भोपाल में अस्पताल में तोड़फोड़ पुलिस पर पथराव:मरीज की मौत के बाद गुस्साए परिजनों का हंगामा, लाठी-डंडों से लैस होकर पुलिस पर हमला

भोपाल के आनंद नगर स्थित लक्ष्मी हॉस्पिटल में एक युवक की मौत के बाद हंगामा हो गया। मृतक के परिजनों ने अस्पताल में लापरवाही से मौत के आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। अस्पताल में तोड़फोड़ और विवाद बढ़ता देख स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाइश देने का प्रयास किया। लेकिन परिजनों और परिचितों ने पुलिस पर ही हमला कर दिया। जमकर पुलिस पर पत्थरबाजी की गई। सर में पत्थर लगने से एक पुलिसकर्मी को गंभीर चोट आई है, जबकि तीन को मामूली चोटे लगी हैं। घटना बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे की है। पूरा घटनाक्रम लगभग 1 घंटे चला। हंगामा कर रहे दो दर्जन से अधिक लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सभी को पिपलानी थाने में रखा गया है। सुरक्षा के लिहाज से दो थानों की पुलिस बल मौके पर मौजूद है। मौत से भड़की भीड़ ने अस्पताल में की तोड़फोड़ जानकारी के मुताबिक लक्ष्मण वंशकार आदमपुर छावनी का रहने वाला था। पेट की समस्या के चलते उसे बीती बीती देर रात अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप था कि इलाज में लापरवाही की गई। डॉक्टरों की लापरवाही के चलते लक्ष्मण की मौत हुई है। मौत के बाद मृतक के परिजन इलाज करने वाले डॉक्टर से मिलना चाहते थे। अस्पताल स्टाफ ने फिलहाल डॉक्टर का अस्पताल में नहीं होने की जानकारी दी। इसके बाद भड़के परिजनों ने हंगामा शुरू किया और अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी। 1 घंटे तक चला हंगामा हंगामा बढ़ता देख अस्पताल के स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों से थाने चलकर शिकायत दर्ज करने की बात कही। आश्वासन दिया की मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे उचित कार्रवाई तय की जाएगी। इसके बाद भी लोग तत्काल कार्रवाई करते हुए इलाज करने वाले डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसी मांग के चलते परिजन पुलिस से भिड़ गए और विवाद बढ़ गया जिसके बाद पथराव किया गया। भीड़ पर काबू पाने पुलिस ने भी हल्का बल प्रयोग किया। तत्काल आसपास के थानों की पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया।
होली आई केयर टिप्स: आंखों में चला गया है पक्का रंग? चिंता न करें, घर पर ही इन आसान प्रवेश द्वार से तुरंत आराम पाएं

होली पर आंखों की देखभाल के टिप्स: होली का असली रंग, खुशियों और मौज-मस्ती का संगम है। लेकिन कभी-कभी यह मस्ती उस समय फीकी पड़ जाती है, जब गुलाल या ‘पक्का रंग’ अनजाने में हमारी आंखों में चला जाता है। आंखों में जलन के कारण आंखों में जलन, खुजली, लालिमा और यहां तक कि संक्रमण का कारण भी बन सकता है। अगर इस होली आपकी या आपकी किसी की आंखों में रंग चला जाए, तो डरने की जगह धैर्य से काम लें। आइए आपको इस लेख में कुछ घरेलू चमत्कारों के बारे में विस्तार से बताया गया है। जिससे आप अपनी आंखों को बचा सकते हैं। जैसे ही आंखों में जाए रंग, बिना देर किए साफा और ठंडे पानी से आंखों को बार-बार बदलें।