सोना ₹189 गिरकर ₹1.42 लाख पर आया:चांदी ₹680 बढ़कर ₹2.20 लाख किलो पर पहुंची, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत

सोने के दाम में आज यानी 16 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 189 रुपए गिरकर 1.42 लाख रुपए पर आ गया है। वहीं एक किलो चांदी 680 रुपए बढ़कर 2.20 लाख रुपए पर पहुंच गई है। सोना इस साल ₹9 हजार महंगा हुआ इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 9 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 10 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.20 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह सोने-चांदी में एकमुश्त निवेश से बचें कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
दीपिका ने क्या सोनम वांगचुक के सपोर्ट में किया पोस्ट:सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल; दावा- एक्ट्रेस ने कुछ ही मिनटों में डिलीट किया

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच सोशल मीडिया पर अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को लेकर एक दावा वायरल हो रहा है। इंटरनेट पर दीपिका की कथित इंस्टाग्राम स्टोरी का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया जा रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि दीपिका ने सोनम वांगचुक का समर्थन किया और देश के नेतृत्व पर सवाल उठाए। यूजर्स का कहना है कि उन्होंने इसे पोस्ट करने के कुछ ही मिनटों बाद डिलीट कर दिया। हालांकि, जांच में यह दावा पूरी तरह झूठा पाया गया है। दीपिका के ऑफिशियल अकाउंट पर ऐसी कोई पोस्ट नहीं की गई थी। वायरल स्क्रीनशॉट में क्या दावा किया गया बुधवार से सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट तेजी से फैल रहा है। इसमें दिख रहा है कि दीपिका ने सोनम वांगचुक से जुड़ी एक पोस्ट को री-शेयर किया है। स्क्रीनशॉट के मुताबिक, पोस्ट पर लिखा है, “वे उपवास कर रहे हैं और हम स्क्रॉल कर रहे हैं।” इसके साथ ही कथित तौर पर दीपिका का कैप्शन भी लिखा है, जिसमें लिखा है, “इस बारे में कोई बात क्यों नहीं कर रहा है? हम लोकतंत्र के सबसे काले दौर से गुजर रहे हैं। किसी फेल लीडर की तारीफ में कितनी भी फिल्में बना ली जाएं, हकीकत नहीं बदलती।” जांच में फेक निकला वायरल स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर चल रही इस बहस के बीच जब हकीकत का पता लगाया गया, तो मामला पूरी तरह फर्जी निकला। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दीपिका पादुकोण के वेरिफाइड इंस्टाग्राम अकाउंट और उनके सोशल मीडिया आर्काइव रिकॉर्ड्स की जांच की गई। इसमें ऐसी किसी भी पोस्ट या स्टोरी का कोई सबूत नहीं मिला। फैक्ट चेक के मुताबिक, वायरल हो रहा स्क्रीनशॉट पूरी तरह से डिजिटल तरीके से एडिट किया गया है। दीपिका की ओर से ऐसा कोई बयान या पोस्ट जारी नहीं किया गया था। इंटरनेट पर किया जा रहा दावा पूरी तरह से गलत है। वांगचुक के सपोर्ट में आए कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज हालांकि कॉकरोच जनता पार्टी के साथ चल रहे इस आंदोलन को अब बॉलीवुड सेलिब्रिटीज का समर्थन मिल रहा है। मंगलवार को अभिनेत्री स्वरा भास्कर खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और सोनम वांगचुक से मुलाकात की। वहीं, आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान, शबाना आजमी और रूबीना दिलैक जैसी एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर सोनम वांगचुक से अपना अनशन खत्म करने की भावुक अपील की है। उनका कहना है कि देश को सोनम जैसे सच्चे लोगों की बहुत जरूरत है। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं स्वरा भास्कर मंगलवार को अभिनेत्री स्वरा भास्कर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने वहां पहुंचकर सोनम वांगचुक और अभिजीत से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें कॉकरोच जनता पार्टी के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर की गईं। इसके कैप्शन में लिखा गया कि बेबाक और निडर अभिनेत्री स्वरा भास्कर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। स्वरा ने इस पोस्ट को अपने इंस्टाग्राम स्टेटस पर भी शेयर किया। उन्होंने अभिजीत का आभार जताते हुए