लखनऊ में एअर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग:36 हजार फीट ऊंचाई पर पायलट को धुआं महसूस हुआ; पैसेंजरों ने मास्क लगाए

लखनऊ में एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। सोमवार शाम फ्लाइट पश्चिम बंगाल के बागडोगरा से दिल्ली जा रही थी। सूत्रों के मुताबिक, फ्लाइट यूपी के अंबेडकरनगर के ऊपर थी, तभी पायलट के केबिन में धुआं महसूस हुआ। उस समय विमान 36 हजार फीट की ऊंचाई पर था। पायलट ने धुआं महसूस होते ही लखनऊ एयर ट्रैफिक कंट्रोल को मेडे कॉल किया। मेडे कॉल के बाद यात्रियों को ऑक्सीजन मास्क उपलब्ध करा दिए गए। लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति लेकर विमान को शाम 5:17 बजे सुरक्षित लैंड कराया। तब से फ्लाइट लखनऊ के टर्मिनल-3 पर खड़ी है। फ्लाइट में 148 यात्री और क्रू मेंबर सवार थे। सभी सुरक्षित हैं। कई यात्रियों को दूसरी फ्लाइट्स से दिल्ली भेज दिया गया, जबकि कुछ को होटल में ठहराया गया है। सिक्योरिटी और टेक्निकल टीमें फ्लाइट में जांच कर रही हैं। शुरुआती जांच में धुएं या आग का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। ‘मेडे कॉल’ के साथ ही ऑक्सीजन मास्क खुल गए सूत्रों के अनुसार, पायलटों को केबिन के एवियोनिक पैनलों (कॉकपिट के इलेक्ट्रिक पैनल) से धुआं निकलने की आशंका हुई। पायलट ने ‘मेडे कॉल’ किया। इसके साथ ही फ्लाइट में लगे ऑक्सीजन मास्क अपने आप खुल गए। केबिन क्रू ने यात्रियों को मास्क इस्तेमाल करने का तरीका बताया, जिसके बाद यात्रियों ने मास्क लगा लिए। यात्री कर रहे कंपनी से शिकायत फ्लाइट में सवार कई यात्री सोशल मीडिया पर कंपनी से शिकायत कर रहे हैं। हेमरॉन माइकल नाम के एक यात्री ने लिखा- मैं बागडोगरा से दिल्ली जा रही फ्लाइट IX-1523 में यात्रा कर रहा था। तकनीकी समस्या के कारण विमान को लखनऊ में उतार दिया गया। पिछले ढाई घंटे से कोई संशोधित टिकट नहीं दिया गया है। मुझे सुबह 6:30 बजे तक दिल्ली पहुंचना था, लेकिन अब 7:23 बज चुके हैं। अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।” मेडे कॉल क्या होता है, जानिए MAYDAY शब्द फ्रेंच शब्द ‘m’aider’ से लिया गया है। इसका मतलब है ‘help me’ यानी ‘मुझे बचाओ’। MAYDAY कॉल आमतौर पर रेडियो के माध्यम से ATC या आसपास के अन्य विमानों को भेजा जाता है। इस सिग्नल का उपयोग तत्काल सहायता प्राप्त करने के लिए किया जाता है, ताकि इमरजेंसी से निपटा जा सके और समय पर मदद मिल सके। अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए…
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: तारीखें, सीटें और प्रत्येक पार्टी के लिए क्या दांव पर है | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 31, 2026, 08:16 IST पश्चिम बंगाल 2026 चुनाव एक उच्च जोखिम वाली प्रतियोगिता है जो ममता बनर्जी के प्रभुत्व का परीक्षण करेगी और यह निर्धारित करेगी कि क्या भाजपा अंततः गति को सत्ता में बदल सकती है ‘फाइटर दीदी’ थीम पर आधारित टीएमसी अभियान, ममता बनर्जी को बंगाल की पहचान के रक्षक के रूप में प्रस्तुत करता है। (पीटीआई) पश्चिम बंगाल में 294 सदस्यीय नई विधानसभा का चुनाव करने के लिए 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा, जिसकी गिनती 4 मई, 2026 को होगी। लेकिन यह एक नियमित राज्य चुनाव से बहुत दूर है। यह एक उच्च जोखिम वाली प्रतियोगिता है जो बंगाल की राजनीतिक दिशा को फिर से परिभाषित कर सकती है, ममता बनर्जी के प्रभुत्व का परीक्षण कर सकती है, और यह निर्धारित कर सकती है कि क्या भाजपा अंततः गति को सत्ता में बदल सकती है। सरकार गठन के अलावा, 2026 के पश्चिम बंगाल चुनाव भारत की चुनावी प्रक्रियाओं के लिए एक तनाव परीक्षण भी हैं। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) – जिसमें लाखों विलोपन शामिल हैं – ने चुनाव आयोग पर ध्यान केंद्रित कर दिया है, जिससे यह चुनाव इस बात पर केंद्रित हो गया है कि कौन वोट देगा और कौन जीतेगा। पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: पूर्ण गाइड और कार्यक्रम कुल सीटें: 294 चरण 1 मतदान: 23 अप्रैल 2026 चरण 2 मतदान: 29 अप्रैल 2026 वोटों की गिनती: 4 मई 2026 दो चरण के मतदान से प्रचार की समय-सीमा संकुचित हो जाती है, जिससे पार्टियों को सभी क्षेत्रों में लक्षित, उच्च-तीव्रता वाली रणनीतियों को तैनात करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। बंगाल में क्या दांव पर है: पार्टी-दर-पार्टी विश्लेषण टीएमसी: ममता बनर्जी की सबसे बड़ी राजनीतिक परीक्षा तृणमूल कांग्रेस के लिए, यह चुनाव सत्ता बरकरार रखने से कहीं अधिक है – यह एक कथा की रक्षा करने के बारे में है। ‘फाइटर दीदी’ थीम पर आधारित पार्टी का अभियान, ममता बनर्जी को बंगाल की पहचान के रक्षक के रूप में प्रस्तुत करता है। जैसा कि एक अभियान पंक्ति से पता चलता है, चुनावों को “बाहरी ताकतों” के खिलाफ लड़ाई के रूप में तैयार किया जा रहा है। टीएमसी की मुख्य पिच: कल्याण+शासन अभिलेख बंगाली गौरव और सांस्कृतिक पहचान मतदाताओं से ममता का व्यक्तिगत जुड़ाव यह क्यों मायने रखती है: एक जीत ने ममता की विरासत को मजबूत किया; प्रभुत्व में गिरावट असुरक्षा का संकेत देती है। बीजेपी: सत्ता के सबसे करीब पहुंच गई है भाजपा अब बंगाल में सीमांत खिलाड़ी नहीं है – यह प्रमुख चुनौती है। इसकी 2026 रणनीति का मिश्रण है: जाति और समुदाय का गणित धार्मिक लामबंदी (राम नवमी, राम राज्य कथा) बूथ स्तर पर लक्ष्यीकरण यह क्यों मायने रखती है: बंगाल में सरकार बनाने के लिए यह बीजेपी का अब तक का सबसे अच्छा मौका है। कांग्रेस: एक उच्च जोखिम वाली एकल वापसी की बोली एक बड़े बदलाव में, कांग्रेस वाम दलों के साथ अपने गठबंधन को तोड़कर अकेले चुनाव लड़ रही है। प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा, ”कई सालों तक हम गठबंधन के जरिए लड़ते रहे… अब हमारे कार्यकर्ताओं को लगता है कि पार्टी को अपने बैनर तले अपना आधार मजबूत करना चाहिए।” पार्टी को उम्मीद है: मालदा, मुर्शिदाबाद, नादिया में पुनर्निर्माण द्विध्रुवीय मुकाबले में मतदाता की थकान को दूर करें युवा नेतृत्व को बढ़ावा दें वास्तविकता की जाँच: कमजोर संगठन और सीमित संसाधन बड़ी बाधा बने हुए हैं। मुख्य युद्धक्षेत्र: भवानीपुर सबसे ज्यादा क्यों मायने रखता है अगर एक सीट इस चुनाव का सार पकड़ती है, तो वह भबनीपुर है। यहां ममता बनर्जी बनाम सुवेंदु अधिकारी सिर्फ एक निर्वाचन क्षेत्र की लड़ाई नहीं है – यह कथाओं का एक प्रतीकात्मक टकराव है। यह भाजपा की जाति, धर्म और बूथ गणित की सोशल इंजीनियरिंग के खिलाफ टीएमसी की “बंगाल अपनी बेटी चाहता है” की भावनात्मक अपील है। कभी एक किला रहा भबनीपुर अब मतदाताओं के बदलते व्यवहार की अग्निपरीक्षा है। एसआईआर विवाद: चुनाव का एक्स-फैक्टर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) ने राजनीतिक बातचीत को नाटकीय रूप से बदल दिया है। राज्यभर में करीब 64 लाख नाम हटाए गए कई लाख मतदाता जांच के दायरे में कुछ सीटों पर हार का अंतर जीत के अंतर से अधिक है बीजेपी इसे अवैध अप्रवास से जुड़ा जरूरी सुधार बताती है. टीएमसी इसे लक्षित मताधिकार से वंचित करना कहती है। फिरहाद हकीम ने कहा, ”भाजपा अल्पसंख्यकों के मतदान के अधिकार को छीनना चाहती है।” यह क्यों मायने रखता है: यह चुनाव केवल वोटों के बारे में नहीं है – यह इस बारे में है कि मतदाता के रूप में कौन योग्य है। पहचान बनाम शासन: असली 2026 लड़ाई बंगाल का चुनाव पारंपरिक मुद्दों से आगे बढ़ चुका है। 2021 में, यह एनआरसी-सीएए बहस के बारे में था। अब यह इस बारे में है: मतदाता पहचान और वैधता धार्मिक और सांस्कृतिक लामबंदी स्थायी, जमीनी स्तर का ध्रुवीकरण विश्लेषक मोइदुल इस्लाम ने कहा, “असल में, नौकरशाही की कवायद ने राजनीतिक रंग ले लिया है।” 