फेसबुक पर जर्सी गाय दिखाकर युवक के पैसे हड़पे:मैहर में पीड़ित ने थाने में की शिकायत, आरोपियों ने भरोसे में लेने फर्जी दस्तावेज भेजे

मैहर जिले में फेसबुक के जरिए गाय बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। ताला थाना क्षेत्र के आमीन गांव के एक युवक को सस्ती जर्सी गाय खरीदने के चक्कर में हजारों रुपए की चपत लग गई। ठगों ने गाड़ी के खर्चे और जीपीएस के नाम पर पैसे ऐंठ लिए। सोमवार को पीड़ित अक्लेन्द्र सिंह ने बताया कि उन्होंने फेसबुक पर गायों की सप्लाई से जुड़ा एक विज्ञापन देखा था। दिए गए नंबर पर बात करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को गायों का व्यापारी बताया और व्हाट्सएप पर कई फोटो भेज दीं। अक्लेन्द्र को एक जर्सी गाय पसंद आ गई। ठग ने उसकी कीमत 30 हजार रुपए बताई, लेकिन बाद में सौदा सिर्फ 15 हजार रुपए में तय हो गया। एडवांस और जीपीएस के नाम पर वसूली सौदा पक्का होते ही ठग ने गाय भेजने के लिए गाड़ी के इंतजाम के नाम पर 2,000 रुपए एडवांस मांग लिए। अक्लेन्द्र ने भरोसा करके पैसे ऑनलाइन भेज दिए। करीब चार घंटे बाद ठग का फिर फोन आया और उसने कहा कि अब जीपीएस लगाने के नाम पर 9,999 रुपए और भेजने होंगे। शक होते ही ठग ने बंद किया फोन जब ठग ने दोबारा करीब 10 हजार रुपए मांगे, तो अक्लेन्द्र को गड़बड़ी का अहसास हुआ। उन्होंने और पैसे देने से मना कर दिया। जैसे ही युवक ने इनकार किया, ठग ने फोन काट दिया और अपना नंबर बंद कर लिया। पीड़ित ने अब मुकुंदपुर चौकी में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। चौकी प्रभारी नागेश्वर मिश्रा का कहना है कि शिकायत मिल गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
‘विशाल व्यक्तित्व’: ‘सीआईए लिंक’ टिप्पणी पर बैजयंत पांडा द्वारा बीजू पटनायक का बचाव करने के बाद बीजेपी बनाम बीजेपी | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 30, 2026, 19:57 IST भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा बीजू पटनायक को 1962 के युद्ध में सीआईए से जोड़ने के बाद बैजयंत पांडा ने बीजू पटनायक का बचाव करते हुए उन्हें एक महान देशभक्त बताया, बीजद नेताओं ने टिप्पणियों की निंदा की और माफी की मांग की। पांडा ने अपने पोस्ट में बीजू पटनायक को ‘महान व्यक्तित्व’ वाला बताया. ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की टिप्पणी पर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच, भाजपा नेता बैजयंत जय पांडा ने भी एक विस्तृत सोशल मीडिया पोस्ट में बीजू पटनायक की विरासत का जोरदार बचाव किया। अपने पोस्ट में, पांडा ने बीजू पटनायक को “महान व्यक्तित्व” और “आधुनिक भारत के महानतम देशभक्तों में से एक” के रूप में वर्णित किया, एक पायलट, उद्योगपति और राजनीतिक नेता के रूप में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाना “पूरी तरह से अस्वीकार्य” है। “बीजू चाचा एक महान व्यक्तित्व थे, न केवल अपने युग के ओडिशा के सबसे बड़े नेता, बल्कि देश की अग्रणी हस्तियों में से एक थे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह आधुनिक भारत के महानतम देशभक्तों में से एक थे। राष्ट्रीय गौरव उनकी रगों में कूट-कूटकर भरा था और उन्होंने अपना जीवन भारत को आज़ाद कराने और ओडिशा के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने एक