बारे में जानते हैं. खुबानी बेहद पौष्टिक फल है. खुबानी विटामिन सी का भंडार है. खुबानी में गहरे पीले रंग का होता है. खुबानी में प्रचूर मात्रा में फाइबर प्रोटीन, सोडियम, आयरन, कैल्शियम,कई तरह के विटामिन औ अन्य माइक्रो न्यूट्रेंट्स होते हैं. ये सब मिलकर सेहत के लिए खुबानी को अमृत तुल्य बनाते हैं. अगर आप सप्ताह में एक या दो दिन भी खुबानी का सेवन करेंगे तो इससे गजब के फायदे दिखेंगे. दिल की सेहत और वजन कंट्रोल में फायदेमंद- खुबानी में क्लोरोजेनिक एसिड और केटेचिन जैसे शक्तिशाली कंपाउंड होते हैं, जो शरीर में मौजूद हानिकारक फ्री रेडिकल्स को खत्म करने का काम करते हैं. ये फ्री रेडिकल्स शरीर में ‘ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस’ पैदा करते हैं, जो हृदय रोगों और मोटापे की मुख्य जड़ है. जब आप नियमित रूप से खुबानी का सेवन करते हैं, तो ये एंटीऑक्सीडेंट्स तनाव को कम कर धमनियों को स्वस्थ रखते हैं. इससे न केवल दिल की बीमारियों का खतरा टलता है, बल्कि शरीर का मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है, जिससे बढ़ते वजन और मोटापे पर लगाम लगाना आसान हो जाता है. स्किन पर लाता है ग्लो-प्रदूषण, धूप और स्मोकिंग हमारी त्वचा को अंदरूनी रूप से सुस्त और खराब कर देते हैं. खुबानी एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना है, जो सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट (UV) किरणों से स्किन की रक्षा करती है. इसमें मौजूद विटामिन C और विटामिन E का कॉम्बिनेशन त्वचा की लोच (Elasticity) बनाए रखता है, जिससे उम्र से पहले चेहरे पर झुर्रियां और महीन रेखाएं नहीं आतीं. खुबानी खाने से स्किन सेल्स डैमेज होने से बचते हैं और पर्यावरण के जहरीले तत्वों का असर कम होता है, जिससे आपकी त्वचा लंबे समय तक जवां और चमकदार बनी रहती है. Add News18 as Preferred Source on Google आंखों में बाज की नजर-खुबानी आंखों के लिए सुपरफूड है. इससे आंखों में बाज की नजर आ सकती है. खुबानी में प्रचुर मात्रा में विटामिन A, विटामिन E और बीटा-कैरोटीन पाया जाता है. विटामिन A रात के अंधेपन (Night Blindness) को रोकने में मदद करता है, जबकि विटामिन E आंखों के नाजुक ऊतकों को फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाता है. खुबानी में मौजूद बीटा-कैरोटीन शरीर के अंदर जाकर विटामिन A में बदल जाता है, जो रेटिना की सुरक्षा करता है. इसका नियमित सेवन बढ़ती उम्र में होने वाली धुंधली दृष्टि की समस्या को कम करता है और आंखों की प्राकृतिक रोशनी को बनाए रखने में सहायक होता है. बेहतर पाचन और गट हेल्थ-खुबानी पाचन तंत्र के लिए बेहद गुणकारी है. इसके एक कप सेवन से शरीर को लगभग 3.3 ग्राम फाइबर मिलता है. इसमें घुलनशील (Soluble) और अघुलनशील दोनों तरह के फाइबर होते हैं. घुलनशील फाइबर पानी में मिलकर पेक्टिन जैसे तत्व बनाता है जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करते हैं, जबकि अघुलनशील फाइबर मल को नरम कर कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है. यह कॉम्बिनेशन पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है, जिससे भोजन का अवशोषण बेहतर होता है और आप भारीपन या पेट की समस्याओं से मुक्त रहते हैं. इम्यूनिटी बूस्ट-खुबानी केवल स्वाद में ही अच्छी नहीं है, बल्कि यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती है. इसमें मौजूद विटामिन और खनिजों का मिश्रण शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाता है. यह शरीर की सूजन (Inflammation) को कम करने में मदद करती है, जो कई पुरानी बीमारियों का कारण बनती है. खुबानी में मौजूद आयरन और पोटेशियम जैसे तत्व शरीर में खून की कमी को पूरा करते हैं और ऊर्जा का स्तर बनाए रखते हैं. इसे अपनी डाइट में शामिल करने से शरीर अंदर से मजबूत बनता है और बीमारियों से लड़ने की क्षमता विकसित होती है. First Published : April 03, 2026, 11:36 IST
सिंगर हनी सिंह के पुणे शो से पहले विवाद:जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन अफसर ने भेजा नोटिस, चंडीगढ़ के प्रोफेसर की शिकायत पर एक्शन

बॉलीवुड सिंगर व रैपर यो यो हनी सिंह के महाराष्ट्र के पुणे कंसर्ट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। महाराष्ट्र के जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन अफसर ने पुणे के पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि हनी सिंह को कुछ विवादास्पद गाने न गाने दिए जाएं, क्योंकि इनमें शराब, ड्रग्स और गन कल्चर की महिमा बताई जाती है, जो बच्चों पर बुरा असर डाल सकती है। पत्र में उन्होंने उनके सात गानों का जिक्र किया है। इन गानों में वन बॉटल डाउन, चार बोतल वोडका, मनाली ट्रांस, दिस पार्टी गेटिंग हॉट, मक्खना, गोलियां और मिलियनेयर शामिल हैं। इस संबंधी शिकायत चंडीगढ़ के प्रोफेसर पंडित पंडितराव धरेनवर ने की थी। प्रोफेसर ने भेजी थी यह शिकायत हनी सिंह का शो 4 अप्रैल 2026 को महालक्ष्मी लॉन्स, पुणे में होने वाला है। हालांकि पता चला है कि मुंबई में 4 को खराब मौसम के चलते अब 18 अप्रैल को कर दिया गया है। यह शो उनके My Story टूर के तहत हो रहा था। इसको लेकर चाइल्ड प्रोटेक्शन अफसर को लिखे पत्र में प्रोफेसर ने कहा था कि इन गानों में शराब, नशीले पदार्थों और बंदूक संस्कृति को ग्लोरिफाई किया जाता है। अश्लील भाषा के प्रयोग पर रोक लगाने की मांग साथ ही स्टेज पर अश्लील भाषा (vulgar language) के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने की मांग की गई है। उन्होंने यह भी जिक्र किया कि 18 साल से कम उम्र के बच्चे भी प्रवेश कर सकते हैं। ऐसे में बच्चों पर बुरा असर पड़ सकता है। पत्र में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के 2019 के एक फैसले का हवाला भी दिया गया है, जिसमें बच्चों पर गलत असर डालने वाले कंटेंट को लेकर चिंता जताई गई थी। उन्होंने हनी सिंह पर हाल ही में मुंबई के शो में अश्लील भाषा इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया है। पहले हो चुकी है एफआईआर इससे पहले हनी सिंह का 28 मार्च को एमएमआरडीए ग्राउंड्स, बांद्रा में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस शो में हनी सिंह ने अपने गाने ‘मिलियनेयर’ (Millionaire) पर परफॉर्म करते हुए एक भव्य रोल्स-रॉयस कार में स्टेज पर एंट्री की। हालांकि इस दौरान वह ड्रिंक करते दिखे थे। इससे पहले शो के आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने मुंबई एयरपोर्ट के पास संवेदनशील क्षेत्र में अनुमति के बिना लेजर लाइट्स का उपयोग किया, जिससे विमानों की सुरक्षा को खतरा हो सकता था।
अधिकारी ने हनी सिंह के गानों पर चिंता जताई:पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र, गानों से शराब और गन कल्चर को बढ़ावा देने का आरोप लगाया

