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बीजेपी के टिकट पर लड़ेंगी चुनाव, बोलीं- ममता में बनर्जी के शासन को…

बीजेपी के टिकट पर लड़ेंगी चुनाव, बोलीं- ममता में बनर्जी के शासन को...

पश्चिम बंगाल में आरजी कर मेडिकल कॉलेज के रजिस्ट्रेशन और डेमोक्रेट केस की मां ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के टिकट पर चुनावी लड़ाई की इच्छा जताई है। गुरुवार (19 मार्च, 2026) को उन्होंने कहा कि वह बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के रूप में नग्न रहना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी लड़ाई के पीछे उनका मकसद टीएमसी कांग्रेस (टीएमसी) सरकार को हटाने के लिए राजनीतिक रास्ता अपनाना है। अगस्त 2024 में आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के दर्शन हॉल में एक ट्रेनी डॉक्टर की हत्या कर दी गई और फिर उसकी हत्या कर दी गई। डॉक्टर की उम्र उस वक्त 31 साल थी. यह घटना पूरे देश में पैदा हुई थी। घटना के विरोध में राज्यभर में कम्युनिस्टों और नागरिक समाज ने लंबे समय तक प्रदर्शन किया था। पीड़ित डॉक्टर की मां ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें उत्तर 24 परगना के पनिहाटी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने की संभावना है, और बीजेपी की ओर से जल्द ही अंतिम सूची जारी की जाएगी, जिसमें उनका नाम शामिल होने की संभावना है। कास्ट की मां ने कहा था कि उन्हें पहले बीजेपी का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उस समय वह मानसिक रूप से तैयार नहीं हुईं। उन्होंने कहा, ‘मुझे बहुत पहले बीजेपी से (चुनाव लड़ाई का) प्रस्ताव मिला था, लेकिन तब मैं मानसिक रूप से तैयार नहीं था. कल मैंने इसे स्वीकार करना और चुनावी लड़ाई का निर्णय लिया क्योंकि मैं गृह मंत्री का शासन समाप्त करना चाहता हूं।’ उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जिक्र करते हुए कहा कि यह बात उनके गृह विभाग के पास भी है. व्यापारी की मां ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने उनकी बेटी के मामले की जांच और न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी बेटी के लिए न्याय सुनिश्चित करने और इस सरकार को सत्ता से हटाने के लिए राजनीति में प्रवेश कर रही हूं।’ बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने हाल ही में पीड़ित डॉक्टर के माता-पिता से मुलाकात की थी। यह भी पढ़ें:-बंगाल की रेटिंग में ‘सोशल मीडिया वॉर’: बीजेपी-टीएमसी के आरोप-प्रत्यारोप ने भूकंप के झटके, वोट से पहले गरमाया मोरचा (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी(टी)ममता बनर्जी(टी)बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)टीएमसी(टी)आरजी कर बलात्कार और हत्या मामला(टी)आरजी कर पीड़िता मां(टी)बंगाल विधानसभा चुनाव 2026

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर लगाया गंभीर आरोप, कहा- अघोषित मौत जैसे हालात

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर लगाया गंभीर आरोप, कहा- अघोषित मौत जैसे हालात