100 से अधिक सीटें हिंदू एकीकरण और अल्पसंख्यक पुनर्समूहन से प्रभावित हो सकती हैं। बंगाल बैटल 2026 में क्या देखना है पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 एक बहुस्तरीय प्रतियोगिता है: सत्ता की लड़ाई: टीएमसी बनाम बीजेपी अस्तित्व की लड़ाई: कांग्रेस पुनरुद्धार का प्रयास सिस्टम परीक्षण: मतदाता सूची और चुनाव प्रबंधन की विश्वसनीयता कथा युद्ध: पहचान बनाम शासन यह सिर्फ सरकार बनाने का मामला नहीं है. यह इस बारे में है कि आने वाले वर्षों में बंगाल की राजनीति और उसके मतदाताओं को कौन परिभाषित करता है। जगह : पश्चिम बंगाल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 31, 2026, 08:16 IST समाचार चुनाव पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: तारीखें, सीटें और प्रत्येक पार्टी के लिए क्या दांव पर है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव कार्यक्रम(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव चरण 2026(टी)ममता बनर्जी टीएमसी बनाम बीजेपी(टी)भबानीपुर प्रमुख युद्धक्षेत्र सीट(टी)विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची पश्चिम बंगाल(टी)बंगाल में मतदाता पहचान और वैधता(टी)पश्चिम बंगाल में भाजपा कांग्रेस
जबलपुर के रादुविवि में हंगामे के बीच बजट पारित:कार्यप्रणाली पर असंतोष, 27 अप्रैल को होगी समीक्षा बैठक

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (रादुविवि) की सभा (कोर्ट) की बैठक सोमवार को आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बहस के बीच संपन्न हुई। इस दौरान विश्वविद्यालय का वार्षिक बजट पारित कर दिया गया, लेकिन प्रशासन की कार्यप्रणाली पर जनप्रतिनिधियों ने गंभीर असंतोष व्यक्त किया। सत्ता और विपक्ष दोनों पक्षों के जनप्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली, वित्तीय प्रबंधन और छात्र-सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए। बैठक में भाजपा विधायक अशोक रोहाणी और ओमप्रकाश धुर्वे, कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया और ओंकार सिंह मरकाम सहित जबलपुर के महापौर भी उपस्थित थे। सदस्यों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पिछले वित्तीय वर्ष में आवंटित बजट के समुचित उपयोग न होने पर सवाल उठाए। कुछ राशि के लैप्स होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा, जिसे प्रशासनिक लापरवाही बताया गया। कार्यप्रणाली में सुधार न होने पर होगा विरोध जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रशासन अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध खुलकर विरोध किया जाएगा। उन्होंने विभिन्न विभागों से संबंधित पालन प्रतिवेदन और प्रगति रिपोर्ट 27 अप्रैल को होने वाली विशेष समीक्षा बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस बैठक में सभी लंबित मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। याचिकाओं पर चिंता व्यक्त की कर्मचारियों और अधिकारियों के पेंशन प्रकरणों में देरी, बाहरी भुगतान लंबित रहने और इसके कारण न्यायालय में बढ़ती याचिकाओं पर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई। सदस्यों ने कहा कि इन मुद्दों से विश्वविद्यालय की साख को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। प्रशासन को इन प्रकरणों पर तत्काल कार्रवाई कर संतोषजनक समाधान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान नवनिर्वाचित कर्मचारी संघ अध्यक्ष संजय यादव भी बैठक में उपस्थित थे। उन्होंने कर्मचारियों की लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए सदस्यों के समक्ष अपनी बात रखी।
शादीशुदा महिला से बीच सड़क गैंगरेप की कोशिश,वीडियो बनाया:पीड़िता बोली- 3 लोगों ने पकड़ा, कपड़े फाड़े, सीने पर हाथ लगाया; गांव वालों ने बचाया

बिहार के नालंदा में एक शादीशुदा महिला के साथ सरेआम गैंगरेप की कोशिश की गई। बीच सड़क कुछ बदमाशों ने महिला को गलत ढंग से पकड़ लिया। रेप की कोशिश का बदमाशों ने वीडियो भी बनाया। महिला ने जब थाने में इसकी शिकायत की तो आरोपियों ने गंदा वीडियो वायरल कर दिया। मामला सीएम नीतीश के गृह जिले नालंदा के नूरसराय थाना इलाके का है। पीड़िता ने थाने में शिकायत की है। पुलिस ने 2 आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। महिला से बीच सड़क छेड़खानी की कुछ तस्वीरें देखिए राशन लेने गई थी, 3 लोगों ने पकड़ा महिला शादीशुदा है। उसके 2 बच्चे हैं। उसका पति रोजगार के सिलसिले में महाराष्ट्र के नासिक में रहता है। वो अपने सास-ससुर के साथ नूरसराय थाना इलाके के एक गांव में रहती है। महिला के मुताबिक 26 मार्च की शाम वो घर से राशन लाने के लिए निकली। राशन लेकर वो घर लौट रही थी, तभी गांव के ही तीन लड़कों ने अंधेरे का फायदा उठाकर उसे पकड़ लिया। तीनों ने उसके साथ रेप करने की कोशिश की, लेकिन महिला ने किसी तरह खुद को बचा लिया। अब जानिए वायल वीडियो में क्या है घटना 26 मार्च की है। महिला ने 27 मार्च को थाने में केस किया। केस करने के बाद आरोपियों ने वीडियो को वायरल कर दिया। 