पुणे जिला बाल संरक्षण अधिकारी मंगेश जाधव ने शहर के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार को पत्र लिखकर सिंगर हनी सिंह के गानों पर चिंता जताई और आरोप लगाया कि उनके गानों में शराब, ड्रग्स और गन कल्चर को बढ़ावा दिया जाता है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, जाधव ने पुलिस डिपार्टमेंट से हनी सिंह के प्रोग्राम का कंटेंट सामाजिक रूप से जिम्मेदार और बच्चों की सुरक्षा के नियमों के हिसाब से बनाने को कहा है। यह पत्र गुरुवार को चंडीगढ़ के डॉ. पंडितराव धरेनवर की महाराष्ट्र महिला एवं बाल विकास विभाग में की गई शिकायत के बाद लिखा गया। पत्र में कहा गया है कि हनी के गाने, जैसे वन बॉटल डाउन, चार बॉटल वोडका, मनाली ट्रांस, दिस पार्टी गेटिंग हॉट, मखना, गोलियां और मिलियनेयर में आपत्तिजनक कंटेंट है। इसमें उनके लाइव कॉन्सर्ट में 18 साल से कम उम्र के बच्चों की मौजूदगी को लेकर भी चिंता जताई गई। मुंबई शो का भी पत्र में जिक्र किया जाधव ने 28 मार्च को मुंबई में हुए एक शो का भी जिक्र किया, जहां स्टेज पर कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था। यह शो हनी सिंह के माई स्टोरी टूर का हिस्सा था, जिसमें मिलियनेयर, देसी कलाकार, माफिया मुंडीर और डोप शॉप जैसे गाने परफॉर्म किए गए थे। पत्र में पुलिस कमिश्नर से प्रोग्राम के कंटेंट को कानून और बाल संरक्षण मानकों के अनुरूप बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। गाना वॉल्यूम 1 हटाने के आदेश जारी वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को सिंगर हनी सिंह और बादशाह के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने करीब दो दशक पुराने विवादित गाने वॉल्यूम 1 को इंटरनेट के सभी प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने के आदेश दिए हैं। बता दें कि इस गाने को हनी सिंह और बादशाह द्वारा गाया गया बताया जाता है। हालांकि, दोनों कलाकारों ने समय-समय पर इसे गाने से इनकार भी किया है। कोर्ट ने कहा कि गाने का टाइटल और बोल इतने आपत्तिजनक हैं कि उन्हें आधिकारिक आदेश में लिखना भी संभव नहीं है। अदालत ने निर्देश दिया कि गूगल, यूट्यूब और स्पॉटिफाई जैसे सभी म्यूजिक और वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म से इस गाने के ओरिजिनल वर्जन, रीमिक्स और यूआरएल को तुरंत ब्लॉक किया जाए। कोर्ट ने कहा- ‘अंतरात्मा को झकझोर दिया’ जस्टिस कौरव ने अपने चैंबर में गाने को सुनने और उसके बोल पढ़ने के बाद तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा, यह उन चुनिंदा मामलों में से एक है जिसने कोर्ट की अंतरात्मा को अंदर तक हिला दिया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि गाने के बोल महिलाओं का अपमान करते हैं और उन्हें मजाक का पात्र बनाते हैं। इसमें कोई भी कलात्मक या सामाजिक मूल्य नहीं है। कोर्ट ने साफ किया कि कलात्मक अभिव्यक्ति की आड़ में ऐसी अश्लीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हिंदू शक्ति दल ने दायर की थी याचिका यह कार्रवाई हिंदू शक्ति दल की याचिका पर हुई है। याचिका में दलील दी गई थी कि यह गाना डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध है और युवाओं पर गलत असर डाल रहा है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि हाल ही में एक