अनूपपुर में पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप:एसपी से की शिकायत, पीड़ित बोला- आपके सिपाही आरोपी को बचा रहे

अनूपपुर के ताराडांड निवासी चैतू सिंह ने पुलिस पर जानलेवा हमले के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। मंगलवार को उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें पुलिस पर सरकारी पद के दुरुपयोग और अपराध छिपाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी भी तय करने की गुहार लगाई है। चैतू सिंह, जो अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं और अपनी भूमि पर खेती करते हैं, 26 दिसंबर 2025 को दोपहर 3-4 बजे के बीच वे अपने खेत के पास बिजली के खंभे पर सुधार कार्य कर रहे थे। उसी दौरान मंजू गौतम ने उन्हें जातिसूचक व अपमानजनक गालियां दीं। इसके बाद लल्लू गौतम और उनके पुत्र प्रशांत गौतम भी वहां आए और तीनों ने मिलकर उन पर जानलेवा हमला किया तथा जान से मारने की धमकी दी। मारपीट के कारण चैतू सिंह बेहोश हो गए। पुलिस ने नहीं की मदद पीड़ित के अनुसार, लल्लू गौतम ने 112 पर कॉल किया। मौके पर पहुंचे 112 वाहन में प्रदीप गौतम (चालक) और एक अन्य आरक्षक मौजूद थे। चैतू सिंह ने आरोप लगाया कि इन पुलिसकर्मियों ने आरोपियों से मिलीभगत कर उन्हें उपचार दिलाने के बजाय मरा हुआ समझकर वहीं छोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शी ज़ेहर सिंह ने पूरी घटना देखी और बाद में चैतू सिंह को होश में लाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। पसली टूटी जिला अस्पताल अनूपपुर में कराई गई जांच में चैतू सिंह की पसली टूटने और गंभीर अंदरूनी चोटें पाई गईं। पीड़ित ने बताया कि वे भय, पीड़ा और मानसिक तनाव में हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पूर्व में आरोपियों के खिलाफ अजाक थाने में शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उनके हौसले बढ़े हैं। अप्रिय घटना की दी चेतावनी चैतू सिंह ने अपनी शिकायत में दर्ज कराया है कि यदि भविष्य में उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई भी अप्रिय या जानलेवा घटना घटित होती है, तो उसके लिए लल्लू गौतम, प्रशांत गौतम, मंजू गौतम, प्रदीप गौतम (112 वाहन चालक) और 112 वाहन में उपस्थित अज्ञात आरक्षक जिम्मेदार होंगे। उन्होंने सभी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धाराओं और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने, गवाह ज़ेहर सिंह को प्रकरण में दर्ज करने तथा उन्हें व उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
नर्मदापुरम में दिन का पारा 38 डिग्री के करीब:अचानक तापमान बढ़ने से गेहूं की फसल को नुकसान की आशंका; दोपहर में सड़कें सूनी

नर्मदापुरम जिले में 4 मार्च के बाद से गर्मी का असर तेज हो गया है। दिन का तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जिसके कारण दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम नजर आ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। अचानक बढ़ रही इस गर्मी से गेहूं की फसल के 10 से 12 दिन पहले पकने और किसानों को नुकसान होने की आशंका है। मंगलवार को नर्मदापुरम में तेज धूप खिली रही। दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंगलवार को रात का न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में भी गर्मी का असर दिखाई दे रहा है। पचमढ़ी में दोपहर का तापमान 31 डिग्री के पार पहुंच गया है, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस के ऊपर दर्ज किया जा रहा है। अगले 4 दिन में 2 से 3 डिग्री और बढ़ेगा तापमान मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, जिले के मौसम में अगले चार दिनों तक कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की