अटारी-वाघा सीमा पर रिट्रीट का समय बदला:अब शाम 5:30 से 6 बजे तक होगी सेरेमनी, आज से नई टाइमिंग लागू

अमृतसर स्थित भारत-पाकिस्तान अटारी सीमा पर होने वाली प्रसिद्ध रिट्रीट सेरेमनी के समय में बदलाव किया गया है। अटारी-वाघा बॉर्डर पर हर रोज होने वाली इस देशभक्ति से भरपूर सेरेमनी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। नए निर्णय के अनुसार अब रिट्रीट सेरेमनी शाम 5:30 बजे से शुरू होकर 6:00 बजे तक चलेगी। इससे पहले रिट्रीट सेरेमनी 5 बजे शुरू होकर साढ़े 5 बजे खत्म हो रही थी। मौसम और दिन की घटती-बढ़ती रोशनी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि दर्शकों को बेहतर अनुभव देने और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए समय में यह बदलाव जरूरी था। यह नया समय आज यानी 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है। यानी अब जो भी पर्यटक या स्थानीय लोग इस सेरेमनी को देखने की योजना बना रहे हैं, उन्हें नए समय के अनुसार ही पहुंचना होगा। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी भारत और पाकिस्तान के सैनिकों द्वारा की जाने वाली एक विशेष परंपरा है, जिसमें जोश, अनुशासन और देशभक्ति की झलक देखने को मिलती है। हजारों लोग बनते हैं आयोजन का हिस्सा हर दिन हजारों लोग इस आयोजन का हिस्सा बनते हैं और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम जैसे नारों से माहौल देशभक्ति से गूंज उठता है। इस बदलाव के बाद उम्मीद है कि लोग समय से पहुंचकर इस अद्भुत दृश्य का आनंद ले पाएंगे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समय का विशेष ध्यान रखें और निर्धारित समय से पहले ही पहुंचकर अपनी सीट सुनिश्चित करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
डेगरहट जंगल में दिखा बाघ, मुख्य मार्ग 45 मिनट बंद:वन विभाग ने सुरक्षित पार कराया, ग्रामीण डरे

सतना जिले के मझगवां वन परिक्षेत्र के डेगरहट जंगल में मंगलवार शाम एक बाघ दिखा। बाघ के मूवमेंट के कारण मुख्य मार्ग को लगभग 45 मिनट तक बंद रखना पड़ा। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से बाघ को सुरक्षित जंगल के दूसरी ओर पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, बाघ पुलिया के पास से निकलकर सड़क पार कर जंगल के दूसरे हिस्से में जाने का प्रयास कर रहा था। हालांकि, सड़क पर लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण वह झाड़ियों के पास ही बैठा रहा। ग्रामीणों ने बाघ को देखकर तत्काल वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। डीएफओ मयंक चांदीवाल ने बताया कि यह लगभग 4 से 5 वर्ष का नर बाघ है। उसने हाल ही में क्षेत्र में एक बैल का शिकार किया था और अपने निर्धारित क्षेत्र की ओर लौट रहा था। लोगों की आवाजाही से असहज महसूस करने के कारण वह सड़क पार नहीं कर पा रहा था। स्थिति को देखते हुए, डीएफओ के निर्देश पर मुख्य मार्ग को लगभग 45 मिनट तक बंद कराया गया। रास्ता खाली होते ही बाघ सुरक्षित रूप से सड़क पार कर जंगल के दूसरी ओर चला गया। बाघ की मौजूदगी से आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। वन विभाग लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहा है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। मझगवां रेंज में वर्तमान में लगभग 30 बाघ और 4 बाघिनों की मौजूदगी बताई जा रही है। वर्ष 2016 से इस क्षेत्र को वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। यह इलाका पन्ना नेशनल पार्क और उत्तर प्रदेश के रानीपुर अभयारण्य को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण वन्यजीव कॉरिडोर है, जिससे इसकी पारिस्थितिकीय अहमियत बढ़ जाती है।