अपने मूल में पानी के चश्में को शामिल करें और पलकों को झपकाए। रंग पर जाना तो स्वाभाविक होता है, लेकिन आंखों को रंग देना सबसे बुरा हो सकता है। राँगे से रंग के छोटे-छोटे कण आँखों की पुतली पर कुचले जा सकते हैं, जिससे कार्नियल का अबाधीकरण का ख़तरा बढ़ जाता है। यदि आंखों में काजल जलन बनी हुई है, तो शुद्ध गुलाब जल की दो-दो बूंदें आंखों में डाल लें। गुलाब जल अपनी शीतलता के लिए जाना जाता है और यह आंखों की लालिमा को कम करने में मदद करता है। जलन और सूजन को कम करने के लिए एक साफ सूती कपड़े को ठंडा पानी में भिगोकर आंखों के ऊपर रखें। आप इलेक्ट्रिक टी-बैग या कोल्ड टी-बैग का भी उपयोग कर सकते हैं। यह आंखों की नसों को आराम पहुंचाता है। आंखों को बचाने के लिए भूलकर भी न करें ये गलतियां होली अटेम्प्ट समय-समय पर स्थिर उपकरणों से अस्पताल। अगर स्थिर तार लगे आंख में रंग चला जाए, तो सबसे पहले उसे उतारें और निकालें।बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी एंटीबायोटिक या एंटीबायोटिक आई-ड्रॉप न दें।आंखों को देखने से पहले अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह धो लें।
रील संस्कृति के समय में परिपक्व प्रेम पर खास चर्चा:सौरभ जैन और शीन दास ने कहा- सम्मान और धैर्य से ही रिश्ते चलते हैं

सौरभ राज जैन और शीन सविता दास इन दिनों वेब सीरीज संमरमर को लेकर चर्चा में हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में दोनों कलाकारों ने अपने किरदारों अमृता और आदित्य के जरिए बदलते दौर के प्रेम, धैर्य और रिश्तों की गहराई पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि सच्चा प्यार केवल साथ रहने का नाम नहीं, बल्कि सम्मान, समझ और जिम्मेदारी निभाने का भी नाम है। आज के ‘रील संस्कृति’ और त्वरित फैसलों वाले समय में उनका मानना है कि रिश्तों की असली ताकत धैर्य और परस्पर सम्मान में छिपी है। दोनों ने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए यह भी बताया कि टीवी से आगे बढ़ने के सफर में उन्हें किन धारणाओं का सामना करना पड़ा। साथ ही, सूरज बड़जात्या के साथ काम करने के अनुभव को उन्होंने परिवार जैसा बताया। पेश है कुछ खास अंश.. सवाल: शीन, आपका किरदार आपके असली जीवन से कितना मिलता-जुलता है? जवाब/शीन:मुझे लगता है कि भावनात्मक रूप से मैं और अमृता (मेरा किरदार) थोड़े संवेदनशील हैं। फर्क इतना है कि अमृता पहले बात को समझती है, उसे अपने भीतर समेटती है और फिर प्रतिक्रिया देती है। लेकिन मैं तुरंत प्रतिक्रिया दे देती हूं। मैं खुद भी यही सीखना चाहती हूं कि पहले बात को समझूं और फिर जवाब दूं। सवाल: सौरभ, आपका किरदार आदित्य आपसे कितना मिलता है? जवाब/सौरभ: आदित्य मुझे बहुत अपने जैसा लगता है। रिश्तों को समझना और उन्हें सम्मान देना मेरे लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। बचपन में हम सब थोड़े आवेग में फैसले लेते हैं और फिर उनसे सीखते हैं। आदित्य की यात्रा भी कुछ ऐसी ही है। इसलिए यह किरदार मेरे लिए बहुत जुड़ा हुआ और अपना-सा है। सवाल: बदलते समय में प्यार के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे? और यह कहानी कितनी प्रासंगिक है? जवाब/शीन: एक पुरानी कहावत है कि प्यार करना आसान है, लेकिन निभाना कठिन है। जो लोग निभा लेते हैं, वही