अशोकनगर में विधानसभा अध्यक्ष के काफिले की गाड़ियां टकराईं:निर्माणाधीन सड़क पर गिट्टी से हुआ हादसा, नरेंद्र सिंह तोमर सुरक्षित

अशोकनगर-देहरदा मार्ग पर जंघार गांव के पास मंगलवार शाम को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के काफिले की दो गाड़ियां आपस में टकरा गईं। यह हादसा निर्माणाधीन सड़क के किनारे पड़े गिट्टी के ढेर की वजह से हुआ, जिसमें पीएसओ और फॉलो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। गनीमत रही कि हादसे में विधानसभा अध्यक्ष सहित सभी लोग सुरक्षित हैं और किसी को भी चोट नहीं आई है। घटना के समय काफिला ईसागढ़ से देहरदा मार्ग पर आगे बढ़ रहा था। रास्ते में निर्माणाधीन सड़क का काम चल रहा था। इसी दौरान काफिले में पीछे चल रही पीएसओ (PSO) की गाड़ी सड़क किनारे पड़े गिट्टी के ढेर से अनियंत्रित होकर टकरा गई। पीएसओ की गाड़ी के अचानक रुकने से उसके ठीक पीछे आ रही फॉलो गाड़ी भी आगे वाली गाड़ी से जा भिड़ी। पूर्व विधायक को श्रद्धांजलि देकर लौट रहे थे तोमर यह घटना उस वक्त हुई जब विधानसभा अध्यक्ष का काफिला महुअन गांव से वापस लौट रहा था। नरेंद्र सिंह तोमर महुअन गांव में पूर्व विधायक स्वर्गीय राव राजकुमार सिंह यादव को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए पहुंचे थे। विधानसभा अध्यक्ष की गाड़ी आगे थी, पूरी तरह सुरक्षित हादसे के दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर जिस मुख्य गाड़ी में सवार थे, वह काफिले में सबसे आगे चल रही थी। हादसे वाली जगह से उनकी गाड़ी पहले ही आगे निकल चुकी थी, इसलिए वे और उनका वाहन पूरी तरह से सुरक्षित रहे। दोनों गाड़ियों को हुआ नुकसान, कोई जनहानि नहीं इस आपस की टक्कर के कारण पीएसओ वाली गाड़ी का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं, पीछे से टकराने के कारण फॉलो गाड़ी का भी अगला हिस्सा डैमेज हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, इस हादसे में किसी भी व्यक्ति को कोई गंभीर चोट नहीं आई है और कोई जनहानि नहीं हुई है।
एसी सफाई युक्तियाँ: बढ़ी है गर्मी? बाहर से मॅहनिक महीनो की जगह पर घर पर इन आसान प्रवेश से करें एसी की सफाई, बचेंगे काफी पैसे

एसी की सफाई कैसे करें? | छवि: एआई/फ़्रीपिक घर पर एसी कैसे साफ़ करें: गर्मी का मौसम शुरू हो गया है, घरों में एसी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन कई बार एसी ठीक होने से ठंडक नहीं मिलती और बिजली का बिल भी बहुत ज्यादा आता है। इसका एक बड़ा कारण एसी में गंदगी और धूल होना है। अक्सर लोग एसी साफ-सफाई के लिए मैकेनिक बुलाते हैं, जिस पर अच्छे-खासे पैसे खर्च हो जाते हैं। लेकिन अगर आप यात्रा कर रहे हैं तो घर पर ही कुछ आसान तरीके से एसी की सफाई कर सकते हैं। इससे आपका एसी बेहतर कूलिंग देगा और पैसे भी बचेंगे। तो जानिए क्या हैं AC से घर साफ करने के आसान तरीके। सबसे पहले AC की बिजली बंद एसी साफ करने से पहले सबसे जरूरी है कि आप अपना पावर स्टेशन बंद कर दें। इससे किसी भी तरह का करंट या नुकसान का खतरा नहीं रहेगा। सुरक्षा के लिए यह स्टेप बहुत जरूरी है। एसी का फिल्टर साफ करें AC का फिल्टर सबसे जल्दी खराब हो जाता है। एसी का मोर्चा संयोजक और फिल्टर को सावधानी से बाहर रखें। इसे साफ पानी से धो लें। अगर ज्यादा गंदगी हो तो सेंस ठेठ अवशेष के कच्चे माल वाले पानी से भी धो सकते हैं। फिल्टर को पूरी तरह से अपार्टमेंट के बाद ही वापस लाया गया। कूलिंग कॉइल की सफाई कई बार कॉइल पर डस्ट जमने से एसी की कूलिंग कम हो जाती है। इसके लिए आप मुलायम ब्रश या स्ट्रेंथ ड्रेस की मदद से मुलायम हाथ से कोइल साफ कर सकते हैं। ध्यान रखें कि अधिक दबाव न डालें। यूनिट की सफाई भी जरूरी एसी की संयुक्त इकाई में बार-बार कूड़ा-कचरा और दुकानदारों को भर्ती किया जाता है। इसके ऊपर और आसपास की धुलाई को साफ करें। इसके बाद जमी हुई गंदगी को झाड़ियों से हटा दिया गया। इससे एसी की कूलिंग सबसे अच्छी होती है। गेराज पाइप चेक करें कभी-कभी यूट्यूब पाइप्स में गंदगी जमा होने से पानी लीक होने लगता है। इसलिए पाइप को भी एक बार जरूर जांच लें और अगर उसमें कचरा फंसा हो तो उसे साफ कर दें। AC को साफ क्यों रखना चाहिए? एसी की कूलिंग सबसे अच्छी है। बिजली की बैटरी कम होती है। मशीन की लाइफ बहुत ज्यादा है। कमरे में साफा और वन्यजीव हवाएं हैं। किन बातों का रखें प्रबंध? अगर एसी