पायलट, उद्योगपति, राजनीतिक नेता और वैश्विक संकटमोचक के रूप में ऐसा किया,” पांडा ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा। उन्होंने कहा, “उनके वीरतापूर्ण मिशनों, कूटनीतिक और रक्षा पहलों ने हमारे नवोदित गणतंत्र को मजबूत करने में योगदान दिया। उनकी देशभक्ति पर आक्षेप लगाना काल्पनिक और स्पष्ट रूप से हास्यास्पद है। उन पर इस तरह के हमले अयोग्य, जानकारीहीन और पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं।” बीजू चाचा एक महान व्यक्तित्व थे, न केवल अपने युग के ओडिशा के सबसे बड़े नेता, बल्कि देश की अग्रणी हस्तियों में से एक थे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह आधुनिक भारत के सबसे महान देशभक्तों में से एक थे। राष्ट्रीय गौरव उनकी रगों में गहराई तक जला हुआ था और उन्होंने अपना जीवन मुक्ति के लिए समर्पित कर दिया… – बैजयंत जय पांडा (@PandaJay) 30 मार्च 2026 क्या हुआ? विवाद तब शुरू हुआ जब दुबे ने 27 मार्च को एक बयान में आरोप लगाया कि बीजू पटनायक ने 1960 के दशक में चीन के साथ युद्ध के दौरान पूर्व प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू और सीआईए के बीच एक कड़ी के रूप में काम किया था। इस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया हुई, खासकर ओडिशा में, जहां बीजू पटनायक का व्यापक सम्मान किया जाता है। उनके बेटे और बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक ने इस बयान की कड़ी निंदा की. उन्होंने विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से कहा, ”मुझे लगता है कि भाजपा सांसद को ये अपमानजनक बातें कहने के लिए किसी मानसिक चिकित्सक के ध्यान की जरूरत है।” विवाद क्यों? नवीन पटनायक ने दुबे के दावों को खारिज कर दिया और उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “दुबे द्वारा बीजू बाबू के बारे में कही गई अपमानजनक बातें जानकर मैं आश्चर्यचकित हूं। मुझे नहीं लगता कि जब बीजू बाबू ओडिशा के मुख्यमंत्री थे, तब नेहरू ने दिल्ली में अपने बगल में कोई कार्यालय बनाया था, ताकि रणनीति अपनाई जा सके और चीनियों से लड़ाई की जा सके।” 1962 के युद्ध के दौर को याद करते हुए उन्होंने कहा, “मैं उस समय बहुत छोटा था, लगभग 13 साल का था और मुझे याद है कि बीजू बाबू चीनी हमले को लेकर कितने गुस्से में थे और उन्होंने इसे पीछे हटाने के लिए कितना कुछ किया था।” इस टिप्पणी से बीजू पटनायक के समर्थकों में व्यापक गुस्सा फैल गया है, कई नेताओं ने दुबे पर ओडिशा के गौरव का अनादर करने का आरोप लगाया है। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज बीजद ने अपनी प्रतिक्रिया बढ़ा दी, सांसद सस्मित पात्रा ने दुबे की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति से इस्तीफा दे दिया। मानस मंगराज, सुभाशीष खुंटिया, मुजीबुल्ला खान और निरंजन बिशी सहित अन्य सांसदों ने भाजपा नेता की आलोचना की और उन पर “ओडिशा के गौरव का अपमान” करने का आरोप लगाया। बीजेडी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “कांग्रेस और नेहरू पर आरोप लगाने के लिए बीजेपी सांसद ने बीजू पटनायक के नाम का जिक्र किया है।” बीजद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देबी प्रसाद मिश्रा ने भी टिप्पणियों की निंदा की और माफी की मांग करते हुए इसे “देशभक्त” का अपमान बताया। पहले प्रकाशित: मार्च 30, 2026, 19:54 IST समाचार राजनीति ‘विशाल व्यक्तित्व’: ‘सीआईए लिंक’ टिप्पणी पर बैजयंत पांडा द्वारा बीजू पटनायक का बचाव करने के बाद बीजेपी बनाम बीजेपी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजू पटनायक विवाद(टी)बीजू पटनायक विरासत(टी)निशिकांत दुबे टिप्पणी(टी)बैजयंत जय पांडा(टी)नवीन पटनायक प्रतिक्रिया(टी)ओडिशा राजनीतिक विवाद(टी)बीजेपी बनाम बीजेडी(टी)सीआईए चीन युद्ध आरोप