सच्चे मायने में जीतते हैं। अमृता और आदित्य ने अपने प्यार को निभाया है। उन्हें समाज के लिए शादी की जरूरत नहीं थी, क्योंकि उनका रिश्ता गहरा और सच्चा था। हालांकि परिस्थितियों के कारण अमृता को अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए अलग रास्ता चुनना पड़ा। लेकिन आदित्य ने उसका साथ नहीं छोड़ा। उसने उसे आगे बढ़ने की आज़ादी दी। यह कहानी सपनों और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन की है। जीवन हमेशा सीधी रेखा में नहीं चलता। प्यार और जिम्मेदारियां हमेशा एक साथ नहीं चलतीं। यही इस कहानी की खूबसूरती है। सवाल: आज के ‘तुरंत सब कुछ पाने’ वाले दौर में इंतजार और धैर्य कितना मायने रखता है? जवाब/सौरभ: मेरे विचार से किसी भी दौर का प्यार हो, उसका आधार एक ही है, सम्मान। जहां सम्मान है, वहां धैर्य भी है। बिना धैर्य के सम्मान नहीं हो सकता। जो इस बात को समझता है, वही सच्चा प्रेम करता है। जो सिर्फ समय बिताना चाहता है, उसके लिए प्रेम का कोई अर्थ नहीं है। सवाल: आजकल ‘अल्फा मेल’ की बातें होती हैं। ऐसे में आदित्य जैसा सरल और संवेदनशील लड़का कितना प्रासंगिक है? जवाब/सौरभ: मुझे लगता है कि दस आक्रामक लोगों के बीच एक शांत और संतुलित व्यक्ति काफी होता है। सच्चे प्रेम में हिंसा नहीं, बल्कि मूल्य और जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होते हैं। सशक्त होना मतलब केवल अपने बारे में सोचना नहीं है। असली सशक्तिकरण तब है, जब आप अपने सपनों के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारियों को भी समझते हैं। आदित्य और अमृता की यात्रा यही सिखाती है। सवाल: टीवी से फिल्मों और अन्य मंचों पर आने वाले कलाकारों को ‘टीवी कलाकार’ का टैग झेलना पड़ता है। क्या आपके साथ ऐसा हुआ? जवाब/शीन: कभी-कभी लोग ऐसा कहते हैं। लेकिन मेरा मानना है कि मैं जिस लगन से टीवी करती हूं, उसी लगन से फिल्म भी करूंगी। टीवी कलाकारों को अनुशासन, संवाद याद रखने और समय की कद्र करने की अच्छी आदत होती है। इसलिए यह अनुभव हमें और मजबूत बनाता है। लोगों की सोच अलग हो सकती है, लेकिन इससे मुझे फर्क नहीं पड़ता। सौरभ: हां, ऐसी धारणाएं होती हैं। लेकिन मेरा मानना है कि जब आपका समय आता है, तो सब ठीक हो जाता है। अगर समय नहीं आया, तो हम कई कारण गिना सकते हैं। पर सही समय पर सब अपने आप ठीक हो जाता है। सवाल: राजश्री परिवार के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? और सूरज जी से क्या सीख मिली? जवाब/शीन: जब मैंने उनके साथ पहला शो किया था, तो उन्होंने मुझसे कहा था कि टीआरपी की चिंता मत करो, बस प्रक्रिया का आनंद लो। यह सुनकर मैं हैरान रह गई थी। इतने बड़े निर्माता का ऐसा कहना बहुत प्रेरणादायक था। आज भी जब उनका फोन आता है, तो ऐसा लगता है जैसे घर से फोन आया हो। सौरभ: पहले मैंने ‘यहां में घर घर खेली’ में एक छोटे किरदार में काम किया था, और इस बार बड़ा अवसर मिला। जब मैं पहली बार उनसे मिला, तो सोचा था कोई असिस्टेंट आकर किरदार समझाएगा। लेकिन वे खुद मेरे मेकअप कक्ष में आए और किरदार के संदर्भ लेकर समझाया। उनका काम के प्रति जुनून और सभी को सम्मान देने का तरीका बहुत प्रेरणादायक है। आज के समय में जहां सम्मान को दिखावा समझ लिया जाता है, वहां उनके साथ रहकर महसूस होता है कि सच्चा सम्मान कैसा होता है।