में ज्यादा गंदगी हो या कोई तकनीकी समस्या हो तो मैकेनिक की मदद लेना बेहतर होता है। घर पर सिर्फ बिजली की सफाई ही करें। अगर आप समय-समय पर एसी के फिल्टर और प्लांट यूनिट की सफाई करते रहते हैं, तो आपका एसी लंबे समय तक सही तरीके से काम करना चाहता है। साथ ही आपको बार-बार मैकेनिक और पैसे की भी जरूरत नहीं होगी। यह अवश्य पढ़ें: मार्च 2026 अवकाश पारिवारिक यात्रा: विदेश की उड़ान कैंसिल हो गई? तो बच्चों की परीक्षा समाप्त होने के बाद यहाँ भ्रमण, युद्ध का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा (टैग्सटूट्रांसलेट)एयर कंडीशनर(टी)एसी की सफाई के टिप्स(टी)घर पर एसी को कैसे साफ करें(टी)एसी की सफाई के तरीके(टी)एसी की सफाई कैसे करें(टी)एसी की सफाई के टिप्स(टी)एसी की सफाई
रिजिजू के बयान पर प्रियंका मुस्कुराईं:विपक्ष के हंगामे पर शाह भड़के; प्रियंका बोलीं- केवल मेरा भाई सरकार के आगे नहीं झुका, मोमेंट्स

बजट सत्र के दूसरे सेशन का आज दूसरा दिन रहा। लोकसभा में विपक्ष स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया। लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई के बयान पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नाराज दिखे। केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान पर प्रियंका गांधी समेत पूरा विपक्ष और सत्ता पक्ष जोरों से हंस दिया। देखिए लोकसभा के मोमेंट्स… …………………….. संसद से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… स्पीकर बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: गोगोई बोले- राहुल को 20 बार टोका गया; रिजिजू का जवाब- प्रियंका को नेता प्रतिपक्ष बनाते तो अच्छा होता लोकसभा में मंगलवार को विपक्ष स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाया। 50 से ज्यादा सांसदों ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया। इसके बाद पीठासीन ने प्रस्ताव पेश करने की परमिशन दे दी। अब इस प्रस्ताव पर 10 घंटे चर्चा होगी। विपक्ष ने ओम बिरला पर सदन की कार्यवाही में पक्षपात करने का आरोप लगाया है। पूरी खबर पढ़ें…
मधुबाला बायोपिक में अनीत पड्डा की एंट्री की खबरें गलत:सैयारा फेम एक्ट्रेस के नाम पर अफवाहें तेज, कास्टिंग में अभी किसी का नाम तय नहीं

लेजेंडरी एक्ट्रेस मधुबाला की जिंदगी पर बनने वाली बायोपिक को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार चर्चाएं हो रही हैं। हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि फिल्म में मधुबाला का किरदार सैयारा फेम एक्ट्रेस अनीत पड्डा निभाने वाली हैं। हालांकि अब इंडस्ट्री सूत्रों ने इन खबरों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। इंडस्ट्री सोर्स के मुताबिक, अनीत पड्डा को मधुबाला की बायोपिक से जोड़ना पूरी तरह गलत है। सोर्स ने साफ कहा, “अनीत पड्डा को लेकर जो खबरें चल रही हैं, उनमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। उन्हें इस प्रोजेक्ट के लिए कास्ट किए जाने की बात सिर्फ अफवाह है। फिलहाल इस फिल्म की कास्टिंग को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।” दरअसल, मधुबाला की बायोपिक को लेकर समय-समय पर अलग-अलग अभिनेत्रियों के नाम सामने आते रहे हैं। इससे पहले इस भूमिका के लिए दीपिका पादुकोण, कंगना रनोट, माधुरी दीक्षित और कियारा आडवाणी जैसे नाम भी चर्चाओं में रह चुके हैं। हालांकि इनमें से किसी भी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। हाल ही में अनीत पड्डा का नाम सामने आने के बाद यह चर्चा एक बार फिर तेज हो गई थी। मधुबाला भारतीय सिनेमा की सबसे खूबसूरत और प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उन्होंने अपने करियर में कई यादगार फिल्मों में काम किया और अपनी अदाकारी के साथ-साथ अपनी खूबसूरती के लिए भी जानी गईं। उनकी फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित फिल्मों में शामिल है। इसी वजह से उनकी जिंदगी पर बनने वाली बायोपिक को लेकर दर्शकों में खास उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म प्रेमी यह जानने के लिए उत्साहित हैं कि आखिर बड़े पर्दे पर मधुबाला का किरदार कौन निभाएगा। फिलहाल इंडस्ट्री सूत्रों के बयान के बाद इतना साफ हो गया है कि अनीत पड्डा का नाम इस फिल्म से जोड़ना महज अफवाह है। मेकर्स सही समय आने पर ही फिल्म की कास्टिंग और बाकी जानकारी की आधिकारिक घोषणा करेंगे।