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की कार्रवाई पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में पार्टिसिपेट और प्रोटोटाइप स्टेप उठा रहा है। ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए कहा कि चुनाव की घोषणा से पहले ही राज्य के 50 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को अचानक और मनमाने तरीके से हटा दिया गया, जिसमें मुख्य सचिव, गृह सचिव, एडीजी, आईजी, सुप्रीमो, मेमोरियल और पुलिस कमिश्नर शामिल हैं। उन्होंने इसे गैरकानूनी कार्रवाई नहीं कहा, बल्कि उच्च स्तर की राजनीतिक पासिंग की सलाह दी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि वामपंथी पार्टियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है, जो संविधान पर सीधा हमला है। एक तरफ जहां त्रुटिपूर्ण एस मजबूत प्रक्रिया चल रही है और अब तक 200 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, वहीं आयोग का अधूरा नजरिया दिखता है। अब तक अनुपूरक कलाकार सूची जारी नहीं की गई है, जो सुप्रीम कोर्ट के अधिलेखित की अनदेखी है। इससे आम नागरिकों में चिंता और असमंजस का माहौल है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि महाप्रबंधक, एसोसिएट्स और सी दस्तावेजों जैसे महत्वपूर्ण पदों पर बैठे वरिष्ठ अधिकारियों को चुनिंदा तरीकों से बंधक राज्य से बाहर भेजा जा रहा है। उन्होंने बीजेपी पर भी कटाक्ष करते हुए सवाल उठाया कि आखिर बीजेपी एकजुट क्यों है और बंगाल को बार-बार गठबंधन क्यों बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आजादी के 78 साल बाद भी लोगों को अपनी नागरिकता हासिल करने के लिए लाइन में खड़ा होना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग के सर्वसम्मति में विरोधाभास का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि एक तरफा आयोग ने कहा है कि हटाए गए अधिकारियों को चुनावी ड्यूटी में शामिल नहीं किया जाएगा, वहीं दूसरी तरफ कुछ ही घंटों में उन्हें चुनावी पर्यवेक्षक नियुक्तियां बाहर भेजी जाएंगी। उन्होंने सिलीगुड़ी और बिधाननगर के पुलिस आयुक्तों को बिना विकल्प के पर्यवेक्षक नियुक्त करने पर भी सवाल उठाया, जिससे ये दोनों अहम शहर कुछ समय के लिए बिना नेतृत्व के रह गए। हालाँकि, बाद में इस सहजता में सुधार किया गया। ममता बनर्जी ने इसे अराजकता, भ्रम और अस्थिरता कहा और कहा कि यह सब एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बंगाल पर नियंत्रण करना है। उन्होंने इसे ‘अघोषित शासन’ और ‘राष्ट्रपति शासन जैसे हालात’ बताया। साथ ही कहा कि भाजपा जनता का विश्वास में नाकाम रही है, अब दबाव, डर और गलतफहमी के जरिए सत्ता हासिल करना चाहती है। मुख्यमंत्री ने राज्य के अधिकारियों और उनके परिवार की एकजुटता को मजबूत करते हुए कहा कि बंगाल कभी डर के सामने नहीं आएगा। उन्होंने साफ कहा, ‘बंगाल लड़ेगा, विरोध करेगा और हर साजिश को नाकाम करेगा।’ यह भी पढ़ें:-‘मुख्यमंत्री पद का दावेदार…’, केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सीएम पद के दावेदार शशि थरूर क्या बोले? (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी(टी)बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी

बुरहानपुर में जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू:ताप्ती राजघाट पर अफसर-जनप्रतिनिधियों ने किया श्रमदान, पानी बचाने जनआंदोलन का आह्वान

बुरहानपुर में जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू:ताप्ती राजघाट पर अफसर-जनप्रतिनिधियों ने किया श्रमदान, पानी बचाने जनआंदोलन का आह्वान

बुरहानपुर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान गुरुवार को शुरू हुआ। इस अभियान का उद्देश्य पानी की हर बूंद बचाना और जल संरक्षण की दिशा में मजबूत पहल करना है। अभियान के शुभारंभ अवसर पर ताप्ती नदी के राजघाट पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विधायक अर्चना चिटनिस, महापौर माधुरी पटेल, जिला पंचायत सीईओ व अपर कलेक्टर सृजन वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। राजघाट पर मां ताप्ती के किनारे विधिवत पूजन और शपथ के साथ अभियान की शुरुआत हुई। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से श्रमदान किया। उन्होंने कचरा एकत्र कर स्वच्छता और जल संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर बोरी बंधान कार्य का भी शुभारंभ किया गया। जल संरक्षण के लिए शपथ ली विधायक अर्चना चिटनिस ने जल गंगा संवर्धन अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान में सभी की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जल संरक्षण और संवर्धन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए उपस्थित लोगों को प्रेरित किया। महापौर माधुरी पटेल ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों में भी वर्षा जल को सहेजने की व्यवस्था करें। उन्होंने जल संरक्षण के प्रयासों में सहभागी बनने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान सामूहिक शपथ भी ली गई। इस अभियान के माध्यम से न केवल जल स्रोतों का पुनर्जीवन किया जाएगा, बल्कि आमजनों को भी इससे जोड़कर इसे एक जन-आंदोलन के रूप में विकसित किया जाएगा।