अनूपपुर में कांग्रेस का महंगाई, ईंधन कमी पर प्रदर्शन:हाथ ठेले पर बाइक-सिलेंडर रखकर जताया विरोध, कहा- गलत नीतियों से जनता परेशान

अनूपपुर जिला मुख्यालय में सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने पेट्रोल-डीजल की कमी और बढ़ती महंगाई के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष गुड्डू चौहान की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंदिरा तिराहे से स्टेशन चौक तक रैली निकाली। प्रदर्शन के दौरान अनोखा नजारा देखने को मिला, जब कार्यकर्ताओं ने हाथ ठेले पर मोटरसाइकिल और गैस सिलेंडर रखकर केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के प्रति अपना गुस्सा जाहिर किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि सरकार की गलत नीतियों की वजह से जनता बेहाल है। महंगाई और किल्लत से जनता परेशान जिला अध्यक्ष गुड्डू चौहान ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और इनकी कमी ने लोगों की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई सातवें आसमान पर है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है। बिजली के बढ़ते बिलों पर भी घेरा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केवल पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि बिजली की बढ़ती कीमतों का भी विरोध किया। उनका कहना था कि एक तरफ तो लोग तेल और गैस के दामों से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार बिजली महंगी करके जनता पर दोहरी मार मार रही है। तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन रैली के आखिर में स्टेशन चौक पर कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा गया। इसमें मांग की गई कि पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई ठीक की जाए और बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाकर जनता को राहत दी जाए। इस मौके पर पूर्व विधायक मनोज अग्रवाल समेत कांग्रेस के कई बड़े नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पन्ना की सकरिया हवाई पट्टी पर भीषण आग:आग बुझाते समय फायरमैन घायल; साथियों ने पहुंचाया अस्पताल

पन्ना में नेशनल हाईवे 39 स्थित सकरिया हवाई पट्टी के पास सोमवार शाम आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि लपटें और धुएं का गुबार दूर से दिखाई दे रहा था। सूचना मिलने पर नगर पालिका की दमकल टीमें आग बुझाने मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने का प्रयास जारी था। इसी दौरान, धाम मोहल्ला निवासी फायरमैन रविंद्र प्रताप सिंह (30) फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर चढ़कर आग बुझाने में लगे थे। तभी अचानक एक तेज लपट उठी, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नीचे गिर गए। साथियों ने पहुंचाया अस्पताल इस हादसे में रविंद्र प्रताप