आयुष्मान कार्ड धारक से सिटी स्कैन के लिए मांगे पैसे:सिवनी जिला अस्पताल का वीडियो सामने आने पर CMHO ने दिए जांच के आदेश

सिवनी जिला अस्पताल में आयुष्मान कार्ड धारक मरीज से सिटी स्कैन के लिए पैसों की मांग करने का मामला मंगलवार को सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें अस्पताल का कर्मचारी निशुल्क उपचार की योजना के बावजूद रुपयों की मांग करता दिख रहा है। कंप्यूटर ऑपरेटर पर अवैध वसूली का आरोप जानकारी के अनुसार, एक हितग्राही आयुष्मान योजना के तहत सिटी स्कैन कराने अस्पताल पहुंचा था। आरोप है कि वहां तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर ने आयुष्मान कार्ड को अमान्य बताते हुए जांच के बदले नकद भुगतान की मांग की। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने कर्मचारी द्वारा पैसे मांगे जाने के घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सार्वजनिक कर दिया। आयुष्मान योजना के नियमों का उल्लंघन केंद्र और राज्य सरकार की आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जिला अस्पतालों में पात्र कार्ड धारकों को नि:शुल्क जांच और उपचार की सुविधा अनिवार्य है। जिला अस्पताल में इस प्रकार शुल्क की मांग करना योजना के नियमों और सरकारी निर्देशों का गंभीर उल्लंघन माना जा रहा है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन वहीं CMHO डॉ. जयपाल सिंह ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान कार्ड धारकों से शुल्क लेना प्रतिबंधित है। डॉ. ठाकुर ने वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारी के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
टी-20 वर्ल्डकप फाइनल में अर्शदीप पर जुर्माना:न्यूजीलैंड के मिचेल की ओर गेंद फेंकी; मैच फीस का 15% कटा, डिमेरिट पॉइंट भी मिला

टी-20 वर्ल्डकप 2026 के फाइनल में भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पर आचार संहिता के उल्लंघन के कारण जुर्माना लगाया गया है। न्यूजीलैंड के बल्लेबाज डेरिल मिचेल की ओर गेंद फेंकने की घटना के बाद ICC ने उन पर कार्रवाई की। मंगलवार को जारी बयान में अर्शदीप की मैच फीस का 15% काटने के साथ उनके खाते में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया। 8 फरवरी को फाइनल में अर्शदीप ने गुस्से में आकर मिचेल की तरफ गेंद फेंकी थी। जो उनके पैड्स पर लगी थी। लेवल-1 के तहत जुर्माना यह कार्रवाई ICC की आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन के मामले में की गई। फाइनल मैच रविवार को अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया था। इसमें भारत ने 96 रन से कीवी टीम को हराकर लगातार दूसरी और ओवरऑल तीसरा टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बनी थी। मिचेल की कोहनी पर बॉल लगी न्यूजीलैंड की पारी के 11वें ओवर में अर्शदीप ने अपने फॉलो थ्रू में गेंद फील्ड की और वापस फेंकी, जो बल्लेबाज डेरिल मिचेल को लग गई। इसे ICC आचार संहिता के आर्टिकल 2.9 का उल्लंघन माना गया। इस नियम में मैच के दौरान किसी खिलाड़ी की ओर अनुचित या खतरनाक तरीके से गेंद या अन्य उपकरण फेंकने को गलत माना जाता है। एक डिमेरिट पॉइंट भी मिला जुर्माने के साथ अर्शदीप के अनुशासन रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया है। पिछले 24 महीनों में यह उनका पहला मामला है। मैदान पर मौजूद अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ और एलेक्स व्हार्फ, थर्ड अंपायर अलाउद्दीन पलेकर और फोर्थ अंपायर एड्रियन होल्डस्टॉक ने यह आरोप लगाया था। मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट ने जो सजा प्रस्तावित की, उसे अर्शदीप ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद इस मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। भारत 3 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश भारतीय टीम 2024 के बाद 2026 में भी चैंपियन बनी और टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब डिफेंड करने वाली पहली टीम बन गई। इसके साथ ही इंडिया तीन टी-20 वर्ल्ड कप (2007, 2024 और 2026) जीतने वाली दुनिया की पहली टीम भी बन गया। अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में जीत के साथ भारत ने पहली बार अपने घरेलू मैदान पर टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी भी जीती। इससे पहले टीम ने 2007 में साउथ अफ्रीका और 2024 में वेस्टइंडीज में खिताब जीता था। अब भारत के नाम तीन टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी हो गई हैं, जबकि वेस्टइंडीज और इंग्लैंड दो-दो बार ही यह खिताब जीत सके हैं। ——————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… T20 वर्ल्डकप टीम ऑफ द टूर्नामेंट में संजू-बुमराह समेत 4 भारतीय:साउथ अफ्रीका के मार्करम कप्तान, पाकिस्तान के फरहान और वेस्टइंडीज के होल्डर भी शामिल ICC ने सोमवार को टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम ऑफ द टूर्नामेंट का ऐलान किया है। चैंपियन बनी भारतीय टीम के चार खिलाड़ी इस टीम में शामिल किए गए हैं। इनमें संजू सैमसन, ईशान किशन, हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह का नाम है। पूरी खबर
ईरान-इजराइल तनाव से चीन को झटका:मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग; चीन के 8 लाख करोड़ दांव पर, डिसेलिनेशन से लेकर टेक प्रोजेक्ट्स तक सब खतरे में

मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध चीन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। दरअसल चीन ने मिडिल ईस्ट में भारी निवेश किया हुआ है। साथ ही ये क्षेत्र उसके इस्पात, इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर पैनलों के लिए बड़ा बाजार है। ईरान के रूप में चीन को तेल का सस्ता स्रोत मिला था। पूरे क्षेत्र में उसे ऐसी सरकारें भी मिलीं,जो नवीकरणीय ऊर्जा और प्रौद्योगिकी में चीन से सीखने के लिए उत्सुक थीं। इन्हीं सब के बीच चीन तेल और गैस के लिए मध्य पूर्व की आपूर्ति पर निर्भर हो गया। जब पिछले साल अमेरिका से चीन की व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता बढ़ी तो वह अमेरिकी बाजार में अपने कई सामान बेचने में असमर्थ रहा, जो कभी चीन का सबसे बड़ा बाजार था। इसके बाद चीन के लिए मिडिल ईस्ट का महत्व और भी अधिक स्पष्ट हो गया था। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) चीनी कारों के लिए सबसे तेजी से बढ़ता बाजार बन गया। सऊदी अरब और उसके पड़ोसी देशों की ओर से चीनी स्टील की मांग दोगुनी हो गई। 2025 में मिडिल ईस्ट को चीन का निर्यात बाकी दुनिया के निर्यात की तुलना में लगभग दोगुनी तेजी से बढ़ा है। लेकिन अब ये खतरे में है। मध्य पूर्व में चीन के गहरे वित्तीय संबंधों के बावजूद उसे जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। चीन ने जल्द लड़ाई बंद करने का आह्वान किया है। ईरानी धमकियों के कारण होर्मुज स्ट्रेट से आवाजाही कम हो गई है। चीनी शिपिंग कोस्को ने इस क्षेत्र के माध्यम से बुकिंग बंद कर दी है। चीनी निवेश मिडिल ईस्ट में दुनिया में कहीं और की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है। यूरेसिया ग्रुप में चीन की निदेशक डैन वांग कहा कि 2019 से 2024 तक चीन ने मध्य पूर्व में सीधे 89 बिलियन डॉलर यानी करीब 8 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया। ये व्यापारिक संबंध अब निशाने पर हैं क्योंकि अमेरिकी और इजरायली सेनाएं ईरान पर हमला कर रही हैं और ईरान पूरे क्षेत्र में बंदरगाहों, जहाजों, पाइपलाइनों, डिसेलिनेशन संयंत्रों, डेटा केंद्रों पर जवाबी हमला कर रहा है। विलियम एंड मैरी रिसर्च इंस्टीट्यूट एडडेटा के अनुसार 2023 में मिडिल ईस्ट में चीन का ऋण और अनुदान दोगुना होकर वैश्विक पोर्टफोलियो का 10% हो गया। चीन ईरानी तेल का मुख्य खरीदार है। वह तीन प्रमुख कच्चे तेल की पाइपलाइनों का भी संचालन करता है, जिनमें से दो रूस और कजाकिस्तान से तेल का परिवहन करती हैं। फिर भी ईरानी आपूर्ति के नुकसान से चीन को अन्य स्रोत खोजने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। खोज पूरी हो भी जाएगी लेकिन कीमत तेहरान से खरीदे गए रियायती तेल की तुलना में बहुत अधिक होगी। तनाव से कंपनियों का काम थमा मिडिल ईस्ट में कई चीनी कंपनियों ने कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा। 