लिखा कि हमारे बच्चों के भविष्य के लिए लड़ने के लिए आपका धन्यवाद। सोनम वांगचुक के लिए उन्होंने लिखा कि वे अथक रूप से बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं, मेरी पूरी एकजुटता उनके साथ है। सोनी राजदान ने की भावुक अपील सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर अब चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को अभिनेत्री सोनी राजदान ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर उनसे अनशन खत्म करने की अपील की। सोनी राजदान ने लिखा कि प्रिय सोनम वांगचुक, हम सब आपके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते हैं। कृपया हमें इस तरह छोड़कर न जाएं। आगे की लड़ाई लड़ने के लिए आपका जीवित रहना जरूरी है, इसलिए आज ही अपना अनशन समाप्त करें। उन्होंने पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा कि हमें आपकी जरूरत है, हमें छोड़कर मत जाइए। लड़ाई लंबी, सेहतमंद रहना जरूरी दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने भी इंस्टाग्राम पर सोनम वांगचुक के समर्थन में एक संदेश लिखा। शबाना ने लिखा कि प्रिय सोनम वांगचुक, आपके जैसे व्यक्ति की हमारे देश को बहुत जरूरत है। आप नाइंसाफी के खिलाफ और सच के लिए खड़े हैं, हमें आप पर गर्व है। हम आपसे विनती करते हैं कि आप अपना अनशन तोड़ दें, क्योंकि हमारे छात्रों के लिए आपका मार्गदर्शन उनका हौसला बढ़ाता है। उन्होंने आगे लिखा कि यह लड़ाई आगे तक लड़नी है, इसलिए आपका सेहतमंद रहना बहुत जरूरी है, हम आपके साथ हैं। फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने भी सोनम वांगचुक का समर्थन किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक की कई तस्वीरें शेयर कीं और इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट लिखा। अनुराग ने लिखा, एक समय था जब भूख हड़ताल का बहुत मतलब होता था। कोई भी यूं ही भूख हड़ताल पर नहीं बैठता। यह बहुत दुख की बात है कि व्यवस्था लोगों की जिंदगी के प्रति इतनी बेपरवाह हो गई है। उन्होंने आगे लिखा, सिर्फ वही इंसान ऐसा कदम उठा सकता है, जिसके अंदर दूसरों के लिए संवेदना हो और जो सच और न्याय पर भरोसा रखता हो। मुझमें वह हिम्मत नहीं है, जो सोनम वांगचुक दिखा रहे हैं। लेकिन सत्ता में बैठे लोगों की चुप्पी इतनी गूंजती हुई है कि वह उनकी गलती और लोगों की जान की परवाह न करने वाली सोच को दिखाती है। मैं सोनम वांगचुक जैसे बहादुर इंसान के साथ खड़ा हूं। नसीरुद्दीन, अरुंधति और रूबीना का भी मिला समर्थन टेलीविजन अभिनेत्री रूबीना दिलैक ने भी इंस्टाग्राम पर सोनम वांगचुक का समर्थन किया है। उन्होंने लिखा कि वे एक असली हीरो हैं, उन्हें देश की भलाई के लिए लड़ते हुए इस तरह मत मरने दीजिए। रूबीना ने अभिनेत्री जीनत अमान के एक पोस्ट को भी शेयर किया, जिसमें सरकार से पर्यावरण कार्यकर्ता के साथ शांतिपूर्ण बातचीत करने का अनुरोध किया गया था। इनके अलावा अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, लेखिका अरुंधति रॉय ने भी सोनम वांगचुक से अपना अनिश्चितकालीन अनशन वापस लेने का आग्रह किया है। ये खबर भी पढ़ें 3 इडियट्स के ‘चतुर’ बोले-नहीं चाहता फुंसुख वांगडू मर जाएं:जीनत अमान ने कहा- अपने अच्छे दिमाग को चुपचाप मरते हुए मत देखिए लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज यानी 14 जुलाई को 17वां दिन है। NEET पेपर लीक मुद्दे पर कॉकरोच जनता
दीपिका ने क्या सोनम वांगचुक के सपोर्ट में किया पोस्ट:सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल; दावा- एक्ट्रेस ने कुछ ही मिनटों में डिलीट किया

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच सोशल मीडिया पर अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को लेकर एक दावा वायरल हो रहा है। इंटरनेट पर दीपिका की कथित इंस्टाग्राम स्टोरी का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया जा रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि दीपिका ने सोनम वांगचुक का समर्थन किया और देश के नेतृत्व पर सवाल उठाए। यूजर्स का कहना है कि उन्होंने इसे पोस्ट करने के कुछ ही मिनटों बाद डिलीट कर दिया। हालांकि, जांच में यह दावा पूरी तरह झूठा पाया गया है। दीपिका के ऑफिशियल अकाउंट पर ऐसी कोई पोस्ट नहीं की