खबर हटके- गधे पालने पर ₹50 लाख देगी सरकार:पत्नी ने घड़ी से पति का अफेयर पकड़ा; पिज्जा लेने निकली महिला करोड़पति बनी

केंद्र सरकार गधे पालने के लिए 50 लाख रुपए दे रही हैं। वहीं मलेसिया में एक महिला ने घड़ी की मदद से पति का पकड़ा है। उधर अमेरिका में एक महिला पिज्जा लेने के लिए निकली और रास्ते में कोड़पति बन गई। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
बनारसी टमाटर चाट रेसिपी: होली के स्वाद पर घर में बनाएं बनारसी टमाटर चाट, खाए ही मेहमान भी बनेंगे प्रमुख; नोट कर लें रेसिपी

कैसे बनाएं बनारसी टमाटर चाट: होली का त्योहार रंग-बिरंगे, मिठाइयों और स्वादिष्ट व्यंजनों के बिना अधूरा लगता है। अगर इस बार आप गुझिया और चटनी के साथ कुछ अलग और चटपटा बनाना चाहते हैं, तो बनारसी टमाटर चाट जरूर बनाएं। यह उत्तर प्रदेश के बनारस की मशहूर स्ट्रीट फूड डिश है, जिसका आटा-मीठा और स्वादिष्ट स्वाद हर किसी को पसंद आता है। बता दें कि इसे बनाना बेहद आसान है और कम समय में तैयार हो जाता है। तो जानिए क्या है इसे बनाने की सबसे आसान रेसिपी। बनारसी टमाटर चाट बनाने की आवश्यक सामग्री लेकिन आपका गरमा-गरमबरामसी टमाटर चाट तैयार है। इसे एक कारखाने में स्थापित और ऊपर से सेव, ब्लूटूथ कटी प्याज और हरी धनिया से सजाकर सर्व करें। पिलपिला तो थोड़ा नींबू का रस भी डाल सकते हैं। होली की पार्टी में ये चैट हर किसी का दिल जीत लेती है। अन्य खास टिप (टैग्सटूट्रांसलेट)बनारस टमाटर चाट(टी)बनारसी टमाटर चाट रेसिपी(टी)कैसे बनाएं बनारसी टमाटर चाट(टी)बनारसी टमाटर चाट(टी)टमाटर चाट(टी)घर का बना टमाटर चाट(टी)टमाटर चाट
जान्हवी कपूर ने भाई अर्जुन के समर्थन में आवाज उठाई:ऑनलाइन बुलिंग पर जताई नाराजगी, कहा- क्लिकबेट और रेज-बेट से फैल रही नफरत

जान्हवी कपूर ने भाई अर्जुन कपूर के खिलाफ हो रही ऑनलाइन बुलिंग पर कड़ा रुख अपनाया है। हाल ही में एक बातचीत के दौरान जाह्नवी ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी को भी निशाना बनाना या ट्रोल करना बिल्कुल गलत है और इसके लिए कोई बहाना नहीं हो सकता। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि लगातार हो रही व्यक्तिगत टिप्पणियां और ट्रोलिंग मानसिक रूप से नुकसान पहुंचा सकती हैं। इंडियन इक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक जान्हवी ने यह भी आरोप लगाया कि कई लोग अर्जुन कपूर का नाम सिर्फ क्लिकबेट और ‘रेज-बेट के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके मुताबिक, कुछ सोशल मीडिया पेज और यूजर्स बिना तथ्यों की जांच किए भड़काऊ हेडलाइन बनाते हैं, ताकि ज्यादा व्यूज और एंगेजमेंट मिल सके। उन्होंने कहा कि यह एक तरह से पब्लिक फिगर्स को आसान निशाना बनाने जैसा है, जहां सच्चाई से ज्यादा सनसनी को महत्व दिया जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर कलाकार इंसान होता है और उसे भी सम्मान और संवेदनशीलता की जरूरत होती है। जान्हवी ने कहा कि आलोचना और नफरत में फर्क होता है। रचनात्मक आलोचना किसी के काम को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है, लेकिन व्यक्तिगत हमले और अपमान किसी भी तरह से जायज नहीं