1 मार्च को दिग्गज टेक कंपनी बाइडू नेयूएई में रोबोटैक्सी सेवाओं को रोकने की बात कही। चीनी फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म कीटा ने भी संकेत दिया है कि क्षेत्र में सेवाएं निलंबित या सीमित हो सकती हैं। इजराइल और यूएई में पोर्टसंचालित कर रहा है चीन कतर में चीनी बैंक तरलीकृत प्राकृतिक गैस(LNG) उत्पादन सुविधा के बड़े विस्तार को फंड दे रहे हैं। चीनी सरकारी तेल कंपनी सिनोपेक की इसके नॉर्थ फील्ड ईस्ट विस्तार प्रोजेक्ट में हिस्सेदारी है। चीनी निवेशकों ने इजराइल के हाइफापोर्ट और अमीरात के खलीफा पोर्ट को भी फंडिंगदी है। कई टर्मिनल चीनी कंपनियों के स्वामित्व में हैं और उनके द्वारा संचालित हैं। क्षेत्र में डिसेलिनेशन प्लांट में चीन सबसे बड़ा निवेशक ईरान में चीनी कंपनियों ने इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिकग्रिड और पेट्रोकेमिकल संयंत्र बनाए हैं। चीन क्षेत्र में डिसेलिनेशन में सबसे बड़ा निवेशक भी है। पावर कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन ऑफ चाइना ने सऊदी अरब, यूएई, ओमान और इराक में परियोजनाएं बनाई हैं। हुआवे, अलीबाबा, टेनसेंट जैसी प्रमुख चीनी टेक कंपनियों के दुबई में ऑफिस हैं।
ईरान-इजराइल तनाव से चीन को झटका:मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग; चीन के 8 लाख करोड़ दांव पर, डिसेलिनेशन से लेकर टेक प्रोजेक्ट्स तक सब खतरे में

मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध चीन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। दरअसल चीन ने मिडिल ईस्ट में भारी निवेश किया हुआ है। साथ ही ये क्षेत्र उसके इस्पात, इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर पैनलों के लिए बड़ा बाजार है। ईरान के रूप में चीन को तेल का सस्ता स्रोत मिला था। पूरे क्षेत्र में उसे ऐसी सरकारें भी मिलीं,जो नवीकरणीय ऊर्जा और प्रौद्योगिकी में चीन से सीखने के लिए उत्सुक थीं। इन्हीं सब के बीच चीन तेल और गैस के लिए मध्य पूर्व की आपूर्ति पर निर्भर हो गया। जब पिछले साल अमेरिका से चीन की व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता बढ़ी तो वह अमेरिकी बाजार में अपने कई सामान बेचने में असमर्थ रहा, जो कभी चीन का सबसे बड़ा बाजार था। इसके बाद चीन के लिए मिडिल ईस्ट का महत्व और भी अधिक स्पष्ट हो गया था। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) चीनी कारों के लिए सबसे तेजी से बढ़ता बाजार बन गया। सऊदी अरब और उसके पड़ोसी देशों की ओर से चीनी स्टील की मांग दोगुनी हो गई। 2025 में मिडिल ईस्ट को चीन का निर्यात बाकी दुनिया के निर्यात की तुलना में लगभग दोगुनी तेजी से बढ़ा है। लेकिन अब ये खतरे में है। मध्य पूर्व में चीन के गहरे वित्तीय संबंधों के बावजूद उसे जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। चीन ने जल्द लड़ाई बंद करने का आह्वान किया है। ईरानी धमकियों के कारण होर्मुज स्ट्रेट से आवाजाही कम हो गई है। चीनी शिपिंग कोस्को ने इस क्षेत्र के माध्यम से बुकिंग बंद कर दी है। चीनी निवेश मिडिल ईस्ट में दुनिया में कहीं और की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है। यूरेसिया ग्रुप में चीन की निदेशक डैन वांग कहा कि 2019 से 2024 तक चीन ने मध्य पूर्व में सीधे 89 बिलियन डॉलर यानी करीब 8 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया। ये व्यापारिक संबंध अब निशाने पर हैं क्योंकि अमेरिकी और इजरायली सेनाएं ईरान पर हमला कर रही हैं और ईरान पूरे क्षेत्र में बंदरगाहों, जहाजों, पाइपलाइनों, डिसेलिनेशन संयंत्रों, डेटा केंद्रों पर जवाबी हमला कर रहा है। विलियम एंड मैरी रिसर्च इंस्टीट्यूट एडडेटा के अनुसार 2023 में मिडिल ईस्ट में चीन का ऋण और अनुदान दोगुना होकर वैश्विक पोर्टफोलियो का 10% हो गया। चीन ईरानी तेल का मुख्य खरीदार है। वह तीन प्रमुख कच्चे तेल की पाइपलाइनों का भी संचालन करता है, जिनमें से दो रूस और कजाकिस्तान से तेल का परिवहन करती हैं। फिर भी ईरानी आपूर्ति के नुकसान से चीन को अन्य स्रोत खोजने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। खोज पूरी हो भी जाएगी लेकिन कीमत तेहरान से खरीदे गए रियायती तेल की तुलना में बहुत अधिक होगी। तनाव से कंपनियों का काम थमा मिडिल ईस्ट में कई चीनी कंपनियों ने कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा। 