वृद्धि हो सकती है। ऐसे में मार्च के पहले पखवाड़े में ही पारा 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। गेहूं की फसल को नुकसान का अंदेशा मार्च महीने में अचानक बढ़ रहे तापमान का सीधा असर कृषि पर पड़ने की आशंका है। कृषि उपसंचालक डॉ. रविकांत सिंह ने बताया कि वर्तमान में गेहूं की बालियों में दाना भर चुका है और यह इसके पोषित होने का समय है। यदि गर्मी इसी तरह अधिक रही, तो पौधे की नमी खत्म हो जाएगी और वह सूखने लगेगा। इससे दाना पर्याप्त मात्रा में पोषित नहीं हो पाएगा। जिले में आमतौर पर मार्च के अंत तक गेहूं की कटाई शुरू होती है, लेकिन तापमान ऐसा ही बना रहा तो फसल के 10-12 दिन पहले ही पकने की संभावना है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है। पिछले 5 दिनों का अधिकतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में) तारीख नर्मदापुरम पचमढ़ी 5 मार्च 39.4 29.8 6 मार्च 38.1 30.2 7 मार्च 37.6 31.8 8 मार्च 38.1 31.4 9 मार्च 37.9 31.2
उड़द दाल वड़ी: उड़द दाल की वड़ी: घर पर तैयार करें उड़द दाल की वड़ी, साल भर नहीं होगी खराब; बनाना भी है आसान

10 मार्च 2026 को 16:04 IST पर अद्यतन किया गया घर पर कैसे बनाएं दाल वड़ी: अगर आप एक बार घर पर उड़द दाल की वड़ी बनाते हैं, तो बाजार की वड़ी की जरूरत ही नहीं है। घर की बनी वड़ी न केवल स्वाद में बेहतर होती है बल्कि सेहत के लिए भी बहुत अच्छी होती है।
मोहन बड़ोदिया में ड्यूटी पर तैनात पटवारी की पिटाई:मकानों की नबरिंग कर रहे थे, जान से मारने की धमकी भी दी

शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया थाना क्षेत्र में जनगणना कार्य के दौरान एक पटवारी के साथ मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना मोहन बड़ोदिया के थाना प्रभारी भीम सिंह पटेल ने बताया कि ग्राम लडावद निवासी 31 वर्षीय प्रकाशचंद सिकरवार, जो तहसील मोहन बड़ोदिया के हल्का क्रमांक 143 ग्राम पचावता में पटवारी हैं, ने इस संबंध में लिखित आवेदन दिया था। उन्हें जनगणना कार्य निदेशालय भोपाल के निर्देशानुसार 27 फरवरी 2026 से अपने हल्का क्षेत्र के गांवों में मकान और भवनों की गणना व नंबरिंग का कार्य सौंपा गया था। इसी क्रम में 9 मार्च की सुबह करीब 10:30 बजे पटवारी प्रकाशचंद सिकरवार गणना दल के सदस्य पंचायत सचिव जफर बेग और ग्राम जामन के कोटवार मांगीलाल मालवीय के साथ ग्राम जामन में मकानों की गणना और नंबरिंग कर रहे थे। दोपहर करीब 12:40 बजे जब वे नारायण मालवीय के मकान पर नंबरिंग कर रहे थे, तभी गांव का दिलीप पिता राधेश्याम गुर्जर वहां पहुंचा। आरोप है कि दिलीप गुर्जर ने पटवारी से पहचान के कागजात मांगते हुए विवाद शुरू कर दिया और सरकारी काम करने से मना करने लगा। समझाने के बावजूद वह नहीं माना और गाली-गलौज करते हुए पटवारी के साथ मारपीट की। आरोप है कि उसने थप्पड़-मुक्कों से मारपीट की और लकड़ी से हमला कर पटवारी को घायल कर दिया। जान से मारने की दी धमकी इसके बाद आरोपी ने दोबारा गांव में आने पर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद पटवारी अपने साथियों के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे और मामले की जानकारी दी। पुलिस ने आरोपी दिलीप गुर्जर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 132, 121(1), 296 और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है। मोहन बड़ोदिया पुलिस ने मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंचकर मौका मुआयना का नक्शा बनाया है। यह घटना सोमवार को हुई थी, परंतु मामला मंगलवार को सामने आया।
शादी के बाद इमोशनल हुईं रश्मिका मंदाना:सोशल मीडिया पोस्ट पर रिएक्ट किया; बोलीं- ऐसा प्यार ढूंढो जो आपको आजाद कर दे