₹3 करोड़ का लॉटरी विनर 5वें दिन मिला:पंजाब होली बंपर के विजेता बने; बोले- खबरें पढ़ी, TV पर देखा लेकिन यकीन ही नहीं हो रहा था

₹3 करोड़ का लॉटरी विनर 5वें दिन मिला:पंजाब होली बंपर के विजेता बने; बोले- खबरें पढ़ी, TV पर देखा लेकिन यकीन ही नहीं हो रहा था

पंजाब में 3 करोड़ रुपए की लॉटरी जीतने वाला व्यक्ति मिल गया है। यह लॉटरी जालंधर में फिल्लौर के रहने वाले ईंट भट्ठा मालिक मक्खन सिंह और उनकी पत्नी कमलेश कौर ने जीती है। अब उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है। दैनिक भास्कर से बातचीत में कपल ने कहा कि वे 3 करोड़ रुपए की लॉटरी लगने की खबरें पढ़ रहे थे और टीवी पर सुन रहे थे। हालांकि, उन्हें लगा नहीं था कि यह लॉटरी उनकी है, इसलिए उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा- भगवान का शुक्र है। अब हम इस पैसे को जरूरत के हिसाब खर्च करेंगे। इसका कुछ हिस्सा सोशल काम में लगाएंगे। करोड़पति बनने पर कपल की अहम बातें… 3 बच्चों के माता-पिता, तीनों विदेश में: कपल ने बताया कि हमारे दो बेटे और एक बेटी है। तीनो मैरिड हैं। वह अभी स्टडी वीजा पर विदेश गए हुए हैं। 14 मार्च को खुली थी लॉटरी बता दें कि 14 मार्च को पंजाब स्टेट लॉटरी विभाग की ओर से घोषित नतीजों में पहला इनाम 3 करोड़ रुपए का लगा है, जिसका टिकट नंबर 791016 है। वहीं, दूसरा इनाम 50 लाख रुपए का लगा, जिसका टिकट नंबर B 862817 है। इसके बाद एजेंसी को विनर की तलाश की थी। ———- ये खबर भी पढ़ें… मोहाली में सिक्योरिटी गार्ड बना करोड़पति, ₹200 के टिकट पर निकला डेढ़ करोड़ का इनाम; पंचकूला का रहने वाला मोहाली में सिक्योरिटी गार्ड ने डेढ़ करोड़ रुपए का इनाम जीता है। उन्होंने पंजाब स्टेट डियर लॉटरी का 200 रुपए का टिकट खरीदा था और फिर रातों-रात उसकी किस्मत बदल गई। सिक्योरिटी गार्ड कपिल हरियाणा के पंचकूला जिले के रायपुररानी के गांव मौली के रहने वाले हैं। लॉटरी जीतने के बाद परिवार भी काफी खुश है। (पढ़ें पूरी खबर)

इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए क्या खाएं और क्या न खाएं? यहां देखिए पूरी लिस्ट, सेहत में आएगा सुधार