42 सेकेंड के वीडियो को 3 क्लीप में वायरल किया गया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है। कुछ लड़के एक महिला को गंदे ढंग से पकड़कर ले जा रहे हैं। महिला बार-बार छोड़ने की गुहार लगा रही है, लेकिन सभी आरोपी उसे छोड़ने को तैयार नहीं होते। वो अपने साथियों से कहते हैं कि इसका वीडियो बनाओ। इस दौरान महिला को पकड़े आरोपी भद्दी-भद्दी गालियां भी दे रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है कि, आरोपियों के साथ पीछे बड़ी संख्या में लोग चल रहे हैं। दोषियों को किसी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा सदर डीएसपी-2 संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि, पुलिस की विशेष टीम ने गांव में छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जिसकी पहचान अशोक यादव और महालू महतो उर्फ नवनीत कुमार नरोत्तम के तौर पर हुई है। तीसरे नामजद आरोपी रविकांत कुमार की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री जी, लानत है आपके कानून के राज पर: रोहिणी राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडियो X पर लिखा, ‘नीतीश कुमार जी .. आप बिहार को दुशासनी राज के तांडव का दर्द दे कर जा रहे हैं। मुख्यमंत्री जी, आपके ही गृह जिले नालंदा में मानवता को शर्मसार करने, स्त्री अस्मिता को तार-तार कर देनी वाली घटना को बिना कानून के किसी खौफ के असामाजिक तत्वों और दुराचारियों के द्वारा सरेआम सड़क पर अंजाम दिया गया। फिर पूरे दुःसाहस के साथ वीडियो बना कर वायरल कर दिया गया। लानत है कानून के राज, महिला सुरक्षा के संदर्भ में आपके तमाम दावों पर .. मुख्यमंत्री जी .. उम्मीद है आप खुद को जबरन बिहार से रुखसत किए जाने के सदमे से उबर गए होंगे और आपको ये पता होगा कि आपके ही गृह जिले में घर का राशन ले कर लौट रही एक विवाहित महिला के साथ ये शर्मनाक वाकया हुआ है।
मायके से मिली संपत्ति पर पति का अधिकार नहीं:परिवारिक विवाद पर आंध्र हाईकोर्ट बोला- निसंतान महिला का सबकुछ पिता के वारिस को मिलेगा

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी हिंदू महिला को माता-पिता से विरासत में संपत्ति मिली है और उसकी मौत बिना संतान, वसीयत किए बिना ही हो जाती है, तो उस संपत्ति पर पति-ससुराल का कानूनी हक नहीं होगा। ऐसी संपत्ति महिला के पिता के कानूनी वारिसों को जाएगी। जस्टिस तारलाडा राजशेखर राव ने कहा, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 15(2)(ए) साफ बताती है कि अगर महिला को पिता या मां से संपत्ति मिली हो और उसकी कोई संतान न हो, तो उसकी मौत के बाद वह संपत्ति पिता के वारिसों को जाएगी। पति को उस संपत्ति पर कोई अधिकार नहीं मिलेगा। महिला की नानी की वसीयत को लेकर विवाद एक महिला ने 2002 में अपनी संपत्ति पहली नातिन को गिफ्ट की, जिसकी 2005 में संतानहीन मृत्यु हो गई। इसके बाद नानी ने पुराना गिफ्ट रद्द कर संपत्ति दूसरी नातिन के नाम वसीयत कर दी। 2012 में दादी के निधन के बाद दूसरी नातिन ने राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने का आवेदन किया। आरडीओ ने उसके पक्ष में आदेश दिया, लेकिन मृत नातिन के पति ने इसे चुनौती दी। जॉइंट कलेक्टर ने आरडीओ का फैसला पलटते हुए पति के पक्ष में म्यूटेशन का निर्देश दिया और कहा कि शुरुआती गिफ्ट डीड रद्द करना कानूनी रूप से वैध नहीं था। इलाहाबाद हाईकोर्ट बोला- पति की आय बढ़ा-चढ़ाकर बताना ‘झूठा’ नहीं पारिवारिक विवाद से जुड़े ऐसे ही एक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि भरण-पोषण (मेंटेनेंस) के मामलों में पत्नी का पति की आय बढ़ाकर बताना आम बात है। सिर्फ इसी आधार पर पत्नी के खिलाफ झूठा बयान देने (परजरी) की कार्रवाई नहीं की जा सकती। कोर्ट ने पति की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने पत्नी पर कार्रवाई की मांग की थी।
