Tuesday, 15 Sep 2026 | 10:49 AM

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चीन- खाली फ्लैट खरीद परिजनों की अस्थियां रखने पर बैन:कब्रिस्तान महंगा होने पर लोग प्रोपर्टी खरीद रहे थे, उसमें अस्थियां रखते थे

चीन- खाली फ्लैट खरीद परिजनों की अस्थियां रखने पर बैन:कब्रिस्तान महंगा होने पर लोग प्रोपर्टी खरीद रहे थे, उसमें अस्थियां रखते थे

चीन की सरकार एक नया कानून लाने जा रही है, जिसके तहत लोग अपने परिजनों की राख को खाली अपार्टमेंट में नहीं रख पाएंगे। इसे ‘बोन ऐश अपार्टमेंट’ कानून कहा जा रहा है। इसके साथ ही सार्वजनिक कब्रिस्तानों के अलावा कहीं और शव दफनाने या मकबरे बनाने पर भी रोक होगी बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक चीन में कब्रिस्तान लगातार महंगा होता जा रहा है। ऐसे में ‘गुहुई फांग’ यानी ऐसे फ्लैट्स का चलन बढ़ गया है, जहां लोग अपने परिजनों की अस्थियां रखते हैं। तेजी से शहरीकरण और बुजुर्ग आबादी बढ़ने के कारण शहरों में कब्रिस्तान की जमीन कम होती जा रही है और उनकी कीमत बहुत ज्यादा बढ़ गई है। प्रॉपर्टी खरीदना, कब्रिस्तान खरीदने से सस्ता चीन में हाल के वर्षों में घरों की कीमतें काफी गिरी हैं और 2021 के मुकाबले 2025 तक करीब 40% तक कम हो गई हैं। लोग इसक फायदा उठा रहे हैं। खाली फ्लैट खरीदकर उसमें राख रखना, महंगे कब्रिस्तान या अंतिम संस्कार के खर्च से सस्ता पड़ता है। इन खाली फ्लैट्स को लोग एक तरह से पूजा स्थल में बदल देते हैं, जहां मोमबत्तियां, लाल रोशनी और अलग-अलग पीढ़ियों की अस्थियां सजा कर रखी जाती हैं। चीनी मीडिया के मुताबिक, ऐसे फ्लैट्स की पहचान अक्सर बंद परदों या पूरी तरह सील की गई खिड़कियों से होती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अंतिम संस्कार का खर्च जापान के बाद चीन में दुनिया में दूसरा सबसे ज्यादा है। चीन में कब्रिस्तान की जगह आमतौर पर सिर्फ 20 साल की लीज पर मिलती है, जबकि घरों के लिए 70 साल के इस्तेमाल का अधिकार मिलता है। इसी वजह से कई लोग अब कब्रिस्तान की बजाय फ्लैट को ज्यादा बेहतर विकल्प मानने लगे हैं। हालांकि अंतिम संस्कार के लिए फ्लैट खरीदने से शहरों में हाउसिंग व्यवस्था गड़बड़ा रही है। इससे बाजार का संतुलन बिगड़ने का खतरा भी है। सरकार नहीं चाहती कि घरों का इस तरह से इस्तेमाल किया जाए। शव दफनाने की कीमत- 20 से 40 लाख रुपए नया कानून 31 मार्च से लागू हो गया है। यह 6 अप्रैल को होने वाले छिंगमिंग त्योहार से ठीक पहले है। इस त्योहार में लोग अपने पूर्वजों की कब्रों की सफाई करते हैं और उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं। राजधानी