सिंह के दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। उनके साथी जितेंद्र यादव (चालक), प्रमोद रैकवार (फायरमैन) और उत्तम सोनकर (चालक) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घायल रविंद्र को उसी फायर ब्रिगेड वाहन से पन्ना के जिला चिकित्सालय पहुंचाया। रविंद्र प्रताप सिंह, जो स्वर्गीय रणमत सिंह के पुत्र हैं, फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में हैं। समय पर उपचार मिलने से उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। घटना के बाद शहर में इस हादसे और फायरमैन के प्रयासों की चर्चा हो रही है।
हिमाचल में CAG रिपोर्ट ने खोली वित्तीय गड़बड़ियों की पोल:HPU में अयोग्य टीचर भर्ती, रिसर्च-वर्क घटा; सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सोमवार को पेश नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा रिपोर्ट ने राज्य के वित्तीय प्रबंधन, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। रिपोर्ट में फंड के उपयोग में गड़बड़ियां, परियोजनाओं में देरी, राजस्व वसूली में कमी, अव्यवस्थित वित्तीय नियंत्रण और कई विभागों में अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। खनन, सिंचाई, आपदा राहत, विश्वविद्यालय और वन विभाग तक फैली इन खामियों ने शासन-प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। खास बात यह है कि 2024-25 में खर्च की गई बड़ी धनराशि का पूरा हिसाब स्पष्ट नहीं है। कई विभागों ने यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट समय पर जमा नहीं किए। इसे पारदर्शिता और जवाबदेही के लिहाज से गंभीर चूक माना गया। CAG ने पाया कि कई विभागों ने आवंटित बजट का पूरा उपयोग नहीं किया और कुछ मामलों में बिना स्वीकृति के खर्च किया गया। खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया का पालन न होने के मामले भी सामने आए हैं। इससे सरकारी खर्च की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। CAG ने 2024-25 के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) की वित्तीय स्थिति पर भी चिंता जताई है। राजस्व विभाग में गड़बड़ी जयराम सरकार में 2019-20 में आपदा फंड में भी गड़बड़ी SDRF और NDRF फंड के उपयोग में भी बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। 2019-20 में केंद्र सरकार ने ₹61.07 करोड़ रोक लिए थे, क्योंकि राज्य ने SDRF फंड का दुरुपयोग किया था। इसके बावजूद 2019-23 के दौरान भी यह स्थिति जारी रही। रिपोर्ट के अनुसार, ₹254.73 करोड़ की NDRF सहायता जारी ही नहीं हो सकी। क्योंकि राज्य के पास पहले से ही SDRF का बड़ा बैलेंस पड़ा था। इससे राहत कार्यों में 1 से 2 साल तक की देरी हुई। इसके अलावा ₹122.27 करोड़ राशि नियमों के अनुसार निवेश करने के बजाय सेविंग अकाउंट में पड़ी रही, जिससे ब्याज का नुकसान हुआ। कई जगह नियमों के खिलाफ ₹11.76 करोड़ के कार्य कर दिए गए, जैसे सामान्य मरम्मत और नए निर्माण, जो आपदा राहत के दायरे में नहीं आते। आपदा प्रबंधन सिस्टम कमजोर आपदा प्रबंधन सिस्टम भी कमजोर पाया गया। राज्य आपदा योजना अपडेट नहीं हुई, जिला योजनाओं को मंजूरी नहीं मिली और कई जगह आपदा प्रबंधन टीमें बनी ही नहीं। SDRF में स्टाफ की कमी भी सामने आई, जहां 326 पदों में से केवल 193 ही भरे गए। इसके अलावा 9,449 कार्यों (₹172.47 