हैं। सोशल मीडिया पर बढ़ती ट्रोलिंग को लेकर उन्होंने लोगों से जिम्मेदारी दिखाने की अपील की। जान्हवी का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब यह नहीं है कि किसी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार लोग बिना पूरी जानकारी के राय बना लेते हैं, जिससे गलतफहमियां और नकारात्मकता बढ़ती है। गौरतलब है कि अर्जुन कपूर अक्सर अपने काम और निजी जिंदगी को लेकर ट्रोलिंग का सामना करते रहे हैं। ऐसे में जाह्नवी का यह बयान न सिर्फ अपने भाई के समर्थन में है, बल्कि सोशल मीडिया पर बढ़ती हेट स्पीच के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी माना जा रहा है।
‘जब खुली किताब’ का ट्रेलर आउट:पंकज कपूर और डिंपल कपाड़िया लीड रोल में आएंगे नजर, 6 मार्च को जी5 पर स्ट्रीम होगी फिल्म

एप्लॉज एंटरटेनमेंट की फिल्म ‘जब खुली किताब’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। फिल्म में दिग्गज एक्टर पंकज कपूर और डिंपल कपाड़िया मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। ट्रेलर से साफ है कि कहानी परिपक्व उम्र के रिश्तों, अधूरी भावनाओं और जीवन के नए अध्याय की खोज पर केंद्रित है। दोनों कलाकारों की गहरी और सधी हुई अदाकारी फिल्म को खास बना रही है। यह फिल्म मशहूर एक्टर-लेखक सौरभ शुक्ला के चर्चित नाटक पर आधारित है। उन्होंने न केवल मूल नाटक लिखा था, बल्कि इसके फिल्म रूपांतरण का निर्देशन भी खुद किया है। नाटक की लोकप्रियता को देखते हुए फिल्म से भी दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं। ये है कहानी कहानी दो ऐसे लोगों की है जो जीवन के उत्तरार्ध में एक-दूसरे से मिलते हैं और अपने अतीत की परतें खोलते हुए रिश्तों को नए नजरिए से समझने की कोशिश करते हैं। फिल्म में अपारशक्ति खुराना भी अहम भूमिका निभा रहे हैं, जो कहानी में नई पीढ़ी का दृष्टिकोण जोड़ते हैं। ट्रेलर में हल्की-फुल्की नोकझोंक, भावनात्मक संवाद और जीवन के अनुभवों से उपजी संवेदनशीलता की झलक मिलती है। एप्लॉज एंटरटेनमेंट द्वारा प्रस्तुत और शूस्ट्रैप फिल्म्स के बैनर तले बनी यह फिल्म 6 मार्च 2026 से जी5 पर स्ट्रीम होगी।
ईरान-इजराइल युद्ध में बेतिया के कैप्टन आशीष लापता:1 मार्च को जहाज पर गिरी थी मिसाइल; पत्नी को एजेंसी ने फोन कर दी जानकारी

इजराइल-ईरान जंग में बेतिया के कैप्टन आशीष कुमार लापता हैं। एजेंसी ने कैप्टन की पत्नी को फोन कर घटना की जानकारी दी है। ओमान की खाड़ी में तेल टैंकर ‘Skylight’ पर 1 मार्च को मिसाइल हमला हुआ था। हमले के समय जहाज खासब तट के पास एंकर पर खड़ा था। अधिकांश क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन कैप्टन आशीष समेत 2 अन्य लोग अब भी लापता हैं। परिजनों ने ओमान स्थित भारतीय दूतावास और शिपिंग कंपनी से संपर्क किया है, मगर अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। परिवार ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप कर जल्द खोजबीन और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की मांग की है। आशीष को 16 साल का एक्सपीरियंस है। वे 6 महीने से घर पर थे। 