बीजिंग में एक सामान्य कब्र की कीमत करीब 1.5 लाख युआन (लगभग 20 लाख रुपए) से शुरू होकर 3 लाख युआन (करीब 40 लाख रुपए) तक जाती है। यह बीजिंग के हिसाब से भी काफी महंगा है। वहीं, बीजिंग के चांगपिंग तियानशो कब्रिस्तान में दफनाने की कीमत करीब 10,000 युआन से 2 लाख युआन (1.3 लाख से 26 लाख रुपए) तक है। इसे दफन का इको फ्रेंडली विकल्प माना जाता है। इसमें जमीन कम घेरने वाले तरीके अपनाए जाते हैं। जैसे बिना बड़े कब्रिस्तान प्लॉट के दफन, पेड़ों के पास या सामूहिक जगहों पर दफनाना। इसमें महंगे पत्थर, बड़ी जगह या स्थायी स्मारक नहीं होते, इसलिए यह सस्ता पड़ता है। सोशल मीडिया पर नए कानून को लेकर सवाल सोशल मीडिया पर लोग इस कानून को लेकर सवाल उठा रहे हैं। चीन में सोशल मीडिया वीबो पर इससे जुड़ा हैशटैग 70 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। एक व्यक्ति ने वीबो पर लिखा, “अगर कब्रिस्तान सस्ते होते, तो कोई ऐसा क्यों करता?” एक यूजर ने लिखा, “कौन जाकर चेक करेगा? क्या हर अस्थि कलश में GPS लगाया जाएगा?” वहीं दूसरे ने कहा, “छूट मिलने के बाद भी कब्रिस्तान की जगह बहुत महंगी है।” एक अन्य यूजर ने कहा, “इन नियमों को लागू करने वाले कैसे पता लगाएंगे कि फ्लैट में सिर्फ राख रखी गई है? और ऐसे मामलों से कैसे निपटेंगे?” चीन में तेजी से बढ़ रही बुजुर्ग आबादी चीन में तेजी से बुजुर्ग आबादी बढ़ रही है, जिसका सीधा असर मौतों की संख्या पर दिख रहा है। 2025 में करीब 1.13 करोड़ लोगों की मौत हुई, जबकि 2015 में यह संख्या करीब 98 लाख थी। यानी 10 साल में मौतों का आंकड़ा काफी बढ़ गया है। वहीं दूसरी तरफ जन्म दर लगातार गिर रही है। 2025 में सिर्फ करीब 79 लाख बच्चों का जन्म हुआ। इसका मतलब है कि देश में मरने वालों की संख्या, जन्म लेने वालों से काफी ज्यादा हो गई है। इससे आबादी तेजी से बूढ़ी हो रही है। इस स्थिति का एक बड़ा असर जमीन पर भी पड़ रहा है। शहरों में कब्रिस्तान के लिए जगह कम होती जा रही है, खासकर शंघाई जैसे बड़े और घनी आबादी वाले शहरों में। जमीन महंगी भी है और सीमित भी। इसी वजह से सरकार और स्थानीय प्रशासन “इकोलॉजिकल बुरियल” यानी पर्यावरण के अनुकूल अंतिम संस्कार के तरीकों को बढ़ावा दे रहे हैं। इसमें ऐसे तरीके शामिल हैं जिनमें कम जमीन लगती है या जमीन की जरूरत ही नहीं पड़ती। जैसे- शंघाई में समुद्र में अस्थि विसर्जन तेजी से बढ़ रहा है। 2025 में पहली बार ऐसे मामलों की संख्या 10 हजार से ज्यादा पहुंच गई। यह दिखाता है कि लोग अब पारंपरिक कब्र की बजाय सस्ते और कम जगह वाले विकल्प अपना रहे हैं।