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Last Updated:March 19, 2026, 15:05 IST Best Foods to Boost Immunity: बदलते मौसम में निरोगी रहने के लिए इम्यूनिटी को मजबूत बनाए रखना बेहद जरूरी है. डाइटिशियन कामिनी सिन्हा के अनुसार खट्टे फल, हल्दी और अदरक शरीर के डिफेंस सिस्टम को एक्टिव करते हैं. इन चीजों का सेवन करना फायदेमंद होता है. जबकि अत्यधिक चीनी और प्रोसेस्ड फूड व्हाइट ब्लड सेल्स की कार्यक्षमता को घटा देते हैं. इससे इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है. बीमारियों से बचने के लिए हेल्दी खानपान जरूरी होता है. बदलते मौसम और संक्रमण के बढ़ते खतरों के बीच इम्यूनिटी हमारे शरीर को बचाती है. अगर आपका इम्यून सिस्टम मजबूत है, तो शरीर वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने में सक्षम होता है, जिससे आप बार-बार बीमार नहीं पड़ते. इम्यूनिटी रातों-रात नहीं बनती, बल्कि यह हमारे खान-पान और लाइफस्टाइल का परिणाम है. नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की सीनियर डाइटिशियन कामिनी सिन्हा से जानते हैं कि इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए कौन से फूड्स का सेवन करना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए. इम्यूनिटी की बात हो और विटामिन C का जिक्र न हो, ऐसा मुमकिन नहीं है. संतरा, नींबू, मौसंबी और कीवी जैसे खट्टे फल सफेद रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाते हैं, जो संक्रमण से लड़ने के लिए अनिवार्य हैं. विटामिन-C एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से बचाता है. चूंकि हमारा शरीर विटामिन-C को स्टोर नहीं कर सकता, इसलिए इसे रोजाना डाइट में शामिल करना जरूरी है. भारतीय मसालों में छिपे औषधीय गुण इम्यूनिटी के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. लहसुन में एलिसिन नामक यौगिक होता है, जो संक्रमण और सूजन से लड़ता है. अदरक गले की खराश और इन्फ्लेमेशन को कम करने में सहायक है. वहीं, हल्दी में मौजूद करक्यूमिन एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है. रात को गर्म दूध में एक चुटकी हल्दी डालकर पीना सदियों पुराना और सबसे प्रभावी नुस्खा है. Add News18 as Preferred Source on Google हमारी इम्यूनिटी का लगभग 70 से 80% हिस्सा हमारे गट हेल्थ में होता है. दही और प्रोबायोटिक फूड्स शरीर में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाते हैं. ये बैक्टीरिया न केवल पाचन सुधारते हैं, बल्कि बाहरी कीटाणुओं को शरीर पर हावी होने से भी रोकते हैं. दोपहर के भोजन में एक कटोरी ताजा दही शामिल करना आंतों के स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए अत्यंत लाभकारी है. बादाम, अखरोट, कद्दू के बीज और सूरजमुखी के बीज विटामिन E, जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड के बेहतरीन स्रोत हैं. विटामिन-E एक घुलनशील एंटीऑक्सीडेंट है, जो इम्यून फंक्शन को सुचारू बनाए रखने में मदद करता है. जिंक की कमी से शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है, इसलिए मुट्ठी भर सूखे मेवे रोज खाने चाहिए. पालक, ब्रोकली और मेथी जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां न केवल विटामिन-C बल्कि विटामिन-A और आयरन से भी भरपूर होती हैं. ये सब्जियां शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखती हैं और कोशिकाओं के पुनर्जनन में मदद करती हैं. ब्रोकली को कम से कम पकाकर खाना चाहिए ताकि इसके पोषक तत्व बरकरार रहें. यह शरीर को डिटॉक्स करने और संक्रमण रोकने में मदद करती है. इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ यह जानना भी जरूरी है कि क्या चीज उसे कमजोर करती है. अत्यधिक चीनी का सेवन शरीर की सफेद रक्त कोशिकाओं की कीटाणुओं को मारने की क्षमता को कुछ घंटों के लिए कम कर देता है. इसी तरह प्रोसेस्ड फूड, पैकेट बंद स्नैक्स और सोडा में मौजूद प्रिजर्वेटिव्स शरीर में सूजन बढ़ाते हैं, जिससे इम्यून सिस्टम दूसरी बीमारियों से लड़ने के बजाय खुद को ठीक करने में उलझ जाता है. शराब का अधिक सेवन फेफड़ों के स्वास्थ्य को बिगाड़ता है और शरीर की प्राकृतिक सफाई प्रक्रिया को धीमा कर देता है. धूम्रपान श्वसन तंत्र की सुरक्षात्मक परतों को नष्ट कर देता है, जिससे वायरस के लिए शरीर में प्रवेश करना आसान हो जाता है. अगर आप अपनी इम्यूनिटी को लेकर गंभीर हैं, तो इन नशीले पदार्थों से दूरी बनाना पहला कदम होना चाहिए. केवल खाना ही काफी नहीं है, बल्कि शरीर को डिटॉक्स करने के लिए दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पीना जरूरी है. पानी शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है. इसके साथ ही रात की 7-8 घंटे की गहरी नींद इम्यून सेल्स के उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है. नींद की कमी शरीर को थका देती है, जिससे संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. First Published : March 19, 2026, 15:05 IST

डॉग को छाछ-दही? कहीं आप अपने कुत्ते को दूध पिला कर गलती तो नहीं कर रहे हैं? जानें पूरी डिटेल और सुरक्षित तरीका