इजराइल की हाइफा ऑयल रिफाइनरी पर मिसाइल अटैक:पेट्रोल टैंक में आग लगी; फारस की खाड़ी में भारत के 18 जहाज मौजूद

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 32वां दिन हैं। लेबनान के ईरान समर्थन उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसने सोमवार इजराइल के उत्तरी शहर हाइफा में ऑयल रिफाइनरी पर ईरानी मिसाइल से हमला किया। हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में एक पेट्रोल टैंक में आग लग गई, जिससे इलाके में घना धुआं फैल गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह इम्पैक्ट हाइफा के इंडस्ट्रियल जोन में हुआ। अभी तक यह साफ नहीं है कि हमला सीधे मिसाइल से हुआ या इंटरसेप्ट किए गए मलबे के कारण। एहतियात के तौर पर स्थानीय प्रशासन ने लोगों को घरों की खिड़कियां बंद रखने और बाहर न निकलने की सलाह दी थी। ईरान जंग के बीच फारस की खाड़ी में भारत के 18 जहाज और 485 भारतीय क्रू मौजूद हैं। जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि ये सभी सुरक्षित हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। अमेरिकी हमले में ईरान का विमान डैमेज ईरान में सोमवार को महान एयरलाइंस का एक प्लेन अमेरिकी हमले में क्षतिग्रस्त हो गया। यह विमान मशहद एयरपोर्ट पर खड़ा था और नई दिल्ली आने वाला था। इसका मकसद भारत से दवाइयों और दूसरी जरूरी राहत सामग्री लेकर जाना था। हालांकि, इस हमले को लेकर अमेरिका की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईरान जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… ईरान-इजराइल जंग से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
बिहार- नई सरकार में मंत्री बनने के लिए तांत्रिक पूजा:कैमरे पर दावा- 27 विधायकों ने कराया अनुष्ठान, CM-डिप्टी CM और मंत्री बनना चाहते हैं

बिहार में नई सरकार बनने जा रही है। मंत्री बनने के लिए विधायक तंत्र-मंत्र का सहारा ले रहे हैं। CM और डिप्टी CM से लेकर मंत्री की रेस में शामिल 27 विधायक तांत्रिकों के संपर्क में हैं। किसी के घर ग्रह दोष निवारण की पूजा चल रही है तो कोई तांत्रिकों से नई सरकार में बड़ी जिम्मेदारी के लिए अनुष्ठान करा रहा है। इसमें मौजूदा सरकार में बड़ी जिम्मेदारी निभा रहे नेता भी शामिल हैं। डिप्टी CM से लेकर 12 से ज्यादा मंत्रियों के घर तो नवरात्रि में 9 दिनों तक तंत्र साधना का इनपुट है। ऐसे इनपुट के बाद भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम उन तांत्रिकों और ज्योतिषियों तक पहुंची जिनसे बिहार के नेता पूजा पाठ करवा रहे हैं। पढ़िए, बिहार में नीतीश के इस्तीफे के बीच नई सरकार में बड़ी जिम्मेदारी पाने के लिए तांत्रिकों की शरण में जाने वाले नेताओं की कहानी… पहले तंत्र-मंत्र का पॉलिटिकल कनेक्शन जानिए बिहार की राजनीति में तंत्र-मंत्र का बड़ा कनेक्शन रहा है। बिहार के तंत्र साधक और ज्योतिषियों का दिल्ली के नेताओं से भी कनेक्शन रहा है। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर दिल्ली के कई बड़े लीडर बिहार के तांत्रिक और ज्योतिषियों के संपर्क में रहे हैं। मधुबनी के ज्योतिषाचार्य एन के झा तो इंदिरा गांधी के पुरोहित रह चुके हैं। अमित शाह और राजनाथ सिंह का भी बिहार और झारखंड में पूजा का कनेक्शन है। नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, अशोक चौधरी, नितिन नवीन, चिराग पासवान, राजू तिवारी, संजीव चौरसिया, रामकृपाल यादव से लेकर कई ऐसे नेता हैं, जो पूजा-अनुष्ठान कराते रहते हैं। बिहार में अधिकांश नेताओं के लिए पूजा पाठ, अनुष्ठान और धार्मिक आस्था उनकी निजी और सार्वजनिक जीवन का हिस्सा होती है। बिहार के प्रमुख ज्योतिषी डॉक्टर श्रीपति त्रिपाठी के शिष्यों में पॉलिटिशियन ज्यादा हैं। CM और डिप्टी CM से लेकर बिहार का हर बड़ा और प्रभावशाली नेता पंडित श्रीपति त्रिपाठी के संपर्क में रहता है। बिहार और झारखंड में ज्योतिष साधना को लेकर चर्चा में रहने वाले श्रीपति त्रिपाठी की तरफ से नेताओं के अनुष्ठान का इनपुट मिला। भास्कर रिपोर्टर ने श्रीपति त्रिपाठी से संपर्क किया तो उन्होंने पॉलिटिकल