साउथ और बॉलीवुड एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना एक सोशल मीडिया नोट को पढ़कर भावुक हो गईं। ये नोट रश्मिका और विजय देवरकोंडा के प्यार पर लिखा गया था। एक्ट्रेस ने X पर अपनी भावनाएं जाहिर करते हुए बताया कि इस नोट ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने फैंस को सलाह भी दी कि जीवन में ऐसा प्यार तलाशें जो आपको बंधन में नहीं, बल्कि आजादी का अहसास कराए। यूजर ने कपल के प्यार को मिसाल बताया 9 मार्च को एक फैन ने विजय और रश्मिका की शादी की तस्वीरें शेयर करते हुए उन्हें इस ‘स्वार्थी युग’ में सच्चे प्यार की मिसाल बताया था। नोट में लिखा था कि रश्मिका जिस तरह से विजय को देखती हैं, वह प्रशंसा और प्यार का सबसे ईमानदार सबूत है। इसे पढ़कर रश्मिका खुद को रोक नहीं पाईं और माना कि लंबे समय बाद किसी बात ने उन्हें इतना इमोशनल किया है। रश्मिका बोलीं- प्यार आजाद करने वाला होना चाहिए एक्ट्रेस ने भावुक होकर लिखा, “मेरे बारे में लिखी गई किसी चीज ने मुझे लंबे समय बाद इतना प्रभावित नहीं किया। मैं बहुत कुछ कहना चाहती हूं लेकिन शब्द कम पड़ रहे हैं। मैं अपनी जगह तलाश रही हूं और इस सफर के लिए आभारी हूं। प्यार के बारे में सिर्फ यही कहूंगी कि उस प्यार को ढूंढो, जो तुम्हें आजाद कर दे।” एक्ट्रेस ने उस यूजर का शुक्रिया भी अदा किया जिसने उनके और विजय के रिश्ते की गहराई को इतनी खूबसूरती से पहचाना। उदयपुर में हुई थी शाही वेडिंग रश्मिका और विजय ने 26 फरवरी 2026 को उदयपुर के लग्जरी होटल आईटीसी मेमेंटोस में शादी की थी। इस इंटीमेट सेरेमनी में सिर्फ परिवार और खास दोस्त ही शामिल हुए थे। शादी में दो संस्कृतियों का संगम दिखाविजय की तेलुगू रस्में और रश्मिका की कोडावा (कूर्गी) परंपरा। इसके बाद 4 मार्च को हैदराबाद में रिसेप्शन दिया गया था, जिसमें साउथ फिल्म इंडस्ट्री के तमाम बड़े सितारे और कर्नाटक के डिप्टी सीएम भी पहुंचे थे।
हॉल ऑफ फेम में शामिल दिग्गज कोच के लीडरशिप मंत्र:अमेरिका के फुटबॉल कोच मैक ब्राउन 50 साल तक कोच रहे; बोले- टीम जीत रही हो तो लगाम कसें, टूटने पर सहारा दें

अमेरिका के दिग्गज कोच मैक ब्राउन को खेल जगत के सबसे सफल और सम्मानित कोचों में गिना जाता है। 50 साल के कोचिंग करियर में उन्होंने 288 मैच जीते। वे 2005 में टेक्सास यूनिवर्सिटी को नेशनल चैम्पियन बनाने वाले कोच रहे और हॉल ऑफ फेम में भी शामिल हैं। उनकी सफलता केवल स्कोरबोर्ड तक सीमित नहीं रही। कोचिंग अनुभव के आधार पर ब्राउन ने लीडरशिप से जुड़े चार सबक बताए, जो मैदान से लेकर कॉर्पोरेट ऑफिस तक हर लीडर के काम के हैं। लीडर की असली जिम्मेदारी टीम को यह बताना कि वे जीत सकते हैं 1984 में अपनी टीम के खराब खेलने पर उन्होंने खिलाड़ियों को फटकारा था। टीम वह मैच हार गई। तब दिग्गज कोच बैरी स्विट्जर ने कहा था कि तुमने टीम से कहा कि वे हार जाएंगे और वे हार गए। ब्राउन कहते हैं, ‘जब टीम ऊंचाइयों पर हो और आत्ममुग्ध हो रही हो, तब उन पर दबाव डालें। लेकिन जब मुश्किल में हों और आत्मविश्वास गिरा हुआ हो, तब उन्हें प्रेरित कर बताना चाहिए कि वे जीत सकते हैं।’ काम के तनाव के बीच आपस में हंसी-मजाक होना भी बहुत जरूरी है 2005 के रोज बाउल मैच से पहले ब्राउन की टीम काफी दबाव में थी। खिलाड़ी आपस में बात तक नहीं कर रहे थे। ब्राउन को एहसास हुआ कि अगर तनाव बना रहा, तो हार जाएंगे। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ जोक्स शेयर कर तनाव कम करने का तरीका अपनाया। ब्राउन कहते हैं, ‘लीडर को पता होना चाहिए कि माहौल को कब हल्का करना है। तनाव में काम बिगड़ता है, खुशी में टीम पूरी क्षमता से प्रदर्शन करती है।’ हारने के बाद शब्दों का काफी सोच-समझकर चयन करना चाहिए ब्राउन का मानना है कि एक लीडर के शब्द बहुत शक्तिशाली होते हैं, खासकर हार के बाद। कोच गुस्से में ऐसी बातें कह देते हैं जिनसे बाद में उन्हें पश्चाताप होता है। जब टीम जीते, तो खिलाड़ियों की तारीफ करें जबकि हार की जिम्मेदारी खुद लें। ब्राउन कहते हैं कि हार के बाद मीडिया या टीम से बात करते समय आपकी बॉडी लैंग्वेज मायने रखती है। आप निराश दिख सकते हैं, लेकिन पराजित नहीं। मानवता और सहानुभूति, जीत-हार के नतीजों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण 1999 में टेक्सास बनाम टेक्सास ए एंड एम मैच से पहले ए एंड एम यूनिवर्सिटी में भीषण हादसा हुआ, जिसमें 12 छात्रों की मौत हो गई। ब्राउन ने टीम के साथ मिलकर रक्तदान शिविर लगाया और विरोधी के प्रति संवेदना व्यक्त की। टेक्सास मैच हार गया, लेकिन ब्राउन को मलाल नहीं था। ब्राउन कहते हैं, ‘लीडर को संवेदनशील और भावनात्मक होना चाहिए। कई बार मानवता और सहानुभूति, जीत-हार के नतीजों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।’
देवास में शीतला सप्तमी पर मंदिरों में भीड़:महिलाओं ने एक दिन पहले बनाकर रखा भोजन, बासी प्रसाद के रूप में करेंगे ग्रहण

देवास शीतला सप्तमी के अवसर पर मंगलवार को शहर के शीतला माता मंदिरों में महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं ने सुबह मंदिर पहुंचकर माता शीतला की पूजा-अर्चना की और ठंडे भोजन का भोग अर्पित किया। शहर के गोया स्थित शीतला माता मंदिर में भी बड़ी संख्या में महिलाएं दर्शन और पूजा के लिए पहुंचीं। महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा की और आरती उतारी। इस पर्व पर एक दिन पहले बनाया गया भोजन माता को अर्पित करने की परंपरा होती है। एक रात पहले बनाकर रखती हैं खाना, अगले दिन खाती हैं पूजा करने पहुंची श्वेता चौधरी ने बताया कि शीतला सप्तमी के दिन महिलाएं एक रात पहले ही भोजन बनाकर रखती हैं और अगले दिन ठंडा होने पर माता शीतला को भोग लगाती हैं। इसके बाद परिवार के लोग वही प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। मान्यता है कि शीतला सप्तमी का व्रत रखने और पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है। महिलाएं अपने बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली के लिए यह व्रत रखती हैं।
चांदी आज ₹13 हजार बढ़कर ₹2.73 लाख पर पहुंची:10 ग्राम सोना ₹1,700 बढ़कर ₹1.60 लाख हुआ, इस साल ₹27 हजार बढ़ा

सोने और चांदी के दामों में आज यानी 10 मार्च को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,700 रुपए बढ़कर 1.60 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इससे पहले इसकी कीमत 1.59 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। एक किलो चांदी 13 हजार रुपए बढ़कर 2.73 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले इसकी कीमत 2.60 लाख रुपए प्रति किलो थी। एक्सपर्ट्स के अनुसार सोने और चांदी की कीमत 29 जनवरी 1.76 लाख रुपए और 3.86 लाख रुपए के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी। इसके बाद से इनकी कीमत में काफी गिरावट आ चुकी है। इसीलिए अब इस बार फिर इसमें खरीदारी देखने को मिल रही है। सोना इस साल ₹27 हजार और चांदी ₹42 हजार महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में तेजी देखने को मिली है। बीते साल के आखिर में सोना 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जो अब 1.60 लाख रुपए पर है। यानी इसकी कीमत इस साल अब तक 27 हजार बढ़ चुकी है। वहीं चांदी भी इस दौरान 24 हजार रुपए महंगी हुई है। अमेरिका-ईरान तनाव पर निर्भर रहेगा बाजार जानकारों का मानना है कि सोने-चांदी की अगली चाल इन दो बातों पर निर्भर करेगी: ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।
क्या आपको हमेशा अपने पैरों में महसूस होती है जलन? इन गंभीर स्वास्थ्य समस्या का हो सकता है संकेत!