मोनालिसा के को-एक्टर बोले- डायरेक्टर सनोज मिश्रा को फंसाया गया:कहा- एक्ट्रेस छेड़छाड़ के आरोप झूठे, सेट पर मस्ती करने वाली मोनालिसा पीड़ित कैसे

मोनालिसा के को-एक्टर बोले- डायरेक्टर सनोज मिश्रा को फंसाया गया:कहा- एक्ट्रेस छेड़छाड़ के आरोप झूठे, सेट पर मस्ती करने वाली मोनालिसा पीड़ित कैसे

एक्ट्रेस मोनालिसा भोंसले और फरमान खान की शादी का मामला अब कानूनी लड़ाई के साथ-साथ आपसी बयानों में उलझ गया है। मोनालिसा ने जहां अपने डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं उनके को-एक्टर मुकेश पाल ने एक्ट्रेस के दावों को झूठा बताया है। मुकेश का कहना है कि मोनालिसा ने लव जिहाद के एंगल को छुपाने के लिए डायरेक्टर को बदनाम करने की साजिश रची है। मुकेश फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ में मोनालिसा के साथ काम कर चुके हैं। ‘सेट पर मस्ती करने वाली एक्ट्रेस पीड़ित कैसे?’ मुकेश ने एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में अपना गुस्सा जाहिर किया। मुकेश ने कहा, “अगर मोनालिसा के साथ कुछ गलत हो रहा था, तो वह सेट पर इतनी खुश कैसे थीं? उन्होंने मेरे साथ रील्स बनाईं, टीम के साथ डांस किया और जमकर पार्टियां कीं। अगर कोई महिला छेड़छाड़ का शिकार होती है, तो उसके चेहरे पर वो दर्द दिखता है, लेकिन मोनालिसा तो पूरी मौज-मस्ती में थीं।” मुकेश ने डायरेक्टर सनोज मिश्रा को पूरी तरह निर्दोष बताया है। फरमान पर लगाया ‘जिहादी’ होने का आरोप मुकेश ने मोनालिसा के पति फरमान खान पर भी तीखे हमले किए। उन्होंने दावा किया कि फरमान पहले एक ‘बाबा’ का भेष बनाकर हिंदू बनकर लोगों से मिलता था। मुकेश ने कहा, “फरमान एक जिहादी है। मोनालिसा उसके साथ मिलकर हम सबको बदनाम कर रही है। जिस इंसान के पास कुछ नहीं था, उसके पास केरल में इतनी बड़ी शादी और पार्टियों के लिए फंडिंग कहां से आ रही है? इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।” मुकेश ने अंदेशा जताया कि इस शादी के पीछे कोई बड़ी साजिश और विदेशी पैसा हो सकता है। उम्र और दस्तावेजों पर उठाए सवाल एक्टर मुकेश ने मोनालिसा की उम्र को लेकर भी चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “साल 2025 में मोनालिसा 16 साल की थीं, फिर एक ही साल में वह 18 की कैसे हो गईं? जब किसी के पीछे कोई ताकत होती है, तो इंसान फर्जी डॉक्यूमेंट्स भी बनवा लेता है।” विवाद की वजह से बंद हुई फिल्म इस पूरे विवाद का सबसे बुरा असर उनकी फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ पर पड़ा है। डायरेक्टर और लीड एक्ट्रेस के बीच चल रही इस कानूनी जंग की वजह से फिल्म का काम पूरी तरह रुक गया है और इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। काम बंद होने से काफी नुकसान की बात कही जा रही है। केरल से शुरू हुआ विवाद यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मोनालिसा ने अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर केरल में फरमान खान से शादी कर ली। इसके बाद डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने इसे लव जिहाद बताते हुए शिकायत दर्ज कराई। जवाब में मोनालिसा ने वीडियो जारी कर रोते हुए सनोज मिश्रा पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए और सुरक्षा की गुहार लगाई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

नरसिंहपुर में बाइक चोरी की FIR नहीं की:एसपी के पास पहुंचा पीड़ित, बोला- किस्तों पर खरीदी थी; पुलिस पर लापरवाही का आरोप

नरसिंहपुर में बाइक चोरी की FIR नहीं की:एसपी के पास पहुंचा पीड़ित, बोला- किस्तों पर खरीदी थी; पुलिस पर लापरवाही का आरोप

नरसिंहपुर जिले के बिल्थारी निवासी फूलसिंह जाटव ने मंगलवार को एसपी को बाइक चोरी का आवेदन दिया है। पीड़ित का आरोप है कि उसकी बाइक चोरी होने के बाद भी स्थानीय पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। घटना 29 मार्च 2026 की है, जब वह खेत पर काम करने गया था। खेत के किनारे लॉक खड़ी बाइक हुई चोरी 42 वर्षीय आवेदक फूलसिंह जाटव ने बताया कि वह अपनी नीले और सिलेटी रंग की टीवीएस स्टार सिटी बाइक (MP49ZD2690) को दूध डेयरी के पास खेत किनारे लॉक करके गेहूं की फसल काटने गया था। शाम करीब 6:30 बजे वापस लौटने पर वाहन मौके से गायब मिला। काफी तलाश करने के बाद भी बाइक का कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस पर रिपोर्ट दर्ज न करने का आरोप पीड़ित ने बताया कि घटना वाले दिन ही उसने तेंदूखेड़ा थाने में लिखित आवेदन देकर चोरी की सूचना दी और एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया। फूलसिंह का आरोप है कि पुलिस द्वारा अब तक अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है और न ही वाहन की तलाश के लिए कोई ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। किस्तों पर खरीदी थी गाड़ी, अब आर्थिक संकट फूलसिंह ने बताया कि वह मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। उसने यह मोटरसाइकिल बड़ी मुश्किल से किस्तों पर खरीदी थी। वाहन चोरी होने से उसे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित ने एसपी से हस्तक्षेप कर तत्काल एफआईआर दर्ज कराने और चोरी गई बाइक की शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित करने की मांग की है।