करोड़) का डेटा पोर्टल पर अपडेट नहीं किया गया और बड़ी संख्या में उपयोग प्रमाण पत्र लंबित पाए गए। वन विभाग में अनियमितताएं CAMPA फंड में ₹1.33 करोड़ की संभावित कमी वन विभाग की कार्यप्रणाली पर CAG की रिपोर्ट में सवाल उठे हैं। फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट (FCA) के तहत शिमला स्थित नोडल अधिकारी के रिकॉर्ड की जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। इसके अलावा एक अन्य मामले में वन भूमि पर मौजूद पौधों को वन घनत्व की गणना में शामिल नहीं किया गया। इस वजह से CAMPA (कंपनसेटरी एफॉरस्टेशन फंड मैनेजमेंट एंड प्लानिंग ऑथोरिटी) फंड के आकलन में कमी की आशंका जताई गई है। इन गड़बड़ियों के कारण करीब ₹1.33 करोड़ की राशि की कम वसूली होने की संभावना है। CAG ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए वन विभाग की प्रक्रियाओं और आकलन प्रणाली को मजबूत करने की जरूरत बताई है। खनन सेक्टर में बड़ी गड़बड़ियां CAG रिपोर्ट में उद्योग विभाग के तहत खनन सेक्टर की स्थिति भी चिंताजनक बताई गई है। 2018-19 से 2022-23 के दौरान राज्य में 40 हजार से अधिक अवैध खनन के मामले सामने आए, जिनमें अकेले 2022-23 में ही 8,000 से ज्यादा केस दर्ज हुए। खनन विभाग ने 5 साल तक एक्शन प्लान नहीं बनाया ऑडिट में पाया गया कि खनन विभाग ने पांच साल तक वार्षिक कार्ययोजना ही तैयार नहीं की, जिससे निरीक्षण, रॉयल्टी वसूली और परियोजनाओं की निगरानी प्रभावित हुई। राजस्व वसूली में भी खामियां सामने आई हैं। जांच के दौरान 27 खदानों में ₹1.81 करोड़ की रॉयल्टी कम वसूली पाई गई। इसके अलावा, ₹74.81 लाख डेड रेंट और ₹7.27 लाख सरफेस रेंट भी समय पर वसूल नहीं किया गया। जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र बेहद कमजोर पाया गया। कई जिलों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम, फ्लाइंग स्क्वॉड और टास्क फोर्स तक नहीं बनाई गई, जिससे अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका।
आलीराजपुर में पत्नी की हत्या करने वाला गिरफ्तार:बेटे को बाइक खरीदने 50 हजार देने पर भड़का, गुजरात से मकान बनाने पैसे लाया था

आलीराजपुर में बखतगढ़ पुलिस ने ग्राम मथवाड़ में पत्नी की हत्या के आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुमानिया को सकरजा रोड के पास स्थित जंगल से पकड़ा गया। यह पूरी वारदात 28 मार्च 2026 की शाम को हुई थी। वारदात की मुख्य वजह पैसों का विवाद था। आरोपी खुमानिया ने गुजरात में मजदूरी कर मकान बनवाने के लिए 50,000 रुपए जमा किए थे। उसकी पत्नी रायलीबाई (45) ने ये पैसे बेटे को मोटरसाइकिल खरीदने के लिए दे दिए थे, जिससे खुमानिया नाराज था। नशे में किया जानलेवा हमला घटना के समय रायलीबाई अपनी बेटियों के साथ घर के बाहर बैठी थीं। तभी खुमानिया शराब के नशे में वहां पहुंचा और पत्नी द्वारा टोकने पर विवाद शुरू हो गया। गुस्से में आकर उसने खाट की लकड़ी उठाई और भागती हुई रायलीबाई के सिर और छाती पर कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस की कार्रवाई मृतका की बेटी रेमा की सूचना पर बखतगढ़ पुलिस ने हत्या का केस (BNS की धारा 103-1) दर्ज किया। पुलिस ने 29 मार्च को आरोपी को जंगल से पकड़ा।
23 देशों में फैला कोविड का नया वेरिएंट सिकाडा, इस पर वैक्सीन भी बेअसर ! क्या आपको भी इसका खतरा?