22 जनवरी 2026 में उन्होंने दुबई की कंपनी जॉइन की थी। आशीष का 4 साल के बेटा है। उन्होंने मां से होली पर आने का वादा किया था। पत्नी बोली- 28 फरवरी को आखिरी बात हुई थी आशीष की पत्नी ने बताया, ‘एजेंसी के अधिकारियों के पास वहां काम करने वाले लोगों के परिवार वालों के नंबर रहते हैं। मैं आशीष की पत्नी हूं, इसलिए हमारा नंबर उनके पास था। 2 मार्च को हमें एजेंसी की तरफ से कॉल आया था। उन्होंने हमसे कहा, आशीष की शिप पर अटैक हो गया है। वो अभी तक मिसिंग बताए जा रहे हैं। 22 जनवरी को उन्होंने जॉइन किया था। अभी एक महीने ही काम किए हुए हुआ था। हमलोगों की हर शनिवार को बात होती थी। 28 फरवरी की रात हमारी आखिरी बार बात हुई थी।’ कप्तान लापता हैं, कंपनी भी कुछ नहीं बता रही आशीष कुमार के छोटे भाई आकाश कुमार ने बताया, ‘हमले की सूचना मिलते ही हमने Embassy of India, Muscat को ईमेल भेजा। 2 मार्च को शिपिंग कंपनी के एजेंट सुमित ने कॉल कर बताया कि हमला हुआ था, ज्यादातर क्रू को बचा लिया गया है, लेकिन हमारे भाई आशीष और दो अन्य सदस्य अभी भी लापता हैं।’ भाई ने आरोप लगाया कि, कंपनी द्वारा न तो सही स्थिति बताई जा रही है। न ही लापता सदस्यों को लेकर कोई ठोस जानकारी साझा की जा रही है। दूतावास से भी अभी तक केवल औपचारिक जवाब मिले हैं, ठोस सूचना नहीं। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
चैंबर में उतरने से कर्मचारियों की मौत की होगी जांच:महापौर बोले-मृतकों के आश्रितों को नौकरी देंगे, दोषियों पर कार्रवाई करेंगे; चैंबर में बगैर संसाधन-किट नहीं उतरते कर्मचारी

इंदौर में सोमवार शाम को सीवर टैंक में उतरने से नगर निगम के दो कर्मचारियों की मौत के मामले में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जांच के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी और मृत कर्मचारियों के आश्रितों को आउटसोर्स पर नौकरी दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने निगम कर्मचारियों से कहा है कि वे बिना संसाधन व किट के सीवर टैंक में ना उतरें। जोन 13 में चोइथराम मंडी गेट के पास 30 फीट गहरे सीवर टैंक में करण यादव और अजय डोडियार उतरे थे। टैंक के अंदर जहरीली गैस थी, इस कारण उनकी दम घुटने से मौत हो गई थी। जानकारी के अनुसार कर्मचारियों की ड्यूटी शाम 5 बजे तक थी। उस समय मौके पर तीन कर्मचारी मौजूद थे। शाम करीब 6:30 बजे नगर निगम के आउटसोर्स से कार्यरत दो कर्मचारी जोन-13 क्षेत्र में प्राइमरी मेन लाइन में सेफ्टी टैंक की डीवॉटरिंग की जा रही थी, तभी पाइप का टुकड़ा चैंबर में गिरा था उसे वे निकाल रहे थे, तभी ये हादसा हुआ था। आश्रितों को आउटसोर्स पर नौकरी देंगे महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि दोनों कर्मचारी आउटसोर्स पर थे। इसलिए हमने दोनों के आश्रितों को आउटसोर्स पर नौकरी देने के लिए कहा है। इस दुख की घड़ी में नगर निगम की पूरी टीम दोनों परिवार के साथ है। घटनाक्रम क्या है, कैसे हुआ है। इसके पीछे कोई दोषी है, इसकी जांच करने के लिए निर्देश दे दिए हैं। सीएम डॉ.