कॉन्सर्ट के दौरान हनी सिंह ने इस गाने की कुछ लाइनें गाई थीं, जिससे साबित होता है कि यह गाना उन्हीं का है। इसके बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी विवादित लिंक ब्लॉक करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे कंटेंट को पैसे कमाने की इजाजत नहीं कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री फैलाना, जो नाबालिगों के लिए भी उपलब्ध है, समाज के लिए ठीक नहीं है। जस्टिस कौरव ने कहा, समाज में शालीनता के मानकों की अनदेखी की जा रही है। कानून से चलने वाला कोई भी सभ्य समाज ऐसे कंटेंट को पैसे कमाने का जरिया बनने की इजाजत नहीं दे सकता। इस मामले की अगली सुनवाई अब 7 मई को तय की गई है।
अधिकारी ने हनी सिंह के गानों पर चिंता जताई:पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र, गानों से शराब और गन कल्चर को बढ़ावा देने का आरोप लगाया

सिंगर हनी सिंह के महाराष्ट्र के पुणे में होने वाले कॉन्सर्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पुणे जिला बाल संरक्षण अधिकारी मंगेश जाधव ने शहर के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार को पत्र लिखकर हनी सिंह के गानों पर चिंता जताई और आरोप लगाया कि उनके गानों में शराब, ड्रग्स और गन कल्चर को बढ़ावा दिया जाता है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, जाधव ने पुलिस डिपार्टमेंट से हनी सिंह के प्रोग्राम का कंटेंट सामाजिक रूप से जिम्मेदार और बच्चों की सुरक्षा के नियमों के हिसाब से बनाने को कहा है। यह पत्र गुरुवार को चंडीगढ़ के डॉ. पंडितराव धरेनवर की महाराष्ट्र महिला एवं बाल विकास विभाग में की गई शिकायत के बाद लिखा गया। पत्र में कहा गया है कि हनी के गाने, जैसे वन बॉटल डाउन, चार बॉटल वोडका, मनाली ट्रांस, दिस पार्टी गेटिंग हॉट, मखना, गोलियां और मिलियनेयर में आपत्तिजनक कंटेंट है। इसमें उनके लाइव कॉन्सर्ट में 18 साल से कम उम्र के बच्चों की मौजूदगी को लेकर भी चिंता जताई गई। मुंबई शो का भी पत्र में जिक्र किया जाधव ने 28 मार्च को मुंबई में हुए एक शो का भी जिक्र किया, जहां स्टेज पर कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था। यह शो हनी सिंह के माई स्टोरी टूर का हिस्सा था, जिसमें मिलियनेयर, देसी कलाकार, माफिया मुंडीर और डोप शॉप जैसे गाने परफॉर्म किए गए थे। पत्र में पुलिस कमिश्नर से प्रोग्राम के कंटेंट को कानून और बाल संरक्षण मानकों के अनुरूप बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। पुणे में हनी सिंह का शो टला, खराब मौसम वजह वहीं, पुणे में हनी सिंह का होने वाला लाइव शो स्थगित कर दिया गया है। यह शो पहले 4 अप्रैल को होना था, लेकिन खराब मौसम के चलते इसे टाल दिया गया। बारिश और गरज के साथ बौछारों की संभावना को देखते हुए यह फैसला लिया गया। अब यह शो 18 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। साथ ही, पहले से खरीदे गए टिकट नई तारीख के लिए मान्य रहेंगे।
1971 के नायक रहे राजस्थान के सपूत को बांग्लादेशी सम्मान:22 साल की उम्र में अंतिम सांस तक पाकिस्तानी ठिकानों पर करते रहे थे बमबारी

