Thursday, 10 Sep 2026 | 05:54 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Nepal-Tibet Border Landslide & Flood Disaster

Nepal-Tibet Border Landslide & Flood Disaster

काठमांडू1 घंटे पहलेलेखक: एजेंसी इनपुट्स के साथ नेपाल से रमेश पोख्रेल

  • कॉपी लिंक

नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ में 160 लोगों की मौत हो गई। नेपाल में 157 और तिब्बत में 3 लोगों की जान गई, जबकि 844 लोग अब भी लापता हैं। बाढ़ में 19 पुल, करीब 40 किलोमीटर सड़कें और 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट तबाह हो गए।

बाढ़ का पानी करीब 30 फीट तक ऊपर आ गया था। तेज बहाव में घर, गाड़ियां और सरकारी ढांचे बह गए। शुरुआत में माना जा रहा था कि बाढ़ से पहले भूकंप आया था, लेकिन अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक चीन की तरफ ल्हेंदे नदी में पहाड़ का बड़ा हिस्सा खिसककर गिरा था।

इसी लैंडस्लाइड से 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा झटका महसूस हुआ। इसके बाद ल्हेंदे नदी से पानी और मलबे का सैलाब भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में पहुंचा, जिससे बाढ़ आई। बहाव इतना तेज था कि लोगों और मलबे को करीब 150 किलोमीटर दूर चितवन तक बहा ले गया, जहां अब तक 33 शव बरामद किए गए हैं।

राहतकर्मी खराब मौसम और टूटे रास्तों के बीच मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे कई श्रद्धालु भी बाढ़ की चपेट में आ गए। नेपाल में लापता लोगों में 466 विदेशी और 113 नेपाली शामिल हैं, जिनमें 133 भारतीय और 37 NRI भी हैं।

भास्कर नॉलेजः कैसे आई बाढ़, कितना असर और भारत पर इम्पैक्ट

बाढ़ की वजह को लेकर 3 आशंकाएं

1. लैंडस्लाइड से नदी का रास्ता रुका: यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) की जांच में पता चला कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर चीन की ल्हेंदे नदी में पहाड़ का बड़ा हिस्सा खिसककर गिरा। इससे नदी का बहाव रुका और पानी-मलबा जमा होने के बाद अचानक तेज बहाव आया। इस घटना से 5.2 तीव्रता के भूकंप जितनी ऊर्जा पैदा हुई थी। ल्हेंदे का पानी भोटेकोशी नदी में पहुंच गया, जिससे बाढ़ आ गई।

2. भूकंप से ग्लेशियल फटने की आशंका: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद में बताया कि सुबह 8:37 बजे तिब्बत क्षेत्र में भूकंप आया और करीब तीन मिनट बाद फ्लैश फ्लड की सूचना मिली। इससे आशंका जताई जा रही है कि भूकंप के झटकों से ग्लेशियल आउटबर्स्ट हुआ होगा।

3. ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट: एक संभावना यह भी है कि बर्फ और मलबे से नदी का रास्ता रुकने के बाद अस्थायी झील बनी और उसका पानी अचानक बाहर निकला। विशेषज्ञ अभी यह जांच रहे हैं कि क्या इस घटना में ग्लेशियल झील भी फूटी थी। बारिश को फिलहाल वजह नहीं माना जा रहा है, क्योंकि नेपाल के जल विज्ञान एवं मौसम विभाग के मुताबिक बाढ़ से पहले रसुवा में भारी बारिश नहीं हुई थी।

नदी किनारे रहने वालों को खतरा बरकरार

नेपाल के फ्लड फोरकास्टिंग डिविजन ने चेतावनी दी है कि भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के इलाकों में खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। चीन की ओर नदी के रास्ते में बनी झील अभी पूरी तरह खाली नहीं हुई है।

लोगों से नदी के आसपास जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। नेपाल में पिछले साल भी भोटेकोशी नदी में विनाशकारी बाढ़ आई थी, जिसमें 11 लोगों की मौत हुई थी। नेपाल-चीन को जोड़ने वाला मितेरी पुल भी बह गया था।

भारत में कहां-कितना असर होगा

भारत में इसका असर मुख्य रूप से बिहार की गंडक नदी और उससे जुड़ी छोटी-बड़ी नदियों में दिखने की आशंका है। नेपाल से करीब 3 मीटर ऊंची फ्लड वेव आने का अलर्ट है।

पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में खास सतर्कता बरती जा रही है। सीतामढ़ी और शिवहर पर भी नजर है।

नेपाल का पानी त्रिशूली नदी से होते हुए गंडक तक पहुंचेगा। इसके बाद बिहार के निचले इलाकों में पानी बढ़ सकता है। यूपी के महाराजगंज और कुशीनगर में भी अलर्ट जारी किया गया है।

खबर से जुड़े पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

लाइव अपडेट्स

21 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

नेपाल से जुड़ी 9 बड़ी आपदाएं

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
न्यूजीलैंड ने 27 साल बाद इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती:160 रन से हराया; स्टोक्स के आखिरी मैच में इंग्लैंड 212 रन पर सिमटा

June 29, 2026/
9:15 pm

बेन स्टोक्स अपने आखिरी इंटरनेशनल मैच को जीत के साथ यादगार बनाना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। ट्रेंट...

स्वपन दासगुप्ता ने पश्चिम बंगाल जनादेश पर विचार किया, इसे विकास के लिए वोट बताया | न्यूज18

May 4, 2026/
8:59 pm

सीएनएन नाम, लोगो और सभी संबंधित तत्व ® और © 2026 केबल न्यूज नेटवर्क एलपी, एलएलएलपी। एक टाइम वार्नर कंपनी।...

Rajasthan Cricket New Platform for IPL & National U23 T20

May 21, 2026/
12:15 pm

जयपुर4 घंटे पहले कॉपी लिंक RCA एडहॉक कमेटी संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने राष्ट्रीय...

8 साल की बच्ची का हत्यारोपी किराएदार एनकाउंटर में ढेर:आगरा में मकान मालिक से बदला लेने के लिए वारदात की, लाश कनस्तर में ठूंसी थी

March 28, 2026/
4:58 am

आगरा में कारोबारी मकान मालिक की 8 साल की बच्ची की हत्या का आरोपी किराएदार शनिवार तड़के 3 बजे एनकाउंटर...

अमेरिका का ईरान पर लगातार दूसरे दिन हमला:जवाब में ईरान ने कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, होर्मुज फिर बंद किया

June 11, 2026/
6:49 am

अमेरिका ने गुरुवार सुबह ईरान के कई ठिकानों पर नए हवाई हमले किए। ईरानी मीडिया के मुताबिक केश्म द्वीप, बंदर...

जोकोविच विंबलडन के तीसरे दौर में पहुंचे:सितसिपास को 98 मिनट में सीधे सेटों में हराया; डिफेंडिंग चैंपियन सिनर की भी अगले राउंड में एंट्री

July 2, 2026/
9:37 am

लंदन के सेंटर कोर्ट पर खेले गए विंबलडन के एक मुकाबले में 39 साल के नोवाक जोकोविच ने ग्रीस के...

व्हीलचेयर में पद्म अवॉर्ड में पहुंची थीं सिंगर अल्का याग्निक:हेल्थ पर सवाल उठे तो दी सफाई, कहा- रिकवरी चल रही है, मैं थक गई थी

June 25, 2026/
3:45 pm

23 जून को सिंगर अल्का याग्निक को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। समारोह से सिंगर की कई तस्वीरें...

ड्रैगन फ्रूट के फायदे

March 6, 2026/
2:21 pm

ड्रैगन फ्रूट के फायदे | छवि: फ्रीपिक ड्रैगन फ्रूट के फायदे: आज के दौर में स्वस्थ स्वास्थ्य किसी भी चुनौती...