गई थी। वायरल स्क्रीनशॉट में क्या दावा किया गया बुधवार से सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट तेजी से फैल रहा है। इसमें दिख रहा है कि दीपिका ने सोनम वांगचुक से जुड़ी एक पोस्ट को री-शेयर किया है। स्क्रीनशॉट के मुताबिक, पोस्ट पर लिखा है, “वे उपवास कर रहे हैं और हम स्क्रॉल कर रहे हैं।” इसके साथ ही कथित तौर पर दीपिका का कैप्शन भी लिखा है, जिसमें लिखा है, “इस बारे में कोई बात क्यों नहीं कर रहा है? हम लोकतंत्र के सबसे काले दौर से गुजर रहे हैं। किसी फेल लीडर की तारीफ में कितनी भी फिल्में बना ली जाएं, हकीकत नहीं बदलती।” जांच में फेक निकला वायरल स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर चल रही इस बहस के बीच जब हकीकत का पता लगाया गया, तो मामला पूरी तरह फर्जी निकला। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दीपिका पादुकोण के वेरिफाइड इंस्टाग्राम अकाउंट और उनके सोशल मीडिया आर्काइव रिकॉर्ड्स की जांच की गई। इसमें ऐसी किसी भी पोस्ट या स्टोरी का कोई सबूत नहीं मिला। फैक्ट चेक के मुताबिक, वायरल हो रहा स्क्रीनशॉट पूरी तरह से डिजिटल तरीके से एडिट किया गया है। दीपिका की ओर से ऐसा कोई बयान या पोस्ट जारी नहीं किया गया था। इंटरनेट पर किया जा रहा दावा पूरी तरह से गलत है। वांगचुक के सपोर्ट में आए कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज हालांकि कॉकरोच जनता पार्टी के साथ चल रहे इस आंदोलन को अब बॉलीवुड सेलिब्रिटीज का समर्थन मिल रहा है। मंगलवार को अभिनेत्री स्वरा भास्कर खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और सोनम वांगचुक से मुलाकात की। वहीं, आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान, शबाना आजमी और रूबीना दिलैक जैसी एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर सोनम वांगचुक से अपना अनशन खत्म करने की भावुक अपील की है। उनका कहना है कि देश को सोनम जैसे सच्चे लोगों की बहुत जरूरत है। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं स्वरा भास्कर मंगलवार को अभिनेत्री स्वरा भास्कर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने वहां पहुंचकर सोनम वांगचुक और अभिजीत से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें कॉकरोच जनता पार्टी के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर की गईं। इसके कैप्शन में लिखा गया कि बेबाक और निडर अभिनेत्री स्वरा भास्कर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। स्वरा ने इस पोस्ट को अपने इंस्टाग्राम स्टेटस पर भी शेयर किया। उन्होंने अभिजीत का आभार जताते हुए लिखा कि हमारे बच्चों के भविष्य के लिए लड़ने के लिए आपका धन्यवाद। सोनम वांगचुक के लिए उन्होंने लिखा कि वे अथक रूप से बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं, मेरी पूरी एकजुटता उनके साथ है। सोनी राजदान ने की भावुक अपील सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर अब चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को अभिनेत्री सोनी राजदान ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर उनसे अनशन खत्म करने की अपील की। सोनी राजदान ने लिखा कि प्रिय सोनम वांगचुक, हम सब आपके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते हैं। कृपया हमें इस तरह छोड़कर न जाएं। आगे की लड़ाई लड़ने के लिए आपका जीवित रहना जरूरी है, इसलिए आज ही अपना अनशन समाप्त करें। उन्होंने पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा कि हमें आपकी जरूरत है, हमें छोड़कर मत जाइए। लड़ाई लंबी, सेहतमंद रहना जरूरी दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने भी इंस्टाग्राम पर सोनम वांगचुक के समर्थन में एक संदेश लिखा। शबाना ने लिखा कि प्रिय सोनम वांगचुक, आपके जैसे व्यक्ति की हमारे देश को बहुत जरूरत है। आप नाइंसाफी के खिलाफ और सच के लिए खड़े हैं, हमें आप पर गर्व है। हम आपसे विनती करते हैं कि आप अपना अनशन तोड़ दें, क्योंकि हमारे छात्रों के लिए आपका मार्गदर्शन उनका हौसला बढ़ाता है। उन्होंने आगे लिखा कि यह लड़ाई आगे तक लड़नी है, इसलिए आपका सेहतमंद रहना बहुत जरूरी है, हम आपके साथ हैं। फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने भी सोनम वांगचुक का