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Last Updated:March 19, 2026, 14:33 IST गर्मियों में पालतू कुत्तों की देखभाल विशेष ध्यान मांगती है. तेज धूप और बढ़ते तापमान में कुत्तों को सुस्ती, भूख कम लगना और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. सादा दही और पतली छाछ उनकी ताजगी और पोषण बनाए रखने में मदद करते हैं, लेकिन इसे सुरक्षित मात्रा और सही तरीके से देना जरूरी है. गर्मियों का मौसम पालतू कुत्तों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है. तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण कुत्तों में सुस्ती, भूख कम लगना और अधिक प्यास जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं. लंबे समय तक गर्मी में रहने से हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है, जो उनकी सेहत के लिए गंभीर हो सकता है. ऐसे समय में पालतू जानवरों के खान-पान और पानी की मात्रा पर खास ध्यान देना जरूरी है. डॉ. गौरव कोहली ने लोकल 18 को बताया कि हल्के और ठंडक देने वाले खाद्य पदार्थ कुत्तों को राहत दे सकते हैं, इसलिए गर्मियों में डॉग के आहार में सही बदलाव करना उनकी सेहत बनाए रखने के लिए अहम है. दही और छाछ को प्राकृतिक कूलेंट माना जाता है, जो शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करते हैं. गर्मियों में जब कुत्तों का शरीर जल्दी गर्म हो जाता है, तब थोड़ी मात्रा में सादा दही या पतली छाछ उन्हें ठंडक पहुंचाती है. इससे कुत्तों को आराम और तरोताजा महसूस होता है, और थकान भी कम हो सकती है. खासकर दोपहर या शाम के समय ट्रीट के रूप में दिया गया दही-छाछ कुत्तों को राहत देता है. हालांकि इसे हमेशा कमरे के तापमान पर देना बेहतर होता है, क्योंकि बहुत ठंडी या फ्रिज से निकली चीजें देने से गले या पाचन से जुड़ी परेशानी हो सकती है, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है. दही और छाछ में प्राकृतिक प्रोबायोटिक्स और लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया पाए जाते हैं, जो कुत्तों के पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद होते हैं. ये अच्छे बैक्टीरिया पेट में संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं और गैस, अपच या कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिला सकते हैं. गर्मियों में जब कुत्तों की भूख कम हो जाती है, हल्का और आसानी से पचने वाला आहार उनकी सेहत बनाए रखने में मदद करता है. नियमित रूप से सीमित मात्रा में दही देने से पेट की कार्यप्रणाली बेहतर हो सकती है. हालांकि, हर कुत्ते की पाचन क्षमता अलग होती है, इसलिए शुरुआत में कम मात्रा देकर उसकी प्रतिक्रिया जरूर देखनी चाहिए. Add News18 as Preferred Source on Google छाछ में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो कुत्तों के शरीर में तरल पदार्थों की कमी को पूरा करने में मदद करती है. गर्मियों में डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है, खासकर जब कुत्ते बाहर ज्यादा समय बिताते हैं. ऐसे में पतली और बिना नमक वाली छाछ उन्हें हाइड्रेटेड रखने में सहायक हो सकती है और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकती है. हालांकि, छाछ देने के साथ-साथ हमेशा साफ और ताजा पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए. कुत्तों को कभी भी सिर्फ छाछ के भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि पानी उनकी सबसे जरूरी आवश्यकता है. सादा दही कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन B12 जैसे कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है. ये तत्व कुत्तों की हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं, जबकि प्रोटीन मांसपेशियों के विकास और शरीर की ताकत बनाए रखने में सहायक होता है. गर्मियों में जब कुत्ते कम खाते हैं, तब पौष्टिक ट्रीट के रूप में थोड़ी मात्रा में दही देना फायदेमंद हो सकता है. हालांकि, इसे मुख्य भोजन का विकल्प नहीं बनाना चाहिए. संतुलित डॉग फूड के साथ दही को अतिरिक्त पोषण के रूप में देना बेहतर होता है, ताकि कुत्ते की संपूर्ण सेहत बनी रहे. कई लोग आदत या जानकारी की कमी के कारण कुत्तों को दूध पिलाते हैं, लेकिन यह हमेशा सही नहीं होता. कई कुत्तों में लैक्टोज पचाने की क्षमता कम होती है, जिससे दूध पीने के बाद दस्त, गैस या पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसी कारण दूध की बजाय दही या छाछ देने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इनमें लैक्टोज कम और प्रोबायोटिक्स अधिक होते हैं. अगर किसी कुत्ते को दूध से परेशानी होती है तो उसका सेवन तुरंत बंद कर देना चाहिए. सही जानकारी और सावधानी से ही पालतू जानवरों की सेहत सुरक्षित रखी जा सकती है. कुत्तों को दही या छाछ देते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए. हमेशा सादा, बिना नमक और बिना चीनी वाला दही ही दें, क्योंकि फ्लेवर्ड या मीठा दही कुत्तों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. शुरुआत में एक-दो चम्मच मात्रा से शुरू करना बेहतर होता है, ताकि यह देखा जा सके कि कुत्ता इसे आसानी से पचा पा रहा है या नहीं. बड़े कुत्तों को थोड़ी ज्यादा मात्रा दी जा सकती है, लेकिन रोजाना अधिक मात्रा देना सही नहीं माना जाता. दही-छाछ को मुख्य भोजन की जगह सिर्फ ट्रीट या सप्लीमेंट के रूप में ही देना चाहिए. अगर दही या छाछ देने के बाद कुत्ते को उल्टी, दस्त या खुजली जैसी समस्या दिखे तो तुरंत इसका सेवन बंद कर देना चाहिए. कुछ कुत्तों को डेयरी उत्पादों से एलर्जी हो सकती है, जिससे उनकी सेहत प्रभावित हो सकती है. ऐसे मामलों में पशु चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी होता है. हर कुत्ते की सेहत और जरूरत अलग होती है, इसलिए आहार में बदलाव सोच-समझकर करना चाहिए. सही देखभाल और संतुलित भोजन से ही कुत्ते को गर्मियों में स्वस्थ और सक्रिय रखा जा सकता है. First Published : March 19, 2026, 14:33 IST