Last Updated:March 30, 2026, 17:46 IST BA.3.2 Omicron Subvariant: अमेरिका के बाद कोरोना का नया वेरिएंट BA.3.2 कई अन्य देशों तक फैल गया है. अब तक 23 देशों में इस वेरिएंट के मरीज मिले हैं. एक्सपर्ट्स ने इसे सिकाडा नाम दिया है और यह वेरिएंट बेहद तेजी से फैलता है. इसमें 70 से ज्यादा म्यूटेशन पाए गए हैं, जिसकी वजह से यह कोरोना की मौजूदा वैक्सीन को चकमा दे सकता है. कोविड का नया वेरिएंट सिकाडा तेजी से फैल रहा है. New Cicada Variant Symptoms: जब भी कोरोना वायरस खत्म होने की कगार पर होता है, तब कोई नया वेरिएंट फैल जाता है और लोगों को तेजी से अपना शिकार बना देता है. पिछले कुछ सप्ताह से दुनियाभर में कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट का नया सब-वेरिएंट BA.3.2 तेजी से फैल रहा है. दक्षिण अफ्रीका में पहली बार पहचान किए जाने के बाद यह वेरिएंट अब तक अमेरिका और यूरोप सहित दुनिया के 23 देशों में पैर पसार चुका है. हेल्थ एक्सपर्ट्स ने इस वेरिएंट को सिकाडा (Cicada) नाम दिया गया है. सिकाडा वेरिएंट की सबसे चौंकाने वाली बात इसमें मौजूद म्यूटेशन की संख्या है. इसमें करीब 70 से 75 म्यूटेशन पाए गए हैं, जो इसे पिछले सभी वेरिएंट्स से ज्यादा संक्रामक बना सकती है. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक सिकाडा वेरिएंट में लगभग 70 से 75 म्यूटेशन देखे गए हैं, जो मुख्य रूप से इसके स्पाइक प्रोटीन में स्थित हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि म्यूटेशन की यह असामान्य संख्या इसे मौजूदा वैक्सीन को चकमा देने में सक्षम बनाती है. अमेरिका के 25 राज्यों में इसके मामले पाए गए हैं और वहां एयरपोर्ट के वेस्ट वॉटर और पैसेंजर्स के सैंपल्स में इसकी पुष्टि हुई है. इतनी अधिक म्यूटेशन दर के कारण ही इसे वेरिएंट अंडर वॉच की कैटेगरी में रखा गया है. राहत की बात यह है कि अभी तक सिकाडा वेरिएंट से संक्रमित होने पर गंभीर कॉम्प्लिकेशन के मामले नहीं देखे जा रहे हैं. अधिकांश मामले हल्के से मध्यम श्रेणी के हैं. अस्पताल में भर्ती होने की दर में भी कोई असामान्य वृद्धि दर्ज नहीं की गई है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. सिकाडा वेरिएंट के लक्षणों की बात करें, तो इसके लक्षण काफी हद तक पिछले ओमिक्रॉन वेरिएंट जैसे ही हैं. इससे संक्रमित व्यक्तियों में मुख्य रूप से गले में खराश, अत्यधिक थकान, बुखार, खांसी और बदन दर्द जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं. अधिकतर लोगों को संक्रमित होने पर गले की खराश की समस्या सबसे ज्यादा हो रही है. कुछ रेयर मामलों में रात में पसीना आना, त्वचा पर चकत्ते और स्वाद या गंध का जाना भी रिपोर्ट किया गया है. अगर आपको ऐसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत जांच करानी चाहिए. राहत की बात यह है कि सिकाडा वेरिएंट तेजी से फैल रहा है, लेकिन अभी तक यह दुनिया भर में डोमिनेंट स्ट्रेन नहीं बना है. भारत की बात करें तो फिलहाल घबराने की कोई जरूरत नहीं है. देश में अभी सिकाडा वेरिएंट का कोई मरीज नहीं देखा गया है. हालांकि अंतरराष्ट्रीय ट्रैवलिंग के कारण यह वेरिएंट फैल सकता है. ऐसे में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत की बड़ी आबादी को वैक्सीन लग चुका है, जिससे इससे बचाव में मदद मिल सकती है. अभी भी मौजूदा वैक्सीन गंभीर बीमारी और मौत के जोखिम को कम करने में अत्यधिक प्रभावी हैं. इससे बचने के लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें, घर से बाहर जाते वक्त मास्क पहनें, हाथों को बार-बार धोएं और लक्षण दिखने पर जल्द से जल्द जांच कराएं. सतर्क रहकर हम कोरोना के किसी भी नए खतरे को टाल सकते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : March 30, 2026, 17:46 IST