मोहन यादव ने भी इस दुखद घटना का तुरंत संज्ञान लेकर मृतकों के परिवारों को 30-30 लाख रुपए की राहत राशि देने की घोषणा भी की है। चैंबर की सफाई के लिए नहीं उतरे थे कर्मचारी महापौर ने बताया कि दोनों कर्मचारी ड्रेनेज लाइन या चैंबर की सफाई के लिए नहीं उतरे थे, बल्कि प्राइमरी लाइन में सेफ्टी टैंक की डीवॉटरिंग के दौरान पाइप का तुकड़ा चैंबर में गिर गया था, जिसे निकालने के लिए पहले एक कर्मचारी उतरा और जब वह वापस नहीं आया तो दूसरा कर्मचारी उसे देखने के लिए उतर गया और गैस से दोनों की मौत हो गई। इन कर्मचारियों को सफाई के निर्देश भी नहीं दिए गए थे। उन्होंने बताया कि सभी को स्पष्ट निर्देश हैं कि छोटी लाइन हो या बड़ी। चैंबर के अंदर उतरकर किसी भी प्रकार की सफाई नहीं करना है। ड्रेनेज-चैंबर की सफाई के लिए जो प्रॉटोकॉल है, जो संसाधन है, जो किट है, जो प्रक्रिया है उसी अनुरूप टीम उस काम को करती है। ये डीवॉटरिंग का काम किसके निर्देश पर हो रहा था, क्यों हो रहा था इसकी जांच करवाई जा रही है। जांच में जो स्थिति आएगी उस आधार पर सभी दोषियों पर कार्रवाई भी की जाएगी। दोनों को CPR भी दिया था निगम कर्मियों को बचाने के लिए सीवर टैंक में उतरे अमन सेम ने बताया कि मुझे पता चला कि दो लोग चैंबर में डूब गए हैं। मैंने अपनी कमर में रस्सी बांधी और चैंबर में नीचे उतरा। हुक को एक आदमी की बेल्ट से फंसा दिया। इस दौरान मेरे मुंह में गैस भर गई थी, फिर हम दोनों ऊपर आ गए। करण और अजय को बाहर निकाला और उन्हें CPR भी दिया। उनके फेफड़ों में पानी भर गया था। पानी निकालने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए थे।
‘वज्र’ में दिखेगा हाई-ऑक्टेन एक्शन:टाइगर तैयार, जापान में शूट होगी फिल्म; 2027 में OTT पर भी देंगे दस्तक

एक्शन स्टार टाइगर श्रॉफ ने 2 मार्च को अपने जन्मदिन के मौके पर अपनी अगली फिल्म ‘वज्र’ के टाइटल की आधिकारिक घोषणा कर दी। यह फिल्म निर्देशक राम माधवानी और निर्माता महावीर जैन के साथ मिलकर बनाई जा रही है। ‘नीरजा’ और ‘आर्या’ जैसे कंटेंट-ड्रिवन प्रोजेक्ट्स के लिए पहचाने जाने वाले राम माधवानी के साथ टाइगर का यह सहयोग इंडस्ट्री में खास चर्चा बटोर रहा है। ‘वज्र’ को 2027 की सबसे बड़ी एक्शन फिल्मों में से एक माना जा रहा है, जिसमें हाई-ऑक्टेन एक्शन देखने को मिलेगा। फिल्म की शूटिंग अप्रैल से शुरू करने की है प्लानिंग सूत्रों के मुताबिक ‘वज्र’ एक स्पिरिचुअल एक्शन थ्रिलर होगी, जिसकी शूटिंग अप्रैल से शुरू करने की योजना है। फिल्म का बड़ा हिस्सा जापान में फिल्माया जाएगा, जहां टाइगर विशेष मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षण भी लेंगे। इसे ग्लोबल दर्शकों के लिए नए प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है। ‘बागी 5’ भी है बननी, डेवलपमेंट स्टेज में है ‘हीरोपंती 3’ 2027 के लिए टाइगर ने बड़े स्केल पर बदलाव की तैयारी की है। साजिद नाडियाडवाला के बैनर तले बनने वाली ‘बागी 5’ उनकी सफल फ्रेंचाइज का अगला चैप्टर होगी। इसके अलावा ‘हीरोपंती 3’ फिलहाल डेवलपमेंट स्टेज में है और स्क्रिप्ट पर नए सिरे से काम किया जा रहा है, ताकि पिछली किस्त की कमियों को सुधारा जा सके। अंतरराष्ट्रीय स्टंट डायरेक्टर्स के साथ तैयारी हो रही है… डिजिटल स्पेस में टाइगर 2027 में अपना ओटीटी डेब्यू करने की तैयारी में भी हैं। ओटीटी के लिए वे आठ एपिसोड की एक एक्शन सीरीज में दिखेंगे। जिसकी कहानी जासूसी और अंडरकवर ऑपरेशन्स के इर्द-गिर्द है। अंतरराष्ट्रीय स्टंट डायरेक्टर्स के साथ इसकी तैयारी भी हो रही है।