शमी बोले- क्रिकेट से बोर हुआ तो ही रिटायरमेंट लूंगा:अभी खेल का पूरा मजा ले रहा हूं; लखनऊ से IPL खेलेंगे

शमी बोले- क्रिकेट से बोर हुआ तो ही रिटायरमेंट लूंगा:अभी खेल का पूरा मजा ले रहा हूं; लखनऊ से IPL खेलेंगे

भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने कहा कि वह अभी रिटायरमेंट के बारे में नहीं सोच रहे हैं। वे तभी क्रिकेट छोड़ेंगे जब उन्हें खेल से बोरियत होगी। चयन या उम्र उनके फैसले का आधार नहीं होंगे। परफॉर्मेंस पर फोकस, सिलेक्शन पर नहीं 35 साल के शमी पिछले एक साल से टीम इंडिया से बाहर हैं, जबकि उन्होंने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया। बंगाल के लिए 67 विकेट लिए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिली। शमी ने कहा कि वे अपने प्रदर्शन पर ध्यान दे रहे हैं। उनके मुताबिक, एक खिलाड़ी के तौर पर वह अपनी जिम्मेदारी पूरी करेंगे, बाकी चयन उनके नियंत्रण में नहीं है। रिटायरमेंट का फैसला खुद लेंगे एक इंटरव्यू में शमी ने कहा कि जब खिलाड़ी के मन में रिटायरमेंट का ख्याल आता है, तो वह थक चुका होता है। उन्होंने कहा कि वह न तो थके हैं और न ही बोर हुए हैं। उन्होंने कहा, जिस दिन उन्हें लगेगा कि अब खेल में मजा नहीं आ रहा या आलस महसूस हो रहा है, उसी दिन वह क्रिकेट छोड़ देंगे। IPL में नई टीम के साथ उतरेंगे शमी इस बार IPL में लखनऊ सुपर जाएंट्स के लिए खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीम ने उन पर भरोसा जताया है और वह उसे पूरा करने की कोशिश करेंगे। —————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… वैभव का पहली बॉल पर कैच छूटा:सिक्स लगाकर फिफ्टी पूरी की, जडेजा ने दुबे को आउट करके गन सेलिब्रेशन किया; मोमेंट्स राजस्थान रॉयल्स ने जीत के साथ IPL 2026 की शुरुआत की। टीम ने चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से हरा दिया। गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में चेन्नई 19.4 ओवर में 127 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। राजस्थान ने 12.1 ओवर में 2 ही विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। पूरी खबर

क्या ओवेरियन कैंसर पूरी तरह ठीक हो सकता है? डॉक्टर अदिति भट्ट ने बताई हकीकत, देखें वीडियो

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  Ovarian Cancer Treatment: ओवेरियन कैंसर एक घातक बीमारी है, जो हर साल हजारों महिलाओं को मौत के घाट उतार देता है. अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या ओवेरियन कैंसर पूरी तरह ठीक हो सकता है? सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अदिति भट्ट ने अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड एक वीडियो में बताया है कि कई महिलाएं ओवेरियन कैंसर से पूरी तरह ठीक हो सकती हैं. जबकि कुछ महिलाओं में कैंसर वापस आ सकता है. अगर इस कैंसर को शुरुआती चरण में पकड़ लिया जाए, तो इलाज की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है. सही उपचार, नियमित जांच और जागरूकता बेहद जरूरी है.