अंगोला से गैस खरीदने की तैयारी में भारतीय कंपनियां:सरकारी स्तर पर भी बातचीत जारी, होर्मुज संकट की वजह से भारत नए ऑप्शन तलाश रहा

भारत में गैस की कमी की वजह से सरकारी तेल और गैस कंपनियां अब नए देशों से सप्लाई का ऑप्शन तलाश रही हैं। इसी कड़ी में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और गेल (इंडिया) लिमिटेड अफ्रीकी देश अंगोला की सरकारी कंपनी सोनानगोल से रसोई गैस (LPG) और प्राकृतिक गैस (LNG) खरीदने के लिए बात कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये कंपनियां अंगोला की सरकारी कंपनी सोनानगोल के साथ लंबी अवधि के समझौते (टर्म कॉन्ट्रैक्ट) करने पर विचार कर रही हैं। हालांकि, बातचीत अभी शुरुआती दौर में है और सरकार से सरकार के स्तर पर भी चर्चा जारी है। यह हालात इसलिए बने हैं क्योंकि मिडिल ईस्ट में चल रही जंग की वजह से होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया है। यह रास्ता दुनिया में तेल और गैस सप्लाई के लिए बहुत अहम माना जाता है। इसके बंद होने से भारत समेत कई देशों की सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत दुनिया का दूसरा बड़ा LPG उपभोक्ता भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG उपभोक्ता है और अपनी जरूरत का लगभग 60% इंपोर्ट करता है। वहीं, करीब 50% LNG भी इंपोर्ट करता है। अभी तक भारत को ज्यादातर गैस मिडिल ईस्ट के देशों, खासकर कतर और UAE से मिलती रही है। लेकिन होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण भारत की करीब 90% LPG आयात पर असर पड़ा है। इसी वजह से सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए गैस सिलेंडर की बुकिंग के नियम सख्त कर दिए हैं। अब शहरों में 25 दिन और गांवों में 45 दिन के अंतराल पर ही सिलेंडर बुक किया जा सकता है। अंगोला पहली बार भारत को LPG कर सकता है एक्सपर्ट्स का कहना है कि अफ्रीका से गैस सप्लाई अमेरिका की तुलना में 10 से 15 दिन जल्दी भारत पहुंच सकती है। ऐसे में अंगोला भारत के लिए एक अच्छा ऑप्शन बन सकता है। अगर यह करार होता है, तो अंगोला पहली बार भारत को रसोई गैस सप्लाई करेगा। भारतीय कंपनियां LPG के लिए करीब एक साल और LNG के लिए कम से कम 10 साल का करार करने पर विचार कर रही हैं। अंगोला के पास करीब 4.6 ट्रिलियन क्यूबिक फीट नेचुरल गैस का भंडार है और वह पहले से ही भारत को कच्चा तेल और LNG सप्लाई करता रहा है। वित्त वर्ष 2025 में अंगोला भारत का पांचवां सबसे बड़ा LNG सप्लायर था। ऑस्ट्रेलिया-अल्जीरिया और रूस से भी LPG खरीदने की तैयारी भारत सिर्फ अंगोला ही नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया, अल्जीरिया और रूस जैसे देशों से भी गैस इंपोर्ट के ऑप्शन तलाश रहा है, ताकि किसी एक रीजन पर निर्भरता कम की जा सके। इस गैस संकट का असर उर्वरक (फर्टिलाइजर) और स्टील सेक्टर जैसे उद्योगों पर भी पड़ सकता है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो गैस की कीमतें भी बढ़ सकती हैं और भारत को महंगे दामों पर गैस -खरीदनी पड़ सकती है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि देश में गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट की सप्लाई बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में दो बड़े जहाज करीब 94 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर भारत की ओर रवाना हुए हैं। भारत की 92% LPG खाड़ी के 4 देशों से आती है भारत का ज्यादातर LPG आयात फारस की खाड़ी के देशों UAE, कतर, सऊदी अरब और कुवैत से होता है। खास बात यह है कि इन सभी देशों से आने वाली गैस एक ही रास्ते, होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरती है। यह सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा समुद्री रास्ता है, लेकिन दुनिया के करीब 20% तेल और गैस का व्यापार यहीं से होता है। 