Curry Leaf Hair Toner: गंजेपन से हैं परेशान, तो सिर पर लगाएं करी पत्ता टोनर..यहां जानिए कैसे है बनाना

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Last Updated:March 19, 2026, 14:19 IST देहरादून. आज के समय में ज्यादातर लोग झड़ते हुए बालों से परेशान हैं जिसके चलते उनके सर में गंजापन आ जाता है और वह बेहद शर्मिंदगी महसूस करते हैं. ऐसे में आप होममेड करी पत्ता हेयर टोनर का उपयोग कर सकते हैं सुबह रोजाना इसका उपयोग करने से गंजापन दूर होता है. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, प्रदूषण और खराब खान-पान के चलते बालों का झड़ना एक आम समस्या बन गई है. बहुत से लोग कम उम्र में ही गंजेपन का शिकार हो रहे हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास गिर जाता है. ऐसे में आप करी पत्ता हेयर टोनर का उपयोग कर सकते हैं. करी पत्ता सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि यह एंटीऑक्सीडेंट्स और प्रोटीन से भरपूर होता है. वहीं इसमें मौजूद पोषक तत्व स्कैल्प को गहराई से पोषण देते हैं और डेड हेयर के रोम को दोबारा से जीवन देते हैं. जब इसे मेथी और कलौंजी जैसे शक्तिशाली तत्वों के साथ मिलाया जाता है, तो इसकी शक्ति और भी बढ़ जाती है. इस टोनर को बनाने का आसान तरीका है. सबसे पहले 50 ग्राम ताजे करी पत्तों को अच्छी तरह धो लीजिए. अब एक बर्तन में इन पत्तों के साथ एक चम्मच मेथी दाना, एक चम्मच कलौंजी और 4-5 लौंग डालें. मेथी और कलौंजी बालों की जड़ों को मजबूती देते हैं, जबकि लौंग स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है. Add News18 as Preferred Source on Google इस मिक्सचर तैयार करने के बाद इसमें थोड़ा सा पानी डालकर इसे ओवरनाइट के लिए छोड़ दें. रात भर भिगोने से इन सभी औषधियों के अर्क पानी में अच्छी तरह घुल जाते हैं. अगली सुबह इस पानी को तब तक उबालें जब तक कि पानी आधा न रह जाए या उसका रंग गहरा न हो जाए. ठंडा होने के बाद इसे छानकर एक स्प्रे बोतल में भर लें. इस टोनर का यूज करना बेहद आसान है. हर सुबह उठकर अपने सिर के उन हिस्सों पर इसे स्प्रे करें जहाँ बाल कम हैं या गंजापन दिखाई दे रहा है. स्प्रे करने के बाद हल्के हाथों से 5-10 मिनट तक मसाज करें. यह मसाज टोनर को जड़ों के अंदर तक पहुँचाने में मदद करती है, जिससे नए बालों के उगने की संभावना बढ़ जाती है. नियमित रूप से अगर आप 15 से 20 दिनों तक इसका उपयोग करेंगे तो आपको इसके रिजल्ट दिखने लगेंगे. छोटे-छोटे नए बाल उगना शुरू हो जाते हैं और बालों का झड़ना भी काफी हद तक कम हो जाता है. First Published : March 19, 2026, 14:19 IST