रायसेन में मैरिज गार्डन संचालकों का विरोध:बढ़ते संपत्ति कर और खुली जमीन पर टैक्स को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे

रायसेन में मैरिज गार्डन संचालकों का विरोध:बढ़ते संपत्ति कर और खुली जमीन पर टैक्स को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे

रायसेन में मैरिज गार्डन संचालकों और व्यापारियों ने मंगलवार को बढ़ते संपत्ति कर के विरोध में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा उन्होंने (एडीएम) मनोज उपाध्याय के सामने अपनी समस्या रखी। संपत्ति कर में हर साल होने वाली वृद्धि और खुली भूमि पर भी टैक्स लगाए जाने पर आपत्ति जताई। शगुन गार्डन के संचालक दिनेश अग्रवाल ने बताया कि नगर पालिका द्वारा हर वर्ष संपत्ति कर बढ़ाया जा रहा है, जिससे व्यवसाय चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि गार्डन की खुली भूमि पर भी संपत्ति कर वसूला जा रहा है, जबकि इस जमीन का टैक्स वे पहले से ही एसडीएम कार्यालय में जमा करते हैं। इससे दोहरी कर प्रणाली लागू हो रही है। संचालकों ने मांग की कि संपत्ति कर का निर्धारण हर साल करने के बजाय तीन वर्ष में एक बार किया जाए। इसके साथ ही, पक्के भवनों पर भी कर दर में हर वर्ष अधिक वृद्धि न की जाए, क्योंकि वर्तमान आर्थिक स्थिति में इतनी बढ़ोतरी देना संभव नहीं है। विचार कर राहत देने की मांग की ज्ञापन में बताया गया कि रायसेन जिला मुख्यालय होने के बावजूद यहां की जनसंख्या और व्यापार सीमित है। इन चुनौतियों के बावजूद, गार्डन संचालक सामाजिक दायित्व निभाते हुए कई कार्यक्रमों के लिए निशुल्क परिसर उपलब्ध कराते हैं और जरूरतमंदों की मदद भी करते हैं। संचालकों ने प्रशासन से सहानुभूतिपूर्वक विचार कर राहत देने की मांग की। इस पर एडीएम मनोज उपाध्याय ने नगर पालिका की प्रभारी सीएमओ को आवश्यक निर्देश दिए हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में मां भगवती पैलेस (प्रमोद कांकर), शगुन गार्डन (दिनेश अग्रवाल), होटल अमोघ (धर्मेंद्र कुशवाहा), राम अयोध्या गार्डन (गणेश कुशवाह), यशवंत गार्डन (लोकनाथ सिंह), गौरव गार्डन (राजू चौबे), बंधन गार्डन (सादिक खान), रॉयल गार्डन (शोहेब खान), जे.डी. पैलेस (योगेश उपाध्याय), कुंज बिहारी पैलेस, प्रेसिडेंसी कॉलेज (संजय गोहिल) सहित अन्य संचालक शामिल हैं।

रणबीर ने लॉस एंजेलिस में दिखाया रामायण का पहला टीजर:भारत में हनुमान जयंती पर होगा ऑफिशियल लॉन्च; फिल्म में यश बनेंगे रावण

रणबीर ने लॉस एंजेलिस में दिखाया रामायण का पहला टीजर:भारत में हनुमान जयंती पर होगा ऑफिशियल लॉन्च; फिल्म में यश बनेंगे रावण