2024-25 में भारत के करीब 92% LPG आयात इन्हीं चार खाड़ी देशों से आए। इनमें यूएई सबसे बड़ा सप्लायर बनकर उभरा है, जिसकी हिस्सेदारी बढ़कर 40% से ज्यादा हो गई है। वहीं, कतर और सऊदी अरब की हिस्सेदारी में गिरावट आई है। भारत में LPG की मांग बढ़ी लेकिन उत्पादन नहीं भारत में LPG की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन घरेलू उत्पादन लगभग नहीं बढ़ रहा। यही वजह है कि देश को अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगवाना पड़ रहा है, जिससे सप्लाई को लेकर जोखिम भी बढ़ गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने साल 2024-25 में 20.67 मिलियन टन LPG आयात किया, जो 2019-20 के 14.81 मिलियन टन के मुकाबले करीब 40% ज्यादा है। यानी सिर्फ पांच साल में आयात में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। भारत का घरेलू उत्पादन लगभग स्थिर बना हुआ है। 2019-20 में देश ने 12.82 मिलियन टन LPG का उत्पादन किया था, जो 2024-25 में घटकर करीब 12.79 मिलियन टन रह गया। यानी उत्पादन में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई। 2024-25 में भारत ने 31.32 मिलियन टन LPG का इस्तेमाल किया, जो 2019-20 के मुकाबले करीब 19% ज्यादा है। यह बढ़ोतरी खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में गैस कनेक्शन बढ़ने की वजह से हुई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों परिवारों को LPG कनेक्शन दिए गए हैं। अब देश में 33 करोड़ से ज्यादा एक्टिव गैस कनेक्शन हैं, जिससे मांग लगातार बढ़ रही है।
इछावर में पानी संकट पर युवक टंकी पर चढ़ा:एक घंटे तक मचाया हंगामा; पुलिस की समझाइश के बाद उतरा नीचे

सीहोर जिले में जल संकट के बीच एक युवक पानी की मांग को लेकर इछावर के आजाद चौक स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गया। उसने करीब एक घंटे तक हंगामा किया और प्रशासन से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की। जानकारी के अनुसार, युवक टंकी पर चढ़कर जोर-जोर से चिल्ला रहा था और पानी की समस्या को उजागर कर रहा था। जब स्थानीय लोगों की समझाइश के बाद भी वह नीचे नहीं उतरा, तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इछावर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को काफी देर तक समझाया। पुलिस की समझाइश के बाद अधेड़ व्यक्ति पानी की टंकी से नीचे उतर आया। यह घटना सीहोर जिले में बढ़ते जल संकट की गंभीरता को दर्शाती है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
ट्रैक्टर ने बाइक को टक्कर मारी, युवक की मौत:दतिया-भांडेर रोड पर हादसा; माता-पिता घायल, लुहार वाली माता के दर्शन को जा रहे थे

दतिया में भांडेर थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक सड़क हादसे में 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई।जबकि उसके माता-पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा दतिया-भांडेर रोड पर उस समय हुआ, जब एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान संदीप अहिरवार (20) के रूप में हुई है। घायल पिता राकेश अहिरवार और मां भारती अहिरवार हैं। जो मूल रूप से शिवपुरी जिले के राजपुरदयाल गांव के निवासी हैं और वर्तमान में दतिया की सिद्धार्थ कॉलोनी में रह रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पूरा परिवार बाइक से भांडेर स्थित लुहार वाली माता के दर्शन करने जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में ट्रैक्टर और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।जहां डॉक्टरों ने संदीप को मृत घोषित कर दिया। वहीं पिता राकेश की हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया है, जबकि मां भारती का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की वजह माना जा रहा है।