असम चुनाव 2026: विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा उम्मीदवारों और उनके निर्वाचन क्षेत्रों की पूरी सूची | राजनीति समाचार

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आखरी अपडेट:मार्च 19, 2026, 13:22 IST भाजपा उम्मीदवारों की सूची असम विधानसभा चुनाव 2026: असम में भाजपा ने 2026 विधानसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भाजपा उम्मीदवारों की सूची असम विधानसभा चुनाव 2026: असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी 2026 विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, असम में पार्टी के एक प्रमुख व्यक्ति, जालुकबारी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। जलुकबारी को सरमा का गढ़ माना जाता है, क्योंकि असम के मुख्यमंत्री ने 2001, 2006, 2011, 2016 और 2021 में हुए पिछले सभी विधानसभा चुनावों में इस सीट पर जीत हासिल की है। कांग्रेस से आए प्रद्युत बोरदोलोई, जो कल भाजपा में शामिल हुए, को दिसपुर विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतारा गया है। असम में मतदान कार्यक्रम भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के अनुसार, असम में विधानसभा चुनाव एक ही चरण में निर्धारित किया गया है, जिसमें 9 अप्रैल, 2026 को मतदान होगा। वोटों की गिनती 4 मई को होगी. पूरी सूची यहां देखें गोलकगंज-अश्विनी राय सरकार धुबरी – उत्तम प्रसाद बिरसिंग-जरुआ – माधवी दास गोलपारा पश्चिम (एसटी) – पबित्रा राभा दुधनाई (एसटी) – टंकेश्वर राभा अभयपुरी – भूपेन रॉय बिजनी – अरूप कुमार डे भवानीपुर-सोरभोग-रंजीत कुमार दास मांडिया – बादल चंद्र अर्ज्य चमरिया – ज्योस्तना कलिता बोको-चायगांव (एसटी) – राजू मेच पलासबाड़ी-हिमांशु शेखर वैश्य रंगिया – भाबेश कलिता कमालपुर – दिगंता कलिता दिसपुर – प्रद्युत बोरदोलोई न्यू गुवाहाटी-डिप्लू रंजन सरमाह गुवाहाटी सेंट्रल – विजय कुमार गुप्ता जालुकबारी – हिमंत बिस्वा सरमा बरखेत्री – नारायण डेका *):पॉइंटर-इवेंट-ऑटो स्क्रॉल-एमटी-(calc(var(–header-height)+min(200px,max(70px,20svh))))” dir=’auto’ data-turn-id=’request-WEB:cd312711-ea5c-453d-9e3d-5795a8538891-9′ डेटा-टेस्टिड = “बातचीत-टर्न-20” डेटा-स्क्रॉल-एंकर = “सही” डेटा-टर्न = “सहायक”> रोंगखांग (एसटी) – डॉ. तुलीराम रोंगखांग अमरी (एसटी) – डॉ. हाबे टेरोन हाफलोंग (एसटी) – रूपाली लंगथासा लखीपुर-कौशिक राय उधरबोंड – राजदीप गोला कटिगोराः- कमलाख्या दे पुरकायस्थ बोरखोला – किशोर नाथ सिलचर – राजदीप रॉय ढोलाई (एससी) – अमिया कांति दास हैलाकांडी – मिलन दास करीमगंज उत्तर – सुब्रत भट्टाचार्य पत्थरकांडी – कृष्णेंदु पॉल राम कृष्णा नगर (एससी) – बिजॉय मालाकार पहले प्रकाशित: मार्च 19, 2026, 12:22 IST समाचार राजनीति असम चुनाव 2026: विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा उम्मीदवारों और उनके निर्वाचन क्षेत्रों की पूरी सूची अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी असम उम्मीदवार(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)जलुकबारी निर्वाचन क्षेत्र(टी)बीजेपी पहली सूची(टी)असम बीजेपी उम्मीदवार(टी)असम चुनाव(टी)बीजेपी असम समाचार