समर्थन किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक की कई तस्वीरें शेयर कीं और इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट लिखा। अनुराग ने लिखा, एक समय था जब भूख हड़ताल का बहुत मतलब होता था। कोई भी यूं ही भूख हड़ताल पर नहीं बैठता। यह बहुत दुख की बात है कि व्यवस्था लोगों की जिंदगी के प्रति इतनी बेपरवाह हो गई है। उन्होंने आगे लिखा, सिर्फ वही इंसान ऐसा कदम उठा सकता है, जिसके अंदर दूसरों के लिए संवेदना हो और जो सच और न्याय पर भरोसा रखता हो। मुझमें वह हिम्मत नहीं है, जो सोनम वांगचुक दिखा रहे हैं। लेकिन सत्ता में बैठे लोगों की चुप्पी इतनी गूंजती हुई है कि वह उनकी गलती और लोगों की जान की परवाह न करने वाली सोच को दिखाती है। मैं सोनम वांगचुक जैसे बहादुर इंसान के साथ खड़ा हूं। नसीरुद्दीन, अरुंधति और रूबीना का भी मिला समर्थन टेलीविजन अभिनेत्री रूबीना दिलैक ने भी इंस्टाग्राम पर सोनम वांगचुक का समर्थन किया है। उन्होंने लिखा कि वे एक असली हीरो हैं, उन्हें देश की भलाई के लिए लड़ते हुए इस तरह मत मरने दीजिए। रूबीना ने अभिनेत्री जीनत अमान के एक पोस्ट को भी शेयर किया, जिसमें सरकार से पर्यावरण कार्यकर्ता के साथ शांतिपूर्ण बातचीत करने का अनुरोध किया गया था। इनके अलावा अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, लेखिका अरुंधति रॉय ने भी सोनम वांगचुक से अपना अनिश्चितकालीन अनशन वापस लेने का आग्रह किया है। ये खबर भी पढ़ें 3 इडियट्स के ‘चतुर’ बोले-नहीं चाहता फुंसुख वांगडू मर जाएं:जीनत अमान ने कहा- अपने अच्छे दिमाग को चुपचाप मरते हुए मत देखिए लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज यानी 14 जुलाई को 17वां दिन है। NEET पेपर लीक मुद्दे पर कॉकरोच जनता
डीजल-ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ी, पेट्रोल पर कम हुई:देश में फ्यूल की कमी रोकने के लिए लिया फैसला, नई दरें 16 जुलाई से लागू

केंद्र सरकार ने डीजल और विमान ईंधन यानी ATF के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी में बढ़ोतरी की है। वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लगने वाले टैक्स को कम कर दिया है। डीजल के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी ₹8.50 से बढ़ाकर ₹15.50 प्रति लीटर कर दी है। यानी इसमें प्रति लीटर 7 रुपए का इजाफा किया गया है। इसी तरह ATF यानी हवाई जहाज के ईंधन पर एक्सपोर्ट ड्यूटी ₹7.50 से बढ़ाकर ₹14.50 प्रति लीटर कर दी गई है। हालांकि, पेट्रोल एक्सपोर्टर्स को थोड़ी राहत देते हुए इस पर लगने वाली ड्यूटी को ₹4 से घटाकर ₹2.50 प्रति लीटर की है। ईंधन की ये नई दरें 16 जुलाई से देश भर में लागू हो गई हैं। हर 15 दिन में होती है समीक्षा सरकार का कहना है कि कच्चे तेल के संकट को देखते हुए देश के भीतर पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कोई कमी न हो, इसलिए यह फैसला लिया गया है ताकि कंपनियां घरेलू बाजार की जगह बाहर तेल बेचने को तरजीह न दें। सरकार की ओर से हर 15 दिन में ड्यूटी यानी टैक्स की समीक्षा करती है। मार्च में लगा था टैक्स वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि 27 मार्च को सरकार ने स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) और रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस (RIC) के रूप में यह एक्सपोर्ट लेवी शुरू की थी। इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना था। पश्चिम एशिया संकट के चलते वैश्विक स्तर पर पैदा हुए हालात के बीच कंपनियां मुनाफे के लिए देश से बाहर ज्यादा तेल न भेजें, इसी को रोकने के लिए टैक्स लगाया गया था। हर 15 दिन में तय होती हैं कीमतें, पिछली समीक्षा 1 जुलाई को हुई थी मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ की औसत अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर हर 15 दिन में इन ड्यूटी दरों की समीक्षा की जाती है। पिछली समीक्षा के बाद 1 जुलाई 2026 को नई दरें लागू की गई थीं, जिसके बाद अब 16 जुलाई से शुरू होने वाले पखवाड़े के लिए ये नए बदलाव किए गए हैं। इसका आम आदमी पर कोई असर नहीं चूंकि यह सिर्फ ‘एक्सपोर्ट’ यानी देश से बाहर भेजे जाने वाले ईंधन पर टैक्स है और घरेलू इंपोर्ट ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं हुआ है, इसलिए भारत के पेट्रोल पंपों पर आम ग्राहकों के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।