1 मार्च को दिग्गज टेक कंपनी बाइडू नेयूएई में रोबोटैक्सी सेवाओं को रोकने की बात कही। चीनी फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म कीटा ने भी संकेत दिया है कि क्षेत्र में सेवाएं निलंबित या सीमित हो सकती हैं। इजराइल और यूएई में पोर्टसंचालित कर रहा है चीन कतर में चीनी बैंक तरलीकृत प्राकृतिक गैस(LNG) उत्पादन सुविधा के बड़े विस्तार को फंड दे रहे हैं। चीनी सरकारी तेल कंपनी सिनोपेक की इसके नॉर्थ फील्ड ईस्ट विस्तार प्रोजेक्ट में हिस्सेदारी है। चीनी निवेशकों ने इजराइल के हाइफापोर्ट और अमीरात के खलीफा पोर्ट को भी फंडिंगदी है। कई टर्मिनल चीनी कंपनियों के स्वामित्व में हैं और उनके द्वारा संचालित हैं। क्षेत्र में डिसेलिनेशन प्लांट में चीन सबसे बड़ा निवेशक ईरान में चीनी कंपनियों ने इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिकग्रिड और पेट्रोकेमिकल संयंत्र बनाए हैं। चीन क्षेत्र में डिसेलिनेशन में सबसे बड़ा निवेशक भी है। पावर कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन ऑफ चाइना ने सऊदी अरब, यूएई, ओमान और इराक में परियोजनाएं बनाई हैं। हुआवे, अलीबाबा, टेनसेंट जैसी प्रमुख चीनी टेक कंपनियों के दुबई में ऑफिस हैं।
15 मिनट में पैरों की थकान, दर्द और सूजन से राहत, घर पर अपनाएं ये आसान उपाय, एकदम मिलेगी राहत

Last Updated:March 10, 2026, 17:17 IST लंबे समय तक खड़े रहने, ज्यादा चलने या मेहनत के बाद पैरों में थकान और दर्द होना आम है. नमक या एप्सम साल्ट वाले गुनगुने पानी में पैरों को डुबोना एक आसान और प्राकृतिक घरेलू उपाय है, जो पैरों की मांसपेशियों को आराम देता है, सूजन कम करता है और पैरों की सेहत बेहतर बनाए रखता है. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लंबे समय तक खड़े रहने या ज्यादा चलने से पैरों में थकान और दर्द होना आम बात है. ऐसे में गुनगुने पानी में नमक मिलाकर उसमें 10 से 15 मिनट तक पैर डुबोकर रखना एक बेहद आसान और कारगर घरेलू उपाय माना जाता है. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. ऐजल पटेल के अनुसार यह तरीका पैरों की मांसपेशियों को आराम देने में मदद करता है. नमक वाला पानी पैरों की नसों को शांत करता है, जिससे थकान धीरे-धीरे कम होने लगती है. खासकर दिनभर काम करने के बाद यदि यह उपाय किया जाए तो पैरों को तुरंत राहत मिलती है. यही कारण है कि कई लोग इसे नियमित रूप से अपनाते हैं और पैरों को स्वस्थ बनाए रखते हैं. कई लोगों को लंबे समय तक खड़े रहने, ज्यादा चलने या शरीर में पानी की कमी के कारण पैरों में सूजन की समस्या हो जाती है. ऐसी स्थिति में गुनगुने पानी में नमक मिलाकर पैर डुबोना काफी फायदेमंद माना जाता है. एप्सम साल्ट में मैग्नीशियम पाया जाता है, जो सूजन को कम करने में मदद करता है. जब पैर नमक वाले गुनगुने पानी में रहते हैं, तो मांसपेशियों को आराम मिलता है और सूजन धीरे-धीरे कम होने लगती है. यह तरीका खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो दिनभर मेहनत वाला काम करते हैं. यदि सप्ताह में दो से तीन बार यह उपाय किया जाए, तो पैरों की सूजन और भारीपन से राहत मिल सकती है. कई लोगों को पैरों में ऐंठन या एड़ियों में दर्द की समस्या रहती है. खासकर ज्यादा चलने या गलत तरीके से खड़े रहने से यह परेशानी बढ़ जाती है. ऐसे में गुनगुने नमक वाले पानी में पैर डुबोकर रखना काफी मददगार साबित हो सकता है. नमक में मौजूद खनिज तत्व मांसपेशियों को आराम देने का काम करते हैं. इससे पैरों में जकड़न कम होती है और दर्द में भी राहत मिलती है. नियमित रूप से इस उपाय को अपनाने से एड़ियों की थकान कम होती है और चलने-फिरने में आसानी महसूस होती है. यह तरीका पूरी तरह प्राकृतिक है और घर पर आसानी से किया जा सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google नमक वाले गुनगुने पानी में पैर डुबोकर रखने से सिर्फ पैरों को ही नहीं बल्कि पूरे शरीर को आराम मिलता है. इससे नसों को शांति मिलती है और शरीर का तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है. जब पैरों की नसों को आराम मिलता है तो शरीर में रक्त संचार भी बेहतर होता है. यही कारण है कि कई लोग दिनभर की थकान के बाद यह तरीका अपनाते हैं. इससे मानसिक तनाव भी कम होता है और शरीर हल्का महसूस करता है. खासतौर पर ऑफिस या मेहनत वाले काम करने वाले लोगों के लिए यह घरेलू उपाय काफी लाभदायक माना जाता है. अगर किसी को रात में नींद नहीं आती या शरीर में बेचैनी रहती है, तो नमक वाले गुनगुने पानी में पैर डुबोना एक अच्छा उपाय हो सकता है. इससे शरीर को आराम मिलता है और दिमाग भी शांत होता है. जब शरीर का तनाव कम होता है तो नींद भी अच्छी आने लगती है. कई लोग सोने