शिष्यों के लिए अनुष्ठान की बात को स्वीकर किया। पंडित डॉक्टर श्रीपति त्रिपाठी ने बताया, बिहार और झारखंड में कई पॉलिटिकल लोग मेरे शिष्य हैं। वो लोग कोई भी पॉलिटिकल डिसीजन लेने से पहले मुझसे परामर्श करते हैं। बिहार में एक बार फिर नई सरकार को लेकर समीकरण बन रहे हैं, ऐसे में कई शिष्य हमारे पास आए हैं। नई सरकार में शिष्य बेहतर पोजिशन के लिए उपाय करवा रहे हैं। सरकार में बड़ी जिम्मेदारी पर काम करें, इसके लिए उनकी जन्मपत्री पर विचार कर ग्रहों की चाल को अनुकूल करने के उपाय पर मैंने काम किया है। पॉलिटिक्स में बड़ी सफलता बड़ा मुकाम मिले, इसके लिए कुछ पूजा अनुष्ठान भी चल रहे हैं। नवरात्रि में मां को प्रसन्न करने के लिए भी संकल्प लेकर पूजा पाठ की गई है। नेपाल सीमा के रक्सौल में स्थित काली न्यास मंदिर में 16 से अधिक पॉलिटिशियन के पूजा अनुष्ठान का इनपुट मिला है। यहां के तांत्रिक जगतगुरु वामाचार्य सेवक संजय नाथ हैं, जो तंत्र को लेकर भारत से लेकर विदेशों में भी चर्चा में रहते हैं। नेपाल की राजनीति में भी कई प्रभावी नेताओं के लिए वह पूजा अनुष्ठान करते रहते हैं। वह काली मंदिर के न्यास और दस महाविद्या की साधना के लिए प्रसिद्ध हैं। बिहार के नताओं के अनुष्ठान के इनपुट के बाद भास्कर रिपोर्टर ने सेवक संजय नाथ से संपर्क किया। तांत्रिक संजय नाथ ने बताया, बिहार में सत्ता से लेकर विपक्ष के अधिकतर पॉलिटिशियन उनके शिष्य हैं, हर छोटे-बड़े काम के पहले वह संपर्क करते हैं। कोई बड़ा मिशन हो या बड़े प्लान हो, शुरुआत करने से पहले जरूर संपर्क करते हैं। बिहार में नई सरकार को लेकर कई पॉलिटिशियन ने अपनी जन्मपत्री हमें दी है। कई पॉलिटिशियन ने अपना नया प्लान साझा किया है। उनकी कामना पूरी हो इसके लिए नवरात्रि में दस महाविद्या (देवी का एक रूप) काे मनाया गया है। नेताओं की इच्छा पूरी हो, वह अपने नए प्लान में पूरी तरह से सफल हों, इसके लिए दस महाविद्या की देवी की विधिवत उपासना की गई है। संयोग अच्छा रहा कि राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान नवरात्रि पड़ी। इस विशेष संयोग में नेताओं के लिए तंत्र अनुष्ठान किया गया। 5 दिवसीय तांत्रिक अनुष्ठान के लिए बिहार के 6 विधायकों ने पटना के रहने वाले पंडित राकेश झा को कामाख्या भेजा था। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि इसमें 2 विधायक ऐसे हैं, जो मौजूदा सरकार में बड़े पदों पर हैं। अब और बड़ी जिम्मेदारी संभालने के लिए मां कामाख्या के दरबार में अनुष्ठान करवाया है। पंडित का पता लगाने के बाद भास्कर रिपोर्टर ने उनसे संपर्क किया तो उन्होंने नाम भी बताए, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं करने का आग्रह किया। इसके पीछे पंडित राकेश झा का तर्क है कि पूजा अनुष्ठान व्यक्तिगत चीज है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया है कि 6 विधायक जो मौजूदा समय में बड़े पदों पर हैं, उनके लिए उन्होंने कामाख्या में अनुष्ठान किया है। पंडित राकेश झा ने बताया कि कामाख्या तंत्र पीठ है, यहां की गई पूजा साधना कभी खाली नहीं जाती। उनके संपर्क में कई ऐसे राजनीतिक लोग हैं, जो बिहार सरकार में काफी प्रभावी हैं। अक्सर पूजा अनुष्ठान उनके घरों में भी चलता है। इस बार कुछ विशेष कामना के लिए कुछ विधायकों की इच्छा थी कि उनके लिए कामाख्या में उपासना हो। विधायकों ने कामाख्या में पंडित के लिए पूरी व्यवस्था कराई थी। 5 दिन के तांत्रिक अनुष्ठान के बाद वह उन नेताओं के घर भी पहुंचे और घर पर एक अनुष्ठान कराया गया। कामाख्या में साधना करने वाले बिहार के ज्योतिषाचार्य कृष्णकांत मिश्रा के भी बिहार झारखंड में कई पॉलिटिकल शिष्य हैं। इनपुट के बाद भास्कर रिपोर्टर ने आचार्य कृष्णकांत मिश्रा से संपर्क किया तो पता चला कि बिहार में नई सरकार में बड़ी कामना के साथ कई नेताओं ने उन्हें अनुष्ठान के लिए कहा था। तांत्रिक अनुष्ठान के लिए नेताओं से संकल्प लेकर उन्होंने नैना देवी स्थान पर 7 दिनों का अनुष्ठान किया है। उन्होंने बताया कि बिहार और यूपी में कई पॉलिटिकल हैं, जो उन पर विश्वास
घर पर पेडीक्योर: पेडीक्योर के रूप में अब घर पर, फटी एड़ियों और वाॅलॅजी वाॅर्क्स से बाहर, बस कुछ आसान स्टेप्स में