राजनीति

Nepal-Tibet Border Landslide & Flood Disaster

Nepal-Tibet Border Landslide & Flood Disaster

काठमांडू1 घंटे पहलेलेखक: एजेंसी इनपुट्स के साथ नेपाल से रमेश पोख्रेल

  • कॉपी लिंक

नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ में 160 लोगों की मौत हो गई। नेपाल में 157 और तिब्बत में 3 लोगों की जान गई, जबकि 844 लोग अब भी लापता हैं। बाढ़ में 19 पुल, करीब 40 किलोमीटर सड़कें और 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट तबाह हो गए।

बाढ़ का पानी करीब 30 फीट तक ऊपर आ गया था। तेज बहाव में घर, गाड़ियां और सरकारी ढांचे बह गए। शुरुआत में माना जा रहा था कि बाढ़ से पहले भूकंप आया था, लेकिन अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक चीन की तरफ ल्हेंदे नदी में पहाड़ का बड़ा हिस्सा खिसककर गिरा था।

इसी लैंडस्लाइड से 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा झटका महसूस हुआ। इसके बाद ल्हेंदे नदी से पानी और मलबे का सैलाब भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में पहुंचा, जिससे बाढ़ आई। बहाव इतना तेज था कि लोगों और मलबे को करीब 150 किलोमीटर दूर चितवन तक बहा ले गया, जहां अब तक 33 शव बरामद किए गए हैं।

राहतकर्मी खराब मौसम और टूटे रास्तों के बीच मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे कई श्रद्धालु भी बाढ़ की चपेट में आ गए। नेपाल में लापता लोगों में 466 विदेशी और 113 नेपाली शामिल हैं, जिनमें 133 भारतीय और 37 NRI भी हैं।

भास्कर नॉलेजः कैसे आई बाढ़, कितना असर और भारत पर इम्पैक्ट

बाढ़ की वजह को लेकर 3 आशंकाएं

1. लैंडस्लाइड से नदी का रास्ता रुका: यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) की जांच में पता चला कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर चीन की ल्हेंदे नदी में पहाड़ का बड़ा हिस्सा खिसककर गिरा। इससे नदी का बहाव रुका और पानी-मलबा जमा होने के बाद अचानक तेज बहाव आया। इस घटना से 5.2 तीव्रता के भूकंप जितनी ऊर्जा पैदा हुई थी। ल्हेंदे का पानी भोटेकोशी नदी में पहुंच गया, जिससे बाढ़ आ गई।

2. भूकंप से ग्लेशियल फटने की आशंका: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद में बताया कि सुबह 8:37 बजे तिब्बत क्षेत्र में भूकंप आया और करीब तीन मिनट बाद फ्लैश फ्लड की सूचना मिली। इससे आशंका जताई जा रही है कि भूकंप के झटकों से ग्लेशियल आउटबर्स्ट हुआ होगा।

3. ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट: एक संभावना यह भी है कि बर्फ और मलबे से नदी का रास्ता रुकने के बाद अस्थायी झील बनी और उसका पानी अचानक बाहर निकला। विशेषज्ञ अभी यह जांच रहे हैं कि क्या इस घटना में ग्लेशियल झील भी फूटी थी। बारिश को फिलहाल वजह नहीं माना जा रहा है, क्योंकि नेपाल के जल विज्ञान एवं मौसम विभाग के मुताबिक बाढ़ से पहले रसुवा में भारी बारिश नहीं हुई थी।

नदी किनारे रहने वालों को खतरा बरकरार

नेपाल के फ्लड फोरकास्टिंग डिविजन ने चेतावनी दी है कि भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के इलाकों में खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। चीन की ओर नदी के रास्ते में बनी झील अभी पूरी तरह खाली नहीं हुई है।

लोगों से नदी के आसपास जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। नेपाल में पिछले साल भी भोटेकोशी नदी में विनाशकारी बाढ़ आई थी, जिसमें 11 लोगों की मौत हुई थी। नेपाल-चीन को जोड़ने वाला मितेरी पुल भी बह गया था।

भारत में कहां-कितना असर होगा

भारत में इसका असर मुख्य रूप से बिहार की गंडक नदी और उससे जुड़ी छोटी-बड़ी नदियों में दिखने की आशंका है। नेपाल से करीब 3 मीटर ऊंची फ्लड वेव आने का अलर्ट है।

पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में खास सतर्कता बरती जा रही है। सीतामढ़ी और शिवहर पर भी नजर है।

नेपाल का पानी त्रिशूली नदी से होते हुए गंडक तक पहुंचेगा। इसके बाद बिहार के निचले इलाकों में पानी बढ़ सकता है। यूपी के महाराजगंज और कुशीनगर में भी अलर्ट जारी किया गया है।

खबर से जुड़े पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

लाइव अपडेट्स

21 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

नेपाल से जुड़ी 9 बड़ी आपदाएं

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.