Last Updated:March 10, 2026, 12:07 IST Health Tips : हम अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कई हेल्थ प्रॉब्लम का सामना करते हैं. ये शायद इतनी सीरियस न लगें कि इनके बारे में चिंता की जाए, इसलिए हम इनके लक्षणों को हल्के में लेते हैं. खासकर पैरों में दर्द या जलन जैसी दिक्कतों को हम पूरी तरह से नज़रअंदाज़ कर देते हैं, यह सोचकर कि ये फिजिकल मेहनत या किसी और वजह से हो रही हैं. हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं आती हैं. ये इतनी बड़ी नहीं लगतीं कि डरना पड़े, इसलिए हम इनके लक्षणों को हल्के में ले लेते हैं. खासकर पैरों में दर्द या जलन जैसी समस्याओं को तो हम बिल्कुल नजरअंदाज कर देते हैं. हमें लगता है कि ये शारीरिक मेहनत की वजह से हो रही हैं या कोई और वजह होगी. अगर पैरों में बार-बार जलन महसूस होती है तो देर नहीं करनी चाहिए, ऐसा विशेषज्ञों का कहना है. ये शरीर में किसी खतरनाक बीमारी का लक्षण हो सकता है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है. तो पैरों में जलन किस चीज की ओर इशारा करती है? इस समस्या को कम करने के लिए क्या करना चाहिए, आइए जानते हैं. कारण क्या है? पैरों में जलन महसूस होने का असली कारण शरीर में विटामिन B, फोलिक एसिड और कैल्शियम की कमी है. विटामिन B12, B6, B9 कम होने से पैरों में जलन या झनझनाहट होती है. ये सिर्फ कुछ उम्र के लोगों को ही नहीं, बल्कि लगभग हर किसी में देखने को मिलती है. Add News18 as Preferred Source on Google उम्र से कोई संबंध नहीं है, लेकिन जिन लोगों में जरूरी पोषक तत्वों की कमी होती है, उन्हें पैरों में जलन होती है. शराब का ज्यादा सेवन, जहरीले पदार्थ या कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट्स से नसें खराब हो जाती हैं. इससे नर्वस सिस्टम पर असर पड़ता है और पैरों में जलन महसूस होती है. खतरनाक बीमारियों का खतरा पैरों में सूजन या जलन होना विशेषज्ञों के मुताबिक गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है. जिन लोगों को किडनी की समस्या होती है, उनमें ये लक्षण आम तौर पर दिखते हैं. थायराइड हार्मोन का स्तर कम होना भी इसका कारण बन सकता है. इसके अलावा, फंगल इंफेक्शन भी पैरों में जलन पैदा कर सकता है. जिन लोगों की रक्त नलिकाओं में इंफेक्शन होता है, उनमें ये लक्षण अक्सर दिखते हैं. अगर ये लक्षण कई दिनों तक कम नहीं होते या बार-बार ज्यादा हो जाते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है. सही इलाज करवाकर और समय पर ट्रीटमेंट लेने से खतरे से बचा जा सकता है. इन्हें अपनाकर देखें. पैरों में जलन कम करने के लिए कई तरह की दवाएं उपलब्ध हैं. लेकिन एक्सपर्ट्स कहते हैं कि घरेलू उपायों से भी इस समस्या को कम किया जा सकता है. जलन कम करने के लिए ठंडा पानी इस्तेमाल करना एक अच्छा तरीका है. रोज अपने पैरों को ठंडे पानी के टब में रखें. इससे पैरों की नसों को आराम मिलेगा और परेशानी कम होगी. इससे ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है. गर्म पानी में एप्सम सॉल्ट डालकर पैरों को रखने से मांसपेशियां रिलैक्स हो जाती हैं. दूसरी तरफ, शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सुधारने के लिए नारियल तेल से मसाज कर सकते हैं. हल्दी और एलोवेरा मिलाकर पेस्ट बनाकर पैरों पर लगाने से अच्छा असर होता है. हल्दी में मौजूद एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण पैरों की जलन को कम कर सकते हैं. First Published : March 10, 2026, 12:07 IST
भारत बनेगा स्पेस मेडिसिन का विश्वगुरु, एम्स और ISRO ने मिलाया हाथ, इन 6 चीजों पर होगी रिसर्च aiims delhi and isro mou on space medicine news