से पहले 10 से 15 मिनट तक यह उपाय अपनाते हैं. इससे शरीर रिलैक्स हो जाता है और नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है. प्राकृतिक तरीके से नींद सुधारने के लिए यह तरीका काफी आसान और सुरक्षित माना जाता है. नमक वाला गुनगुना पानी पैरों की त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है. इसमें पैर डुबोने से त्वचा की मृत कोशिकाएं धीरे-धीरे हटने लगती हैं, जिससे पैर साफ और मुलायम बनते हैं. खासकर जिन लोगों की एड़ियां फटती हैं या पैरों की त्वचा रूखी रहती है, उनके लिए यह उपाय उपयोगी साबित हो सकता है. इसके बाद हल्के ब्रश या तौलिये से पैरों को साफ करने से त्वचा और भी बेहतर हो जाती है. नियमित रूप से यह तरीका अपनाने से पैरों की देखभाल आसानी से घर पर ही की जा सकती है और पैरों की सुंदरता भी बनी रहती है. पैरों में पसीना आने या लंबे समय तक जूते पहनने से कई बार बैक्टीरिया और फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में नमक वाला गुनगुना पानी काफी मददगार हो सकता है. नमक में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद करते हैं. अगर किसी को पैरों में खुजली, बदबू या हल्का संक्रमण महसूस हो तो यह उपाय राहत दे सकता है. हालांकि ज्यादा गंभीर समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है. लेकिन सामान्य स्थिति में यह घरेलू तरीका पैरों को साफ और स्वस्थ रखने में मदद करता है. नमक वाले गुनगुने पानी में पैर डुबोना एक आसान और सुरक्षित घरेलू उपाय है, जिसे हर कोई घर पर कर सकता है. इसके लिए एक टब में गुनगुना पानी लें और उसमें एक से दो चम्मच नमक या एप्सम साल्ट मिलाएं. फिर 10 से 15 मिनट तक पैरों को उसमें डुबोकर रखें. इसके बाद पैरों को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखा लें. अगर यह उपाय सप्ताह में दो से तीन बार किया जाए तो पैरों की थकान, दर्द और सूजन से काफी राहत मिल सकती है और पैरों की सेहत भी बेहतर बनी रहती है. First Published : March 10, 2026, 17:17 IST
ईरान जंग- 9 एशियाई देशों में तेल संकट:बांग्लादेश में यूनिवर्सिटीज बंद, थाइलैंड में लिफ्ट इस्तेमाल पर रोक; पाकिस्तान में मंत्रियों की सैलरी-विदेश यात्रा रोकी

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच 11 दिनों से जारी जंग का असर अब एशिया के कई देशों में दिखाई देने लगा है। भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत 9 एशियाई देशों ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए आपात कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पाकिस्तान ने दो हफ्ते के लिए स्कूल बंद करने का फैसला किया है और दफ्तरों में कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने के निर्देश दिए गए हैं। बांग्लादेश ने सभी यूनिवर्सिटी बंद करने का आदेश दिया है और ईद की छुट्टियां पहले कर दी हैं। दक्षिण कोरिया, जापान और इंडोनेशिया जैसे देश भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए सब्सिडी देने जैसे कदम उठा रहे हैं। चीन ने भी ईंधन के निर्यात पर फिलहाल रोक लगा दी है। जंग की वजह से होर्मुज स्ट्रेट बंद है, इसके चलते तेल की सप्लाई ठप्प हो गई है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का बहुत अहम समुद्री रास्ता है। हर साल दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। थाईलैंड- लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों के इस्तेमाल का आदेश थाईलैंड में सरकार ने ऊर्जा बचाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने और दफ्तरों में लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक जिन अधिकारियों को सीधे जनता की सेवा देनी होती है, उन्हें इस नियम से छूट दी गई है। थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल ने सरकारी कर्मचारियों को ऊर्जा बचाने के लिए जरूरी कदम लागू करने को कहा है। सरकार ने विदेश यात्राओं को अस्थायी रूप से रोक दिया है। ऊर्जा बचत के लिए एयर कंडीशनर का तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों को सूट-टाई जैसे औपचारिक कपड़ों की जगह शॉर्ट स्लीव शर्ट पहनने की सलाह दी गई है। ऊर्जा मंत्री के अनुसार देश के पास फिलहाल करीब 95 दिन का ऊर्जा भंडार बचा है। सरकार अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका से अतिरिक्त LNG खरीदने की कोशिश