अमेरिका ने ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की:जवाब में तेहरान का बहरीन-कुवैत में मिसाइल हमला, जॉर्डन ने 3 मिसाइलें गिराईं

अमेरिका ने गुरुवार तड़के ईरान में सैन्य ठिकानों पर एक बार फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, हमलों में मिसाइल लॉन्च साइट, रक्षा ठिकाने और सिस्तान-बलूचिस्तान में 388वीं ब्रिगेड की बैरक को निशाना बनाया गया। जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया। बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया, जबकि जॉर्डन ने तीन ईरानी मिसाइलें मार गिराने की जानकारी दी। इस बीच ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अगर अमेरिका पीछे नहीं हटता, तो ईरान बड़े सैन्य टकराव के लिए तैयार है। वहीं, रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो मिडिल-ईस्ट से तेल और गैस का निर्यात भी रोका जा सकता है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. होर्मुज में जहाज नहीं भेज रहीं कंपनियां: ईरानी हमलों के बाद कई शिपिंग कंपनियां होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए अमेरिका की सुरक्षा लेने से भी बच रही हैं। 2. अमेरिकी हमलों में 35 ईरानी लोगों की मौत: ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि हाल के दिनों में हुए अमेरिकी हवाई हमलों में 35 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। 3. ईरान जंग के बाद पहली बार अमेरिका जाएंगे नेतन्याहू: इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू शनिवार को अमेरिका जाएंगे। वे दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम को श्रद्धांजलि देने जा रहे हैं। 4. अचानक कतर पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री: अब्बास अराघची अचानक कतर की राजधानी दोहा पहुंचे। वह कतर के पूर्व अमीर हमद बिन खलीफा अल थानी के सम्मान में आयोजित एक समारोह में हिस्सा लेंगे। 5. लापता भारतीय नाविक के मौत की पुष्टि: ओमान के तट के पास कारोबारी जहाज GFS गैलेक्सी पर 12 जुलाई को हुए हमले के बाद लापता हुए एक भारतीय नाविक की मौत की पुष्टि हो गई है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
अमेरिका-कनाडा में 2 पंजाबी गैंगस्टर पर कार्रवाई:ढांडा की ₹61 करोड़ की प्रापर्टी होगी सीज, नितिश कौशल मोस्ट वांटेड की लिस्ट में

पंजाब के गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के कनाडा स्थित राइट हैंड नितिश कौशल के खिलाफ FBI ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरदासपुर निवासी नितिश कौशल को जग्गू गैंग को कनाडा में ऑपरेट करने के आरोपों के चलते मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया गया है। वहीं, ‘ऑपरेशन हार्ड बाल’ के तहत पंजाबी मूल के गैंगस्टर रविंदर सिंह ढांडा की करीब 6.4 मिलियन डॉलर (61.60 करोड़ रुपए ) की संपत्ति सीज करने के आदेश जारी किए गए हैं। दोनों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश 15 जुलाई को दिए गए। ढांडा पर ड्रग ट्रैफिकिंग ऑर्गनाइजेशन चलाने का आरोप FBI ने ‘ऑपरेशन हार्ड बाल’ के तहत भारत आधारित अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट्स पर कार्रवाई तेज कर दी है। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में सक्रिय रविंदर सिंह ढांडा पर ड्रग ट्रैफिकिंग ऑर्गनाइजेशन चलाने का आरोप है। उस पर अमेरिका-कनाडा सीमा के जरिए सैकड़ों किलो कोकीन और मेथामफेटामाइन की तस्करी में शामिल होने के आरोप हैं। प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी चल रही है ढांडा को 7 जुलाई 2026 को ब्रिटिश कोलंबिया में गिरफ्तार किया गया था और उसके खिलाफ प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी चल रही है। वहीं, ब्रिटिश कोलंबिया सरकार उसकी करोड़ों रुपए की संपत्तियों को सिविल फॉरफीचर के तहत जब्त करने की तैयारी कर रही है। भगवानपुरिया गैंग से जुड़े नितिश पर हत्या सहित कई केस बता दें कि ‘ऑपरेशन हार्ड बाल’ के तहत FBI ने भगवानपुरिया गैंग से जुड़े नितिश कौशल के खिलाफ भी कार्रवाई की है। उसे गिरफ्तारी वारंट जारी कर मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया गया है। कौशल पर आरोप है कि वह भारतीय जेल में बंद जग्गू भगवानपुरिया के सिंडिकेट को कनाडा से ऑपरेट करता है। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, ड्रग तस्करी, रंगदारी, हथियारों की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। FBI ने उसे खतरनाक अपराधी बताते हुए उसके बारे में जानकारी देने वालों के लिए इनाम की घोषणा भी की है। ढांडा और जग्गू की गैंग पर भी कार्रवाई FBI ने ‘ऑपरेशन हार्ड बाल’ के तहत कुल 37 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसमें गैंगस्टर लॉरेंस, जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर सिंह ढांडा के नेटवर्क से जुड़े लोग भी शामिल हैं। अब तक 24 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 10 आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। गैंग भारतीय समुदाय को निशाना बना रहे यह कार्रवाई अमेरिका, कनाडा और यूरोप की एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से की गई थी। इस दौरान 1 हजार किलो से अधिक ड्रग्स, हथियार और नकदी बरामद की गई। अमेरिकी अटॉर्नी ने कहा कि जेलों से संचालित हो रहे ये गैंग भारतीय समुदाय को निशाना बना रहे थे।
सूजी कचौरी रेसिपी: मैदे वाली कचौड़ी छोड़ें, घर पर बनाएं सूजी की कचौड़ी, खाने वाले वाली कचौड़ी, जानें आसान रेसिपी

आवश्यक सामग्री 1 कप सूजी2 कप पानी1 मूल तेलआधा हिस्सानमक का स्वादस्टफिंग के लिए आलू आलू, तरबूज प्याज, हरी मिर्च, धनिया पत्ता और अपनी पसंद के अन्य छवि: ऐ गरम करें 2 कप पानी गर्म करने के लिए. इसमें नमक, मिश्रण और 1 मसाला तेल डालें। पानी में धीरे-धीरे आते रहें- 1 कप सूजी डालें और लगातार पीते रहें। सूजी सारा पानी सोख ले और जैसा दो हो जाए। छवि: एआई आलू मैश करें, कटा प्याज, हरी मिर्च, नमक, लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला और साबुत सारि धनिया के पत्ते। मसाले वाले मटर या पनीर की दाल भी खा सकते हैं. इस मिक्चर को अच्छे से मिक्स करके छोटे लोइयों का आकार बताएं। छवि: एआई सूजी का मिक्चर ठंडा हो जाए तो तेल लगा लें इसे आटे की तरह गूंथ लें। अब छोटी लोई तोड़ें और इसमें आलू की स्टफिंग रखें। बच्चे को ऊपर की तरफ घुमाते हुए बंद कर दें और पावरफुल कचौड़ी का आकार तय कर लें। छवि: एआई कच्चे ही में तेल गरम करें। तेल को गर्म करना चाहिए। अब तैयार कचौड़ी को गरम तेल में डालें और मसाले पर सुनहरा भूरा होने तक तलें। बदनामी पर तलने से सूजी की कचौड़ी लंबे समय तक कुकुरी बनी रहती है। छवि: एआई अब सुपर क्रिस्पी सूजी की कचौड़ी तैयार है. इसे आप अपने मनपसंद हरी चटनी या इमली की खट्टी-मीठी चटनी के साथ सर्व करें। यकीन मानिए, जो भी इसे खाएगा, आपका सितारा बिना नहीं रहेगा। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)सूजी कचौरी रेसिपी(टी)कुरकुरी सूजी कचौरी(टी)सूजी स्नैक रेसिपी(टी)घर पर आसान कचौरी रेसिपी(टी)चाय के समय स्नैक्स(टी)स्वस्थ कचौरी विकल्प(टी)त्वरित भारतीय नाश्ता रेसिपी
यूक्रेन के हमले से रूस में भी होर्मुज जैसा संकट:एजोव सागर में जहाजों की आवाजाही रुकी, 9 दिन में 116 जहाजों पर हमले किए

यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमलों के बाद रूस को बड़ा झटका लगा है। इस सप्ताह हमलों की वजह से रूस को एजोव सागर के अहम समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही रोकनी पड़ी। इससे दुनिया के दूसरे देशों के साथ रूस का व्यापार प्रभावित होने लगा है। एजोव सागर लंबे समय तक यूक्रेन की पहुंच से बाहर रहा था। रूस इसी समुद्री रास्ते का इस्तेमाल यूक्रेन पर हमले करने और दक्षिणी रूस से तेल, गेहूं, स्टील, सूरजमुखी का तेल और दूसरे सामान दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने के लिए करता था। लेकिन हाल के महीनों में यूक्रेन के ड्रोन हमले काफी प्रभावी हो गए हैं और अब इस समुद्री रास्ते पर भी रूस का दबदबा कमजोर पड़ने लगा है। यूक्रेन की ड्रोन सेना के कमांडर रॉबर्ट ब्रोवदी ने बुधवार को दावा किया कि पिछले 9 दिनों में एजोव सागर में रूस के 116 जहाजों को निशाना बनाया गया है। पहले यूक्रेन के हमले मुख्य रूप से रूस के शैडो ऑयल टैंकरों और युद्धपोतों तक सीमित थे, लेकिन अब हमलों