घर पर पेडीक्योर: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपने चेहरे का तो पूरा मकसद रखते हैं, लेकिन आदिवासियों की अनदेखी कर देते हैं। धूल-मिट्टी और धूल-मिट्टी के कारण धूल-मिट्टी और धूल-मिट्टी के छिलके दिखाई देते हैं। अक्सर लोग रिटेल रिटेलर महँगाई पेडीक्योर पर हजारों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही निखार आप घर पर भी पा सकते हैं? आइए हम आपको बताते हैं डार्कनेस के बारे में कुछ आसान टिप्स। आप घर बैठे अपने विरोधियों को भव्य और चमकदार बना सकते हैं। पुराने नेल पेंट के वास्तुशिल्प और स्मारकों के वास्तुशिल्प सबसे पहले अपने स्मारक पर लगे पुराने नेल पेंट को रूमर की मदद से साफ़ करें। इसके बाद नेल अख्तर से नक्षत्र को अपनी पसंद के अनुसार और फाइलर से उन्हें सही आकार दें। याद रखें, रसायन शास्त्र को काटने से वे टूट सकते हैं, इसलिए यह काम पानी में पैर खरीदने से पहले ही करें। फ़ुट बाथ कोलेबम के रस से साफ़ करें एक टैब में प्रभाव गुनगुना पानी लें। इसमें लिटिल सा माइल्ड कील, एक ओरिएंटल सेंधा नमक और आधे का रस मिला हुआ होता है। यदि आपके पास कोई एसेंशियल तेल है, तो उसकी 2-3 बूंदें भी डाली जा सकती हैं। अब अपने यात्रियों को 15-20 मिनट के लिए इस पानी में डबकर रखें। यह थका हुआ त्वचा को दूर रखेगा और मृत त्वचा को पोषण देगा। इन्वेस्टमेंट करके सिक्न को डिज़ाइन सॉफ्ट जब त्वचा नैयर हो जाए, तो एक फुट के ब्रश या पुराने टूथब्रश की मदद से ट्रस्ट के आसपास की गंदगी साफ करें। अब पुमिस स्टोन का उपयोग करके अभिनेताओं की सख्ती और फटी त्वचा को धीरे-धीरे-धीरे-धीरे खींचते हैं। दांतों की ऊपरी त्वचा के लिए आप घर पर लिपस्टिक का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह डेड स्कीनल सेल्स को आपके स्टिलिट्स को कोमल बनाता है। फ़ुट मास्क से टैनिंग हटाएँ सांख्यिकी के बाद आतंकवादियों को समुद्री पानी से धो लें। अब आप मुल्तानी मिट्टी या बेसन और हल्दी का पैक पा सकते हैं। इसे 10 मिनट तक अनइंस्टॉल करें और फिर धो लें। यह स्टैप एज़ट की टैनिंग हटाने में बहुत इज़ाजत है। नौकरी और नौकरी जरूरी है पेडीक्योर का सबसे अहम हिस्सा है भूखन। आदिवासियों को तौलिए से सुखाकर अच्छी क्वालिटी की फुट क्रीम या नारियल तेल से 5-10 मिनट तक मालिश करें। मसाज से रक्त संचार बढ़ जाता है और एक दृष्टि प्रतिबिंब की समस्या जड़ से ख़त्म हो जाती है। नेल पेंट और फिनिशिंग से पूरी तरह से पेडिक्योर अंतिम रूप से आप अपने पसंदीदा रंग का नेल पेंट विवरण देखें। सबसे पहले बेस कोट आउटफिट, फिर नेल कलर और फाइनल में टॉप कोट। इससे पहले बर्बादी में चमक बनी रही और लंबे समय तक टिकेगा तक पेंट किया गया। ये भी पढ़ें –हनुमान जयंती 2026 चालीसा: हनुमान जयंती के दिन जरूर करें इस चालीसा का पाठ, जीवन में आ रही बाधाएं दूर (टैग्सटूट्रांसलेट)सौंदर्य उपचार(टी)घरेलू उपचार(टी)जीवनशैली(टी)त्वचा की देखभाल(टी)घर पर पेडीक्योर(टी)घरेलू उपचार(टी)पेडीक्योर घर पर चरण दर चरण पेडीक्योर(टी)फटी एड़ियां पेडीक्योर(टी)गंदे नाखून हटाने के टिप्स
गर्मी में पेट की हर समस्या का जड़ से इलाज! दही में भूनकर मिला दें ये चीज, चेहरे पर आ जाएगा ग्लो

Last Updated:March 30, 2026, 22:55 IST गर्मियों का मौसम आते ही पेट से जुड़ी परेशानियां तेजी से बढ़ जाती हैं. भूख कम लगना, गैस, अपच, पेट फूलना और लगातार थकान जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. ऐसे में लोग दवाइयों या ठंडे पेय पर निर्भर हो जाते हैं, लेकिन एक आसान और देसी नुस्खा इन सभी परेशानियों में राहत दे सकता है. दही और भुने जीरे का यह साधारण सा कॉम्बिनेशन पाचन तंत्र को मजबूत करने के साथ शरीर को ठंडक और एनर्जी देने में मदद करता है. आयुर्वेद में भी इसे पेट के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है. ख़बरें फटाफट वजन और इम्युनिटी के लिए भी फायदेमंद. गर्मी के मौसम में शरीर पर कई तरह के असर देखने को मिलते हैं. इस दौरान अक्सर लोगों को भूख कम लगने लगती है, पेट में भारीपन महसूस होता है, गैस और अपच जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं और शरीर में कमजोरी भी आने लगती है. ऐसे में पाचन को दुरुस्त रखने और शरीर को ठंडक देने वाले घरेलू उपाय काफी मददगार साबित होते हैं. इन्हीं में से एक आसान और असरदार उपाय है दही के साथ भुना हुआ जीरा खाना. यह साधारण सा मिश्रण आयुर्वेद में पाचन सुधारने और पेट की समस्याओं से राहत देने के लिए बहुत उपयोगी माना गया है. दही एक प्राकृतिक प्रोबायोटिक है जो आंतों के लिए बहुत फायदेमंद होता है. यह शरीर को ठंडक देता है और अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करता है. वहीं भुना हुआ जीरा पाचन शक्ति को मजबूत करता है और गैस, एसिडिटी तथा पेट फूलने जैसी समस्याओं को कम करने में सहायता करता है. जब इन दोनों को साथ में लिया जाता है, तो यह कॉम्बिनेशन पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और गर्मी से होने वाली पेट की परेशानियों को काफी हद तक कम कर देता है. गर्मी में क्यों फायदेमंद है यह उपायगर्मी में बाहर के प्रोसेस्ड और शुगर वाले पेय पदार्थों की बजाय दही और जीरे का यह घरेलू नुस्खा ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है. यह पेट को स्वस्थ रखने के साथ-साथ शरीर को दिनभर एनर्जी और ताजगी भी देता है. आयुष मंत्रालय के अनुसार भी दही और भुना जीरा पाचन और इम्युनिटी के लिए बेहद लाभकारी होते हैं. अपच और गैस में असरदारइस मिश्रण का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह अपच और गैस की समस्या को काफी हद तक कम करता है. भुना जीरा पेट में बनने वाली गैस को नियंत्रित करता है और दही के साथ मिलकर भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है. जिन लोगों को खाना खाने के बाद भारीपन या ब्लोटिंग की समस्या होती है, उनके लिए यह घरेलू उपाय बहुत उपयोगी हो सकता है. भूख बढ़ाने और मेटाबॉलिज्म सुधारने में मददगारगर्मियों में कई लोगों को भूख नहीं लगती. ऐसे में जीरा मेटाबॉलिज्म को तेज करता है जिससे पाचन प्रक्रिया बेहतर होती है और भूख बढ़ती है. दही के साथ इसका सेवन शरीर को हल्का महसूस कराता है और खाने की इच्छा को संतुलित करता है. वजन और इम्युनिटी के लिए भी फायदेमंददही और जीरा का यह मिश्रण वजन नियंत्रण में भी मदद करता है. जीरा मेटाबॉलिज्म बढ़ाकर कैलोरी बर्न करने की प्रक्रिया को तेज करता है. साथ ही इसमें मौजूद पोषक तत्व इम्युनिटी को मजबूत बनाते हैं. यह कॉम्बिनेशन शरीर को संक्रमण से बचाता है और गर्मियों में होने वाली कमजोरी व थकान को कम करता है. दही शरीर को ठंडक देता है जबकि जीरा पसीने के जरिए निकलने वाले जरूरी मिनरल्स की भरपाई करता है. इससे डिहाइड्रेशन की समस्या कम होती है और शरीर लंबे समय तक एनर्जेटिक बना रहता है. कैसे करें सेवनइसे बनाने के लिए एक चम्मच भुना हुआ जीरा लेकर उसे अच्छे से पीस लें. फिर एक कटोरी ताजे दही में इसे मिलाएं और स्वाद के लिए थोड़ा काला नमक डाल सकते हैं. इसे सुबह नाश्ते के साथ या दोपहर के भोजन के बाद लिया जा सकता है. नियमित सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर हल्का और फिट महसूस करता है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : March 30, 2026, 22:55 IST
मल्हारगंज में होटल के गोदाम में लगी आग:, फायर ब्रिगेड मौके पर रहवासी इलाके की, बिजली सप्लाई बंद

शहर के मल्हारगंज थाना क्षेत्र की गली नंबर 3 में स्थित होटल वर्ल्ड किचन के गोदाम में सोमवार रात अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। आग की खबर मिलते ही बिजली विभाग ने तत्काल इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी, ताकि किसी तरह का बड़ा हादसा न हो। वहीं सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर हटाया गया। होटल वर्ल्ड पर होटल से संबधित सामान बेचा जाता है। मल्हारगंज इलाके में उनका तीन मंजिला गोदाम बना हुआ है। रहवासी क्षेत्र होने से बढ़ी चिंता जिस स्थान पर आग लगी है, उसके आसपास घनी आबादी है। ऐसे में आग फैलने की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर हैफायर ब्रिगेड की टीम लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। स्थिति पर काबू पाने के बाद ही नुकसान का आंकलन किया जा सकेगा।