होमताजा खबरदेश भारत बनेगा स्पेस मेडिसिन का विश्वगुरु, एम्स और ISRO ने मिलाया हाथ, इन 6….. Last Updated:March 10, 2026, 11:36 IST AIIMS नई दिल्ली और इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन के एचएसएफ सेंटर ने स्पेस मेडिसिन पर ऐतिहासिक एमओयू साइन किया है. अब एम्स के डॉक्टर और इसरो के वैज्ञानिक मिलकर मानव शरीर, हृदय, नर्वस सिस्टम, माइक्रोग्रैविटी, माइक्रोबायोम, जीन और मानसिक स्वास्थ्य पर रिसर्च करेंगे . एम्स और इसरो मिलकर स्पेस मेडिसिन पर रिसर्च करेंगे. भारत अब स्पेस मेडिसिन के क्षेत्र में बहुत कुछ बड़ा करने जा रहा है. इसके लिए देश के दो लीडिंग संस्थानों ने आपस में हाथ मिलाया है. मेडिकल के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नई दिल्ली और अंतरिक्ष मामलों के टॉप संगठन इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन के एचएसएफसी ने पहली बार ऐतिहासिक एमओयू साइन किया है. इसके तहत अब स्पेस और मेडिकल संबंधी 6 प्रमुख विषयों पर गहन रिसर्च किया जाएगा. एम्स और इसरो का ह्यूमन स्पेस फ्लाइट सेंटर अब भारत में स्पेस मेडिसिन रिसर्च को आगे बढ़ाने जा रहे हैं. इस दौरान इसरो के वैज्ञानिक और एम्स के डॉक्टर मिलकर यह अध्ययन करेंगे कि अंतरिक्ष यात्रा का मानव शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है. इससे न केवल आने वाले समय में अंतरिक्ष में मानव स्वास्थ्य को लेकर बड़ी सफलताएं मिल सकेंगी बल्कि ह्यूमन स्पेश मिशन को भी बड़ा लाभ मिलेगा. इन 6 चीजों पर होगा रिसर्च का फोकस . मानव शरीर की कार्यप्रणाली (Human Physiology) . हृदय और नर्वस सिस्टम का नियंत्रण . माइक्रोग्रैविटी में हड्डियों और मांसपेशियों का स्वास्थ्य . माइक्रोबायोम और इम्यून सिस्टम . जीन और बायोमार्कर . मानसिक और व्यवहारिक स्वास्थ्य समझौता साइन करते हुए एम्स नई दिल्ली के डायरेक्टर डॉ. एम श्रीनिवास ने कहा कि यह सहयोग दोनों संस्थानों के लिए एक नया और रोमांचक अध्याय है. ‘यह समझौता हमें स्पेस मेडिसिन के क्षेत्र में साथ मिलकर आगे बढ़ने की गति देगा. AIIMS और ISRO के बीच सहयोग से मरीजों, देश और पूरी मानवता को लाभ मिलेगा. जैसे-जैसे भारत 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, हमें उम्मीद है कि हम स्पेस मेडिसिन में भी विश्वगुरु बनेंगे.’ वहीं इस मौके पर इसरो के चेयरमैन वी नारायणन ने याद करते हुए कहा कि शुरुआत में रॉकेट और उपकरण साइकिल और बैलगाड़ियों से ले जाए जाते थे, लेकिन आज भारत अंतरिक्ष तकनीक में दुनिया की एक प्रमुख शक्ति बन चुका है. AIIMS जैसे प्रमुख मेडिकल और रिसर्च संस्थानों के साथ साझेदारी भविष्य में भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता को और मजबूत करेगी. वहीं ह्यूमन स्पेस फ्लाइट सेंटर के निदेशक दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि यह साझेदारी भारत की चिकित्सा और अंतरिक्ष तकनीक की ताकत को एक साथ जोड़ने में मदद करेगी. इससे मानव अंतरिक्ष उड़ान से जुड़ी बायोमेडिकल रिसर्च में नई प्रगति का रास्ता खुलेगा. इस दौरान रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन, एम्स स्टूडेंट एसोसिएशन और सोसायटी ऑफ यंग साइंटिस्ट शामिल हुए. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent प्रिया गौतम Hindi.News18.com में बतौर सीनियर हेल्थ रिपोर्टर काम कर रही हैं. इन्हें पिछले 14 साल से फील्ड में रिर्पोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है. इससे पहले ये हिंदुस्तान दिल्ली, अमर उजाला की कई लोकेशन…और पढ़ें First Published : March 10, 2026, 11:36 IST