रणबीर कपूर ने अपनी आने वाली मेगा बजट फिल्म ‘रामायण’ में भगवान राम के अपने रोल की पहली झलक लॉस एंजेलिस में दिखाई। सोमवार को वहां हुए एक इवेंट में रणबीर कपूर और डायरेक्टर नितेश तिवारी ने फिल्म को लेकर बात की। भारत में यह वीडियो 2 अप्रैल को हनुमान जयंती के मौके पर रिलीज किया जाएगा। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर ने भगवान राम की अहमियत और उनकी विरासत पर बात की। रणबीर ने कहा, “भगवान राम सदियों से दुनिया भर के अरबों लोगों के लिए आदर्श रहे हैं। वे हमें सिखाते हैं कि मुश्किल समय में भी इंसान को कैसे डटे रहना चाहिए। वे करुणा, साहस, धर्म और माफी के प्रतीक हैं। उन्हें ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ कहा जाता है, जिसका अर्थ एक आदर्श व्यक्ति है।” रणबीर के साथ डायरेक्टर नितेश तिवारी ने भी रामायण के मूल्यों पर अपने विचार रखे। रणबीर ने दर्शकों का किया शुक्रिया, बोले- ‘जय सिया राम’ टीजर लॉन्च के बाद रणबीर कपूर, डायरेक्टर नितेश तिवारी और प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने दर्शकों के साथ सवाल-जवाब का सेशन (QA) किया। इस दौरान जब एक फैन ने रणबीर का अभिवादन किया, तो एक्टर ने ‘जय सिया राम’ कहकर जवाब दिया। रणबीर ने कहा, “यह मेरे लिए बहुत खास पल है। आप लोग दुनिया के पहले लोग हैं जिन्होंने हमारे इस प्रोजेक्ट की पहली झलक देखी है। इसके लिए मैं आप सभी का आभारी हूं।” 2 अप्रैल को सुबह 9 बजे होगा ग्लोबल लॉन्च फिल्म के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने बताया कि फिल्म के प्रमोशन की शुरुआत हनुमान जयंती से होगी। गुरुवार को सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे के बीच इस वीडियो को दुनिया भर में रिलीज किया जाएगा। इसके लिए देश के अलग-अलग शहरों में बड़े इवेंट्स भी प्लान किए गए हैं। मेकर्स की योजना इस फिल्म को इसी साल दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज करने की है। यश बनेंगे रावण और सनी देओल हनुमान नितेश तिवारी की यह फिल्म महर्षि वाल्मीकि की रामायण पर आधारित है। फिल्म में रणबीर कपूर के साथ साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। वहीं, फिल्म की बाकी स्टारकास्ट भी काफी चर्चा में है। सनी देओल भगवान हनुमान का रोल कर रहे हैं, जबकि ‘KGF’ फेम यश रावण के किरदार में दिखेंगे। रवि दुबे को लक्ष्मण के रोल के लिए चुना गया है। अरुण गोविल और लारा दत्ता भी आएंगे नजर फिल्म में बॉलीवुड के कई बड़े नाम शामिल किए गए हैं। इनमें लारा दत्ता, विवेक ओबेरॉय, अरुण गोविल, शीबा चड्ढा, काजल अग्रवाल, कुणाल कपूर और फैसल मलिक जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। बता दें कि अरुण गोविल ने पुराने ‘रामायण’ सीरियल में राम का किरदार निभाया था, लेकिन इस फिल्म में वे दूसरे अहम रोल में दिखेंगे। VFX और बड़े स्केल पर बनी फिल्म नमित मल्होत्रा के प्रोडक्शन में बन रही इस फिल्म पर पिछले कई सालों से काम चल रहा है। फिल्म को ग्लोबल ऑडियंस के हिसाब से तैयार किया जा रहा है, जिसमें हाई-लेवल VFX का इस्तेमाल हुआ है। रणबीर कपूर ने इस रोल के लिए अपनी लाइफस्टाइल और लुक्स में काफी बदलाव किए हैं। हनुमान जयंती के दिन प्रमोशन शुरू करने का मकसद फिल्म के आध्यात्मिक पहलू से दर्शकों को जोड़ना है।

हनी सिंह के मुंबई कॉन्सर्ट के आयोजकों पर FIR:एयरपोर्ट के पास अवैध लेजर लाइट का इस्तेमाल किया; क्षमता से ज्यादा जुटी भीड़

हनी सिंह के मुंबई कॉन्सर्ट के आयोजकों पर FIR:एयरपोर्ट के पास अवैध लेजर लाइट का इस्तेमाल किया; क्षमता से ज्यादा जुटी भीड़

