इंदौर में सोमवार शाम को सीवर टैंक में उतरने से नगर निगम के दो कर्मचारियों की मौत के मामले में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जांच के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी और मृत कर्मचारियों के आश्रितों को आउटसोर्स पर नौकरी दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने निगम कर्मचारियों से कहा है कि वे बिना संसाधन व किट के सीवर टैंक में ना उतरें। जोन 13 में चोइथराम मंडी गेट के पास 30 फीट गहरे सीवर टैंक में करण यादव और अजय डोडियार उतरे थे। टैंक के अंदर जहरीली गैस थी, इस कारण उनकी दम घुटने से मौत हो गई थी। जानकारी के अनुसार कर्मचारियों की ड्यूटी शाम 5 बजे तक थी। उस समय मौके पर तीन कर्मचारी मौजूद थे। शाम करीब 6:30 बजे नगर निगम के आउटसोर्स से कार्यरत दो कर्मचारी जोन-13 क्षेत्र में प्राइमरी मेन लाइन में सेफ्टी टैंक की डीवॉटरिंग की जा रही थी, तभी पाइप का टुकड़ा चैंबर में गिरा था उसे वे निकाल रहे थे, तभी ये हादसा हुआ था। आश्रितों को आउटसोर्स पर नौकरी देंगे महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि दोनों कर्मचारी आउटसोर्स पर थे। इसलिए हमने दोनों के आश्रितों को आउटसोर्स पर नौकरी देने के लिए कहा है। इस दुख की घड़ी में नगर निगम की पूरी टीम दोनों परिवार के साथ है। घटनाक्रम क्या है, कैसे हुआ है। इसके पीछे कोई दोषी है, इसकी जांच करने के लिए निर्देश दे दिए हैं। सीएम डॉ.मोहन यादव ने भी इस दुखद घटना का तुरंत संज्ञान लेकर मृतकों के परिवारों को 30-30 लाख रुपए की राहत राशि देने की घोषणा भी की है। चैंबर की सफाई के लिए नहीं उतरे थे कर्मचारी महापौर ने बताया कि दोनों कर्मचारी ड्रेनेज लाइन या चैंबर की सफाई के लिए नहीं उतरे थे, बल्कि प्राइमरी लाइन में सेफ्टी टैंक की डीवॉटरिंग के दौरान पाइप का तुकड़ा चैंबर में गिर गया था, जिसे निकालने के लिए पहले एक कर्मचारी उतरा और जब वह वापस नहीं आया तो दूसरा कर्मचारी उसे देखने के लिए उतर गया और गैस से दोनों की मौत हो गई। इन कर्मचारियों को सफाई के निर्देश भी नहीं दिए गए थे। उन्होंने बताया कि सभी को स्पष्ट निर्देश हैं कि छोटी लाइन हो या बड़ी। चैंबर के अंदर उतरकर किसी भी प्रकार की सफाई नहीं करना है। ड्रेनेज-चैंबर की सफाई के लिए जो प्रॉटोकॉल है, जो संसाधन है, जो किट है, जो प्रक्रिया है उसी अनुरूप टीम उस काम को करती है। ये डीवॉटरिंग का काम किसके निर्देश पर हो रहा था, क्यों हो रहा था इसकी जांच करवाई जा रही है। जांच में जो स्थिति आएगी उस आधार पर सभी दोषियों पर कार्रवाई भी की जाएगी। दोनों को CPR भी दिया था निगम कर्मियों को बचाने के लिए सीवर टैंक में उतरे अमन सेम ने बताया कि मुझे पता चला कि दो लोग चैंबर में डूब गए हैं। मैंने अपनी कमर में रस्सी बांधी और चैंबर में नीचे उतरा। हुक को एक आदमी की बेल्ट से फंसा दिया। इस दौरान मेरे मुंह में गैस भर गई थी, फिर हम दोनों ऊपर आ गए। करण और अजय को बाहर निकाला और उन्हें CPR भी दिया। उनके फेफड़ों में पानी भर गया था। पानी निकालने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए थे।















