कर रही है। सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर संकट और गहरा हुआ तो दुकानों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के विज्ञापन बोर्ड की रोशनी कम करने और पेट्रोल पंपों को रात 10 बजे तक बंद करने जैसे कड़े कदम भी उठाए जा सकते हैं। चीन- कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई, फ्यूल एक्सपोर्ट रोका चीन ने संभावित ऊर्जा संकट को देखते हुए कच्चे तेल की खरीद बढ़ाकर अपने रणनीतिक भंडार मजबूत करना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने साल के शुरुआती महीनों में अतिरिक्त कच्चा तेल खरीदा है और इसे रणनीतिक तथा वाणिज्यिक भंडार में रखा जा रहा है। इसके साथ ही सरकार ने रिफाइनरियों को नए फ्यूल एक्सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट साइन न करने और कुछ तय शिपमेंट को रोकने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मकसद घरेलू बाजार में पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर मध्य-पूर्व में संघर्ष लंबा चला और वैश्विक सप्लाई और प्रभावित हुई, तो चीन अपने रणनीतिक तेल भंडार का उपयोग कर सकता है। पाकिस्तान- मंत्रियों की सैलरी और विदेश दौरों पर रोक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को बढ़ती तेल कीमतों को देखते हुए खर्चों में कटौती योजना का ऐलान किया है। इसके तहत सरकारी दफ्तर हफ्ते में सिर्फ चार दिन खुलेंगे और आधे कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इस हफ्ते के अंत से स्कूल दो हफ्तों के लिए बंद रहेंगे। पाकिस्तानी न्यूज चैनल जियो न्यूज के मुताबिक, मंत्रियों और सलाहकारों के विदेश दौरे रोक दिए गए हैं। मंत्री दो महीने तक वेतन नहीं लेंगे और सांसदों की सैलरी में 25% की कटौती होगी। वहीं, पाकिस्तान में अब दो महीने तक सरकारी गाड़ियों को 50% कम ईंधन मिलेगा। 60% सरकारी वाहन नहीं चलेंगे। सभी सरकारी विभाग अपने खर्च में 20% कटौती करेंगे। शरीफ ने कहा कि अमेरिका-इजराइल-ईरान संघर्ष की वजह से कच्चे तेल की कीमत 60 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गई है। इस वजह से यह निर्णय लिए गए हैं। बांग्लादेश- सभी यूनिवर्सिटीज को बंद किया बांग्लादेश ने बिजली और ईंधन की खपत कम करने के लिए सोमवार से सभी यूनिवर्सिटीज बंद करने का आदेश दिया है और ईद-उल-फितर की छुट्टियां पहले घोषित कर दी हैं। ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक हाल के दिनों में ईंधन की कमी की आशंका के चलते लोगों में घबराहट बढ़ी और कई जगहों पर जमाखोरी शुरू हो गई थी। इसके बाद सरकार ने दैनिक फ्यूल बिक्री पर सीमा लगा दी। गैस की कमी का असर उद्योगों पर भी पड़ा है। देश की कई उर्वरक फैक्ट्रियों में गैस सप्लाई कम होने के कारण उत्पादन रोकना पड़ा है। सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर ऊर्जा बचत के लिए और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। वियतनाम- कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह वियतनाम में सरकार ने ऊर्जा बचाने के लिए कंपनियों से कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने की अपील की है। वियतनाम के उद्योग और व्यापार मंत्रालय के मुताबिक इससे दफ्तर आने-जाने में होने वाली ईंधन खपत कम होगी और ऊर्जा बचत में मदद मिलेगी। इसके साथ ही सरकार ने घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए कुछ फ्यूल आयात पर लगाए गए टैरिफ भी हटा दिए हैं। सरकार का कहना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच ईंधन की सप्लाई बनाए रखना और खपत कम करना दोनों जरूरी हैं। इसी वजह से वियतनाम ऊर्जा बचत और ईंधन उपलब्धता बढ़ाने के लिए एक साथ कई कदम उठा रहा है। साउथ कोरिया- फ्यूल कीमतों पर कैप लगाने की तैयारी वैश्विक तेल सप्लाई पर दबाव बढ़ने के बाद साउथ कोरिया ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सरकार घरेलू ईंधन कीमतों को नियंत्रित करने के लिए लगभग तीन दशक बाद पहली बार प्राइस कैप लगाने की तैयारी कर रही है। साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने कहा है कि यह कदम तेल कीमतों में तेजी को रोकने और आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए उठाया जा रहा है। सरकार ने यह भी कहा है कि वह ऐसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत तलाश रही