मुंबई के MMRDA ग्राउंड में हुए रैपर यो यो हनी सिंह के ‘माय स्टोरी – इंडिया चैप्टर’ कॉन्सर्ट के आयोजकों पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने पुलिस की मनाही के बावजूद एयरपोर्ट जोन के पास खतरनाक लेजर लाइट्स का इस्तेमाल किया। यह कॉन्सर्ट 28 मार्च 2026 को आयोजित किया गया था, जिसमें सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है। मुंबई पुलिस ने ‘तमन्नाज वर्ल्डवाइड’ के प्रतिनिधि इंद्रजीत सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि MMRDA ग्राउंड मुंबई एयरपोर्ट के काफी नजदीक है, जिस कारण वहां लेजर लाइट्स के इस्तेमाल पर पाबंदी थी। इसके बावजूद प्रोमोटर्स ने हाई-बीम लेजर लाइट्स का इस्तेमाल किया। यह लाइट्स पायलटों के विजन में बाधा डाल सकती हैं, जिससे विमानों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता था। 12 हजार की परमिशन और पहुंच गए 20 हजार लोग FIR के मुताबिक, आयोजकों ने पुलिस को जानकारी दी थी कि कार्यक्रम में लगभग 12,000 लोग शामिल होंगे। हालांकि, कॉन्सर्ट के दौरान वहां असल भीड़ 18,000 से 20,000 के बीच पहुंच गई। क्षमता से ज्यादा लोग जुटने के कारण पुलिस के लिए सुरक्षा इंतजाम संभालना एक बड़ी चुनौती बन गया। भीड़ को कंट्रोल करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी और स्थिति अनियंत्रित होने का डर बना रहा। वायरल हुआ गेट फांदती महिला का वीडियो 28 मार्च को हुए इस शो के दौरान अफरातफरी के कई नजारे देखने को मिले। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला कॉन्सर्ट के बंद गेट पर चढ़कर अंदर जाने की कोशिश कर रही है। कई फैंस ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की भी कोशिश की। बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश और पुलिस की कार्रवाई इस मामले में कानूनी पहलू यह है कि सितंबर 2024 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सार्वजनिक जगहों पर लेजर लाइट पर पूरी तरह बैन लगाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि बिना वैज्ञानिक प्रमाण के इसे बैन नहीं किया जा सकता। हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट निर्देश दिया था कि अगर पुलिस को लगता है कि लाइट्स खतरनाक हैं या सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रही हैं, तो वे संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं।

बुरहानपुर में उर्वरक वितरण के लिए ई-विकास सिस्टम लागू:कल से ऑनलाइन पारदर्शी व्यवस्था शुरू, कालाबाजारी पर रोक लगेगी

बुरहानपुर में उर्वरक वितरण के लिए ई-विकास सिस्टम लागू:कल से ऑनलाइन पारदर्शी व्यवस्था शुरू, कालाबाजारी पर रोक लगेगी

बुरहानपुर में कृषि आदान विक्रेताओं के लिए उर्वरक वितरण की नई ‘ई-विकास प्रणाली’ पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह प्रणाली कल (1 अप्रैल) से पूरी तरह लागू होगी, जिसका उद्देश्य किसानों को समय पर और पारदर्शी तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराना है। कलेक्टर हर्ष सिंह के मार्गदर्शन में ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के तहत कृषि विभाग किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसी कड़ी में कृषि उपज मंडी केला नीलामी सभागृह में इस ऑनलाइन प्रणाली का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में उपसंचालक कृषि एम.एस. देवके ने कृषि आदान विक्रेताओं को ई-विकास प्लेटफॉर्म के माध्यम से उर्वरक वितरण की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई। आसानी से उर्वरक मिल सकेगा इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य जिले में शत-प्रतिशत पारदर्शी उर्वरक वितरण सुनिश्चित करना है। इससे किसानों को समय पर और आसानी से उर्वरक मिल सकेगा, साथ ही कालाबाजारी, अधिक दर और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा। उपसंचालक देवके ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा लागू की गई यह नवीन प्रणाली 1 अप्रैल से पूर्ण रूप से लागू की जा रही है। नई व्यवस्था से किसानों को उनकी फसल की वैज्ञानिक अनुशंसा के अनुसार लक्षित रूप में उर्वरक प्राप्त होगा। संतुलित पोषक तत्वों के उपयोग से फसलों की उत्पादकता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी प्रताप सिंह जमरे, एसएडीओ राम पाटिल, प्रभारी जिला विपणन अधिकारी संदीप इंगले, कृषि विस्तार अधिकारी जे.एस. चौहान, अखिलेश रावत सहित बड़ी संख्या में कृषि आदान विक्रेता उपस्थित रहे।

मुनाफे के चक्कर में ग्राहकों को भूली कंपनी:क्राफ्ट हाइंज को तोड़ने के बजाय सुधारेंगे नए सीईओ कैहिलेन; ग्राहकों की सेहत पर जोर