का दायरा बढ़ गया है। रूस के दो अहम समुद्री रास्ते बंद लगातार हमलों के बाद रूस ने डॉन-एजोव चैनल और केर्च स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही रोक दी है। सैटेलाइट तस्वीरों और जहाजों की ट्रैकिंग करने वाली बेवसाइट्स के मुताबिक, इन दोनों रास्तों के दोनों ओर बड़ी संख्या में जहाज फंसे हुए हैं और आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसका असर सिर्फ रूस के तेल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा। इससे गेहूं, सूरजमुखी के तेल और दूसरे कृषि उत्पादों के निर्यात पर भी असर पड़ सकता है, जिन पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंध लागू नहीं हैं। अमेरिका के इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) का कहना है कि यूक्रेन के हमलों का मकसद क्रीमिया को रूस की सप्लाई लाइन से अलग करना और समुद्री रास्तों से होने वाले तेल व अनाज के निर्यात को बाधित करना है। रूस दुनिया का सबसे बड़ा गेहूं निर्यातक है और वैश्विक गेहूं निर्यात का लगभग 20% हिस्सा अकेले रूस से आता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस के करीब 25% गेहूं का निर्यात एजोव सागर के रास्ते होता है। अगर यह संकट जारी रहा तो रूस को अरबों डॉलर का आर्थिक नुकसान हो सकता है। गेहूं की कीमतें बढ़ने लगीं एजोव सागर में संकट बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं के वायदा भाव (फ्यूचर्स) भी बढ़ने लगे हैं। रूस का दावा है कि वह अपने गेहूं का निर्यात ब्लैक सी के दूसरे बंदरगाहों से कर सकता है। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि निर्यात के सबसे व्यस्त मौसम में दूसरे बंदरगाहों की क्षमता इतनी नहीं है कि वे पूरा भार संभाल सकें।
यूक्रेन के हमले से रूस में भी होर्मुज जैसा संकट:एजोव सागर में जहाजों की आवाजाही रुकी, 9 दिन में 116 जहाजों पर हमले किए

यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमलों के बाद रूस को बड़ा झटका लगा है। इस सप्ताह हमलों की वजह से रूस को एजोव सागर के अहम समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही रोकनी पड़ी। इससे दुनिया के दूसरे देशों के साथ रूस का व्यापार प्रभावित होने लगा है। एजोव सागर लंबे समय तक यूक्रेन की पहुंच से बाहर रहा था। रूस इसी समुद्री रास्ते का इस्तेमाल यूक्रेन पर हमले करने और दक्षिणी रूस से तेल, गेहूं, स्टील, सूरजमुखी का तेल और दूसरे सामान दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने के लिए करता था। लेकिन हाल के महीनों में यूक्रेन के ड्रोन हमले काफी प्रभावी हो गए हैं और अब इस समुद्री रास्ते पर भी रूस का दबदबा कमजोर पड़ने लगा है। यूक्रेन की ड्रोन सेना के कमांडर रॉबर्ट ब्रोवदी ने बुधवार को दावा किया कि पिछले 9 दिनों में एजोव सागर में रूस के 116 जहाजों को निशाना बनाया गया है। पहले यूक्रेन के हमले मुख्य रूप से रूस के शैडो ऑयल टैंकरों और युद्धपोतों तक सीमित थे, लेकिन अब हमलों का दायरा बढ़ गया है। रूस के दो अहम समुद्री रास्ते बंद लगातार हमलों के बाद रूस ने डॉन-एजोव चैनल और केर्च स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही रोक दी है। सैटेलाइट तस्वीरों और जहाजों की ट्रैकिंग करने वाली बेवसाइट्स के मुताबिक, इन दोनों रास्तों के दोनों ओर बड़ी संख्या में जहाज फंसे हुए हैं और आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसका असर सिर्फ रूस के तेल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा। इससे गेहूं, सूरजमुखी के तेल और दूसरे कृषि उत्पादों के निर्यात पर भी असर पड़ सकता है, जिन पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंध लागू नहीं हैं। अमेरिका के इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) का कहना है कि यूक्रेन के हमलों का मकसद क्रीमिया को रूस की सप्लाई लाइन से अलग करना और समुद्री रास्तों से होने वाले तेल व अनाज के निर्यात को बाधित करना है। गेहूं की कीमतें बढ़ने लगीं रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस के करीब 25% गेहूं का निर्यात एजोव सागर के रास्ते होता है। अगर यह संकट जारी रहा तो रूस को अरबों डॉलर का आर्थिक नुकसान हो सकता है। रूस दुनिया का सबसे बड़ा गेहूं निर्यातक है और वैश्विक गेहूं निर्यात का लगभग 20% हिस्सा अकेले रूस से आता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस के करीब 25% गेहूं का निर्यात एजोव सागर के रास्ते होता है। अगर यह संकट जारी रहा तो रूस को अरबों डॉलर का आर्थिक नुकसान हो सकता है।