चांदी ₹13 हजार गिरकर ₹2.37 लाख पर आई:5 दिन में ये ₹31 हजार गिरी, सोने की कीमत आज ₹4 हजार घटकर ₹1.52 लाख हुई

चांदी ₹13 हजार गिरकर ₹2.37 लाख पर आई:5 दिन में ये ₹31 हजार गिरी, सोने की कीमत आज ₹4 हजार घटकर ₹1.52 लाख हुई

सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 19 मार्च को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत 13 हजार रुपए घटकर 2.37 लाख रुपए पर आ गई है। इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 2.50 लाख रुपए किलो थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 4 हजार रुपए गिरकर 1.52 लाख रुपए पर आ गया है। इससे पहले 18 मार्च को सोना 1.56 लाख रुपए प्रति 10g था। अमेरिका-ईरान जंग के कारण सोना 5 कारोबारी दिन में 9 हजार और चांदी 31 हजार सस्ती हुई है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 19 मार्च, 2026) सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.52लाख तक सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है। चांदी की कीमतों में भारी क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.37 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले कहीं ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑल टाइम हाई से बहुत तेजी से नीचे आई है। गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर ‘कैश’ इकट्ठा कर रहे हैं ताकि अनिश्चितता के समय उनके पास लिक्विड मनी रहे। प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, इसलिए बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतें गिर गईं। ब्याज दरों का असर: अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाने से भी कीमती धातुओं की चमक थोड़ी फीकी हुई है। कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोना-चांदी के दाम में आगे भी ये गिरावट जारी रह सकती है। इसके चलते सोना 1.50 लाख और चांदी 2.50 लाख रुपए तक आ सकती है। ऐसे में निवेशकों को अभी सोने-चांदी में निवेश से बचना चाहिए।

चांदी ₹13 हजार गिरकर ₹2.37 लाख पर आई:5 दिन में ये ₹31 हजार गिरी, सोने की कीमत आज ₹4 हजार घटकर ₹1.52 लाख हुई

चांदी ₹13 हजार गिरकर ₹2.37 लाख पर आई:5 दिन में ये ₹31 हजार गिरी, सोने की कीमत आज ₹4 हजार घटकर ₹1.52 लाख हुई

सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 19 मार्च को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत 13 हजार रुपए घटकर 2.37 लाख रुपए पर आ गई है। इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 2.50 लाख रुपए किलो थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 4 हजार रुपए गिरकर 1.52 लाख रुपए पर आ गया है। इससे पहले 18 मार्च को सोना 1.56 लाख रुपए प्रति 10g था। अमेरिका-ईरान जंग के कारण सोना 5 कारोबारी दिन में 9 हजार और चांदी 31 हजार सस्ती हुई है। सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.52लाख तक सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है। चांदी की कीमतों में भारी क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.37 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले कहीं ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑल टाइम हाई से बहुत तेजी से नीचे आई है। गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर ‘कैश’ इकट्ठा कर रहे हैं ताकि अनिश्चितता के समय उनके पास लिक्विड मनी रहे। प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, इसलिए बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतें गिर गईं। ब्याज दरों का असर: अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाने से भी कीमती धातुओं की चमक थोड़ी फीकी हुई है। कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोना-चांदी के दाम में आगे भी ये गिरावट जारी रह सकती है। इसके चलते सोना 1.50 लाख और चांदी 2.50 लाख रुपए तक आ सकती है। ऐसे में निवेशकों को अभी सोने-चांदी में निवेश से बचना चाहिए।