जेल में हर कैदी पर CCTV से निगरानी:15 मार्च को शाजापुर जेल से कैदी हुआ था फरार; लापरवाही से जेल प्रहरी सस्पेंड

शाजापुर जिला जेल से 15 मार्च को एक कैदी फरार हो गया था। इसके बाद से प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। फरारी के बाद अब जेल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती इतनी बढ़ा दी गई है कि हर कैदी की हर हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही है। जेल प्रशासन अब ‘नो रिस्क’ मोड में आ गया है। कैदियों पर नजर रखने के लिए CCTV कैमरों की मॉनिटरिंग के लिए तीन जेल प्रहरियों की अलग से ड्यूटी लगाई गई है। ये प्रहरी 24 घंटे स्क्रीन पर नजर गड़ाए बैठे हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ा जा सके। 20 फीट दीवार फान कर भागे कैदी सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर 20 फीट ऊंची दीवार के बावजूद कैदी जेल से भाग कैसे गया। जांच में सामने आया कि फरार कैदी ने जेल की कैंटीन में काम करते हुए पानी के पाइप और तार का जुगाड़ कर दीवार फांद दी। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। हालांकि पुलिस ने तेजी दिखाते हुए फरार कैदी को 18 मार्च को छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार कर लिया था और 19 मार्च को शाजापुर लाकर उससे पूछताछ की गई। परिवार की मजबूरी बनी फरारी की वजह पूछताछ में कैदी ने बताया कि वह पिछले पांच महीनों से जमानत नहीं होने के कारण मानसिक तनाव में था। साथ ही उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चे आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। परिवार से मिलने की बेचैनी ही उसे इस खतरनाक कदम तक ले गई। कैदी ने पहले किया ‘रेकी’, फिर बनाया प्लान जिला जेल अधीक्षक दुष्यंत परागे के अनुसार, कैदी ने पहले जेल प्रहरियों की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी और फिर पूरी योजना बनाकर फरार हुआ। यानी यह घटना अचानक नहीं,बल्कि सोची-समझी साजिश का नतीजा थी। घटना के बाद जेल में लगे पुराने हैलोजन सिस्टम की अंडरग्राउंड वायरिंग को बंद कर दिया गया है, ताकि किसी भी तरह के दुरुपयोग की संभावना खत्म हो सके। साथ ही जेल प्रशासन ने मुख्यालय से अतिरिक्त स्टाफ की मांग भी की है, क्योंकि वर्तमान में करीब 10 जेल प्रहरियों की कमी बनी हुई है। लापरवाही से जेल प्रहरी सस्पेंड इस पूरे मामले में लापरवाही सामने आने पर जेल प्रहरी प्रदीप वर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है। प्रशासन अब किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। फिलहाल जिला जेल में सुरक्षा का ऐसा घेरा तैयार किया गया है, जिसमें बिना नजर आए कोई हलचल करना लगभग नामुमकिन हो गया है। CCTV, अतिरिक्त निगरानी और सख्त अनुशासन के बीच अब जेल प्रशासन हर हाल में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने में जुटा है। कुल मिलाकर, एक फरारी ने जहां सिस्टम की कमजोरी उजागर की, वहीं अब उसी ने सुरक्षा को ‘टाइट’ भी कर दिया है।