1971 के भारत-पाक युद्ध में मातृभूमि के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले पिलानी (झुंझुनूं) के शहीद धर्मपाल डूडी के अदम्य साहस को आधी सदी बाद एक नई पहचान मिली है। बांग्लादेश सरकार ने शहीद के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए उनके परिवार को ‘विशेष प्रशस्ति पत्र’ और ‘राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न’ भेंट किया। गुरुवार को जब सेना के अधिकारी यह सम्मान लेकर शहीद के पैतृक गांव धींधवा पहुंचे, तो पूरा माहौल ‘शहीद धर्मपाल अमर रहे’ के नारों से गूंज उठा। बांग्लादेश से भेजे गए सम्मान की PHOTOS…. 54 साल का इंतजार, 2018 में जारी हुआ था पत्र, अब पहुंचा घर बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना और राष्ट्रपति मोहम्मद अब्दुल हमीद के हस्ताक्षरों वाला यह सम्मान पत्र 27 नवंबर 2018 को जारी किया गया था। प्रशासनिक कारणों से इसे पहुंचने में देरी हुई, लेकिन गुरुवार दोपहर 2:30 बजे जब 65 मीडियम रेजिमेंट के लेफ्टिनेंट विक्रांत, हवलदार रामबीर और अग्निवीर जीतू सिंह गांव पहुंचे, तो शहीद की यादें फिर ताजा हो गईं। जवानों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें सलामी दी। शरीर जख्मी था, लेकिन हौसला फौलादी 3 दिसंबर 1971 को अखोरा (ढाका) में भीषण जंग जारी थी। धर्मपाल डूडी और उनकी टीम पाकिस्तानी ठिकानों पर कहर बनकर टूट रही थी। इसी बीच पाकिस्तान की ओर से किए गए भारी बम हमले में धर्मपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। शहीद के भतीजे सुनील कुमार डूडी ने बताया- दुश्मन का गोला उनके पास गिरा, वे लहूलुहान थे। शरीर से खून बह रहा था, लेकिन उन्होंने अपना रेडियो सेट और गन नहीं छोड़ी। दर्द असहनीय था, पर उनके दिमाग में सिर्फ दुश्मन को तबाह करने का लक्ष्य था। घायल अवस्था में भी वे अंतिम सांस तक पाकिस्तानी ठिकानों पर सटीक बमबारी करवाते रहे और अंततः 4 दिसंबर 1971 को वह वीरगति को प्राप्त हुए। 13 जनवरी 1970 को सेना में भर्ती हुए थे धर्मपाल डूडी (शहीद) के भतीजे सुनील कुमार डूडी ने गर्व से बताया कि उनके चाचा 13 जनवरी 1970 को सेना में भर्ती हुए थे। महज 22 साल की उम्र में वह शहीद हो गए थे। सम्मान- यूनिट ने ‘धर्मपाल बैट्री’ रखा नाम लेफ्टिनेंट विक्रांत ने बताया कि 65 मीडियम रेजिमेंट की आर्टलरी यूनिट की एक बैट्री का नाम अब ‘शहीद धर्मपाल बैट्री’ रखा गया है। यह किसी भी सैनिक के लिए अद्वितीय सम्मान है। भारत सरकार उन्हें पहले ही ‘पूर्वी स्टार’ से नवाज चुकी है। 7 भाइयों में से 6 ने सेना में दीं सेवाएं शहीद धर्मपाल समेत परिवार में सात भाई हैं। इनमें सबसे बड़े भाई मक्खन लाल का 2002 में निधन हो चुका है। वे गांव में ही खेती करते थे। इसके अलावा लांस नायक अमर सिंह, सूबेदार शुभकरण, सूबेदार रणनीत सिंह, सूबेदार सत्यवीर सिंह, सूबेदार रामजीलाल सेना से रिटायर हो चुके हैं। शहीद धर्मपाल सिंह पांचवे नंबर के भाई थे। —- यह खबर भी पढ़िए… ऑपरेशन-सिंदूर में शहीद हुए सुरेंद्र मोगा वायु-सेना मेडल से सम्मानित:वीरांगना बोलीं-सुरेंद्र हमेशा कहते थे-देश पहले बाकी सब बाद में ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए सार्जेंट सुरेंद्र मोगा को सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत ‘वायु सेना मेडल (गैलंट्री)’ से सम्मानित किया गया। 93वें वायु सेना दिवस के अवसर पर गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर आयोजित समारोह में भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने यह वीरता सम्मान शहीद की वीरांगना पत्नी सीमा मोगा को प्रदान किया। (पढ़ें पूरी खबर)