मुनाफे के चक्कर में ग्राहकों को भूली कंपनी:क्राफ्ट हाइंज को तोड़ने के बजाय सुधारेंगे नए सीईओ कैहिलेन; ग्राहकों की सेहत पर जोर

जब स्टीव कैहिलेन को क्राफ्ट हाइंज का सीईओ बनाया गया, तो काम साफ था- कंपनी को दो हिस्सों में तोड़ना। लेकिन महज छह हफ्ते के भीतर उन्होंने वह फैसला पलट दिया। उन्होंने बोर्ड को समझाया, वॉरेन बफे के उत्तराधिकारी ग्रेग एबेल को फोन किया और कहा, ‘यह कंपनी ठीक हो सकती है, तोड़ने की जरूरत नहीं है।’ यह कोई छोटा फैसला नहीं था। लगातार 9 तिमाहियों से घटती बिक्री, शेयर में गिरावट और उपभोक्ताओं का सस्ते ब्रांड्स की तरफ जाना, सब कुछ क्राफ्ट हाइंज के खिलाफ था। ऑस्कर मेयर, फिलाडेल्फिया क्रीच चीज, जेल-ओ, कूल-एड जैसे दशकों पुराने ब्रांड्स की पहचान तो है, लेकिन जैसा कैहिलेन खुद कहते हैं, ‘लोग टी-शर्ट खरीदना चाहते हैं, प्रोडक्ट नहीं। हमें दोनों बिकवाने हैं।’ 60 साल के कैहिलेन फूड इंडस्ट्री के पुराने खिलाड़ी हैं। इससे पहले वो केलॉग कंपनी को दो हिस्सों में बांट चुके थे। स्नैक्स वाला हिस्सा केलानोवा बना और मार्स ने उसे 36 अरब डॉलर (अभी के हिसाब से 3.4 लाख करोड़ रुपए) में खरीद लिया। यानी कंपनी तोड़ने का अनुभव उनके पास था, लेकिन इस बार उन्होंने वो नहीं किया जो उनसे उम्मीद थी। उनका तर्क सीधा था- अगर अभी तोड़ा, तो दोनों हिस्से कमजोर निकलेंगे। पहले कंपनी को मजबूत करो, फिर विकल्प खुले रहेंगे। चुनौतियां कम नहीं हैं। वजन घटाने वाली दवाओं ने लोगों की खाने की आदतें बदल दी हैं। अमेरिका में ‘अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड’ पर राजनैतिक बहस छिड़ी है। ईरान युद्ध से तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जो सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकती हैं। कैहिलेन मानते हैं कि बीते 10 वर्षों में कंपनी ने उपभोक्ताओं को नजरअंदाज किया और सिर्फ मुनाफे पर ध्यान दिया। यही सबसे बड़ी गलती थी। लेकिन कैहिलेन आश्वस्त नजर आते हैं।35,000 कर्मचारियों को नई दिशा दी गई है। रिसर्च टीमें प्रोटीन-रिच विकल्पों पर काम कर रही हैं। आर्टिफिशियल कलर और सामग्री हटाने की प्रक्रिया पहले से चल रही थी। कैहिलेन की मां आयरलैंड से थीं और चार बच्चे पालते हुए कॉलेज की डिग्री ली थी। संभवत: यही जिद्द उन्हें विरासत में मिली है। वॉरेन बफे ने 2015 में हाइंज और क्राफ्ट फूड्स का विलय कराया था क्राफ्ट हाइंज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी फूड एंड बेवरेज कंपनी है। वॉरेन बफे की फर्म बर्कशयर हैथवे और निवेश फर्म 3जी कैपिटल ने 2015 में हाइंज और क्राफ्ट फूड्स का विलय कराया था। कंपनी के पोर्टफोलियो में ऑस्कर मेयर, फिलाडेल्फिया क्रीच चीज, जेल-ओ, कूल-एड, कैप्री सन और हाइंज केचअप समेत दर्जनों ब्रांड हैं। कंपनी के दुनियाभर में 35,000 कर्मचारी हैं और इसका मुख्यालय शिकागो में है। ग्रेज एबेल जो अब बर्कशयर हैथवे के सीईओ हैं, उन्होंने भी कैहिलेन के साथ ही 1 जनवरी को ही नई जिम्मेदारी संभाली है।