‘महिलाओं के लिए कोई सुरक्षा नहीं’: तमिलनाडु चुनाव रैली में अन्नाद्रमुक के पलानीस्वामी ने द्रमुक पर निशाना साधा | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:01 अप्रैल, 2026, 07:38 IST तमिलनाडु के शिवकाशी में एक रैली को संबोधित करते हुए पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं के लिए कोई सुरक्षा नहीं है और मारिजुआना खुलेआम बेचा जा रहा है। एआईएडीएमके सुप्रीमो एडप्पादी के पलानीस्वामी। (पीटीआई/फ़ाइल) ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के प्रमुख एडप्पादी के पलानीस्वामी ने मंगलवार को एक चुनावी रैली के दौरान राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर डीएमके सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि तमिलनाडु में महिलाओं या पुलिस के लिए कोई सुरक्षा नहीं है। 23 अप्रैल को राज्य विधानसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु के शिवकाशी में एक रैली को संबोधित करते हुए, पलानीस्वामी ने आश्वासन दिया कि अगर पार्टी सत्ता में आती है, तो वह तीन महीने के भीतर गांजा तस्करी को खत्म कर देगी। उन्होंने शिवकाशी में आतिशबाजी और माचिस उद्योगों के लिए समर्थन का भी आश्वासन दिया। हिंदुस्तान टाइम्स ने उनके हवाले से कहा, “जब मेरे मुख्यमंत्री रहते हुए आतिशबाजी उद्योग को संकट का सामना करना पड़ा, तो मैंने 20 सांसदों की एक समिति का नेतृत्व करते हुए केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की और मांग की कि आतिशबाजी की बिक्री पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिए।” “अगर अन्नाद्रमुक सरकार दोबारा बनी तो इन उद्योगों की रक्षा की जाएगी।” पलानीस्वामी ने डीएमके पर निशाना साधा अन्नाद्रमुक सुप्रीमो ने कावेरी-गुंडर नदी जोड़ परियोजना को रोकने के लिए द्रमुक सरकार की भी आलोचना की और कहा कि तमिलनाडु में सरकार बनने के बाद उनकी पार्टी इसे लागू करेगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य मेट्टूर बांध के अधिशेष पानी से नहरों, झीलों और तालाबों को भरना है। उन्होंने द्रमुक पर पिछली अन्नाद्रमुक सरकार के दौरान विरुधुनगर जिले में 400 करोड़ रुपये की लागत से एक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की स्थापना का श्रेय लेने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “इसके लिए 14,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे और मैंने व्यक्तिगत रूप से इसकी आधारशिला रखी थी। इससे पहले कि यह पूरा हो पाता, सरकार बदल गई।” उन्होंने यह भी कहा कि द्रमुक सरकार में महिलाओं या बुजुर्गों के लिए कोई सुरक्षा नहीं है। उन्होंने तर्क दिया, “क्या आप चाहते हैं कि ऐसी सरकार बनी रहे? एक ‘कठपुतली सीएम’ जो एक स्थायी डीजीपी भी नियुक्त नहीं कर सकता? एक राज्य तभी समृद्ध होगा जब कानून और व्यवस्था अच्छी होगी। डीएमके का एकमात्र विचार कमीशन, वसूली, भ्रष्टाचार है।” और पढ़ें: तमिलनाडु सीएम फेस 2026: DMK, AIADMK और बीजेपी का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा? रैली में पहुंचने पर बच्चों द्वारा प्रदर्शित एक बैनर की ओर इशारा करते हुए, पलानीस्वामी ने कहा, “देखें उस पर क्या लिखा है – केवल अन्नाद्रमुक सरकार महिलाओं के लिए सुरक्षित है। हम डीएमके को और नहीं चाहते।” उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में खुलेआम मारिजुआना बेचा जा रहा है, जिसका बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पलानीस्वामी की टिप्पणी तब आई जब तमिलनाडु 23 अप्रैल, 2026 को विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहा है, जहां वह अन्नाद्रमुक के मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। चुनावों में एआईएडीएमके के नेतृत्व वाला एनडीए डीएमके और कांग्रेस गठबंधन से भिड़ेगा, जिसके नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। (पीटीआई से इनपुट्स के साथ) जगह : शिवकाशी, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 01 अप्रैल, 2026, 07:38 IST समाचार राजनीति ‘महिलाओं के लिए कोई सुरक्षा नहीं’: तमिलनाडु की चुनावी रैली में अन्नाद्रमुक के पलानीस्वामी ने द्रमुक पर निशाना साधा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026(टी)एआईएडीएमके चुनाव रैली(टी)एडप्पादी के पलानीस्वामी(टी)डीएमके सरकार की आलोचना(टी)कानून और व्यवस्था तमिलनाडु(टी)महिला सुरक्षा तमिलनाडु