एजोव सागर में संकट बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं के वायदा भाव (फ्यूचर्स) भी बढ़ने लगे हैं। रूस का दावा है कि वह अपने गेहूं का निर्यात ब्लैक सी के दूसरे बंदरगाहों से कर सकता है। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि निर्यात के सबसे व्यस्त मौसम में दूसरे बंदरगाहों की क्षमता इतनी नहीं है कि वे पूरा भार संभाल सकें। रूस के लिए एजोव सागर इतना खास क्यों है एजोव सी यूक्रेन और रूस के बीच स्थित एक अंदरूनी समुद्र है, जो केर्च स्ट्रेट के जरिए ब्लैक सी से जुड़ा है। 2003 में यूक्रेन और रूस ने इस समुद्री क्षेत्र को साझा इस्तेमाल करने का समझौता किया था। लेकिन 2014 में क्रीमिया पर कब्जे के बाद रूस ने इस समझौते का कई बार उल्लंघन किया। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमला करने के बाद रूस ने एजोव सागर के आसपास के लगभग पूरे यूक्रेनी तट पर कब्जा कर लिया। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे रूस का समंदर तक बता दिया था। आकार में छोटा होने के बावजूद, एजोव सागर रूस की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है। सोवियत काल में विकसित हुए नदियों और नहरों का विशाल नेटवर्क इसी समुद्री मार्ग से जुड़ता है। इसके जरिए दक्षिणी रूस से तेल, गेहूं, सूरजमुखी का तेल, इस्पात और अन्य सामान पहले ब्लैक सी और फिर दुनिया के कई देशों तक पहुंचाया जाता है।
बफेट-गेट्स की 20 साल पुरानी दोस्ती में दरार:3.5 लाख करोड़ देने वाले बफेट ने एपस्टीन जांच पूरी होने तक रोका दान

दुनिया के सबसे बड़े और सफल निवेशकों में शुमार वॉरेन बफे और माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स की दोस्ती दशकों पुरानी है। दोनों ने मिलकर ‘द गिविंग प्लेज’ शुरू किया था। यह अरबपतियों को संपत्ति दान करने के लिए प्रेरित करने वाला अभियान है। बफे खुद गेट्स फाउंडेशन के संस्थापक ट्रस्टी रह चुके हैं और 2022 तक उसे 3.46 लाख करोड़ दान में दे चुके थे। लेकिन इस साल कहानी बदल गई। बफे ने गेट्स फाउंडेशन को कुछ नहीं दिया। इसकी बजाय, 95 साल के बफे ने बर्कशायर हैथवे के करीब 6 अरब डॉलर (57,600 करोड़) के शेयर अपने परिवार से जुड़े चार फाउंडेशन को सौंप दिए। इसकी एक खास वजह है। गेट्स फाउंडेशन ने बाहरी वकीलों को बुलाकर एक जांच शुरू करवाई है। पता लगाया जा रहा है कि दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ फाउंडेशन के क्या संबंध थे। बफे इसी जांच का नतीजा आने का इंतजार कर रहे हैं। इसीलिए उन्होंने फाउंडेशन को दान रोक दिया। असल कहानी यहीं से दिलचस्प मोड़ लेती है। बफे ने इस साल मार्च में सीएनबीसी को दिए इंटरव्यू में साफ कह दिया था कि वे अब गेट्स से बात नहीं करते। उन्होंने कहा, ‘हमने साथ बहुत अच्छा वक्त बिताया, लेकिन जब तक यह मामला साफ नहीं होता, मुझे नहीं लगता कि ज्यादा बातचीत करना ठीक है।’ गेट्स ने पिछले महीने अमेरिकी संसद की एक समिति के सामने गवाही दी कि उन्हें एपस्टीन के अपराधों की जानकारी नहीं थी। बफे ने भी साफ किया कि उनकी एपस्टीन से कभी मुलाकात नहीं हुई। उन्होंने गेट्स से इस विवाद पर कभी बात नहीं की क्योंकि वे नहीं चाहते कि उन्हें गेट्स-एपस्टीन संबंधों पर गवाही देने के लिए बुलाया जाए। हालांकि उम्र और इस विवाद के बावजूद बफे की दानशीलता कम नहीं हुई है। बफे ने कहा है कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि उनके तीनों बच्चे 31 2034 तक बर्कशायर हैथवे में उनकी पूरी हिस्सेदारी बांट देंगे। फाउंडेशन के बोर्ड से हट चुके हैं 31 लाख करोड़ की संपत्ति के मालिक बफे बर्कशायर हैथवे की कुल वैल्यू करीब 1.1 ट्रिलियन डॉलर (105.7 लाख करोड़ रुपए) आंकी गई है। इसमें बफे की हिस्सेदारी लगभग 30% है। यानी अकेले उनकी हिस्सेदारी की वैल्यू 31.7 लाख करोड़ बैठती है। बफे 2021 में गेट्स फाउंडेशन के बोर्ड से इस्तीफा दे चुके हैं। लेकिन तब से हर साल हजारों करोड़ रुपए का दान जारी रखे हुए थे। लेकिन इस साल उन्होंने यह सिलसिला तोड़ दिया।