फूल है या चमत्कार? पी लें एक गिलास शरबत, पूरे दिन रहें कूल-कूल, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर में भी फायदेमंद

Last Updated:April 01, 2026, 07:21 IST Palash Flower Benefits: पाचन तंत्र के लिए भी पलाश के फूलों का शरबत बेहद लाभकारी माना जाता है. यह गैस, कब्ज, दस्त और पेट में जलन जैसी दिक्कतों में राहत देता है. जिन लोगों को पेट में ज्यादा गर्मी की शिकायत रहती है, उनके लिए यह प्राकृतिक उपाय काफी लाभकारी साबित हो सकता है. सीधी. मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में इन दिनों टेसू यानी पलाश के फूलों की बहार छाई है. लाल-नारंगी रंग के ये फूल जहां प्रकृति की खूबसूरती बढ़ाते हैं, वहीं आयुर्वेद में भी बेहद उपयोगी माने जाते हैं. खासकर गर्मियों में इनसे बना शरबत शरीर को ठंडक देने के साथ कई स्वास्थ्य समस्याओं में राहत पहुंचाता है. सीधी के आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए कहा कि पलाश के फूलों का शरबत शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करता है. तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच यह शरबत लू से बचाव में सहायक होता है. इसके सेवन से थकान, सिरदर्द और बेचैनी जैसी समस्याएं भी कम होती हैं. गर्मी के मौसम में इसे नियमित रूप से पीने से शरीर को तरावट मिलती है और ऊर्जा बनी रहती है. उन्होंने कहा कि पाचन तंत्र के लिए भी पलाश का शरबत बेहद लाभकारी माना जाता है. यह गैस, कब्ज, दस्त और पेट में जलन जैसी समस्याओं में राहत देता है. जिन लोगों को पेट में अधिक गर्मी की शिकायत रहती है, उनके लिए यह प्राकृतिक उपाय काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. इसके अलावा यह शरीर में पित्त दोष को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे हाथ-पैरों में जलन और शरीर की अधिक गर्मी से राहत मिलती है. ब्लड शुगर नियंत्रित करने में सहायकडॉक्टर के अनुसार, पलाश के फूलों में एंटी-फंगल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-डायबिटिक गुण पाए जाते हैं. यह शरबत ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक होता है, बवासीर के लक्षणों में राहत देता है, त्वचा रोगों में लाभकारी है और लिवर को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है. साथ ही यह शरीर के वात और कफ दोष को संतुलित करने में भी सहायक माना जाता है. शरबत बनाने की आसान विधिपलाश का शरबत बनाने की विधि भी बेहद आसान है. सूखे फूलों को रातभर पानी में भिगो दें. वहीं ताजे फूलों को 2-3 घंटे तक भिगोना पर्याप्त होता है. इसके बाद उसी पानी को 5-10 मिनट तक हल्का उबाल लें. फिर इसे छानकर ठंडा कर लें और स्वाद के लिए इसमें मिश्री, नींबू का रस और थोड़ा भुना हुआ जीरा मिलाकर सेवन करें. सीमित मात्रा में करें सेवनहालांकि इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. अधिक मात्रा में पीने से पेट दर्द या दस्त की समस्या हो सकती है. यदि कोई व्यक्ति पहले से किसी बीमारी से ग्रसित है या दवा ले रहा है, तो सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. टेसू के फूलों को छाया में सुखाकर एयरटाइट डिब्बे में स्टोर किया जा सकता है, जिससे इन्हें सालभर तक सुरक्षित रखा जा सकता है. इन सूखे फूलों का उपयोग प्राकृतिक रंग, काढ़ा या शरबत बनाने में किया जा सकता है. गर्मी के मौसम में यह देसी और असरदार नुस्खा लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. About the Author Rahul Singh राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं. Location : Sidhi,Madhya Pradesh First Published : April 01, 2026, 07:21 IST
पश्चिम बंगाल ओपिनियन पोल: बीजेपी को मिल सकती है बढ़त? कितने प्रतिशत लोग ममता बनर्जी को सीएम बनाना चाहते हैं, प्री पोल सर्वे का आकलन वाला

पश्चिम बंगाल समेत 4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में अगले महीने होने वाले चुनाव के लिए तारीखें जारी की जाएंगी। बंगाल में 2 चरण (23-29 अप्रैल) में चुनाव होंगे। इससे पहले ताजा ओपिनियन पोल सामने आया है, जो ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली वैष्णव कांग्रेस के पक्ष में हैं। सीएनएन-न्यूज18 और वोट वाइब रिलीज प्री पोल सर्वे के मुताबिक पश्चिम बंगाल में ओल्ड कांग्रेस कॉन्स्टेंट की चौथी बार सरकार बन सकती है। इस पोल में सामने आया कि मुख्यमंत्री के तौर पर ममता बनर्जी की सहयोगी हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 लोग शामिल हैं, जिनमें बहुमत हासिल करने के लिए 148 से ज्यादा लोग शामिल हैं। चुनाव से पहले हुए सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में इंदौर कांग्रेस 184 से 194 में जीत सकती है, जो बहुमत के आंकड़ों से अधिक है। वोट शेयर के मामले में भी टीएमसी को बढ़त मिली है. सर्वे के मुताबिक 41.9 प्रतिशत लोगों ने पारंपरिक कांग्रेस और 34.9 प्रतिशत लोगों ने बीजेपी का समर्थन किया है. ममता बनर्जी की सहभागिता ओपिनियन पोल के अनुसार भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में 98 से 108 सीटें जीत सकती है, जो बहुमत के आंकड़ों से कम है। इसके मुताबिक टीएमसी की जीत का आधार ममता बनर्जी बनी हुई हैं। सर्वे में 48.8 प्रतिशत लोगों ने ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री चुना, 33.4 प्रतिशत लोगों ने बीजेपी के शुभेंदु पदाधिकारी को चुना. राज्य सरकार के काम को लेकर 43.3 प्रतिशत लोगों ने अच्छा या बहुत अच्छा बताया। वहीं सरकार के काम को बेहद खराब दर्शकों का आंकड़ा 20.6 प्रतिशत रहा, 18.3 प्रतिशत ने सरकार के काम को बेहद खराब बताया। 36.5 प्रतिशत लोग ऐसे रह रहे हैं, कि उन्होंने कहा कि वह टीएमसी बैचलर में एक बार फिर वोट देंगे। क्या है जातिगत आंकड़े मुस्लिम समुदाय में ममता बनर्जी की संप्रदायवादी बनी हुई है। 44.2 प्रतिशत लोगों ने सरकार के काम को बहुत अच्छा बताया, जबकि सबसे अधिक आलोचनात्मक जनजातियों और जीवित हिंदू कलाकारों ने। दोनों विचारधाराओं के 26.6 प्रतिशत ने स्थिर सरकार के काम को बहुत खराब बताया। ओपिनियन पोल से पता चलता है कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की कमज़ोर पार्टी के बारे में बताया गया है। सर्वे में बीजेपी की अंदरूनी लड़ाई और गुटबाजी की ओर 19.9 फीसदी लोगों ने मुहर लगाई. 12.5 प्रतिशत लोग मानते हैं कि पार्टी में बंगाल की संस्कृति की कमी है और 17.2 प्रतिशत लोग मानते हैं कि बीजेपी में राज्य-शैली के नेता की कमी है। (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल ओपिनियन पोल(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)बीजेपी(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव तारीख 2026(टी)पश्चिम बंगाल ओपिनियन पोल 2026(टी)पश्चिम बंगाल बीजेपी सीएम उम्मीदवार 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 कौन जीतेगा
ईरान पर 24 घंटे में इजराइल के 230 हवाई हमले:अब तक 4800 ईरानी सुरक्षाकर्मियों की मौत; चीन-PAK ने 5 सूत्री सीजफायर प्लान बनाया

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 33वां दिन है। इजराइली सेना ने दावा किया है कि उसने मंगलवार को 24 घंटों में ईरान में 230 से ज्यादा हवाई हमले किए। इजराइल का कहना है कि ये हमले प्लांड ऑपरेशन का हिस्सा हैं, जिसका मकसद ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करना है। ईरान का कहना है कि इजराइल और अमेरिका सिर्फ सैन्य ठिकानों पर नहीं, बल्कि आम नागरिकों से जुड़ी जगहों पर भी हमला कर रहे हैं। वहीं, तेहरान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान के कम से कम 4,770 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो चुकी है। इस दौरान करीब 21 हजार लोग घायल भी हुए हैं। दूसरी तरफ चीन के विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने बीजिंग में बैठक के बाद एक 5 पॉइंट वाली योजना जारी की है। इस योजना का मकसद ईरान जंग रोकना है। चीन-PAK का 5 पॉइंट का सीजफायर प्लान… जंग से मिडिल ईस्ट को ₹18 लाख करोड़ का नुकसान यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) ने कहा है कि मध्य पूर्व में चल रहा युद्ध पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक यह संघर्ष अब सिर्फ कुछ देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए बड़ा संकट बन गया है। ईरान जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… ईरान-इजराइल जंग से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
हाथी चले बाजार…हरभजन सिंह के जवाब से बवाल:IPL-2026 में कमेंट्री पर ट्रोल करने वालों को कहा- कुत्ता; हटाने की मांग ट्रेंड

जालंधर के पूर्व क्रिकेटर और ‘टर्बिनेटर’ के नाम से मशहूर हरभजन सिंह उर्फ भज्जी ट्रोलर्स को दिए जवाब पर फंस गए हैं। यह पूरा मामला IPL 2026 से जुड़ा है। इस सीजन में हरभजन सिंह हिंदी कमेंट्री पैनल का हिस्सा हैं, जिसमें उनके साथ वीरेंद्र सहवाग और नवजोत सिंह सिद्धू जैसे दिग्गज शामिल हैं। 28 और 29 मार्च को खेले गए मैचों के दौरान सोशल मीडिया पर दर्शकों ने हरभजन सिंह और हिंदी कमेंट्री टीम को ट्रोल करना शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि हिंदी कमेंट्री का स्तर गिर रहा है। फैंस ने कहा कि कमेंटेटर्स खेल की तकनीकी बातों पर चर्चा करने के बजाय शायरी, मजाक और बेवजह की बातें ज्यादा कर रहे हैं। विवाद तब और बढ़ गया जब एक मीम अकाउंट ने कमेंट्री पैनल की फोटो शेयर कर उन्हें “3 जोकर” कह दिया। कई दर्शकों ने तुलना करते हुए कहा कि इंग्लिश कमेंट्री में इयान बिशप जैसे एक्सपर्ट खेल की गहराई समझाते हैं, जबकि हिंदी पैनल केवल मनोरंजन तक सीमित रह गया है। ट्रोलर्स ने हरभजन सिंह को लेकर सैकड़ों कमेंट किए। इस पर हरभजन सिंह ने भी ट्रोलर्स को जवाब दिया। उन्होंने एक कमेंट में लिखा— हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार। इसके अलावा उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि यह कहावत ट्रोलर्स पर लागू होती है और अगर समझ न आए तो अपनी “पेड सेना” से मदद ले लें, साथ ही ‘गेट लॉस्ट’ भी लिखा। भज्जी अब कमेंट्री बॉक्स में अपनी टिप्पणियों और सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स को दिए गए तीखे जवाबों के कारण बुरी तरह फंस गए हैं। आलम यह है कि सोशल मीडिया पर उन्हें कमेंट्री पैनल से हटाने की मांग ट्रेंड कर रही है। पहले जानिए ट्रोलर्स ने क्या कहा… हरभजन सिंह ने दिया जवाब हरभजन सिंह ने ट्रोलर्स के खिलाफ फ्रंट फुट पर आकर जवाब दिया। 29 मार्च को एक एक्स यूजर @होमलेंडर ने हरभजन को टैग करते हुए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। ट्रोलर ने लिखा कि हरभजन को धोनी ने टीम से लात मारकर निकाला था और अब उन्हें कमेंट्री में भी भौंकना बंद कर देना चाहिए। हरभजन सिंह ने इस ट्रोल को नजरअंदाज करने के बजाय आक्रामक जवाब दिया। उन्होंने लिखा, यह अंग्रेजी की एक अच्छी कहावत है- जो तेरे पर लागू होती है। अगर ना समझे तो अपनी पेड सेना की मदद ले लेना। गेट लॉस्ट नाउ। और हां अपनी असली शकल और आईडी से कर ना ट्वीट। इसके साथ ही उन्होंने एक इमेज शेयर की- जिस पर लिखा- हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार। हरभजन सिंह ने ये पोस्ट की फैंस ने पुराने विवादों को फिर से हवा दी हरभजन सिंह की पोस्ट पर लाखों व्यूज आ गए और लोगों ने हरभजन को उनकी अमर्यादित भाषा के लिए ट्रोल किया। लोगों का कहना था कि एक राज्यसभा सांसद और पद्म श्री सम्मानित खिलाड़ी को एक गुमनाम ट्रोल के स्तर पर गिरकर फट्टू जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था। फैंस की नाराजगी यहीं तक सीमित नहीं रही। हरभजन के इस व्यवहार ने उनके पुराने विवादों को फिर से हवा दे दी। ट्रोल्स ने याद दिलाया कि कैसे IPL 2025 में उन्होंने जोफ्रा आर्चर की तुलना काली टैक्सी से करके नस्लीय टिप्पणी की थी। साथ ही आर अश्विन के साथ उनके कथित कंपीटिशन और एमएस धोनी के प्रशंसकों के साथ उनके पुराने मतभेदों को भी दोबारा कुरेदा गया। दर्शकों का एक बड़ा वर्ग यह आरोप लगा रहा है कि हरभजन अपनी कमेंट्री में कुछ खास खिलाड़ियों के प्रति बायस्ड रहते हैं। हरभजन को कमेंट्री से निकालने पर नहीं हुआ फैसला अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या हरभजन सिंह को IPL कमेंट्री पैनल से निकाल दिया गया है? आधिकारिक तौर पर ब्रॉडकास्टर स्टार स्पोर्ट्स और जियो सिनेमा ने अभी तक कोई टर्मिनेशन लेटर जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों की मानें तो बीसीसीआई और ब्रॉडकास्टिंग टीम इस पूरे घटनाक्रम से बेहद नाराज है। निकाले जाने की चर्चा के 3 मुख्य कारण
सिद्दू: टूर की याद ताजा कर पिज्जा में देसी घी का सिद्दू, घर पर ऐसे जानें; दिल छूना स्वाद

सिड्डू रेसिपी: हिमाचल के वैज्ञानिक वैज्ञानिकों ने कहा कि आपने भी गर्म मसाले से निकला सिद्दू का स्वाद चखा ही होगा, जिसे एक बार खाने के बाद उसका स्वाद दिल में बस जाता है। वहीं, अगर आपने सिद्दू नहीं खाया है तो भी कोई बात नहीं हम आज ऐसी ही हिमाचली डिश की रेसिपी लेकर आए हैं, जिसे आप घर पर भी बना सकते हैं। वहीं अगर आपने सिद्दू खाया है तो आप अपने हिस्से वाली यादों को घर की रसोई तक ला सकते हैं। इस रेसिपी से आप बिना रुके मनाली गए, घर पर ही बना सकते हैं हिमाचल का फेमस सिद्दू। सिद्दू दिखने में गुजिया जैसा लगता है, लेकिन स्वाद बिल्कुल अलग होता है। ये पूरी तरह से स्टीम में पकता है, इसलिए तेल कम लगता है और स्वास्थ्य के लिए भी ये काफी अच्छा रहता है। मीट के अवशेषों का प्राकृतिक आवरण और अंदर मेवों-मसालों की भरपूर स्टफिंग। यह व्युत्पत्ति ही मुख में हिमाचल की सुगंध भर जाती है। सिद्दू बनाना क्या है? डीजल के आटे का आटा 1 छोटा नमक, चीनी और इंस्टेंट यीस्ट 1 छोटा मसाला तेल गुनगुना पानी तरबूज/खरबूज के बीज, 10-15 बादाम, आधा कप मूंगफली, 2 बड़े पोस्ता दाना (6 घंटे) 1 छोटी पिसी काली मिर्च, 2 छोटी पिसी साबुत धनिया, 1 छोटी पिसी जीरा 2 इंच अदरक, 2-3 हरी मिर्च, आधा प्याज, 10-12 लहसुन की काली, 2 पिसी हुई लाल मिर्च पुदीना पत्ता, धनिया धनिया, सफेद-काला नमक, हल्दी, अनारदाना या आमचूर सबसे पहले आटा गूंथ लें। नमक, चीनी, यिस्ट और तेल नमक नरम आटा तैयार करें। 2 घंटे गर्म जगह पर फर्मेंटिंग हो रही है। स्टफिंग के लिए सारे अकेले मेवे और मिक्सी में बिना पानी डाले पीस लें। फर्मेंट एसोसिएट्स से मोटिवेशनल सामान बेलें, स्टफिंग फिल और गुजिया जैसा बंद कर दिया गया। 5-10 मिनट ढपकर मिनट। स्टीमर की प्लेट ग्रीस द्वारा सिद्दू स्थान, ऊपर छोटा घी फर्नीचर। 15 मिनट पर स्टाप में प्रवेश शुरू। बचे हुए अखरोट, खसखस, लहसुन, अदरक, हरी मिर्च, जीरा, नमक, प्याज, पुदीना, काला नमक, 3 बड़े टुकड़े दही और लेमिनेटेड चिप्स लें। सिद्दू तैयार होते ही गर्म-गर्मी में घी बनाने वाले कारीगरों के साथ सर्व करें। सुबह का नाश्ता या चाय के साथ भी सिद्धू पूरे परिवार को खुश कर देंगे। एक बार टिकट खरीद लिया तो फिर बार-बार बनाने का मन हो गया। (टैग्सटूट्रांसलेट)सिद्दू रेसिपी(टी)हिमाचल स्पेशल डिश(टी)स्टीम्ड सिद्दू(टी)पारंपरिक हिमाचल नाश्ता(टी)घर पर आसान सिद्दू रेसिपी(टी)सिद्दू
नीमच में कांग्रेस का भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन:महंगाई, जनविरोधी नीतियों पर राज्यपाल से की कार्रवाई की मांग

नीमच जिले के मनासा में बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों, बढ़ती महंगाई और स्थानीय प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ विशाल धरना प्रदर्शन किया। जनपद पंचायत कार्यालय के बाहर आयोजित इस प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने कहा कि वर्तमान समय में किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवार परेशान हैं। उन्होंने खिमला स्थित ग्रीनको प्लांट की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए वहां हुई संदिग्ध घटनाओं की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की। महंगाई और बिजली बिलों को लेकर नाराजगी बाहेती ने बिजली बिलों में वृद्धि, रसोई गैस की कमी और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बताया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन पर अवैध कॉलोनियों को संरक्षण देने और विकास शुल्क में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए। साथ ही, ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा देने और सहकारी सोसायटियों में ऋण जमा करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग भी की गई। अन्य नेताओं ने भी उठाए मुद्दे प्रदर्शन के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल चौरसिया ने ऊर्जा संकट के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। प्रदेश सचिव सोमिल नाहटा ने प्रदेश में बढ़ते कर्ज को लेकर चिंता जताई। वहीं, वरिष्ठ नेता मंगेश संघई और ब्लॉक अध्यक्ष श्याम सुरेंद्र सोनी ने किसानों की समस्याओं और नगर की मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रशासन की आलोचना की। रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन सभा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आक्रोश रैली निकाली। नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय पहुंचे और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, किसान और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।








